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एमपी में पुलिस के संरक्षण में चल रहा पशु तस्करी का धंधा!

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गौवंशीय पशुओं से भरे इसी ट्रक से वसूली को लेकर कटनी और पन्ना जिले की पुलिस के बीच हांथापाई हुई।

पशु तस्करों से वसूली को लेकर भिड़ी दो जिलों की पुलिस

पन्ना के शाहनगर थाना प्रभारी के साथ कटनी के आरक्षक ने की मारपीट

गौवंश का परिवहन कर रहे वाहन से वसूली को लेकर हुआ था विवाद

बदनामी के डर से जांच के नाम पर मामले को दबाने में जुटे पुलिस अधिकारी

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश अजब है-गजब है, यहाँ जो कुछ भी हो रहा है शायद वह कम ही है। गौवंशीय पशुओं के संरक्षण की दुहाई देने वाली शिवराज सरकार के राज में उनकी ही पुलिस के संरक्षण में पशु तस्करी का गोरखधंधा चल रहा है। गुरूवार की रात पन्ना और पड़ोसी जिले कटनी पुलिस के बीच पशु तस्करों से वसूली को लेकर हुआ विवाद इस बात का प्रमाण है। गौवंशीय पशुओं का परिवहन कर रहे ट्रक से इन्ट्री वसूली को लेकर दोनाेें जिलों के सीमावर्ती थानांे की पुलिस आपस में उलझ गई और देखते ही देखते उनके बीच मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली इस घटना में पन्ना के शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या के साथ कटनी जिले के कुठला थाना के आरक्षक अजय दुबे के ऊपर मारपीट करने के आरोप लग रहे है। वहीं कटनी पुलिस का कहना है कि शाहनगर थाना प्रभारी उनके क्षेत्र मेें आकर अपने पद का रौब दिखाते हुए गौवंश से भरे ट्रक को छोड़ने का अनुचित तरीके से दबाव डाल रहे थे, मना करने पर वह गालीं-गालौंज पर उतर आये।

वाहन छोड़ने से मना करने पर हुई हाथापाई

कटनी जिले के कुठला थाना में बैठे शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या।

कटनी पुलिस के अनुसार पन्ना जिले के शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या गुरूवार रात को मवेशियों से भरे एक ट्रक को छोड़ने के लिए अपने थाना क्षेत्र से लगी कटनी जिले की सीमा तक पहुंच गये। कटनी जिला सीमा प्रवेश पर कुठला थाना क्षेत्र है। जहां कुठला थाने का पुलिस बल रात्रि में चैकिंग प्वाइंट लगाकर वाहनों की चैकिंग कर रहा था। शाहनगर की ओर से आये मवेशियों से भरे ट्रक कमांक एचआर 73-0985 को कुठला पुलिस ने रोक लिया। वाहन चालक ने बातचीत करने के बाद किसी को फोन लगाया और चंद मिनट बाद ही डायल 100 वाहन से शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या मौके पर पहुंच गये। कथिततौर पर चैक पोस्ट पर वाहन को रोकने से नाराज श्री आठ्या स्थानीय पुलिसकर्मीयों पर बरस पड़े। आगबबूला टीआई को समझाने के लिए कुठला थाने के आरक्षक अजय दुबे ने बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन थाना प्रभारी किसी की सुनने को तैयार नहीं थे, जिसको लेकर हुये विवाद में मामला झूमाझटकी और हांथापाई तक पहुंच गया।

इंट्री शुल्क लेकर निकाल रहे थे वाहन-

उधर, पन्ना पुलिस का कहना है कि बीते कुछ दिनों से मवेशियों से भरे वाहनों को जिले की सीमा से निकालने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत थी कि पुलिस रूपये लेकर वाहनों को छोड़ रही है।

हंगामा बढ़ने पर कुठला थाना पहुंचे सीएसपी ने दोनों पक्षों को सुनकर विवाद की जानकारी ली।

कल रात शाहनगर थाना प्रभारी मुखबिर से मिली सूचना पर जब सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचे तो गौवंशीय पशुओं से भरे ट्रक से वसूली कर रहे कुछ लोग मौके से भाग खड़े हुए। पीछा करते हुए शाहनगर थाना प्रभारी पड़ोसी जिला कटनी के कुठला थाना के सीमा में पहुंच गये। जहां पर आरक्षक अजय दुबे ट्रक चालक से कथिततौर पर रूपये लेकर सीमा पार कराने का सौदा कर रहा था। श्री आठ्या को देखते ही वह सकते में आ गया। शाहनगर थाना प्रभारी ने जब उसे फटकार लगाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो दोनों के बीच विवाद हो गया। मामले के तूल पकड़ने पर आरक्षक ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुलाकर शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या के साथ मारपीट कर दी। दो जिलों की पुलिस की आपसी लड़ाई की खबर जब देर रात वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो इस घिनौने कृत्य से विभाग की बदमानी के डर से मामले की जांच का हवाला देते हुए इसे दबाने की कवायद शुरू हो गई। दोनों ही जिलों के अधिकारी इस मामले पर खुलकर कुछ बोलने के बजाय गोलमोल जबाब दे रहे है।

इनका कहना है-

‘‘शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल आठ्या के साथ कटनी के कुठला के आरक्षक द्वारा अभ्रदता की गई है। जहां तक मुझे मामले की जानकारी है, रात्रि में शाहनगर थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गौवंशीय पशुओं से भरे वाहन से वसूली कर रहे है। थाना प्रभारी जब मौके पर पहुंचे तो संदिग्ध व्यक्ति भाग खड़े हुए, जिनका पीछा करते हुए थाना प्रभारी कुठला थाने की सीमा पर पहुंच गये जहां यह विवाद हुआ। इस मामले की जांच कुठला थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पशुओं का परिवहन करने वाले वाहनों से इंट्री वसूली की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी ही दे सकते है।‘‘
                                                                       बी.के.एस परिहार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना।

गरीबों का गृह प्रवेश कराकर बांटे गैस कनेक्शन

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विकास यात्रा के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।

पवई विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में पहुंची विकास यात्रा

रैपुरा (पन्‍ना)। रडार न्‍यूज मध्यप्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तथा केन्द्र की नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा गांव-गांव विकास यात्रा निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश व केन्द्र की भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से जन-जन को अवगत कराना है। पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र के रैपुरा मण्डल अंतर्गत गुरूवार को पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में विकास यात्रा ने ग्राम बघवार, रूपझिर, रैपुरा, बागरौड़ आदि ग्रामों का भ्रमण किया। इस अवसर पर बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश सोनी प्रमुख रूप से यात्रा में शामिल रहे। भाजपा के प्रदेश मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी ग्रामों में लोगों से सीधे रूबरू होते हुए उन्हें बताया कि प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना चलाई जा रही है। पिछले वर्षों में किसानों से उपार्जित गेंहू की बोनस राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है। विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना चलाई जा रही है। गरीबों और किसानों को सस्ती दरों पर बिजली प्रदाय करने का निर्णय भी मुख्यमंत्री शिवराज  चौहान ने लिया है। श्री सिंह ने बताया कि केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गरीब बहिनों की आंखों से धुएं के आंसू पोंछने के लिए उज्जवला योजना अंतर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किये जा रहे है। बुविप्रा उपाध्यक्ष महेन्द्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चार वर्ष के शासनकाल में भारत की प्रतिष्ठा और गौरव अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। मोदी सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ा सिंकजा कसते हुए गरीबों का जीवन स्तर संवारने के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है। किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश सोनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों को स्वच्छ और निर्मल बनाने की यह योजना आज जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति के घरों में शौंचालय का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही गरीबों को सम्मानपूर्वक रहने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पक्की छत मुहैया कराई जा रही है। आपने कहा कि प्रदेश की शिवराज और केन्द्र की मोदी सरकार ने विकास और सेवा के नये प्रतिमान स्थापित किये है।

रूपझिर तक बनाओ नहर –

उज्जवला योजना के तहत् महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरित करते भाजपा नेता।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया गया। साथ ही उज्जवला योजना अंतर्गत महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किये गये। पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने विकास यात्रा पश्चात ग्रामीणों से उनकी समस्यायें सुनीं और मौके पर ही उनका निराकरण कराया गया। रूपझिर के ग्रामीणों द्वारा खेतों की सिंचाई हेतु अधूरी पड़ी इमलिया बांध की नहर का निर्माण कराने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया जिस पर श्री सिंह ने कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पवई से मोबाईल पर चर्चा करते हुए उन्हें वर्षाकाल के पश्चात रूपझिर तक नहर का निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिये। साथ ही कृषि की विद्युत लाईन को गांव के बाहर से निकालने हेतु कार्यपालन अभियंता ओपी सोनी से चर्चा की गई।

ये रहे उपस्थित-

रैपुरा मण्डल में विकास यात्रा में भ्रमण के दौरान किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष जागेश्वर शुक्ला, बीपी लोधी, मंडल अध्यक्ष राकेश जैन, गुड्डू चौबे, पूरन जमींदार, मंगल जमींदार, सुखराम लोधी, सुरेंद्र पाण्डेय, लखन साहू, युवा मोर्चा जिला मंत्री आशीष सोनी, मंडल अध्यक्ष अमित कुशवाहा, आईटी सेल सुमित, विक्की अग्रवाल, रूप चंद, हाकम यादव, गुड्डू यादव, तखत सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना से खुश हैं बुजुर्ग

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 भोपाल प्रदेश के हजारों बुजुर्ग मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ उठा रहे हैं और प्रदेश के बाहर स्थापित तीर्थ-स्थलों के दर्शन कर अपने आपको तृप्त महसूस कर रहे हैं, खुश हैं। देवास जिले के चंपालाल पटेल, बसंती बाई और देवकरण पटेल ने हाल ही में वैष्णों देवी तीर्थ-स्थल की यात्रा की। चंपालाल पटेल कहते हैं कि मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना से हमारा वो सपना पूरा हुआ, जो हम कभी सिर्फ सोचते थे। हम सौभाग्यशाली हैं कि बुढ़ापे में तीर्थ-दर्शन कर पा रहे हैं। महिला तीर्थ यात्री बसंती बाई वैष्णो देवी की यात्रा अपने पति के साथ कर रही हैं। बहुत खुश हैं कि इस यात्रा में उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 65 साल से ज्यादा उम्र के गैर-आयकरदाता तीर्थ-यात्रियों को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ मिलता है। इस योजना में 60 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति भी तीर्थ-दर्शन यात्रा के लिये पात्र हैं।

संबल योजना की निगरानी समिति में होगी महिलाओं की भागीदारी – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुका पहनाई।

छिन्दवाड़ा जिले के सिंगोड़ी में कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खुलेगा 

मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा जिले को दी 87 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात 

32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली 6 करोड़ 74 लाख बोनस राशि 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की भलाई के लिये क्रियान्वित मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना की पंचायत और वार्ड-स्तर पर सतत निगरानी की जायेगी। निगरानी का उद्देश्य होगा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति 5 सदस्यीय होगी और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जायेगी। श्री चौहान आज छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा नगर में तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में नीट की परीक्षा में सफल 13 विद्यार्थियों के साथ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर घोषणा की कि सिंगोड़ी में सरकारी कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खोली जायेगी। उन्होंने कहा कि शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या होने पर एमएससी पाठ्यक्रम की क्लासेस भी प्रारंभ करवाई जायेंगी। श्री चौहान ने नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके साथ फोटो निकलवाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हित-लाभ भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में छिन्दवाड़ा जिले में लगभग 87 करोड़ लागत के 21 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। करीब 32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 6 करोड़ 74 लाख रुपये बोनस राशि ऑनलाइन वितरित की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आये तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुकाएँ पहनाईं और पानी की कुप्पी भेंट की। महिला तेन्दूपत्ता संग्राहकों को साड़ियाँ भेंट की गईं। श्री चौहान ने सम्मेलन में गरीब, श्रमिक और किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संबल योजना में श्रमिकों के साथ-साथ गरीब तबके के अन्य वर्गों और ढाई एकड़ तक की भूमि के स्वामित्व वाले किसानों को भी लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना इन वर्गों को समाज की मुख्य-धारा से जोड़ेगी। सम्मेलन में राष्ट्रीय अनुसूचित-जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उईके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, महापौर श्रीमती कांता सदारंग, भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, विधायक सर्वश्री चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं. रमेश दुबे, नानाभाऊ मोहोड़ और नत्थन शाह कवरेती, महाकौशल विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष जैन, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में तेन्दूपत्ता संग्राहक, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

 

‘‘ताखौरी गैंगरेप काण्ड‘‘ के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

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आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

वसूली में व्यस्त पन्ना पुलिस सिर उठाने लगे बेखौफ अपराधी

रैपुरा/पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के ताखौरी गैंगरेप काण्ड के लगभग 72 घंटे बाद भी पुलिस वारदात में शामिल वहशी दरिंदों को गिरफतार नहीं कर पाई है। नामजद आधा दर्जन आरोपियों में अब तक एक की भी गिरफतारी न हो पाने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर जबरदस्त आक्रोश-असंतोष व्याप्त है। सभ्य समाज को झकझोर देने वाली इस घटना की ब्राह्मण समाज ने बेहद कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे के अंदर गिरफतारी न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल को रैपुरा में ज्ञापन सौंपते ब्राम्‍हण समाज के लोग

बढ़ते जनाक्रोश के बीच गैंगरेप के आरोपियों रामू यादव व राजेन्द्र यादव निवासी ग्राम किशुनपाटन एवं उनके चार दोस्तों संतोष यादव, बहादुर यादव, लालू यादव, राजाभईया यादव सभी निवासी ग्राम ताखौरी की धरपकड़ के प्रयास तेज करते हुए पुलिस की चार टीमें इस काम में जुटी है। आरोपियों के गिरफतारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक पुलिस को इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। मालूम हो कि वारदात के बाद कुछ आरोपियों के परिजन घरों में ताले लगाकर भूमिगत हो गये है। जबकि कुछ घरों में सिर्फ महिलायें ही मौजूद है। उधर 6 कामांध दरिंदों की हवश का शिकार बनी अनीता (परिर्विर्तत नाम) अभी भी उपचार हेतु कटनी जिला चिकित्सालय में भर्ती है। सूत्रों से पता चला है कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार होने की पुष्टि हुई है।

धरपकड़ में जुटी चार टीमें

पुलिस अधीक्षक ने गैंगरेप के अरोपियों की धरपकड़ के लिए पन्ना से खासतौर पर कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर, उप निरीक्षक अंजना दुबे एवं पवई से एसडीओपी बीएस परिहार के नेतृत्व में कुशल पुलिस आरक्षकों की अलग-अलग टीमें रैपुरा भेजी है। इसके अलावा रैपुरा थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस टीम पहले से ही आरोपियों की धरपकड़ हेतु चप्पे-चप्पे की खाक छानने में जुटी है। कुछ लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात के सामने आने के बाद पुलिस ने यदि तत्परता से कार्यवाही की होती तो आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिल पाता। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के ताखौरी गांव में 3 जून की मध्य रात्रि में अपने घर के आंगन में सोई अनीता 21 वर्ष का रंजिश के चलते सरपंच पुत्रों और उनके दोस्तों ने अपहरण कर बारी-बारी से उसकी आबरू को तार-तार किया था। इस सनसनीखेज वारदात के लगभग 24 घंटे बाद अनीता अचेत अवस्था में गांव में ही पड़ी मिली थी। 5 जून की देर रात रैपुरा स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार के बाद अनीता को बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी जिला कटनी रेफरल किया गया था। जहां के जिला चिकित्सालय में अभी भी उसका इलाज जारी है।

सक्रिय हुए अपराधी-

रेत खदानों और वाहनों से इण्ट्री वसूली में व्यस्त पन्ना पुलिस की लचरता के कारण अपराधी तेजी से सक्रिय हो गये है। पन्ना के गल्ला मण्डी के समीप हवाई फायर होना, गुनौर थाना अंतर्गत इमलिया के समीप राहगीर के साथ बदमाशों द्वारा कट्टे की नाेेंक पर लूटपाट करना और घर से युवती का अपहरण कर गैंगरेप की स्तब्ध कर देने वाली जघन्य घटनायें इस बात का प्रमाण है कि पन्ना में अपराधी बेखौफ हो चुके है। अभी ज्यादा समय नहीं हुआ जब कुछ माह पूर्व अमानगंज थाना अंतर्गत जिला बदर के कुख्यात आरोपी देवराज सिंह ने पुलिस के डायल 100 वाहन का उपयोग करते हुए एक युवती का अपहरण किया था।

अवैध खनन के मामले में बुन्देलखण्ड का बेल्लारी बना पन्ना

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प्रतीकात्‍मक फोटो

 खदान की लीज समाप्त फिर भी जारी है पत्थर खनन

कल्दा पठार में खुलेआम चल रहीं है अवैध पत्थर खदानें

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बहुमूल्य खनिज सम्पदा को पिछले कई सालाेें से शासन-प्रशासन के अघोषित संरक्षण मेें खुलेआम लूटा जा रहा है। अवैध खनन के मामले में बुन्देलखण्ड का बेल्लारी बन चुके इस जिले की हालत इतनी खराब है कि यहां पर हर तरफ अवैध उत्खनन चल रहा है। राजनेताओं-जनप्रतिनिधियों, माफियाआेें और प्रशासनिक अफसरों का भ्रष्ट गठबंधन रेत के लिए जहां नदी-नालों को खोखला कर रहा है, वहीं पत्थर-पटिया के लिए विंध्य पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों का सीना चीरा जा रहा है। सफेद हीरों के अवैध उत्खनन का काला कारोबार भी यहां अपने चरम पर है। अवैध खनन की रोकथाम को लेकर प्रशासन द्वारा समय-समय पर की जाने वाली कार्यवाही महज औपचारिकता तक सीमित होकर रह गई है। परिणामस्वरूप अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।

प्रतिदिन लगा रहे लाखों की चपत-

पन्ना जिले में खनन माफिया कितने हावी है इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के कल्दा पठार के जैतूपुरा, जनपुरा ग्रामों में स्थित जिन फर्शी पत्थर खदानांे की लीज काफी पहले समाप्त हो चुकी है उनसे अभी भी धड़ल्ले से प्रतिदिन 1 से 2 ट्रक पत्थर-पटिया निकाला जा रहा है। इसके अलावा इन दोनों ग्रामों में शासकीय भूमि, तालाब और निजी आराजी पर भी आधा दर्जन अवैध पत्थर खदानें चल रही है। खनन कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो श्रीमती रूपिन्द्रर कौर, तीरथ लोधी की ग्राम जैतूपुरा व राजकिशोर शर्मा एवं सुनील पाण्डेय की जनपुरा ग्राम में स्थित खदान की लीज कई माह पूर्व समाप्त हो चुकी है। इसकी जानकारी पवई-शाहनगर के राजस्व अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय खनिज निरीक्षक व जिला खनिज अधिकारी को भी है। लेकिन इसके बाद भी उक्त खदानों से प्रतिदिन लाखों रूपये मूल्य का फर्शी पत्थर निकालकर बेंचा जा रहा है। इससे शासन को दोहरी क्षति उठानी पड़ रही है। लीज समाप्ति के बावजूद फर्शी पत्थर खदानें संचालित होने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अघोषित तौर पर प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त पत्थर माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद है कि वे लीज समाप्ति वाली खदानों के साथ-साथ कई अवैध खदानें भी जैतूपुरा और जनपुरा में चला रहे है। इन खदानों के पत्थर का परिवहन अन्य खदानाेें के ई-पिटपास पर किया जा रहा है।

जानबूझकर अनदेखी कर रहे अधिकारी-

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कलेक्टर के निर्देश पर पवई तहसील क्षेत्र की खदानों की सीमांकन की कार्यवाही तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा की गई थी। इस दौरान कुछेक अवैध खदानें पकड़ी गई थी और उनमें मिले फर्शी पत्थर को जप्त कर तुड़वाया गया था। प्रशासन की इस हालिया कार्यवाही के बावजूद कल्दा पठार के जनपुरा और जैतूपुरा में अवैध पत्थर खदानें संचालित होने से यह बेहतर तरीके से समझा जाता है कि पन्ना में जिम्मेदार अधिकारी अवैध खनन को रोकने के लिए कितनी ईमानदारी से काम कर रहे है?

जैतूपुरा-जनपुरा की वे खदानें जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है-

पट्टेदार का नाम स्वीकृत खदान रकवा हे. लीज अवधि
राजकिशोर शर्मा  जनपुरा  2.00 16/10/07  से 15/10/17
तीरथ प्रसाद लोधी  जैतूपुरा  2.00 07/03/08  से 06/03/18
रामकुमार  जैतूपुरा 1.650 17/04/07   से 16/04/17
कुंजबिहारी पाण्डेय  जैतूपुरा  1.00  07/01/07  से 06/01/17
सुनील पाण्डेय जनपुरा  1.00 30/11/07   से 29/11/17
रूपिन्द्रर कौर  जैतूपुरा  1.25 31/01/08   से 30/01/18
मोहन देवी बागरी  जैतूपुरा  1.00 03/03/08   से 02/03/18
मदन पाण्डेय  जैतूपुरा  1.00  24/07/07   से 23/04/17

इनका कहना है-

‘‘पत्थर खदानों के सीमांकन के दौरान कई स्थानों पर संचालित मिली अवैध खदानों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। फिर भी यदि किसी स्थान पर अवैध खदानें चल रही हैं तो आप मुझे नाम वाट्सएप्प कर दें, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।‘‘
                                                                     -अभिषेक सिंह, एसडीएम पवई जिला पन्ना

पौधारोपण अभियान में लम्बी आयु वाले पौधों को दें प्राथमिकता

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उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में वटवृक्ष का पौधा लगाया।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने बीयू परिसर में किया सड़क डामरीकरण कार्य का शिलान्यास

भोपाल। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि 15 जुलाई से 15 अगस्त तक होने वाले पौधरोपण अभियान में ऑक्सीजन उत्सर्जन और लम्बी आयु वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाये। श्री पवैया आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में सड़कों के डामरीकरणध्नवीनीकरण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने परिसर में वट-वृक्ष का पौधा भी लगाया। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि पौधरोपण करने के बाद उसकों पालने और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में शुरू से ही हरियाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में भी हरियाली की चिन्ता की गई है। श्री पवैया ने कहा कि परिसर में आगामी अभियान के समय वट-वृक्ष और पीपल आदि सहित लम्बी आयु वाले पौधे लगाने की योजना बनाई जाये। उन्होंने कहा कि पीढ़ियाँ चली जाती हैं, लेकिन पेड़ सैकड़ों वर्षो से भी ज्यादा समय तक छांव एवं ऑक्सीजन देते रहते हैं। श्री पवैया ने वट-वृक्ष, पीपल और तुलसी के पौधों का महत्व भी समझाया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिसर में सड़कों के डामरीकरण और नवीनीकरण के काम गुणवत्ता पूर्ण हों। काम ऐसा हो कि कम से कम एक दशक तक सड़कों के मरम्मत की जरूरत नहीं पड़े। कुलपति प्रो. डी.सी.गुप्ता ने बताया कि परिसर में 12 किलो मीटर सड़क का डामरीकरण, चैड़ीकरण और नवीनीकरण किया जाएगा।

 

मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे प्रधानमंत्री

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ में असंगठित श्रमिकों सम्मेलन को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा तेन्दूपत्ता श्रमिकों को 23 लाख बोनस राशि वितरित

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे। श्री चौहान ने राजगढ़ जिला मुख्यालय में हुए अन्त्योदय सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा और कुंडालिया सिंचाई योजनाओं से राजगढ़ जिले में लगभग आठ लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से बांध से लगे क्षेत्रों की पेयजल समस्या भी समाप्त हो जायेगी।

जनपदों में 13 जून को होगें सम्मेलन-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ में असंगठित श्रमिकों सम्मेलन में योजनाओं में हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

श्री चौहान ने कहा कि 13 जून को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किये जायेंगे। योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने ने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति इस योजना में शामिल होने के लिये सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। ढाई एकड़ तक के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना में पात्र हितग्राहियों को आवासीय जमीन के पट्टे दिये जायेंगे। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सरकार राशि भी उपलब्ध करवाएगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में करीब साढ़े 37 लाख गरीब परिवार ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिये अच्छे घर नहीं हैं। ऐसे सभी परिवारों को चरणबद्व तरीके से आवास निर्माण के लिये आगामी चार साल में राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।

स्व-सहायता समूहों को मिला 3 करोड़ ऋण-

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में राजगढ़ जिले के 4436 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की 23 लाख 21 हजार रुपये बोनस राशि उनके खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। श्री चौहान ने 175 स्व-सहायता समूहों को रोजगार शुरू करने के लिये तीन करोड़ के बैंक ऋण वितरित किये। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजगढ़ जिले में 171.09 करोड़ के 12 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर सांसद रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी और कुवंर कोठार, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक, तेन्दूपत्ता संग्राहक और ग्रामीण उपस्थित थे।

इलाज के आभाव में नवयुवक की मौत, शराब के नशे में था डाॅक्टर !

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चक्काजाम के चलते मोहन्द्रा में सड़क के दोनों ओर जमा भीड़भाड़ ।

 

 

जवान बेटे की मौत पर आक्रोशित दलित समाज ने किया चक्काजाम

डॉक्टर का मेडिकल चेकअप कराने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

मोहन्द्रा। रडार न्यूज़  पन्ना जिले के मोहन्द्रा क़स्बा में एक दलित युवक को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में समय पर समुचित इलाज ना मिलने से उसकी असमय मौत हो गयी। मृतक के परिजनों का आरोप है की जब वे मनीष को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे तो वहाँ तैनात डाॅक्टर शराब के नशे में था। खून की उल्टी कर रहे मनीष चौधरी की उपचार के आभाव में मौत होने से आक्रोशित परिजनों व दलित समाज के लोगों ने चक्काजाम लगा दिया। जिससे काफी देर तक स्तिथि तनावपूर्ण बनी रही । डॉक्टर का मेडिकल चेकअप कराने की मांग पर अड़े परिजन पुलिस की समझाइश के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए बमुश्किल राजी हुए। तब कहीं जाकर हालात सामान्य हो सके। प्राप्त जानकारी अनुसार राजमिस्त्री का कार्य करने बाले आशाराम चौधरी का अठारह वर्षीय पुत्र मनीष चौधरी आज सुबह शौंच के लिये बाहर गया था। लौटते समय रास्ते में उसे खून की उल्टी हुई। और उसकी हालत बिगड़ गई सूचना मिलने पर उसके परिजन उपचार के लिये उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन्द्रा लेकर आये। जहां उन्होनें मरीज के गंभीर हालत में होने की सूचना चिकित्सा प्रभारी मोहन्द्रा को दी। लेकिन आये दिन मरीजों से दुर्व्यवहार करने और ड्यूटी के समय शराब के नशे रहने वाले डाॅक्टर ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।

डाॅक्टर की घोर लापरवाही से जवान बेटे की मौत होने के ग़म में बिलखते परिजन ।

परिणामस्वरुप थोड़ी ही देर में नवयुवक की मौत हो गई। तब कुछेक लोगों ने डाॅक्टर से उनके द्वारा बरती गई लापरवाही के लिये उलाहना दिया तो डाॅक्टर साहब उल्टा भड़क गए और मृतक के परिजनों सहित वहां मौजूद सभी लोगों को खरी खोटी सुना दी। जवान बेटे की मौत के मातम के बीच लापरवाह डाॅक्टर द्वारा अभद्रता किये जाने के बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साये परिजनों ने इसके बाद समाजजनों के साथ मिलकर सड़क में जाम लगा दिया। आक्रोशित लोग डाॅक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। मृतक के परिजन शराबी डाॅक्टर का मेडिकल परीक्षण कराने के उपरांत कार्यवाही पर अड़े थे। देखते ही देखते सड़क में भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि चौकी प्रभारी मोहन्द्रा के समझाने के बाद जाम तो खुल गया। पर करीब दो घंटे तक कस्बे की स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। स्थानीय पुलिस चौकी के प्रभारी द्वारा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने आसपास के थानों से भारी पुलिस बल बुला लिया। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में दाह संस्कार कराकर माहौल को शांत किया। लेकिन इतना सब होने के बाद भी कथिततौर पर शराब के नशे में रहे डाॅक्टर का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया ।

 

पीएचई मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 2 की मौत, 25 बीमार

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डायरिया से मृत महिला का शव रखकर बैलगाड़ी में ले जाते परिजन।

दलित बस्ती के हैण्डपम्प का पानी न पीना पड़े इस चक्कर में कुएं का दूषित पानी पीकर बीमार पड़े सवर्ण

पन्ना जिले के दूरस्थ ग्राम लोढ़ापुरवा में डायरिया का प्रकोप

रिजवान खान, अजयगढ़/पन्ना। रडार न्यूज अशिक्षा और जागरूकता के आभाव में बुन्देलखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंच-नीच व छुआछूत रूपी समाजिक बुराई की जड़े काफी गहरी है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के सीमावर्ती ग्राम लोढ़ापुरवा की दलित बस्ती में लगे हैण्डपम्प का पानी पीने से परहेज करते हुए गांव के ब्राह्मण परिवारों ने दूषित कुएं का पानी पीना उचित समझा। परिणामस्वरूप उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते रात्रि में गांव की दो महिलाओं की असमय मौत हो गई। जबकि दो दर्जन व्यक्ति बीमार बताये जा रहे है। दूषित पानी पीने के कारण डायरिया से हुई मौतों की यह घटना मध्यप्रदेश के पीएचई विभाग की मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले के निर्वाचन क्षेत्र पन्ना की है।

अजयगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र में जारी है इलाज-

डायरिया के प्रकोप की खबर को बुधवार सुबह क्षेत्रीय मीडियाकर्मियों द्वारा दिखाने के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम और अजयगढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन ग्राम लोढ़ापुरवा पहुंचकर हालात का जायजा लिया। कुएं का दूषित पानी पीने से लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत के कारण देवरती रावत पत्नी राजा भईया रावत 70 वर्ष एवं वंदना पिता रामदेव रावत 22 वर्ष की मौत हो गई। टीम के साथ लोढ़ापुरवा पहुंचे डाॅक्टर केपी राजपूत ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार रचना रावत 17 वर्ष, दीनदयाल रावत 7 वर्ष, श्याम बिहारी 65 वर्ष, अभिलाषा रावत 18 वर्ष, राज रावत 13 वर्ष, सुखदेव बिहारी 50 वर्ष को समुचित उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। इसके अलावा माया रावत, रामदेव रावत और गगन रावत का इलाज पड़ोसी जिला बांदा के नरैनी में चल रहा है। अजयगढ़ बीएमओ डाॅ. राजपूत ने बताया कि अनुपम रावत 27 वर्ष, भगवतदीन रावत 50 वर्ष व रामखिलावन रावत की हालत सामान्य होने पर उन्हें गांव में ही प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया है।

शुरू नहीं हो पाई नलजल योजना-

अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल और बीएमओ ने उस कुएं को भी देखा जिसका पानी पीने से कथिततौर पर ग्रामीण बीमार पड़े। कुआं में पानी काफी कम होने से वह दूषित हो चुका था। मालूम हो कि उक्त कुआं ग्राम लोढ़ापुरवा के रावत मोहल्ले में स्थित है जबकि नजदीकी हैण्डपम्प दलित मोहल्ले में लगा है। ब्राह्मण समाज के लोग अपने ही मोहल्ले के कुएं का पानी पीते है। अघोषित तौर पर वे छुआछूत के चलते दलित बस्ती के हैण्डपम्प के पानी का उपयोग नहीं करते है। डायरिया के प्रकोप से मौत होने और कई लोगों के बीमार पढ़ने से क्षेत्र में इस तरह की चर्चांये व्याप्त है। इनमें कितनी सत्यता है यह तो लोढ़ापुरवा के ब्राह्मण समाज के लोग ही बेहतर जानते है। मालूम होकि वर्तमान में लोढ़ापुरवा ग्राम में चार हैण्डपम्प चालू बताये जा रहे है और तीन कुओं में भी पानी उपलब्ध है। गांव में नलजल योजना निर्मित है लेकिन अब तक वह चालू नहीं हो पाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस कुएं से लोग बीमार पड़े उसी कुएं से नलजल योजना की सप्लाई की जानी प्रस्तावित है।

सूखा के चलते गहराया जल संकट-

सर्वविदित है कि अल्पवर्षा के कारण बुन्देलखण्ड अंचल का पन्ना जिला इस वर्ष भीषण सूखे का सामना कर रहा है। गांव-गांव तेजी से जल स्त्रोत सूखने अथवा उनका जल स्तर पाताल की ओर खिसकने से पानी को लेकर हा-हाकार मचने लगी है। समूचे मध्यप्रदेश को पेयजल मुहैया कराने की जवाबदारी जिस लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिम्मे है उसकी मंत्री का निर्वाचन क्षेत्र पन्ना सहित समूचा जिला गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। बिडम्बना यह है कि पीएचई विभाग के अधिकारी बुन्देलखण्ड में पेयजल आपूर्ती व्यवस्था बनाये रखने के लिए सतत् निगरानी का दावा कर रहे है। पर जमीनी हकीकत यह है कि इस मुश्किल समय में पेयजल संबंधी समस्याओं का निदान नहीं हो पाने से लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है अथवा वे दूषित पानी पीने को मजबूर है।

इनका कहना है-
‘‘स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मैं स्वयं ग्राम लोढ़ापुरवा गया था। उल्टी-दस्त के कारण दो महिलाओं की मौत हुई है, जिनमें एक वृद्धा थी दूसरी मानसिक रूप से विकलांग थी। लोढ़ापुरवा में चार हैण्डपम्प स्थित है जोकि वर्तमान में चालू है। ग्रामीणों को उक्त कुएं का पानी न पीने की समझाईस दी गई। कुएं के पानी की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपचार कराने के बाद गांव में स्थिति सामान्य है।‘‘
                                                        – जेएस बघेल, एसडीएम अजयगढ़ जिला पन्ना।
   ‘‘गांव की नलजल योजना फिलहाल चालू नहीं है। ग्रामीण कुएं और हैण्डपम्पों का पानी पीते है। ब्राम्हण समाज के लोग दलित बस्ती में लगे हैण्डपम्प का पानी उपयोग करने से कतराते है। जिसके कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है।‘‘
-डाॅ. केपी राजपूत, बीएमओ अजयगढ़
-‘‘उल्टी-दस्त से पीड़ित दो महिलाओं की लोढ़ापुरवा में मौत हुई है। जबकि दर्जनभर व्यक्ति बीमार है। इनमें से कुछ लोगों को इलाज हेतु अजयगढ़ लाकर स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। मैं स्वयं लोढ़ापुरवा जा रहा हूं। वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के बाद ही विस्तारपूर्वक कुछ बता पाऊंगा।‘‘
                                                             -डाॅ. एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।