देश और संविधान बचाने महिलाओं ने संभाला मोर्चा, सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ पन्ना में शुरू हुआ धरना

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* सभी समाज की महिलाओं ने स्वप्रेरणा से की सहभागिता

* शाहीन बाग की तर्ज पर पन्ना के हिरणबाग में शुरू हुआ धरना

* संविधान विरोधी कानून को वापस लेने की उठाई पुरजोर मांग

पन्ना।(www.radarnews.in) नागरिकता संशोधन कानून- 2019 सीएए और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में आज पन्ना में व्यापक प्रदर्शन हुआ। शहर के हिरणबाग चौराहे पर बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं और उन्होंने ने सीएए तथा एनआरसी को काला कानून बताते हुए इन कानूनों को तुरंत वापिस लेने की मांग की। संविधान बचाओ मंच के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभी समुदाय की महिलाओं ने अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ आंबेडकर चौक पर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यापर्ण के साथ हुआ। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे कार्यक्रम स्थल पर उपस्थिति महिलाओं के साथ शहर के गणमान्य नागरिकों हाजी अब्दुल मजीद, डमरूलाल सेन, जयराम यादव, जीतेन्द्र जाटव, सदर रिजवान मोहम्मद, शकील मोहम्मद, रामगोपाल शिवहरे ने महापुरूषों के चित्र पर माल्यपर्ण किया।
धरना-प्रदर्शन में आज पहले दिन क्रमिक अनशन में विमला अहिरवार, जुबेदा खातून, रूकसार मिर्जा अनशन पर रहीं। इन महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में शहर की महिलाओं ने यहां पहुँचकर विरोध-प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। पहले दिन यहां पहुँची महिलाओं ने सीएए और एनआरसी पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान लोगों को बताया गया कि किस तरह यह कानून देश के संविधान की मूल भावना के विरूद्ध है। महिलाओं ने खुद ही बताया कि किस तरह इन कानूनों का उपयोग कर देश के नागरिकों की नागरिकता खतरे में पड़ सकती है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सीएए और एनआसी पर विस्तार से जानकारी दी और लोगों को जागरूक किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में युवा भी मौजूद रहे। जिन्होंने इन कानूनों के विरोध में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया और अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं युवाओं ने हांथों में तख्ती लेकर नारेबाजी की और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि संविधान बचाओ मंच पन्ना के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय धरना व क्रमिक अनशन शुक्रवार 7 फरवरी तक दोपहर 2 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक चलेगा।

सद्भाव-सौहार्द को सींच रहा धरना

पन्ना में आयोजित धरना में सदभाव और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां शाहीन बाग दिल्ली में बैठी महिलाओं को समर्थन देने और देश विरोधी कानून के खिलाफ जुटे लोगों में सभी धर्मों के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। धरने में मुस्लिम महिलाओं के साथ हिन्दू महिलाएं भी साथ आई और सदभाव की मिशाल पेश की। जहां एक ओर षडयंत्रकारी ताकतें देश के सौहार्द को नष्ट करने का काम कर रहीं है, देश के लोगों को जाति वर्गों और धर्मों के आधार पर बांट रहीं हैं, वहीं पन्ना में आयोजित धरना इस खाई को पाटने का काम करते हुए आपसी सद्भाव का पोषण करता दिखा।