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संबल योजना की निगरानी समिति में होगी महिलाओं की भागीदारी – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुका पहनाई।

छिन्दवाड़ा जिले के सिंगोड़ी में कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खुलेगा 

मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा जिले को दी 87 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात 

32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली 6 करोड़ 74 लाख बोनस राशि 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की भलाई के लिये क्रियान्वित मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना की पंचायत और वार्ड-स्तर पर सतत निगरानी की जायेगी। निगरानी का उद्देश्य होगा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति 5 सदस्यीय होगी और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जायेगी। श्री चौहान आज छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा नगर में तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में नीट की परीक्षा में सफल 13 विद्यार्थियों के साथ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर घोषणा की कि सिंगोड़ी में सरकारी कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खोली जायेगी। उन्होंने कहा कि शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या होने पर एमएससी पाठ्यक्रम की क्लासेस भी प्रारंभ करवाई जायेंगी। श्री चौहान ने नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके साथ फोटो निकलवाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हित-लाभ भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में छिन्दवाड़ा जिले में लगभग 87 करोड़ लागत के 21 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। करीब 32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 6 करोड़ 74 लाख रुपये बोनस राशि ऑनलाइन वितरित की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आये तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुकाएँ पहनाईं और पानी की कुप्पी भेंट की। महिला तेन्दूपत्ता संग्राहकों को साड़ियाँ भेंट की गईं। श्री चौहान ने सम्मेलन में गरीब, श्रमिक और किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संबल योजना में श्रमिकों के साथ-साथ गरीब तबके के अन्य वर्गों और ढाई एकड़ तक की भूमि के स्वामित्व वाले किसानों को भी लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना इन वर्गों को समाज की मुख्य-धारा से जोड़ेगी। सम्मेलन में राष्ट्रीय अनुसूचित-जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उईके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, महापौर श्रीमती कांता सदारंग, भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, विधायक सर्वश्री चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं. रमेश दुबे, नानाभाऊ मोहोड़ और नत्थन शाह कवरेती, महाकौशल विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष जैन, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में तेन्दूपत्ता संग्राहक, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

 

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‘‘ताखौरी गैंगरेप काण्ड‘‘ के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

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आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

वसूली में व्यस्त पन्ना पुलिस सिर उठाने लगे बेखौफ अपराधी

रैपुरा/पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के ताखौरी गैंगरेप काण्ड के लगभग 72 घंटे बाद भी पुलिस वारदात में शामिल वहशी दरिंदों को गिरफतार नहीं कर पाई है। नामजद आधा दर्जन आरोपियों में अब तक एक की भी गिरफतारी न हो पाने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर जबरदस्त आक्रोश-असंतोष व्याप्त है। सभ्य समाज को झकझोर देने वाली इस घटना की ब्राह्मण समाज ने बेहद कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे के अंदर गिरफतारी न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल को रैपुरा में ज्ञापन सौंपते ब्राम्‍हण समाज के लोग

बढ़ते जनाक्रोश के बीच गैंगरेप के आरोपियों रामू यादव व राजेन्द्र यादव निवासी ग्राम किशुनपाटन एवं उनके चार दोस्तों संतोष यादव, बहादुर यादव, लालू यादव, राजाभईया यादव सभी निवासी ग्राम ताखौरी की धरपकड़ के प्रयास तेज करते हुए पुलिस की चार टीमें इस काम में जुटी है। आरोपियों के गिरफतारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक पुलिस को इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। मालूम हो कि वारदात के बाद कुछ आरोपियों के परिजन घरों में ताले लगाकर भूमिगत हो गये है। जबकि कुछ घरों में सिर्फ महिलायें ही मौजूद है। उधर 6 कामांध दरिंदों की हवश का शिकार बनी अनीता (परिर्विर्तत नाम) अभी भी उपचार हेतु कटनी जिला चिकित्सालय में भर्ती है। सूत्रों से पता चला है कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार होने की पुष्टि हुई है।

धरपकड़ में जुटी चार टीमें

पुलिस अधीक्षक ने गैंगरेप के अरोपियों की धरपकड़ के लिए पन्ना से खासतौर पर कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर, उप निरीक्षक अंजना दुबे एवं पवई से एसडीओपी बीएस परिहार के नेतृत्व में कुशल पुलिस आरक्षकों की अलग-अलग टीमें रैपुरा भेजी है। इसके अलावा रैपुरा थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस टीम पहले से ही आरोपियों की धरपकड़ हेतु चप्पे-चप्पे की खाक छानने में जुटी है। कुछ लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात के सामने आने के बाद पुलिस ने यदि तत्परता से कार्यवाही की होती तो आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिल पाता। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के ताखौरी गांव में 3 जून की मध्य रात्रि में अपने घर के आंगन में सोई अनीता 21 वर्ष का रंजिश के चलते सरपंच पुत्रों और उनके दोस्तों ने अपहरण कर बारी-बारी से उसकी आबरू को तार-तार किया था। इस सनसनीखेज वारदात के लगभग 24 घंटे बाद अनीता अचेत अवस्था में गांव में ही पड़ी मिली थी। 5 जून की देर रात रैपुरा स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार के बाद अनीता को बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी जिला कटनी रेफरल किया गया था। जहां के जिला चिकित्सालय में अभी भी उसका इलाज जारी है।

सक्रिय हुए अपराधी-

रेत खदानों और वाहनों से इण्ट्री वसूली में व्यस्त पन्ना पुलिस की लचरता के कारण अपराधी तेजी से सक्रिय हो गये है। पन्ना के गल्ला मण्डी के समीप हवाई फायर होना, गुनौर थाना अंतर्गत इमलिया के समीप राहगीर के साथ बदमाशों द्वारा कट्टे की नाेेंक पर लूटपाट करना और घर से युवती का अपहरण कर गैंगरेप की स्तब्ध कर देने वाली जघन्य घटनायें इस बात का प्रमाण है कि पन्ना में अपराधी बेखौफ हो चुके है। अभी ज्यादा समय नहीं हुआ जब कुछ माह पूर्व अमानगंज थाना अंतर्गत जिला बदर के कुख्यात आरोपी देवराज सिंह ने पुलिस के डायल 100 वाहन का उपयोग करते हुए एक युवती का अपहरण किया था।

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अवैध खनन के मामले में बुन्देलखण्ड का बेल्लारी बना पन्ना

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प्रतीकात्‍मक फोटो

 खदान की लीज समाप्त फिर भी जारी है पत्थर खनन

कल्दा पठार में खुलेआम चल रहीं है अवैध पत्थर खदानें

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बहुमूल्य खनिज सम्पदा को पिछले कई सालाेें से शासन-प्रशासन के अघोषित संरक्षण मेें खुलेआम लूटा जा रहा है। अवैध खनन के मामले में बुन्देलखण्ड का बेल्लारी बन चुके इस जिले की हालत इतनी खराब है कि यहां पर हर तरफ अवैध उत्खनन चल रहा है। राजनेताओं-जनप्रतिनिधियों, माफियाआेें और प्रशासनिक अफसरों का भ्रष्ट गठबंधन रेत के लिए जहां नदी-नालों को खोखला कर रहा है, वहीं पत्थर-पटिया के लिए विंध्य पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों का सीना चीरा जा रहा है। सफेद हीरों के अवैध उत्खनन का काला कारोबार भी यहां अपने चरम पर है। अवैध खनन की रोकथाम को लेकर प्रशासन द्वारा समय-समय पर की जाने वाली कार्यवाही महज औपचारिकता तक सीमित होकर रह गई है। परिणामस्वरूप अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।

प्रतिदिन लगा रहे लाखों की चपत-

पन्ना जिले में खनन माफिया कितने हावी है इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के कल्दा पठार के जैतूपुरा, जनपुरा ग्रामों में स्थित जिन फर्शी पत्थर खदानांे की लीज काफी पहले समाप्त हो चुकी है उनसे अभी भी धड़ल्ले से प्रतिदिन 1 से 2 ट्रक पत्थर-पटिया निकाला जा रहा है। इसके अलावा इन दोनों ग्रामों में शासकीय भूमि, तालाब और निजी आराजी पर भी आधा दर्जन अवैध पत्थर खदानें चल रही है। खनन कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो श्रीमती रूपिन्द्रर कौर, तीरथ लोधी की ग्राम जैतूपुरा व राजकिशोर शर्मा एवं सुनील पाण्डेय की जनपुरा ग्राम में स्थित खदान की लीज कई माह पूर्व समाप्त हो चुकी है। इसकी जानकारी पवई-शाहनगर के राजस्व अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय खनिज निरीक्षक व जिला खनिज अधिकारी को भी है। लेकिन इसके बाद भी उक्त खदानों से प्रतिदिन लाखों रूपये मूल्य का फर्शी पत्थर निकालकर बेंचा जा रहा है। इससे शासन को दोहरी क्षति उठानी पड़ रही है। लीज समाप्ति के बावजूद फर्शी पत्थर खदानें संचालित होने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अघोषित तौर पर प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त पत्थर माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद है कि वे लीज समाप्ति वाली खदानों के साथ-साथ कई अवैध खदानें भी जैतूपुरा और जनपुरा में चला रहे है। इन खदानों के पत्थर का परिवहन अन्य खदानाेें के ई-पिटपास पर किया जा रहा है।

जानबूझकर अनदेखी कर रहे अधिकारी-

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कलेक्टर के निर्देश पर पवई तहसील क्षेत्र की खदानों की सीमांकन की कार्यवाही तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा की गई थी। इस दौरान कुछेक अवैध खदानें पकड़ी गई थी और उनमें मिले फर्शी पत्थर को जप्त कर तुड़वाया गया था। प्रशासन की इस हालिया कार्यवाही के बावजूद कल्दा पठार के जनपुरा और जैतूपुरा में अवैध पत्थर खदानें संचालित होने से यह बेहतर तरीके से समझा जाता है कि पन्ना में जिम्मेदार अधिकारी अवैध खनन को रोकने के लिए कितनी ईमानदारी से काम कर रहे है?

जैतूपुरा-जनपुरा की वे खदानें जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है-

पट्टेदार का नाम स्वीकृत खदान रकवा हे. लीज अवधि
राजकिशोर शर्मा  जनपुरा  2.00 16/10/07  से 15/10/17
तीरथ प्रसाद लोधी  जैतूपुरा  2.00 07/03/08  से 06/03/18
रामकुमार  जैतूपुरा 1.650 17/04/07   से 16/04/17
कुंजबिहारी पाण्डेय  जैतूपुरा  1.00  07/01/07  से 06/01/17
सुनील पाण्डेय जनपुरा  1.00 30/11/07   से 29/11/17
रूपिन्द्रर कौर  जैतूपुरा  1.25 31/01/08   से 30/01/18
मोहन देवी बागरी  जैतूपुरा  1.00 03/03/08   से 02/03/18
मदन पाण्डेय  जैतूपुरा  1.00  24/07/07   से 23/04/17

इनका कहना है-

‘‘पत्थर खदानों के सीमांकन के दौरान कई स्थानों पर संचालित मिली अवैध खदानों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। फिर भी यदि किसी स्थान पर अवैध खदानें चल रही हैं तो आप मुझे नाम वाट्सएप्प कर दें, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।‘‘
                                                                     -अभिषेक सिंह, एसडीएम पवई जिला पन्ना

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पौधारोपण अभियान में लम्बी आयु वाले पौधों को दें प्राथमिकता

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उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में वटवृक्ष का पौधा लगाया।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने बीयू परिसर में किया सड़क डामरीकरण कार्य का शिलान्यास

भोपाल। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि 15 जुलाई से 15 अगस्त तक होने वाले पौधरोपण अभियान में ऑक्सीजन उत्सर्जन और लम्बी आयु वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाये। श्री पवैया आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में सड़कों के डामरीकरणध्नवीनीकरण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने परिसर में वट-वृक्ष का पौधा भी लगाया। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि पौधरोपण करने के बाद उसकों पालने और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में शुरू से ही हरियाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में भी हरियाली की चिन्ता की गई है। श्री पवैया ने कहा कि परिसर में आगामी अभियान के समय वट-वृक्ष और पीपल आदि सहित लम्बी आयु वाले पौधे लगाने की योजना बनाई जाये। उन्होंने कहा कि पीढ़ियाँ चली जाती हैं, लेकिन पेड़ सैकड़ों वर्षो से भी ज्यादा समय तक छांव एवं ऑक्सीजन देते रहते हैं। श्री पवैया ने वट-वृक्ष, पीपल और तुलसी के पौधों का महत्व भी समझाया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिसर में सड़कों के डामरीकरण और नवीनीकरण के काम गुणवत्ता पूर्ण हों। काम ऐसा हो कि कम से कम एक दशक तक सड़कों के मरम्मत की जरूरत नहीं पड़े। कुलपति प्रो. डी.सी.गुप्ता ने बताया कि परिसर में 12 किलो मीटर सड़क का डामरीकरण, चैड़ीकरण और नवीनीकरण किया जाएगा।

 

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मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे प्रधानमंत्री

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ में असंगठित श्रमिकों सम्मेलन को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा तेन्दूपत्ता श्रमिकों को 23 लाख बोनस राशि वितरित

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे। श्री चौहान ने राजगढ़ जिला मुख्यालय में हुए अन्त्योदय सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा और कुंडालिया सिंचाई योजनाओं से राजगढ़ जिले में लगभग आठ लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से बांध से लगे क्षेत्रों की पेयजल समस्या भी समाप्त हो जायेगी।

जनपदों में 13 जून को होगें सम्मेलन-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ में असंगठित श्रमिकों सम्मेलन में योजनाओं में हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

श्री चौहान ने कहा कि 13 जून को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किये जायेंगे। योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने ने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति इस योजना में शामिल होने के लिये सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। ढाई एकड़ तक के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना में पात्र हितग्राहियों को आवासीय जमीन के पट्टे दिये जायेंगे। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सरकार राशि भी उपलब्ध करवाएगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में करीब साढ़े 37 लाख गरीब परिवार ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिये अच्छे घर नहीं हैं। ऐसे सभी परिवारों को चरणबद्व तरीके से आवास निर्माण के लिये आगामी चार साल में राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।

स्व-सहायता समूहों को मिला 3 करोड़ ऋण-

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में राजगढ़ जिले के 4436 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की 23 लाख 21 हजार रुपये बोनस राशि उनके खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। श्री चौहान ने 175 स्व-सहायता समूहों को रोजगार शुरू करने के लिये तीन करोड़ के बैंक ऋण वितरित किये। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजगढ़ जिले में 171.09 करोड़ के 12 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर सांसद रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी और कुवंर कोठार, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक, तेन्दूपत्ता संग्राहक और ग्रामीण उपस्थित थे।

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इलाज के आभाव में नवयुवक की मौत, शराब के नशे में था डाॅक्टर !

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चक्काजाम के चलते मोहन्द्रा में सड़क के दोनों ओर जमा भीड़भाड़ ।

 

 

जवान बेटे की मौत पर आक्रोशित दलित समाज ने किया चक्काजाम

डॉक्टर का मेडिकल चेकअप कराने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

मोहन्द्रा। रडार न्यूज़  पन्ना जिले के मोहन्द्रा क़स्बा में एक दलित युवक को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में समय पर समुचित इलाज ना मिलने से उसकी असमय मौत हो गयी। मृतक के परिजनों का आरोप है की जब वे मनीष को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे तो वहाँ तैनात डाॅक्टर शराब के नशे में था। खून की उल्टी कर रहे मनीष चौधरी की उपचार के आभाव में मौत होने से आक्रोशित परिजनों व दलित समाज के लोगों ने चक्काजाम लगा दिया। जिससे काफी देर तक स्तिथि तनावपूर्ण बनी रही । डॉक्टर का मेडिकल चेकअप कराने की मांग पर अड़े परिजन पुलिस की समझाइश के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए बमुश्किल राजी हुए। तब कहीं जाकर हालात सामान्य हो सके। प्राप्त जानकारी अनुसार राजमिस्त्री का कार्य करने बाले आशाराम चौधरी का अठारह वर्षीय पुत्र मनीष चौधरी आज सुबह शौंच के लिये बाहर गया था। लौटते समय रास्ते में उसे खून की उल्टी हुई। और उसकी हालत बिगड़ गई सूचना मिलने पर उसके परिजन उपचार के लिये उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन्द्रा लेकर आये। जहां उन्होनें मरीज के गंभीर हालत में होने की सूचना चिकित्सा प्रभारी मोहन्द्रा को दी। लेकिन आये दिन मरीजों से दुर्व्यवहार करने और ड्यूटी के समय शराब के नशे रहने वाले डाॅक्टर ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।

डाॅक्टर की घोर लापरवाही से जवान बेटे की मौत होने के ग़म में बिलखते परिजन ।

परिणामस्वरुप थोड़ी ही देर में नवयुवक की मौत हो गई। तब कुछेक लोगों ने डाॅक्टर से उनके द्वारा बरती गई लापरवाही के लिये उलाहना दिया तो डाॅक्टर साहब उल्टा भड़क गए और मृतक के परिजनों सहित वहां मौजूद सभी लोगों को खरी खोटी सुना दी। जवान बेटे की मौत के मातम के बीच लापरवाह डाॅक्टर द्वारा अभद्रता किये जाने के बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साये परिजनों ने इसके बाद समाजजनों के साथ मिलकर सड़क में जाम लगा दिया। आक्रोशित लोग डाॅक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। मृतक के परिजन शराबी डाॅक्टर का मेडिकल परीक्षण कराने के उपरांत कार्यवाही पर अड़े थे। देखते ही देखते सड़क में भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि चौकी प्रभारी मोहन्द्रा के समझाने के बाद जाम तो खुल गया। पर करीब दो घंटे तक कस्बे की स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। स्थानीय पुलिस चौकी के प्रभारी द्वारा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने आसपास के थानों से भारी पुलिस बल बुला लिया। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में दाह संस्कार कराकर माहौल को शांत किया। लेकिन इतना सब होने के बाद भी कथिततौर पर शराब के नशे में रहे डाॅक्टर का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया ।

 

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पीएचई मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 2 की मौत, 25 बीमार

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डायरिया से मृत महिला का शव रखकर बैलगाड़ी में ले जाते परिजन।

दलित बस्ती के हैण्डपम्प का पानी न पीना पड़े इस चक्कर में कुएं का दूषित पानी पीकर बीमार पड़े सवर्ण

पन्ना जिले के दूरस्थ ग्राम लोढ़ापुरवा में डायरिया का प्रकोप

रिजवान खान, अजयगढ़/पन्ना। रडार न्यूज अशिक्षा और जागरूकता के आभाव में बुन्देलखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंच-नीच व छुआछूत रूपी समाजिक बुराई की जड़े काफी गहरी है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के सीमावर्ती ग्राम लोढ़ापुरवा की दलित बस्ती में लगे हैण्डपम्प का पानी पीने से परहेज करते हुए गांव के ब्राह्मण परिवारों ने दूषित कुएं का पानी पीना उचित समझा। परिणामस्वरूप उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते रात्रि में गांव की दो महिलाओं की असमय मौत हो गई। जबकि दो दर्जन व्यक्ति बीमार बताये जा रहे है। दूषित पानी पीने के कारण डायरिया से हुई मौतों की यह घटना मध्यप्रदेश के पीएचई विभाग की मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले के निर्वाचन क्षेत्र पन्ना की है।

अजयगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र में जारी है इलाज-

डायरिया के प्रकोप की खबर को बुधवार सुबह क्षेत्रीय मीडियाकर्मियों द्वारा दिखाने के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम और अजयगढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन ग्राम लोढ़ापुरवा पहुंचकर हालात का जायजा लिया। कुएं का दूषित पानी पीने से लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत के कारण देवरती रावत पत्नी राजा भईया रावत 70 वर्ष एवं वंदना पिता रामदेव रावत 22 वर्ष की मौत हो गई। टीम के साथ लोढ़ापुरवा पहुंचे डाॅक्टर केपी राजपूत ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार रचना रावत 17 वर्ष, दीनदयाल रावत 7 वर्ष, श्याम बिहारी 65 वर्ष, अभिलाषा रावत 18 वर्ष, राज रावत 13 वर्ष, सुखदेव बिहारी 50 वर्ष को समुचित उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। इसके अलावा माया रावत, रामदेव रावत और गगन रावत का इलाज पड़ोसी जिला बांदा के नरैनी में चल रहा है। अजयगढ़ बीएमओ डाॅ. राजपूत ने बताया कि अनुपम रावत 27 वर्ष, भगवतदीन रावत 50 वर्ष व रामखिलावन रावत की हालत सामान्य होने पर उन्हें गांव में ही प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया है।

शुरू नहीं हो पाई नलजल योजना-

अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल और बीएमओ ने उस कुएं को भी देखा जिसका पानी पीने से कथिततौर पर ग्रामीण बीमार पड़े। कुआं में पानी काफी कम होने से वह दूषित हो चुका था। मालूम हो कि उक्त कुआं ग्राम लोढ़ापुरवा के रावत मोहल्ले में स्थित है जबकि नजदीकी हैण्डपम्प दलित मोहल्ले में लगा है। ब्राह्मण समाज के लोग अपने ही मोहल्ले के कुएं का पानी पीते है। अघोषित तौर पर वे छुआछूत के चलते दलित बस्ती के हैण्डपम्प के पानी का उपयोग नहीं करते है। डायरिया के प्रकोप से मौत होने और कई लोगों के बीमार पढ़ने से क्षेत्र में इस तरह की चर्चांये व्याप्त है। इनमें कितनी सत्यता है यह तो लोढ़ापुरवा के ब्राह्मण समाज के लोग ही बेहतर जानते है। मालूम होकि वर्तमान में लोढ़ापुरवा ग्राम में चार हैण्डपम्प चालू बताये जा रहे है और तीन कुओं में भी पानी उपलब्ध है। गांव में नलजल योजना निर्मित है लेकिन अब तक वह चालू नहीं हो पाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस कुएं से लोग बीमार पड़े उसी कुएं से नलजल योजना की सप्लाई की जानी प्रस्तावित है।

सूखा के चलते गहराया जल संकट-

सर्वविदित है कि अल्पवर्षा के कारण बुन्देलखण्ड अंचल का पन्ना जिला इस वर्ष भीषण सूखे का सामना कर रहा है। गांव-गांव तेजी से जल स्त्रोत सूखने अथवा उनका जल स्तर पाताल की ओर खिसकने से पानी को लेकर हा-हाकार मचने लगी है। समूचे मध्यप्रदेश को पेयजल मुहैया कराने की जवाबदारी जिस लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिम्मे है उसकी मंत्री का निर्वाचन क्षेत्र पन्ना सहित समूचा जिला गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। बिडम्बना यह है कि पीएचई विभाग के अधिकारी बुन्देलखण्ड में पेयजल आपूर्ती व्यवस्था बनाये रखने के लिए सतत् निगरानी का दावा कर रहे है। पर जमीनी हकीकत यह है कि इस मुश्किल समय में पेयजल संबंधी समस्याओं का निदान नहीं हो पाने से लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है अथवा वे दूषित पानी पीने को मजबूर है।

इनका कहना है-
‘‘स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मैं स्वयं ग्राम लोढ़ापुरवा गया था। उल्टी-दस्त के कारण दो महिलाओं की मौत हुई है, जिनमें एक वृद्धा थी दूसरी मानसिक रूप से विकलांग थी। लोढ़ापुरवा में चार हैण्डपम्प स्थित है जोकि वर्तमान में चालू है। ग्रामीणों को उक्त कुएं का पानी न पीने की समझाईस दी गई। कुएं के पानी की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपचार कराने के बाद गांव में स्थिति सामान्य है।‘‘
                                                        – जेएस बघेल, एसडीएम अजयगढ़ जिला पन्ना।
   ‘‘गांव की नलजल योजना फिलहाल चालू नहीं है। ग्रामीण कुएं और हैण्डपम्पों का पानी पीते है। ब्राम्हण समाज के लोग दलित बस्ती में लगे हैण्डपम्प का पानी उपयोग करने से कतराते है। जिसके कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है।‘‘
-डाॅ. केपी राजपूत, बीएमओ अजयगढ़
-‘‘उल्टी-दस्त से पीड़ित दो महिलाओं की लोढ़ापुरवा में मौत हुई है। जबकि दर्जनभर व्यक्ति बीमार है। इनमें से कुछ लोगों को इलाज हेतु अजयगढ़ लाकर स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। मैं स्वयं लोढ़ापुरवा जा रहा हूं। वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के बाद ही विस्तारपूर्वक कुछ बता पाऊंगा।‘‘
                                                             -डाॅ. एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
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मोहन्द्रा के माइकल जैक्सन हैं ‘‘सुनील‘‘

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‘‘किंग आॅफ पाॅप‘‘ माइकल जैक्सन का फाईल फोटो।

सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे जैक्सन स्टाइल के डांस वीडियो

अकाश बहेरे, मोहन्द्रा/पन्ना। रडार न्यूज ‘‘किंग आॅफ पाॅप‘‘ माइकल जैक्सन अपनी रहस्मयी मौत के 9 साल बाद भी अपने करोड़ों प्रसंशकों के दिलों में जिंदा है। इस मनोरंजन की दुनिया के सबसे लोकप्रिय सितारे की पाॅप गायकी और खास किस्म की नृत्य शैली आज भी उतनी ही प्रसिद्ध है जितनी कि 80-90 के दशक में थी। हर डांसर का यह सपना होता है कि वह माइकल जैक्सन की तरह नृत्य कर सके। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के मोहन्द्रा निवासी 16 वर्षीय छात्र सुनील दहायत ने जैक्सन की डांसिंग स्टाइल को कुछ हद तक काॅपी करते हुए अपने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किये है। तेजी से वायरल हो रहे इन वीडियो को अब तक कई लोग देख चुके है। सभी ने सुनील के प्रयास की सराहना की है। अब तो क्षेत्र के लोग भी उन्हें मोहन्द्रा का माइकल जैक्सन कहने लगे है। शिक्षक रामकिशोर दहायत के पुत्र सुनील वाकई प्रतिभाशाली है, क्योंकि डांस की कोई कोचिंग न करने के बावजूद वह बेहद मुश्किल नृत्य शैली पर जिस सहजता से थिरकते है वह वाकई काबिले तारीफ है। माइकल जैक्सन के सर्वाधिक प्रसिद्ध म्यूजिक एल्बम ‘‘डैंजरस‘‘ पर सुनील द्वारा किया गया शानदार डांस का वीडियो सोशल साइट्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। बंद कमरे में मोबाइल के सामने किये गये इस डांस को देखकर लोग प्रशंसा किये बगैर नहीं रह पा रहे है। युवाओं का हाल तो यह है कि वे इस विडियो को देखकर थिरकने लगते है।

प्रोफ़ेशनल डांसर बनने का है सपना –

एमजे के प्रसंशक और उभरते डांसर सुनील दहायत।

उल्लेखनीय है कि शिक्षक रामकिशोर दहायत के छोटे पुत्र सुनील को बचपन से ही डांस का शौक था। लेकिन संसाधनों की कमी व डांस के लिये मोहन्द्रा में कोई खास माहौल नहीं है। इसलिये सुनील ने बगैर किसी प्रशिक्षण के घर में टीव्ही के सामने डांस देखकर रिर्हसल करना प्रारंभ किया। गांव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सुनील हिस्सा लेते है। पर अब तक उनकी स्थानीय स्तर पर बतौर डांसर कोई खास पहचान नहीं थी। इस बीच हाल ही में एक मित्र के द्वारा सुनील का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर नगर के युवाओं को भेजने के बाद उन्हें खूब वाहवाही मिल रही है। नगर के युवा अपने गांव की इस प्रतिभा को सुर्खियों में लाने के लिए यूट्यूब, ट्विटर, फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप्प खूब शेयर कर रहे है। इस वीडियो को अब तक हजारों लोगों द्वारा देखा जा चुका है। अचानक मिली इस सोहरत से उत्साहित सुनील ने बताया कि इस साल बारहवीं की पढ़ाई करने के बाद उसका इरादा शहर के किसी डांस अकादमी में प्रशिक्षण लेने के बाद सपनों की नगरी मुंबई में डांस के क्षेत्र में कैरियर बनाने का है।

जैक्सन जैसा कोई नहीं-

पाॅप किंग माइकल जैक्सन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में प्रसिद्धि और कामयाबी की जिन बुलंदियों को छुआ है उसके आसपास पहुंचना भी आसान नहीं है। अपनी मौत के इतने साल बाद भी एमजे उतने ही मशहूर है और उनके म्यूजिक एल्बम भी कमाई के रिकार्ड बना रहे है। माइकल जैक्सन को अपना आदर्श मानने वाले सुनील दहायत का कहना है कि उनके जैसा न तो आज तक हुआ है और न कभी होगा। वे वाकई सुपर स्टार थे। यदि मैं उनकी विशिष्ट डांसिंग स्टाइल को एक प्रतिशत भी काॅपी कर पाया तो यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बड़ी उपलब्धि होगी। मेरा डांस देखकर लोगों के जहन में यदि एमजे सर की यादें ताजा होती है तो मैं समझूंगा मेरी कोशिश कामयाब रही।

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बारिश में पहुंच विहीन हो जायेगें बीरा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव

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पुल तोड़े जाने से निर्मित आवागमन की समस्या बताते बीरा क्षेत्र के ग्रामीण।

पुल टूटने से दुर्गम हुआ अजयगढ़-पन्ना के लिए आवागमन

लोनिवि की अदुर्दार्शिता व ठेकेदार की हठधर्मिता का दंश झेल रहे ग्रामीण

दर्जनों गाँव के लोगों का छतरपुर जिले के चन्दला क्षेत्र से टूटा संपर्क

पन्ना। रडार न्यूज बिना सोचे समझे नहर के पुराने पुल को तुड़वा दिये जाने से अजयगढ़ क्षेत्र का बीरा सहित आधा दर्जन गाँव दुर्गम और पहुँचविहीन हो गये हैं। लोक निर्माण विभाग पन्ना के अधिकारियों की अदुर्दार्शिता और ठेकेदार की हठधर्मिता के चलते इस इलाके की 20 हजार से भी अधिक आबादी की जिन्दगी कठिन हो गई है। बीरा सहित सुनहरा, कडरहा, केवटरा, बीहरपुरवा तथा नयापुरवा काजनपद मुख्यालय अजयगढ़ से सीधा संपर्क जहां टूट गया है, वहीं इस अंचल के दर्जनों ग्रामों के लोगों का छतरपुर जिले के चन्दला क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है। अजयगढ़-चन्दला मार्ग पर चलने वाली यात्री बसें भी तीन माह से बंद हैं, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को भारी मुसीबतों और कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

हरसैनी-खम्हरिया मार्ग से भारी वाहनों की निकासी से रोकने के लिए ठेकेदार द्वारा खोदी गई सड़क।

उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ क्षेत्र का छतरपुर जिले के चन्दला से सीधा संपर्क बनाने के लिये अजयगढ़-चन्दला मार्ग का निर्माण कराया गया है। लगभग 22 किमी लम्बे इस सीसी मार्ग का निर्माण एबीसी सम्पनी सतना द्वारा कराया जा रहा है। करोड़ों रू. की लागत वाली इस सीसी मार्ग के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है, फिर भी इसका लाभ अंचलवासियों को नहीं मिल पा रहा। रही सही कसर बरियारपुर डेम से उ.प्र. के बांदा जिले के लिये जाने वाली नहर में बने पुल को ध्वस्त करके पूरी कर दी गई है। बीरा सहित आधा दर्जन ग्रामों का आवागमन बाधित हो गया है। पिछले तीन माह से कष्ट भोग रहे इलाके के लोगों ने अजयगढ़ जाकर समस्या के त्वरित निराकरण हेतु एसडीएम को लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन ग्रामीणों की समस्या जस की तस है, अधिकारियों ने कोई रूचि नहीं ली। बीते रोज जिला मुख्यालय से पत्रकारों का एक दल जब बीरा गाँव पहुँचा तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि आप लोग ही कुछ करें, अन्यथा बारिश के मौसम में हम टापू बन जायेंगे और हमारी जिन्दगी घनघोर मुसीबतों से घिर जायेगी। बीरा गाँव के प्रतिष्ठित नागरिक व भाजपा नेता रमेश कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुये बताया कि नहर का पुल जब नहीं तोड़ा गया था, उस समय बीरा से अजयगढ़ पहुँचना अत्यधिक सुगम और आसान था। मार्ग पर 6 यात्री बसों के साथ-साथ पूरे दिन चार पहिया वाहनों का आवागमन बना रहता था। लेकिन पुल टूट जाने के बाद अब अंचलवासियों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब अजयगढ़ से बीरा पहुँचने के लिये हर्सेनी से अर्न होकर खम्हरिया होते हुये खेतों से नहर का पुल पारकर 9 किमी का चक्कर लगाते हुये आना पड़ता है। इस मार्ग पर आवागमन बढने से हर्सेनी मोड़ व खम्हरिया गाँव के पास कई जगह कच्चे मार्ग पर गड्ढे खोद दिये गये हैं ताकि वाहनों का आवागमन न हो सके। चूंकि रेत से भरे भारी वाहन भी इसी मार्ग से होते हुये निकलते हैं, जिससे मार्ग का निर्माण कराने वाले ठेकेदार व खम्हरिया गाँव के लोगों ने गड्ढे खोदकर आवागमन बाधित करने का प्रयास किया है ताकि भारी वाहनों से यह मार्ग क्षतिग्रस्त न हो। इस खींचतान का पूरा खामियाजा बीरा व इससे लगे 6 ग्रामों के लोगों को भोगना पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में बन जायेगा टापू-

अजयगढ़-चंदला मुख्य मार्ग पर निर्मित नहर पुल को तोड़ने के बाद नवीन पुल निर्माण कार्य की बेहद धीमी गति को बयां करती तस्वीर।

ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुये कहा कि बारिश शुरू होने से पहले यदि उनके आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई तो बीरा सहित आधा दर्जन गाँव टापू बन जायेंगे तथा यहां पहुँचना मुश्किल हो जायेगा। मौजूदा समय 9 किमी लम्बा चक्कर लगाकर जिस रास्ते से अभी किसी तरह आना जाना हो रहा है, वह बारिश शुरू होने के साथ ही बन्द हो जायेगा। इन परिस्थितियों में बारिश के चार महीने कैसे कटेंगे, यह सोचकर इलाके के लोग हैरान और परेशान हैं। चूंकि आस-पास कहीं इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसी हालत में किसी के बीमार पडने पर उसे इलाज के लिये अजयगढ़ या पन्ना ले जाना कठिन हो जायेगा।

सैकड़ों बच्चे नहीं पहुँच पायेंगे स्कूल-

नहर के पुल को तोडने से पूर्व ग्रामीणों के आवागमन की कोई व्यवस्था न किये जाने से समस्या विकराल हो चुकी है। इससे अंचलवासियों की जिन्दगी में जहां खलल पैदा हुआ है, वहीं नौनिहालों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। बीरा गाँव के रमेश कुमार शुक्ला, रामहित शर्मा व लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि नहर के उस पार स्थित ग्रामों के बच्चे पढने के लिये बीरा हायर सेकेण्डरी स्कूल आते रहे हैं, लेकिन बीते तीन माह से एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया। नहर पार करके तकरीबन तीन सौ बच्चे यहां पढ़ते हैं, पुल टूटने से इन बच्चों का भविष्य अन्धकारमय हो गया है।

इनका कहना है…

‘‘बरियारपुर डेम तथा यहां से निकली नहर सिचाई विभाग बांदा उ.प्र. के नियंत्रण में है। इसलिये नहर में पुल के निर्माण की अनुमति वहां से मिलना जरूरी है। ङ्क्षसचाई विभाग बांदा को हमने निर्माण की परमीशन के लिये लिखा है, लेकिन अभी तक परमीशन नहीं मिली। हम इसके लिये सब इंजीनियर को बांदा भेजेंगे, परमीशन मिलने पर पुल का निर्माण पूरा होने में कम से कम 6 माह लगेंगे।‘‘
                                                                     ए.बी. साहू, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग पन्ना

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एमपी में अब घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं है बेटियां

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घर में सो रही युवती का अपरहण कर किया गेंगरेप

आरोपियों में पूर्व सरंपच के पुत्र भी शामिल, पीड़िता के भाई से है पुरानी रंजिश 

पन्ना। रडार न्यूज कानून में बदलाव कर बलात्कार के आरोपियों को मौत की सजा देेने सहित अन्य कठोर प्रावधान करने के बावजूद बलात्कार की घटनायें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश की स्थिति सबसे खराब है। यहां अब घर की चार दिवारी के अंदर भी महिलायें और बेटियां महफूज नहीं है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती के साथ हुई गैंगरेप की शर्मशार करने वाली घटना इसका प्रमाण है। थाना क्षेत्र के ग्राम ताखौरी की निवासी अनीता (परिवर्तित नाम) 3 जून 2018 की रात्रि में घर के अंदर आंगन में सो रही थी। देर रात उसके घर की बाउण्ड्रीबाॅल फांद कर आये 6 युवक अपरहरण कर उसे अपने साथ ले गये। लगभग 24 घंटे तक अनीता को बंधक बनाकर सभी आरोपियों ने बारी-बारी से उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।

जिला चिकित्सालय कटनी में भर्ती गैंगरेप पीड़िता के बाजू से खड़ी उसकी मां।

उधर जवान बेटी के रहस्यमय तरीके से लापता होने से परेशान परिजनों द्वारा आसपास खोजबीन करने के बाद 4 जून को रैपुरा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। युवती के लापता होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज किया। देर रात्रि युवती के पिता ने फोन पर पुलिस को बताया कि बिहारी यादव की पत्नी ने सूचना दी है कि उसकी बेटी बेहोसी की हालत में खेत में पड़ी है। अचेत हालत में मिली अनीता को पुलिस वाहन से इलाज हेतु रैपुरा स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल कर दिया गया। मंगलवार को अनीता के पूर्णतः होश में आने पर रैपुरा थाना प्रभारी सुरेन्द्र द्विवेदी ने कटनी जिला चिकित्सालय पहुंचकर महिला पुलिस की मदद से घटना के संबंध में उसके बयान दर्ज किये गये। जिसमें अनीता ने अपने साथ हुई दंरिदगी की पूरी दांस्ता बंया करते हुए बताया कि पूर्व सरपंच पुत्र रामू यादव व राजेन्द्र यादव निवासी ग्राम किशुनपाटन एवं उनके चार साथियों संतोष यादव, बहादुर यादव, लालू यादव, राजाभईया यादव सभी निवासी ग्राम ताखौरी ने रात्रि में ही गांव के बाहर ले जाकर ने बारी-बारी से उसकी आबरू लूटी। इस दौरान बेबस और असहाय अनीता रोती-गिड़गिड़ाती और भगवान की वास्ता देती रही है लेकिन इन कामांध दारिंदों को उस पर जरा भी रहम नहीं आया। रैपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म का शिकार युवती के बयानों की वीडियोग्राफी कराई गई है, उसी के आधार पर सभी 6 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया जा रहा है।

भाई से है आरोपियों के पिता का विवाद-

          सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनी अनीता के पिता जीवनलाल और भाई कमलकिशोर (सभी परिवर्तित नाम) ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों रामू यादव और राजेन्द्र यादव से पिता साहब सिंह यादव से उनका पुराना विवाद चल रहा है। दरअसल कमलकिशोर रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ है। साहब सिंह यादव के सरपंच रहते हुए उसके पुत्र संतोष याादव व साथियों ने कमलकिशोर के ऊपर हमला कर दिया था। इस मामले में आरोपियों को जेल जाना पड़ा था। इधर शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत पर जनपद पंचायत शाहनगर में सरपंच साहब सिंह के विरूद्ध धारा 40 की कार्यवाही करते हुए उसे पद से प्रथक कर दिया था। पीड़िता के भाई के अनुसार सरपंची गंवाने की कसक में बदला लेने के उद्देश्य से ही साहब सिंह यादव के बेटों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस घिनौनी घटना का अंजाम दिया है।

इनका कहना है-

            ‘‘पीड़िता के बयानों के आधार पर उसके साथ गैंगरेप करने वाले 6 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया जा रहा है। वर्तमान में सभी आरोपी फरार है जिन्हें शीघ्र ही गिरफतार किया जायेगा। दुष्कर्म पीड़िता के भाई और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश है। जिसमें आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है।‘‘
                                                                                             -सुरेन्द्र द्विवेदी, थाना प्रभारी रैपुरा।

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