सफलता | एटीएम बदलकर कर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, लाखों की धोखाधड़ी से जुड़ी कई वारदातों का खुलासा
* पन्ना के देवेन्द्रनगर में भृत्य के साथ की थी 6 लाख की धोखाधड़ी
2023 तक शत-प्रतिशत ग्रामों का होगा डामरीकरण – मंत्री श्री पटेल
भोपाल।(www.radarnews.in) पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मार्च 2023 तक प्रदेश के शत-प्रतिशत ग्रामों को डामरीकृत सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 3174 ग्रामों को डामरीकृत मार्ग से जोड़ने का कार्य प्रारम्भ हो गया है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा प्रदेश में कुल एक लाख 27 हजार 869 किलोमीटर सड़क मार्ग है। इसमें से सर्वाधिक 61 प्रतिशत अर्थात 77,269 किलोमीटर सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा 2023 तक ऐसे सभी ग्राम, मजरे-टोलों को डामरीकृत मार्ग से जोड़ा जाएगा, जहाँ न्यूनतम 50 परिवार निवासरत है।

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि म.प्र. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क अभिकरण द्वारा लक्ष्य पूर्ति के लिये चरणबद्ध तरीके से प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्च 2020 तक सामान्य वर्ग की 500 और जनजाति वर्ग की 250 जनसंख्या वाले ग्रामों को डामरीकृत मार्ग से जोड़ने का लक्ष्य है। सामान्य वर्ग जनसंख्या वाले 350 ग्रामों को दिसम्बर 2020 तक, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में सामान्य वर्ग 500 तथा जनजाति वर्ग की 250 जनसंख्या वाले 622 ग्रामों को दिसम्बर 2020 तथा शेष 1870 ग्रामों को मार्च 2023 तक डामरीकृत मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य है।
जीवन भर सटीक भविष्यवाणी करते रहे, निधन के पूर्व बताया “संसार से विदा लेने का समय आ गया”
* प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पण्डित आयोध्या प्रसाद गौतम का निधन
* गृह ग्राम श्यामरडांड़ा में मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार
* पन्ना सहित आसपास के जिलों में शोक की लहर
* सटीक भविष्यवाणी करने के लिये जाने जाते थे श्री गौतम
पन्ना।(www.radarnews.in) प्रख्यात ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखाविद् पण्डित आयोध्या प्रसाद गौतम का सोमवार शाम को राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। श्री गौतम के निधन का दुःखद समाचार आते ही पन्ना सहित आस-पास के जिलों में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार और हजारों शिष्यों को रोता बिलखता हुआ छोड़ गए। पारीवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार पन्ना जिले में स्थित गृह ग्राम श्यामरडांड़ा में मंगलवार 25 जून को प्रातः 11 बजे विधि विधान के साथ किया जाएगा। सोमवार शाम को ही उनकी पार्थिव देह को लेकर परिजन भोपाल से पन्ना के लिए रवाना हो चुके थे। उधर, शोक वयक्त करने के लिए लोगों के श्यामरडांड़ा स्थित उनके घर पर पहुँचने का सिलसिला जारी है। अंतिम यात्रा में दूर-दूर से बड़ी तादाद में लोगों के पहुँचने की संभावना जताई जा रही है।
अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए विख्यात प्रकाण्ड विद्वान पण्डित आयोध्या प्रसाद गौतम ने अपने जीवनकाल में सैंकड़ों भविष्यवाणियां की है जोकि अक्षरशः सच साबित हो चुकी है। उन्होंने कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ज्योतिष शास्त्र, सनातन धर्म, भारतीय सभ्यता, संस्कृति पर कई प्रभावी व्याख्यान देकर देश के गौरव को बढ़ाया है। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी पण्डित आयोध्या प्रसाद गौतम की ख्याति कई देशों में रही है। जापान के वैज्ञानिक, प्रोफेसर सहित अनेक देशों में इनके शिष्य है। मध्यप्रदेश और देश के विभिन्न दलों के राजनेता, न्यायधीश, बड़े अधिकारी और मीडिया जगत के लोग भी इनके शिष्यों में शामिल है। श्री गौतम कई पंचांगों और कैलेण्डर का लेखन करते थे।
सिद्धांतों पर अटल रहने वाले पण्डित श्री गौतम ने अपने ज्ञान और प्रतिभा का कभी भी व्यवसायिक उपयोग नहीं किया। उन्होंने अपने निधन से कुछ दिन पूर्व ही इसकी जानकारी परिजनों व करीबियों को दे दी थी। कई लोगों से आपने स्वयं ही कहा था कि इस संसार से मेरे विदा लेने का अब समय आ गया है। सर्वधर्म समभाव के पैरोकार, मानवतावादी, विनम्र और मृदुभाषी स्वाभाव के धनी श्री गौतम के निधन को पन्ना जिला सहित समूचे प्रदेश और देश के लिये अपूर्णीय क्षति बताया जा रहा है। उनके निधन पर राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों, परचितों और और पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
“हे नाथ निभाओ वचन, हम पर भी करो कृपा” एमपी के संविदा कर्मचारियों ने सीएम को याद दिलाया वादा
* नियमितीकरण और वेतन वृद्धि आदेश जारी करने सौंपा ज्ञापन
* घोषणा पर अमल न होने से छला हुआ महसूस कर रहे संविदा कर्मचारी
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की अपनी बहुप्रतीक्षित माँग को नए सिरे से उठाना शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न होने के पश्चात संविदा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनका वचन याद दिलाते हुए उसे निभाने की पुरजोर माँग की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना ने इस सम्बंध में शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपा है। जिसमें संविदा कर्मचारियों को नियमित करने व नियमित कर्मचारियों के वेतन का 90 प्रतिशत मानदेय भुगतान करने के आदेश जारी कर उस पर तत्परता से अमल कराने की माँग प्रमुखता से की गई है। ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों ने अपनी मनोदशा और व्यथा का उल्लेख किया है कि मानदेय वृद्धि के सम्बंध में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दिनाँक 5 जून 2018 को संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचरियों के वेतन का 90 मानदेय भुगतान करने के आदेश जारी हुए थे लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। इस कारण संविदा कर्मचारी स्वयं को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
बन गई सरकार अब करो नियमित

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ पन्ना ने अपने ज्ञापन में बताया है कि विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र (वचन पत्र) में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। इस सम्बंध कहा गया था कि मध्य प्रदेश में सरकार बनने के बाद संविदा कर्मचारियों को नियमित करने समिति बनाकर 3 माह में आदेश जारी किए जाएँगे। लेकिन इस वचन को अब तक पूरा नहीं गया। अपने भविष्य को लेकर चिंतित संविदा कर्मचारियों का इस लेटलतीफी से परेशान होना स्वाभाविक है। ज्ञापन के माध्यम से यह भी माँग की गई है कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सपोर्ट स्टॉफ के कर्मचारियों को पूर्व की भाँति एनएचएम में ही रखा जाए। उल्लेखनीय है कि पूर्व में सपोर्ट स्टॉफ को संविदा से हटाकर रोगी कल्याण समिति में नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ था। जबकि इन कर्मचारियों का मानदेय एनएचएम से दिया जा रहा है। इसलिए संविदा सपोर्ट स्टॉफ को एनएचएम में ही रखा जाना न्याय संगत है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना के अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने उनके ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने और उनकी माँगों को पूरा कराने हेतु सहानुभूतिपूर्वक यथा सम्भव प्रयास करने का भरोसा दिलाया है।
बैतूल जिले में लगेंगे काजू के बगीचे, एक हजार हेक्टेयर में होगी व्यावसायिक खेती
भोपाल। (www.radarnews.in) बैतूल जिले में बड़े पैमाने पर किसानों के खेतों में इस वर्ष काजू के बगीचे लगवाये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि बैतूल प्रदेश का पहला जिला है, जहाँ वर्ष 2018-19 से काजू की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की गई है। इस वर्ष बैतूल में एक हजार हेक्टेयर में किसानों के खेतों में काजू के बगीचे लगाये जाने का कार्यक्रम है।
वैज्ञानिक दे रहे मार्गदर्शन
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रिप सहित काजू लगाये जाने पर रोपण के दूसरे साल से उत्पादन प्रारंभ होता है। रोपण के 6-7 साल बाद व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ हो जाता है। प्रति पेड़ औसतन 15 से 20 किलो काजू का उत्पादन होता है। ग्रेडिंग के अनुसार कच्चा काजू 100 से 125 रुपये प्रति किलो की दर पर आसानी से बिक जाता है। काजू प्र-संस्करण के लिये बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी में छोटी प्र-संस्करण इकाई भी स्थापित की गई है। जिले में काजू की व्यावायिक खेती के लिये राष्ट्रीय काजू एवं कोको विकास निदेशालय केरल के कोच्चि द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदाय किया जा रहा है। क्षेत्र में निदेशालय के वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किया गया है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग जिले में काजू की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास कर रहा है।
”लोकतंत्र की रक्षा के लिए पत्रकारों की सुरक्षा जरूरी“… एमपी में पत्रकार को जिंदा जलाने की वारदात से उपजा आक्रोश
* देश भर में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं से रोष व्याप्त
* पन्ना के पत्रकारों ने मौन धारण कर सागर के मृत पत्रकार को दी श्रद्धांजलि
* पत्रकारों की सुरक्षा के लिए सख्त लागू करने सोमवार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
पन्ना।(www.radarnews.in) पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी है, इसलिए लोकतंत्र की रक्षा के लिए पत्रकारों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। दुर्भाग्य से आज हम उस दौर में हैं जब सच को सामने लाने, जनहित-देशहित को ध्येय बनाकर काम करने, मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आवज बुलंद करने वाले पत्रकार सुरक्षित नहीं है। पिछले कुछ समय से देश के अंदर पत्रकारों की हत्याओं एवं उनके विरुद्ध हिंसा की चिंताजनक तेजी से बढ़ती घटनाओं से स्वतंत्र,निष्पक्ष और निर्भीक आवाज को कुचलने की लगातार कोशिश हो रही है। यह न तो समाज के हित में है और ना ही देश के हित में है। पन्ना जिले के पत्रकारों ने गुरुवार को एक शोकसभा में यह विचार व्यक्त किए। मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ में पत्रकार चक्रेश जैन को जिंदा जलाकर हत्या किए जाने की लोमहर्षक वारदात सामने आने पर पन्ना के पत्रकारों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। साथ ही प्रदेश, देश और दुनिया में हिंसा में मारे गए पत्रकार साथियों के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनिट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई।
सागर जिले के शाहगढ़ में पत्रकार चक्रेश जैन को जिंदा जला देने की दिल दहला देने वाली वारदात से एक ओर जहाँ पूरा देश स्तब्ध है वहीं विचलित करने वाली इस घटना ने पत्रकारों को हिलाकर कर रख दिया है। लोकतंत्र के अघोषित चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमलों से ऐसा वातावरण निर्मित हो गया है, जिसमें कलमकारों के लिए ईमानदारी से अपना काम करना मुश्किल सम्भव नहीं है। शोकसभा में उपस्थित जिला मुख्यालय पन्ना के पत्रकारों ने हिंसा का शिकार हुए अपने साथियों की स्मृति में लोकपाल सागर तालाब किनारे पौधरोपण किया। इस अवसर पर देश और दुनिया में जिन पत्रकारों ने कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपने प्राणों की आहूती देकर पत्रकारिता के मूल्यों को अक्षुण्य बनाए रखा उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्हें नमन किया गया।
सजगता के साथ तथ्यपरक खबरें दें
शोकसभा तत्पश्चात पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिसमें पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और इस तरह की घटनाओं पर शासन-प्रशासन की सहजता के सम्बंध गहन विचार-विमर्श हुआ। शाहगढ़ की घटना पर सभी पत्रकारों ने एक स्वर में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे भारत के पत्रकारिता इतिहास में दर्ज काला अध्याय बताया। और कहा कि जिस दिन पत्रकार नहीं बचेंगे उस दिन देश में लोकतंत्र नहीं बच पाएगा। इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए हमें कहीं अधिक सतर्कता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की जरूरत है। हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि हम कोई ऐसा काम ना करें जिससे पत्रकार और पत्रकारिता बदनाम हो। हम अपनी हदों को जाने और उसके अंदर रहते हुए जन समस्याओं से लेकर शासन-प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार, अपराध आदि की खबरें प्रकाशित करें। खबर प्रकाशन से पूर्व तथ्यों की अच्छी तरह पड़ताल करना बेहद जरूरी है और उसमें सभी पक्षों की बात को समाहित करें। खबर प्रकाशित करने में जल्दबाजी न कर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबर देना हमारा दायित्व है। कई बार जल्दबाजी में खबरें देने के चक्कर में तथ्यों की आधी-अधूरी पड़ताल पत्रकार और पत्रकारिता दोनों के लिए घातक साबित होती है।
पत्रकारिता की पवित्रता को बनाए रखें
इस अवसर पर पत्रकार सादिक खान ने कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हमारा धर्म है। हम यदि पत्रकारिता कर रहे हैं तो हर समय एक बात हमारे जेहन में होनी चाहिए कि हम कोई ऐसा काम न करें जिससे कि कोई हमारे ऊपर ऊंगली उठा सके। पत्रकारिता की आड़ यदि हम अवैध कार्य कर रहे हैं तो हमें दूसरों पर उंगली उठाने का नैतिक रूप से कोई अधिकार नहीं है। दूसरे के संबंध में कुछ भी लिखने से पहले हम आत्मचिंतन, आत्म अवलोकन करें अथवा अपने गिरेबान में झांके कि हम जो दूसरों के लिये लिखना चाहते है उसे लिखने के हम पात्र भी है या नहीं। हमारे समाचारों में यथा सम्भव व्यवस्था और समस्या केन्द्र बिन्दु होनी चाहिए, हम व्यक्ति विशेष पर केंद्रित दुर्भावनापूर्ण खबरें प्रकाशित करने से बचें क्योंकि यह काजल की कोठरी की तरह है। खबरों में हम सच को पूरे साहस के साथ कहें लेकिन हमारा लेखन अथवा भाषा शैली अमर्यादित और असंसदीय नहीं होनी चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
पत्रकारिता की आड़ में न करें गलत काम
वरिष्ठ पत्रकार नीतेंद्र गुरुदेव ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश करने से हम किसी को रोक नहीं सकते लेकिन वास्तव में पत्रकार कौन है, यह उसके लेखन, चिंतन और कार्यशैली से पता चल जाता है। इसमें ज्यादा देर नहीं लगती है। वर्तमान में कतिपय धंधेबाज और माफिया प्रवृत्ति के लोग अपने धंधों को संरक्षण प्रदान करने अथवा अपने गलत कामों को पत्रकारिता की आड़ में सुगमता से करने के लिए इस क्षेत्र में उतर आए हैं। इनके काले कारनामों की वजह से पत्रकार और पत्रकारिता दोनों बदनाम हो रहे हैं। आपने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज जिले से लेकर प्रदेश और देश में कई ऐसे पत्रकार भी है जो कि अपनी पत्रकारिता से समाज को नई दिशा दे रहे हैं। पत्रकारिता में बढ़ते अवांछित तत्वों के प्रवेश से उत्पन्न समस्या को देखते हुये, उन लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है जोकि वाकई कलम के सिपाही है। पन्ना में भी कुछ ऐसे तत्व हैं जोकि पत्रकारिता की आड़ में रेत-पत्थर के अवैध उत्खनन, परिवहन और अधिकारियों की दलाली कर पत्रकारिता को कलंकित करते हैं। हमें चाहिए कि ऐसे लोगों से दूर रहें और बिना किसी दुर्भावनावश अथवा पूर्वाग्रह के जनसमस्याओं को उजागर करते रहेंं, व्यवस्था को हकीकत का आईना दिखाते रहें और संकट की घड़ी में एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करते रहें।
इन माँगों को लेकर सौंपा जाएगा ज्ञापन
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सोमवार 24 जून को पत्रकारों की सुरक्षा, हितों के संरक्षण, पत्रकार चक्रेश जैन को न्याय दिलाने एवं समस्याओं के निराकरण हेतु शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए देश के राष्ट्रपति, मध्य प्रदेश के राज्यपाल प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम सोमवार को पन्ना जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से पत्रकार चक्रेश जैन के आश्रितों को जीवन यापन के लिए एक करोड़ की सहायता राशि देने, घर के किसी एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने, मृत पत्रकार के मृत्यु पूर्व कथन दर्ज करने में लापरवाही बरतने एवं इस तरह की घटनाओं से मध्य प्रदेश और देश में हुई बदनामी को देखते हुए शाहगढ़ थाना के पूरे स्टॉफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सागर जिले के एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने, पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर संरक्षण प्रदान करने के लिए तत्काल प्रभाव से कानून लागू किया जाए एवं उसमें पत्रकारों के खिलाफ हिंसा करने वाले के विरुद्ध सजा के कठोरतम प्रावधान करने, पत्रकारों के खिलाफ किसी भी मामले में बगैर जांच के एफआईआर दर्ज न करने का प्रावधान किया जाए। पत्रकारों की सम्मान निधि में वृद्धि करने, 10 वर्ष के अनुभव के आधार पर सभी को अधिमान्यता प्रदान करने, पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानपूर्वक जीवन यापन हेतु आवश्यक प्रावधान करने, पत्रकार चक्रेश जैन की मौत के मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराकर दोषियों को शीघ्रता से कठोरतम सजा दिलाने हेतु आवश्यक उपाय करने सहित अन्य मांगें शामिल रहेंगी।
इनकी रही उपस्थिति
शोकसभा एवं बैठक में मुख्य रूप से आरिफ सिद्दीकी, राकेश पाण्डेय, शिव किशोर पाण्डेय, लक्ष्मीकांत शर्मा, एम.एस. खान, सतीश जायसवाल, अर्चना प्यासी, टाईगर खान, भानु गुप्ता, दीपांत शर्मा, इदरीश मोहम्मद, अमर सिंह, एल.एन. छिरोलया, अशोक त्रिवेदी, संतोष अवस्थी, ऋषि मिश्रा, पुष्पेन्द्र दिवेदी, सौरभ साहू, विकास सेन, कैलाश रैकवार, राजेंद्र कुमार लोध, राकेश द्विवेदी, मनीष सारस्वत, रोहित रैकवार, अमित जड़िया सहित अन्य पत्रकार साथी उपस्थित थे।
नगर पालिका के बाहर झाड़ू-टोकरी रखकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी, “डस्टबिन रहित” घोषित शहर में दिखने लगे कचरे के ढ़ेर
* बारिश के सीजन में सफाई व्यवस्था ठप्प होने तेजी से फैलने लगी गंदगी
* डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन न होने से पहले दिन से ही परेशान हुए शहरवासी
* नियमितीकरण सहित 14 सूत्रीय माँगों को लेकर हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के डस्टबिन रहित पवित्र नगर घोषित पन्ना में सफाई कर्मचारियों के अपनी माँगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से जगह-जगह कचरे के ढ़ेर लग गए हैं। मंगलवार को हड़ताल के पहले ही दिन साफ़-सफाई के आभाव में शहर के सूरत-ए-हाल बेहाल नजर आ रहे है। बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था ठप्प होने शहर में तेजी से गंदगी फैल रही है और उससे दुर्गंध उठ रही है। बारिश के पानी का रास्तों में कई जगह भराव होने से राहगीरों को आवागमन में असुविधा हो रही है। सबसे बद्तर हालत पन्ना के बस स्टैण्ड परिसर की है। यहाँ हर तरफ कचरा फैला है।शहर में आज डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन न होने से लोगों के घरों में भी कचरा जमा हो गया है। उधर, सुबह से नगर पालिका परिषद कार्यालय के बाहर झाड़ू-टोकरी रखकर बेमियादी हड़ताल पर बैठे सफाई कामगारों ने यह ऐलान किया है कि नियमितीकरण, सातवें वेतनमान के एरियर्स के भुगतान सहित कर्मचारी हितों से जुड़ीं वर्षों से लंबित अन्य माँगे जब तक पूर्ण नहीं होती तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। नगर पालिका परिषद पन्ना की उपेक्षा और कोरे आश्वासनों से तंग आकर सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
ये हैं मुख्य माँगें

सफाई कामगार संघ के जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार बाल्मीक ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ की ओर से 14 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन मुख्य नगर पालिका अधिकारी पन्ना को सौंपा गया है। जिसमें मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का एरियर्स भुगतान करने, सफाई कामगारों के रिक्त पड़े पदों पर रोस्टर के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर नियमित करने, ड्यूटी के दौरान जिन कर्मचारियों का निधन हुआ उसके किसी एक आश्रित को नौकरी देने, 62 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों के घर के किसी एक सदस्य को उनके स्थान पर नौकरी पर रखने, शिक्षित सफाई कामगारों को नपा की दूसरी शाखाओं में पदस्थ किया जाए, मासिक मस्टर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को रोस्टर के आधार पर नियमित करते हुए इनका पी.एफ. काटने के शासन के आदेश पर अमल किया जाए। संविदा वाहन चालक, हेल्पर, फायरमैन, पीएचई, पार्क में तैनात कर्मचरियों को कलेक्टर रेट पर रखा जाए।

सेवानिवृत होने पर नहीं देते विदाई

सेवानिवृत होने वाले सफाई कर्मचारियों को नगरपालिका परिषद की और से ससम्मान विदाई न देने पर पर हड़ताली सफाई कामगारों ने कड़ी आपत्ति जताई है। सफाई कामगार संघ पन्ना के नगर अध्यक्ष राकेश बाल्मीक ने इस उपेक्षापूर्ण बर्ताव पर गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि कई सालों तक शहर को साफ़-स्वच्छ रखने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले कर्मचारी के सेवानिवृत होने पर नगर पालिका की तरफ से उसे सम्मानपूर्वक विदाई तक नहीं दी जाती। इनका आरोप है कि यह मसला सफाई कामगारों के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ा है। सफाई कामगारों को नगर पालिका परिषद दोयम दर्जे का कर्मचारी मानकर घोर उपेक्षा करती है। जिससे हम सभी खासे आहत है। पिछले कुछ वर्षों से सेवानिवृत्त होने वाले सफाई कामगारों को उनके संघ की ओर से अपने खर्च पर विदाई दी जाती है। जबकि नगर पालिका के दूसरे कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर परिषद की ओर से उन्हें बकायदा सम्मान के साथ विदाई देने की स्वस्थ परम्परा का निर्वहन किया जाता है।

गतिरोध को समाप्त कराने हो पहल

हड़ताल पर बैठे रवि बाल्मीक, हेमंत बाल्मीक ने बताया कि अपने हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए समस्त सफाई कामगार पूर्णतः एकजुट हैं। फलस्वरूप समस्त सफाई कामगार हड़ताल पर हैं। सफाई कामगारों की अपनी माँगों के निराकरण को लेकर दृढ़ता और नगर पालिका परिषद के नुमाइंदों की उदासीनता के चलते निर्मित गतिरोध के मद्देनजर हड़ताल अगले कुछ दिनों तक जारी रहने के आसार नजर आ रहे हैं। क्योंकि मंगलवार 18 जून को हुई चर्चा में सायंकाल तक कोई समाधान नहीं निकल सका। इसलिए बुधवार को भी हड़ताल जारी रहने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था ठप्प रहना लगभग तय है। हड़ताल यदि इसके बाद भी जारी रही तो शहर की सड़कों-सार्वजानिक स्थानों की साफ़-सफाई के आभाव तथा घरों से कचरा संग्रहण न होने के कारण समूचा शहर ही कचरा घर में तब्दील हो सकता है। इस स्थिति में हालात बद से बद्तर हो सकते हैं। जाहिर है इसका दुष्प्रभाव निर्दोष नगरवासियों को भुगतना पड़ेगा। इसके मद्देनजर नगर पालिका में बैठे जिम्मेदारों को चाहिए कि आगे आकर हड़ताली कर्मचारियों से बात कर इस गतिरोध को समाप्त कराने के लिए सार्थक पहल करें ताकि नगरवासियों को बेबजह परेशान न होना पड़े। इस सम्बंध में जब नगर पालिका अध्यक्ष से सम्पर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।
सागौन कटाई मामला | वन मंत्री और पीसीसीएफ के बयान से मचा हड़कम्प, पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने आनन-फानन में रेंजर को किया निलंबित
* अपना बचाव करने में जुटे पीटीआर के वरिष्ठ अधिकारी
* कार्रवाई को लेकर दोहरे मापदण्ड उजागर होने से उठ रहे सवाल
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सागौन लकड़ी की अवैध कटाई का हैरान करने वाला मामला उजागर होने से पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक हड़कम्प मचा है। इस मामले ने पन्ना टाईगर रिजर्व के बेहतर प्रबंधन, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था एवं मजबूत निगरानी तंत्र सरीके के झूठे दावों की पोल खोलकर रख दी है। सागौन लकड़ी की सामूहिक कटाई को लेकर चौतरफा उठ रहे सवालों के मद्देनजर यह स्पष्ट हो चुका है कि पन्ना में अथक परिश्रम के बाद बमुश्किल आबाद हुआ बाघों का संसार, दूसरे वन्यजीवों तथा वन सम्पदा पर अब तक सबसे गम्भीर खतरा मंडरा रहा है। अत्यंत ही चिंताजनक यह स्थिति पीटीआर के वरिष्ठ अधिकारियों की हद दर्जे की उदासीनता, निकम्मेपन, निहित स्वार्थपूर्ति में डूबे होने के कारण निर्मित हुई।

शायद इसीलिए प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार और प्रधान मुख्य वन संरक्षक जे.के. मोहंती ने सागौन कटाई मामले को गम्भीरता से लेते हुए पन्ना टाईगर रिजर्व (पीटीआर) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही करने की बात कही है। पदीय दायित्व एवं कर्तव्य के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोपों से जूझ रहे पीटीआर के क्षेत्र संचालक, उप संचालक अपनी गर्दन पर कार्यवाही का शिकंजा कसने की ख़बरों से टेंशन में है। किसी भी तरह खुद को बचाने की जद्दोजहद में जुटे इन अधिकारियों ने सोमवार को सागौन लकड़ी के 619 पेड़ों की अवैध कटाई मामले में पन्ना बफर रेन्ज के रेन्जर गौरव नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण में सम्बंधित डिप्टी रेन्जर और वनरक्षक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। फिलहाल पन्ना बफर रेन्ज का अतिरिक्त प्रभार गंगऊ अभ्यारण के रेन्जर अमर सिंह को सौंपा गया है।
बड़े अफसरों पर कब होगी कार्यवाही
खबर मिल रही है कि इसी प्रकरण में बहुत जल्द सहायक संचालक मड़ला प्रतिभा शुक्ला पर भी कार्यवाही की गाज गिर सकती है। दरअसल पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने पन्ना बफर रेन्ज की हरसा बीट के टपकनिया क्षेत्र में सागौन लकड़ी कटाई मामले की अपने स्तर पर जाँच कराकर जो रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल को भेजी है उसमें सहायक संचालक मड़ला प्रतिभा शुक्ला पर दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। वैसे भी वन बल प्रमुख जे. के. मोहंती पहले ही रेंजर और सहायक संचालक के विरुद्ध कार्यवाही करने का बयान दे चुके हैं। उधर, प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने इसी प्रकरण में पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक व उप संचालक के खिलाफ भी एक्शन लेने की बात कही है।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पन्ना टाईगर रिजर्व में कुप्रबंधन के चलते फैली अराजकता के लिए सीधे तौर जिम्मेदार बड़े अफसरों के विरुद्ध क्या कार्यवाही होती है। इनके खिलाफ भी इसी तर्ज पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी या फिर छोटे अधिकारियों-कर्मचरियों पर गाज गिराकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। वन बल प्रमुख द्वारा इस संवेदनशील मामले की जाँच राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल प्रभारी को पन्ना भेजकर कराए जाने से इस बात की उम्मीद की जा रही है कि ऑफिस और बंगले तक सीमित रहने के कारण फील्ड की हकीकत से पूरी तरह बेखबर रहे बड़े अधिकारियों पर भी कार्यवाही का चाबुक चल सकता है।
शिकारी को छोड़ने वाले रेंजर पर मेहरबानी क्यों

पन्ना टाईगर रिजर्व की हरसा बीट के टपकनिया क्षेत्र में सागौन लकड़ी की सामूहिक अवैध कटाई मामले में जिस तरह सम्बंधित रेंजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया उससे यह सवाल उठ रहा है कि रूपए लेकर जंगली सूअर के शिकारी को बगैर कार्यवाही के छोड़ने के प्रकरण में रैपुरा रेंजर देवेश गौतम पर मेहरबानी क्यों की गई। जबकि टाईगर स्ट्राइक फोर्स सतना की जाँच टीम ने उन्हें इस मामले में दोषी माना है। अभिरक्षा में लिए गए शिकारी को रुपए लेकर छोड़ना वैसे भी कहीं अधिक गम्भीर प्रकृति का अपराध है। पन्ना जिले के अलग-अलग वन मण्डलों से सम्बंधित इन दोनों मामलों पर गौर करने से एक ही अधिकारी द्वारा कार्यवाही में अपनाए गए दोहरे मापदण्डों का पता चलता है।

उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व पन्ना जिले की रैपुरा रेन्ज अंतर्गत जंगली सूअर के एक शिकारी को कई घण्टे तक कार्यालय परिसर में ही अभिरक्षा में रखने तथा उसके घर से जंगली सूअर का माँस बरामद होने के बाद उसे रूपए लेकर बिना किसी वैधानिक कार्यवाही के छोड़ दिया था। जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि यह सब रेंजर की जानकारी में उनकी सहमति से हुआ। अगले दिन जब्त माँस को सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से वनकर्मियों को भेजकर नदी में फिंकवाया गया। इस बहुचर्चित मामले में रेंजर देवेश गौतम को बचाने के लिए पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक एवं प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर के. एस. भदौरिया पर खुलकर अपने पद का दुरूपयोग करने का गम्भीर आरोप है। प्रदेश के वन मंत्री और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इस संवेदनशील मामले को भी संज्ञान लेते हुए रुपए लेकर शिकारी को छोड़ने वालों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराकर यह सन्देश देने की जरुरत है कि, रक्षक अगर भक्षक बन जाएँगे तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पत्नी को भगा ले गया था प्रेमी, क्षुब्ध युवक ने साले और दोस्तों संग मिलकर प्रेमी को मारी गोली
* पन्ना जिले के बहुचर्चित मोहनपुरवा हत्याकाण्ड का खुलासा
* मुख्य आरोपी और उसके साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बृजपुर थाना अंतर्गत करीब सप्ताह भर पूर्व नवयुवक सुखेन्दा उर्फ़ सुखेन्द्र कोल पिता सुखदिन्ना कोल 22 वर्ष निवासी ग्राम भंसूड़ा के सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने अधिकारिकतौर पर खुलासा कर दिया है। सुखेन्दा कोल का कत्ल उसकी प्रेमिका के पति ने अपने दोस्तों और साले के साथ मिलकर किया था। मृतक इसी साल जनवरी महीने में समीपी गाँव मोहनपुरवा(मोहनपुरा) की एक शादीशुदा युवती को भगा ले गया था। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से सामाजिक स्तर काफी बदनामी होने से क्षुब्ध युवती के पति ने अपने नाबालिग साले तथा दो दोस्तों संग मिलकर योजनाबद्ध तरीके से 10 जून की देर रात सुखेन्दा कोल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए मुख्य आरोपी रामदीन कोल निवासी ग्राम बगरहा थाना मारकुंडी जिला चित्रकूट उत्तर प्रदेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस बहुचर्चित हत्याकाण्ड का खुलासा पन्ना पुलिस ने शनिवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर किया है। जबकि पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी शुक्रवार 14 जून को होना बताया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण में सहआरोपी एवं रामदीन कोल के नाबालिग साले को भी शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वारदात में शामिल रामदीन के दो साथी धन्नू कोल एवं सोनू कोल निवासी ग्राम बगरहा थाना मारकुंडी जिला चित्रकूट उत्तर प्रदेश अभी भी फरार हैं।
ससुराल में किया था मर्डर

पुलिस की कहानी के मुताबिक उसे 10 जून की सुबह उसे बृजपुर थाना के ग्राम मोहनपुरवा में स्कूल के सामने सड़क किनारे एक शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचकर शव की पहचान सुखेन्दा कोल पिता सुखदिन्ना कोल 22 वर्ष निवासी ग्राम भंसूड़ा के रूप में की गई। शव की हालत को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा उसके सिर में गोली मारकर हत्या की गई है। कथिततौर पर इस अंधे कत्ल की विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक मोहनपुरवा गाँव की एक विवाहित युवती को जनवरी महीने में भगा ले गया था। युवती का पति रामदीन कोल इस घटना को लेकर सुखेन्दा कोल से अत्यंत ही क्षुब्ध था और बुराई मानता था। घटना दिनांक 10 जून के एक दिन पूर्व युवती का पति रामदीन कोल अपनी ससुराल मोहनपुरवा में अपने साथियों के साथ देखा गया था।

अगले दिन रामदीन ने दोस्त साथी धन्नू कोल, सोनू कोल एवं अपने छोटे साले के साथ मिलकर रात करीबन 1.00 बजे सुखेन्दा कोल के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। उल्लेखनीय है कि जवान बेटे की मौत का पता चलते ही परिजनों ने उसकी प्रेमिका के पति पर हत्या करने का संदेह जताया था। जिस दिन सुखेन्दा कोल की हत्या की गई उस दिन घर पर उसकी बहिन की बारात आई थी। बहिन के वैवाहिक कार्यक्रम में व्यस्त रहा सुखेन्दा कोल देर रात अचानक किसके बुलाने पर समीपी गाँव मोहनपुरवा गया था इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालाँकि पुलिस ने हत्याकाण्ड के खुलासे के ब्योरे में इस बात का उल्लेख ही नहीं किया है, कि बहिन के विवाह का कार्यक्रम छोड़कर सुखेन्दा कोल अचानक मोहनपुरवा क्यों गया था।
कई साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग

जनचर्चाओं पर भरोसा करें तो सुखेन्दा कोल निवासी ग्राम भंसूड़ा का अपने पड़ोसी गाँव मोहनपुरवा की युवती के साथ प्रेम प्रसंग विवाह के पहले से चल रहा था। युवती का विवाह होने के बाद भी इनके सम्बंध बरकरार रहे। फलस्वरूप सुखेन्दा कोल इसी साल जनवरी महीने में युवती को भगा ले गया था। इस घटना का पता चलने पर दोनों परिवारों के बीच काफी विवाद हुआ था। बात पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस के पास भी पहुँची थी। लेकिन सामाजिक बदनामी और बेटी के वैवाहिक जीवन के भविष्य को देखते हुए लड़की पक्ष ने घटना की रिपोर्ट नहीं की थी। उधर, चौतरफा दबाब पड़ने पर प्रेमी युगल कुछ समय बाद वापस अपने गाँव लौट आया था। प्रेमी दवारा पत्नी को भगा ले जाने से क्षुब्ध रामदीन बदला लेने की फिराक में था। जिसके चलते मौका पाकर उसने सुखेन्दा कोल की हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी रामदीन के कब्जे से हत्या की वारदात में युक्त 12 बोर का देशी कट्टा, एक जिन्दा कारतूस, मोटर साईकिल तथा मोबाईल फोन जप्त किया है। प्रकरण के खुलासे में पड़ोसी जिला सतना की पुलिस का विशेष सहयोग रहा। इस मामले में फरार चल रहे रामदीन के दोनों साथियों की धरपकड़ हेतु बृजपुर थाना पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश में जुटी है।
हीरों की धरती पन्ना में विकास की चमक बिखेरेगा प्रोजेक्ट “अभ्युदय”…अनूठी पहल ने हालात में बदलाव की जगाई उम्मीद ?
* जिले के नवागत युवा कलेक्टर कर्मवीर शर्मा का नवाचार
* निगरानी तंत्र विकसित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदार्शिता लाने की पहल
* समस्याओं के समाधान और विकास को गति देने तय की प्राथमिकताएं
* कलेक्टर ने पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर मांगे सुझाव
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के अति पिछड़े पन्ना जिले के नवागत युवा कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने यहाँ तीव्र गति से विकास के सपने को साकार करने और सुशासन स्थापित करने की उम्मीद जगाई है। पन्ना कलेक्टर का पदभार ग्रहण के साथ ही श्री शर्मा अपने नाम के अनुरूप एक्शन मोड में आ गए हैं। सकारात्मक सोच के साथ लीक से हटकर कुछ अलग करने का जज्बा रखने और लक्ष्यपूर्ति तक मजबूत इरादे के साथ डटे रहने वाले आईएएस अफसर कर्मवीर शर्मा ने पन्ना जिले के चहुंमुखी विकास को नया आयाम देने और यहाँ बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था कायम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए है। उन्होंने अपने इस नवाचार को “अभ्युदय” नाम दिया है। जिसका शाब्दिक अर्थ तीव्र गति से उदय (विकास) है। शनिवार को नवीन कलेक्ट्रेट भवन के सभागार में पत्रकारों से पहली बार रूबरू हुए नवागत कलेक्टर ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट अभ्युदय और पन्ना जिले को लेकर अपने रोडमैप से जुड़ीं कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की। आत्मविश्वास से लबरेज़ युवा कलेक्टर श्री शर्मा की मंशानुरूप धरातल पर यदि वाकई ईमानदारी से काम हुआ तो निश्चित ही पन्ना जिले की दशा और दिशा में जल्द ही सार्थक बदलाव नजर आएगा। विनम्र और संवेदनशील स्वाभाव वाले कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने पत्रकारों से अनौपचारिक भेंट के दौरान विशेष रूप से पन्ना जिले की ज्वलंत समस्याओं, विकास से जुड़े अहम मुद्दों, प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, चुस्त-दुरूस्त और जबाबदेह बनाने के संबध में सभी से वन-टू-वन चर्चा कर उनके सुझाव लिए। साथ ही यह भी पूँछा की अपने कलेक्टर से आपकी क्या अपेक्षाएँ है।
अभ्युदय से इस तरह तेजी से होगा विकास

उज्जवल किस्म के बेशकीमती रत्न हीरों के खनन के लिए विश्व प्रसिद्ध पन्ना जिले के माथे पर लगे पिछड़ेपन के दाग को मिटाकर यहाँ समग्र और समावेशी विकास की चमक बिखेरने की परिकल्पना “अभ्युदय प्रोजेक्ट” को शीघ्र ही लॉन्च करने की तैयारी प्रशासनिक हलकों में तेजी से चल रही है। इसकी रूपरेखा काफी हद तक तैयार हो चुकी है। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अपने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम (प्रोजेक्ट) अभ्युदय के उदेश्य, क्रियान्वयन, महत्व आदि से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुये बताया कि इसके अंतर्गत एक कम्प्यूटरीकृत निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। ताकि धरातल पर विभिन्न विभागों की योजनाओं के लागू होने की वास्तविकता का पता चलता रहे और इनका क्रियान्वयन शासन की मंशानुरूप अधिक से अधिक पारदर्शी तरीके से सम्भव हो सके।
श्री शर्मा के अनुसार अभ्युदय कार्यक्रम के अंतर्गत जिले भर में त्रिस्तरीय निगरानी दल गठित किए जाएँगे। जिसमें ग्राम स्तरीय, जनपद स्तरीय एंव जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। इन दलों को कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के तहत बिना किसी पूर्व जानकारी के दूसरे विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी हेतु भेजा जाएगा। निरीक्षण में किसी तरह की औपचारिकता न हो इसलिए संचार एंव सूचना तकनीक से इसे जोड़ते हुये निरीक्षण करते समय का लाइव फोटो और जियो टैगिंग के जरिए निरीक्षण दल की मौके पर उपस्थिति का सत्यापन किया जाएगा। इन दलों की निरीक्षण रिपोर्ट पूर्णतः पेपरलैस अथवा ऑनलाईल होगी। आपने बताया कि निरीक्षण सम्बंधी एक कॉमन प्रपत्र तैयार किया जा रहा है। निरीक्षण करने किस दल को कब और कहाँ जाना है इसकी सूचना संबधित दल के सदस्यों को महज कुछ घण्टे पहले जिला स्तरीय कण्ट्रोल रूम से एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। एक बार इस सिस्टम के बनने से प्रशासन का निगरानी तंत्र काफी मजबूत हो जाएगा। इस एडवांस सिस्टम से प्रशासन हर समय जहाँ अर्लट मोड में रहेगा वहीं आगे आने वाले अधिकारियों को भी इससे काफी सुविधा होगी।
प्राथमिकता में है शिकायतों का निराकरण
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अपनी प्राथमिकता गिनाते हुये बताया कि शासन की प्राथमिकतायें तो उनके लिये सर्वोपरी हैं ही इसके आलावा स्थानीय स्तर पर जो काम करने आवश्यक हैं उन्हें भी प्राथमिकता में शामिल किया जाएगा। आपने कहा कि वर्तमान में जनसुनवाई एंव सीएम हेल्पलाईन की तकरीबन 6 हजार 500 शिकायतें जिले के विभिन्न विभागों में लंबित है। आमजन से जुड़ीं इन शिकायतों का तत्परता से संतोषजनक समाधान कराया जाएगा। जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों की निगरानी के लिये कम्प्यूटरीकृत सिस्टम तैयार किया जा रहा है ताकि आवेदन पत्र की स्थिति और उनके निराकरण की सतत समीक्षा की जा सके। इसके अलावा जो प्रकरण अति आवश्यक होंगे उन्हें टीएल में शामिल करते हुए लगातार रिव्यू किया जाएगा। आपने कहा कि इसके पीछे मंशा आमजन से जुड़ीं समस्याओं का सुगमता से संतोषजनक समाधान सुनिश्चित कराना है। साथ ही तंत्र को जन के प्रति जबाबदेह बनाते हुए सुशासन स्थापित करना है।
इन मुद्दों पर हो फोकस
पत्रकारों ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से जिन मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया उनमें मुख्य रूप से- पन्ना की नैसर्गिक सम्पदा जैसे कि नदियों-पहाड़ों और जंगल को माफियाओं से सुरक्षित रखने, ईमानदारी से शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करते हुए जिन शालाओं-विद्यालयों में अतिशेष शिक्षक हैं, उन्हें शिक्षक विहीन एंव एकल शिक्षकीय शालाओं में पदस्थ कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, ग्रामीण अंचल में लोगों को प्राथमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने, जिला चिकित्सालय एंव आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों को भरने के लिये शासन स्तर पर आवश्यक पहल करने, उद्योग विहीन पन्ना जिले में ईको फ्रैंडली औद्योगिक गतिविधियों की स्थापना हेतु ठोस पहल कर रोजगार का सृजन करने, पन्ना के प्राचीन तालाबों का सीमांकन कराकर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने, सार्वजनिक भूमियों से अतिक्रमण हटवाने, बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू कराने, रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण एंव ओवरलोडिंग पर प्रभावी नकेल कसने, पन्ना जिले को एजुकेशन हब बनाने की दिशा में काम किया जाए।
लक्ष्यों को तीन श्रेणियों में बांटा




पन्ना जिले की नगर पंचायत देवेन्द्रनगर में भृत्य के पद पर पदस्थ जगत सिंह घोष निवासी ग्राम करहिया ने पुलिस थाना देवेन्द्रनगर में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने उसका एटीएम कार्ड बदलकर दिनाँक 18 जनवरी 2019 से लेकर 06 फरवरी 2019 तक उसके स्टेट बैंक के खाते से 5 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए। यह राशि अलग-अलग शहरों के एटीएम से निकली गई।शिकायत पर धोखाधड़ी और आई.टी. एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पन्ना एसडीओपी आर. एस. रावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की। धोखाधड़ी कर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले अपराधियों पर पैनी नजर रखने तथा उनकी धरपकड़ के लिए बैंक और एटीएम के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया। पुलिस अधीक्षक ने संदेही आरोपियों के सीसीटीव्ही फुटेज प्रसारित कराकर पीड़ित जगत सिंह के बैंक स्टेटमेण्ट के आधार पर रूपए आहरित करने वाले स्थानों पर जानकारी जुटाने एवं प्रचार-प्रसार करने साइबर टीम व टीम प्रभारी को निर्देशित किया। इस बीच मुखबिर ने पुलिस को शनिवार 29 जून को देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत बड़वारा तिराहा पर सफेद रंग की एक कार में संदिग्ध व्यक्तियों के बैठे होने की सूचना दी गई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और आनन-फानन में मौके पर पहुँचकर घेराबंदी करते हुए कार में सवार दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनके चेहरे एटीएम से प्राप्त सीसीटीव्ही फुटेज से मेल खा रहे थे।
एटीएम बदलकर धोखधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। ये लोग अपने सफर के दौरान बीच-बीच में भीड़भाड़ वाले एटीएम बूथों में घुसकर कभी किसी को राशि निकालने में मदद के नाम पर या फिर धक्का देकर एटीएम गिरा देते थे। फिर सामने वाले व्यक्ति का ध्यान भटकाकर बड़ी ही चालाकी के साथ एटीएम बदल लेते थे और उसका पासवर्ड देख लेते थे। बाद में दूसरे स्थान पर नकद राशि निकाल लेते या फिर स्वैप के माध्यम से रकम हड़प लेते थे। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि ये उन लोगों को टॉरगेट करते थे जो एटीएम ऑपरेट करने में दक्ष नहीं हैं। धोखाधड़ी में पर्याप्त रुपए मिलने पर ये अपने घर जाकर ऐश-ओ-आराम करते थे। पकड़े गए आरोपियों ने मध्य प्रदेश के मैहर, सतना, रीवा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, भोपाल, उज्जैन, इंदौर एवं अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली में भी कई स्थानों पर इसी तरीके से धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस कप्तान ने इस गिरोह का पर्दाफाश होने से उन्होंने इस तरह की घटनाओं में विराम लगने की उम्मीद जताई है। पन्ना पुलिस की इस सफलता की छतरपुर रेन्ज के डीआईजी अनिल महेश्वरी ने सराहना करते हुए पुलिस टीम को 20 हजार रुपए के पुरुष्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की है।







