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इस महिला एसडीएम की हत्या कराने रेत माफियाओं ने दी सुपारी ! एसडीएम बोलीं, जब मैं सुरक्षित नहीं तो आम महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा कैसे दिला पाऊँगी ?

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अजयगढ़ एसडीएम आयुषी जैन।

* पुलिस अधिकारियों से नहीं मिल रही सुरक्षा और सहयोग

* अजयगढ़ एसडीओपी और थाना प्रभारी पर लगाये अभद्रता करने के आरोप

* एसडीएम के साथ पुलिस थाना में किया गया अपराधियों जैसा व्यवहार

* कांग्रेस नेता से विवाद के पांच घण्टे बाद दर्ज की गई एफआईआर

* एसडीएम-एसडीओपी विवाद में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने साधी चुप्पी

* महिला सुरक्षा और कांग्रेस नेता के रेत के अवैध कारोबार पर घिरी प्रदेश सरकार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) खनिज संसाधनों की खुलेआम संगठित लूट के लिए बदनाम पन्ना जिला मध्यप्रदेश बेल्लारी बन चुका है। पिछले 5 साल से यहाँ की सियासत और प्रशासन रेत, पत्थर और हीरे के अवैध कारोबार के इर्द-गिर्द घूम रही है। प्रदेश की पिछली शिवराज सरकार के समय यहाँ खनिज सम्पदा की लूट अपने चरम पर रही है। करीब पाँच माह पूर्व एमपी में सत्ता परिवर्तन के बाद पन्ना जिले में रेत के अनियंत्रित दोहन पर कुछ हद तक रोक लगी है, लेकिन यह पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। जमीनी हकीकत यही है। बदलाव सिर्फ इतना आया है कि, पहले पन्ना जिले में रेत माफिया का राज चलता था अब प्रशासन में बैठे कतिपय शीर्ष अधिकारियों की शह पर रेत का अवैध कारोबार चल रहा है। सुविधा शुल्क लेकर वे तय कर रहे हैं कि रेत की कौन सी खदान चलेगी और किसे अवैध कारोबार करने की छूट मिलेगी।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना की जीवनरेखा कहलाने वाली केन, ब्यारमा, रुन्ज और बागै नदियों से रेत खनन के लिए माफिया दैत्याकार मशीनों से न सिर्फ इन्हें खोखला कर रहे हैं बल्कि नदियों का सीना और कोख को मशीनों के जबड़ों से नोंच कर रेत निकाली जा रही है।प्रशासन एवं पुलिस के संरक्षण में हर दिन चल रही करोड़ों की इस लूट के खिलाफ यहाँ आमतौर कोई आवाज़ नहीं उठती। क्योंकि, इसमें प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी, कांग्रेस, भाजपा के नेता, स्थानीय आपराधिक तत्व, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के दबंग और अजयगढ़ एवं पन्ना के कतिपय मीडियाकर्मी शामिल हैं। इसमें जो लोग लिप्त नहीं है, वे यदि कभी-कभार इनके खिलाफ कुछ भी बोलने या फिर कार्यवाही करने का साहस दिखाते हैं तो उन्हें कितना बड़ा जोखिम उठाना पड़ता है और क्या-क्या सहन करना पड़ता है ! अजयगढ़ की महिला एसडीएम आयुषी जैन का मामला इसका ताजा उदाहरण है ?

डम्फर पकड़ा तो कांग्रेस नेता से हुआ विवाद

कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय।
उल्लेखनीय है कि गुरूवार 16 मई को रेत का कथिततौर पर अवैध परिवहन करते एक डम्फर को अजयगढ़ एसडीएम आयुषी जैन द्वारा पकड़ने को लेकर कांग्रेस के रसूखदार नेता एंव जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय से उनका विवाद हो गया था। आरोप है कि बगैर पिटपास के रेत का परिवहन करते पकड़े गए डम्फर को कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय महिला एसडीएम आयुषी जैन से अभद्रता कर और उन्हे धमकी देते हुए जबरन छुड़ा ले गए थे। एसडीएम द्वारा इस विवाद की सूचना स्वयं मौके से ही अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी और प्रभारी नगर निरीक्षक अजयगढ़ डी.एस. परमार को दी गई। लेकिन दोनों पुलिस अधिकारी थाना से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर भी समय से नहीं पहुंचे। कांग्रेस नेता ने रेत के डम्फर को अपने आवासीय परिसर में खाली कराकर जब चालक समेत गायब करा दिया तब कहीं जाकर अजयगढ़ एसडीओपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुँचे।

देर से आने का कारण पूँछा तो भड़के एसडीओपी

अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी।
एसडीम ने जब इस लेटलतीफी पर अप्रसन्नता जताते हुए देर से आने का कारण पूँछा और डम्फर सहित चालक को पकड़ने के निर्देश दिये तो प्रशासनिक अधिकारी के निर्देश पर अमल करने के बजाय एसडीओपी उल्टा उनसे उलझ गए। एसडीएम का आरोप है कि के उनके साथ सार्वजानिक तौर पर एसडीओपी द्वारा बदसलूकी की गई। एसडीओपी का कहना था कि मेरा ड्राईवर नहीं था, मैं बिना सेविंग किये मोटर साईकिल मांग कर यहां आया हूं, मेरे पास प्लेन थोड़ी है कि मैं उड़कर तुरंत आ जाऊँ। इस नोंक-झोंक के बीच एसडीएम ने जब अपनी हत्या की कथित साजिश से जुड़ी पिछली शिकायत पर कार्यवाही न होने का उलहाना दिया तो एसडीओपी और भी भड़क उठे। इसके बाद एसडीएम साथ जो कुछ हुआ वह न सिर्फ अप्रत्याशित है बल्कि अत्यंत ही हैरान करने वाला है।

एसपी से की लिखित शिकायत

पुलिस अधीक्षक से मिलने आई अजयगढ़ एसडीएम की एसपी कार्यालय पन्ना मे खड़ी गाड़ी।
सुश्री जैन ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अजयगढ़ थाना पहुँचने पर उन्हें पाँच मिनिट तक खड़ा रखने के बाद कुर्सी दी गई। एसडीओपी ने पहले तो रिपोर्ट लेने में आनाकानी और फिर मीडिया के दबाब में बमुश्किल पाँच घण्टे बाद जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय एवं उनके डम्फर चालक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। महिला एसडीएम के साथ अजयगढ़ के एसडीओपी एवं थाना प्रभारी के द्वारा कथिततौर पर किए गए असहयोग और दुर्व्यवहार की खबरें पिछले तीन दिनों से सुर्ख़ियों में बनीं हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुकीं आयुषी जैन ने 17 मई को पन्ना पहुँचकर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी से एसडीओपी और थाना प्रभारी अजयगढ़ की लिखित शिकायत करते हुए दोनों के विरुद्ध कार्यवाही की माँग की है।
अजयगढ़ एसडीएम आयुषी जैन।
इस शिकायती पत्र को आवश्यक कार्यवाही हेतु पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। पत्र में उन्होंने खुलकर अपनी आपबीती का विस्तृत उल्लेख करते हुए लिखा है कि अजयगढ़ में अपनी पदस्थापना के बाद से वह रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रहीं हैं। जिसे लेकर रेत माफियाओं में उनके खिलाफ बौखलहट और गुस्सा व्याप्त है। रेत माफिया एक्सीडेंट कर उनकी हत्या करने का षड़यंत्र रचते हुये कथिततौर पर सुपारी तक दे चुके हैं। इस साजिश में जिन लोगों के नाम सामने आये थे उनकी लिखित शिकायत एसडीएम आयुषी जैन ने 10 अप्रैल 2019 को पुलिस थाना अजयगढ़ में दी थी। लेकिन इस शिकायत पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

.. तो आमजन के साथ कैसा होगा पुलिस का व्यवहार ?

पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।
मालूम हो कि रेत माफियाओं को संरक्षण देने के संगीन आरोप पन्ना जिले की पुलिस पर काफी समय से लग रहे हैं। एसडीएम सुश्री जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुये कई वाज़िब सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूँछा है कि, जब अनुविभाग अजयगढ़ की सबसे बड़ी महिला अधिकारी के पत्रों पर कार्यावाही करने में पुलिस उदासीनता बरत रही है तो आम महिलाओं और जनता के साथ पुलिस का व्यवहार कैसा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मैं महिला अधिकारी हो कर अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हूँ, तो आम महिलाओं और जनता के बीच जा कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा कैसे दिला पाऊँगी ? दुर्व्यवहार से आहत एसडीएम सुश्री आयुषी जैन ने उच्चाधिकारियों से अजयगढ़ के एसडीओपी इसरार मंसूरी एंव थाना प्रभारी को वहाँ से तत्काल हटाने तथा दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है।

पूर्व में घटित हो चुकीं हैं कई बड़ी घटनाएँ

पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री।
महिला एसडीएम के साथ कथिततौर पर अजयगढ़ पुलिस के असहयोग और एसडीओपी द्वारा की गई शिकायत में उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इन परिस्थितियों में रेत के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए उन्हें हर दिन परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इसकी जानकारी उनके द्वारा कलेक्टर को भी दी गई। लेकिन इसके बाद भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। अपनी जान की परवाह किए बगैर अकेले दम पर रेत माफियाओं पर नकेल कसने वाली जाँबाज महिला एसडीएम को विषम परिस्थितियों में वरिष्ठ अफसरों का आपेक्षित सहयोग न मिलने से वह उपेक्षित, अपमानित और असहाय महसूस कर रहीं हैं। बड़ा सवाल यह है कि इन हालत अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी ईमानदारी से काम कैसे कर पाएँगे। खासकर तब जबकि पूर्व में अजयगढ़ में सक्रिय रेत माफिया तहसीलदार को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट कर चुके हैं। यहाँ संचालित वैध-अवैध खदानों पर कई बार फायरिंग हो चुकी है। कुछ माह पूर्व रेत के अवैध उत्खनन का कवरेज करने गए पत्रकारों के मोबाइल फोन माफिया के गुर्गों द्वारा लूट लिए गए। बहरहाल एसडीम-एसडीओपी के बहुचर्चित विवाद प्रकरण में पत्रकारों के सवालों पर पन्ना कलेक्टर और एसपी की चुप्पी न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि अत्यंत ही निराशाजनक है। इस प्रकरण से महिला सुरक्षाऔर अवैध उत्खनन के मुद्दे पर प्रदेश की नई सरकार काफी फजीहत हो रही है। रडार न्यूज ने पन्ना कलेक्टर से जब इस सम्बंध बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कुछ भी बोलने से साफ़ इंकार कर दिया।

इनका कहना है –

“एसडीएम द्वारा की जाने वाली कार्यवाही में उन्हें हमेशा पुलिस की और से सहयोग प्रदान किया गया। 16 मई को एसडीएम के सूचना देने पर 7 मिनिट के अंदर मैं और थाना प्रभारी मौके पर पहुँच गए। एसडीएम द्वारा सहयोग न करने का आरोप लगाना तथा दुर्व्यवहार करने की बात पूर्णतः निराधार है। पूर्व में एसडीएम द्वारा दी गई शिकायत पर जाँच करते हुए प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई थी।”

इसरार मंसूरी, एसडीओपी अजयगढ़ जिला पन्ना।

भीषड़ सड़क हादसा | पाँच महिलाओं की दर्दनाक मौत से मचा कोहराम, सड़क और पुलिया के बीच गैप होने से अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार

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दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसे लोगों को निकालते ग्रामीण और पुलिस जवान।

* पन्ना जिले में ककरहटी कस्बा के समीप पुलिया पर हुआ हादसा

* हादसे में मृत सभी महिलाएँ और घायल आपस में हैं सगे रिश्तेदार

पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शुक्रवार 17 मई की देर शाम करीब 8:30 बजे एक तेज रफ़्तार स्विफ्ट डिज़ायर कार अचानक अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण सड़क हादसे में कार में सवार चार महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि अत्यंत ही गम्भीर रूप से घायल हुई 17 वर्षीय पूजा गुप्ता को पन्ना से इलाज हेतु मेडीकल कॉलिज रीवा ले जाते समय रास्ते में उसका दुखान्त हो गया। हादसे में पूजा समेत तीन व्यक्ति घायल हुए थे। शेष दोनों घायलों का जिला चिकित्सालय पन्ना में इलाज जारी है। हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग पन्ना से मंदिरों के दर्शन करके कार से वापस ककरहटी लौट रहे थे। दर्दनाक हादसे में असमय कालकवलित हुईं महिलाएँ तथा घायल व्यक्ति पन्ना जिले के ककरहटी कस्बा निवासी प्रसिद्ध होटल संचालक महेश गुप्ता के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
रीवा में मृत हुई पूजा गुप्ता।
यह हृदय विदारक सड़क हादसा जिला मुख्यालय पन्ना से लगभग 20 किलोमीटर दूर ककरहटी कस्बा के समीप स्थित नाला की पुलिया पर हुआ। उक्त स्थान पर मोड़ के समीप पुलिया से जुड़ने वाली सड़क नीचे धंस गई है, सड़क और पुलिया के बीच गैप (अंतर) बढ़ने के कारण पुलिया की सीसी वाहनों के लिए स्पीड ब्रेकर का काम कर रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार कार इस अघोषित स्पीड ब्रेकर के कारण असंतुलित होकर गहरी खाई में गिरी है। दुखद हादसे की खबर आने के बाद से समूचे जिले में शोक की लहर व्याप्त है। उधर, ककरहटी और पन्ना से मृतकों एवं घायलों के परिजनों-परचितों का जिला चिकित्सालय पहुँचने का सिलसिला लगातार जारी है।
घायल मनोज गुप्ता।
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ककरहटी निवासी होटल संचालक महेश गुप्ता के चाचा के लड़के नितिन गुप्ता का विवाह कुछ दिन पूर्व सतना जिले के नागौद में हुआ था। इस वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए गुप्ता परिवार के कई रिश्तेदार ककरहटी आये हुए थे। शुक्रवार 17 मई को कुछ रिश्तेदार स्विफ्ट डिज़ायर कार में सवार होकर पन्ना के मंदिरों के दर्शन करने निकले थे। शुक्रवार देर शाम को तकरीबन 8:30 बजे वापस घर लौटते समय ककरहटी के समीप कथिततौर तेज रफ़्तार से दौड़ रही कार ऊँचीं पुलिया रुपी स्पीड ब्रेकर के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित खाई में जा गिरी। कार के काफी ऊँचाई से गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार चार महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि कार चालक मनोज गुप्ता समेत तीन लोग घायल हो गए। इस तरह हादसे के समय स्विफ्ट डिज़ायर कार में कुल सात व्यक्ति सवार रहे। ककरहटी के समीप इतना बड़ा हादसा होने की दुखद खबर जंगल की आग की तरह कुछ देर में ही पूरे इलाके में फैल गई। फलस्वरूप मौके पर पहुंचे ग्रामीणों द्वारा मृत महिलाओं को तत्परता से कार से बाहर निकाला गया। साथ ही हादसे की सूचना पुलिस को दी गई।
मृत महिलाओं के जिला चिकित्सालय में रखे शव |
मृतकों एवं घायलों को 108 एम्बुलेंस वाहन से आनन-फानन पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने अचेत अवस्था में लाई गईं चारों महिलाओं का गहन परीक्षण करने के बाद जब उन्हें आधिकारिक तौर पर मृत घोषित किया तो मौके पर कोहराम मच गया। जिला चिकित्सालय में बड़ी तादाद में मौजूद परिजन और परिचित छाती पीटते हुए रोने-बिलखने लगे। गम और तनाव भरे माहौल के बीच 17 वर्षीय घायल युवती पूजा गुप्ता की गम्भीर हालत के मद्देनजर उसे तत्परता से मेडिकल कॉलिज रीवा के लिए रवाना किया गया। जहाँ देर रात रास्ते में ही मौत हो गई। रीवा पहुँचने पर मेडिकल कॉलिज के डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया। वहीं इस हादसे में घटनास्थल पर ही असमय काल कवलित होने वाली महिलाओं में- अंजू गुप्ता पत्नी लल्लू गुप्ता 40 वर्ष निवासी ककरहटी, मुन्नीबाई पत्नी रामलाल गुप्ता 50 वर्ष निवासी बिरसिंहपुर जिला सतना, ज्योति गुप्ता पत्नी धर्मेन्द्र गुप्ता 35 वर्ष निवासी नागौद जिला सतना एवं बड़ी बाई पत्नी रामसुंदर गुप्ता 60 वर्ष निवासी सतना शामिल हैं। जिला चिकित्सालय में जिन दो घायलों का इलाज चल रहा है उनमें होटल संचालक महेश गुप्ता का दामाद एवं कार चालाक मनोज गुप्ता तथा शुभम गुप्ता शामिल हैं।

मातम में बदलीं खुशियाँ

जिला चिकित्सालय में विलाप करते पीड़ित परिजन।
करीब चार दिन पूर्व ककरहटी निवासी होटल संचालक महेश गुप्ता के परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न होने से पूरे परिवार में हर्षोल्लास व्याप्त था। पूरा परिवार और रिश्तेदार विवाह की खुशियाँ मन रहे थे। लेकिन शुक्रवार को हुए सड़क हादसे में गुप्ता परिवार के घर में ठहरीं पाँच महिला रिश्तेदारों की दर्दनाक मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से वहाँ अब हर तरफ मातमी चीखें सुनाई दे रहीं हैं। ककरहटी क़स्बा सहित आसपास का इलाका गुप्ता परिवार पर टूटे इस बज्रपात को लेकर गम मौर मातम में डूबा है। हादसे की खबर फैलने के बाद से ही पीड़ित परिवार के घर पर शोकमग्न लोगों का ताँता लगने लगा था। ककरहटी में हर तरफ देर रात तक सिर्फ इसी हादसे की चर्चा रही। उधर, यह दुखद समाचार मिलने पर मृतकों व घायलों के परिजन भी बड़ी तादाद में ककरहटी और पन्ना पहुँचे। उल्लेखनीय है कि हादसे में मृत पाँचों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना के शव विच्छेदन गृह में रखवाया गया था। शनिवार 18 मई की सुबह बेहद गमगीन माहौल में पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस द्वारा शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

इनका कहना है –

“ककरहटी के समीप खाई में कार गिरने से कुल पाँच महिलाओं की मौत हुई है। चार महिलाओं की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि रीवा के लिए रेफर की गई एक लड़की की देर रात रास्ते में मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में जबकि दो लोग घायल हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने इस हादसे पर फिलहाल मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।”

अरविन्द कुजूर, निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

हृदय विदारक सड़क हादसे में एक ही परिवार की चार महिलाओं की मौत

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जिला चिकित्सालय पन्ना में रखे सड़क हादसे में मृत महिलाओं के शव।

* तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने से हुआ हादसा

* पन्ना कोतवाली थाना अंतर्गत ककरहटी नाला के समीप हुआ हादसा

पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार के अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार एक ही परिवार की चार महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक की हालत अत्यंत ही नाजुक बनी है। भयानक सड़क हादसा पन्ना से करीब 20 किलोमीटर दूर ककरहटी के नाला के समीप हुआ है। हादसे के समय कार में ड्रायवर सहित कुल छः लोग सवार थे। सभी लोग शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार रस्ते में तेज रफ़्तार कार का अचानक टायर फटने के कारण यह हादसा हुआ है। जिससे अनियंत्रित होकर कार गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार में सवार चार महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर बनी है। उसे समुचित उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना से मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर किया गया है। दुखद हादसे की खबर मिलने के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों के नाम पता नहीं चल सके। हालाँकि अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि मृत महिलाएँ एवं घायल ककरहटी निवासी प्रसिद्ध होटल संचालक महेश गुप्ता के परिवार की सदस्य थीं।

हादसा | पेड़ पर चढ़े अधेड़ के सड़क पर गिरते ही मचा कोहराम, मौके पर हुई दर्दनाक मौत

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पेड़ से गिरने के कारण मृत फग्गू का पन्ना जिला चिकित्सालय में रखा शव।

* पीपल के पेड़ पर चढ़ कर बकरियों के लिये तोड़ रहा था पत्ती

पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के मुख्य बाजार के बीचोंबीच गोविन्द चौक किनारे लगे पीपल के पेड़ पर पत्ती तोड़ने चढ़े एक अधेड़ का अचानक पैर फिसलने से वह मुंह के बल सीधा सड़क पर गिरा। इस घटना से चौराहे पर कुछ देर के लिये कोहराम मच गया। बुरी तरह लहुलुहान घायल अधेड़ की चंद मिनिट में मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान फग्गू पिता देवी सिंह बेलदार उम्र 55 वर्ष निवासी जबलपुर हाल निवास रानीगंज मोहल्ला पन्ना के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फग्गू बेलदार शुक्रवार को शाम के समय बकरियों के लिये पीपल की पत्ती तोड़ने गोविन्द चौक किनारे स्थित पेड़ पर चढ़ा था। तभी पत्ती तोड़ने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सीधा सड़क पर जा गिरा।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से चौराहे पर मौजूद लोग पल भर के लिये स्तब्ध रह गये। खून से लथपथ और अत्यंत ही गम्भीर रूप से घायल फग्गू बेलदार की बेहद नाजुक हालत को देखते हुये स्थानीय लोगों के द्वारा उसे इलाज के लिये जिला चिकित्सालय ले जाने हेतु 108 एम्बूलेंस को काॅल किया गया। लेकिन एम्बूलेंस के आने से पहले ही उसकी सांसे हमेशा के लिये थम चुकीं थीं। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा घायल अधेड़ को अचेत अवस्था में 108 एम्बूलेंस से जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां डियूटी पर तैनात डाॅक्टर ने परीक्षण उपरांत उसे अधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शव को जिला चिकित्सालय के शव विच्छेदन गृह में रखवाया गया है। सूत्रों से पता चला है कि मृतक फग्गू पन्ना मे रहकर मजदूरी करता था।

इनका कहना है-

“इस दर्दनाक हादसे पर कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया है। मृतक भग्गू के इलाहबाद में रहने वाले रिश्तेदारों को पुलिस के द्वारा हादसे की सूचना दी गई है। शानिवार की सुबह उनके पन्ना पहुंचने पर मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उन्हे सौंप दिया जायेगा”

अरविंद कुजूर, नगर निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

महिला एसडीएम को कांग्रेस नेता की धमकी “तुमसे जो उखाड़ते बने तो उखाड़ लो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता”… दबंगई दिखाकर जबरन छुड़ा ले गए रेत से लोड ट्रक !

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सांकेतिक फोटो।

बगैर पिटपास के ट्रक में खुलेआम हो रहा था रेत का अवैध परिवहन

* ट्रक की जाँच के दौरान पिटपास लेकर पहुँचे अज्ञात व्यक्ति

* एसडीएम के वाहन को ट्रक चालक ने की टक्कर मारने की कोशिश

* कांग्रेस नेता का आरोप रिश्वत न देने पर बदनाम कर रहीं हैं एसडीएम

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in)  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड में पदस्थ महिला एसडीएम सुश्री आयुषी जैन ने कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय तथा उनके गुर्गों पर खुलेआम धमकाने और बगैर पिटपास के रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रक को जबरन छुड़ाकर ले जाने का आरोप लगाया है। एसडीएम ने अपने साथ हुई अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाना में दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अजयगढ़ एसडीएम सुश्री आयुषी जैन गुरूवार 16 मई को दोपहर करीब 11 बजे धरमपुर क्षेत्र के गेहूं उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करने के लिए अपने शासकीय वाहन से जा रही थीं। तभी रास्ते में माधौगंज के समीप रेत से भरा एक ट्रक उन्हें अजयगढ़ की ओर आते हुए दिखाई दिया। जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो चालक ने ट्रक की स्पीड बढ़ा दी।
एसडीएम सुश्री आयुषी जैन |
एसडीएम का आरोप है कि ट्रक का पीछा करने के दौरान कथिततौर पर ट्रक के चालक द्वारा उनके वाहन को टक्कर मारने की कोशिश की गई। रास्ते में वन विभाग के बैरियल (नाका) पर रेत से भरे ट्रक के रूकने पर जांच की गई तो मौके पर पिटपास नहीं मिला। अगले ही पल मोटरसाईकिल से दो व्यक्ति वहाँ पहुंचे और ट्रक ड्रायवर के हाथ में पिटपास दे दिया। बगैर पिटपास के रेत का परिवहन करने को लेकर बात चल ही रही थी कि तभी कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय वहाँ आ गए। कथिततौर पर श्री पाण्डेय पिटपास दिखाते हुए ट्रक को ले जाने लगे तो एसडीएम द्वारा इसका विरोध किया गया। जिससे बौखलाकर कांग्रेस नेता ने एसडीएम सुश्री जैन को धमकाते हुए कहा कि “तुमसे जो उखाड़ते बने तो उखाड लो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।” दबंगई दिखाते हुए जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय रेत से लोड ट्रक को जबरन छुड़ाकर अपने आवासीय परिसर में ले गये और वहाँ रेत को खाली कराकर ट्रक व चालक को भगा दिया।

समय पर नहीं पहुँची पुलिस

सांकेतिक फोटो।
एसडीएम ने पत्रकारों को बताया कि जनपद अध्यक्ष जब ट्रक को छुड़ाकर ले जा रहे थे तब अजयगढ़ थाना पुलिस को दूरभाष पर सूचना दी गई लेकिन पुलिस तत्परता से मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस की टीम जब आई तब तक ट्रक और उसका चालक गायब हो चुके थे। सुश्री जैन ने बताया कि अजयगढ़ अनुविभाग के अंतर्गत वर्तमान में एकमात्र मोहाना पंचायत की रेत खदान चालू है। इस तरह ट्रक की चैकिंग के दौरान चालक को अज्ञात लोगों द्वारा जो पिटपास लाकर दिया गया वह फर्जी था। इस घटनाक्रम से भयभीत एसडीएम ने बताया कि ट्रक का पीछा करने के दौरान यदि मैनें अपनी गाड़ी न बचाई होती तो ट्रक उसे टक्कर मार देता। गौर करने वाली बात है कि थाना से महज दो किलोमीटर की दूरी पर हुए विवाद की सूचना स्वयं एसडीएम के द्वारा दिये जाने के बाद भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में देर क्यों लगी।

खनिज सम्पदा की लूट जारी

सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में पिछले पांच सालों से बहुमूल्य खनिज सम्पदा रेत, पत्थर और हीरे की संगठित लूट चरम पर है। इसमें जिले के प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी, सभी राजनैतिक दलों के प्रमुख नेता और माफिया शामिल है। जिले में खनिज सम्पदा की लूट को लेकर पूर्व में हुई कई घटनाओं और विवादों में इनकी संलिप्तता उजागर होती रही है। रेत के इस खेल में सबकी अपनी-अपनी भूमिका है रेत के अवैध उत्खनन, भण्डारण और परिवहन करने वाले माफियाओं को प्रशासन और पुलिस द्वारा बाकायदा अघोषित तौर पर सशुल्क संरक्षण प्रदान किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक पन्ना जिले रेत का मासिक अवैध कारोबार 50 करोड़ का है।

5 हजार रूपये प्रति ट्रक रिश्वत की मांग

कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय।
एसडीएम के आरोपों के संबंध में जब कांग्रेस नेता एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ से बात की गई तो उन्होंने एसडीएम आयुषी जैन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी सफाई में बताया कि मैनें किसी तरह की कोई अभद्रता नहीं की है। एसडीएम के आरोप पूर्णतः निराधार है। उनके द्वारा रेत के जिस ट्रक को पकड़ा गया था उसके चालक के पास वैध पिटपास उपलब्ध था। जिसे मौके पर चालक द्वारा एसडीएम को दिखाया गया। प्रशासनिक अधिकारी निहित स्वार्थपूर्ति के लिए दबाव बनाने की रणनीति के तहत् रेत के वाहनों को चैकिंग के नाम पर रोककर रखते है और फर्जी कार्रवाई करते रहते है। श्री पाण्डेय का आरोप है कि एसडीएम आयुषी जैन द्वारा चालक के माध्यम से उन्हें स्वयं मौके पर बुलवाया गया और फिर मुझसे प्रति चक्कर पांच हजार की मांग की गई। उनके द्वारा मुझसे कहा गया कि रूपये नहीं देने पर ट्रक को जब्त कर लूंगी। श्री पाण्डेय की मानें तो रिश्वत देने से इंकार करने पर एसडीएम द्वारा झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

इनका कहना है-

“एसडीएम अजयगढ़ ने जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय के खिलाफ एक शिकायती आवेदन पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने अभद्रता करने का आरोप लगाया है। आवेदन पत्र की फिलहाल जाँच की जा रही है, जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।”

इसरार मंसूरी, एसडीओपी अजयगढ़ जिला पन्ना।

एमपी बोर्ड परीक्षा परिणाम-2019 : प्रदेश की मैरिट सूची में चमके पन्ना के 8 हीरे, यहाँ देखिए मेधावी छात्र-छात्राओं की पूरी सूची

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पन्ना जिले का रिजल्ट जारी करते जिला शिक्षा अधिकारी कमल सिंह कुशवाहा(बाएँ से दूसरे) एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।

* कक्षा 10वीं में 7 और 12वीं में गणित संकाय के एक छात्र ने प्राप्त किया स्थान

* माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in)  माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आज घोषित किये गए। कक्षा 10वीं हाईस्कूल परीक्षा की प्रदेश की मैरिट सूची में 144 छात्र-छात्राओं ने स्थान प्राप्त किया है। जिसमें पन्ना जिले के सात मेधावी बच्चे शामिल है। कक्षा 12वीं हायर सेकेण्डरी परीक्षा की विषयवार जारी प्रदेश की मैरिट सूची में गणित संकाय में एक छात्र ने स्थान प्राप्त किया है। इस तरह हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी की मैरिट सूची में पन्ना जैसे अतिपिछड़े जिले के 8 मेधावी छात्र-छात्राओं ने स्थान प्राप्त कर इस जिले को गौरान्वित किया है।

12वीं के रिजल्ट में 10 प्रतिशत की वृद्धि


पवई के मेधावी स्टूडेंट हरिओम सक्सेना एवं जागृति सक्सेना।
जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना कमल सिंह कुशवाहा ने जिले के परीक्षा परिणाम की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष-2019 में हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 61.81 प्रतिशत एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा का परिणाम 71.97 प्रतिशत आया है। जबकि वर्ष 2018 में जिले में हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 66.10 प्रतिशत एवं हायर सेकेण्डरी का रिजल्ट 62.54 प्रतिशत आया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो इस बार कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में 4.29 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि कक्षा 12वीं हायर सेकेण्डरी के परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में 9.43 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी कमल सिंह कुशवाहा ने बोर्ड परीक्षा के नतीजों पर संतोष जताते हुए समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई दी है। बोर्ड परीक्षाओं में असफल रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए उन्होंने अपने संदेश में हताश-निराश न होकर सफलता के लिए पुनः प्रयास करने की बात कही है।

कक्षा 10वीं की प्रदेश की मैरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रायें

 क्रमांक 
 छात्र/पिता का नाम 
 संस्था का नाम 
 प्राप्तांक
पूर्णांक 500 में से 
 मैरिट में स्थान
 1.
 ज्ञानेन्द्र सिंह यादव पिता कृष्णपाल सिंह यादव 
 शा.हाईस्कूल बड़ागांव 
 495
 चौथा
2.
 कु. पलक गुप्ता पिता परषोत्तम लाल गुप्ता
 सरस्वती ज्ञान मंदिर हाईस्कूल गुनौर
  492
 सातवां
3.
 शुभम गर्ग पिता चन्द्रकांत गर्ग
  सरस्वती उमावि देवेन्द्रनगर
 491
 आठवां
4.
 उदित नारायण मिश्रा पिता बालकृष्ण मिश्रा
 सरस्वती उमावि देवेन्द्रनगर
 491
 आठवां
5.
 विपिन कुमार शर्मा पिता वीरेन्द्र कुमार शर्मा
 शा. मॉडल उमावि पवई
 490
  नवां
6.
  हर्षित द्विवेदी पिता वीरेन्द्र कुमार द्विवेदी
 शा.हाईस्कूल बड़गांव
 489
 दसवां
7.
 पुष्पराज सिंगरौल पिता राजकिशोर सिंगरौल
  शा. मॉडल उमावि अजयगढ़
 489 
 दसवां

कक्षा 12वीं की प्रदेश की मैरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले जिले के छात्र

 क्रमांक
 छात्र/पिता का
 संस्था का नाम
 प्राप्तांक
पूर्णांक 500 में से 
 मैरिट में स्थान
1
 हरिओम सक्सेना पिता रवि प्रसाद सक्सेना (विज्ञान-गणित समूह)
 सरस्वती उमावि पवई
 476
 आठवां 


कक्षा 10वीं की पन्ना जिले की मैरिट सूची (टॉप-3)

 क्रमांक
 छात्र/पिता का नाम
  संस्था का नाम
  प्राप्तांक
पूर्णांक 500 में से 
 मैरिट में स्थान
1
 अजीत कुमार प्रजापति पिता अच्छेलाल प्रजापति
 जीरो मॉडल हाईस्कूल देवेन्द्रनगर
 488
 प्रथम
2
 तनुज अवस्थी पिता सुरेन्द्र कुमार अवस्थी
 सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल देवेन्द्रनगर
 488
  प्रथम
3
 अमित पटेल पिता आनंद कुमार पटेल
 शा. मॉडल हायर सेकेण्डरी अजयगढ़
  488
 प्रथम
4
 गोविन्द चौरसिया पिता कामता प्रसाद चौरसिया
 पं. शिव गोविन्द गर्ग हायर सेकेण्डरी स्कूल सलेहा
 488
  प्रथम
5
 दीपाली अनुरागी पिता चन्द्रभान अनुरागी
 बी.पी. मेमोरियल हायर सेकेण्डरी स्कूल शाहनगर
 487
 दिवतीय
6
 सत्यम सिंह सिंगरौल पिता दशरथ सिंगरौल
 शा. हाईस्कूल चौकी गुनौर
 487
  दिवतीय
7
 उदय कुमार कुशवाहा पिता धनीराम कुशवाहा
  शा. बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल अजयगढ़
 487
  दिवतीय
8
 जीतेन्द्र कुमार विश्वकर्मा पिता संतोष कुमार विश्वकर्मा
 शा.हायर सेकेण्डरी स्कूल बीरा
 486
 तृतीय
9
 पुनीत कुमार साहू पिता आदेश साहू
 सरस्वती शिशु हायर सेकेण्डरी स्कूल सुनवानी कला
 486
 तृतीय
10
 तिलक राज सिंगरौल पिता पुसउलाल सिंगरौल
 पं. शिवगोविन्द गर्ग हायर सेकेण्डरी स्कूल सलेहा
 486
 तृतीय
11
 अभय द्विवेदी पिता नरेन्द्र कुमार द्विवेदी
 शा. बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल देवेन्द्रनगर
 486
 तृतीय
कलेक्टर बनना छात्र पुष्पराज सिंह।

कक्षा 12वीं की पन्ना जिले की मैरिट सूची (टॉप-3)

 छात्र/पिता का नाम
 संस्था का नाम 
 समूह
 प्राप्तांक
पूर्णांक 500 में से
 मैरिट में स्थान
 सेवेन्द्र सिंह पिता नरेन्द्र सिंह
 शा.मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल पवई
 कला संकाय

 

 453
 प्रथम
 रागनी पाठक पिता राजनारायण पाठक
  शा. कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल अमानगंज
 कला संकाय
  451
 दिवतीय
 रोहित सिंह पिता राजेन्द्र सिंह
  पं. शिवगोविन्द गर्ग हायर सेकेण्डरी स्कूल सलेहा
 विज्ञान-गणित समूह
 472
  प्रथम
 जागृति सक्सेना पिता रवि प्रसाद सक्सेना
  सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल पवई
  विज्ञान-गणित समूह
 467
  दिवतीय
 अंकिता मिश्रा पिता संतोष कुमार मिश्रा
  पं. शिव गोविन्द गर्ग हासे. स्कूल सलेहा
  विज्ञान-गणित संकाय
 467
  दिवतीय
 नितिन गुप्ता पिता मोहनलाल गुप्ता
 शा. मॉडल हासे स्कूल अजयगढ
  विज्ञान-गणित संकाय
 466
  तृतीय
 बलदाउ पटेल पिता रामप्रकाश पटेल
 शा. रूद्र प्रताप हासे उत्कृष्ट वि.पन्ना 
 वाणिज्य संकाय
  455
 प्रथम
 शिवम कुमार शर्मा पिता रामरूप शर्मा
 सरस्वती हासे स्कूल देवेन्द्रनगर
 वाणिज्य संकाय
  446
 दिवतीय
 रामपाल लोधी पिता कलुआ प्रसाद लोधी
 शा. रूद्र प्रताप हासे उत्कृष्ट वि.पन्ना
 कृषि संकाय
  466
 प्रथम
 रामकली पटेल पिता राजेन्द्र पटेल
 शा.मनहर कन्या उमावि पन्ना
 गृह विज्ञान
  450 
 प्रथम

 

पत्नी की हत्या कर शव को जंगल में फेंकने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

* जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

* जुर्म छिपाने के लिए पत्नी की गुमशुदगी की थाना में दी थी सूचना

* मृतिका की माँ और भाई के संदेह जताने पर हुआ था हत्याकाण्ड का खुलासा

पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में धरमपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचमपुर करीब 2 वर्ष पूर्व हुई सुनीता बाई की जघन्य हत्या के बहुचर्चित मामले जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना प्रमोद कुमार अग्रवाल ने फैसला सुनाते हुए मृतिका के आरोपी पति राजबहादुर तनय रामसनेही 25 वर्ष निवासी ग्राम रमजूपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे छः हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनाँक 26 मई 2017 को सुबह करीब 10-11 बजे ग्राम पंचमपुर के जंगल बिरहा पहाड़ थाना धरमपुर में मृतका सुनीता बाई को ले जाकर पति राजबहादुर ने हंसिया से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी थी। और फिर लाश को जंगल में ही फेंक दिया था। साक्ष्य छिपाने के लिए राजबहादुर की ओर से पत्नी की गुमशुदगी की सूचना धरमपुर पुलिस थाना में दी गई। करीब तीन माह तक सुनीता का कोई सुराग न लगने पर उसकी माँ और भाई द्वारा पुलिस के समक्ष राजबहादुर की भूमिका को लेकर संदेह जाहिर किया गया। इस आधार पर पुलिस ने दिनाँक 20 अगस्त 2017 को राजबहादुर को अभिरक्षा में लेकर पूंछतांछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए शव को पंचमपुर जंगल बिरहा पहाड़ में फेंकना बताया। पहाड़ में खोजबीन करने पर मृतिका सुनीता का शव न मिलकर उसकी हड्डियां तथा उसके पहनें कपड़े मिले। कपड़ों के आधार पर माॅं रन्नू बाई ने पहचान की। वहीं साक्षियों ने अंतिम बार दोनों पति-पत्नी को जंगल की तरफ जाते हुये देखने की जानकारी दी।
सांकेतिक फोटो।
धरमपुर थाना पुलिस ने इस प्रकरण में मर्ग कायम कर जाँच उपरांत हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला पंजीबद्ध किया। प्रकरण की विवेचना के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान साक्षियों के कथनों, समग्र परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये तथा दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के पश्चात विद्वान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना प्रमोद कुमार अग्रवाल ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे मानते हुए आरोपी राजबहादुर को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी माना है। न्यायालय ने अभियुक्त राजबहादुर को भारतीय दण्ड विधान की धारा-302 के अंतर्गत आजीवन सश्रम कारावास एवं पाॅच हजार रूपये का अर्थदण्ड तथा धारा-201 के अन्तर्गत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव द्वारा की गई।

आंधी-अंधड़ का कहर | चलती कार पर गिरा पेड़, कई घरों के छप्पर उड़े

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पन्ना में शाम के समय अचानक आई तेज धूल भरी आँधी-अंधड़ का दृश्य।

* पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का बदला मिजाज

* धूल भरी आंधी और तेज हवाओँ ने बढ़ाई मुश्किलें

पन्ना। (www.radarnews.in)  प्रदेश मे रविवार से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पन्ना जिले में दो दिनों से आंधी-अंधड़ कहर बरपा रहा है। रविवार को जहां पवई, सलेहा ओर गुनौर क्षेत्र मे आंधी-तूफान और तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढा़ईं वहीं सोमवार की शाम जिला मुख्यालय पन्ना में 15 से 20 मिनिट तक धूल भरी तेज आंधी चलती रही। इस दौरान शहर के बेनीसागर तलाब के पास चलती कार के ऊपर नीम का पेड़ गिरने से कार चालक इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। इस दृष्य को आस-पास मौजूद रहे जिन लोगों ने देखा उनका कलेजा कांप उठा। आंधी-अंधड़ के चलते पन्ना शहर सहित आस-पास के इलाके मे कई जगह पेड़ गिरने, घरों के छप्पर उड़ने विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें मिल रहीं हैं। पन्ना की इन्द्रपुरी काॅलोनी में एक घर के ऊपर और पुराने कलेक्ट्रेट के पास पानी टंकी के ऊपर पेड़ गिरने से आंशिक नुकसान होने की खबर मिली है। आंधी-अंधड़ में विद्युत लाईन टूटने से कई गांवों की बिजली गुल होना बताई जा रही है।
अजयगढ़ कस्बा के खोए मोहल्ला में स्थित इब्राहीम खान के घर के ऊपर पेड़ गिरने से उनका कच्चा मकान पूरी तरह क्षत्रिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि घर के किसी भी सदस्य को खरोंच तक नहीं आई। समाचर लिखे जाने तक आंधी-अंधड़ के कारण किसी के भी हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई थी। आंधी के शांत होने के बाद पन्ना में हल्की बूंदे गिरती रहीं। मौसम विभाग के जानकारों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आंधी-अंधड़ चल रही है और धूल भरे हल्के बादल छाये हुए है। इसके चलते हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई जा रही है। मौसम में अचानक आये बदलाव से लोगों को फिलहाल गर्मी से फौरी तौर पर राहत मिल गई है। हालांकि कुछ लोग मौसम साफ होने के बाद उमस और गर्मी बढ़ने का अंदेशा भी जता रहे है।

नर बाघ के शिकार को लेकर पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन के दावे पर सवाल…?

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सतना जिले के चित्रकूट के जंगलों में मृत बाघ की जाँच करते वन विभाग के कर्मचारी।

* सतना जिले में नर बाघ का करंट लगाकर हुआ शिकार

* पीटीआर प्रबंधन का दावा पन्ना का नहीं है मृत बाघ

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के सतना जिला अंतर्गत चित्रकूट के जंगल में मझगंवा रेंज के अमिरती बीट के कक्ष क्रमांक 108 में अज्ञात शिकारियों द्वारा करंट लगाकर एक वयस्क नर बाघ का शिकार करने का मामला प्रकाश मे आया है। सोमवार को सुबह से ही ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि मृत बाघ पन्ना टाईगर रिजर्व का है। सोशल मीडिया में आ रहीं खबरों के बीच पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुये यह दावा किया है कि जिस बाघ का शिकार हुआ है वह पन्ना का नहीं है। पन्ना टाईगर रिजर्व के उप संचालक ईश्वर रामहरि जरांडे ने बताया कि सोशल मीडिया पर आईं मृत बाघ के फोटो का पन्ना में उपलब्ध बाघों के फोटो आईडी से मिलान करने पर यह पाया गया कि उक्त बाघ पन्ना टाईगर रिजर्व का नहीं हैं। रडार न्यूज से चर्चा में उन्होने बताया कि सोमवार देर शाम तक सतना जिले के वन विभाग की ओर से पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन को बाघ के शिकार की सूचना एंव बाघ की पहचान हेतु फोटोग्राफ्स नहीं भेजे गए हैं। पन्ना के पत्रकारों से मिले एंव सोशल मीडिया उपलब्ध मृत बाघ के फोटो का पन्ना टाईगर रिजर्व के बाघों की फोटो आईडी से मिलान करने पर यह निष्कष निकला है कि उक्त बाघ पन्ना का नहीं है। उधर, पार्क प्रबंधन के इस दावे पर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि शिकार बने बाघ का सीधा सम्बंध पन्ना टाईगर रिजर्व से है।

पन्ना की बाघिन ने दिया था जन्म !

सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व के बाघ विहीन होने पर वर्ष 2009 में यहां बाघ पुर्नस्थापना कार्यक्रम लागू किया गया था। इस कार्यक्रम की आपार सफलता के फलस्वरूप महज 10 वर्ष से कम समय मे पन्ना टाईगर रिजर्व मे बाघों की संख्या 40 के पार पहुंच गई। इस दौरान पन्ना टाईगर रिजर्व में जन्मे कुछ बाघ-बाघिन पड़ोसी जिलों के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। बाघ पुर्नास्थापना कार्यक्रम के क्रियान्वयन के दौरान पन्ना से कुछ बाघ-बाघिनों के पड़ोसी जिला सतना, सीधी, दमोह के जंगलों में डेरा जमाने की खबरें आती रहीं हैं। कुछ जानकारों का मानना हैं कि चित्रकूट के जंगल में करंट लगाकर जिस बाघ का शिकार किया गया है, उसे पन्ना की बाघिन पी-213 ने जन्म दिया था। मालूम हो कि पन्ना टाईगर रिजर्व की बाघिन पी-213 ने चित्रकूट के जंगल में अपना रहवास बना लिया था। वहीं पर इस बाघिन ने दो शावकों को जन्म भी दिया था, जो अब वयस्क हो चुके हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मृत बाघ पी-213 की ही संतान है।
मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।
क्योंकि, पी-213 के चित्रकूट के जंगलों में डेरा जमाने के पूर्व वहां पिछले कुछ सालों से बाघ की दहाड़ नहीं सुनी गई थी। जानकार यह भी सवाल उठा रहे है कि मृत बाघ यदि पन्ना की बाघिन से जन्मा नहीं है तो फिर वह आया कहां से इसकी विस्तृत पड़ताल होनी चाहिये। बहरहाल पड़ोसी जिले मे बाघ का शिकार होने की खबर आने के बाद पन्ना के वन विभाग मे हड़कम्प मचा है। इस घटना से पन्ना के संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले बाघों को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। क्योंकि जिले में पिछले दो वर्ष में आधा दर्जन तेंदुओं समेत एक भालू और एक बाघिन के शिकार की घटना घटित हो चुकी है। बाघिन का शिकार तो पन्ना टाईगर रिजर्व के अंदर ही हुआ था। इस घटना से यह साबित हो गया था कि शिकारियों ने अपना जाल पार्क के अंदर भी बिछा रखा है।

हिरासत मे लिये गये संदिग्ध

करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया।
सतना जिले का फॅारेस्ट अमला बाघ के श्किार के संबध में अभी जानकारी देने मे कतरा रहा है। सूत्रों के अनुसार चित्रकूट अंतर्गत सरभंगा आश्रम के पास फाॅरेस्ट नर्सरी मे पानी की तलैया के नजदीक करेंट लगाया गया था। देर रात्रि पानी पीने केे लिए जब बाघ पहुंचा, उसी समय करेंट की चपेट में आ गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी मिलते ही वन अमले के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। पता चला है कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है, जिनसे पूंछतांछ जारी है। बहरहाल व्यस्क नर बाघ के शिकार की घटना को बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

वैवाहिक समारोह में व्यस्त थे लोग अचानक पान बरेजे भड़की आग तो गाँव में मची भगदड़

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पान के बरेजे में लगी प्रचंड आग को बुझाने का प्रयास करते ग्रामीणजन।

* पन्ना जिले के पटनातमोली गांव में हुई आगजनी की घटना

* पान की फसल और बरेजा जलने से हुआ 5 लाख का नुकसान

पन्ना। (www.radarnews.in)  तापमान में वृद्धि के साथ ही आगजनी की घटनायें भी बढ़ गईं है। पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत आने वाले चर्चित ग्राम पटनातमोली में बीती रात अचानक भडकी प्रचंड आग में पान का एक बरेजा जलकर पूरी तरह राख हो गया। आगजनी की इस घटना के चलते गांव मे कुछ देर के लिये भगदड़ और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनीं रही। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर जब काबू पाया गया तब तक बरेजा जलकर खाक हो चुका था। इससे प्रभावित पान उत्पादक किसान को करीब 5 लाख की क्षति हुई है। पुलिस की प्रारम्भिक जाँच-पड़ताल में आग लगने के कारण पता नहीं चल सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पान की खेती के लिये प्रसिद्ध पटनातमोली गांव मे शानिवार 11 मई की रात पान उत्पादक कृषक बिहारी चौरसिया के परिवार में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। जिसमें बिहारी समेत चौरसिया परिवार के सदस्य और गाँव के अधिकांश लोग शामिल हुए। वैवाहिक कार्यक्रम की खुशियों के बीच गाँव में उस समय अचानक चींख-पुकार गूँजने लगी जब पान कृषक बिहारी चौरसिया के पान बरेजे में आग भड़क उठी। आगजनी की घटना का पता लोगों को तब चला जब चौतरफा आग से घिरे पान बरेजे से ऊंची लपटें और धुंआ उठने लगा। प्रचंड हो चुकी आग को देख गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी फैल गई। उधर, आगजनी प्रभावित कृषक बिहारी चौरसिया, उसके परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण बदहवाश हालत में तुरंत गाँव के नजदीक उसरहा हार में स्थित पान बरेजे में पहुँचे। आग के गाँव में फैलने के खतरे को देखते हुए तत्काल डॉयल 100 पर पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच सभी लोग मिलकर प्रचंड आग को काबू करने के लिए पानी डालते रहे।
आग की लपटों में जलकर ख़ाक हुआ पान बरेजा।
ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और तत्परता से बचाव कार्य शुरू करने के फलस्वरुप आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पा लिया गया। जिससे आसपास के खेत और पटनातमोली गाँव तो आग की लपटों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। लेकिन, बिहारी चौरसिया के पान बरेजे को नहीं बचाया जा सका। पान की फसल के साथ बरेजा भी जलकर खाक हो गया। आगजनी प्रभावित पान कृषक को करीब 4-5 की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। बरेजे के अंदर 60 पारी में लगी पान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। पीड़ित किसान के पुत्र शिव प्रसाद चौरासिया ने बताया कि आग जिस तरफ से लगी है वहाँ बिजली के तार भी नहीं थे, जिससे स्पार्किंग होने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति द्वारा बरेजे में आग लगाई गई है। सलेहा थाना पुलिस इस घटना की गहनता से जाँच कर रही है। आगजनी की घटना से प्रभावित परिवार में सदमे में डूबा है, वहीं गाँव के लोग भी दुखी हैं।