मंत्री तरुण भनोत और प्रदीप जायसवाल को मिले 3-3 जिले
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को विभागों के आवंटन के बाद आज मंत्रियों को जिलों के प्रभार भी सौंप दिया। कई दिनों से इसे लेकर अटकलें लगाई जा रहीं थीं, आज मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंपने की सूची जारी होने के साथ ही सभी अटकलों पर विराम लग गया है। महत्पूर्ण बात यह है कि मंत्रियों को उनके गृह जिलों से दूर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में किसानों और कमजोर वर्गों से जुड़े मसलों पर संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए हैं। डॉ. प्रभुराम चौधरी को पन्ना और दमोह जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। मंत्रियों को मिले जिलों के प्रभार की सूची इस प्रकार है-
नाम मंत्री प्रभार वाले जिले
1. डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ – धार, बड़वानी
2. सज्जन सिंह वर्मा – उज्जैन, खरगौन
3. हुकुम सिंह कराड़ा – मंदसौर, नीमच
4. डॉ. गोविन्द सिंह – दतिया, भोपाल
5. बाला बच्चन – इंदौर
6. आरिफ अकील – सीहोर, भिण्ड
7. बृजेन्द्र सिंह राठौर – सागर, छतरपुर
8. प्रदीप जायसवाल – सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर
9. लाखन सिंह यादव – श्योपुर, मुरैना
10. तुलसी सिलावट – खण्डवा, बुरहानपुर
11. गोविन्द सिंह राजपूत – टीकमगढ़, निवाड़ी
12. इमरती देवी – गुना
13. ओमकार सिंह मरकाम – शहडोल, उमरिया
14. डॉ. प्रभुराम चौधरी – दमोह, पन्ना
15. प्रियव्रत सिंह – जबलपुर, कटनी
16. सुखदेव पांसे – छिंदवाड़ा, सिवनी
17. उमंग सिंघार – ग्वालियर
18. हर्ष यादव – रायसेन, विदिशा
19. जयवर्द्धन सिंह – राजगढ़ आगर-मालवा
20. जीतू पटवारी – शाजापुर, देवास
21. कमलेश्वर पटेल – बालाघाट, बैतूल
22. लखन घनघोरिया – रीवा, सतना
23. महेन्द्र सिंह सिसौदिया – अशोकनगर
24. पी. सी. शर्मा – होशंगाबाद, हरदा
25. प्रद्युम्न सिंह तोमर – शिवपुरी
26. सचिन सुभाष यादव -रतलाम
27. सुरेन्द्र सिंह बघेल – झाबुआ, अलीराजपुर
28. तरुण भनोत – नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी
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देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी द्वारा जांच प्रतिवेदन भेजे जाने पर पुलिस कप्तान ने विभाग की बदनामी से जुड़े इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। देवेन्द्रनगर टीआई हिमांशु चौबे ने जांच प्रतिवेदन में बताया है कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ उस दिन 100 डायल पुलिस वाहन का ग्राम सिमरी मड़ैयन के लिए कोई इवेंट सूचना नहीं था। अर्थात डायल 100 वाहन को बिना शासकीय कार्य के मनमाने तरीके से ले जाया गया था। बिना इवेंट के वाहन को ग्राम सिमरी मड़ैयन ले जाने और उसमें सरकारी अनाज की बोरियां लादकर वाहन दुरुपयोग किया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने दोषी सहायक उपनिरीक्षक मान सिंह, प्रधान आरक्षक कुंजबिहारी व आरक्षक कृष्ण प्रताप सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर विभागीय अमले को साफ संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और गलत कार्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय लक्ष्मी बस सर्विस की बस क्रमाँक-MP-13-P-3611 रविवार 6 दिसम्बर की शाम को टीकमगढ़ जिले के ओरछा से चित्रकूट के लिए रवाना हुई थी। यह बस देर रात 3 बजे जब पन्ना के समीप स्मृति वन पहुँची तो अचानक इंजन से धुँआ निकलने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। चालक-परिचालक ने सजगता दिखाते हुए हादसे की आशंका पर तुरंत तीर्थ यात्रियों को नींद से जगाकर बस से बाहर निकाला। इस बीच मची अफरा-तफरी के चलते कई यात्री जलती हुई बस से जल्दी से जल्दी बाहर निकलकर जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर कूद गए। राहगीरों की मदद से पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। आनन-फानन मौके पर पहुंचे दमकल चालक उत्तम सुनकर व रामआसरे साहू, फायर मैन अमित सेन, रुपेश शर्मा ने भी कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और फिर आग को काबू किया गया। हालांकि, बस तब तक पूरी तरह जल चुकी थी।
सोमवार देर रात हुए बस अग्निकांड ने तीन वर्ष पूर्व मड़ला घाटी में हुए हृदय विदारक भयावह हादसे की यादें ताजा कर दीं हैं। मई 2015 में मड़ला घाटी में चलती बस में आग लगने के बाद वह पुलिया के नीचे गिर गई थी। लाछागृह बनी बस में सवार रहे 22 यात्री जिंदा जलकर असमय काल-कवलित हो गए थे। इस हादसे में भी तीर्थ यात्रियों के बचने की उम्मीद नहीं थी। क्योंकि, तीर्थ यात्री बस में खाना पकाने के लिए 7 गैस सिलेंडर, बड़ी मात्रा में कैरोसीन, खाने का तेल आदि सामग्री रखे हुए थे। बस में जब आग लगी तो चालक-परिचालक ने सजगता और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत सभी यात्रियों को नींद से जगाकर बाल-बाल बचा लिया। वहीं दमकल कर्मियों ने समय रहते जलती हुई बस से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए जिससे उनमें ब्लास्ट नहीं हो सका। भीषण बस अग्निकांड में मौत के भयावह मंजर को करीब से देखने वाले तीर्थयात्री कोई जनहानि न होने को ईश्वरीय चमत्कार बता रहे हैं।






मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के बारे में प्राप्त होने वाले सुझावों और क्रियान्वयन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों के निराकरण के लिये मंत्रि-परिषद की समिति निर्णय लेगी। समिति मुख्य रूप से छूटे हुए किसानों से संबंधित निर्णय लेगी। किसानों को 22 फरवरी 2019 से उत्साह पूर्वक कार्यक्रम कर ‘ऋणमुक्ति प्रमाण-पत्र’ और किसान सम्मान-पत्र दिये जायेंगे। ऐसे किसान जिन्होंने 31 मार्च 2018 को बकाया ऋण को पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से दिनांक 12 दिसंबर 2018 तक पटा दिया है, उन्होंने योजना में लाभ प्रदान करने के अतिरिक्त ‘किसान सम्मान-पत्र’ से सम्मानित किया जायेगा।
शुक्रवार 4 दिसम्बर को रात्रि में आयोजित हुए इस भव्य कार्यक्रम में विधायक श्री सिंह पन्ना के व्यापारी बंधुओं से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने अपने सम्मान और समर्थन के लिए व्यापरियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हर सुख-दुख में मैं आपके साथ खड़ा हूँ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष व्यापार मण्डल पन्ना अनूप मोदी एवं मंचासीन अतिथि रामअवतार पाठक, पूर्व विधायक राजेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में व्यापारियों का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर व्यापार मण्डल की ओर से विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम का मंच का संचालन कर रहे युवा व्यापारी कमल लालवानी ने अपने उद्बोधन में अतिथियों के समक्ष व्यापारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए व्यापार मण्डल के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित कराने की बात कही। अंत में उनके द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया।
व्यापार मंडल के सम्मान समारोह एवं नव वर्ष मिलन समारोह में पन्ना के अधिकांश व्यापारी शामिल रहे। जिनमें मुख्य रूप से जगमोहन कोहली, विनय खरे, त्रिलोकचंद जैन, नारायणदास गुप्ता, संजय अग्रवाल, अनिल पंसारी, सुबोध खरे, विष्णु छुट्टानी, रामे गुप्ता, सोनू गुप्ता, संजय सेठ, संदीप जैन, रवि फवबानी, बच्चू शर्मा, पंकज साहू, श्यामलाल जगवानी, पी.सी. यादव, अरूण शर्मा, मनीष शर्मा, प्रेम केशरवानी, अमित शर्मा , मुन्नू शर्मा, महेश शिवहरे, लखन लालवानी, अरविन्द साहू, श्रीचंद लालवानी, डब्बू जैन, आशिफ सिद्धिकी, गोपाल लालवानी, विज्जन सोनी, पप्पू उपाध्याय, शारदा गुप्ता, नीलेश जैन, संजय शर्मा, पप्पू महोबिया, ओमप्रकाश गुप्ता, मनोज केशरवानी, विवेक अग्रवाल, विनीत गुप्ता, छोटू सेठ, गणेश साहू, प्रशांत अग्रवाल, दीपक शर्मा, राजकुमार गुप्ता, रमेश शिवहरे, ब्रजेश शर्मा आदि व्यापारी उपस्थित थे।
बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एस. राजपूत ने बताया कि प्रदेश में 15 दिसम्बर 2018 से 15 जनवरी 2019 तक अनुभूति कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व और अभयारण्यों के आस-पास रहने वाले शासकीय स्कूलों के बच्चों को वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। सुबह शुरू होने वाले कैम्प में बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था के साथ पक्षी-वन्य-प्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, परिचर्चा, सांस्कृतिक और अन्य प्रतियोगिताएँ की जाती हैं। इस वर्ष करीब 56 हजार बच्चे कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं।