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प्रदेश में जैव विविधता को बढ़ावा देने की नई पहल

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राज्य जैव विविधता बोर्ड ने अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य मछली महाशीर संरक्षण के लिए खरगौन जिले के बड़वाह वन मंडल को पुरस्कृत किया।

पहली बार राज्य स्तरीय जैव विविधता पुरस्कार वितरित

भोपाल। रडार न्यूज अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने जैव विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने की नई पहल की है। बोर्ड ने आज इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शासकीय-अशासकीय संस्थान, व्यक्ति और जैव विविधता वाले विभागों को राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार योजना-2018 के तहत पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव वन केके सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख रवि श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का संचालन बोर्ड के सदस्य सचिव आर श्रीनिवास मूर्ति ने किया।

एक छात्र एक पौधा लगायें अभियान के प्रमुख पुरस्कृत

अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने एक छात्र एक पौधा लगाए अभियान के पं. उदित नारायण शर्मा को पुरस्कृत किया।

व्यक्तिगत श्रेणी में छिन्दवाड़ा के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवा निवृत्त शिक्षक पं. उदित नारायण शर्मा को प्रथम पुरस्कार के रूप में 3 लाख रूपये, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। श्री शर्मा पिछले 38 सालों से एक छात्र एक पौधा लगाये अभियान का संचालन कर रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं में पर्यावरण जैव विविधता एवं जल संरक्षण जागरूकता के लिये वह अनवरत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हरियाली गीत माला की भी रचना की है।

डॉ. कनोजिया ने भोपाल में विकसित किया वन

व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. डीपी कनोजिया को भोपाल की आवासीय कालोनी रचना नगर में साल, सागौन, शीशम, हर्रा, बहेड़ा, अचार, महुआ, गूलर, पाखर, पीपल, नीम आदि के 60 से अधिक पौधे रोपने के लिये 2 लाख रूपये के द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. कनोजिया पौधों से वृक्ष में तब्दील हो चुके पेड़ों की पिछले 20 सालों से नियमित सिंचाई और सुरक्षा कर रहे हैं। वहीं शासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन जिले के वन मण्डल बड़वाह को मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर के संरक्षण एवं संवर्धन कर कृत्रिम प्रजनन द्वारा संख्या बढ़ाने के लिये द्वितीय पुरस्कार दिया गया।

मटकुली की जैवविविधता प्रबंधन समिति पुरस्कृत

जैव विविधता प्रबंधन समिति श्रेणी में एक लाख रूपये का पुरस्कार होशंगाबाद जिले की जैव विविधता प्रबंधन समिति मटकुली को दिया गया। समिति द्वारा जैव विविधता से आजीविका को जोड़ते हुए लेंटाना से फर्नीचर निर्माण, पॉलीथीन के स्थान पर नॉन वोवेन बेग बढ़ावा देने, पौधरोपण, गर्मियों में पक्षियों के लिये दाना-पानी इंतजाम और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता के काम किये जा रहे है।

खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट प्रथम पुरस्कार-

अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अशासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को 3 लाख रूपये प्रशंसा पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। ट्रस्ट वर्ष 1999 से बारह एकड़ बंजर भूमि पर वृक्षारोपण, वॉटरशेड प्रबंधन, जैविक खेती, ड्रिप इरीगेशन और केचुआ खाद निर्माण कर जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र का विकास कर रहा है। ट्रस्ट ने क्षेत्र में जैव संसाधनों के संवहनीय उपयोग के लिये विविध प्रयास किये हैं।

मुरैना की समाजसेवी संस्था को द्वितीय पुरस्कार-

अशासकीय संस्थागत क्षेणी में दो लाख रूपये का द्वितीय पुरस्कार मुरैना के सुजाग्रति समाज सेवी संस्था को दिया गया। संस्था पिछले 15 सालों से जैव विविधता संरक्षण, संवर्धन, वृक्षारोपण के साथ विशेष रूप से चम्बल क्षेत्र में संकटग्रस्त औषधीय प्रजाति गुग्गुल के संरक्षण और संवर्धन के कार्य कर रही हैं।

अदभुत चित्रकारी करने वाले विद्यार्थी पुरस्कृत-

अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह ने राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।

बोर्ड द्वारा जैव विविधता संरक्षण एवं संवंर्धन के प्रति स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिये गत् 12 मई को श्जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता एवं मानव अस्तित्वश् विषय पर चार श्रेणी में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 1 से 5 तक की श्रेणी में शीतल गुप्ता, निरंजन थापा और तनीषा डोंगरे को क्रमशरू प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 6 से 8 तक की श्रेणी में कार्तिक शर्मा को प्रथम, प्रियल जैन को द्वितीय, मीत चावला को तृतीय, कक्षा 9 से 12 तक श्रेणी में रिचा शाक्य को प्रथम अन्तरिक्ष सेठिया को द्वितीय और आयुष विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 12 से ऊपर की श्रेणी में विजय गहरवार को पहला, साबिर हलीम को दूसरा और शुभम वर्मा को तीसरा पुरस्कार मिला।

जैव विविधता दिवस के 25 वर्ष हुए पूरे-

अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के 25 साल पूरे होने पर इस बार संयुक्त राष्ट्र के निर्णयानुसार 25 साल – जैविक विविधता सम्मेलन – पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में इस अवसर पर कार्यशाला, सेमिनार, बैठक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान मुख्य संरक्षक शाहबाज अहमद, राजेश श्रीवास्तव, एमके सप्रा, जेके मोहन्ती, सुधीर कुमार, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निर्देशक डॉ. पंकज श्रीवास्तव सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विद्यार्थी उपस्थित थे। आभार डॉ. बकुल लाड ने प्रकट किया।

भारतमाला योजना: भोपाल-इंदौर के बीच बनेगा 6 लेन एक्सप्रेस-वे

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प्रतीकात्मक फोटो

एमपी में 5,987 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न

भोपाल। रडार न्यूज  केन्द्र सरकार की भारतमाला योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 5 हजार 987 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इस योजना में भोपाल-इंदौर 6 लेन एक्सप्रेस-वे और भोपाल बायपास की स्वीकृति भी दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बीपी सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चैहान ने निर्देश दिये कि सड़क निर्माण के कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में पूरे किये जायें।

जिला मार्गों का होगा उन्नयन-

बैठक में बताया गया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से प्रदेश के 1487 किलोमीटर राज्य राजमार्गों तथा 2365 किलोमीटर मुख्य जिला मार्गों का उन्नयन किया जायेगा। इसमें 6 हजार करोड़ रूपये व्यय किये जायेंगे। प्रदेश में सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा 13 हजार 166 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई गई हैं तथा 5 हजार 51 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का कार्य चल रहा है। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण इसी वर्ष अक्टूबर माह तक पूरा हो जायेगा। देवास बायपास का निर्माण कार्य चल रहा है। दमोह-जबलपुर और सागर-दमोह मार्ग की क्षमता वृद्धि और 2 लेन के प्रस्ताव बनाये जायेंगे।

सीएसआर पर खर्च होगें एक करोड़-

निगम द्वारा गत वर्ष कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी गतिविधि के तहत करीब एक करोड़ रूपये के कार्य किये गये हैं। इस वर्ष भी निगम द्वारा इतनी ही राशि से कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी गतिविधि के तहत किये जायेंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन केके सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण मोहम्मद सुलेमान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव खनिज नीरज मण्डलोई और सड़क विकास प्राधिकरण के प्रबंध संचालक डीपी आहूजा भी उपस्थित थे।

पन्ना के बाघों और जंगल की कौन करेगा सुरक्षा ?

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वन कर्मचारी संघ ने किया 24 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

पन्ना। रडार न्यूज पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों की तरह वेतन-भत्तों की मांग कर रहे वन कर्मचारी संघ की सरकार से वार्ता बेनतीजा रहने पर मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने 24 मई 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निणर्य लिया है। इस प्रांतव्यापी आंदोलन के तहत पन्ना में भी वन कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है। वन कर्मचारियों की हड़ताल इस बार ऐसे समय पर हो रही जब प्रदेश के कई जिलों में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है, जिसमें पन्ना भी शामिल है।

महीप कुमार रावत, जिलाध्यक्ष, वन कर्मचारी संघ पन्ना

वन कर्मचारी संघ पन्ना के अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने बताया कि 20 मई को भोपाल में हुई बैठक में लंबित मांगों के निराकरण को लेकर हड़ताल पर जाने के सामुहिक निर्णय से सभी वन कर्मचारियों को तत्परता से अवगत कराते हुए उनसे यह कहा गया था कि वे तेंदूपत्ता संग्रहण परिदान को तत्काल क्रेता को सौंप दें, ताकि उनके ऊपर किसी तरह की कोई जबाबदारी न रहे। ऐसा इस लिए कहा गया क्योंकि हड़ताल पर जाने की स्थिति में परिदान में कमी या गड़बड़ी होने के आरोप लगाकर वनकर्मियों से बाद में रिकवरी की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि वनकर्मियों के हड़ताल पर जाने से पन्ना सहित समूचे प्रदेश में बाघों, दूसरे वन्यप्राणियों और जंगलों की सुरक्षा कौन करेगा, यह महत्वपूर्ण सवाल फिलहाल अनुत्तरित है। शासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए क्या प्रबंध किये गये इसकी कोई जानकारी नहीं है। वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने 24 मई से प्रस्तावित हड़ताल के प्रभाव के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की हड़ताल आर-पार के संघर्ष जैसी होगी। जिसका व्यापक असर आने वाले दिनों में देखा जायेगा। दरअसल वर्तमान में तेंदूपत्ता संग्रहण के साथ-साथ संग्राहकों को बोनस वितरण और चरण पादुका आदि सामग्री वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं, हड़ताल शुरू होने पर उक्त सभी कार्य पूरी तरह ठप्प हो जाएगें। इसके अलावा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों को पानी की आपूर्ति भी बाधित होगी। श्री रावत ने बताया कि प्रदेश वन कर्मचारी संघ की बैठक में हड़ताल की रूपरेखा को लेकर यह निर्णय लिया गया है कि इस बार हड़ताल तभी समाप्त होगी, जब सरकार की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि हमारे मंच पर आकर लंबित मांगों का समयसीमा में निराकरण करने का आश्वासन देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी जायज मांगे जब तक पूरी नहीं होती, तब तक हम एकजुटता के साथ संघर्ष करते रहेंगे।

…जब राजीव ने कहा ”पन्ना का हीरा” तो दुनिया में प्रसिद्ध है !

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चित्र में राजीव गांधी के बायीं ओर खड़े दमोह-पन्ना के तत्कालीन सांसद डालचंद जैन और उनके ठीक बाजू में खड़े कांग्रेस नेता राममिशोर मिश्रा।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 27वें शहीदी दिवस पर ‘विशेष’

पन्ना। रडार न्यूज  सोमवार 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 27वें शहीदी दिवस पर देशभर में लोगों ने उनका पुण्य स्मरण करते हुए श्रृद्धांजलि दी गई। आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा और संचार क्रांति के अग्रदूत कहलाने वाले राजीव गांधी की आज के ही दिन वर्ष 1991 में तमिलनाडू के श्रीपेरंबदूर में भीषण बम धमाके में हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के वयोवृद्ध कांग्रेसी रामकिशोर मिश्रा ने अपने प्रिय नेता को याद करते हुए एक पुराना फोटो फेसबुक पर शेयर किया है। जिसे खूब पसंद किया जा रहा है। इस फोटो में वे तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ खड़े नजर आ रहे है। वर्ष 1987 में ली गई यह फोटो नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास के लाॅन की है। जिसमें राजीव गांधी पन्ना जिले के प्रतिनिधि मण्डल से भेंट कर रहे है। इस फोटो में दमोह-पन्ना संसदीय क्षेत्र के तत्कालीन सांसद व अपने जमाने के मध्यप्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता रहे डालचंद जैन श्री गांधी के ठीक बाजू में खड़े है। दरअसल उस समय पन्ना जिले की समस्याओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराने के लिए क्षेत्रीय सांसद डालचंद जैन के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली गया था। जिसमें रामकिशोर मिश्रा के अलावा एडवोकेट परशुराम गर्ग, भास्कर दीक्षित व डाॅ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के छात्र संघ अध्यक्ष भी शामिल रहे। श्री मिश्रा ने राजीव गांधी से अपनी यादगार मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उस समय दिल्ली का मौसम थोड़ा सर्द था। देश के प्रधानमंत्री और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से अपनी भेंट को लेकर उत्साहित हम सभी लोग ठीक 11 बजे प्रधानमंत्री आवास पहुंच गये। जहां हमें स्वागत् कक्ष में बैठाया गया। कुछ समय बाद एक कर्मचारी आया और उसने हम लोगों से लाॅन में चलने को कहा। जहां पहले से चंद लोग मौजूद थे। श्री मिश्रा बताते है कि राजीव जी से मुलाकात का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा था कि हमारी धड़कने तेज होने लगी थी। हमारे लिए यह अनुभव अविश्वासनीय-अकल्पनीय और अद्भुद था, कि हम प्रधानमंत्री आवास के अंदर खड़े है और चंद कदम की दूरी पर भवन के अंदर राजीव जी मौजूद है। हम अपनी भावनाओं को संभाल पाते कि तभी सामने की ओर से प्रधानमंत्री राजीव गांधी के रूप में रियल हीरो की इंट्री होती है। फिर क्या था उनके आकर्षक व्यक्तित्व और सौम्य मुस्क्रुराहट को लाॅन में मौजूद लोग कुछ समय के लिए बस देखते ही रह गये। राजीव जी ने सभी का अभिवादन किया। फिर एक-एक करके बड़ी ही सहजता, शालीनता और पूरे धैर्य के साथ लोगों से मिलते हुए उनकी बातें सुनने लगे। थोड़ी देर बाद राजीव जी जब हमारे पास आये तो हम लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनसे सीधे मुखातिब होना, उनके साथ खड़ा होना हमारे लिए किसी सपने का सच होने जैसा था। उनकी सरलता, विनम्रता और आत्मीयता देख यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि हम देश के प्रधानमंत्री के साथ खड़े है। कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा का कहना है कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार लम्हा था। जिसके बारे में सोचकर वे आज भी रोमांचित हो उठते है। श्री मिश्रा ने बताया कि प्रतिनिधि मण्डल के नेतृत्वकर्ता के नाते सांसद ‘दादा‘ डालचंद जैन ने हम लोगों का प्रधानमंत्री से परिचय कराया और फिर पन्ना की समस्याओं के संबंध में अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा। बात चल ही रही थी कि इस बीच मैंने राजीव जी से मुखातिब होते हुए कहा कि हमारे लिए यह क्षण अविस्मर्णीय है, हमारा सौभाग्य है कि हम देश के हीरे से मिल रहे है। इतना सुनते ही राजीव जी ने मुस्कुराते हुए कहा – ‘‘मैंने तो सुना है कि हीरे सिर्फ पन्ना में है। पन्ना में मिलने वाले हीरे नायाब होते है, जिनकी प्रसिद्धी तो पूरे दुनिया में है‘‘। देश के प्रधानमंत्री के इस शानदार जवाब ने पन्ना जिले के प्रतिनिधि मण्डल को और अधिक गर्व से भर दिया। श्री मिश्रा कहते है कि हीरों से जुड़ी पन्ना की पहचान पर हम सबको नाज है। शायद यही वजह है कि प्रधानमंत्री के मुंह से पन्ना की तारीफ में निकले शब्द आज भी उनके कानों में गूंज रहे है। उनका मानना है कि आज यदि राजीव गांधी जीवित होते तो निश्चित ही पन्ना जिले को वह मुकाम हांसिल होता जिसका वह हकदार है। बताते चलें कि पन्ना जिले के वयोवृद्ध कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा उन चुनिंदा नेताओं में शामिल है जोकि नेहरू-गांधी परिवार की चैथी पीढ़ी के नेतृत्व में पार्टी में सक्रिय है। उन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में हुए स्वतंत्रता संग्राम के उस ऐतिहासिक संघर्ष के अंतिम दिनों को देखा है। उनका मानना है कि राजीव गांधी को नियति के क्रूर हाथों ने यदि हमसे छीना नहीं होता तो आज भारत देश दुनिया का नेतृत्व कर रहा होता। संचार-सूचना क्रांति और तकनीक के मामले में हम विश्व में अग्रणी होते। श्री मिश्रा का कहना है कि राजीव गांधी उस व्यक्तित्व का नाम है जिसमें पण्डित जवाहर लाल नेहरू की दूरदृष्टि व इंदिरा गांधी की तरह जनहित-राष्ट्रहित से जुड़े फैसले लेने तथा उन्हें लागू करने में दृढ़ता-प्रतिबद्धता का गजब का समन्वय था।

जगन्नाथ मंदिर में ज्यादा चढ़ोत्री न चढ़ाने पर भक्त की पिटाई

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प्रतीकात्मक फोटो

मंदिर के कर्मचारियों ने छीनी सोने की चेन, पुलिस ने किया मामला दर्ज

भुवनेश्वर, एजेंसी। ओड़िशा के जगन्नाथपुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ के विश्व प्रसिद्ध मंदिर के परिसर में वहां के कर्मचारियों द्वारा एक भक्त के साथ मारपीट करने और सोने की चेन छुड़ाने का मामला सामने आया है। यह अप्रत्याशित घटना रविवार की है। पीड़ित चेतन जी का आरोप है कि मंदिर में ज्यादा चढ़ोत्री चढ़ाने मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। चेतन ने बताया कि जब हम वहां के कर्मचारियों द्वारा मांगे गए रूपयों को देने से इनकार करते हैं, तो हमें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस अधिकारी गोकुल रंजन दास ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे चेतन ने कहा- कितनी चढ़ोत्री चढ़ानी है यह भक्त की श्रद्धा पर निर्भर करता है। लेकिन, वे हमें अधिक से अधिक देने के लिए मजबूर करते हैं। पुलिस में की गई शिकायत में बताया गया- पंडितों को उनकी सेवा के लिए वेतन मिल रहा है लेकिन वे देवताओं के दर्शन के नाम पर भक्तों से भारी भरकम राशि मांगते हैं। खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र के ठाणे के निवासी चेतन जी। अमोलकर ने सिंहद्वार में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मंदिर परिसर में सेवकों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। ओड़िशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर के कर्मचारियों ने एक भक्त की पिटाई कर उसकी सोने की चेन छीन ली। पुलिस ने बताया कि घटना उस वक्त हुई जब भक्त ने प्रार्थना के लिए भारी चढ़ावा चढ़ाने से इनकार कर दिया।

गुजरात के राजकोट में दलित की पीट-पीटकर हत्या

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फैक्ट्री परिसर में कचरा बीनने के गया था मृतक

चोरी के संदेह पर फैक्ट्री के मालिक ने महिलाओं को भी पीटा

जिग्नेश बोले दलितों के लिए सुरक्षित नहीं है गुजरात

राजकोट, एजेंसी।  गुजरात के राजकोट में एक 40 वर्षीय दलित व्यक्ति को लोहे की राॅड से पीट-पीटकर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के मालिक ने चोरी के आरोप में दलित की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। गुजरात के युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने दलित की बेरहमी से पिटाई के वीडियो सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है। गुजरात के राजकोट में एक फैक्ट्री मालिक पर दलित को पीट पीटकर मार डालने का आरोप लगा है। वायरल हो रहे वीडियो में दलित युवक को दीवार से बांधकर कुछ लोग बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक ने पीड़ित को बांधकर रस्सी से पकड़ा है और दूसरा व्यक्ति लोहे के रॉड से उसकी पिटाई कर रहा है। बाद में फैक्ट्री का मालिक आता है और दलित की पिटाई कर रहे युवक के हाथ से रॉड लेकर खुद बेरहमी से दलित को पीटने लगता है।

महिलाओं को भी जानवरों की तरह पीटा-

पीड़ित का नाम मुकेश वान्या है। वीडियो सामने आने के बाद शापर वेरावल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक अखबार को बताया कि मुकेश वान्या 40 वर्ष, उसकी पत्नी और सविता नाम की एक अन्य महिला फैक्ट्री परिसर में कचरा बीन रहे थे तभी फैक्ट्री के कर्मचारियों ने उन पर हमला कर दिया। शापर के पीएसआई रमेश सिंधू ने बताया कि, कर्मचारियों ने दोनों महिलाओं को बेल्ट से पीटकर भगा दिया। इसके बाद वान्या को रस्सी से बांधकर लोहे के रॉड से उसकी पिटाई की। जानकारी के मुताबिक, कुछ देर में दोनों महिलाएं अपने रिश्तेदारों के साथ वान्या को छुड़ाने के लिए आईं। राजकोट सिविल अस्पताल ले जाते समय वान्या की मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों को बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही वान्या को मृत्यु हो गई थी।

परिजनों ने किया शव लेने से इंकार-

पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वान्या के परिजनों ने डेड बॉडी लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक तीनों आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक वह वान्या का शव लेकर नहीं जाएंगे।

‘‘गुजरात इज नॉट सेफ फॉर दलित‘‘-

युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने अपने ट्विटर हैंडल से वान्या की पिटाई के वीडियो को ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, इन अनुसूचित जाति के मुकेश वान्या की राजकोट में फैक्ट्री मालिकों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी। मेवाणी ने लिखा है, उनकी पत्नी को भी बुरी तरह से पीटा गया। उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा है ‘‘गुजरात इज नॉट सेफ फॉर दलित‘‘।

ऊना में भी हुई थी इसी तरह बर्बरता –

मालूम हो कि गुजरात के ऊना में वर्ष 2016 में भी दलितों के साथ बर्बरता की गई थी। तब कथित गौरक्षकों द्वारा दलितों की पिटाई करने का वीडियो सामने आया था। जिसके बाद पूरे देश में इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई थी। कुछ दिन पहले खबर आयी थी कि ऊना कांड के 4 पीड़ितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का ऐलान किया है। पीड़ित वशराम सर्वइया ने कहा कि केवल वह ही नहीं बल्कि अत्याचार के शिकार बाकी लोगों को भी बौद्ध धर्म अपनाने को कहेंगे।

जुआरी युवाओं का अर्धनग्‍न हालत में निकाला जुलूस

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प्रतीकात्‍मक फोटो

कोतवाली थाना पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल

पन्ना। रडार न्यूज राजनैतिक शून्यता वाले अतिपिछड़े पन्ना जिले में पुलिसिया अत्याचार और मनमानी सारी सीमाएं लांघ चुकी है। ताजा मामला जुआ खेलते पकड़े गये नवयुवकों का अर्धनग्न हालत में जुलूस निकालने का सामने आया है। सामान्य अपराध के आरोपियों के साथ बदमाशों और आदतन अपराधियों जैसा बर्ताव करने से कोतवाली थाना पन्ना पुलिस की तीखी आलोचना हो रही है। इस प्रचण्ड गर्मी में 45 डिग्री तापमान के बीच सिर्फ वर्दी के रौब की नुमाइश करने के लिये नवागत टीआई अरविंद कुजूर और उनकी टीम ने जुआ खेलने के आरोपी युवकों का आपत्तिजनक स्थिति में जुलूस निकाल कर जाने-अनजाने मानव अधिकारों का उल्लंघन किया है। यह घटनाक्रम रविवार दोपहर करीब 3 बजे का है। जब अपने ही कपड़ों से एक साथ बंधे युवकों को लेकर चल रही पुलिस टीम को जिसने भी देखा वह अचरज में पड़ गया। कुछ समय बाद लोगों को जब यह पता चला कि पकड़े गये युवक कोई शातिर अपराधी नहीं, उन्हें महज जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, तो लोग पुलिस की इस कार्रवाही की निंदा करने से खुद को रोक नहीं पाये।
            दरअसल पहली बार जुआ खेलते पकड़े गये युवकों के साथ पुलिस का इस तरह पेश आना आम लोगों रास नहीं आया। उल्लेखनीय है कि रविवार को पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला में बस स्टेण्ड जाने वाले मार्ग पर स्थित उलटी मुरलीवाले मंदिर के पास जुआ का फड़ जमे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना के नवागत टीआई अरविंद कुजूर ने दलबल के साथ दबिश देते हुए घेराबंदी कर 6 युवकों को कथिततौर पर जुआ खेलते रंगे हांथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि कुछ युवक भाग निकलने में सफल रहे। इस मामले में पकड़े गये आरोपियों में आशीष चैरसिया पिता गोविंद प्रसाद चैरसिया 26 वर्ष, प्रदीप राय पिता प्रीतम राय 18 वर्ष, नवीन कुमार तिवारी पिता सोमदत्त तिवारी 25 वर्ष, गौरव रैकवार पिता किशोर रैकवार 20 वर्ष, सोनू सिंह पिता दशरथ सिंह लोधी एवं रोहित सिंह महदेले पिता लखन सिंह महदेले 21 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने इनसे 6 हजार 200 रूपये और तांश की गड्डी जप्त की है।
           महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त सभी युवकों को बेहद ही अमानवीय तरीके से अर्धनग्न हालत में उनके ही कपड़ों से पीछे हांथ बांधकर एक साथ जुलूस की शक्ल में कोतवाली ले जाया गया। इनके आगे-पीछे कोतवाली थाना प्रभारी व पुलिसकर्मी और सबसे पीछे पुलिस का वाहन चल रहा था। सर्वविदित है कि जुआ जमानती अपराध है, जिसमें मुचलके पर जमानत का प्रावधान है। बावजूद इसके कोतवाली पुलिस ने पकड़े गये युवकों को पुनः प्रताड़ित करते हुए उन्हें थाना के लाॅकप के अंदर बंद कर दिया। महज 20-25 वर्ष की आयु वाले नवयुवकों के साथ पुलिस का यह बर्ताव उनके सुधार की दिशा में न होकर उन्हें अपराधी की तरह प्रस्तुत करने वाला माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रिया सुनाई दे रही है।
इनका कहना है…..
  • नवयुवकों को अर्धनग्न करके उनका अपराधियों की तरह जुलूस निकालना घोर अमानवीय और आपत्तिजनक है। जुआ खेलने के आरोप में पकड़े गये युवकों को इस तरह कोतवाली ले जाकर पुलिस ने खुद भी अपराध किया है। यह मामला मानव अधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। आयोग मित्र होने के नाते मानव अधिकार आयोग के संज्ञान में पुलिस के इस अत्याचार को लाया जायेगा। जुआ जैसे मामलों में नवयुवकों के पकड़े जाने पर पुलिस को सुधारात्मक कार्यवाही करनी चाहिये, लेकिन इस तरह सजा देना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
  • सुदीप श्रीवास्तव, आयोग मित्र, मानव अधिकार आयोग।
  • जुआ खेलना सामान्य अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें स्वयं के मुचलके पर थाना से ही जमानत का प्रावधान है। पुलिस से ऐसी उम्मीद की जाती है, कि वह अपराधियों के साथ सख्ती से पेश आये और सामान्य मामलों में उसका व्यवहार लचीला हो। महज जुआ खेलने के आरोपी नवयुवकों का अर्धनग्न हालत में जुलूस निकालना मानव अधिकारों के उल्लंघन के साथ साथ मानहानि के दायरे में आता है। पुलिस का यह कृत्य घोर निंदनीय है।
  • देवेन्द्र खरे, एडवोकेट पन्ना
  • जुलूस निकालने जैसा कोई मामला नहीं है, लड़के पेड़ के नीचे कपड़े उतार कर बैठे जुआ खेल रहे थे, उन्हें उसी हालत में कोतवाली लाया गया। बेशक जुआ कोई बड़ा अपराध नहीं है, लेकिन जुआ में रकम हारने के बाद कल यही लकड़े चोर बनकर किसी के यहां चोरी करते तो क्या होता।
  • अरविंद कुजूर, थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना।

 

पवित्र अग्नि में आहूति देकर 150 लोगों ने छोड़ा ‘नशा‘

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खोरा ग्राम में 51 कुण्डीय महायज्ञ का हुआ भव्य समापन

पन्ना। रडार न्यूज नशे की लत जिनकी जिंदगी बन चुकी थी, वे एक झटके में इससे तौबा कर लेगें यह सोचना भी मुश्किल था, लेकिन हकीकत में ऐसा हुआ है। जिसके गवाह सैकड़ों लोग बने है। दरअसल अजयगढ़ विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम खोरा में आयोजित 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पवित्र अग्नि में श्रृद्धापूर्वक आहूति देने के बाद 150 लोगों ने हमेशा के लिए सामाजिक बुराई रूपी नशे की लत को हमेशा के लिए छोड़ दिया। अच्छी बात यह है कि नशा छोड़ने वाले लोगों ने इसके दुष्परिणाम की जानकारी दूसरों को देकर उन्हें भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प स्वप्रेरणा से लिया है। महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार 20 मई को क्षेत्र के दर्जनभर ग्रामों के सैकड़ों लोगों ने सपरिवार इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर यज्ञ की वेदी में आहूति दी। इस अवसर पर ‘‘इदम् गायत्रीः इदम नमम्’’ का जाप करते हुए के साथ यज्ञ की पूर्णाहुती में लोगो ने शराब, बीडी, तम्बाकू, गुटखा, मांसाहार, त्यागने, गायत्री मंत्र का जप करने एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण करने का वचन लिया।

सबकी भलाई के लिए की गई प्रार्थना-

                 इस बृहद दीप महायज्ञ में हजारों दीपक एक साथ प्रज्जवलित कर पृथ्वी से अंधकाररूपी बुराईयों को मिटाने का संदेश  दिया गया। धार्मिक अनुष्ठान में गायत्री परिवार के सदस्य एवं बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डाॅ. रामकृष्ण कुसमरिया सपरिवार सम्मलित हुए। उनके द्वारा क्षेत्र के बुजुर्गो का सम्मान किया गया। महायज्ञ के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को प्रातःकाल योगासन का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही खोरा ग्राम को गायत्री परिवार का आदर्श ग्राम बनाने के लिए 10-10 युवाओं का चयन करते हुए प्रज्ञामण्डल का गठन किया गया है। जिन्हें शांतिकुंज हरिद्वारा में सम्मानपूर्वक अजीविका चलाने हेतु स्वरोजगार स्थापना के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। जिससे गांव के युवाओं को स्वावलम्बी बनने का अवसर प्राप्त होगा। महायज्ञ के समापन अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे अतिथि सूरत सिंह अमृते ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रतिदिन अपने घरों में बैलीवेश यज्ञ करना चाहिये जिसमें एक तांबे की प्लेट को गैस चूल्हें पर गुड़, घी और रोटी या चावल को पांच बार गायत्री मंत्र से छोटी छोटी आहुतियां देने से जल, अग्नि, वायु में पवित्रता आती है तथा घर में अध्यात्मिक वातावरण के साथ साथ भोजन प्रसाद बन जाता है। पूजा स्थलीय कलश में रखे जल से रोटी बनाकर खाने से साकारात्मक विचार आते है। अंत में ईश्वर से प्रार्थना की गई की सभी खुश रहे, निरोग रहे। यज्ञ के समापन में गांव के व्यक्तियों के साथ साथ रामधाम लोधी सरपंच खोरा द्वारा शांतिकुंज हरिद्वार की टोली का सम्मान कर विदाई की गई।

धमकी न दें मंत्री जी, वरना सत्ता से बाहर कर देगें !

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वित्त मंत्री के बयान से नाराज ग्राम रोजगार सहायकों ने दी कड़ी चेतावनी

सामूहिक मुण्डन कराकर जताया विरोध, जमकर की नारेबाजी 

पन्ना। रडार न्यूज नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायक 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। सभी जिलों में जनपद कार्यालयों के बाहर इस प्रचण्ड गर्मी में कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों की जायज मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तत्परता से निराकरण करने के बजाय प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने हड़ताली कर्मचारियों को उलटा धमकी भरे अंदाज में नौकरी से बाहर कर उनकी जगह पर दूसरे मजदूरों की भर्ती करने का बयान देकर रोजगार सहायकों के गुस्से को भड़का दिया है। वित्त मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा हो रही है और लगातार तीखी प्रतिक्रियायें आ रहीं है। ग्राम रोजगार सहायकों के साथ-साथ उनके परिजनों, विभिन्न कर्मचारी संगठनों और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे सीधी धमकी करार देते हुए तीखी आलोचना की है। इनका कहना है कि ग्राम स्तर पर योजनाओं को लागू करने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों ने उन्हें मिलने वाले अल्प मानदेय के मुद्दे पर कई बार प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया। लेकिन कोई कार्यवाई न होने के कारण ग्राम रोजगार सहायकों को हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करना आम आदमी और कर्मचारियों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनविरोधी सरकार के नुमांइदें इस तरह खुलेआम धमकी देकर आमजन के बुनियादी अधिकारों को कुचलना चाहते है। ग्राम रोजगार सहायक संघ पन्ना के मीडिया प्रभारी रामदास शर्मा अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हम लोग इस तरह की धमकियों से डरने या इनके आगे झुकने वाले नहीं है। इशारों-इशारों में वे कहते है कि आने वाले समय में वित्त मंत्री जयंत मलैया के इस बयान का माकूल जबाब उन्हें और उनकी पार्टी भाजपा को दिया जायेगा।

मुण्डन कराकर की नारेबाजी-

प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया द्वारा कटनी जिले के स्लीमनाबाद में ग्राम रोजगार सहायकों के धरना-प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उन्हें नौकरी से बाहर करते हुए दूसरे मजदूरों की भर्ती करने के धमकी भरे अंदाज वाले बयान को लेकर प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय पन्ना में जनपद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे जीआरएस द्वारा विरोध स्वरूप सामूहिक रूप से मुण्डन कराकर वित्त मंत्री और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

नियमितीकरण के बगैर सुरक्षित नहीं भविष्य-

ग्राम रोजगार सहायक संघ पन्ना के ब्लाॅक अध्यक्ष कृष्ण यादव का कहना है कि उनसे अल्प मानदेय पर बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जा रहा है। प्रदेश के दूसरे विभागों के कर्मचारियों की तरह यदि वे समान कार्य के लिए समान वेतन-भत्ते की मांग कर रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है। रोजगार सहायकों से जितना काम लिया जाता है उसके एवज में मिलने वाले मानदेय से मौजूदा मंहगाई के दौर में जीवन-यापन करना संभव नहीं है। नियमितीकरण के बगैर ग्राम रोजगार सहायकों की नौकरी और भविष्य सुरक्षित नहीं है। क्योंकि मामूली सी कमियों के कारण रोजगार सहायकों की सेवा सीधे समाप्त कर दी जाती है। श्री यादव का कहना है कि हमारी परेशानियों का सहानुभूतिपूर्वक निदान करने के बजाय नौकरी से बाहर करने की धमकी देने वाले वित्त मंत्री के बयान से प्रदेशभर के जीआरएस को गहरा दुःख पहुंचा है। इससे जाहिर होता है कि प्रदेश की सरकार मैदानी अमले की समस्याओं के निराकरण के प्रति कितनी असंवेदनशील है।

मोदीक्रेसी के फेल होने पर कांग्रेसियों ने मंदिर में चढ़ाया प्रसाद

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कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिरने पर मिठाई बांटकर मनाया जश्न

पन्ना। रडार न्यूज  शनिवार को कर्नाटक में भाजपा की सरकार महज तीन दिन के अंदर गिरने पर पन्ना में कांग्रेसियों ने जश्न मनाते हुए इसे लोकतंत्र की जीत और भाजपा के षड़यंत्र की हार बताया है। कर्नाटक की विधानसभा में चल रहे विश्वास मत के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा द्वारा बहुमत का नहीं होना स्वीकार करते हुये त्याग पत्र देने की घोषणा की गयी। टेलीविजन पर नजरे गढ़ाये कांग्रेस नेताओं के चेहरे खिल उठे और इसके बाद कांगे्रस के नेताओं द्वारा अपनी खुशियों का इजहार करने के लिये पन्ना शहर स्थित किशोर जी मंदिर के पास पहुंचने के लिये एक-दूसरे को सूचना दी गयी। जहां पर खुशियों का इजहार करते हुये कांग्रेस पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मिठाई खिलाकर और आतिशबाजी करते हुये कर्नाटक में भाजपा और राज्यपाल द्वारा रचे गये नाटक के पटाक्षेप पर खुशी जाहिर की है। इस मौके पर युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष दीपक तिवारी ने कहा कि भाजपा सत्ता के दबाव और धनबल के बाद भी सरकार नहीं बचा सकी, जिस तरह की खरीद फरोख्त और प्रलोभन दिये गये वह सभी असफल रहे। कुछ घंटे पहले तक 101 प्रतिशत जीत का दावा करने वाले भाजपा नेताओं के जब सारे हथकण्डे फेल हो गये तो बैकफुट पर आते ढ़ाई दिन के सीएम बीएस येद्दियुरप्पा को आखिरकार मजबूर होकर इस्तीफा देना पड़ा। येद्दियुरप्पा का इस्तीफा लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुमत वाले गठबंधन की जीत है। इस घटनाक्रम से आज देश की जनता में यह संदेश गया है कि अनैतिक तरीके से सत्ता नहीं बचायी जा सकती है। कर्नाटक में भाजपा की हार पर जश्न मनाने वालों में जिला पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष शिवजीत सिंह, शारदा पाठक, शशिकांत दीक्षित, बीएन जोशी, मनीष मिश्रा, मनोज सेन, वैभव थापक, स्वतंत्र अवस्थी, जीतू दीक्षित, चंदन रावत, डमरूलाल सेन, शहीद चच्चा, राजेन्द्र कुमार मिश्रा, अज्जू गर्ग, विमलेश सेन, हीरालाल विश्वकर्मा, अमित शर्मा, लोकेन्द्र यादव, मनीष कुशवाहा, पुनीत तिवारी, अक्षय तिवारी, प्रकाश मिश्रा, विनयकांत पाण्डेय, लोकेन्द्र सिंह, हर्ष राजा, भूपेन्द्र अहिरवार, बाबा गौतम, शाहबाज शालू खान, लक्ष्मी सेन सहित काफी लोग शामिल थे। कांग्रेसियों के जश्न मनाये जाने के बाद पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने भगवान जुगल किशोर के पट खुलते ही प्रसाद चढ़ाया एवं भक्तों के बीच में वितरित किया।