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कोरोना अपडेट : स्वास्थ्य विभाग के अंदर कोरोना संक्रमण को लेकर मची खलबली, सैम्पल कलेक्ट करने वाली स्टॉफ नर्स निकली पॉजिटिव, जिले में कुल केस की संख्या बढ़कर हुई 20

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पन्ना नगर के धाम मोहल्ला में कोरोना का दूसरा मरीज मिलने पर मोहल्ले के शेष भाग की बैरिकेटिंग कराकर उसे सील कराते प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी। (फोटो- मनीष सारस्वत)

* पन्ना के धाम मोहल्ला का शेष भाग भी बना कंटेनमेंट जोन

* संक्रमित नर्स को रात्रि में ही जिला चिकित्सालय में आइसोलेट किया

* नर्स के सम्पर्क में आए 24 व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए भेजे

* रिपोर्ट आने तक एहतियात के तौर पर सभी को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण लगातार फ़ैल रहा है। इस खतरनाक संक्रमण ने अब तो जिला चिकित्सालय में भी दस्तक दे दी है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के अंदर-बाहर हड़कम्प की स्थिति निर्मित है। कोरोना संक्रमित निकले एक टीबी मरीज को जिला चिकित्सालय के मेल मेडिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती करके तीन दिनों तक उसका इलाज करने की आपराधिक लापरवाही के हैरान करने वाले खुलासे से उपजी चिंता और तनाव से स्वास्थ्यकर्मी तथा जिले के लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि सोमवार को आई एक खबर ने हर किसी की धड़कनें बढ़ा दीं है। दरअसल, पन्ना में कल दो नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले। इसमें जिला चिकित्सालय की एक नर्स शामिल है जोकि कोरोना सैम्पल कलेक्ट करने का काम करती रही है।
संक्रमित नर्स को जिला चिकित्सालय ले जाने के लिए तैयार खड़ी एम्बुलेंस।
हाई रिस्क ड्यूटी में तैनात नर्स की कुछ दिन पूर्व तबियत ख़राब पर 31 मई को उसका सैम्पल लेकर जांच के लिए सागर भेजा गया था। सोमवार 1 जून को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाई गई। कोरोना की आपदा के समय अपनी जान की परवाह न कर दूसरों की जान बचाने में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अंदर खासकर जिला चिकित्सालय स्टॉफ में कोरोना संक्रमण की दस्तक को संकट के गंभीर होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पन्ना के धाम मोहल्ला में रहने वाली इस 38 वर्षीय नर्स के सम्बंध में पता चला है कि उसका पति मंदिर का पुजारी है। इसलिए इनके सम्पर्क का दायरा बड़ा होने का अंदेशा है। जिला चिकित्सालय की कोरोना सैम्पलिंग यूनिट में ही उक्त नर्स के साथ एक चिकित्सक समेत करीब आधा दर्जन स्वास्थ्यकर्मी काम करते रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का शिकार बनने की आशंका से घिरे जिला चिकित्सालय स्टॉफ की चिंता और घबराहट स्वाभाविक है।
बहरहाल अच्छी बात यह है कि सोमवार की देर शाम जैसे ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी को नर्स की जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता चला तुरंत बगैर किसी देरी के नर्स को जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। इसके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की जानकारी जुटाकर 24 लोगों के सैम्पल लिए गए। सभी लोगों को रात्रि में ही पुराना पन्ना स्थित क्वारंटाइन सेंटर में फिलहाल जांच रिपोर्ट आने तक एहतियात के तौर पर रखा गया है। पन्ना के धाम मोहल्ला में गुजरात से लौटे एक प्रवासी युवक के बाद नर्स के रूप में दूसरा पॉजिटिव केस मिलने पर मोहल्ले के शेष भाग को रात्रि में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में सील कराकर कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। रात्रि में इलाके को सैनेटाइज भी कराया गया।

सैम्पल लेने में चूक होने की आशंका

सांकेतिक फोटो।
कोरोना संक्रमित पाई गई स्टॉफ नर्स अपनी कर्मठता और सेवाभावना के लिए जानी जाती है। कोरोना जांच के लिए दूसरों का सैम्पल लेने में सहयोग करने एवं उसकी पैकिंग आदि का जोखिम भरा कार्य संकटकाल में एक वीरांगना की भांति सहर्ष करने वाली स्टॉफ नर्स को कल जब अपने संक्रमित होने का पता चला तब भी उसका जज्बा और हौसला पहले की ही तरह बरक़रार रहा। एक पत्रकार से मोबाइल पर बात करते हुए में नर्स ने आशंका जताई है कि उसी के मोहल्ले में मिले शहर के पहले कोरोना मरीज का सैम्पल लेने दौरान शायद कोई चूक हुई है। विदित हो कि पन्ना शहर में कोरोना संक्रमण का पहला केस धाम मोहल्ला में पांच दिन पूर्व प्रवासी युवक के रूप में सामने आया था। गुजरात से लौटे इस नवयुवक युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताते चलें कि इसके पश्चात नर्स द्वारा अपना स्वास्थ्य कुछ ठीक न होने की जानकारी विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिसे गंभीरता से लेते हुए उसका सैम्पल लिया गया। आत्मविश्वास से लबरेज नर्स मजबूत इरादों वाली है। सबको उम्मीद है वह कोरोना को मात देकर पूर्ण स्वस्थ्य होकर शीघ्र ही पुनः ड्यूटी पर लौटेगी।

अजयगढ़ क्षेत्र में मिला चौथा संक्रमित

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले में सोमवार 1 जून को दो नए कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से कुल केस की संख्या बढ़कर अब 20 हो चुकी है। जिसमें एक्टिव केस की संख्या 17 है और ये सभी मरीज जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। सोमवार को मिले नए पॉजिटिव केस में जिले की अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के नारायणपुर गांव का एक 32 वर्षीय प्रवासी श्रमिक भी शामिल है। गुजरात के सूरत से लौटे इस युवा श्रमिक के कोरोना संक्रमित होने की खबर सोशल मीडिया पर 31 मई की देर रात को ही आ गई थी। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अगले दिन सोमवार 1 जून की सुबह सीएमएचओ डॉक्टर एल.के. तिवारी द्वारा जारी कोविड ब्रीफिंग में की गई।
कोरोना पॉजिटिव नर्स के सम्पर्क में आये व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें पुराना पन्ना स्थित इस भवन में रखा गया है।
सीएमएचओ ने बताया कि दिनाँक 29 और 30 मई को भेजे गए सैम्पलों में 70 की रिपोर्ट आई है, उनमें से केवल 1 व्यक्ति पॉजिटिव आया है, बाकी सभी रिपोर्ट नेगेटिव हैं। गुजरात के सूरत से 28 मई अजयगढ़ पहुंचे इस युवक की आते ही जांच की गई थी। तभी संदेह के आधार पर इसको स्थानीय हॉस्टल में आइसोलेट कर दिया गया था । अगले दिन 29 मई को जाँच के लिए युवा श्रमिक का सैम्पल लेकर भेजा गया। रिपोर्ट आने तक इसे हॉस्टल में ही रखा गया। इस तरह प्रवासी युवा श्रमिक न तो अपने गांव गया और न ही अपने परिजनों के सम्पर्क आया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इसे पन्ना जिला चिकित्सालय में शिफ्ट किया गया। जिससे युवक का गांव कंटेनमेंट जोन नहीं बना। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत कोविड-19 केस की संख्या बढ़कर अब 4 हो गई है।

सिर्फ चार दिन में 16 नए केस

सांकेतिक फोटो।
सोमवार 1 जून को ही रात्रि में सीएमएचओ डॉक्टर एल.के. तिवारी के द्वारा पुनः कोविड ब्रीफिंग जारी कर जानकारी दी गई कि 31 मई को 24 सैंपल भेजे गए थे। इनमें एक स्वास्थ्य कर्मचारी (स्टॉफ नर्स) का की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पन्ना जिले में 28 मई तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सिर्फ 4 थी। लेकिन 29 मई से लगातार नए केस मिलने के परिणामस्वरूप अब संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर 20 हो चुकी है। चिंताजनक बात यह है कि महज़ चार दिन के अंदर 16 नए पॉजिटिव केस जिले में मिले हैं। लगातार बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या से हलात के गंभीर होने का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। हालाँकि कोरोना संकट के मद्देनजर जानकार इससे घबराने के बजाए विशेष सतर्कता बरतने की बात लगातार कह रहे है। क्योंकि आवश्यक सतर्कता-सजगता बरतकर और शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन कर कोरोना महामारी से अपना और अपने परिवार बचाव किया जा सकता है।

सफ़र में जान गंवाने वाले प्रवासी श्रमिकों की याद में मनाया शोक दिवस, मौन धारण कर दी गई श्रद्धांजली

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* प्रत्येक मजदूर को मिले मनरेगा में 200 दिन का काम – यूसुफ बेग

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर मार्च माह के अंतिम सप्ताह में अचानक पहले लॉकडाउन की घोषणा के बाद देश के हजारों प्रवासी श्रमिकों को अपने घरों के लिए पैदल ही चलना पड़ा क्योंकि बस और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद हो चुकी थीं। लॉकडाउन के कारण मुश्किल में फंसे और परेशान अधिकाँश प्रवासी श्रमिकों के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों की अदूरदर्शिता और संवेदनहीनता की वजह से घर वापसी का सफर असहनीय कष्टदायक साबित हुआ। भूखे-प्यासे और सिर पर बोझ रखकर पैदल चले महिला, बच्चों और कई पुरुष मजदूरों को इस सफर में असमय ही अपनी जान गंवानी पड़ी है। इन शहीदों को श्रद्धांजली देने और इनकी समस्याओं की ओर सरकारों का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए रोजी-रोटी अधिकार अभियान के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर देश भर में आज शोक दिवस मनाया गया।
इसी कड़ी में सोमवार 1 जून को पन्ना जिला मुख्यालय सहित गांवों में पत्थर खदान मजदूर श्रमिक सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता यूसुफ बेग के आह्वान पर शारीरिक दूरी बनाये रखते हुए एवं शासन के नियमों का पालन करते हुए दो मिनिट का मौन धारण कर अपने शहीद मजदूरों को श्रद्धांजली दी गई। इसके पश्चात काली पट्टी बांधकर बेवश और लाचार श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण तथा उनके हितों के संरक्षण के लिए काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।

शहीद हुए 667 प्रवासी श्रमिक

पत्थर खदान श्रमिक मजदूर सहकारी समिति के अध्यक्ष यूसुफ बेग ने प्रेस विज्ञप्ती जारी कर कहा है की पिछले दो महीनों में पूरे देश में कोरोना कोविड 19 के कारण लॉकडाउन ने देश भर के लोगों को खासकर गरीब, बेघर हाशिये पर खड़े लोगों एवं प्रवासी मजदूरों को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है । 22 मई 2020 तक देश में लॉकडाउन के कारण पैदल चलते भूखे-प्यासे परेशान हाल 667 लोगों की मौत हुई है। जिसका कारण कोविड संक्रमण(कोरोना) नहीं है बल्कि उनकी मौत सड़क दुर्घटना, भूख और लॉकडाउन के चलते पैदा हुई मुश्किलों की वजह से हुई है। ऐसे में मजदूरों की हकीकत सामने रखकर सरकार को आईना दिखाने का काम काली पट्टी बाँध कर आज मजदूरों ने किया है। श्री बेग ने कहा कि इस लॉकडाउन के कारण सिर्फ लोगों की मौतें ही नहीं हुई बल्कि उनकी आजीविका, आकांक्षाओं का भी दमन किया गया है। जिसकी हम सभी मजदूर निंदा करते हैं।

आपदाकाल में श्रमिक परिवारों को मिले राशन

इनके द्वारा मांग की गई है कि कोरोना आपदाकाल में हर गरीब व्यक्ति को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से 10 किलो अनाज, 1.5 किलो दाल, 800 ग्राम तेल हर महीने दिया जाए, आंगनवाडी और स्कूल में मध्यान भोजन के माध्यम से गरम पका भोजन, प्रवासी मजदूरों एवं देश के अन्य भाग फंसे हुए लोगों को सुरक्षित जाने की मुफ्त व्यवस्था, मनरेगा तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार एवं वापस आये मजदूरों को 200 दिन का रोजगार दिया जाए। श्रमिक नेता युसूफ बेग ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन मांगों को देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुँचाया है जिससे लॉकडाउन के कारण संकट में आये मजदूरों को भरण-पोषण का सहारा मिल सके और वह पुनः सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार हो सकें।

अब पन्ना में होगी कोरोना संक्रमण की जांच, तत्काल मिलेगें नतीजे, सीएमएचओ बोले- कोरोना की रोकथाम में मिलेगी मदद

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कोविड-19 संक्रमण के सैम्पल की जांच हेतु स्थापित की गई ट्रू-नॉट मशीन।

* मलेरिया कार्यालय में स्थापित की गई कोरोना जाँच मशीन

* स्थान के आभाव एवं संक्रमण के डर जांच मशीन लगाने का विरोध

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पूरे देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इसको देखते हुए प्रदेश के हर जिलों में कोरोना टेस्ट मशीन लगाने की कवायद चल रही है। इसी क्रम में आज पन्ना में भी ट्रू-नॉट मशीन को लगाया गया। मशीन के आने के बाद अब कोरोना संदिग्ध लोगों की जांच रिर्पोट का इंतेजार नहीं करना होगा। पन्ना में कोरोना मरीजों की जांच के लिए अभी तक यह व्यवस्था थी कि सैंपल सागर मेडिकल कॉलेज भेजे जाते थे। जहां से रिर्पोट आने में एक से दो दिनों का इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में संदिग्ध व्यक्ति के और अधिक लोगों के संपर्क में आने का खतरा भी बना रहता है। लेकिन अब पन्ना में ही कोरोना टेस्टिंग मशीन लग जाने के बाद प्रतिदिन 50 से अधिक सैंपल प्रतिदिन टेस्ट होंगे और जो मरीजों को असुविधा होती थी उससे भी बचा जा सकता है। आज अधिकारियों की मौजूदगी में उक्त मशीन को लगाया गया।
इस मौके पर पन्ना के सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है कि पन्ना में अब कोरोना टेस्टिंग मशीन लग गई है। जिससे मरीजों की पहचान करने में भी सुविधा मिलेगी और जल्द ही नतीजे आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन बाद ट्रू नॉट मशीन काम करना शुरू कर देगी। इसके रजिस्ट्रेशन और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इंजीनियर आज ही यह मशीन लेकर आए हैं। इस कारण बिना देरी किए हुए हमने पुराने सीएमएचओ ऑफिस एवं वर्तमान में मलेरिया कार्यालय में इस मशीन की स्थापना कर दी है। इसे संचालित करने के लिए टेक्निकल लोग नियुक्त किए गए हैं। हमें उम्मीद है की पन्ना में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में इस मशीन का बड़ा योगदान होगा। क्योंकि इससे तुरंत ही रिजल्ट प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए बिना देरी किए हुए मशीन को स्थापित करा दिया है।
वहीं कोरोना जांच केंद्र प्रभारी डॉ. डीके गुप्ता का कहना है कि 24 घंटे इस मशीन से जांच होगी और 50 सैंपल प्रतिदिन टेस्ट किए जाएंगे। यह पन्ना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। आपने बताया कि अभी लैब में दो टेक्नीशियन काम करेगें। गौरतलब है कि यह मशीन पन्ना के लिए बेहद जरूरी थी। पन्ना में टेस्ट होने से कई तरह की समस्याएं खत्म हो जाएंगी। प्रतिदिन टेस्ट होने से अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सकेगी और समय पर लोगों को उपचार मिल सकेगा।
कोरोना जांच मशीन को लगाने के लिए चुने गये स्थान को लेकर पन्ना में विवाद देखा गया। बताया गया कि उक्त मशीन को जिला चिकित्सालय परिसर में ही लगना चाहिए, लेकिन पन्ना में इसे जिला मलेरिया व फाइलेलिया कार्यालय में लगाया गया। जिससे यहां के कर्मचारियों में विरोध भी देखा गया। लेकिन यहां मामला कोरोना से जुड़ा होने के कारण कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आनन-फानन में इस कार्यालय को खाली करने के निर्देश दे दिए गए और बहुत सारा सामान बाहर कर दिया गया। जबकि यह जो भवन बना हुआ है पूर्व सीएमएचओ ऑफिस है, जो छतिग्रस्त हो गया था। जिसे मलेरिया फाइलेरिया विभाग ने अपने हैंडोवर ले लिया था एवं उनके द्वारा इसका जीर्णोद्धार कराया गया। अब सवाल यह उठता है कि जब इस परिसर में वैसे भी मलेरिया फाइलेरिया के अलावा कुष्ठ विभाग खाद्य सहित कई नॉनटेक्निकल विभाग संचालित है, जो पहले से ही लग रहे हैं। परिसर में इतने कमरे नहीं है। यह मशीन लगाई जा सके। इस मशीन के लगने से यहां के कर्मचारियों को स्वयं के संक्रमित होने का भय और चिंता सताने लगी है।

पन्ना जिले में कोरोना का “हाई रिस्क विलेज” बना बरबसपुरा, आज मिले दो नए पॉजिटिव मरीज, अब कुल संख्या बढ़कर हुई 18 जिसमें सिर्फ़ बरबसपुरा गाँव के 9 केस

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पन्ना जिले के बरबसपुरा ग्राम में 25 मई को पहला कोरोना मरीज मिलने के बाद ग्रामीणों की स्क्रीनिंग करने पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीमें। (फाइल फोटो)

* 48 घण्टे के अंदर 14 नए संक्रमित मिलने से चिंता और भय का माहौल

* कोविड-19 का खतरा लगातार बढ़ने से अब पहले से ज्यादा सतर्कता जरुरी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। रविवार को यहां 2 को नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। दोनों नए मरीज पूर्व से कंटेनमेंट जोन घोषित बरबसपुरा ग्राम के रहवासी हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर अब 18 हो गई है, जिसमें एक्टिव केस की संख्या 15 है। कोरोना पॉजिटिव कुल केस में आधे यानी 9 मामले सिर्फ बरबसपुरा गांव के हैं। पन्ना जनपद का यह छोटा सा गाँव जिले में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या और संक्रमण के प्रसार की दृष्टि से “हाई रिस्क विलेज” अर्थात अत्याधिक संक्रमित गाँव बन चुका है। आमलोग तो तब इस गांव को अघोषित “हॉटस्पॉट” तक कहने लगे हैं। जिले में महज 48 घण्टे के अंदर कोरोना के 14 नए मरीज मिलने से हड़कम्प की स्थिति निर्मित है। कोविड-19 का खतरा लगातार बढ़ने के मद्देनजर इससे बचाव हेतु लोगों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्कता बरतने की जरुरत है।
सांकेतिक फोटो।
जिले में प्रवासियों की वापसी के साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रविवार 31 मई को दो नए कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के. तिवारी ने की है। आपने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नए संक्रमित मरीज पूर्व घोषित कंटेनमेंट जोन बरबसपुरा ग्राम के रहने वाले हैं। इनमें एक 20 वर्षीय युवती और एक 34 वर्षीय युवा शामिल हैं। ये दोनों 25 मई को देश के कोरोना हॉटस्पॉट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से वापस लौटे हैं। संदेह एवं लक्षण के आधार पर 26 मई को कोरोना जांच हेतु इनके सैम्पल लेकर दोनों को पुराना पन्ना स्थित हॉस्टल में संस्थागत आइसोलेशन में रखा गया था।
सांकेतिक फोटो।
आज दोपहर में जैसे ही इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी मिली तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा क्वारंटाइन सेंटर पहुंचकर इनकी ट्रेवल हिस्ट्री और सम्पर्क में आये व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई। इनके प्राथमिक सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों को भी एहतियात के तौर पर आइसोलेट किया जा रहा है। उधर, दोनों मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए शाम के समय उन्हें क्वारंटाइन सेंटर से पन्ना जिला चिकित्सालय स्थित कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया गया। जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर अब 15 हो गई है। जिनमें दो महिलाएं हैं और दोनों ही बरबसपुरा ग्राम की हैं। मालूम हो कि जिले में अब तक तीन कोरोना मरीज जिला चिकित्सालय में मिले बेहतर इलाज और देखभाल से स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

बरबसपुरा में आये 238 प्रवासी श्रमिक

पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम बरबसपुरा कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या और संक्रमण के प्रसार के लिहाज से “हाई रिस्क विलेज” अर्थात अत्याधिक संक्रमित गाँव बन चुका है। पन्ना जनपद के अंतर्गत आने वाली बरबसपुरा पंचायत में एकमात्र मजरा ग्राम भानपुरा शामिल है। पंचायत सचिव कमलेन्द्र सिंह बुंदेला ने जानकारी देते बताया कि उनकी पंचायत की कुल आबादी करीब 2500 एवं वोटर संख्या 1446 है। पंचायत में 555 परिवार निवासरत हैं। मार्च महीने में पहला लॉकडाउन घोषित होने के बाद से 30 मई तक की स्थिति बरबसपुरा पंचायत में 238 प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न राज्यों से वापस लौटे हैं।
फाइल फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि इस गाँव में कोरोना का पहला केस इसी महीने 25 मई को दिल्ली से लौटे 24 वर्षीय प्रवासी युवा श्रमिक के रूप में सामने आने पर बरबसपुरा को तत्काल प्रभाव से सील कर कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। इसके बाद दिनांक 29 मई को बरबसपुरा में कोरोना के 5 नए मरीज पाए गए। ये सभी भी कोरोना हॉटस्पॉट बनी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से ही लौटे थे और पहले मरीज के सम्पर्क वाले चिन्हित व्यक्तियों में शामिल रहे। इसके पश्चात दिल्ली से लौटी एक 55 वर्षीय प्रवासी महिला श्रमिक की जांच रिपोर्ट दिनांक 30 मई को पॉजिटिव निकली। यह महिला गांव के पूर्व कोरोना संक्रमित मरीजों के सम्पर्क में आने वालों के रूप में चिन्हित हुई थी। आज लगातार तीसरे दिन बरबसपुरा गांव में कोरोना केस निकलने से स्थानीय ग्रामीणों सहित क्षेत्रवासी और समूचे जिले के लोग दंग रह गए। बरबसपुरा में आज मिले दो पॉजिटिव मरीज सहित कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है।

गांव के 58 व्यक्तियों के सैम्पल लिए

डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
बरबसपुरा गांव के सभी कोरोना संक्रमित मरीजों में कुछ बातें सामान है जैसे कि ये सभी दिल्ली से लौटे प्रवासी मजदूर हैं और एक ही मोहल्ले तथा परिवार से ताल्लुक रखते हैं। सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि अभी तक बरबसपुरा गांव के 58 व्यक्तियों के सैम्पल लेकर जांच के लिए सागर भेजे जा चुके हैं। वहीं सोमवार 1 जून को भी कुछ लोगों के सैम्पल लेने की योजना है। बरबसपुरा में पहला कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा गांव के प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग पहले ही जा चुकी है। इसके अलावा इस कंटेनमेंट जोन (बरबसपुरा) के आसपास स्थित ग्रामों में लोगों की भी स्क्रीनिंग की गई है। आपने बताया कि इस क्षेत्र की स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की टीमों के द्वारा 24 घण्टे विशेष निगरानी की जा रही है।

अब तक आये 56 हजार प्रवासी

सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में कोरोना के अब तक जितने भी केस सामने आये हैं वे सभी प्रवासी श्रमिक अथवा प्रवासी व्यक्ति हैं। इससे साफ जाहिर है कि प्रवासियों से पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण फ़ैल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पन्ना जिले में बाहर से अब तक 56486 लोग आये हैं। इनमें उन लोगों की संख्या हजारों में जोकि देश में कोरोना के हॉटस्पॉट बने इलाकों से वापस लौटे हैं। लॉकडाउन में बाहर फंसे रहे प्रवासियों की घर वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। जिसे देखते हुए आगामी दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। देश-प्रदेश और जिले में लगातार गंभीर रूप लेते कोरोना संक्रमण से अपने और बचाव के लिए लोगों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्कता बरतने की जरुरत है।

470 सैम्पल लिए जिनमें 73 की रिपोर्ट शेष

सांकेतिक फोटो।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोबल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने बताया कि जिले में अन्य राज्यों एवं दूसरे जिलों से 31 मई को आए 428 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार अब तक बाहर से आए कुल 56486 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। आज जिले के 428 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 56486 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को शाम 4 बजे तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 428 लोगों को होम क्वारेन्टाईन किया गया है। अब तक जिले में कुल 20626 व्यक्तियों को होम क्वारेन्टाईन में रखा गया है। जिसमें 30049 व्यक्तियोें का होम कोरेन्टाईन पूर्ण किया गया। अब तक 470 नमूने लिए जा चुके हैं तथा 393 नमूने निगेटिव पाए गए हैं, 73 सैम्पल रिपोर्ट अप्राप्त है। अब तक जिले में कोविड-19 के कुल 18 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वर्तमान में 15 पाॅजिटिव मरीज जिला चिकित्सालय में स्थापित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती हैं। कुल मरीजों में 3 पाॅजिटिव मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

जिले में धारा 144 यथावत लागू रहेगी

जिले में धारा 144 को आगे भी यथावत लागू रखने सम्बंधी आदेश।
पन्ना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कर्मवीर शर्मा द्वारा पूर्व में 20 मई को जारी किए गए धारा 144 के आदेश को यथावत रखते हुए नवीन आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से आमजन के स्वास्थ्य, जीवन जान-माल की सुरक्षा, लोक शांति भंग होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा आपदा प्रबंधन की धारा 51-60 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश दिनाँक 1 जून 2020 से जिले की सीमाओं में आगामी आदेश तक प्रभावशील अर्थात लागू रहेगा।

पन्ना में आज 5 नए पॉजिटिव मरीज मिले, कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब हुई 16 लेकिन एक्टिव केस 13

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* जिले में सिर्फ 24 घण्टे एक दर्जन कोरोना केस मिलने से चिंता और भय का माहौल

* अजयगढ़ सीएचसी क्षेत्र में 3 और देवेन्द्रनगर अंतर्गत 2 केस मिलने की पुष्टि

* नए कोरोना संक्रमित मरीजों में सभी प्रवासी जिनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज पांच नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इस तरह महज 24 घण्टे के अंदर जिले में 12 नए पॉजिटिव मरीज मिलने की पुष्टि हो चुकी है। एक दिन पूर्व शुक्रवार को सात व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं वाले पन्ना जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती तादाद को अधिकाँश लोग बड़े संकट के रूप में देख रहे हैं। प्रवासियों की लगातार जारी वापसी के बीच कोविड-19 संक्रमण जिले के सभी इलाकों में तेजी से फैल रहा है। जिसके मद्देनजर कतिपय लोग निकट भविष्य में हालात के बेकाबू होने की आशंका से अत्यंत ही चिंतित और भयभीत नजर आ रहे हैं। उधर, शनिवार 30 मई को एक साथ पांच नए कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की हैरान करने वाली खबर आने के बाद पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हल्कों में हड़कम्प मच गया। सागर स्थित लैब से आधिकारिक तौर पर पॉजिटिव मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने संयुक्त रूप से अग्रिम कार्रवाई से जुड़ीं आवश्यक तैयारी शुरू कर दी थीं।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने डॉ. एल. के तिवारी ने बताया कि आज शाम 5 बजे तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पन्ना जिले में 5 नये कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए हैं। इस प्रकार अब तक जिले में 16 पाॅजिटिव मरीज मिले हैं। आपने जानकारी देते हुए बताया कि इन्दौर से अजयगढ़ आए 2 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। एक कोरोना पाॅजिटिव मरीज देवरी (ककरहटी) क्षेत्र में पाया गया है जो दिल्ली से आया था। एक केस पूर्व से कंटेनमेंट जोन घोषित बरबसपुरा ग्राम का है जो पूर्व में आए व्यक्तियों से प्राथमिक सम्पर्क का है। सभी को लक्षण एवं सम्पर्क के आधार पर कोविड केयर सेंटर में पूर्व से ही रखा गया था। इस प्रकार अभी तक पन्ना में 16 पाॅजिटिव केस पाए गए हैं। इनमें पूर्व में दो मरीज और आज एक कुल तीन मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। वर्तमान में जिले में कोरोना के 13 एक्टिव केस हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। इन सभी मरीजों के प्राथमिक सम्पर्क के लोगों को आइसोलेट करने की कार्यवाही की जा रही है।
अजयगढ़ तहसील मुख्यालय में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद जयस्तंभ से लेकर तहसील मोड़ तक के एरिया को सील करके कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया।
विकासखण्ड मुख्यालय अजयगढ़ में मिले दो मरीजों के बारे में पता चला है कि वे रिश्ते में पिता-पुत्र हैं। प्रदेश के कोरोना हॉटस्पॉट बने इंदौर में फंसे 29 वर्षीय पुत्र को वापस घर लाने के लिए अजयगढ़ से उसके 57 वर्षीय पिता वहां गए थे। दोनों जब वापस लौटे तो संदेह के आधार पर उनके सैम्पल लेकर जांच के लिए सागर मेडिकल कॉलिज की वायरोलॉजी लैब भेजे गए। जिनकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव प्राप्त होने की खबर आते ही अजयगढ़ क़स्बा सहित इलाके हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई। इसके अलावा अजयगढ़ क्षेत्र के ही मकरी ग्राम में एक 45 वर्षीय प्रवासी श्रमिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह श्रमिक कई दिनों तक लॉकडाउन में फंसे रहने के बाद कुछ दिन पूर्व नोएडा उत्तरप्रदेश से वापस लौटा था। एक संक्रमित पन्ना जनपद की ग्राम पंचायत देवरी के रहने वाले हैं। एक केस पूर्व से कंटेनमेंट जोन घोषित बरबसपुरा ग्राम का है जो पूर्व में संक्रमित पाए गए इसी गांव के व्यक्तियों से प्राथमिक सम्पर्क का है। जिसमें एक 55 वर्षीय महिला और दूसरा इसी उम्र का पुरुष है।

अजयगढ़ एवं मकरी कंनटेंमेंट क्षेत्र घोषित

पत्रकारों को की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए अजयगढ़ एसडीएम बी. बी. पाण्डेय।
अजयगढ़ एसडीएम बी. बी. पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि अजयगढ़ के जय स्तंभ चौक से लेकर तहसील मोड़ तक के एरिया को दोपहर में ही सील करके दिया गया है। इस इलाके में लोगों के बिना किसी इमरजेंसी के घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई एवं अनाधिकृत व्यक्तियों के इस क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए सभी रास्तों की बैरिकेटिंग कर पुलिस बल को तैनात किया गया है। आपने बताया कि अजयगढ़ क़स्बा के सीमित क्षेत्र और मकरी ग्राम को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। मकरी में सम्पूर्ण कार्रवाई तहसीलदार अजयगढ़ के द्वारा संपन्न कराई गई। एसडीएम श्री पाण्डेय ने बताया कि दोनों जगह स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की ट्रेवल हिस्ट्री, सम्पर्क में आये लोगों की जानकारी जुटाने में लगीं हैं। ताकि प्रथम एवं दिव्तीय सम्पर्क में आये व्यक्तियों के लक्षण एवं संदेह के आधार पर उनके सैम्पल लेकर उन्हें तत्परता से आइसोलेट किया जा सके।
इसके आलावा कंटेनमेंट जोन घोषित नए इलाकों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इलाके को सैनेटाइज करने तथा सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की तैयारी की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक देवरी ग्राम में भी प्रशासन, पुलिस और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर की टीमें इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम देने में जुटीं थीं।

पन्ना जिले में कोरोना महामारी का खतरा बढ़ा, एक दिन में 7 नए पॉजिटिव मरीज़ मिलने से हड़कम्प, कंटेनमेंट जोन बरबसपुरा ग्राम में एक ही परिवार के 5 व्यक्ति निकले संक्रमित

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पन्ना जिले के बरबसपुरा ग्राम में 25 मई को पहला कोरोना मरीज मिलने के बाद ग्रामीणों की स्क्रीनिंग करने पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीमें। (फाइल फोटो)

* शहर के धाम मोहल्ला और श्यामगिरी गाँव के दो युवकों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

* पूर्व संक्रमित युवा श्रमिक के साथ दिल्ली से लौटे थे बरबसपुरा के पाँचों नए मरीज

* जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 11, केस बढ़ने से चिंतित और भयभीत हैं आमलोग

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के बुंदेलखण्ड अंचल के पन्ना जिले में प्रवासियों की वापसी के बीच कोरोना संक्रमित केस की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को जिले में सात नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। देर रात्रि आई इस खबर की अधिकारिक तौर पर पुष्टि होते ही जिले में हड़कम्प मच गया। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने से कोरोना संक्रमण के प्रसार की आशंका से घिरे लोगों की चिंता और घबराहट अचानक काफी बढ़ गई है। एक ही दिन में आधा दर्जन से अधिक नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने और अब तक कोरोना से अछूते रहे पन्ना शहर में इस खतरनाक संक्रमण की दस्तक को अधिकांश लोग निकट भविष्य में आने वाले गंभीर संकट की आहट के रूप में देख रहे हैं। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब 11 हो गई है।
पन्ना के धाम मोहल्ला में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर पहुंचकर उसकी ट्रेवल हिस्ट्री एवं सम्पर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।
आज मिले 7 नए पॉजिटिव में सर्वाधिक 5 मरीज पन्ना जनपद क्षेत्र के पूर्व घोषित कंटेनमेंट जोन बरबसपुरा ग्राम के एक ही परिवार के सदस्य बताये जा रहे हैं। ये सभी व्यक्ति पूर्व में कोरोना पॉजिटिव पाए गए इसी गांव के प्रवासी युवा श्रमिक के प्रथम सम्पर्क में आने की वजह से चिन्हित हुए थे। और दिल्ली से उसी के साथ वापस लौटे थे। इसके अलावा पन्ना शहर के धाम मोहल्ला तथा शाहनगर विकासखण्ड के दूरस्थ पठारी इलाके के ग्राम श्यामगिरी निवासी दो प्रवासी नवयुवक संक्रमित पाए गए। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री से पता चला है कि दोनों ही पिछले दिनों गुजरात से वापस लौटे थे।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी की ओर से शुक्रवार 29 मई को देर रात्रि 11:55 बजे जारी कोरोना ब्रीफिंग में बताया गया कि दिनांक 26 एवं 27 मई को सागर मेडिकल कॉलिज स्थित लैब में कोरोना जांच हेतु 32 सैम्पल भेजे गए थे। जिनमें 25 निगेटिव एवं 07 की रिपोर्ट पॉजिटव आई है। कोरोना संक्रमित सभी नए मरीजों को लक्षण एवं सम्पर्क के आधार पर कोविड केयर सेंटर में पूर्व से ही रखा गया था, जिन्हें अब बेहतर इलाज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड वार्ड में शिफ्ट किये जाने की चर्चा है।
शुक्रवार-शनिवार की देर रात जिला चिकित्सालय में सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी और सिविल सर्जन डॉ. आर. एस. त्रिपाठी से चर्चा करते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
इस बीच देर रात्रि में पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर कोविड वार्ड की व्यवस्थाओं, वहां भर्ती मरीजों के सम्बंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी और सिविल सर्जन डॉ. आर. एस. त्रिपाठी से जानकारी प्राप्त की गई। इसके पूर्व शाम के समय पन्ना शहर के धाम मोहल्ला (पुरबयाना) तथा पठारी ग्राम श्यामगिरी को सील करके कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में पूर्व से कोरोना पॉजिटव दो मरीजों का इलाज जारी है। इनमें एक 44 वर्षीय मरीज गुनौर विकासखंड के ग्राम बिलघाड़ी का निवासी है जबकि दूसरा 24 वर्षीय प्रवासी श्रमिक पन्ना जनपद के ग्राम बरबसपुरा का रहने वाला है। ये दोनों ही मरीज कोरोना हॉटस्पॉट बनी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से अलग-अलग तारीखों में वापस लौटे थे।

बरबसपुरा गाँव बना हॉटस्पॉट ?

पन्ना जिले में कोरोना के संक्रमित जितने भी मरीज अब तक मिले हैं उनमें एक समानता है कि वे सभी प्रवासी हैं। और देश में कोरोना के हॉटस्पॉट बने इलाकों से वापस लौटे हैं। इससे साफ़ जाहिर है कि जिले में कोरोना संक्रमण प्रवासियों की वजह से फ़ैल रहा है। मार्च के महीने पहला देशव्यापी लॉकडाउन घोषित होने के बाद बाहर फंसे रहे करीब 40 हजार लोग अब तक जिले में वापस आये हैं। इनमें बड़ी तादाद सर्वाधिक संक्रमण वाले इलाकों से लौटने वाले गरीब श्रमिकों की है। इसलिए जिले में प्रवासियों के माध्यम से कोविड-19 संक्रमण के फैलने का खतरा और आशंका बनीं है। इसकी बानगी ग्राम बरबसपुरा में देखने को मिली है। इस छोटे से गांव के पांच व्यक्तियों की रिपोर्ट आज एक साथ पॉजिटिव आने से हर कोई हैरान है। ये सभी लोग 25 मई को कोरोना जाँच में संक्रमित पाए गए बरबसपुरा गांव के ही 24 वर्षीय युवक के प्रथम सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति के रूप में चिन्हित हुए थे।
पन्ना शहर के धाम मोहल्ला में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद गाँधी चौक में बैरिकेटिंग कर पुलिस ने महेन्द्र भवन एवं आगरा मोहल्ला की ओर वाले रास्तों को सील कर दिया।
अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि दिल्ली से ग्रुप में 22 मई को पन्ना लौटे बरबसपुरा गांव के 24 वर्षीय युवक की जानकारी आरोग्य सेतु एप्प के जरिये मिलने पर 23 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इसका सैम्पल लिया गया था। संदेह के आधार युवा श्रमिक को पन्ना के कोविड सेंटर पुराना पन्ना में आइसोलेट किया गया था। सोमवार 25 मई को उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा इसके प्रथम सम्पर्क में आये गांव एवं परिवार के 18 लोगों के सैम्पल लेकर उन्हें भी पन्ना में ही आइसोलेट किया गया। इनमें से 5 व्यक्तियों की रिपोर्ट आज एक साथ पॉजिटिव आने के बाद से लोगों की चिंता कोरोना महामारी को लेकर अचानक काफी बढ़ गई है। बरसपुरा के कोरोना संक्रमित नए मरीजों में एक मात्र वृद्ध शेष चार युवा हैं। अब इनके प्रथम एवं दिव्तीय सम्पर्क में आने वालों की जानकारी जुटाकर संदेह एवं लक्षण के आधार पर उनके सैम्पल जांच हेतु लिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अंदरखाने यह आम चर्चा है कि पूर्व घोषित कंटेनमेंट जोन बरसपुरा में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।

पन्ना के धाम मोहल्ला में लगा कर्फ्यू

पन्ना के धाम मोहल्ला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद की ओर जाने वाले मार्गों की बैरिकेटिंग कर पुलिस ने उन्हें बंद कर दिया। (फोटो- मनीष सारस्वत)
पन्ना शहर के धाम मोहल्ला निवासी एक 19 वर्षीय युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट शुक्रवार शाम को पॉजिटिव आने की जानकारी मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस एवं प्रशासन की टीमों ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए धाम मोहल्ला के पुरबयाना वाले इलाके और आगरा मोहल्ला से सटे सीमावर्ती क्षेत्र को सील कर कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया है। वहीं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने देर रात्रि में धाम मोहल्ला में आगामी आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया है। कलेक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्वयं इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद उसका उपचार शुरू हो चुका है। पन्ना के धाम मोहल्ले को अब कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जा रहा है, इसका अर्थ होगा की धाम मोहल्ले में एक प्रकार से आगामी आदेश तक कर्फ्यू लगाया गया है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि कंटेनमेंट क्षेत्र में अब कोई भी व्यक्ति बिना प्रशासन की अनुमति के अपने घर से बाहर नहीं निकलेगा। न ही कोई इस क्षेत्र मे प्रवेश करेगा। अपने पड़ोसी से भी भौतिक रूप से संपर्क नहीं करेगा। छत पर भी भीड़ इकट्ठी नहीं कर सकेंगे। कंटेनमेंट क्षेत्र में यदि किसी को स्वास्थ्य सम्बंधी कोई तकलीफ या किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी होती है तो तत्काल प्रशासन, डॉक्टर या वहाँ पर ड्यूटी करने वाले लोगो को अवगत कराएं ताकि उसका उपचार समय पर किया जा सके। घर-घर जांच करने आने वाले डॉक्टर एवं कर्मचारियों से सहयोग कर सही-सही जानकारी उपलब्ध करानी होगी। कंटेनमेंट क्षेत्र में अत्यावश्यक वस्तु जैसे-दूध, सब्जी, और राशन की सामग्री की होम डिलीवरी के रूप में व्यवस्था बनाई जाएगी। एसडीएम पन्ना इसके लिए प्रथक से मोबाइल नंबर जारी करेंगे। कलेक्टर श्री शर्मा ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के लिए जरुरी है कि अत्यावश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकलें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें एवं मुंह पर कपड़ा या मास्क अनिवार्यत लगाएं हाथ लगातार धोते रहें। कलेक्टर ने इन बातों एवं लॉकडाउन का उल्लघंन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की करने की चेतावनी दी है।

इनका कहना है –

डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
“सागर स्थित लैब में कोरोना जांच हेतु 26 एवं 27 को कुल 32 सैम्पल भेजे गए जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार को दो भागों में प्राप्त हुई। शाम 5 बजे पन्ना के धाम मोहल्ला एवं श्यामगिरी में 2 नए कोरोना मरीज मिले। इसके पश्चात रात्रि में 10:30 बजे आई दूसरी रिपोर्ट के आधार पर बरबसपुरा ग्राम के 5 और लोग पॉजिटिव पाए गए। ये पाँचों लोग पूर्व में बरबसपुरा के पॉजिटिव आये व्यक्ति के ही प्राथमिक संपर्क के चिन्हित व्यक्ति है, जो उसके साथ आये थे। इस तरह शुक्रवार 29 मई को कुल 32 सैम्पल में से 25 निगेटिव एवं 7 सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।”

डॉ. एल. के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना।

पन्ना जिले में कोरोना पॉजिटिव दो नए मरीज मिले, नगर में कोरोना की दस्तक से मचा हड़कम्प

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सांकेतिक फोटो।

* मरीजों के सम्पर्क सूत्र पता करने में जुटीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें 

* जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई छः

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में प्रवासियों के वापसी के बीच कोरोना संक्रमण के मामले धीरे-धीरे लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार 29 मई को आई कोरोना जांच रिपोर्ट में दो नए पॉजिटिव मरीज मिले है। जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर छः हो गई है। पहली बार एक साथ दो पॉजिटिव मरीज मिलने की खबर आने के बाद से समूचे जिले में हड़कम्प मचा है। कोरोना संक्रमण के दोनों केस नए क्षेत्रों में सामने आए हैं, जिसमें एक पन्ना नगर और दूसरा शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत दूरस्थ इलाके कल्दा पठार के श्यामगिरी में मिला है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अग्रिम कार्रवाई हेतु दोनों इलाकों के लिए रवाना हो चुकीं हैं। कोरोना संक्रमण से अब तक अछूते रहे पन्ना नगर में इस खतरनाक संक्रमण की दस्तक से लोगों में चिंता और घबराहट साफ़ देखी जा रही है।
पन्ना शहर के धाम मोहल्ला में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद गाँधी चौक में बैरिकेटिंग कर पुलिस ने महेन्द्र भवन एवं आगरा मोहल्ला की ओर वाले रास्तों को सील कर दिया।
गुरुवार को पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड केयर हेल्थ सेंटर में भर्ती रहे जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित मरीज ग्राम घाट सिमरिया निवासी 22 वर्षीय युवक के स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी मिलने की राहत भरी खबर की अभी चर्चा चल ही रही थी कि इस बीच 24 घण्टे के अंदर आज एक साथ दो युवकों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमित निकले पन्ना के धाम मोहल्ला निवासी युवक की आयु करीब 19 वर्ष और श्यामगिरी निवासी प्रवासी श्रमिक की आयु 22 वर्ष है। दोनों ही नवयुवक हाल ही में गुजरात से वापस लौटे हैं।
पन्ना के गाँधी चौक से धाम मोहल्ला की ओर जाने वाले मार्ग पर पसरा संन्नाटा।
समाचार लिखे जाने तक पन्ना के धाम मोहल्ला और श्यामगिरी ग्राम के रास्तों को सील कर दोनों इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की तैयारी चल रही थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने दो पॉजिटिव केस मिलने की पुष्टि करते हुए बेहद संक्षिप्त जानकारी कोरोना ब्रीफिंग में दी है। उन्होंने बताया कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री, प्रथम सम्पर्क एवं दिव्तीय सम्पर्क में आये लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय के कोविड केयर हेल्थ सेंटर में फिलहाल दो संक्रमित मरीज भर्ती हैं। नए कोरोना संक्रमित मरीजों को इसी वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।

कोरोना को मात देकर घर लौटा एक और प्रवासी युवक, प्रोटोकॉल का पालन कर होम आइसोलेशन में रहना होगा 14 दिन

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शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड केयर हेल्थ सेंटर में भर्ती रहे ग्राम घाट सिमरिया निवासी कोरोना पॉजिटिव 22 वर्षीय मरीज के स्वस्थ होने पर गुरुवार 28 मई की शाम को उसे छुट्टी दे दी गई। कोरोना को मात देने वाले वाले प्रवासी युवक के अपने घर के लिए रवाना होने से पूर्व उसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. आर. एस.त्रिपाठी, डॉ. भास्कर दिवेदी, डॉ. श्वेता पाण्डेय, नर्सिंग, पैरामेडिकल के द्वारा उसे पुष्पगुच्छ देकर एवं तालियां बजाकर अभिवादन किया गया। तत्पश्चात नवयुवक 108 एम्बुलेंस से अपने गृहग्राम के लिए रवाना हो गया। जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में इलाज करा रहे कोरोना पॉजिटिव अब सिर्फ 2 मरीज बचे हैं। जिनमें ग्राम बिलघाड़ी निवासी 44 वर्षीय एक व्यक्ति और ग्राम बरबसपुरा निवासी प्रवासी युवा श्रमिक शामिल है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में अब तक कुल चार कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए। इनमें दो मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। गुरुवार को जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर से घाट सिमरिया निवासी दूसरे मरीज की छुट्टी स्वास्थ्य विभाग में लागू कोरोना उपचार की नई गाइड लाइन के तहत की गई। गुनौर के छात्रावास में क्वारंटाइन रहने के दौरान इस युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद इसे 16 मई जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। करीब 12 दिनों तक उपचार के दौरान मरीज में बीमारी का किसी तरह का कोई लक्षण प्रकट न होने पर उसे नई गाइड लाइन के तहत स्वस्थ मानकर छुट्टी दे दी गई। हालाँकि इस युवक आगामी 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहते हुए प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। स्वस्थ्य हुए मरीज की निगरानी के लिए उसके मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एवं सार्थक एप्प इंस्टाल कराये गए। इसके माध्यम से होम आइसोलेशन की अवधि में मरीज की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

होम क्वारेंटाइन का उल्लंघन करने पर होगी कार्यवाही

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा होम क्वारेंटाइन किए गए व्यक्तियों द्वारा होम क्वारेंटाइन की निर्धारित शर्तो का उल्लंघन करने पर उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों द्वारा होम क्वारेंटाइन के निमयों का पालन न करने के कारण अन्य व्यक्तियों के संक्रमण का खतरा बना रहता है। जन स्वास्थ्य की रक्षा को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ अधिनियम 1949, मध्यप्रदेश एपीडेमिक डिजीज कोविड-19 विनियमन 2020 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट अधिनियम 2005 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए होम क्वारेंटाइन नियमों का प्रथम उल्लंघन किए जाने पर प्रथम बार व्यक्ति को दो हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया जाएगा। दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर उस व्यक्ति को निर्धारित क्वारेंटीन सेंटर भेजा जाएगा।

कोविड-19 आपदा से बचाव के लिए महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को कमिश्नर ने सराहा

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित सामुदायिक प्रक्षिक्षण केन्द्र में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित पीपीई किट निर्माण का निरीक्षण करते हुए सागर संभाग आयुक्त अजय सिंह गंगवार।

* पीपीई किट निर्माण इकाई एवं कोविड केयर सेंटर का आयुक्त श्री गंगवार ने किया निरीक्षण

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) सागर संभाग आयुक्त अजय सिंह गंगवार मंगलवार को एक दिवसीय प्रवास पर पन्ना पहुंचे। उन्होंने यहां कलेक्ट्रेट भवन में आजोजित बैठक में शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की। तत्पश्चात कमिश्नर श्री गंगवार ने पुराना पन्ना पहुंचकर सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही पीपीई किट निर्माण, सेनेटाइजर निर्माण एवं मास्क निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया। कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम में एनआरएलएम के समूहों की महिलाएं अपना योगदान देते हुए रात-दिन कड़ी मेहनत कर इस खतरनाक संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री का निर्माण करने में पूरे मनोयोग से जुटीं हैं साथ ही रोजगार भी प्राप्त कर रहीं हैं।
इनके प्रयासों से जहां आमलोगों को मास्क, सेनेटाइजर उचित मूल्य पर आसानी से उपलब्ध हो रहा है वहीं कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए जरुरी गुणवत्तापूर्ण पीपीई किट जिले के स्वास्थ्य विभाग को स्थानीय स्तर पर ही बाजार से आधे दाम पर मिल रही है। यह जानकार सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार काफी प्रभावित हुए। उन्होंने महिला स्व सहयता समूहों के द्वारा कोविड-19 आपदा से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
निरीक्षण के दौरान पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा बताया गया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान जिले में सेनेटाइजर और मास्क नहीं मिल रहे थे। उस समय आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों द्वारा 25 हजार शीशी सेनेटाइजर तैयार किए गए। इसी प्रकार मास्क की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए मास्क निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। जिला चिकित्सालय की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए पीपीई किट निर्माण कराए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालगुरु के, पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना के जिला प्रबंधक दिनेश कुमार पाण्डेय, पन्ना जनपद सीईओ तपस्या जैन, एनआरएलएम की डीएम स्वप्निल शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके बाद सागर संभाग आयुक्त अजय सिंह गंगवार ने समीप ही स्थित कोविड केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया।

श्रमिकों को जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने से पलायन पूरी तरह रुक जाएगा : कमिश्नर

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शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की पन्ना में समीक्षा करते हुए सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार एवं उनके बाईं और कलेक्टर कर्मवीर शर्मा तथा दाईं ओर सीईओ जिला पंचायत बालागुरू के।

* सागर कमिश्नर ने शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की पन्ना में की समीक्षा

* श्रमिकों का विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में पंजीयन कराने के दिए निर्देश

* जननी सुरक्षा सहित महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के भुगतान शीघ्र करने को कहा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) श्रमिकों के कल्याण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार की बहुत सारी योजनाएं हैं, इन योजनाओं में श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। इसी प्रकार बहुत से ऐसे श्रमिक हर जगह होते हैं जिनके पास छोटी खेती की जमीन रहती है। कुछ श्रमिक ऐसे होते हैं जिनके पास कोई न कोई परम्परागत हुनर होता है। ऐसे श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ दिया जाए जिससे वे यहां रहकर ही अपने काम धन्धे करें और पलायन की परम्परा को पूरी तरह छोड़ दें। यह विचार सागर संभाग आयुक्त अजय सिंह गंगवार आज पन्ना में व्यक्त किए। एक दिवसीय प्रवास पर पन्ना पहुंचे श्री गंगवार ने यहां शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों, कोरोना वायरस रोकथाम किए जा रहे प्रयास, उपार्जन एवं मनरेगा योजना के तहत जिले में की गयी कार्यवाही के संबंध में जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा बताया गया कि 36 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों का आना हुआ है। इनमें 25 हजार अकुशल तथा लगभग 7 हजार कुशल श्रमिक हैं। जिले में 11744 अकुशल श्रमिकों मनरेगा के तहत कार्य दिलाया गया है। इसके अलावा जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्य में श्रमिकों को लगाया गया है। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के भवनों में कुशल श्रमिकों को लगाया गया है। बैठक में कलेक्टर द्वारा बताया गया कि इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों की संख्या पिछले वर्ष 49 उपार्जन केन्द्रों के स्थान पर जिले में 71 उपार्जन केन्द्र स्थापित कराए गए थे। जिससे कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद एवं किसानों का गेहूं शीघ्र उपार्जित हो सके।
आयुक्त सागर अजय सिंह गंगवार द्वारा निर्देश दिए गए कि वन विभाग, उद्यानिकी आदि के कार्यो से भी इन श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। जिससे अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि श्रमिक कल्याण संबंधी योजना में यदि श्रमिक का पंजीयन हो जाएगा तो वह जहां भी कार्य करेगा वहां उसे उस योजना से लाभ मिल सकेगा। यदि श्रमिकों को अपने जिले में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो श्रमिकों का पलायन पूरी तरह रूक जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में अब तक 4 कोरोना पाॅजिटिव मरीज मिले हैं यह सभी मरीज प्रवासी है। जो किसी न किसी रेड जोन से पन्ना आए थे। इनमें से एक मरीज पूर्व में स्वस्थ होकर घर चला गया है। पूर्व के भर्ती दो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं। 25 मई को भर्ती किए गए मरीज का उपचार किया जा रहा है।
आयुक्त श्री गंगवार ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि जिले में श्रमिकों के कल्याण एवं कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम एवं उपचार के लिए अच्छे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की महिला कल्याण संबंधी योजनाओं का तुरंत भुगतान किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का जब ग्राम स्तर पर आशा एवं एएनएम द्वारा पंजीयन किया जाता है उसी समय उसका पूर्ण विवरण दर्ज कर लिया जाना चाहिए जिससे भुगतान में विलम्ब न हो। सम्पन्न हुई इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत समस्त एसडीएम एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।