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लोकायुक्त की कार्रवाई : 27 हजार की रिश्वत के साथ जिला संयोजक अजाक गिरफ्तार

* छात्रावास में साइकिल स्टैण्ड निर्माण राशि जारी करने मांगी थी रिश्वत

* अधीक्षिका की शिकायत पर लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई कार्यवाही

* ट्रैप कार्रवाई से पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में मचा हड़कंप

* जिला संयोजक ने आरोपों को नकारा, बोले मेरे खिलाफ हुई साजिश, नहीं रंगे हाथ

* पन्ना जिले में तीन माह के अंदर लोकायुक्त पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक साबित खान को लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने 27 हजार रूपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। कन्या छात्रावास में साइकिल स्टैण्ड निर्माण की राशि जारी करने के एवज में छात्रावास अधीक्षका से रिश्वत के रूप में कथित तौर 27 हजार रूपए लिए गए थे। सोमवार 25 नवंबर की शाम पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में हुई लोकायुक्त की इस पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। कलेक्ट्रेट में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी फ़ैल गई। जिला संयोजक पर कार्रवाई होने से विभागीय कर्मचारी इतना घबरा गए कि कार्यालयीन समय समाप्ति के पूर्व ही वे कार्यालय छोड़कर भाग गए। पन्ना जिले में पिछले तीन माह से कम समय में यह लोकायुक्त पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

25 में नहीं माने तो 2 हजार और दिए

इस पूरे मामले के संबंध में बताया जाता है कि पन्ना की इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक महाविद्यालय छात्रावास में छात्राओं की सुविधा हेतु साईकिल स्टैण्ड निर्माण के लिए 1 लाख 80 हजार की राशि स्वीकृत की गई थी। जिसके एवज में जिला संयोजक द्वारा 15 प्रतिशत की कमीशन की राशि रिश्वत के तौर पर मांग जा रही थी। बार-बार राशि मांगे जाने को लेकर छात्रावास में पदस्थ अधीक्षिका कृष्णा सोनी परेशान हो गईं और इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को दी। जिस पर सोमवार शाम करीब 4 बजे लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम द्वारा ट्रैप कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
शिकायतकर्ता एवं छात्रावास अधीक्षिका कृष्णा सोनी एवं समीप खड़े लोकायुक्त पुलिस टीम के सदस्य।
लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े के नेतृत्व में पन्ना पहुंची लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कैमिकल युक्त नोट का लिफाफा अधीक्षिका कृष्णा सोनी को दिया, जब अधीक्षिका द्वारा जिला संयोजक को 25 हजार की राशि दी, तो उन्होने 2 हजार रूपए और देने को कहा। इस तरह कुल 27 हजार की राशि रिश्वत के तौर पर जिला संयोजक को दी गई। अधीक्षिका रुपए देकर जैसे ही बाहर निकलीं वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने ऑफिस के अंदर पहुंचकर कैमिकल युक्त नोट बरामद किए। अधीक्षिका ने बताया कि साईकिल स्टैण्ड के निर्माण के नाम पर 15 प्रतिशत की राशि मांगी जा रही थी, जिस पर मुझे कई दिनों से परेशान किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर मैंने इसकी सूचना लोकायुक्त पुलिस को दी और उनके द्वारा आज कार्यवाही की गई। जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग पन्ना साबित खान के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

जिला संयोजक ने दी सफाई

लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अजाक जिला संयोजक पन्ना साबित खान को रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया है। लेकिन हांथ धुलाई में कैमिकल युक्त नोटों का रंग उनके हांथ में नहीं निकला। इस घटनाक्रम पर अपनी सफाई देते हुए साबित खान ने बताया कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनके हांथ में कोई कैमिकल नहीं मिला है, हांथ धुलाई में कोई रंग नहीं निकला। उन्होंने बताया कि शाम के समय जब मैं अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रहा था तभी अधीक्षिका आई और उसने  अचानक मेरी टेबिल पर कुछ रखा जिसे न तो मैंने ठीक से देखा न छुआ। तभी लोकायुक्त पुलिस ने आकर उसे बरामद कर लिया।

बिना रिश्वत के नहीं होते काम

मीडियाकर्मियों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े।
नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में आज लोकायुक्त पुलिस द्वारा पहली कार्यवाही की गई। जिस कार्यालय के अंदर कार्यवाही हुई उसके नीचे कलेक्टर का ऑफिस था। खबर लगते ही कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हर कोई यही कहता हुआ नजर आया कि नवीन कलेक्टे्रट में यह पहली कार्यवाही है। गौरतलब है कि जिले में रिश्वत के मामले अक्सर देखने को मिलते है। जहां पर समय समय पर लोकायुक्त पुलिस रिश्वतखोरों पर कार्यवाही करती है लेकिन इसके बाद भी रिश्वत लेने के मामले में कोई कमी नहीं आई है। पन्ना जिले के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। कई बार लोग जब रिश्वतखोरी से काफी परेशान हो जाते है तब लोकायुक्त की मदद लेते है। बहरहाल पन्ना जैसे अति पिछड़े जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ जन सामान्य में जागरूकता बढ़ी है। फलस्वरूप पिछले तीन माह से भी कम समय में जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व आरईएस के उपयंत्री संतोष जगवानी और नरदहा पुलिस चौकी में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। हाल के वर्षों में लोकायुक्त पुलिस ने कई ट्रैप कार्रवाईयों को अंजाम दिया है।

इनका कहना है –

“अधीक्षिका द्वारा शिकायत की गई थी कि साईकिल स्टैण्ड के नाम पर जिला संयोजक अजाक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है, शिकायत की तस्दीक की गई तो शिकायत सही पाई, जिस पर आज जिला संयोजक साबित खान को 27 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।”

राजेश खेड़े, डीएसपी, लोकायुक्त पुलिस सागर।

“मेरे ऑफिस में अधीक्षिका आई थी और बोली कि आप छात्रावास का निरीक्षण कर लें लेकिन मैनें मना कर दिया कि मुझे मीटिंग में जाना है। तभी दोबारा आई और कुछ मेरे टेबिल में रख दिया। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस आई और कार्यवाही करने लगी। मेरे हाथों से पैसे बरामद नहीं हुए है और न ही मेरे हाथों में रंग पाया गया है।” 

– साबित खान, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, पन्ना। 

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