Homeबुंदेलखण्डदवा खरीदी और वितरण में व्यापक अनियमितताएं उजागर

दवा खरीदी और वितरण में व्यापक अनियमितताएं उजागर

स्टाॅक रजिस्टर में जितनी दवायें दर्ज स्टोर में उसकी आधी भी नहीं मिलीं

सीईओ जिपं ने किया जिला चिकित्सालय के ड्रग स्टोर का आकस्मिक निरीक्षण

स्टोर कीपर राजेश कुमार चौरहा एवं प्रभारी अधिकारी डाॅ. रमेश केसरी को नोटिस जारी

पन्ना। रडार न्यूज जिला चिकित्सालय पन्ना में सरदार वल्लभ भाई पटेल योजना अंतर्गत दवा खरीदी एवं वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमिततायें सामने आईं है। स्टोर के स्टाॅक रजिस्टर एवं आॅनलाईन स्टाॅक पंजी में काफी अंतर पाया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं रिकार्ड में जितनी दवा स्टोर में उपलब्ध होना दर्ज है मौके पर उसकी आधी दवायें भी नहीं पाई गई। इससे साफ जाहिर है कि दवाओं की खरीदी और वितरण में यहां बड़े पैमाने पर लम्बे समय से फर्जीवाड़ा चल रहा है। जिला चिकित्सालय पन्ना के दवा स्टोर में अनियमितताओं का हैरान करने वाला यह खुलासा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा गत् दिवस किये गये आकस्मिक निरीक्षण से हुआ है। इस सघन निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं प्रकाष में आईं। जिसके लिए संबंधितों को कारण बताओ सूचना जारी किये गये हैं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन व्हीएस उपाध्याय भी मौजूद रहे।

यहां सब गोलमाल है

जिला पंचायत सीईओ पन्ना डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जिला चिकित्सालय के दवा स्टोर के निरीक्षण के दौरान आॅनलाईन स्टाॅक लेजर रजिस्टर में दर्ज दवाईयोें का भौतिक सत्यापन करने पर पाया कि एमोक्सीसिलिन एण्ड क्लेव्युनेलिक एसिड की टेबलेट 9 मई की स्थिति में 7000 दर्ज में से 3000 टेबलेट ही उपलब्ध हैं। जबकि 20 फरवरी 2018 के बाद से यह टेबलेट किसी को भी जारी नहीं की गई है। इसी तरह आॅनलाईन स्टाॅक लेजर रजिस्टर में दर्ज इन्जेक्शन, इन्सुलिन तथा अन्य दवाओं के भौतिक सत्यापन पर दर्ज की तुलना में कम संख्या में दवाईयां पायी गईं। निरीक्षण के दौरान आॅनलाईन स्टाॅक पंजी में भी भिन्नता पायी गई और स्टाॅक रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया। इन्वायस रजिस्टर में दवा किसको वितरित की गई है, उसके हस्ताक्षर भी नहीं पाये गये। इसके अलावा इन्वायस रजिस्टर में और वार्डों के चालान रजिस्टर में भी अंतर पाया गया। इन तथ्यों के मद्देनजर इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि आॅनलाईन दवा खरीदी हेतु जितना आॅर्डर किया जा रहा है, सप्लाई उसकी आधी या फिर उससे भी कम ली जा रही है। स्टाॅक पंजी में दर्ज दवाओं की संख्या की आधी दवायें ही स्टोर में मिलना इस बात का प्रमाण है।

कलेक्टर न्यायालय में पंजीबद्ध होगा प्रकरण

इन सभी अनियमितताओं के फलस्वरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पन्ना द्वारा वार्ड प्रभारी राजेश कुमार चौरहा एवं प्रभारी अधिकारी ड्रग स्टोर जिला चिकित्सालय डाॅ. रमेश केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण चाहा गया है। साथ ही प्रकरण को कलेक्टर पन्ना के न्यायालय में पंजीबद्ध करने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले का स्वास्थ्य विभाग करीब एक दशक से दवा एवं अन्य खरीदी में व्यापक अनियमितताओं, नियुक्तियों मेेें फर्जीवाड़े, कागजों पर कार्यक्रम आयोजित करनेे, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और कुप्रबंधन को लेकर सुर्खियों में बना है। जिला चिकित्सालय सहित आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हुए घपले-घोटालों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं लिपिकीय स्टाॅफ द्वारा कथिततौर पर बनाई अनुपातहीन-बेनामी सम्पत्ति की लोकायुक्त संगठन से जांच कराने की मांग भी राजनैतिक दलों की तरफ से उठती रही है।
इनका कहना है-

           ‘‘दवा की खरीदी आॅनलाईन होती है इसमें कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। जहां तक रजिस्टर में दर्ज दवाओं की मात्रा एवं उपलब्ध दवाईयों में अंतर का सवाल है तो यह समय पर इंट्री न होने के कारण हो सकता है। इस संबंध में स्टोर कीपर से चर्चा उपरांत ही विस्तृत जानकारी दे सकता हूं।‘‘
-डाॅ. व्हीएस उपाध्याय, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय पन्ना

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