* 90 किलो वजनी लॉकर उठा ले गए चोर पर किसी को भनक तक नहीं लगी
* पन्ना शहर में बैंक ऑफ इंडिया के बाजू में चोरी की वारदात से फैली सनसनी
* माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूंछतांछ में जुटी पुलिस
शादिक खान,पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना शहर में स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिट ऍक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के ब्रांच ऑफिस से दरम्यानी रात लॉकर समेत 10 लाख से अधिक कैश चोरी होने की सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मचा है। शहर के आगरा मोहल्ला में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाजू में हुई चोरी की घटना का हैरान करने वाला पहलू यह है कि, फाइनेंस कंपनी के ऑफिस के जिस कमरे में ब्रांच मैनेजर समेत 7 कर्मचारी सोये हुए थे वहां से अज्ञात चोर इतना वजनी लॉकर उठाकर ले गये लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि फाइनेंस कंपनी का ऑफिस मकान के प्रथम तल में स्थित होने से लोहे की सीढ़ियों के रास्ते 90 किलो वजनी लॉकर को नीचे लाना आसान नहीं है।

जाहिर है चोरी की इस बड़ी वारदात को कई शातिर अपराधियों ने मिलकर अंजाम दिया है। जिस तरह का घटनाक्रम बताया जा रहा है उससे प्रथम दृष्टया माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ही संदेह के घेरे में हैं। बुधवार 5 दिसंबर की सुबह चोरी की घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पन्ना कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद कुजूर एवं एफएसएल टीम ने स्थल का निरीक्षण कर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनसे सघन पूंछतांछ शुरू कर दी है। इसके अलावा शातिर चोरों का सुराग लगाने के लिए आसपास के निजी और चोराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है।
कुछ घंटे पहले ही आये थे रुपये

पन्ना के आगरा मोहल्ला चौराहा के समीप बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाजू में स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिट ऍक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के ब्रांच ऑफिस में हुई चोरी की वारदात में कि मंगलवार 4 दिसंबर की रात्रि 8 बजे ही कटनी से करीब 8 लाख रुपये कैश स्व सहायता समूहों को ऋण वितरण हेतु आये थे। शेष राशि स्थानीय स्तर हुए कलेक्शन की थी। ब्रांच मैनेजर राजेश साहू ने बताया कि कटनी से मंगवाई गई राशि की इंट्री सहित अन्य कागजी कार्रवाई देर रात 11:30 बजे तक चलती रही फिर सभी लोग ऑफिस में ही सो गए। गौर करने वाली बात यह है अज्ञात शातिर चोरों ने इसके कुछ ही घंटे बाद जिस समय चोरी की वारदात को अंजाम दिया उस समय माइक्रो फाइनेंस कंपनी के लॉकर में पर्याप्त कैश रखा था।
सवाल उठ रहा है कि चोरी की घटना की टाइमिंग क्या महज एक संयोग है या फिर ऑफिस के कर्मचारियों के अलावा किसी और को कैश आने की पुख्ता जानकारी थी। जिस कमरे में पूरा स्टॉफ सोया हुआ था वहां से लॉकर समेत 10 लाख 50 हजार रुपये चोरी होने की किसी को भी भनक न लगने से लोग कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मान रहे है। अंदर से लॉक कमरों के दरवाजों में छोटा सा सुराख़ करके जिस तरह आसानी उन्हें खोला गया वह भी हैरान करने वाला है। मैनेजर राजेश साहू के अनुसार चोरी की घटना का पता बुधवार सुबह तब चला जब नींद से जागे कर्मचारी शंकर कुशवाहा ने लॉकर गायब देख और कमरे का लॉक खुला हुआ पाकर उन्हें व अन्य सहकर्मियों को इसकी जानकारी दी। उधर मकान मालकिन वृद्धा सियारानी साहू ने पत्रकारों को बताया कि रात में उसने जूतों की आहट से सुनी थी, लेकिन नींद में होने के कारण वह समझीं कि सुबह हो चुकी है और शायद कंपनी के कर्मचारी व्यायाम कर रहे हैं। सुबह जब वृद्धा सियारानी जागीं तो चोरी होने का पता चलते ही उनके होश उड़ गए।
एमपीईबी की चोरी का नहीं हुआ खुलासा









उप संचालक सामाजिक न्याय एवं सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास का संचालक एनजीओ इन दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करें। इन बच्चों को आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण दिलाने एवं डिग्री डिप्लोमा कोर्स के लिए चिन्हांकित किया जाए। ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनकर परिवार के लोगों का भी सहारा बन सकें। उन्होंने कहा कि जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए केवल एक ही बालक छात्रावास है। यहां बालक एवं बालिकाओं के लिए और छात्रावास खुल सकें इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांग किसी से कम नही हैं, अच्छे अवसर मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। आइए हम सब मिलकर दिव्यांगजनों के बारे में अच्छी जागरूकता समाज में फैलाएं।










उल्लेखनीय है कि वन विभाग की राज्य-स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स की कई प्रदेशों में कछुआ तस्करी से संबंधित महत्वपूर्ण सफलताओं को देखते हुए यह प्रकरण भी सौंपा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि सुलकाटा कछुए सहारा रेगिस्तान की इन्डेमिक प्रजाति है, जो पूरी दुनिया में प्राकृतिक रूप से केवल सहारा रेगिस्तान में ही पाई जाती है। अफ्रीका के देश चाड, सुडान, बुर्किनाफासो, नाइजीरिया, सेनिगल, इथोपिया आदि देशों में मिलने वाले इन कछुओं की तस्करी अफ्रीका से बांग्लादेश के रास्ते भारत तक अवैध रूप से की जाती है। संकटापन्न होने के कारण इसका व्यापार सीआईटीएस नियमों के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।


इस अवसर पर परियोजना के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी, कर्मचारी संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह एवं अध्यक्ष बाबूलाल, पीएचकेएमएस के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तथा एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश अहिरवार और सचिव संजय कुमार रोहितास ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित किया । परियोजना के उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव ने भारतीय संविधान की उद्देशिका का पाठ किया जिसको सभी गणमान्य अतिथियों ने दोहराया ।