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घर बने ईदगाह, नमाज़ अदा कर मांगी दुआ- “या अल्लाह” कोरोना महामारी से पूरी दुनिया को निज़ात दिला दो

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अपने घरों में ईद-उल-फ़ित्र की विशेष नमाज अदा करते हुए मुस्लिम भाई।

* मासूम लबों से लेकर कांपते हांथों तक बस एक ही दुआ

* कोरोना संकट के चलते घरों में पढ़ी गई ईद की नमाज़

* फिजिकल डिस्टेंसिंग के पालन से गले लगाकर मुबारक़बाद देने का भूले एहसास

रमेश अग्रवाल, राजेन्द्र कुमार लोध- पन्ना।(www.radarnews.in) ईद का त्यौहार इस बार देश और दुनिया में कोरोना महामारी संकट के साए में मानाया गया। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रविवार शाम को आसमान पर मुबारक़ चाँद नजर आने पर ईद का त्यौहार सोमवार को सादगी और सुरक्षात्मक उपाए अपनाते हुए मनाया गया। कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के जिले में प्रार्थना केन्द्रों में लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी होने की वजह मुस्लिम भाईयों ने इस बार ईद की पवित्र नमाज़ ईदगाह की जगह अपने घरों पर ही अदा की। ऐसा शायद पहली बार हुआ जब ईद के दिन ईदगाह और मस्जिदें खाली रहीं और हर घर ईदगाह बन गया। इस मुबारक मौके पर मासूम बच्चों से लेकर सभी आयु वर्ग के मुस्लिम भाईयों-बहिनों ने कोरोना महामारी से देश और दुनिया में इंसानियत की हिफाजत के लिए दुआएं माँगी। इस संकट से दुनिया को जल्द से जल्द निजात दिलाने के लिए के अपनी इबादत का वास्ता देकर गिड़गिड़ाते हुए अल्लाह से इल्तिजा की।
नमाज पढ़ने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ।
कोरोना काल में इस खतरनाक संक्रमण की रोकथाम और जीवन सुरक्षा की दृष्टि से ईद मानने से जुड़ीं कई परम्पराओं में सकरात्मक बदलाव देखने को मिले। इस बार सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुस्लिम भाईयों ने गले लगाकर और हाथ मिलाकर ईद की मुबारकबाद देने से परहेज कर सलाम की मुद्रा में ईद की मुबारकबाद दी गई। सोशल मीडिया के जरिए भी मुबारकबाद देने का सिलसिला दिन भर जारी रहा। कुल मिलाकर लॉकडाउन के दौरान माह-ए-रमजान की शुरुआत से लेकर ईद के अपने सबसे बड़े त्यौहार तक जिले में मुस्लिम समाज के लोगों ने जिस तरह का स्व अनुशासन, संयम परिस्थितयों के साथ बदलाव कर प्रगतिशील और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दिया वह वाक़ई काबिले तारीफ़ है। हालांकि ईद के त्यौहार लोगों ने जिस तरह की समझदारी दिखाई उससे इस बात यकीन और पक्का हो गया कि कोरोना हर हाल में हारेगा और इंसानियत जीतेगी।
उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 53 लाख से ज्यादा हो गई है। इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 3 लाख के पार हो चुका है। इसके मद्देनजर ईद-उल-फ़ित्र का त्यौहार इस बार सादगी के साथ मनाया गया। पारंपरिक तौर पर इस दिन लोग ईदगाह में जाकर नमाज़ पढ़ते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों-परचितों से मिलते हैं और उन्हें अपने घरों पर दावत देते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

जरूरतमंदों को दी मदद

ईद के पूर्व पन्ना जिले में लॉकडाउन तो समाप्त हो गया मगर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रार्थना केन्द्रों में लोगों के एकत्र होने पर रोक के चलते ईद के दिन ईदगाह और मस्जिदों में संन्नाटा पसरा रहा। पन्ना सहित आंचलिक क्षेत्रों में मुस्लिम भाईयों ने ईद की दो रकात विशेष नमाज़ अपने घर पर ही पढ़ी। इसलिए इस बार ईद की वैसी रोनक नज़र नहीं आई जिसके लिए पूरी दुनिया में यह त्यौहार जाना जाता है। इसके पूर्व कोरोना संकट के चलते पिछले दो माह तक लॉकडाउन रहने से परेशान रहे सभी वर्गों के दिहाड़ी मजदूरों, गरीब, यतीमों और अन्य जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हुए मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा फितरा-जकात की नकद राशि अथवा खाद्यान्न समाग्री देकर बिना किसी दिखावे के मदद की गई। जिले में ईद का त्यौहार पन्ना के साथ-साथ अजयगढ़, बरौली, अमरछी, तुलापुर, हरदी, निजामपुर, पहाड़ीखेरा, देवेन्द्रनगर, ककरहटी, गुनौर, सलेहा, भाटिया, महेवा, अमानगंज, पवई, सिमरिया, रैपुरा, शाहनगर, मुड़वारी, बोरी आदि जगह सादगी के साथ मनाया गया।

सबकी सलामती-ख़ुशहाली की माँगी दुआएं

सोमवार 25 मई को ईद-उल-फ़ित्र के मुबारक मौके पर घरों में विशेष नमाज सुबह 9 बजे से 11 बजे के मध्य पढ़ने के बाद मुस्लिम भाईयों के द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से इंसानियत को महफूज करने और इससे दुनिया को निजात दिलाने की दुआ प्रमुखता से मांगी गई। मालुम हो कि रमजान माह के तीस दिनों तक मुस्लिम धर्मावलम्बी भूखे-प्यासे रहकर रोजे रखते, नमाज़ और तराबीह पढ़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि महीने भर तक कठिन इबादत करने के बाद आने वाला ईद का त्यौहार अल्लाह की तरफ से अपने बंदों को दिया गया अनमोल तोहफा रुपी एक बेहद ख़ास अवसर होता है। इस दिन नामज के बाद सच्चे मन अगर कोई दुआ मांगता है तो माह-ए-रमजान मुबारक के सदके में उसकी जायज मुराद पूरी होती है।
मासूम आयत ने अपनी पहली ईद पर नमाज़ अदा की और कोरोना से मुक्ति के लिए दुआएं मांगी।
इसलिए दुनिया-जहान के मुस्लिमों को सालभर में एक बार आने वाले इस बेहद ख़ास अवसर का इंतजार रहता है। पन्ना जिले के मुस्लिम भाईयों ने इस अवसर पर पूरी दुनिया की सलामती, सबकी खुशहाली, अमन, चैन और भाईचारे की मजबूती की लिए दुआएं मांगी। मौजूदा वक्त में चीन के साथ जारी तनाव के मद्देनजर देश की सरहदों की हिफाजत, सरहदों पर तैनात जवानों की सलामती, कोरोना योद्धाओं की जीवन सुरक्षा, प्रवासियों की जान-माल की हिफाजत, इंसानी जिंदगी के फिर से सामान्य होने और अच्छे मानसून आदि के लिए दोनों हाथ फैलाकर दुआएं मांगी गई।

पन्ना जिले में कोरोना पॉजिटिव चौथा मरीज मिला, दिल्ली से लौटा प्रवासी श्रमिक जाँच में निकला संक्रमित

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फाइल फोटो।

* जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या हुई तीन

* कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से लोगों में चिंता और घबराहट का माहौल 

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रवासियों की घर वापसी के बीच मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। आज एक और व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब चार हो गई है। सोमवार 25 मई को दोपहर में जब एक और व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की खबर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो विभाग के अंदरखाने हड़कम्प मच गया। कुछ ही देर में प्रशासनिक हल्कों में भी हलचल बढ़ गई। पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में अभी जिले के गुनौर जनपद क्षेत्र के ग्राम घाट सिमरिया और बिलघाड़ी निवासी कोरोना संक्रमित दो व्यक्ति क्रमश: 22 वर्ष एवं 44 वर्ष भर्ती हैं। दोनों ही आपस में रिश्तेदार हैं और एक साथ मिनी बस में सवार होकर दिल्ली से पन्ना लौटे थे।
पन्ना जिला चिकित्सालय में बनाए गए कोविड-19 वार्डों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। फाइल फोटो
कोरोना का नया मरीज जनपद पंचायत पन्ना के ग्राम बरबसपुरा का निवासी 24 वर्षीय युवक पेशे से मजदूर है। जोकि लॉकडाउन में कई दिनों तक कोरोना के हॉटस्पॉट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फंसे रहने के बाद किसी तरह 16 मई को वापस अपने घर लौटा था। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार नवयुवक प्रवासी श्रमिक को स्क्रीनिंग के बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया था। इस दौरान कथित तौर पर 22 मई को उसकी अचानक तबियत ख़राब हुई। तत्पश्चात उसे 23 मई को जिला चिकत्सालय में भर्ती कराया गया और संदेह के आधार पर उसका सैम्पल कोरोना जांच हेतु लिया गया। जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने इसकी पुष्टि की है।
सांकेतिक फोटो।
समाचार लिखे जाने तक जिले के प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ग्राम बरबसपुरा के लिए रवाना हो चुके थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संक्रमित व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री, उसके प्रथम सम्पर्क एवं दिव्तीय सम्पर्क में आये लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण का पहला केस मुंबई से लौटे अजयगढ़ जनपद क्षेत्र के ग्राम हरदी निवासी एक 32 वर्षीय प्रवासी श्रमिक के रूप में सामने आया था। बगैर लक्षण वाला यह मरीज पिछले दिनों पूर्णतः स्वस्थ्य होकर वापस अपने घर लौट चुका है।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले में कोविड-19 के अब तक जितने भी मामले सामने आये है उनमें एक समानता है कि वे सभी प्रवासी हैं। मालुम होकि लॉकडाउन घोषित होने के बाद से लेकर अभी तक करीब 40 हजार प्रवासी जिले में आये हैं। और यह सिलसिला लगातार जारी है। देश के कोरोना हॉटस्पॉट बने क्षेत्रों से पन्ना जिले में लौटने वालों की तादाद सैंकड़ों में है। शायद यही वजह है कि प्रवासियों की असुरक्षित वापसी, उन्हें पूर्व की तरह संस्थागत क्वारंटाइन न कर होम क्वारंटाइन किये जाने से जिले के लोगों में कोरोना संक्रमण फैलने के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता और घबराहट साफ़ देखी जा रही है।

कोरोना की रोकथाम में लापरवाही बरतने पर जनपद पंचायत गुनौर के सीईओ अस्थाना निलंबित

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ओपी अस्थाना।

* कलेक्टर पन्ना के प्रस्ताव पर कमिश्नर सागर ने की कार्रवाई

* मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप

रमेश अग्रवाल, पन्ना/देवेन्द्रनगर ।(www.radarnews.in) जिले की जनपद पंचायत गुनौर के क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनों दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भी इस महामारी की रोकथाम हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं न करने और बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर जनपद सीईओ ओपी अस्थाना को सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के प्रस्ताव पर की गई है। चर्चित और विवादित जनपद सीईओ ओपी अस्थाना पर कोरोना महामारी की रोकथाम में स्थानीय प्रशासन को सहयोग न करने, अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही-उदासीनता बरतने और मनरेगा कार्यों का सतत निरीक्षण न करने का आरोप है। कोरोना प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लापरवाही के मामले में पन्ना जिले में यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
गुनौर जनपद के ग्राम बिलघाड़ी में कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति को दिल्ली से लौटने के बाद होम क्वारंटाइन किया गया था। लेकिन सही से निगरानी न होने से वह व्यक्ति पूरे गांव में घूमता रहा और गुनौर भी गया था। उक्त लापरवाही सामने ओन के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था। इसके बाद बीते दिनों अधिकारियों के कंटेनमेंट जोन के निरीक्षण के दौरान भी जनपद सीईओ ओपी अस्थाना मुख्यालय में नहीं मिले थे। वहीं गुनौर जनपद क्षेत्र में मनरेगा के कार्य श्रमिकों की जगह मजदूरों से कराये जाने की शिकायतें सामने आने के बाद कलेक्टर ने उनके निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा था। जिस पर कमिश्नर सागर ने जनपद सीईओ ओपी अस्थाना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में अस्थाना का मुख्यालय जिला पंचायत पन्ना रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि गुनौर जनपद क्षेत्र अंतर्गत महज एक सप्ताह के अंदर ग्राम घाट सिमरिया और बिलघाड़ी में एक-एक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इसके बाद भी यहां कोरोना प्रबंधन को लेकर गंभीरता पूर्वक काम नहीं किया जा रहा है। यहां शुरुआती दिनों में ही लापरवाहियां सामने आने लगी थीं। ग्राम बिलघाड़ी से आने वाले युवक को होम क्वारंटीन किया गया था लेकिन उसकी नियमित रूप से निगरानी नहीं की गई। फलस्वरूप वह अपने गांव और गुनौर में घूमता रहा। गनीमत रही उसके प्रथम और दिव्तीय सम्पर्क में आये सभी लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। लेकिन इस घटनाक्रम से यह साफ़ हो गया कि जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन को लेकर संजीदा नहीं हैं।

बगैर सूचना मुख्यालय से रहे गायब

जानकारी के अनुसार बीते दिनों कलेक्टर, डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक ने गुनौर क्षेत्र के दोनों कंटेनमेंट जोन का दौरा किया था। इस दौरान जनपद सीईओ ओपी आस्थाना अपने मुख्यालय से बिना किसी पूर्व सूचना के गायब मिले। क्षेत्र के भ्रमण के दौरान भी कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएंशिथिल पाई गईं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वार भी जनपद सीईओ अस्थाना की शिकायत की गई थी कि कोरोना महामारी के प्रबंधन में उनके द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।

मशीनों से मनरेगा कार्यों की अनदेखी

कमिश्नर सागर द्वारा जारी निलंबन आदेश की कॉपी।
पिछले दो माह से जारी लॉकडाउन के चलते जीविकोपार्जन को लेकर परेशान गरीब-मजदूरों को काम उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा मनरेगा कार्यों की स्वीकृति प्रादाब की गई है। जिले की गुनौर जनपद क्षेत्र की अधिकाँश पंचायतों में मनरेगा के कार्य मजदूरों की जगह जेसीबी मशीनों से कराये जा रहे थे, इसकी लगातार ख़बरें आ रहीं थी लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इसकी अनदेखी करते रहे। ग्राम पंचायत स्थानियाँ में मेड़ बंधान एवं तालाब गहरीकरण का कार्य जेसीबी मशीन से कराया गया। जांच में इस खुलासे को सही पाया गया। शासन के निर्देशों के विपरीत मशीनों से मनरेगा कार्य कराये जाने से रोकने के लिए जनपद सीईओ ओपी अस्थाना द्वारा सतत निरीक्षण नहीं किया गया। इस वजह से कलेक्टर ने अस्थाना के निलंबन का प्रस्ताव सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार को भेजा था। कलेक्टर के प्रस्ताव पर कमिश्नर द्वारा ने गुनौर जनपद सीईओ के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।

थोड़ी राहत : ग्रीन-टू-ग्रीन जोन में आवागमन पास-फ्री रहेगा : मंत्री डॉ. मिश्रा

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मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा।

* रेड-टू-ग्रीन जोन या ग्रीन-टू-रेड जोन में आन-जाने के लिये लेना होगा पास

* ई-पास व्यवस्था में बड़ी तादाद में आवेदन निरस्त होने से लोगों में थी नाराजगी

भोपाल। (www.radarnews.in) करीब दो माह से जारी लॉकडाउन के चलते अति आवश्यक कार्य के सिलसिले में आवगमन को लेकर परेशान रहे प्रदेश के नागरिकों को राज्य सरकार ने थोड़ी राहत देते हुए ग्रीन-टू-ग्रीन जोन में आवागमन को पास फ्री कर दिया है। प्रदेश के गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया है कि ग्रीन-टू-ग्रीन जोन पास-फ्री रहेगा। रेड-टू-ग्रीन जोन या ग्रीन-टू-रेड जोन में आन-जाने के लिये पास की आवश्यकता रहेगी। मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया है कि ग्रीन-टू-ग्रीन जोन में आवागमन के लिये अब पास की आवश्यकता नहीं रहेगी। अपने स्वयं के वाहन से यात्रा निश्चिंत होकर की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि ग्रीन-टू-ग्रीन जोन के मध्य में यदि रेड जोन आता है तो भी हाईवे में पास की आवश्यकता नहीं रहेगी। यदि रेड जोन से ग्रीन जोन में या ग्रीन जोन से रेड जोन में आवागमन करना है तो उसके लिये प्रशासन द्वारा जारी किये जाने वाले पास की आवश्यकता रहेगी, बगैर पास के आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने के नाम शुरू की गई आवगमन के लिए पास की व्यवस्था को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदेश भर से लोगों की शिकायतें पास न मिलने को लेकर आ रहीं थीं। ई-पास की व्यवस्था के चलते ग्रामीण अंचल के कम पढ़े-लिखे लोग जहाँ ऑनलाइन आवेदन ही नहीं कर पा रहे थे वहीं जो लोग आवेदन कर रहे थे बड़ी तादाद में उनके आवेदन पत्रों को निरस्त किया जा रहा था। इस कारण लोगों में ई-पास की व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी व्याप्त रही है। ऐसा माना जा रहा है कि ग्रीन-टू-ग्रीन जोन में आवागमन पास-फ्री करने का फैसला इसी के मद्देनजर लिया गया है, ताकि लोगों को थोड़ी राहत देते हुए उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके।

जंगली सुअर एक्सीडेंट मामले में वाहन जप्त, लापरवाह आरोपी चालक पहुँचा जेल

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सड़क दुर्घटना में मृत जंगली सूअर के शव को देखते पीटीआर के वनकर्मी एवं सुरक्षा श्रमिक।

* वाहन जप्त न कर प्रकरण को रफा-दफा करने रेंजर बना रहे थे दबाव ?

* उपसंचालक पीटीआर के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार करनी पड़ी कार्रवाई

* घटनास्थल पर नहीं पहुंचे रेंजर, 12 घण्टे बाद कराया मृत वन्यजीव का पोस्टमार्टम

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पन्ना जिले में वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मार्गों पर वाहन चालकों के द्वारा निर्धारित गति सीमा के नियम का पालन न कर तेज़ रफ़्तार से लापरवाही पूर्वक वाहन दौड़ाना सड़क हादसों का सबब बन रहा है। इस तरह के हादसों में बेजुबान वन्यजीव आए दिन असमय काल-कवलित रहे हैं तो वहीं कुछेक मामलों में वाहन चालक और उसमें सवार लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ रही है। अंधी रफ़्तार का सबसे ज्यादा कहर वन्यजीवों पर टूट रहा है।
गुरुवार 21 मई को पन्ना टाइगर रिजर्व के अमानगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जहां सुबह करीब 6 बजे पन्ना से अमानगंज की ओर जा रहे एक तेज रफ़्तार वाहन के चालक ने अत्यंत ही लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए जंगली सुअर को ठोकर मारते हुए उसके पैरों को कुचल दिया। ठोकर इतनी जबरदस्त थी कि गंभीर रूप से घायल जंगली सूअर की मौके पर ही मौत हो गई। अमानगंज वन परिक्षेत्र के सर्किल अकोला की बीट बाँधी दक्षिण के वन कक्ष क्रमांक-409 में हुई इस सड़क दुर्घटना पर मैदानी अमले ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी चालाक मुशर्रफ आलम पिता बदरुद्दीन निवासी मालेगांव जिला नासिक महाराष्ट्र को हिरासत में लेते हुए उसके वाहन क्रमांक एम. एच.-43-व्ही-8169 को अपने कब्जे में ले लिया।
क्षतिग्रस्त वाहन जिसकी ठोकर से जंगली सुअर की मौत हुई और समीप खड़ा आरोपी चालाक।
वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में मुस्तैद मैदानी अमले के द्वारा बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंचकर आरोपी चालक को दबोंचने की सूचना तुरंत अमानगंज परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर लालबाबू तिवारी को दी गई। जानकारी के अनुसार चालक मुशर्रफ आलम महाराष्ट्र से मिनी बसनुमा वाहन में कुछ लोगों को पन्ना लेकर आया था जब वह वापस लौट रहा था तब यह दुर्घटना हुई। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो रेंजर लालबाबू तिवारी को इस घटना की सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद अचानक अप्रत्याशित रूप से उनके सुर बदल गए। अधीनस्थ कर्मचारियों की तारीफ़ कर उनकी हौसला अफजाई करने के बजाए कथित तौर पर वे फील्ड स्टॉफ के ऊपर उक्त वाहन को छोड़ने और मामले को रफा-दफा करने का दबाब बनाने लगे। लेकिन तब तक इस घटना की कार्रवाई से जुड़े फोटोग्राफ्स जिनमें छतिग्रस्त वाहन और उसका चालक, वनकर्मी और मृत जंगली सुअर नजर आ रहा है है वह मीडियाकर्मियों के पास पहुँच चुके थे।
विभाग के अंदरखाने चर्चा है कि रेंजर की मंशा को भांपते हुए इस घटनाक्रम की जानकारी पन्ना टाइगर रिजर्व उप संचालक को दी गई, तब कहीं जाकर उनके हस्तक्षेप के बाद बमुश्किल यह वन अपराध दर्ज हो सका। उधर इससे नाराज रेंजर साहब कथित तौर पर फील्ड स्टॉफ को देख लेने की धमकी देते रहे। आश्चर्यजनक रूप से इसके बाद भी उनके द्वारा प्रकरण की कार्रवाई में हर सम्भव रोढ़े अटकाए गए। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, रेंजर श्री तिवारी स्वयं घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और गुरुवार की सुबह 6 बजे मृत जंगली सुअर को पोस्टमार्टम के लिए शाम करीब 6 बजे पन्ना ले जाया गया। आग उगलती इस प्रचण्ड गर्मी में मृत जंगली सूअर का पोस्टमार्टम करीब 12 घण्टे बाद देर शाम होने की चर्चायें हैं। अगले दिन आरोपी वाहन चालक को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि अपने कारनामों से अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले डिप्टी रेंजर लालबाबू तिवारी पन्ना टाइगर रिजर्व के बड़े साहब के चहेते हैं। इसलिए सीधी भर्ती के रेंजर और इनसे काफी सीनियर डिप्टी रेन्जर लूप लाइन में पड़े हैं। जबकि लालबाबू के पास पन्ना कोर और अमानगंज समेत दो वन परिक्षेत्र का प्रभार है। करीब छः माह पूर्व वन परिक्षेत्र पन्ना कोर की बीट रमपुरा में वनरक्षक नाका के नजदीक एक बाघ की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई थी। लेकिन समय रहते पार्क प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं मिली। मृत बाघ का शव सड़ने के बाद जब कंकाल में तब्दील हो गया तब कई दिनों बाद इस घटना का खुलासा हुआ था। बाघ की मौत के इस गंभीर मामले में मैदानी अमले पर तो कार्रवाई की गई लेकिन प्रभारी रेंजर लालबाबू तिवारी का बाल भी बांका नहीं हुआ। बड़े अफसरों की कथित मेहरबानी से इस मामले में लालबाबू को ग्रीन सिग्नल मिलने से वे बेदाग़ बच निकले।

इनका कहना है –

“सड़क दुर्घटना में मृत जंगली सूअर के शव का पोस्टमार्टम उसी दिन दोपहर में हुआ था मेरे पास उसके फोटोग्राफ्स भी उपलब्ध हैं लेकिन वह अभी धुलने के लिए गए हैं। पोस्टमार्टम 12 घण्टे बाद होने और वाहन छोड़ने तथा कार्रवाई न करने को लेकर मेरे द्वारा स्टॉफ पर दबाब बनाने की बातें पूर्णतः असत्य और निराधार हैं। मुझे बदनाम करने के मकसद से इस तरह की बातों को फैलाया जा रहा है। मैं आपसे आकर मिलूँगा। उस दिन प्रकरण की कार्रवाई में व्यस्त होने के कारण घटनास्थल पर नहीं पहुँच सका।”

लालबाबू तिवारी, प्रभारी रेंजर, वन परिक्षेत्र अमानगंज एवं पन्ना कोर।

लापरवाही : एमपी के पन्ना जिले में खुले आसमान के नीचे सड़ रही 60 करोड़ की धान

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सुंगरहा के ओपन कैप में खुले आसमान के नीचे पॉलिथीन से बगैर ढंके रखे धान की लाखों बोरियों के स्केट।

* गुनौर तहसील के ओपन कैप सुंगरहा में भण्डारित है 35 हजार मैट्रिक टन धान

* मई महीने में 4 बार हुई बेमौसम बारिश में धान के भीगने से बारदाना तक सड़े

* धान के सड़ने का सिलसिला शुरू होने के बाद नान ने लापरवाही छिपाने मिलिंग के लिए शुरू कराया परिवहन

* पिछले 15 दिनों में सिर्फ एक लाख बोरियों परिवहन सवा आठ लाख से अधिक अभी भी असुरक्षित रखीं

शादिक खान, राजेन्द्र कुमार लोधी- पन्ना।(www.radarnews.in) कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये पिछले दो माह से जारी लाॅकडाउन के कारण काम-धंधे पूर्णतः ठप्प होने से एक ओर जहां दिहाड़ी मजदूरी पर आधारित हजारों गरीब श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य दाने-दाने को मोहताज है वहीं दूसरी ओर पन्ना जिले की गुनौर तहसील अंतर्गत ओपन कैप सुंगरहा में खुले आसमान के नीचे भण्डारित 35 हजार मैट्रिक टन धान बेमौसम बारिश की मार झेलने के कारण तेजी से सड़ रही है। लगभग 60 करोड़ रूपये मूल्य की धान को बारिश के पानी-नमी आदि से बचाने के लिये ओपन कैप में उसे पॉलिथीन से ढ़कने तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
गुनौर तहसील के नजदीक सुंगरहा के ओपन कैप में रखी धान के बेमौसम बारिश में भीगने के बाद इसका तेजी से सड़ना है जारी, तस्वीरों में देखें।
फलस्वरूप किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई लाखों क्विंटन धान तेजी से सड़ कर बर्बाद हो रही है। जिन बारदानों में धान भरी है उनमें सैकड़ों बारदाने तक सड़-गल चुके है। इस मामले में भण्डारण एजेन्सी वेयर हाउस कार्पोरेशन एवं मध्य प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के स्थानीय अधिकारियों की नींद काफी देर से टूटी है, जिम्मेदार के द्वारा अब अपनी लापरवाही को छिपाने के लिये सड़ी हुई धान को मिलिंग के लिये भेजा जा रहा है।
जिले के गुनौर तहसील मुख्यालय से बमुश्किल 6 किलोमीटर की दूरी पर सुंगरहा ग्राम के नजदीक विशाल क्षेत्र में स्थित 75 हजार मैट्रिक टन भण्डारण क्षमता वाले ओपन कैप अर्थात विशाल खुले चबूतरों में माह दिसम्बर-2019 से 35,350 मैट्रिक टन धान भण्डारित है। इसके आलावा 26 हजार मैट्रिक टन गेहूं भी भण्डारित है। वेयर हाउस कार्पोरेशन के इस ओपन कैप में खाद्यान्न भण्डारण के नियमों एवं सुरक्षा इंतजामों की धज्जियां उड़ाते हुये गेहूं और धान की लाखों बोरियों को पॉलीथीन से से अच्छी तरह ढंककर तक नहीं रखा गया है। सबसे ज्यादा लापरवाही धान के भण्डारण में देखने को मिल रही है। धान के बारदानों के अधिकांश स्टेक (छलनी) खुले आसमान के नीचे पूर्णतः असुरक्षित रखीं है जिनमें पाॅलिथीन तक नहीं है। समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान को समय पर मिलिंग के लिये न भेजने और सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी कर लापरवाही पूर्वक ओपन कैप में भण्डारित करने का भयंकर दुष्परिणाम खाद्यान्न बर्बादी के रूप में दिखने लगा है।
उल्लेखनीय है कि ओपन कैप में खाद्यान्न को सिर्फ तीन माह के लिए भण्डारित करने का प्रावधान है जबकि सुंगरहा में माह दिसम्बर-2019 से धान रखी है। खुले आसमान के नीचे असुरक्षित तरीके से रखी धान को लगभग पांच माह तक मिलिंग के लिए भेजने की सुध न लेने से मध्य प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। गौरतलब है कि मई महीने में अब तक जिले में 4 बार तेज बेमौसम बारिश हुई है, जिससे पूर्णतः खुले में रखी धान पानी में तरबतर होकर तेजी से सड़ रही है। इसके सड़के की प्रक्रिया इतनी तेज है कि ओपन कैप में स्टेक के पास पहुँचने पर भीषण दुर्गंन्ध आती है। ओपन कैप में लगी धान की बोरियों की छलनी (स्टेक) दूर से देखने मात्र से पता चलता है कि बड़ी मात्रा में धान अंकुरित होकर सूख भी गई और बारदाने तक सड़ चुके है। सूत्रों की मानें तो अब तक बड़ी मात्रा में धान बर्बाद हो चुकी है। यदि कुछ दिन और सड़ चुकी धान की बोरियों को सही बोरियों से अलग नहीं किया गया तो शेष धान को बचा पाना शायद संभव नहीं होगा।
ओपन कैप में करीब एक पखवाड़े से अधिक समय से जारी धान की तबाही और बर्बादी की भनक लगने पर जब “रडार न्यूज” की टीम मौके पर पहुंची तो धान के बारदानों के अधिकांश स्टेक से पाॅलिथीन गायब थी। वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य के सिलसिले में कैप प्रभारी पन्ना गए हुए थे। मौके पर उपस्थित अधीनस्थ कर्मचारियों ने बताया कि धान की बोरियों के स्टेक (छलनी) की पॉलीथीन आंधी-तूफान में फट और उड़ चुकी है। आये दिन मौसम का मिजाज बदलने और देश के कई हिस्स्सों में चक्रवाती तूफ़ान की तबाही के बाबजूद किसी ने दोबारा से इन्हें ढंकना भी उचित नहीं समझा।
बहरहाल देर से जागे ओपन कैप प्रभारी तथा मध्य प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा अपनी इस अक्षम्य लापरवाही को छिपाने के लिये सड़ी हुई धान को मिलिंग के लिये ट्रकों में भर-भर कर रवाना किया जा रहा था। धान की बोरियों के परिवहन का सिलसिला करीब एक पखवाड़े से लगातार जारी है। लेकिन मिलिंग के लिए धान परिवहन की कछुआ चाल की अपेक्षा इसके सड़ने की प्रक्रिया कहीं अधिक तेजी से जारी होना चिंताजनक है। वेयर हाउस कार्पोरेशन के आंकड़ों के अनुसार दिनांक 4 मई की स्थिति में सुंगरहा ओपन कैप में धान की 40 किलो की भर्ती के 9 लाख 50 हजार बारदाना रखे थे पिछले आज तक की स्थिति में 1 लाख 16 हजार बारदाना का परिवहन मिलिंग के लिए हो चुका है। यानी ओपन कैप में अभी भी सवा आठ लाख से अधिक धाना की बोरियां रखीं है।

सड़ाने के बजाए गरीबों में बांटा जाए

गुनौर क्षेत्र में कांग्रेस के युवा नेता एवं पूर्व सरपंच केशरी अहिरवार ने ओपन कैप सुंगरहा में सड़ रही धान के मामले पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि कितनी विडम्बनापूर्ण बात है कि एक ओर काम-धंधे ठप्प होने से दैनिक मजदूरी पर जीवन यापन करने वाले गरीब परिवार खाद्यान्न संकट से जूझ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ करोड़ों रूपये मूल्य की धान को सड़ाया जा रहा है। जिले में ऐसे हजारों गरीब मजदूर परिवार है जिनके पास गरीबी रेखा और अतिगरीबी रेखा के कार्ड नहीं है, इस वजह से सुपात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। ऐसे परिवारों को लाॅकडाउन के शुरूआती दिनों में थोड़ा बहुत खाद्यान्न निःशुल्क दिया गया था बेहतर होगा कि ओपन कैप में बर्बाद हो रही धान की मिलिंग कराकर उसके चावल को गरीबों में पुनः निःशुल्क वितरित कराया जाए।

इनका कहना है

“ओपन कैप सुंगरहा में 35350 मैट्रिक टन धान भण्डारित है। वर्ष 2019 में धान का समर्थन मूल्य 1840 रूपये रहा है इस तरह ओपन कैप में रखी धान का कुल मूल्य 65 करोड़ रूपये है। धान की सुरक्षा की सम्पूर्ण जबावदेही वेयर हाउस कार्पोरेशन की है। बारिश में जो धान खराब हुई है उन बोरियों की छंटनी कराकर उसे मिलिंग के लिये भेजा जा रहा है। भण्डारण एजेन्सी क्षति के लिये जिम्मेदार है, नियमानुसार धान में कुल भण्डारित मात्रा का 2 प्रतिशत क्षति सूखत के रूप में मान्य है इससे अधिक अगर क्षति होती है तो उसकी पूर्ती संबंधित एजेन्सी को करनी होगी।”

शिव प्रकाश गुप्ता, जिला प्रबंधक, म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम पन्ना।

ओपन कैप की बाउण्ड्रीबॉल के नजदीक जमीन पर रखी बोरियों के स्केट को ढकने वाली पॉलिथीन।
“ओपन कैप में खाद्यान्न का भण्डारण सिर्फ तीन माह के लिये होता है लेकिन धान दिसम्बर 2019 से भण्डारित है। आंधी तूफान में कई स्टेक (बारदानों की छलनी) के कवर फट और उड़ गये है। बारिश में धान भीगी जरूर है लेकिन सड़ी नहीं है ऊपर से बारदाने सड़े हुए दिख रहे है लेकिन अंदर धान सुरक्षित है। जिसे मप्र नागरिक आपूर्ति निगम पन्ना के द्वारा जारी डीओ पर पिछले 15 दिनों से मिलिंग के लिये लगातार भेजा जा रहा है। ओपन कैप में खाद्यान्न में दो प्रतिशत तक क्षति मान्य है। इस सीमा से अधिक क्षति धान में नहीं हुई है।”

अशोक कुमार शर्मा शाखा प्रबंधक, वेयर हाउस कार्पोरेशन पन्ना।

कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद बिलघाड़ी गाँव को सील कर बैठाया पुलिस का पहरा, दिल्ली से लौटने के बाद होम क्वारंटाइन न रहकर गाँव और क्षेत्र में घूमता रहा संक्रमित

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पन्ना जिला चिकित्सालय में बनाए गए कोविड-19 वार्डों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। फाइल फोटो

* तीन दिन पूर्व ग्राम घाट सिमरिया निवासी इसका रिश्तेदार नवयुवक जाँच में निकला था पॉजिटिव

* कोरोना हॉट स्पॉट बने दिल्ली से मिनी बस में सवार होकर अन्य लोगों के साथ आये थे दोनों संक्रमित

* पन्ना जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर हुई तीन, गुनौर तहसील में तीन दिन में दो केस मिलने से मचा हड़कम्प

* बिलघाड़ी वाले मरीज के चक्कर में गुनौर में इलाहाबाद बैंक की शाखा, मेडीकल स्टोर और साईकिल की दुकान हुई सील

* कोरोना संक्रमित मरीज के सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर 8 सैम्पल जांच के लिए सागर भेजे गए

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण का प्रवासियों के साथ आना शुरू हो गया है। मंगलवार को जिले की गुनौर तहसील क्षेत्र के ही एक और व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के साथ जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब तीन हो गई है। जाँच में कोरोना संक्रमित निकला तीसरा व्यक्ति ग्राम बिलघाड़ी का निवासी है, जिसकी आयु 44 वर्ष बताई जा रही है। दिनांक 11 को यह व्यक्ति कोरोना हॉट स्पॉट बने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से अपने परिवार, रिश्तेदारों एवं अन्य लोगों के साथ के मिनी बस में सवार होकर बिलघाड़ी आया था। तीन दिन पूर्व शनिवार 16 मई गुनौर तहसील क्षेत्र के ही ग्राम घाट सिमरिया निवासी एक 22 वर्षीय युवक की कोरोना जांच पॉजिटिव निकलने पर इसके साथ दिल्ली से वापस लौटने वाले एवं प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आये लोगों के रूप में बिलघाड़ी निवासी उसके रिश्तेदार का सैम्पल लेकर जाँच के लिए भेजा गया। आज सुबह जब इसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की पुष्टि हुई तो जिले के स्वास्थ्य महकमे, प्रशासनिक हल्क़ों तथा गुनौर तहसील क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, एसपी मयंक अवस्थी एवं सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी मौके पर पहुंचे और ग्राम बिलघाड़ी पहुंचे कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित करते हुए कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम हेतु गांव को सील करा दिया।
सांकेतिक फोटो।
कंटेनमेंट क्षेत्र बिलघाड़ी गांव से होकर निकलने वाले पन्ना-गुनौर मुख्य मार्ग सहित सभी इन्ट्री प्वाइंट, अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेटिंग करते हुए निगरानी के लिए पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। ताकि इस इलाके में किस तरह का कोई आवागमन न हो। इसके अलावा बिलघाड़ी वाले कोरोना संक्रमित मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त की गई एवं प्रथम सम्पर्क में आने वाले 8 व्यक्तियों के सैम्पल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए। जिला स्तर से पहुंची आरआरटी टीम द्वारा कोरोना पाॅजिटिव को निर्धारित एम्बुलेन्स के माध्यम से जिला चिकित्सालय में स्थापित कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। सेंटर में उसका उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। यहाँ पूर्व से भर्ती घाट सिमरिया निवासी मरीज वर्तमान में स्वस्थ है। कोविड हेल्थ केयर सेंटर में उपचार के साथ-साथ पौष्टिक आहार एवं स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार गुनौर तहसील के ग्राम घाट सिमरिया में पूर्व में एक पाॅजिटिव व्यक्ति पाया गया था। उसके प्रथम सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों के सेम्पल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला सागर भेजे गए थे। उनमें बिलघाड़ी निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पाॅजिटिव पायी गयी है। यह व्यक्ति सिविल लाईन दिल्ली से पूर्व पाॅजिटिव युवक के साथ यात्रा करके अपने ग्राम 11 मई को पहुंचा था।पन्ना सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी से पूंछा गया कि ग्राम घाट सिमरिया निवासी जिले के दूसरे कोरोना मरीज ने बिलघाड़ी निवासी अपने रिश्तेदार को संक्रमित करने में क्या संवाहक (कोरोना कैरियर) की भूमिका निभाई है तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया।
सांकेतिक फोटो।
गौरतलब है कि बिलघाड़ी में कोरोना पाॅजिटिव केस मिलने के बाद गांव सील कर लोगों को घरों में अघोषित तौर पर कैद किये जाने से उनमें खासी दहशत देखी जा रही है। उधर, जिले की गुनौर तहसील क्षेत्र में तीन दिन में कोरोना का दूसरा मरीज मिलने से तहसील क्षेत्र समेत जिले के लोग महामारी के फैलाव को लेकर खासे चिंतित हैं। दरअसल, दिल्ली से 11 मई को लौटे बिलघाड़ी वाले मरीज होम क्वारंटाइन के नियम का अनुशासन एवं संयम के साथ ईमानदारी से पालन नहीं किया गया। इस मामले में स्थानीय अमले की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसके परिणाम स्वरूप मंगलवार को उक्त कोरोना मरीज होम क्वारंटाइन में मिलने की बजाए कथिततौर पर लोगों बाजार में घूमता दिखा।
सांकेतिक फोटो।
अपुष्ट सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक होम आइसोलेट किया गया उक्त मरीज घर में रहने की जगह बाजार में घूमता नजर आया। बताया जाता है कि वह अपने गांव बिलघाड़ी में तो घूमा ही साथ ही गुनौर तहसील मुख्यालय भी पहुंचा। जहां वह इलाहाबाद बैंक की शाखा में गया। इसके अलावा एक साइकिल दुकान में उसने टायर आदि की खरीदारी की थी। साथ ही गुनौर के एक मेडिकल स्टोर में भी गया था। जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने बैंक सहित साईकिल दुकान और मेडिकल स्टोर को भी सील करा दिया है। यदि प्रवासियों को पूर्व की तरह संस्थागत आइसोलेशन सेंटर में रखा जाता तो वे शायद अन्य लोगों के सम्पर्क में न आ पाते। इससे संक्रमण के फैलाव का खतरा पैदा न होता साथ ही इनके प्रथम सम्पर्क के आधार पर इतने अधिक लोगों के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजने की जरुरत भी न पड़ती। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर तीन होने के साथ ही कंटेनमेंट घोषित क्षेत्र की संख्या भी अब तीन हो गई है।

पन्ना जिले में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर हुई तीन, दिल्ली से साकेत के साथ लौटा बिलघाड़ी ग्राम का एक व्यक्ति जांच में निकला संक्रमित

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पन्ना जिला चिकित्सालय में बनाए गए कोविड-19 वार्डों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। फाइल फोटो

* जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें बिलघाड़ी के लिए हुई रवाना

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में प्रवासियों की वापसी के बीच कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर अब तीन हो गई है। जिले की गुनौर तहसील के ग्राम बिलघाड़ी में रहने वाले एक व्यक्ति के कोरोना सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। सुबह-सुबह इसकी जानकारी मिलते ही पन्ना जिले का प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। बिना किसी देरी के आनन-फानन में जिले के पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी सहित अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की टीमें आगे की कार्रवाई के लिए बिलघाड़ी ग्राम के लिए रवाना हो गईं। कोरोना पॉजिटिव पाए गए भरत त्रिपाठी 44 वर्ष निवासी ग्राम बिलघाड़ी के सम्बंध में जानकारी मिली है कि वह अपने परिवार के साथ कुछ दिन पूर्व दिल्ली से मिनी बस में सवार होकर जिले के दूसरे कोरोना पॉजिटिव मरीज साकेत शर्मा 22 वर्ष निवासी ग्राम घाट सिमरिया के साथ वापस अपने गाँव लौटा था। इसकी पुष्टि पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने की है।
ग्राम घाट सिमरिया साकेत के घर के बाहर मौजूद कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, एसपी मयंक अवस्थी एवं सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी।
उल्लेखनीय है कि साकेत शर्मा उसके बड़े भाई अभिषेक शर्मा देश के कोरोना हॉट स्पॉट इलाके राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से वापस लौटने की जानकारी कथित तौर उनके मोबाइल फोन में इंस्टॉल आरोग्य सेतु एप्प के माध्यम से मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए संदेह के आधार पर 15 मई को दोनों भाईयों के साथ कुल 6 लोगों के सैम्पल कोरोना जाँच हेतु लिए गए थे। शनिवार 16 मई को साकेत शर्मा का सैम्पल पाॅजिटिव पाए जाने पर उसे संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर शासकीय आदिवासी छात्रावास गुनौर में रखा गया और फिर इससे दिन रात्रि में उसे बेहतर उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया था।
सांकेतिक फोटो।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित मरीज साकेत शर्मा की ट्रेवल हिस्ट्री पता करने एवं प्राइमरी कान्टेक्ट (प्रथम सम्पर्क) के रूप में 15 व्यक्तियों का चिन्हांकन किया गया। सेकेण्डरी कान्टेक्ट (दिव्तीय सम्पर्क) के रूप में 5 व्यक्तियों की पहचान की गयी। इनमें 12 लोगों के सेम्पल लेकर कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए थे। इसमें साकेत के साथ दिल्ली से लौटेने वाले भरत त्रिपाठी निवासी 44 वर्ष निवासी ग्राम बिलघाड़ी का सैम्पल शामिल था जोकि जांच में पॉजिटिव निकला है। गौरतलब है कि पन्ना जिले में कोरोना के अब तक सामने आये तीनों मामलों में संक्रमित व्यक्ति प्रवासी हैं। पहला मरीज इस्लाम मुंबई से लौटा था जबकि दूसरा व तीसरा मरीज दिल्ली से वापस आये हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार पिछले एक माह में देश के विभिन्न हिस्सों से जिले में 32 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक एवं प्रवासी व्यक्ति पन्ना जिले में आए हैं और यह सिलसिला निरंतर जारी है।
सांकेतिक फोटो।
देश और प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों चिंताजनक बात यह है कि जिले में बाहर से लौटने वालों में देश में कोरोना के हॉट स्पॉट बने इलाकों से आने वालों की संख्या सैंकड़ों में है। पहले बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग कर उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया जाता था लेकिन अब होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। होम क्वारंटाइन का व्यक्ति द्वारा स्व अनुशासन और संयम के साथ जाने-अनजाने ईमानदारी से पालन न करने से कोरोना संक्रमण के प्रसार का खतरा बढ़ गया है। वहीं पन्ना जिले की गुनौर तहसील में ग्राम घाट सिमरिया के बाद बिलघाड़ी कोरोना का दूसरा केस सामने आने से इलाके के लोग खासे चिंतित हैं।

कोरोना पॉजिटिव मरीज के गाँव को सील कर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग कराई, संक्रमित के सम्पर्क में आए 12 लोगों के सैम्पल जाँच के लिए भेजे

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फाइल फोटो।

* दिल्ली से वापस लौटने के बाद कुछ दिन गांव में रुका था कोरोना मरीज 

* अपने भाई और क्षेत्र के अन्य लोगों के साथ मिनी बस से आया था वापस

* संक्रमित के प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आए लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट का है इंतजार 

* पन्ना कलेक्टर का दावा किसी भी व्यक्ति में कोविड-19 बीमारी के प्रारम्भिक लक्षण नहीं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार को गुनौर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम घाट सिमरिया निवासी युवक के कोरोना संक्रमित होने का पता चलने के बाद जिले का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सिविल लाइन इलाके से मिनी बस में अपने भाई और क्षेत्र के अन्य लोगों के साथ वापस लौटे युवक साकेत शर्मा 22 वर्ष का सैम्पल जांच में कोरोना पाॅजिटिव निकलने पर आनन-फानन में शनिवार 16 मई की रात्रि में ही उसके गाँव घाट सिमरिया को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया गया। एहतियात के तौर पूरे गांव को सील कर वहाँ पुलिस की तैनाती की गई है और लोगों के घरों से बाहर निकलने सख्त रोक लगाते हुए है सभी को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा ग्राम घाट सिमरिया की 3 किलोमीटर की परिधि में आने वाले पंचायत मुख्यालय पुरैना समेत तीन गांवों नैगवाँ, तालगांव को बफर क्षेत्र मानते हुए कोरोना संक्रमण के प्रसार की प्रभावी रोकथाम हेतु कई तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं।
सांकेतिक फोटो।
रविवार 17 मई को सुबह से ग्राम घाट सिमरिया के शत-प्रतिशत लोगों की आरआरटी टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। जबकि शनिवार की रात्रि में ही कोरोना संक्रमित युवक साकेत शर्मा के प्रथम एवं द्वितीय सम्पर्क तथा ट्रेवल हिस्ट्री प्राप्त कर सेम्पलिंग की गयी। साकेत के प्राइमरी कान्टेक्ट के रूप में 15 व्यक्तियों का चिन्हांकन किया गया। सेकेण्डरी कान्टेक्ट के रूप में 5 व्यक्तियों की पहचान की गयी। इनमें 12 लोगों के सेम्पल लेकर जांच हेतु सागर की प्रयोगशाला में भेजे गए।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित मरीज साकेत शर्मा  22 वर्ष के सम्बंध में कथित तौर आमचर्चा है कि वह अपने बड़े भाई एवं क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों के साथ दिल्ली से मिनी बस से प्रस्थान कर 11 मई को दोपहर में सीधा अपने गांव पहुंचा था। इनके साथ मिनी बस में ग्राम माल्हन के 4 लोग, ग्राम बिलघाड़ी के 3 लोग और पड़ोसी जिला सतना का एक व्यक्ति सवार था। साकेत और उसका बड़ा भाई अभिषेक कुछ दिन तक गांव में घर के बाजू में बनीं गौशाला में होम क्वारंटीन पर रहे। कथित तौर उनके मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप्प इंस्टॉल होने से इनके सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग को पता चला और इन सभी का 15 मई को सेम्पल लिया गया। 16 मई को सेम्पल पाॅजिटिव पाए जाने पर मरीज को संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर शासकीय आदिवासी छात्रावास गुनौर में रखा गया। शनिवार 16 मई को ही रात्रि में कोरोना मरीज साकेत शर्मा 22 वर्ष को बेहतर उपचार हेतु गुनौर से पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है। जन चर्चाओं के अनुसार साकेत और उसका भाई दिल्ली के संस्कृत विद्यालय में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ वहां पूजा-पाठ कराने का भी काम करते रहे हैं। बहरहाल गुनौर क्षेत्र समेत जिले के लोगों को साकेत के प्राइमरी कान्टेक्ट में आये जिन 12 लोगों के सैम्पल कोरोना जांच हेतु लिए गए है उनकी रिपोर्ट के नतीजे का इंतजार है।

प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आये 15 व्यक्ति

सांकेतिक फोटो।
दिल्ली से लौटे युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन एवं अमानगंज/गुनौर की स्वास्थ्य टीमों को दी गयी। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी एवं अनुभाग स्तरीय अनुविभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के दल ने पहुंचकर आगामी कार्यवाही करते हुए संक्रमित मरीज के प्रथम एवं द्वितीय सम्पर्क तथा ट्रेवल हिस्ट्री प्राप्त कर सेम्पलिंग की गयी। कोरोना मरीज साकेत के प्राइमरी कान्टेक्ट के रूप में 15 व्यक्तियों का चिन्हांकन किया गया। सेकेण्डरी कान्टेक्ट के रूप में 5 व्यक्तियों की पहचान की गयी। इनमें 12 लोगों के सेम्पल प्राप्त कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। रोगी के ग्राम को क्वारेंटाइन क्षेत्र घोषित कर सभी को घरों में रहने की हिदायत दी गयी। गांव के शत प्रतिशत लोगों की आरआरटी टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि इस केस प्राइमरी कान्टेक्ट के रूप में जिन 12 लोगों के सैम्पल जांच हेतु भजे गए उनमें मरीज के परिजनों के सैम्पल भी शामिल हैं।

बाहर से लौटने वालों को लेकर बढ़ी चिंता

सांकेतिक फोटो।
जिले में लगातार प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य प्रवासी व्यक्तियों के आने का सिलसिला पिछले एक माह से लगातार जारी है। इनमें बड़ी तादाद में लोग पैदल या फिर किसी तरह लिफ्ट ले-लेकर अथवा कई गुना अधिक किराया देकर अपने घर लौटे हैं। कुछ लोग जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे यातायात साधनों से जिले में आ रहे हैं। अब तक करीब 32 हजार प्रवासी व्यक्ति वापस आये हैं। जिले में अब तक सामने आये कोरोना संक्रमण के दोनों ही मामलों में संक्रमित व्यक्ति प्रवासी हैं। इसलिए जिले के लोगों में वापस लौट रहे प्रवासियों को लेकर कोरोना संक्रमण के प्रसार का खतरा बढ़ने की आशंका के चलते गहरी चिंता देखी जा रही है। दरअसल जिले में बड़ी तादाद में प्रवासी श्रमिक एवं प्रवासी व्यक्ति देश के उन स्थानों से लौटे हैं जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सैंकड़ों की तादाद में सामने आए हैं। इसलिए जिले के लोगों का चिंतित होना स्वाभाविक है।
सांकेतिक फोटो।
राहत की बात यह है कि जिले में आने वाले प्रवासी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एवं परीक्षण का कार्य निरंतर किया जा रहा है। जिला मुख्यालय में आने वाले लोगों की तीन जगह और विकासखण्ड मुख्यालयों में पहुंचने वालों की दो जगह स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग करने के उपरांत उन्हें उनके घर पर होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है। जिला प्रशासन का दावा है कि गांव में समय समय पर आरआरटी की टीम इनके स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यकतानुसार उपचार सुविधा मुहैया कराई जा रही है। होम क्वारेंटाइन किए गए प्रत्येक व्यक्ति पर ग्राम अभ्युदय दल के सदस्य, आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता निगरानी रखने के साथ उनकी कठिनाईयों का निराकरण भी कर रहे हैं।

घबराए नहीं साहस के साथ कोरोना वायरस की जंग जीतें : कलेक्टर श्री शर्मा

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कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।

* सोशल डिस्टेन्सिंग पालन करने एवं अतिआवश्यक कार्य होने पर ही मुँह ढंककर बाहर निकलने की अपील

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोविड-19 के विश्व महामारी घोषित होने के बाद प्रदेश को कोरोना वायरस संक्रमित सूची में शामिल होने के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मुस्तैदी से कार्यवाही शुरू कर दी गयी थी। जिले की प्रत्येक सीमा पर चैकपोस्ट स्थापित करने के साथ जिले के बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ उन्हें जिले में प्रत्येक तहसील क्षेत्र में स्थापित किए गए क्वारेंटाइन सेंटरों में रखने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी थी।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के द्वारा की जा रही कार्यवाही की निरंतर समीक्षा एवं निर्देशों के चलते जिले में जैसे ही कोरोना का संदिग्ध मरीज का प्रवेश हुआ उसकी तुरंत सेम्पलिंग कराकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में पाॅजिटिव पाए गए मरीज को तुरंत जिला चिकित्सालय में स्थापित कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कर उसे आवश्यक उपचार, पौष्टिक आहार, मनोरंजन उपलब्ध कराया गया। जिसके चलते एक मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर चला गया है। वहीं दूसरे कोरोना के संदिग्ध मरीज की जांच पाॅजिटिव मिलते ही उसे जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराकर उपचार प्रारंभ कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने शाम 6 बजे कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने के बाद कोविड केयर सेंटर गुनौर पहुंचकर मरीज के प्रथम सम्पर्क एवं द्वितीय सम्पर्क वाले लोगों की सूची रात में ही तैयार कराकर प्रथम सम्पर्क वाले लोगों को कोविड केयर सेंटर लाकर आइसोलेट कराया गया। प्रथम सम्पर्क वाले सभी व्यक्तियों का सेम्पल रात में ही लेने के साथ मरीज के गांव घाट सिमरिया को रात में ही कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित कर पूरे गांव को सेनेटाइज करने के साथ सील कर दिया गया है। उस गांव के शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग कराई गयी है। इसके साथ ही द्वितीय सम्पर्क वाले लोगों की रात में ही पहचान प्रारंभ कराई गयी। इन सभी व्यक्तियों की भी स्क्रीनिंग कराकर उन्हें होम आइसोलेट कराया गया है।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले के नागरिकों से कहा है कि इस समय घबराए नहीं बल्कि साहस के साथ कोरोना वायरस की जंग जीतने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतें एवं शासन-प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षात्मक उपाए करें। आपने लोगों से अति आवश्यक कार्य होने पर ही मुंह ढंककर घर से बाहर निकलने, सोशल-फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करने एवं साबुन से अच्छी तरह कई बार हाथ धोने की अपील की है।