Homeमध्यप्रदेशसंबल योजना की निगरानी समिति में होगी महिलाओं की भागीदारी - मुख्यमंत्री

संबल योजना की निगरानी समिति में होगी महिलाओं की भागीदारी – मुख्यमंत्री

छिन्दवाड़ा जिले के सिंगोड़ी में कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खुलेगा 

मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा जिले को दी 87 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात 

32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली 6 करोड़ 74 लाख बोनस राशि 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की भलाई के लिये क्रियान्वित मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना की पंचायत और वार्ड-स्तर पर सतत निगरानी की जायेगी। निगरानी का उद्देश्य होगा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति 5 सदस्यीय होगी और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जायेगी। श्री चौहान आज छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा नगर में तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में नीट की परीक्षा में सफल 13 विद्यार्थियों के साथ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर घोषणा की कि सिंगोड़ी में सरकारी कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खोली जायेगी। उन्होंने कहा कि शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या होने पर एमएससी पाठ्यक्रम की क्लासेस भी प्रारंभ करवाई जायेंगी। श्री चौहान ने नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके साथ फोटो निकलवाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हित-लाभ भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में छिन्दवाड़ा जिले में लगभग 87 करोड़ लागत के 21 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। करीब 32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 6 करोड़ 74 लाख रुपये बोनस राशि ऑनलाइन वितरित की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आये तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुकाएँ पहनाईं और पानी की कुप्पी भेंट की। महिला तेन्दूपत्ता संग्राहकों को साड़ियाँ भेंट की गईं। श्री चौहान ने सम्मेलन में गरीब, श्रमिक और किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संबल योजना में श्रमिकों के साथ-साथ गरीब तबके के अन्य वर्गों और ढाई एकड़ तक की भूमि के स्वामित्व वाले किसानों को भी लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना इन वर्गों को समाज की मुख्य-धारा से जोड़ेगी। सम्मेलन में राष्ट्रीय अनुसूचित-जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उईके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, महापौर श्रीमती कांता सदारंग, भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, विधायक सर्वश्री चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं. रमेश दुबे, नानाभाऊ मोहोड़ और नत्थन शाह कवरेती, महाकौशल विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष जैन, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में तेन्दूपत्ता संग्राहक, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments