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एमपी पुलिस का टेरर टैक्स | रेत के ट्रकों से सभी थानों में होती है इंट्री वसूली

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इंट्री वसूली के खिलाफ अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल को ज्ञापन सौंपते ट्रक आनर्स।

रुपये ना देने पर मनमाने तरीके से कार्रवाई कर बनाते हैं दबाब

अवैध वसूली से परेशान ट्रक मालिकों ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा

कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन सौंपकर इंट्री वसूली बंद कराने की गई मांग

पन्ना। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी उपलब्धियों गिनाते हुए अक्सर ही यह कहते हैं कि उन्होंने मध्यप्रदेश की धरती से दस्यु गिरोहों का सफाया कराकर उनके आतंक अंत कर दिया है। यह बात काफी हद तक सही है, लेकिन एक कटु सत्य यह भी मौजूदा सरकार की छत्रछाया में कतिपय वर्दीधारी डकैत पैदा हो गए हैं। ये आम नागरिकों के लिए जंगल में रहने वाले डकैत गिरोहों से कहीं अधिक खतरनाक है। शासन-प्रशासन की सरपरस्ती में इनका आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि जंगल में रहने वाले दस्यु गिरोह मौका देखकर कभी-कभार रात के अंधेरे में छिपते-छिपाते अपहरण या लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर धन उगाही करते थे, लेकिन कतिपय वर्दीधारी डकैतों ने खुलेमाम लूट मचा रखी है । आरोप है कि इनके द्वारा अपने पद व नियम-कानूनों का मनमाने तरीके से दुरूपयोग करते हुए रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से गुण्डा टैक्स की तर्ज पर दबाव देकर वसूली की जा रही है। पन्ना जिले में ऐसा कोई भी थाना या चौकी नहीं है जहां रेत के वाहनों से इंट्री शुल्क के रूप में वसूली न की जा रही हो। यह हम नहीं बल्कि पन्ना जिले के समस्त ट्रक ऑनर्स कह रहे हैं। इनमें कुछ ट्रक मालिक सत्तधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कद्दावर नेता भी हैं। पुलिस की इंट्री वसूली को लेकर इनमें गहरा रोष व्याप्त है। इस टेरर टैक्स के खिलाफ लामबंद ट्रक मालिकों ने गुरुवार को पन्ना आकर कलेक्टर मनोज खत्री को इस संबंध पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बड़ी स्पष्टता के साथ यह उल्लेख किया गया है कि पुलिस द्वारा मासिक इंट्री शुल्क उगाही के लिए कौन-कौन से हथकंडे अपनाकर उन्हें परेशान और मजबूर किया जा रहा है। इसके पूर्व उक्त ज्ञापन अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल और पन्ना पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया था। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से धर्मेंद्र सिंह, अवध तिवारी, सुखदेव मिश्रा, प्रेम सिंह यादव, बब्लू सिंह, धीरेन्द्र सिंह, आमोद रावत, रवि रावत, राहुल कुशवाहा, रवि तिवारी, रामचंद्र गुप्ता, मुल्लू गुप्ता, सचिन पटेल, नंदू मुखिया सहित अन्य लोग शामिल रहे।

इंट्री शुल्क ना देने पर बना देते फर्जी प्रकरण

सांकेतिक फोटो।

पन्ना जिले में टेरर टैक्स बन चुकी पुलिस की इंट्री वसूली का हाल यह है कि वैधानिक तरीके से रॉयल्टी जमा करने के पश्चात् निर्धारित क्षमता से कम (अंडर लोड) रेत का परिवहन करने के बाद भी ट्रकों को किसी ना किसी बहाने जबरन अवैध तरीके से पकड़कर प्रकरण दर्ज किये जा रहे हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि इंट्री वसूली के लिए दबाब बनाने के मकसद से उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिले के सभी पुलिस थानों और चौकियों में इंट्री शुल्क उगाही की जाती है। जोकि 5,000 हजार से लेकर 10,000 तक होती है। इंट्री शुल्क ना देने पर ट्रकों के खिलाफ पहले कार्रवाई करने की धमकी देते हैं और फिर झूठा केस बना देते हैं। मालूम होकि सीजन में पन्ना जिले की वैध-अवैध रेत खदानों से प्रतिदिन 400-500 ट्रक रेत का परिवहन होता है। बारिश के मौसम में ट्रकों की संख्या घटकर 100-150 तक हो जाती है। रेत से लोड वाहन जिस भी थाना या चौकी क्षेत्र से गुजरता है वहां चल रहे रेट के अनुसार प्रति वाहन के हिसाब से मासिक 5,000 हजार से लेकर 10,000 तक इंट्री शुल्क जमा करनी पड़ती है। इस तरह पन्ना जिले के सभी पुलिस थानों को हर महीने सिर्फ रेत के वाहनों से ही अवैध वसूली के रूप में लाखों रुपये की काली कमाई हो रही है। ट्रक ऑनर्स की मानें तो अजयगढ़ थाना में सबसे ज्यादा इंट्री शुल्क वसूली की जा रही है। वर्तमान में यहां प्रति वाहन से 20,000 रूपए लिए जा रहे हैं जबकि पूर्व में इंट्री शुल्क 15,000 हजार रुपये थी। विदित हो कि पन्ना जिले की अधिकांश रेत खदानें अजयगढ़ थाना क्षेत्र में ही स्थित हैं।

रुपये लेकर छोड़ते हैं वाहन

सांकेतिक फोटो।

अवैध वसूली से परेशान ट्रक मालिकों ने ज्ञापन के माध्यम से यह आरोप लगाया है कि उनके वाहनों को पुलिस द्वारा खनिज या राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति के बगैर मनमाने तरीके से पकड़कर थाना में खड़ा कराकर मोटी रकम की मांग की जाती है। रुपये ना देने पर वाहनों को कार्रवाई के नाम पर 2-3 माह तक खड़ा रखा जाता है। जिससे ट्रकों के टायर, कमानी आदि कलपुर्जों को क्षति पहुंचती है और वाहन मालिक को लाखों रुपये का नुकसान होता है। उधर इसका सीधा असर ट्रकों पर आश्रित ड्राइवर, क्लीनर और हेल्पर की रोजी-रोटी पर पड़ता। लगभग 2-3 माह तक बेरोजगार रहने से इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ जाती है। अजयपाल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन अजयगढ़ के अनुसार पिछले दो माह से पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय वाहनों को चलने नहीं दिया जा रहा है। जबकि उत्तरप्रदेश के लिए रेत परिवहन करने वाले वाहनों से मोटी रकम लेकर उनकी प्रतिदिन निकासी की जा रही है। रेत के वाहनों से वसूली का आलम यह है कि डायल-100 में तैनात पुलिसकर्मी रास्ते में वाहनों को रोककर वसूली करते हैं। हालांकि ऐसा नहीं कि पन्ना जिले के थानों में और डायल-100 में तैनात सभी पुलिसकर्मी इंट्री वसूली में लिप्त हैं। कई पुलिसकर्मी ईमानदार हैं और वे इस अवैध वसूली के सख्त खिलाफ भी हैं।

डीजीपी की ताकीद भी बेअसर

डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला के पन्ना प्रवास के दौरान प्रेसवार्ता का फाइल फोटो।

मध्यप्रदेश पुलिस के प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला की ताकीद के बाद भी पन्ना जिले की पुलिस रेत की ठेकेदारी का मोह छोड़ नहीं पा रही है। कुछ माह पूर्व जिले के अल्प प्रवास पर आये डीजीपी श्री शुक्ला ने एक सवाल का जबाब देते हुए बड़े ही स्पष्ट तौर पर यह कहा था कि रेत के अवैध उत्खन्न-भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए खनिज विभाग और राजस्व अधिकारी हैं। रेत या शराब पकड़ना पुलिस का काम नहीं है। यदि किसी कार्रवाई में खनिज या राजस्व विभाग के अधिकारी सहयोग मांगते हैं तो पुलिस उन्हें सहयोग दे सकती है। बकौल डीजीपी शासन व्यवस्था में हर विभाग अपनी की जिम्मेदारी तय है, इसलिए बेहतर यही होगा कि पुलिस अपना मूल कार्य करे। डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने प्रेसवार्ता जब यह बात कही थी तब आईजी सागर वहां उपस्थित थे। इसके बाद भी रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से पुलिस की इंट्री वसूली बेखौफ चल रही है। स्थिति यह है कि रेत के वैध-अवैध कारोबार में खनिज विभाग की भूमिका जहां कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गई वहीं पन्ना पुलिस वर्दी का रौब दिखाकर इसके केंद्र में आ गई है।

साहब, अब आप ही बताएं हम क्या करें

रेत के ट्रकों से पुलिस की अवैध वसूली के खिलाफ एकजुट अजयगढ़ के ट्रक आनर्स।

पुलिस के इंट्री वसूली रूपी टेरर टैक्स से परेशान हो चुके ट्रक मालिकों ने गुरुवार 23 अगस्त 2018 को पन्ना आकर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए इससे निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ट्रक मालिकों ने दोनों अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनसे पूंछा था कि वे किस नियम-कानून से अपने वाहनों का संचालन करें ताकि उनसे इंट्री वसूली न हो और पुलिस द्वारा उनके वाहनों को अनावश्यक रोका ना जाये। इस संबंध ट्रक मालिकों ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। साथ ही वाहनों के पकड़े जाने पर नियमनुसार अर्थदण्ड (जुर्माना) की कार्रवाई कर उन्हें तत्परता से छोड़ने की मांग की गई है। इस मामले को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लेते रेत के वैध परिवहन को पूर्ण संरक्षण प्रदान करने और वाहनों से अवैध वसूली पर प्रभावी रोक लगाते हुए इसमें लिप्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। एसपी के आश्वासन के बाद फ़िलहाल इंट्री वसूली पर अंकुश लगने की उम्मीद की जा रही है। हलांकि यह तो कुछ समय बाद ही पता चल पायेगा कि इंट्री वसूली पर पूर्णतः रोक लग पाती है या फिर पूर्व की तरह यह जारी रहती है।

इनका कहना है-     अजयगढ़ थाना में सबसे ज्यादा इंट्री शुल्क 20,000 रूपए महीना लिया जा रहा है। अन्य थानों में 5,000-10,000 रूपए लगते हैं। अवैध वसूली इतनी बढ़ गई है कि सभी ट्रक मालिक बहुत परेशान हैं। ईटीपी लेकर चलने, वाहन अंडर लोड होने के बाद भी उन्हें पकड़ा जाता है और रुपये लेकर छोड़ने के बाद मासिक इंट्री ना देने पर पुनः पकड़ने की धमकी दी जाती है।

सुखदेव मिश्रा, ट्रक ऑनर्स

अजयगढ़ से लेकर सतना तक सभी थानों में रेत के वाहनों से पुलिस अवैध तरीके से इंट्री वसूली करती है यह सबको पता है। वैधानिक तरीके से परिवहन करने वालों को अनावश्यक परेशान ना किया जाये इस संबंध में सभी ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा है।

धर्मेंद्र सिंह, व्यवसाई

रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगा है इसलिए कुछ लोग अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। वे कुछ भी कहने के लिए स्वतंत्र हैं।

वीरेन्द्र बहादुर सिंह, टीआई थाना अजयगढ़

पुलिस की इंट्री वसूली की मुझे जानकारी नहीं है, यदि अवैध वसूली हो रही है तो यह अनुचित और आपत्तिजनक है। इस पर रोक लगवाने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे।

सतानंद गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना

रेत का वैधानिक तरीके से परिवहन करने पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी। इंट्री वसूली के आरोपों की जांच कराकर इसमें लिप्त पाये जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी। रेत पुलिस के फोकस में नहीं है हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता अपना मूल कार्य है।

विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना

निष्पक्ष और पारदर्शी रहकर निर्वाचन कार्य करें। निष्पक्ष हैं तो यह दिखना भी चाहिए

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जिला निर्वाचन अधिकारी ने की चुनावी तैयारियों की समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए- खत्री

पन्ना। रडार न्यूज    आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पन्ना जिले में निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन करने संबंधी दिशा-निर्देश आज जिला पंचायत सभागार में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए। जिले के अधिकारियों के साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, बीएलओ, रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिवों के संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर मनोज खत्री ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण तथा गहन परीक्षण के साथ ही संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिये। उन्होंने संयुक्त बैठक में उपस्थित कर्मचारियों का आकस्मिक ज्ञान परीक्षण भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर की मौजूदगी में वीवीपैट मशीन का संचालन एवं उसकी समस्त प्रक्रियाओं की जानकारी मास्टर ट्रेनर डॉक्टर संजय जड़िया एवं हरिराम माली द्वारा उपस्थित शासकीय कर्मियों को दी गई। इस दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप सभी शासकीय कर्मियों को निष्पक्ष और पारदर्शी रहकर आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने संबंधी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा यदि आप निष्पक्ष है तो निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। निर्वाचन संबंधी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी

उन्होंने पंचायत कर्मियों एवं बीएलओ से घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और स्त्री-पुरुष लिंगानुपात वास्तविक रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा स्वयं जाकर निरीक्षण करें एवं किसी प्रकार की कोई कमी ना रहने दे। लगभग ढ़ाई घंटे चली इस अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ जिला पंचायत डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, एसडीएम पन्ना बीबी पांडे, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, तहसीलदार एन. के. चौरसिया, जनपद पन्ना सीईओ सुश्री तपस्या जैन, नायब तहसीलदार सुश्री दिव्या जैन के साथ ही जिले के स्वीप नोडल अधिकारी प्रोफेसर विनय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

बैठक में अनुपस्थित दो सचिव निलंबित, जीआरएस देवरी की हुयी सेवा समाप्त

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कलेक्टर ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

जनपद पंचायत पन्ना के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

पन्ना। रडार न्यूज    विधानसभा चुनाव के पूर्व पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री एक्शन मोड में आ गये हैं। फलस्वरूप प्रशासन में इन दिनों थोड़ी कसावट आई है। जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा निर्वाचन की तैयारियों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की गयी। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत खपटहा और जनकपुर के सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। शालाओं की निगरानी में शिथिलता बरतने और निर्देशों पर अमल ना करने पर चर्चित जनशिक्षक अम्बुज श्रीवास्तव को तत्काल पन्ना से हटाकर शाहनगर विकासखण्ड में पदस्थ करने के निर्देश कलेक्टर ने डीपीसी को दिए हैं। इसके अलावा अन्य लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सभी पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों को, जिन मतदान केन्द्रों में महिला मतदाताओं की संख्या कम हैं उनमें पात्र सभी महिलाओं के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 भराकर संबंधित बीएलओ के पास दिनांक 25 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार ग्राम पंचायत के समस्त मतदान केन्द्रों में विकलांग मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची में यदि उनके नाम नहीं है तो नाम जोड़ने की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यों का सुपरविजन एडीईओ-पीसीओ द्वारा किया जाएगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत इनकी ड्यूटी लगाएं। डीपीसी सभी मतदान केन्द्रों में रैम्प बनवाएं। उन्होंने मतदान केन्द्रों के अनुसार ट्राईसाईकिल की मांग शासन को प्रेषित करने हेतु उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिये ।

एमडीम की गुणवत्ता जांचें

विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने पर शिक्षा की गुणवत्ता एवं मानीटरिंग हेतु पूर्व में दिये गये निर्देशों का अमल न करने पर कलेक्टर द्वारा अम्बुज श्रीवास्तव जन शिक्षक को तत्काल पन्ना से हटाकर शाहनगर विकासखण्ड में पदस्थ करने के निर्देश जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना को दिये गये। समस्त जनशिक्षकों को शालाओं का नियमित निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा अनुपस्थित शिक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु नाम प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना को निर्देश दिये कि वह प्रतिमाह मध्यान्ह भोजन की खण्ड स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित करें तथा उसमें गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन प्रदाय न करने वाले समूहों के विरूद्ध कार्यवाही करें।

लापरवाह ग्राम रोजगार सहायक की गई नौकरी

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में आवास पूर्ण नहीं है अथवा कम आवास पूर्ण है वह 31 अगस्त 2018 तक अधिक से अधिक आवास पूर्ण करायें। बैठक में अनुपस्थित सचिव ग्राम पंचायत खपटहा अखिलेश गर्ग, राकेश उरमलिया सचिव ग्राम पंचायत जनकपुर को निलंबित किया गया। योजनाओं की जानकारी न होने तथा ग्राम पंचायत में आवास पूर्ण न कराने पर सुश्री वर्षा राजपूत ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत देवरी की संविदा सेवा समाप्त की गयी। साथ ही बृन्दावन कुशवाहा पंचायत समन्वय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत भसूंड़ा की प्रगति कम होने के कारण ग्राम पंचायत का वित्तीय प्रभार सचिव रमेश कुशवाहा से हटाकर देवीदयाल सेन ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत भसूंड़ा को दिया गया।

फाँसी की सजा से मंदसौर घटना में हुआ न्याय : शिवराज सिंह

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फाइल फोटो।

मुख्यमंत्री ने पुलिस, अभियोजन अधिकारियों की तत्परता की सराहना

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर में मानवता को कलंकित करने वाली त्रासदपूर्ण घटना में दोषियों को फाँसी की सजा होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें न्याय हुआ है। घटना में दोषी व्यक्तियों को फाँसी की सजा दिलाने में जिला अदालत, पुलिस और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों ने जो तत्परता दिखाई है वह सराहनीय है। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिये सिर्फ फाँसी ही सजा है। पीड़ित बेटी प्रदेश की बेटी है। उसका हर तरह से पूरा ख्याल रखा जायेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घटना की जाँच में मंदसौर जिला पुलिस की अनुसंधान टीम ने तत्परता के साथ कार्य किया और दोषियों को फाँसी देने के लिये सभी साक्ष्य जुटाये। अभियोजन की कार्रवाई मात्र आठ दिन में पूरी की गई। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों का दोष सिद्ध पाया और फाँसी सजा सुनाई। इस प्रकरण में जिस कर्त्तव्य-निष्ठा और कार्य-कुशलता के साथ पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने दोषियों को फाँसी की सजा दिलवाने का काम किया, वह काबिले तारीफ है। ऐसी जघन्य घटनाओं के प्रति राज्य शासन संवेदनशील है। दरिंदों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जायेगा। मध्यप्रदेश ने ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को फाँसी दिलाने का काम किया है।

शिवराज के मंत्री सड़क पर खड़े होकर लोगों से करेंगे सुरक्षा नियमों के पालन की अपील

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई।

सड़क-सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाने के निर्देश 

शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 10 हजार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किये

मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक

भोपाल। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता के साथ व्यापक अभियान का संचालन 4 सितंबर से शुरू किया जाये। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि नियमों के पालन के लिये प्रवर्तन से पूर्व समझाइश की पहल की जानी चाहिए। लोगों को सड़क सुरक्षा की समस्या पर विचार करने के लिये प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रेरणा और प्रोत्साहन के प्रयास बेहद जरूरी हैं। भोपाल में जन-जागृति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य सड़क पर खड़े होकर नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील करें। सप्ताह के दौरान प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों में भी जन-जागृति का कार्य करें। उन्होंने जन-जागृति अभियान में धर्मगुरुओं और समाज सेवियों का सहयोग प्राप्त करने के लिये कहा ताकि सड़क-सुरक्षा नियमों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच निर्मित हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान चलाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि अभियान के संबंध में अग्रिम सूचना को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाये। पर्याप्त मात्रा में ब्रीथ एनालाइजर और स्पीड गन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये, ताकि मदिरा पीकर और तेज गति से ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध प्रमाणिक कार्रवाई हो सके।

गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में प्रदेश में 10 हजार वाहन चालन अनुज्ञप्तियों को निलंबित किया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला सहित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूद थे।

वृहद परियोजना नियंत्रण मण्डल द्वारा 1925 करोड़ की निविदायें स्वीकृत

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सांकेतिक फोटो।

तीन जिलों में 2.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेगी सिंचाई सुविधा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई नियंत्रण मंडल की 110वीं बैठक

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल जल-संसाधन विभाग की 110वीं बैठक आज मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में कुण्डलिया सिंचाई परियोजना की दांयी तट वितरण प्रणाली के डिजाईन बिल्ड ऑपरेट, बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत बांध निर्माण, पार्वती कम्पोजिट ग्रेविटी बांध निर्माण और सीता नगर परियोजना अंतर्गत कंपोजिट ग्रेविटी बांध निर्माण के 1925 करोड़ के कार्यों की निविदाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। कार्य की पूर्णता पर राजगढ़, सागर और दमोह जिले के कुल 2 लाख 18 हजार हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि परियोजनाओं का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और समय-सीमा में पूर्ण हों। कार्यों की निरंतर निगरानी की जाये। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कुण्डलिया परियोजना के अंतर्गत काली सिंध नदी पर राजगढ़ जिले के विकासखंड जीरापुर के गांव सिरपोई में बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। बांध में सिंचित जल से 1 लाख 25 हजार हेक्टेर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी। पेयजल के लिये 10 मिलियन घनमीटर और औद्योगिक उपयोग के भी लिये 15 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध होगा। साथ ही, 30 मिलियन घनमीटर जल का प्रावधान पर्यावरण कार्यों के संरक्षण के लिये किया गया है।

बैठक में बताया गया कि राजगढ़ में लगभग 65 हजार हेक्टेयर में उच्च-स्तरीय सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। कार्य पूर्णता पर 64 हजार 656 हेक्टेयर प्रेशराईज्ड एवं सूक्ष्म पाईप लाइन द्वारा सिंचाई की जल वितरण प्रणाली स्थापित की जायेगी। परियोजना से राजगढ़ जिले के 255 ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। बीना संयुक्त सिंचाई एवं उद्देश्यीय परियोजना अंतर्गत सागर जिले में राहतगढ़ के गांव गावरी के समीप बीना नदी पर बांध निर्माण प्रस्तावित है। बांध की कुल भराव क्षमता 270 मिलियन घनमीटर होगी। इसमें तीन ग्रामीण पेयजल समूह योजना के लिये 37 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित रहेगा। इस बांध से 10 किलोमीटर नीचे एक अन्य बांध चकरपुर का निर्माण भी प्रगतिरत है। दोनों बांधों का संयुक्त जल-भराव 300 मिलियन घनमीटर होगा। इससे सागर जिले के 403 ग्रामों की कुल 90 हजार हेक्टेयर भूमि में एक हेक्टेयर चक तक भूमिगत पाईप लाइन बिछाकर स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचाई की जायेगी।

राजगढ़ जिले के ग्राम फतेहपुर के समीप पार्वती नदी पर बांध निर्माण परियोजना प्रस्तावित है। इस बांध की कुल जल-भराव क्षमता 172 मिलियन घनमीटर है। परियोजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 48 हजार हेक्टेयर है। पेयजल के लिये 10 मिलियन घनमीटर पानी का प्रावधान किया गया है। दमोह जिले के विकासखंड पथरिया के ग्राम सीतानगर के समीप सोनार नदी पर सीता नगर परियोजना प्रस्तावित है। बांध की कुल भराव क्षमता 65 मिलियन घनमीटर से अधिक है। परियोजना के जलाशय से जल का उद्वहन कर भूमिगत पाईप लाइन द्वारा उच्च दाब पर एक हेक्टेयर तक जल प्रदाय कर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पद्धति से दमोह जिले की 16 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की सिंचाई होगी। इसमें दमोह तहसील का 11 हजार 400 हेक्टेयर और पथरिया तहसील का 4 हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। बैठक में वित्त मंत्री जयंत मलैया, जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्र और नियंत्रण मंडल के सदस्य मौजूद थे।

अथिति शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर 23 को

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सांकेतिक फोटो।

कलेक्टर के निर्देश पर समस्याओं के निराकरण के लिए 3 दल गठित

पन्ना। रडार न्यूज     मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया है कि 14 अगस्त को कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जिला पंचायत सभागार में 23 अगस्त 2018 को प्रातः 11 बजे अतिथि शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें जिले के अतिथि शिक्षकों की समस्याओं से संबंधित आवेदन पत्रों का निराकरण किया जाएगा। समस्याओं के निराकरण हेतु 3 दल गठित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम दल में जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. कुशवाहा, सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना आर.पी. शुक्ला तथा व्याख्याता डाइट पन्ना रविप्रकाश खरे उपस्थित रहेंगे। द्वितीय दल में प्राचार्य डाइट पन्ना आर.पी. भटनागर, योजना अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना के. के. सोनी तथा एडीपीसी आरएमएसए पन्ना श्रीमती भारती श्रीवास्तव उपस्थित रहेंगे। तृतीय दल में डीपीसी जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना विष्णु कुमार त्रिपाठी, व्याख्याता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना सुश्री मीना मिश्रा तथा व्याख्याता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना गजेन्द्र सिंह बुन्देला उपस्थित रहेंगे। दल अतिथि शिक्षकों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का विधिवत पंजी में संधारित कर नियमानुसार निराकरण कर जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती पर मरीजों को बांटे फल

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जिला चिकित्सालय पन्ना में मरीजों को फल वितरित करते कांग्रेस नेतागण।

कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि, बोले आधुनिक भारत के निर्माता थे राजीव गांधी

पन्ना। रडार न्यूज    आधुनिक भारत के निर्माता देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के मौके पर पन्ना नगर के समाजसेवी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज केसरवानी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पन्ना जिला चिकित्सालय में पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों को फल वितरित किए। इस मौके पर समाजसेवी मनोज केसरवानी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बदौलत आज विश्व पटल पर भारत उन्नत देशों की श्रेणी में है। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर क्रांति के मसीहा के रूप में राजीव गांधी को जाना जाता है। आज भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर है। उनका एकमात्र लक्ष्य था कि देश के लोगों का आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास हो। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के आदर्शों का अनुसरण ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। इस मौके पर किसान कांग्रेस अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनीष खान, जिला युवक कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष वैभव थापक, शफीक खान, शहीद खान सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिला चिकित्सालय पन्ना में मरीजों को फल वितरित किये तथा मरीजों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सोमवार की सुबह ग्राम जनकपुर के पास हुई बस दुर्घटना में घायल यात्रियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी प्राप्त की।

पीडब्ल्यूडी की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे निर्दोष ग्रामीण

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जल निकासी के लिए ऊँची पुलिया न बनाने से हो रहा जलभराव

लीपापोती कर पूर्व से निर्मित पुलियों पर बना दी थी सड़क

मोहन्द्रा (पन्ना)। रडार न्यूज    मोहन्द्रा के बस स्टैण्ड से लेकर जनकपुर मोहल्ला स्थित पानी की टंकी तक लगभग डेढ़ किमी का सड़क निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा वित्तीय वर्ष 2012-13 में लगभग 80 लाख रुपये में करवाया गया था। यह सड़क निर्माण कार्य भ्रष्टाचार के मटेरियल से बनवाये जाने के कारण अपनी शुरुआत से लेकर अंत तक विवादों में रहा। सड़क बन जाने के कुछ माह के अंदर ही इस रोड के परखच्चे उड़ना शुरु हो गये थे। तब अखबारों ने विभागीय अधिकारियों की आर्थिक सांठगांठ से निर्मित हो रही घटिया सड़क निर्माण कार्य की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। पर कमीशन की एवज में कुंभकर्णी मुद्रा में सो रहे इस निर्माण कार्य की जांच करने की जहमत विभाग के किसी भी अधिकारी ने नहीं उठाई। सड़क निर्माण में हुई धांधलेवाजी का खामियाजा ग्रामीण आज तक भुगत रहे है। यहां हालत यह है विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने नवीन पुलियों का निर्माण कराने की बजाय पहले से निर्मित पुलियों के ऊपर सीसी सड़क का निर्माण कार्य करा दिया। सड़क निर्माण कार्य में पानी की निकासी के लिये छोटे पाईप डालने के बजाय बड़े मझोले पाईप डालने की ग्रामीणों की मांग को ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों द्वारा नजरांदाज किया जाता रहा। बरसात के दिनों मे अगर एक घंटे भी बारिश हो जाये तो रहवासी घरों के अन्दर पानी चला जाता है, घरों की नालियां जाम हो जाती है। और सड़क झील में में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार घरें मे पानी भर जाने की शिकायत स्थानीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से तक की पर कोई नतीजा नहीं निकला। सवाल उठता है सैकड़ों साल पुराने कच्चे व कमजोर मकानों में पानी भर जाने के बाद उपजी शीलन से यदि कोई मकान भरभरा कर गिर जाये और उसमें कोई जनहानि हो जाये तो इसकी जिम्मेदारी किसके कन्धों पर आयेगी।

एमपी के पन्ना टाईगर रिज़र्व से आई बड़ी खुशखबरी !

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सांकेतिक फोटो।

बाघिन पी-222 ने तीन शावकों को दिया जन्म

करीब 6-7 माह से गायब थी बाघिन, जब मिली तो आई खुशियों की बहार

रेंजर और निगरानी दल ने  बाघिन को नन्हे शावकों के साथ जंगल में देखा 

पन्ना। रडार न्यूज      मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिज़र्व से सोमवार 20 अगस्त को बड़ी खुशखबरी आई है। यहां बाघिन पी-222 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इन नन्हें मेहमानों के आने से पन्ना टाईगर रिज़र्व अर्से भर बाद एक बार फिर से गुलजार हो गया है। बाघ शावकों के जन्म से पीटीआर में ख़ुशी का माहौल है। बाघिन पी-222 को निगरानी दल एवं रेंजर चंद्रनगर द्वारा तीन प्यारे से मासूम शावकों के साथ जंगल में देखा गया। इस गुड न्यूज का पता चलने के बाद से पार्क के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। इन शावकों की आयु लगभग 3 माह बताई जा रही है। पन्ना टाईगर रिज़र्व में जन्मी और पली-बढ़ी युवा बाघिन पी-222 का रेडियो कॉलर विगत 6-7 माह पूर्व खराब होने के कारण उसके सिग्नल नहीं मिल रहे थे। कभी-कभार उसके पगमार्क (पंजों के निशान) मिलते रहे। जिससे इस बाघिन की पार्क क्षेत्र में उपस्थिति के प्रमाण मिलते रहे।

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कई महीने बाद विगत दिनों 15 अगस्त 2018 को बाघ निगरानी दल और रेंजर चंद्रनगर ने बाघिन पी-222 को तीन नन्हें शावकों के साथ चंद्रनगर वन परिक्षेत्र अन्तर्गत देखने का दावा किया है। यानि कई महीनों तक प्रत्यक्ष तौर पर नजर ना आने वाली बाघिन पिछले दिनों जब अचानक सामने आई तो उसके साथ तीन शावक भी मौजूद थे, जोकि अठखेलियां कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस बाघिन ने तीसरी बार शावकों को जन्म देकर पन्ना टाईगर रिज़र्व में बाघों की वंश वृद्धि में अपना महत्पूर्ण योगदान दिया है। बाघिन पी-222 कान्हा टाईगर रिज़र्व से पन्ना लाई गई बाघिन टी-2 के दूसरे लिटर की दूसरी संतान है। पन्ना टाईगर रिज़र्व में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के तहत वर्ष 2009-10 में यहां बाघों को पुनः बसाने के लिए मध्यप्रदेश के अलग-अलग टाईगर रिज़र्व से आधा दर्जन बाघ-बाघिनों को पन्ना लाया गया था। इस अनूठे प्रयोग की ऐतिहासिक सफलता के फलस्वरूप यहाँ बाघों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। संकटग्रस्त बाघों के संरक्षण-संवर्धन के दृष्टिकोण से यह निश्चित ही अच्छी खबर है।