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कार्रवाई : केन नदी पर जिगनी और चंदौरा में संचालित अवैध रेत खदनों पर पड़ा छापा

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*     एक बार फिर से लीक हुई प्रशासन के संयुक्त दल की कार्रवाई की सूचना

*     रेत माफिया गुर्गों समेत मौके से भागा, मशीनें और डंपर यूपी की सीमा में भेजे

*     संयुक्त टीम ने रेत से लोड पांच हैवी ट्रक पकड़े

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ तहसील अंतर्गत अवैध रेत खदानों पर 48 घंटे के अंदर सोमवार को दूसरी बार प्रशासन की टीम ने औचक दबिश दी, लेकिन कार्रवाई की सूचना लीक होने से रेत माफिया अपने गुर्गों समेत रेत निकालने वाली मशीनों को लेकर मौके से भाग खड़े हुए। रेत की लोडिंग के लिए जिगनी और चंदौरा खदान पर आए आधा सैंकड़ा से अधिक ट्रक भी बैरंग उत्तर प्रदेश की सीमा में लौट गए। राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने घेराबंदी कर रेत से लोड पांच ट्रकों पकड़ लिया। रेत का अवैध परिवहन करने वाले इन ट्रकों को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी चंदौरा के परिसर में खड़ा कराया है। बता दें कि इसके पूर्व 30 मार्च को प्रशासन की टीम द्वारा केन नदी पर अवैध रूप से संचालित भीना और चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार कार्रवाई की गई थी।

पकड़े गए ट्रकों को चौकी में रखवाया

सोमवार 01 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम की अगुवाई में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक स्थित जिगनी और चंदौरा रेत खदान पर छापा मारकर अवैध रेत से लोड पांच ट्रकों को पकड़ लिया। प्रशासन की कार्यवाही जद में आने से बचने के लिए संबंधित चालक व हेल्पर मौके पर अपने ट्रकों को छोड़कर फरार हो गए। संयुक्त दल ने पकड़े गए ट्रकों को जब्त करते हुए बड़ी मशक्कत के बाद चंदौरा ग्राम लाकर स्थानीय पुलिस चौकी परिसर में खड़ा कराया है। ट्रकों की सुपुर्दगी चौकी पुलिस को दी गई। प्रशासन के संयुक्त दल की कार्यवाही की खबर सोमवार को पुनः लीक हो गई थी। परिणामस्वरूप राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के दल-बल के साथ केन नदी पर अवैध रूप संचालित जिगनी एवं चंदौरा खदान पर कार्यवाही के लिए पहूंचने से पहले ही रेत माफिया अपने गुर्गों समेत मौके से भाग चुके थे। केन नदी से रेत निकालने में उपयोग की जा रहीं प्रतिबंधित पोकलेन मशीनों और लिफ्टर (पनडुब्बी) को भी उत्तर प्रदेश की सीमा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था।

छापामार कार्रवाई में ये रहे शामिल

सूत्रों ने बताया कि छापामार कार्यवाही के 1-2 घंटे पूर्व तक जिगनी और चंदौरा की अवैध रेत खदानों पर रेत की लोडिंग के लिए तकरीबन आधा सैंकड़ा से अधिक हाइवा-डंपर और हैवी ट्रक कतारबद्ध तरीके से अपना नंबर आने के इंतजार में खड़े थे। सबकुछ सामान्य तरीके रोज की तरह चल रहा था। केन नदी में उतरीं दर्जन भर पोकलेन मशीनें व लिफ्टर पानी के अंदर से रेत निकालने में जुटी थीं। तभी रेत माफिया को किसी से प्रशासन की टीम के प्लान का पता चलते ही हड़कंप मच गया। नदीं से मशीनें बाहर निकाल कर आनन-फानन सबको यूपी की तरफ भेज दिया। धरपकड़ के डर से अधिकांश ट्रक-डंपर चालक भी अपने वाहनों को वापस उत्तर प्रदेश ले गए। मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो घेराबंदी कर रेत से लोड सिर्फ पांच ट्रकों को ही पकड़ सकी। इस कार्रवाई में अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम, तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार, नायब तहसीलदार खेमचंद्र यादव, चंदौरा पुलिस चौकी प्रभारी, आरआई, पटवारी, पुलिस जवान और कोटवार शामिल रहे।

..इसलिए हर बार बच निकलता है माफिया

पूर्व में 30 मार्च 2024 को अजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम चंदौरा स्थित भीना एवं चांदीपाटी रेत खदान में राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए 2850 लीटर डीजल जप्त किया था। नदी किनारे अवैध रूप से डंप 600 घनमीटर रेत भी जब्त की थी।। इसके अलावा माफिया के अस्थाई कैम्प, रेत परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों और केन नदी के प्रवाह को बाधित कर निर्मित अवैध पुलों को बुलडोजर चलवाकर तोड़ डाला था। इस कार्रवाई की खबर लीक होने पर रेत माफिया मौके से अपनी मशीनें लेकर फरार हो गए थे। सूत्र बताते हैं कि रेत माफिया के खबरी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों से सीधे जुड़े हैं। इसके अलावा अजयगढ़ से रेत खदानों को जाने वाले रास्तों में भी माफिया के मुखबिर तैनात रहते हैं, जो कि वहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन पर पैनी नजर रखते हैं। कुछ भी संदिग्ध नजर आने पर तुरंत खबर देते हैं। फलस्वरूप मजबूत मुखबिर तंत्र के माध्यम से पल-पल की जानकारी मिलने से रेत माफिया हर बार बच निकलता है।

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लाखों घनमीटर रेत की लूट के बाद नींद से जागा प्रशासन, भीना और चांदीपाठी अवैध खदान पर की कार्यवाही

लाखों घनमीटर रेत की लूट के बाद नींद से जागा प्रशासन, भीना और चांदीपाठी अवैध खदान पर की कार्यवाही

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पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील की उत्तर प्रदेश से लगी सीमा के नजदीक स्थित चांदीपाठी में अवैध रूप से संचालित रेत खदान पर कार्यवाही करता संयुक्त दल।

*      रेत माफिया को पहले ही लग चुकी थी कार्यवाही की भनक, सुरक्षित स्थानों पर भेज दी थी पोकलेन मशीनें

*     केन नदी किनारे स्थित स्थित रेत माफिया के अस्थाई कैम्प में भंडारित 2850 लीटर डीजल जब्त

*     पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में पिछले पांच साल से सत्ता के संरक्षण में खुलेआम जारी है रेत की लूट

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिले की प्राकृतिक सीमा रेखा कहलाने वाली जीवनदायिनी केन नदी का वजूद संकट में है। नदी के दोनों किनारों यानी पन्ना और छतरपुर जिले की सीमा में सक्रिय खनन माफिया सत्ता के संरक्षण में खुलेआम केन की रेत लूट रहे हैं। रेत खनन करने की होड़ में माफियाओं ने 50 किलोमीटर से अधिक लंबे इलाके में दैत्याकार मशीनों से केन नदी का सीना छलनी कर दिया है। केन नदी के वजूद पर मंडराते भयावह संकट की आहट इसके कछार के आसपास स्थित गांवों में सुनाई देने लगी है। नदी की धार के लगातार सिकुड़ने से चिंतित और आक्रोशित अजयगढ़ तहसील के ग्रामीणों द्वारा अवैध रेत खनन के खिलाफ आवाज़ उठाने पर अब जाकर पन्ना जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटी है। शनिवार को दोपहर में राजस्व एवं पुलिस महकमे की संयुक्त टीम द्वारा जिले की भीना एवं चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार कार्यवाही की गई।

माफिया की मशीनें और गुर्गे हो चुके थे फरार

चांदीपाठी में केन नदी किनारे अवैध रूप से निर्मित रेत माफिया के अस्थाई कैम्प (झोपड़ी) में डीजल से भरे मिले ड्रमों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम और एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार 30 मार्च को दोपहर में करीब 1 बजे अजयगढ़ तहसील क्षेत्र की भीना रेत खदान और चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार करवाई की गई। लेकिन प्रशासन की इस कार्यवाही की भनक रेत माफियाओं को पहले ही लग चुकी थी। इसलिए समय रहते खनन में उपयोग होने वाली दर्जन भर से अधिक पोकलेन मशीनों, लिफ्टर को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। रेत माफिया के गुर्गों की फ़ौज भी धरपकड़ की कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो चुकी थी। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर अवैध रेत खदानों का जायजा लिया। जहां केन नदी के प्रवाह को बाधित कर बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मशीनों से अवैध रेत खनन होना पाया गया।
अवैध रूप से भंडरित डीजल के ड्रमों को जब्त करके सुरक्षित स्थान पर रखवाने के लिए पुलिस चौकी चंदौरा ले जाया गया।
पन्ना जिले की उत्तर प्रदेश से लगी सीमा के नजदीक स्थित भीना एवं चाँदीपाठी रेत खदान को पिछले कई माह से पूर्णतः अवैध तरीके से संचालित कर रहे माफियाओं ने नदी किनारे अपने अस्थाई कैम्प बना रखे थे। प्रशासन की टीम ने इन अस्थाई कैम्प को तुड़वा दिया। एक कैम्प (झोपड़ी) में रखे डीजल से भरे तकरीबन दर्जन भर ड्रम जब्त कर लिए। ड्रमों में अवैध रूप से भंडारित 2850 लीटर डीजल को सुरक्षा की दृष्टि से नजदीकी पुलिस चौकी में रखवाया गया। जब्त डीजल की अनुमानित कीमत 2 लाख 65 हजार रूपए बताई जा रही है।

संयुक्त दल में खनिज महकमे को नहीं किया शामिल

रेत का परिवहन करने वाले ट्रकों-डंपरों की केन नदी तक आवाजाही के लिए रेत माफिया के द्वारा बनवाए गए अवैध रास्ते पर बुलडोजर चलवाकर आवागमन अवरुद्ध किया।
खनन माफियाओं द्वारा केन नदी के पानी के अंदर से अच्छी क्वॉलिटी की रेत को मशीनों से निकालने के लिए नदी के प्रवाह को जगह-जगह बाधित कर रखा था। हैवी ट्रकों-डंपरों में रेत लोड करने के लिए बगैर किसी वैधानिक अनुमति के अस्थाई मार्ग व पुल बनवाए थे। प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापामार कार्यवाही के दौरान अस्थाई मार्ग सहित दो अवैध पुलों को बुलडोजर चलवाकर तोड़ दिया।
रेत माफिया के द्वारा केन नदी का प्रवाह बाधित करके अवैध रूप से बनाए गए पुल को बुलडोजर से तुड़वाया गया।
बता दें कि, अवैध रेत खदानों के विरुद्ध कार्यवाही में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम में खनिज विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी शामिल नहीं था। यह महज संयोग है या फिर कोई नया प्रयोग है, इसका जवाब तो कार्यवाही हेतु निर्देश देने तथा संयुक्त दल गठित करने वाले जिले के शीर्ष अधिकारी ही दे सकते हैं। आमचर्चा की बात करें तो, रेत की लूट की अघोषित छूट देने के एवज में माफियाओं से खनिज विभाग का अमला काफी लंबे समय से सीधे तौर पर उपकृत हो रहा है। पन्ना जिले खनिज के महकमे की खनन माफियाओं से जगजाहिर मिलीभगत के मद्देनजर पूरी कार्यवाही से जानबूझकर सबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दूर ही रखा गया।
नदी किनारे अवैध रूप से डंप मिली 600 घनमीटर रेत
कार्यवाही में शामिल रहे नायब तहसीलदार अजयगढ़ खेमचन्द्र यादव बताया कि अवैध केन नदी से अवैध खनन कर निकाली गई करीब 600 घनमीटर रेत आसपास भंडारित पाई गई। जिसे जब्त करके ग्राम पंचायत व चंदौरा चौकी पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया। जब्तशुदा रेत मौके पर ही रखी है। फिलहाल जब्तशुदा रेत का सुरक्षित स्थान पर भंडारण नहीं कराया है। अवैध रेत खदानों के विरुद्ध छापामार कार्यवाही में संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम, एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी अजयगढ़ बखत सिंह, तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार, नायब तहसीलदार खेमचन्द्र यादव एवं पुलिस बल सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल थे।

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट : डूब जाएगी बाघों के सदियों पुराने आशियाने की 6 हजार हेक्टेयर भूमि

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फाइल फोटो।

*     डूब क्षेत्र प्रभावित भूमि के बदले प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी करने समीक्षा बैठक संपन्न

*     एपीसीसीएफ और कमिश्नर सागर संभाग ने पृथक-पृथक बैठक कर अधिसूचना जारी करने संबंधी कार्यवाही की ली जानकारी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) केन-बेतवा लिंक परियोजना “अभिशाप या वरदान” के अलग-अलग दृष्टिकोण और इससे संबंधित तथ्यों, तर्कों, आंकलन, अध्ययन रिपोर्ट पर पिछले कई वर्षों से बहस जारी है। गंभीर पर्यावरणीय चिंताओं के मद्देनजर इस बहस के किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ही केन्द्र सरकार नदी जोड़ो परियोजना के निर्माण कार्य को शुरू करने की दिशा में लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के कारण पन्ना एवं छतरपुर जिले के करीब 2 दर्जन गांवों के वाशिंदे विस्थापन की त्रासदी झेलने को मजबूर हैं। उचित मुआवजे के बगैर विस्थापन की कार्यवाही का सामना कर रहे वन क्षेत्र में रहने वाले इंसानों के अलावा बाघों एवं दूसरे वन्य जीवों को भी नदी जोड़ो परियोजना के निर्माण की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचोंबीच से प्रवाहित केन नदी का विहंगम दृश्य।
बता दें कि, केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में प्रस्तावित विशालकाय दौधन बांध के निर्माण से पार्क क्षेत्र सहित आसपास के इलाके की 6017 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। अर्थात पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का सघन और जैव विविधता से समृद्ध जंगल का बड़ा हिस्सा जोकि सदियों से बाघों का प्राकृतिक आवास (कुदरती आशियाना) रहा है, हमेशा के लिए डूब जाएगा।

एपीसीसीएफ ने की अधिसूचना संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा

उल्लेखनीय है कि, गुरुवार 28 मार्च को पन्ना टाइगर रिजर्व कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट के सभागार में केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भोपाल से पधारे एच.एस. मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबन्ध) मध्य प्रदेश ने की। इस बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में प्रभावित 6017 हेक्टेयर भूमि के बदले प्राप्त होने वाले भूमि की अधिसूचना जारी कराने के संबंध में प्रगति की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल पन्ना गर्वित गंगवार, वन मण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल पन्ना पुनीत सोनकर एवं उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व मोहित सूद उपस्थित रहे।

आज कमिश्नर सागर संभाग डॉ. रावत ने ली समीक्षा बैठक

कमिश्नर सागर संभाग डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र प्रभावित भूमि के बदले प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी करने संबंधी कार्य की समीक्षा की।
इसी परिपेक्ष्य में शुक्रवार 29 मार्च को संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में केन-बेतवा लिंक परियोजना के के डूब क्षेत्र की प्रभावित भूमि के बदले में प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी कराने के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जल संसाधन, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा क्रियान्वयन के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में अवगत कराया गया। कमिश्नर सागर संभाग डॉ. रावत ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर अधिसूचना जारी करने की कार्यवाही को शीघ्रता पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, कलेक्टर पन्ना सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व मोहित सूद, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना सतीश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

लोकायुक्त पुलिस की कायर्वाही : विद्युत कंपनी के सहायक अभियंता को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड उप संभाग पन्ना के कार्यालय में सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के बाद दस्तावेजी कार्यवाही करती लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम।

*     वाहन के बिल पास करने के एवज में युवक से मांगी थी रिश्वत

*     बिना घूस के कोई काम न करने के लिए बदनाम था एई रत्नेश वर्मा

पन्ना। (www.radarnews.in) लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) संभाग पन्ना के सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वाहन के बिल पास करने के एवज में सहायक अभियंता ने इमरान अली निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना से रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्यवाही को गुरुवार देर शाम पन्ना के धरमसागर तालाब के समीप स्थित सहायक अभियंता के कार्यालय में अंजाम दिया है। रिश्वत लेते हुए के रत्नेश वर्मा के रंगे हाथ पकड़े जाने की खबर आते ही उनके कार्यालय के बाहर मीडियाकर्मी जमा हो गए।
ट्रैपकर्ता अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक बीएम द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इमरान अली पुत्र स्व.शब्बीर अली 32 वर्ष निवासी मोहल्ला बेनीसागर पन्ना के वाहन बिल पास करने के एवज में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि.) संभाग पन्ना सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा के द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिससे परेशान होकर इमरान अली ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के कार्यालय में लिखित शिकायती आवेदन पत्र दिया था। शिकायत की तस्दीक करने के बाद सहायक अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान बनाया गया। गुरुवार 28 मार्च की देर शाम इमरान अली ने विद्युत कंपनी उप संभाग पन्ना कार्यालय पहुंचकर सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा से बात की और रिश्वत के रूप में 10,000/- (दस हजार) रुपए दे दिए। कार्यालय के आसपास पहले से मुस्तैद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने अगले ही पल वहां दबिश देकर घूसखोर सहायक अभियंता को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ दबोंच लिया। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
विद्युत कंपनी का घूसखोर सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग पन्ना अंतर्गत कई वर्षों से पदस्थ सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा की कार्यशैली और रवैये से अधीस्थ कर्मचारी, विद्युत कंपनी के ठेकेदार तथा विद्युत उपभोक्ता खासे परेशान रहते थे। उपभोक्ताओं की समस्या का संतोषजनक सामधान करने के बजाए रत्नेश वर्मा उन्हें भटकाने के साथ प्रकरण को अनावश्यक उलझाने के लिए जाने जाते थे। सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा को लेकर आमचर्चा है कि बिना रिश्वत के वह कोई काम नहीं करते थे।

बेहद दर्दनाक : फंदे से आज़ाद होने के लिए तड़पते तेंदुए की ‘मौत’ से पहले का वायरल वीडियो देख हैरान रह गए लोग

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दक्षिण वन मंडल पन्ना की पिपरियादौन बीट अंतर्गत जिस खेत की बारी में शिकार के लिए फंदा लगाया गया था उसका भ्रमण करता डॉग स्क्वायड।

*     समय रहते मौके पर नहीं पहुंच सकी पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम

*     पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत पवई वन परिक्षेत्र के पिपरियादौन की घटना

*     वाइल्ड मीट के शौक़ीन किसान अपने खेत की बागड़ में वन्य प्राणियों के शिकार के लिए लगाते हैं फंदे

*     मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हैं सबसे अधिक तेंदुए लेकिन संरक्षण को लेकर संजीदा नहीं वन विभाग

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) टाइगर और तेंदुआ स्टेट मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बेजुबान वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं है। वन्य प्राणी सुरक्षा पर जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी शिकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगा पाने में वन विभाग का अमला अब तक बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। शिकार की ताजा घटना पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत पवई वन परिक्षेत्र के पिपरियादौन बीट की है। जहां एक खेत की बागड़ में शिकार के लिए लगाए गए फंदे में फंसे तेंदुए की बेहद दर्दनाक मौत से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने जबर्दस्त हड़कंप मच गया। विचलित करने वाले इस वीडियो में मौत के फंदे से आजाद होने के लिए छटपटाते बेबस और लाचार तेंदुए की असहनीय पीड़ा को देख लोग हैरान रह गए। फंदे में सिर के बल लटके तेंदुए को जिंदगी और मौत से संघर्ष करते देख आक्रोशित लोग वन विभाग की तीखी आलोचना करने लगे। संकटग्रस्त तेंदुए को बचाने के लिए दक्षिण वन मंडल के डीएफओ पुनीत सोनकर पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को अपने वाहन से लेकर स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन उसके चंद मिनिट पहले ही तड़प-तड़पकर तेंदुए की मौत हो चुकी थी।
जिले के दक्षिण वन मंडल के वन परिक्षेत्र पवई अंतर्गत आने वाली बीट पिपरियादौन में बुधवार 27 मार्च की सुबह करीब 8:30 बजे जंगल से सटे एक खेत की बारी में लगे क्लिच वायर के फंदे में तेंदुए के फंसे होने की खबर आते ही हड़कंप मच गया। संबंधित बीट गार्ड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सूचना की तस्दीक करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। तब तक सिर के बल लटके और मौत के फंदे से आजाद होने के लिए छटपटाते तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम ने स्थल की चौतरफा घेराबंदी कर भीड़ को दूर खदेड़ दिया। संकटग्रस्त तेंदुए को बचाने के लिए दक्षिण वन मंडल पन्ना के डीएफओ पुनीत सोनकर ने पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक को घटना की जानकारी दी। साथ ही पार्क की रेस्क्यू टीम को तत्परता से भेजने की मांग की गई। क्षेत्र संचालक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम को पन्ना से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित पिपरियादौन जल्द से जल्द पहुंचने के लिए निर्देशित किया।

रेस्क्यू टीम के पहुंचने से चंद मिनिट पहले दम तोड़ा

दक्षिण वन मंडल पन्ना की पिपरियादौन बीट अंतर्गत एक खेत की बारी में लगे फंदे में फंसने के कारण उल्टा लटका नर तेंदुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए आवश्यक तैयारी एवं उपकरण के साथ टीम को पन्ना से रवाना होने में विलंब होता देख दक्षिण वन मंडल डीएफओ श्री सोनकर अपना वाहन लेकर वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. एसके गुप्ता के सरकारी आवास पहुंच गए। रिस्पॉन्स टाइम के महत्व के मद्देनजर बिना किसी देरी डॉ. गुप्ता और उनकी टीम के सदस्य डीएफओ श्री सोनकर के साथ पिपरियादौन के लिए रवाना हो गए। उधर, कई घंटे से फंदे में उल्टा लटका नर तेंदुआ असहनीय पीड़ा व चढ़ती धूप की तपिश के बीच जिंदगी और मौत से काफी देर तक संघर्ष करता रहा। दोपहर में लगभग 11:30 बजे रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुंची उसके चंद मिनिट पहले ही तेंदुए की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी थी। दरअसल, घटनास्थल पन्ना से दूर स्थित होने के कारण रेस्क्यू टीम समय रहते मौके पर नहीं पहुंच सकी। तेंदुए को न बचा पाने से डीएफओ समेत पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के सदस्य निराश और दुखी नजर आए।

तेंदुआ अगर बच भी जाता तो सर्वाइव नहीं कर पाता

तेंदुए के शिकारियों का सुराग लगाने के लिए प्रशिक्षित डॉग को घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। साथ ही दक्षिण वन मंडल के अधिकारियों ने भी आसपास की सघन सर्चिंग की। इस दौरान बगल वाले खेत की बागड़ (बारी) में क्लिच वायर का एक फंदा लगा मिलने पर उसे तुरंत जब्त किया गया। इस मामले में खेत के मालिक, खेत के चौकीदार तथा डॉग स्क्वायड से मिले संकेत के आधार पर तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर सघन पूंछतांछ की जा रही है। वहीं तेंदुए के शव को फंदे से निकालकर पन्ना स्थित स्मृति वन लाया गया। जहां सीएफ छतरपुर संजीव झा, पिपरियादौन सरपंच, राजस्व अधिकारी, एनटीसीए प्रतिनिधि की मौजूदगी में डॉ. संजीव गुप्ता ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के पश्चात तेंदुए के शव का सम्मानपूर्वक दाह संस्कार कर दिया। दक्षिण वन मंडल के डीएफओ पुनीत सोनकर ने वन्यप्राणी चिकित्सक से हुई अपनी चर्चा के हवाले से बताया कि, मृत नर तेंदुए की उम्र लगभग 5-6 वर्ष थी। तेंदुए के पिछले हिस्से में फंदा काफी टाइट कस गया था। जिससे रक्त प्रवाह बाधित होने के साथ नाजुक अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस स्थिति में तेंदुआ अगर बच भी जाता तो उसका पिछला हिस्सा लकवाग्रस्त होने की पूरी आशंका थी। तेंदुए की जैसी हालत हो चुकी थी उससे वह ज्यादा दिनों तक सर्वाइव नहीं कर पाता।

वन अपराधों को लेकर मैदानी अमला लापरवाह

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मंडल सहित पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत पिछले कुछ माह से वन्य प्राणियों के शिकार की हैरतअंगेज घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में उत्तर वन मंडल पन्ना के अजयगढ़ एवं धरमपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन्य जीवों का शिकार मांस की बिक्री हेतु किये जाने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। जिले में वन क्षेत्रों से सटे खेतों के अधिकांश किसान वाइल्ड मीट के अपने शौक को पूरा करने के लिए हर साल रबी फसल सीजन में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार करते है। वहीं कुछ किसान ऐसे भी हैं जो कि फसल हानि को रोकने के लिए अपने खेत में करंट प्रवाहित कर वन्यजीवों को मारने के बेहद जोखिम भरे गैरकानूनी उपाए करते हैं। करंट की चपेट में आकर जंगली जानवर के मरने पर मौका पाकर किसान अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को दूर ले जाकर फेंक देते हैं या फिर गड्ढा खोदकर दफन कर देते हैं। दरअसल, वन क्षेत्र से सटे खेतों की बारी-बागड़ की मैदानी वन अमले के द्वारा नियमित रूप से सर्चिंग न करने से कारण फंदे लगाकर या फिर करंट प्रवाहित कर शिकार करने की घटनाओं में अंकुश नहीं लग पा रहा है। दोनों सामान्य वन मंडलों के अधिकांश बीटगार्ड अपने बीट मुख्यालय में भी निवास नहीं करते है। इसका लाभ उठाकर शिकारी, सागौन तस्कर, खनन माफिया और अतिक्रमणकारी वन संपदा का विनाश करने में जुटे हैं।

Crime News : खेत के रास्ते को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी के खून से खेली होली, कुल्हाड़ी से कर दी जघन्य हत्या

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पवई थाना जिला पन्ना। (फ़ाइल फोटो)

*     पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में हत्या की वारदात से फैली सनसनी

*     एडिशनल एसपी और एसडीओपी ने किया घटनास्थल का मुआयना

*     हत्याकांड के बाद से फरार आरोपी की तलाश में सरगर्मी से जुटी पुलिस

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में होली के दिन खेत के रास्ते को लेकर उपजे विवाद में एक युवक ने अपने ही स्वजातीय पड़ोसी के ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना पवई थाना के समीपी ग्राम सुनादर की बताई गई है। थाना पुलिस बल घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गया। गंभीर रूप से लहूलुहान अधेड़ उम्र के व्यक्ति को अचेत हालत में डायल 100 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने गहन परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से फरार हत्यारोपी सिपाही लाल आदिवासी निवासी सुनादर की सरगर्मी तलाश जारी है। पवई थाना पुलिस घटना पर हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुटी है।

शाम के समय वारदात को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि, प्रकाश आदिवासी पिता परसू आदिवासी 55 वर्ष निवासी सुनादर और इसी गांव में रहने वाले सिपाही लाल आदिवासी का खेत अगल-बगल में स्थित है। दोनों के खेत की मेड़ जुड़ी होने के कारण उनके बीच काफी समय से खेत के रास्ते को लेकर विवाद है। सोमवार 25 मार्च की सुबह (होली के दिन) प्रकाश और सिपाही लाल के बीच रास्ते को लेकर अचानक विवाद भड़क उठा। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे काफी भला-बुरा कहा। मगर, ग्रामीणों व परिजनों के हस्तक्षेप से बमुश्किल विवाद शांत हो गया। शाम करीब 4 बजे गांव के चौराहे पर बैठा प्रकाश आदिवासी जब लोगों को होली की शुभकामनाएं दे रहा था तभी नशे में धुत सिपाही लाल आदिवासी भी वहां आ धमका। इस दौरान के बीच दोनों के बीच पुनः तीखी नोंकझोंक हो गई। तभी सिपाही लाल ने कुल्हाड़ी से प्रकाश आदिवासी के ऊपर ताबड़तोड़ कातिलाना हमला बोल दिया। प्रकाश के खून से होली खलते हुए हमलावर ने बड़ी ही निर्ममता से उसे मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का मुआयना

कुल्हाड़ी से अचनाक जानलेवा हमला करने से फैली अफरातफरी-चींख-पुकार के बीच हत्यारोपी सिपाही लाल आदिवासी मौके से फरार हो गया। पीड़ित परिजनों ने आनन-फानन डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को घटना सूचना दी। गंभीर रूप से लहूलुहान प्रकाश आदिवासी को पुलिस वाहन से अचेत हालत में इलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने गहन परीक्षण करने के उपरांत उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ हमले से मृतक की गर्दन, चेहरे और कंधे पर काफी गहरे और प्राणघातक घाव बताए जा रहे हैं। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने पर पन्ना से एडिशनल एसपी आरती सिंह और पवई से एसडीओपी सौरभ रत्नाकर ने सुनादर ग्राम पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक के परिजनों तथा ग्रामीणों से घटना के संबंध में पूंछतांछ कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। वहीं एफएसएल टीम द्वारा सुनादर पहुंचकर घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य सावधानीपूर्वक संकलित किए गए।

इनका कहना है-

“रास्ते को लेकर हुए विवाद में 55 वर्षीय प्रकाश आदिवासी निवासी ग्राम सुनादर की इसी गांव के सिपाही लाल आदिवासी ने कुल्हाड़ी से हमला कर जघन्य हत्या की है। फरार हत्यारोपी की तत्परता से गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम गठित कर पतारसी शुरू कर दी गई है। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फरार आरोपी बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा, इस बात की हमें पूरी उम्मीद है। आज मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। सुनादर ग्राम में पूरी तरह शांति है, ग्रामीण शोकमग्न हैं लेकिन वहां तनाव जैसी कोई बात नहीं है।”

सौरभ रत्नाकर, एसडीओपी पवई, जिला पन्ना (म.प्र.)

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर नए लोकसभा प्रभारी किए तैनात

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प्रतीकात्मक फोटो।

*     खजुराहो संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी आलोक चतुर्वेदी ‘पज्जन भइया’ को सौंपी

   लोस चुनाव की तारीखों का एलान होने और 22 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद नियुक्त किए नए प्रभारी

भोपाल। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने सभी 29 संसदीय क्षेत्रों पर नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह ने रविवार 24 मार्च को प्रदेश के 29 संसदीय क्षेत्रों (लोकसभा सीटों) में प्रभारियों के दायित्व में बड़ा बदलाव करते हुए नए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी हैं। लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने और प्रदेश की अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद नए लोकसभा प्रभारी नियुक्त करने के फैसले का कांग्रेस पार्टी को चुनाव में कितना लाभ मिलेगा इसका पता तो 4 मई को नतीजे आने पर ही चलेगा।
बहरहाल प्रदेश कांग्रेस में मची भगदड़ के बीच पार्टी ने अपने कई बड़े नेताओं को लोकसभा प्रभारी का दायित्व सौंपकर यह साफ़ संदेश दे दिया है कि लोकसभा चुनाव को पूरे दमखम के साथ लड़ा जाएगा। पार्टी ने अधिकांश लोकसभा सीटों के लिए एक प्रभारी नियुक्त किए हैं तो कुछ स्थान पर दो प्रभारी भी बनाए गए है। इतने कम समय में नव नियुक्त लोकसभा प्रभारी अपने प्रभार वाले संसदीय क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार करने के साथ ही उसे आने वाले दिनों में किस तरह धरातल पर किस तरह से लागू करते हैं यह देखना वाकई बहुत दिलचस्प होगा।
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए रामनिवास रावत को-मुरैना, लाखनसिंह यादव-भिंड, अशोक सिंह-ग्वालियर, जयवर्धन सिंह-गुना, नितेन्द्र राठौर-सागर, यादवेन्द्र सिंह-टीकमगढ़, मुकेश नायक और हर्ष यादव-दमोह, आलोक चतुर्वेदी-खजुराहो, राजेन्द्र कुमार सिंह-सतना, डॉ. गोविंद सिंह-रीवा, विनय सक्सेना-सीधी, डॉ. अशोक मसकोले-शहडोल, लखन घनघोरिया-जबलपुर, कदीर सोनी-मण्डला, ठाकुर रजनीश सिंह-बालाघाट का प्रभारी नियुक्त किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ कहलाने वाले छिंदवाड़ा के लिए पार्टी ने सुनील जायसवाल, सुखदेव पांसे को-होशंगाबाद, एनपी प्रजापति और पीसी शर्मा-विदिशा, महेन्द्र जोशी-भोपाल, प्रियव्रत सिंह-राजगढ़, सज्जन सिंह वर्मा-देवास़, रवि जोशी-उज्जैन, मीनाक्षी नटराजन और नरेन्द्र नाहटा-मंदसौर, बाला बच्चन-रतलाम, उमंग सिंघार-धार, शोभा ओझा और सत्यनारायण पटेल-इंदौर, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ-खरगौन, आरके दोगने-खंडवा और आरिफ मसूद एवं सुखदेव पांसे को बैतूल लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है।

कांग्रेस की ये छह सीटें अब भी हैं होल्ड

कांग्रेस पार्टी के द्वारा 23 मार्च की देर रात जारी चौथी सूची में मध्य प्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा की गई। सूची का प्रथम पेज।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार 23 मार्च की देर रात चौथी लिस्ट जारी की थी। इसमें 11 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेश की कुल 45 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे। सूची में मध्य प्रदेश के 12 संसदीय क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया। मध्यप्रदेश की राजगढ़ सीट से पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। रतलाम लोकसभा सीट से वरिष्ठ आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को टिकिट मिला है। जबलपुर सीट से दिनेश यादव और इंदौर सीट से अक्षय बम के नाम पर पार्टी ने मुहर लगाई है।
कांग्रेस पार्टी के द्वारा 23 मार्च की देर रात जारी चौथी सूची में मध्य प्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा की गई। सूची का दूसरा पेज।
इस तरह दो बार में कांग्रेस पार्टी ने राज्य की 29 में से 22 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। प्रदेश की एकमात्र खजुराहो सीट कांग्रेस ने गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को दी है। अर्थात सीट बंटवारे के तहत खजुराहो संसदीय क्षेत्र में समाजवादी पार्टी इस बार अपना उम्मीदवार उतारेगी। अब प्रदेश की छह सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होना शेष है। इनमें ग्वालियर, गुना, मुरैना, खंडवा, दमोह और विदिशा लोकसभा सीट शामिल है।

अब अज्ञात असामाजिक तत्वों ने कुएं के पानी में घोला जहरीला पदार्थ

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कुएं के पानी में अज्ञात असमाजिक तत्वों के द्वारा जहरीला पदार्थ घोलने से प्रभावित मोहल्लेवासी।

*    सैंकड़ों मछलियां व जलीय जीव बेमौत मरने से मचा हड़कंप

मोहन्द्रा। (www.radarnews.in) पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत आने वाले मोहन्द्रा कस्बे में अपराधिक घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक लगातार अपराध घटित होने से आम आदमी भय युक्त वातावरण में रहने को मजबूर है। अभी मोहन्द्रा में पत्रकार के घर में पेट्रोल चिड़ककर आग लगाने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि इसी मोहल्ले के एक सार्वजनिक कुएं में अज्ञात सामाजिक तत्वों ने विषैला पदार्थ कुएं में डाल दिया। जिसके कारण कुएं की सैंकड़ों छोटी-बड़ी मछलियों के साथ कछुए भी बेमौत मर गए। कुएं के बगल में रहने वाली सुशीला कबीरपंथी बताती हैं कि लगभग आधा सैकड़ा लोगों की जल आपूर्ति के लिए यही कुआं एक साधन है। जिसमें अज्ञात लोगों द्वारा कोई विषैला पदार्थ मिला दिया गया। मोहल्ले के लोगों को इसकी भनक तब लगी जब वह सुबह पानी भरने गए और बाल्टी में मरी हुई मछलियां आ गई। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद ग्राम पंचायत मोहंद्रा के सरपंच अरुण चौरसिया ने स्थानीय पुलिस चौकी में एक शिकायती आवेदन पत्र देकर पानी की जांच कराने की बात कही है।

शैक्षणिक सत्र 2022-23 के मूल्यांकन कार्य का नहीं मिला भुगतान, इस बार पुनः लगा दी ड्यूटी

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प्रतीकात्मक चित्र।

*      जन शिक्षा केन्द्र खोरा के शिक्षकों ने डीपीसी को संयुक्त रुप से आवेदन सौंपकर दी चेतावनी

राजेंद्र कुमार, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के जनपद शिक्षा केन्द्र अजयगढ़ अंतर्गत आने वाली शालाओं के शिक्षकों को पिछले शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 5वीं तथा 8वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का भुगतान आज तक नहीं मिला। साल भर का लंबा अरसा गुजरने के बाद भी पिछले मूल्यांकन कार्य का भुगतान न मिलने से परेशान शिक्षकों की वर्तमान सत्र 2023-24 में पुनः मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी लगा दी गई। इससे शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त होना स्वाभाविक है। जन शिक्षा केन्द्र खोरा के अंतर्गत आने वाली शालाओं के प्रभावित शिक्षकों ने विगत दिनों इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयक (DPC), सर्व शिक्षा अभियान जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना को सामूहिक रूप से लिखित आवेदन पत्र कार्यवाही हेतु सौंपा है।
आवेदन पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2022-23 में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजयगढ़ में जन शिक्षा केन्द्र  शिक्षकों से कक्षा 5वीं तथा 8वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य कराया गया था। जिसके मानदेय का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया। शिक्षकों ने आवेदन पत्र के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है,यदि शीघ्र ही लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित नहीं कराया गया तो इस वर्ष का मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो सकता है।

बड़ी खबर : लोकसभा चुनाव की घोषणा के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सभी बैंक खातों के उपयोग पर लगाई रोक

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लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के सभी बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। उनके दांईं तरफ बैठी पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी एवं सांसद राहुल गांधी।

*       बैंक अकाउंट फ्रीज पर मोदी सरकार पर कांग्रेस ने बोला बड़ा हमला

*       हमारे खाते फ्रीज नहीं किए बल्कि लोकतंत्र को किया गया है फ्रीज

*       ‘कांग्रेस नेता यात्रा नहीं कर सकते, टिकट तक के लिए पैसे नहीं’

दिल्ली में गुरुवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर श्री खड़गे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है। देश के हर नागरिक चुनाव में भाग लेने के लिए उत्सुक है। किसी भी लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव अनिवार्य होता है। साथ ही यह भी होता है कि सभी राजनीतिक दल के लिए लेवल प्ले ग्राउंड हो अर्थात सभी के पास समान रुप से संसाधन हो। ऐसा नहीं कि जो सत्ता में है उनका अधिकार ज्यादा हो। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जो इलेक्टोरल बॉन्ड (चुनावी चंदा) से जुड़े जो तथ्य निकलकर सामने आए, वो बहुत चिंताजनक है। शर्मनाक भी है क्योंकि इससे हमारे देश की छवि को आघात पहुंचा है।

चुनावी बॉन्ड से खजाना भरने वाली भाजपा ने रची साजिश

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे कहा कि हमारे देश में पिछले 70 सालों में निष्पक्ष चुनाव हुए, उस पर प्रश्न चिन्ह उठ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी बॉन्ड (चुनावी चंदा) को गलत ठहराया है। उस स्कीम के तहत मौजूदा सत्ता दल ने अपने लिए हजारों करोड़ रुपए भर लिया है। वहीं दूसरी तरफ सुनियोजित साजिश के तहत मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी का अकाउंट फ्रीज कर दिया है ताकि पैसे के अभाव में बराबरी में चुनाव ना लड़ पाए। ये सत्ताधारी पार्टी का खेल है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द सच्चाई सामने आएगी। और अंत में मैं देश के संवैधानिक संस्थाओं से अपील करता हूं, फ्री और फेयर इलेक्शन चाहते है तो बैगर किसी रोक-टोक के हमारे बैंक अकाऊंट के पैसे को खर्च करने दें। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारा खाता फ्रीज कर दिया गया है। खाता फ्रीज करना सत्ताधारी दल का खतरनाक खेल है। बीजेपी ने खुद हजारों करोड़ भर लिए और हमारे बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए।

इन परिस्थितियों में लोकतंत्र कैसे बचेगा

इस दौरान कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हम लोकतंत्र को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इलेक्टोरल बॉन्ड से बीजेपी को बड़ा फायदा हुआ है। अगर कांग्रेस किसी भी तरह से चुनाव प्रचार में खर्च नहीं कर सके तो चुनाव किस बात का। पिछले एक महीने से हम हमारे 285 करोड़ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। अगर हम कोई काम नहीं कर सकते तो लोकतंत्र कैसे जिंदा रहेगा।

राहुल ने संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। किसी कोर्ट ने, चुनाव आयोग ने कुछ नहीं कहा। यहां कोई लोकतंत्र नहीं है। भारत की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है और संवैधानिक संस्थानों ने कुछ भी नहीं किया। राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक महीने पहले कांग्रेस के सारे अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। अगर किसी भी परिवार के अकाउंट फ्रीज कर देंगे तो वे भूखे मर जाएंगे। लेकिन हमारे अकाउंट फ्रीज होने पर किसी ने चूं तक नहीं की, चुनाव आयोग से लेकर सभी ने चुप्पी तोड़ दी। बीस फीसदी भारत हमारे लिए वोट करता है।

कांग्रेस को चुनाव लड़ने से रोकने का है षड्यंत्र

लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के सभी बैंक खातों के उपयोग पर मनमाने तरीके से रोक लगाए जाने के मुद्दे पर संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी को लेकर सवाल उठाते सांसद राहुल गांधी।
सांसद राहुल गांधी ने कहा कि बैंक खातों के बिना हम कैसे चुनाव लड़ेंगे। आप सोचिए आपके अकाउंट बंद हो जाए, एटीएम बंद हो जाए तो आप कैसे सरवाइव करेंगे। हम ना प्रचार कर सकते हैं, ना ट्रेवल कर सकते हैं, ना नेताओं को पैसे दे सकते हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि चुनाव से 2 महीने पहले ये सब करना दिखाता है कि वो कांग्रेस को चुनाव ही नहीं लड़ने देना चाहते हैं। एक महीने पहले कांग्रेस के सारे अकाउंट फ्रीज कर दिए, कांग्रेस के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमिशन ने चुप्पी साध ली। हमें 20% लोग वोट करते हैं। सारी संवैधानिक संस्थाएं चुप हैं। श्री गांधी ने कहा कि 7 साल पहले 14 लाख का इश्यू था। आज 200 करोड़ वसूल रहे हैं। जबकि नियम के मुताबिक 10 हज़ार रुपये तक की ही पेनाल्टी लग सकती है। सीताराम केसरी के वक्त के नोटिस दिए जा रहे हैं। देश में लोकतंत्र है, ये सबसे बड़ा झूठ है। हमारे खाते फ्रीज नहीं किए बल्कि लोकतंत्र को फ्रीज किया गया है। वहीं राहुल गांधी ने इस मामले पर एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “नफ़रत से भरी ‘असुर शक्ति’ ने लोकतंत्र की हत्या करने के लिए कांग्रेस के बैंक अकाउंट को फ्रीज़ कर दिया है।”