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पन्ना पहुंची कांग्रेस की ”एकता यात्रा” का हुआ भव्य स्वागत

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दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का दिया संदेश

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर संविदा कर्मचारियों को करेंगे नियमित

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह एकता यात्रा के तहत् शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि में वाहनों के लम्बे काफिले और सैकंडों समर्थकों के साथ पन्ना पहुंचे। यहां कई जगह श्री सिंह का भव्य स्वागत् किया गया। नगर के आंबेडकर चौराहे पर ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी पन्ना के तत्वाधान में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने डाॅ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्र्यापण कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात् श्री सिंह ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी पन्ना के कार्यालय पहुंचे जहां ब्लाॅक अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में मण्डलम्, सेक्टर, पोलिंग बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों व आदिवासी वनवासी दलित अल्पसंख्यक महासंघ बुन्देलखण्ड के सदस्यों द्वारा आत्मीय आगुवानी की गई। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश समन्वय समिति अध्यक्ष दिग्विजय सिंह का बुन्देली परम्परानुसार स्वागत करते हुए उन्हें पत्तों की माला पहनाई गई। अपने दिनभर के व्यस्ततम् कार्यक्रम के बाबजूद श्री सिंह ने कई घंटों से स्वागत् की प्रतीक्षा में देर रात्रि तक खड़े रहे पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों से एक-एक कर भेंट की गई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते हुए उनसे सारे मतभेद-मनभेद मिटाकर अगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में पूरी एकजुटता के साथ संगठन का कार्य करने का आव्हान किया। आपने कहा कि हम सब एक परिवार के सदस्य है। इसलिए हमें आपसी शिकायतों को दूर करके अपने परिवार को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आप लोगों की ही मेहनत से जनविरोधी भाजपा सरकार की नीतियों का भण्ड़ाफोड़ होगा और कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में शानदार वापिसी करेगी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा उपस्थित रहे।

इन्होंने किया स्वागत्-

ओरछा से प्रारंभ हुई एकता यात्रा के पन्ना पहुंचने पर आंबेडकर चैक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का स्वागत करने वालों में बुन्देलखण्ड के प्रख्यात समाजसेवी हरिकृष्ण द्विवेदी, श्रीमती अनुराधा सेंडगे, शिवजीत सिंह भईया राजा, रामकिशोर मिश्रा, भास्कर बुन्देला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह, भरत मिलन पाण्डेय जनपद अध्यक्ष अजयगढ़, श्रीकांत दुबे, श्रीमती शारदा पाठक, अजयगढ़ ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गर्ग, पन्ना ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान, बृजमोहन यादव जिलाध्यक्ष संरपच संघ, पूर्व सरंपच केशरी अहिरवार, केपी सिंह बुन्देला जिला प्रभारी आदिवासी वनवासी महासंघ, जगदेव सिंह उर्फ खज्जू राजा, वैभव थापक, मनीष मिश्रा, अजयवीर सिंह, रमेश अग्रवाल, दानचंद जैन, रामदास जाटव, रामचरण अहिरवार, रामप्रसाद यादव, अजय अहिरवार, अनीस पिंटू सिद्दकी,सौरभ पटेरिया,  रेवती रमण दीक्षित, बाबा गौतम, जीतेन्द्र द्विवेदी, अजय अहिरवार, असलम खान, इरशाद मोहम्मद, सुरेन्द्र सेन, राजाराम जड़िया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिया ज्ञापन-

आंबेडकर चैक पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी, फिरोज खान कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को समस्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संविदा कर्मचारियों ने बताया कि अल्प वेतन पर उनसे नियमित कर्मचारियों से अधिक काम कराया जा रहा है। कई बार अश्वासन देने के बाद भी मौजूदा प्रदेश सरकार और उनके प्रतिनिधियों द्वारा संविदा कर्मचारियों की मांग पूर्ण न कर छलावा किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने संविदा कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर बगैर किसी बंधन के नियमित करने का आवश्सन दिया है। इस अवसर पर सिद्धार्थ बोरकर, सजनीश शर्मा, दिनेश सिह, जीतेन्द्र सिह, सुदर्शन प्रजापति, जीतेन्द्र सिंह, मुकेश आदि संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।

सफेद हीरों का काला कारोबार क्या बंद हो पायेगा!

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कैबिनेट ने हीरा नीलामी संबंधी नियमों में किया बदलाव

अब 6 माह के स्थान पर हर महीने होगी हीरे की नीलामी

पन्ना। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की अध्यक्षता में दिनांक 29 मई 2018 को हुई मंत्रि परिषद की बैठक में पन्ना जिले में होने वाली हीरे के नीलामी की अवधि 6 माह के स्थान पर प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। पन्ना की विधायक एवं पीएचई मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले की पहल पर हुए इस निर्णय से हीरा जमाकर्ताओं की वर्षों से लंबित मांग पूरी हो जायेगी।

तत्काल दी जाएगी एक लाख या 50 प्रतिशत राशि-

अब भविष्य में उथली खदानों से प्राप्त हीरा जमा करने के बाद जमाकर्ता को हीरा के अनुमानित मूल्य की 50 प्रतिशत राशि या एक लाख रूपये जो भी कम हो, तत्काल दे दी जायेगी। राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार इस संशोधन के प्रभावशील होने से हीरा जमाकर्ताओं को हीरा जमा करने की तिथि से 7 दिन के भीतर राशि का भुगतान हो जायेगा। साथ ही जमा किए गए हीरे की नीलामी अब 6 माह की अवधि के स्थान पर 1 माह के भीतर हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले हीरा जमाकर्ताओं को हीरे की अनुमानित मूल्य का 30 प्रतिशत या मात्र 10 हजार रूपये ही देने का प्रावधान रहा है। शासन के इस निर्णय से पन्ना जिले के उथली हीरा खदान लगाने वालों को सीधा लाभ मिलने की बात कही जा रही है। अभी भी बड़ा सवाल यही है कि शासन के इस निर्णय से क्या सफेद हीरों का काला कारोबार बंद हो जायेगा। हीरों की तस्करी को रोकने में उक्त बदलाव कितने मददगार साबित हो पायेगें, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

ब्लैक मार्केट में बिकते है अधिकांश हीरे-

सर्वविदित है कि व्यवहारिक परेशानियों और नीतिगत कठिनाईयों के कारण पन्ना में सफेद हीरों का काला कारोबार लम्बे समय से फल-फूल रहा है। यहां की वैध-अवैध उथली हीरा खदानों से निकलने वाले 95 फीसदी हीरों की तस्करी होती है। बम्बई, सूरत के व्यापारी, उनके एजेण्ट अथवा स्थानीय हीरा व्यापारी उन्हें सीधे ही अवैध तरीके से चोरी-छुपे खरीद लेते है। इस तरह हीरा बेंचने वाले व्यक्ति को राशि तो तुरंत मिल जाती है पर उसके साथ धोखाधड़ी होने या फिर उचित मूल्य न मिलने का जोखिम बना रहता है। इसके बाद भी ज्यादातर हीरे ब्लैक मार्केट में ही बिकते है। बिडम्बना यह है कि शासन की हीरा नीति व्यवहारिक न होने के कारण पन्ना जिला मुख्यालय में स्थिति देश के एक मात्र हीरा कार्यालय में इतने हीरे भी नहीं होते कि जिनकी नीलामी से उसका स्थापना व्यय निकल सके।

मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्ति की दिलाई शपथ

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विश्व तम्बाखू निषेध दिवस पर निकाली जनजागृति रैली

पन्ना। रडार न्यूज प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में 31 मई 2018 को विश्व तम्बाखू निषेध दिवस मनाया गया। जिसके अन्तर्गत शासन के निर्देशानुसार युवाओं, छात्र-छात्राओं तथा समाज में तम्बाखू, गुटखा, सिगरेट, मद्यपान एवं नशीले मादक द्रव्यों-पदार्थो की बढ़ती प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए जिले में भी नशामुक्ति अभियान कार्यक्रम की शुरूआत की गई। कार्यक्रम की शुरूआत कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा नशामुक्ति रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना कर की गई। जिसके बाद समाज में बढ़ती हुई तम्बाखू, धूम्रपान आदि के सेवन की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से जनजागृति रैली निकालकर नशामुक्ति श्रृंखला बनाई गयी।

       कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर से नशामुक्ति रथ को झण्डी दिखाकर किया गया। जिसके बाद जनजागृति रैली निकालकर नशामुक्ति संदेशों का प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। जनजागृति रैली निकालकर नशामुक्ति मानव श्रृंखला बनाई गयी। रैली के समापन के बाद कलेक्टर श्री खत्री द्वारा धूम्रपान निषेध का संकल्प एवं शपथ वाचन कराया गया। कार्यक्रम के अंत में संचालक जनजागरण एवं समाज उत्थान परिषद पन्ना श्रीमती दुर्गा त्रिपाठी द्वारा नशामुक्ति का संदेश देते हुए इस नशामुक्ति कार्यक्रम में शामिल सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

        कार्यक्रम का आयोजन जनजागरण एवं समाज उत्थान परिषद पन्ना तथा सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण पन्ना के संयुक्त तत्वाधान में सहयोगी संस्थाओं गायत्री शक्तिपीठ, गायत्री परिवार एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अमूल्य सहयोग के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय पन्ना की प्रमुख सीता बहिन जी, भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, देवीदीन द्विवेदी, अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी, बुद्ध सिंह, रूप नगायच, राजेन्द्र खरे, विष्णु त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

तेंदुए के हमले में घायलों से मिले पूर्व मंत्री

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स्वास्थ्य की ली जानकारी, समुचित इलाज का दिलाया भरोसा

रैपुरा। रडार न्यूज  पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रैपुरा-मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती ग्रामों में पिछले दिनों एक तेंदुए ने हमलाकर 20 ग्रामीणों को घायल कर दिया था। जिनमें 3 व्यक्तियों की हालत अभी भी गंभीर बनी है। पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने तेंदुए के आतंक वाले ग्रामों में पहुंचकर घायल व्यक्तियों का हालचाल जाना। उन्होने सभी घायलों से भेंटकर उनके जख्म देखे और इलाज की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान पूर्व मंत्री श्री सिंह ने घायल ग्रामीणों व उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि गांवों में वन्यजीवों के प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक प्रबंध कराये जायेगें। घायलों को समुचित उपचार न मिलने पर उन्होंने मौके से ही कलेक्टर से मोबाईल पर सम्पर्क कर उपचार की बेहतर व्यवस्था की गई। पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने घायलों को आश्वस्त किया कि उन्हें हरहाल में समुचित उपचार मुहैया कराया जायेगा। पूर्व मंत्री ने ग्राम मुरता, चिन्हाई, डोभा, बीरमपुरा, मक्केपाला, अलोनी आदि ग्रामों का भ्रमण कर तेंदुए के सभी घायलों से भेंट उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश सोनी, तखत सिंह बुन्देला उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण से हर स्तर पर पुलिस बल दक्ष और प्रभावी होगा – श्री सिंह

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केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भोपाल में केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे।

अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री श्री चौहान
केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी उदघाटन समारोह
 

भोपाल। रडार न्यूज़  केन्द्रीय गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने कहा कि क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के प्रमुख अंग न्याय, पुलिस और अभियोजन का औपचारिक प्रशिक्षण भी आवश्यक हैं। इस दिशा में भी पहल की जानी चाहिए। हर स्तर का पुलिस बल दक्ष और प्रभावी हो, इसके लिये उनके नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। राजनाथ सिंह भोपाल में केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी का दघाटन कर रहे थे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मी को सेवा अवधि के दौरान पाँच-पाँच वर्ष के अंतराल पर प्रशिक्षण मिले। प्रशिक्षण की इस व्यवस्था के लिये करीब दस हजार प्रशिक्षकों की आवश्यकता का आंकलन किया गया है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट को इस दिशा में पहल के लिये कहा गया है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्मार्ट पुलिस निर्माण के प्रयासों में ब्यूरो की भूमिका बताते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिये। अकादमी के पूर्णत: टेक्नोलॉजी आधारित होने, फाइलों का ऑनलाईन मूवमेंट, जीरो वेस्ट और ट्रीटेड सीवेज वॉटर से सिंचाई आदि प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्थान में व्यापक वृक्षारोपण की आवश्यकता बतायी और इस काम में राज्य सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान का अकादमी के लिये नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिये आभार माना। श्री सिंह ने कहा कि‍पुलिस के प्रति आम जनता में विश्वास का ऐसा वातावरण निर्मित हो, जिसमें आमजन थानों को न्याय के मंदिर के रूप में देखें।

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भोपाल में केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी परिसर में पौध-रोपण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिये पुलिस का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में आगामी अगस्त माह में वृक्षारोपण अभियान चलाया जायेगा। राज्य पुलिस द्वारा 15 अगस्त को अकादमी में वृक्षारोपण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान के प्रदेश में स्थित होने का लाभ राज्य के पुलिस बल को भी मिलेगा। हॉक पुलिस बल का प्रशिक्षण संस्थान में होगा। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवादी, आतंकवादी और राष्ट्रविरोधी शक्तियों से ताकत के साथ निपटने के लिये संचालित अभियान की सफलताएँ दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। इस कार्य में प्रशिक्षण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। अपराधों के नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका निरंतर महत्वपूर्ण होती जा रही है। आवश्यक है कि पुलिस बल को भी समय-समय पर अत्याधुनिक साधन-संसाधनों से सम्पन्न किया जाये।

समारोह में अकादमी की परिकल्पना से व्यवहारिक रूप में सामने आने के विभिन्न चरण पर आधारित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया। अकादमी 401 एकड़ भू-भाग में फैली है। अकादमी के भवन निर्माण पर 187 और मशीन एवं संसाधनों पर 37 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं।

शुरूआत में केन्द्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने पूजन-अर्चन कर परिसर का अवलोकन किया। अतिथियों को पुस्तक और स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। समारोह में राज्य के गृह मंत्री  भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, सांसद आलोक संजर, विधायक रामेश्वर शर्मा, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। महानिदेशक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्‍ड डेवलपमेंट ए.पी. महेश्वरी ने आभार माना।

विकास के लिये नदियों का संरक्षण बहुत जरूरी : श्री चौहान

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर के समीप शिवना नदी के गहरीकरण कार्य में आमजनों के साथ श्रमदान किया ।

मुख्यमंत्री ने मंदसौर में शिवना नदी के तट पर किया श्रमदान 

भोपाल रडार न्यूज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह 7 बजे मंदसौर में पशुपतिनाथमंदिर के समीप शिवना नदी के तट पर पहुँचकर आमजनों के साथ नदी संरक्षण के लिये श्रमदान किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से तगाड़ी में मिट्टी भरी और उसे उठाकर ट्रेक्टर ट्रॉली में डाला। मुख्यमंत्री का समर्पण देखकर अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय निवासियों ने भी नदी के संरक्षण के लिये श्रमदान किया। यह अभियान जन-अभियान परिषद द्वारा संचालित है।

             मुख्यमत्री श्री चौहान ने नदी को गहरा, सुन्दर बनाने और संरक्षण के लिये मंदसौरवासियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास के लिये नदियों का संरक्षण बहुत आवश्यक है। इस कार्य को अभियान के रूप में चलाया जाये। श्री चौहान ने नदी संरक्षण अभियान में भरपूर सहयोग के लिये नागरिकों का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि नदी को गहरा और सुदंर बनाने में राज्य शासन अपेक्षित सहयोग देगा।

          अभियान में सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वश्री यशपाल सिंह सिसौदिया, जगदीश देवड़ा, दिलीप सिंह परिहार, चन्दर सिंह सिसौदिया, अन्य जन-प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी श्रमदान किया।

विक्रमपुर प्लांटेशन में लगी भीषण आग, हजारों पेड़ जलकर खाक

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वनकर्मियों की हड़ताल के चलते आग पर नहीं पाया जा सका काबू
लगातार कई घंटों से जलती रही आग

पन्ना। उत्तर वन मंडल के देवेन्द्रनगर परीक्षेत्र अंतर्गत विक्रमपुर के जंगल में भीषण आज लग गई। आगजनी की घटना दोपहर करीब 12 बजे आग विक्रमपुर नर्सरी के समीप ही लगी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। लेकिन हड़ताल के चलते कोई वनकर्मी यहां नहीं पहुंचा और शाम करीब 4 बजे तक आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जाता है
कि आग जंगल से बढ़ते हुए विक्रमपुर के प्लांटेशन तक पहुंच गई। इस भीषण आगजनी में प्लांटेशन के सभी पौधे जलकर राख हो गए। विभागीय सूत्रों से पता चला है कि कैम्पा मद के इस प्लांटेशन में अब तक करीब 30 लाख रूपये खर्च हो चुके थे। आग की इस वृहद घटना की सूचना तक वरिष्ट अधिकारियों को नहीं थी। मीडियाकर्मियों ने जब डीएफओ उत्तर वन मंडल से संपर्क किया तो उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही। जिससे कि देर शाम तक आग बुझाने की कार्रवाही तक शुरू नहीं हुई थी। इस प्रचण्ड अग्निकाण्ड में विक्रमपुर प्लांटेशन के पूरी तरह जलकर राख होने की खबर मिली है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टी नहीं की है।

 

जंगल के जल श्रोतों में शिकारियों ने बिछाया जाल

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तेंदुआ, भालू और चीतल का हुआ शिकार

 दक्षित वन मण्डल पन्ना के पवई वन परिक्षेत्र की घटना

वनकर्मियों की हड़ताल से बेकाबू हुए हालात

पन्ना/ अजीत बढ़ौलिया, पवई (रडार न्यूज) भीषण तपिश भरी गर्मी में जंगल के जल श्रोतों में शातिर शिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है। प्यास से तड़पते वन्यजीव पानी की तलाश में जैसे ही जल श्रोतों के आसपास पहुंचते है, शिकारियों के बिछाये जाल में फंस जाते है। सबसे बुरी स्थिति दक्षिण वन मण्डल पन्ना के पवई, मोहन्द्रा, रैपुरा, कल्दा व शाहनगर वन परिक्षेत्रों की है, यहां बड़े पैमाने पर शिकार की घटनायें हो रही हैं। शिकार की घटनाओं का ताजा मामला पवई रेंज का है, जहां तेंदुआ, भालू और चीतल का शिकार हुआ है। आश्चर्य की बात तो यह है कि शिकार की इन घटनाओं से वन विभाग के आला अधिकारी अनजान हैं। जिला मुख्यालय पन्ना से पत्रकारों का दल जब जंगल में पहुंचा तब अधिकारियों को शिकार होने की भनक लगी और घटना स्थल पता करने के लिए सक्रिय हुए। उल्लेखनीय है कि पवई से लगभग 13 किलोमीटर दूर शिकारपुरा बीट अंतर्गत वनोपज जांच नाका धामू से आधा किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में स्थित तलैया में पानी पीने आये तेंदुए का शिकार होने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ पत्रकारों का दल जब मौके पर पहुंचा तो जंगल में क्षत-विक्षत व सड़ चुके तेंदुए का शव झाड़ियों के बीच पड़ा मिला। शव की स्थिति व भीषण दुर्गन्ध को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शिकार की यह घटना तीन से चार दिन पुरानी है। नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तलैया के समीप मुख्य लाईन से विद्युत तार बिछाकर तेंदुए का शिकार किया गया है। इसी तरह शिकारपुरा बीट के ही अंतर्गत चादा घाटी के नीचे चेक डेम के नजदीक एक वयस्क भालू का भी शिकार दो से तीन दिन पूर्व हुआ है। शिकार की इन दोनों ही बड़ी घटनाओं से वन विभाग के आला अधिकारी बुधवार 30 मई तक अनजान रहे। गौरतलब है कि शिकार की दोनों ही घटनायें पवई मुख्यालय के समीप की है, फिर भी वन अधिकारियों को भनक नहीं लग पाई। इससे साफ जाहिर होता है कि इस भीषण गर्मी में प्यास से तड़पते और पानी की तालाश में दर-दर भटक रहे वन्य प्रांणियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

ऐसे में न जंगल बचेंगे न जानवर-

म.प्र. वन कर्मचारी, अधिकारी संयुक्त मोर्चा की पूर्व घोषित अनिश्चित कालीन हड़ताल की जानकारी के बाद भी पन्ना के दोनों सामान्य वन मण्डल उत्तर एवं दक्षिण के जिम्मेदार अधिकारियों ने वन्य प्रांणियों व जंगल की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये। यही वजह है कि जंगल में शिकारी व माफिया बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशिक्षित मैदानी वन अमले की गैरमौजूदगी से हालात दिनों दिन तेजी से बिगड़ रहे हैं। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों दक्षिण वन मण्डल पन्ना के रैपुरा-मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती ग्रामों में पानी की तलाश में घुसे तेंदुए ने 20 लोगों पर हमला हमला किया था, जिनमें तीन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अन्य घटना में पन्ना शहर के समीप मनकी-जरधोवा के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गये श्रमिक बेटूलाल आदिवासी को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था।

बेजुवानों की जान ले रही प्यास-

भीषण सूखा की त्राशदी झेल रहे पन्ना जिले के जंगलों और आबादी क्षेत्रों में जल श्रोतों के सूखने से हाहाकार मचने लगा है। इसे अदूरदर्शिता ही कहा जायेगा कि पन्ना जिला जल अभाव ग्रस्त घोषित होने के बावजूद प्रचण्ड गर्मी के इन मुश्किल दिनों में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए सामान्य वन मण्डल उत्तर व दक्षिण के अधिकारियों द्वारा जरूरी इंतजाम नहीं किये गये। जबकि सामान्य वन क्षेत्रों का अधिकांश हिस्से के प्राकृतिक जल श्रोत पूर्णतः सूख चुके हैं। नतीजतन पानी की तलाश में भटकते हुए वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में पहुंचने से वन्य प्रांणियों व मानव के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है। इस मौके का फायदा उठाने के लिए जल श्रोतों के आसपास पेशेवर शिकारी सक्रिय हो गये हैं, यह स्थिति अत्यधिक चिन्तनीय है।

चीतल के प्यासे बच्चे का कुत्तों ने किया शिकार-

      प्यास से बेहाल वन्य जीवों के आबादी क्षेत्र में आने पर वे आवारा कुत्तों का भी शिकार बन रहे है। पवई कस्बे के निकट बेंदी हार में पानी की तलाश करते हुए आये चीतलों के झुण्ड में से एक प्यासे बच्चे को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। आसपास मौजूद लोगों के मौके पर पहुंचने से आवारा कुत्ते चीतल को खा नहीं पाये। शिकार की यह घटना पवई मुख्यालय के पास की होने के कारण वन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आ गई। चीतल के शव का पोस्ट मार्टम कराने के बाद वन अधिकारियों ने उसे जलवा दिया।

इनका कहना है-

       ‘‘पवई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत तेंदुआ, भालू व चीतल के शिकार कि जानकारी मिली है। पोस्टमार्टम होेने के बाद ही ज्ञात होगा कि शिकार किस तरह से हुआ है। प्रथम दृष्टया शिकार के इन मामलों में किसी की लापरवाही तय कर पाना मुश्किल है।‘‘
                                                                          मीना मिश्रा, डीएफओ दक्षिण वन मण्डल पन्ना

इनका कहना है-

-‘‘शिकार की घटनाएं बेहद गंभीर मामला है। मैं पवई जा रहा हूं, संबंधित अधिकारियों से शिकार की घटनाओं की जानकारी ली जायेगी। एनटीसीए के मापदण्डों के अनुसार जांच कराई जायेगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आयेगें उसके अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध एक्शन लिया जायेगा।‘‘
-राघवेन्द्र श्रीवास्तव, मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर

पहली बार देखा सभी का ख्याल रखने वाला शिवराज जैसा मुख्यमंत्री

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सम्मेलनों में मुख्यमंत्री से मिलकर गदगद हैं सभी वर्ग के लोग 

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसान, श्रमिक और अन्य गरीब वर्ग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिल से अपने परिवार का मुखिया मानने लगा है। मुख्यमंत्री का देहाती क्षेत्रों में दिन-रात तूफानी दौरा और गाँव वालों से सहज भाव से मन की बात करने की शैली से ये सभी बहुत प्रभावित हैं। प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हो रहे सम्मेलनों में अब गरीब वर्ग, किसान और श्रमिक अपनी मर्जी से मुख्यमंत्री से मिलने और बातचीत के लिये पहुँचने लगे हैं। नौतपा की तेज गर्मी भी लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने से रोक नहीं पाई है।

हाल ही में 26 मई को आगर-मालवा में हुए तेंदूपत्ता संग्राहक एवं श्रमिक सम्मेलन में सभी वर्गों के जरूरतमंद महिला-पुरुष मुख्यमंत्री श्री चौहान का अपनापन पाकर गद्गद हो गये। कृषक धीरज सिंह, भगवान सिंह चौहान, राजू बाई, सुजान सिंह, दिनेश कुमार, बहादुर सिंह, दयाराम, विक्रम का कहना है कि हमारी हर समस्या, हर जरूरत बिना हमारे बोले मुख्यमंत्री खुद आगे बढ़कर पूरी कर रहे हैं। जिंदगी में पहली बार देख रहे हैं गरीबों, किसानों और सबका ख्याल रखने वाला शिवराज जैसा मुख्यमंत्री।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री से मिलने के बाद किसान धीरज सिंह ने खेती छोड़ने का इरादा बदल दिया है। उनके दो बेटे और एक बेटी है। उनका कहना है कि अब हम खेती का नफा-नुकसान क्यों सोचें। अब तो बेटों को भी खेती में ही लगाऊँगा। मुख्यमंत्री ने भावांतर भुगतान योजना में प्रोत्साहन राशि देकर हमें बर्बाद होने से बचाया है। उन्होंने किसानों के लिये जितना किया है, इसके पहले किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया। ग्राम रातड़िया के किसान दयाराम किसानों के हित में लिये गये फैसलों से खुश हैं और चैन से अगली फसल की तैयारी कर रहे हैं। 



ग्राम पचेटी के किसान भगवान सिंह चौहान ने पिछले साल 100 क्विंटल गेहूँ बेचा था। राज्य सरकार ने उन्हें इस साल, पिछले साल बेचे गेहूँ पर 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी है। समर्थन मूल्य पर चना बेचने पर उन्हें 4400 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिला है। पहले चना बेचने पर 3400 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल पाता था। पिछले सीजन में 70 क्विंटल चना बेचा था। इस प्रकार उन्होंने 70 हजार रुपये मुनाफा कमाया है। ग्राम हाबर के किसान शंकरलाल राठौर की पिछले वर्ष फसल खराब हो गई थी। उन्होंने कृषि अधिकारियों की मदद से क्लेम भरा। कम समय में उन्हें 2 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से फसल बीमा मुआवजा की राशि मिल गई। ग्राम गंगापुर के किसान सुजान सिंह बरनावत भावांतर भुगतान योजना को किसानों के लिये संजीवनी बताते हैं।

ग्राम रोकड़ा के किसान बहादुर सिंह परम्परागत खेती करते थे। भावांतर भुगतान योजना में अन्य फसलों को भी शामिल करने के बाद उन्होंने सरसों और मसूर भी लगाने का निर्णय लिया। ग्राम कनासिया के किसान विक्रमसोयाबीन का 2800 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलने पर खुश है। ग्राम हिरपुरभज्जा शाजापुर के 55 वर्षीय निर्धन शिवनारायण ने प्रधानमंत्री आवास योजना में घर मिलने पर मुख्यमंत्री की तारीफ की है। पहले उनके सिर पर केवल बरसाती होती थी। अब पक्की छत है। ग्रामीण बाबूलाल अहिरवार ने मुख्यमंत्री पेयजल योजना से उनके गाँव की पीने के पानी की समस्या हल होने पर राज्य शासन का आभार माना है। ग्राम कानड़ के खेतिहर मजदूर रघुराम ने बताया कि पहले मजदूरों की तकलीफ को कोई समझता नहीं था। हम लोग अकेले ही अपनी तकलीफ सहते थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना लागू कर बहुत बड़ी राहत पहुँचाई है। इसी गाँव की राजूबाई को उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन मिलने से उसका परिवार खुश है।

आलिया की ‘‘राजी‘‘ ने की 100 करोड़ के क्लब में इंट्री

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नई दिल्ली। अभिनेत्री आलिया भट्ट की हालिया रिलीज फिल्म ‘‘राजी‘‘ दर्शकों को काफी पसंद आई है। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी आलिया की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्थिति यह है कि फिल्म ने शानदार कमाई के साथ 100 करोड़ के क्लब में एंट्री कर ली है। फिलहाल ये फिल्म 102.50 करोड़ की कमाई कर चुकी है। जंगली पिक्चर्स और धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म ने बीते शुक्रवार को 2.25 करोड़ रुपए की कमाई की और शनिवार को 89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4.20 करोड़ रुपए की कमाई की। 17वें दिन रविवार को भी फिल्म ने अच्छा कलेक्शन किया और 4.42 करोड़ की कमाई कर डाली। इस तरह फिल्म ने तीसरे वीक में कुल मिलाकर लगभग 10.87 करोड़ की कमाई करते हुए 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई। बता दें कि फिल्म में आलिया ने कश्मीरी लड़की का किरदार निभाया है, जो पाकिस्तानी सेना में कार्यरत मेजर इकबाल से शादी करती है और भारत के लिए जासूसी करती है। आलिया के जासूस वाले इस किरदार को काफी पसंद किया गया है। बता दें कि इस फिल्म में 1971 के दौरान भारत-और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात के दौरान की गई एक कश्मीरी लड़की की सच्ची कहानी पर आधारित है। उल्लेखनीय है कि ये फिल्म रिटायर्ड नेवी ऑफिसर हरिंदर सिक्का के ‘‘नॉवल कॉलिंग सहमत‘‘ पर आधारित है, जिसे जंगली पिक्चर्स और धर्मा प्रोडक्शन ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। फिल्म में मेजर इकबाल के रोल में नजर आनेवाले विकी कौशल का कहना है कि इकबाल के किरदार ने पाकिस्तानी ऑफिसर के उस दायरे को तोड़ दिया है जिसे हम पिछले कुछ वक्त से अपनी फिल्म में दिखाते थे। फिल्म में इकबाल एक नरम दिल का अच्छा पाकिस्तानी है। फिल्म में सहमत का किरदार निभाने वाली आलिया भट्ट का कहना है, श्फिल्म राजी पाकिस्तान को नीचा नहीं दिखाती है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हिंदुस्तान के आगे कुछ नहीं। हम तो कह रहे हैं कि वतन के आगे कुछ नहीं। वतन तो मेरा भी हो सकता है और तुम्हारा भी हो सकता है।