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.. अब एसीएस किसी भी समय बिजली कम्पनी के अधिकारियों करेंगे कॉल, फोन रिसीव नहीं हुआ तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने एक्शन मोड में आई सरकार

* कामर्शियल मैन्युअल ड्राफ्टिंग कार्यशाला में एसीएस ऊर्जा ने दिए निर्देश

भोपाल।(www.radarnews.in) बेहाल करने वाली प्रचंड गर्मी के समय अघोषित विधुत कटौती और तकनीकी खराबी के कारण विधुत आपूर्ति बाधित होने की प्रदेश भर से लगातार खबरें आ रहीं हैं। इससे प्रभावित आम जनमानस की सख्त नाराजगी को देखते हुए प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कुछ दिन पूर्व ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते प्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के बाबजूद बिजली कटौती किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने विधुत कटौती पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए थे। फलस्वरूप अब ऊर्जा विभाग के एसीएस आई.सी.पी.केशरी ने विधुत कम्पनी के अधिकारियों को विधुत व्यवस्था सुचारु रखने में किसी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है।
अपर मुख्य सचिव श्री केशरी ने सपष्ट शब्दों में कहा कि विद्युत वितरण की व्यवस्था तभी सुचारू और पुख्ता मानी जा सकती है जब हम विद्युत आपूर्ति को लेकर 24 घंटे सजग रहें। निर्बाध विद्युत आपूर्ति राज्य शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रदेश के सभी कार्मिकों से कहा कि वे मुख्य महाप्रबंधक से लेकर जूनियर इंजीनियर तक किसी को भी उनके मोबाइल पर किसी भी वक्त अज्ञात नंबर से फोन कर सकते हैं। यदि फोन नहीं उठा तो संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। श्री केशरी ने उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशील बनने और उनसे अच्छे व्यवहार की बात कही। श्री केशरी आज मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेन्टर में ड्राफ्ट कामर्शियल मैन्युअल को अंतिम रूप देने की कार्यशाला में बोल रहे थे।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आई.सी.पी.केशरी ने कहा कि विद्युत वितरण व्यवस्था में मीटरिंग, बिलिंग और कलेक्शन को नियमों के अनुसार ही प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाना चाहिए। हर उपभोक्ता के घर मीटर लगा हो, उसकी रीडिंग हो और देयक नियत तिथि से पहले पहुँचे। उन्होंने कहा कि बिलिंग चक्र की समीक्षा की जाये। श्री केशरी ने कहा कि जले, खराब मीटर अथवा उपभोक्ता परिसर में मीटर विद्युत लाइन के सर्किट में नहीं होने के आधार पर ही औसत बिलिंग हो और इस बीच संबंधित उपभोक्ता परिसर में मीटर बदलने की कार्यवाही सुनिश्चित होना चाहिए। औसत बिल तीन माह से अधिक का नहीं हो। । कार्यशाला में तीनों वितरण कंपनियों के प्रबंध संचालक ने कामर्शियल मैन्युअल को लेकर अपने विचार रखे। कार्यशाला में समूह संचार की प्रक्रिया के लिये प्रबंध संचालक की अध्यक्षता में चार समूह गठित किए गए। इन समूहों ने वाणिज्यिक गतिविधियों में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुतिकरण दिया। सुझावों और प्रस्तुतीकरण की समीक्षा के बाद का कमर्शियल मैन्युअल को एक सप्ताह में अंतिम रूप दिया जाएगा।
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