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कोरोना योद्धाओं से वादखिलाफ़ी ! 90 प्रतिशत वेतन की मांग पर आश्वासन पर आश्वासन, अमल कब होगा ?

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मुख्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने जाते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी।

*   प्रदेश के 24 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हो रहे प्रभावित

*   राज्य सरकार ने अपनी बनाई नीति को 3 साल से नहीं किया लागू

*   NHM के संविदा कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपकर लिखित आश्वासन की दिलाई याद

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना महामारी के भीषण प्रकोप के चलते जब हर तरफ हा-हाकार मचा था तब अपनी जान की परवाह न कर और अपने परिजनों के जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन सेवा के धर्म को पूरी निष्ठा-समर्पण तथा ईमनदारी से निभाने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी (कोरोना योद्धा) प्रदेश की शिवराज सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये से दुखी हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन देने, सपोर्ट स्टॉफ़ एवं निष्कासित कर्मचारियों की वापसी एनएचएम में करने को लेकर सरकार की ओर से लगातार आश्वासन पर आश्वासन दिए जा रहे हैं लेकिन उन पर अमल कब होगा यह सवाल बरक़रार है।
राज्य सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठने की वाज़िब वजह भी है, संविदा कर्मचारियों की जायज मांग को दृष्टिगत रखते हुए सरकार के द्वारा 5 जून 2018 को संविदा नीति तो कैबिनेट में पारित की गई लेकिन उसकी अनुशंसाओं को आज तक लागू नहीं किया। जिससे प्रदेश के 24 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। विदित होकि, वर्ष 2021 में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों के निराकरण में हो रहे विलंब से परेशान होकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल को समाप्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग शीर्ष अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि, जून 2021 के दिव्तीय सप्ताह में संविदा नीति पर निर्णय लिया जाएगा। मगर, पिछले करीब 10 माह से लिखित आश्वासन पर भी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है।
इन परिस्थितियों में खुद को छला हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक बार फिर शिवराज सरकार को उसका वादा याद दिलाया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के आव्हान पर पन्ना जिला मुख्यलय में गुरुवार 24 मार्च को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग के नाम पर पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपे गए।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश जिला इकाई पन्ना ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है, कोरोना योद्धाओं को आपदाकाल में उनकी सेवाओं के उपहार स्वरूप संविदा नीति 2018 के अनुसार नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन तत्काल प्रभाव से वित्त विभाग से स्वीकृत कराकर आदेश जारी किये जाएं। आउटसोर्स किये गए सपोर्ट स्टॉफ एवं निष्कासित कर्मचारियों की एनएचएम में वापसी कराकर कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से पन्ना जिलाध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष फिरोज खान, जिला उपाध्यक्ष सजनीश शर्मा, कोषाध्यक्ष बृजकिशोर जड़िया, सपोर्ट स्टॉफ संघ प्रदेश सचिव मुकेश कुमार सहित अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल थे। कर्मचारी नेताओं का कहना है, जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। 

चक्काजाम के बाद अब पैदल मार्च और धरना-प्रदर्शन, परीक्षाएं ओपन बुक माध्यम से कराने छात्र आंदोलित

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गुनौर तहसील कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर धरना देते हुए महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं।

*   पन्ना के बाद अब गुनौर में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने किया जमकर हंगामा

*   पांच किमी. लंबा पैदल मार्च निकालकर तहसील कार्यालय गुनौर में दिया धरना

*   प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने सौंपा ज्ञापन, बोले- अगर मांग नहीं मानी तो नहीं देंगे परीक्षा

*    पन्ना में छात्रों ने आर्ट कॉलेज के सामने स्टेट हाइवे पर किया था चक्काजाम

शादिक खान, पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) कॉलेज की परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार जोर पकड़ रही है। जिले के छात्र-छात्राएं अपने भविष्य से जुड़ी इस मांग को लेकर आंदोलित हो रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की रोकथाम को लेकर पूर्व में लगाई गईं पाबंदियों के कारण कक्षाएं न लगने से कॉलेज स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हुई है, इसलिए अपने भविष्य को लेकर वाज़िब चिंताओं के मद्देनजर छात्र-छात्राओं के द्वारा महाविद्यालयीन परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने और परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की मांग की जा रही है।
गुरुवार 24 मार्च को इस मुद्दे पर जिला मुख्यालय पन्ना के छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कला संकाय भवन के सामने बस स्टैण्ड तिराहा के समीप कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर चक्काजाम किया। वहीं आज विकासखंड मुख्यालय गुनौर में छात्र-छात्राओं ने तेज़ धूप में पांच किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर तहसील कार्यालय गुनौर में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है।
पन्ना में चक्काजाम करने वालों छात्रों ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश शासन का उच्च शिक्षा विभाग महाविद्यालयीन परीक्षाएं ऑफ़लाइन कराना चाहता है, हम इसके लिए भी तैयार है लेकिन हमारे सामने आज जो समस्याएं हैं पहले उन पर गौर किया जाना चाहिए। दरअसल, विडंबना यह है कि कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर के प्रसार की रोकथाम को लेकर पूर्व में लगाई गईं पाबंदियों के चलते कॉलेज में कक्षाएं लगी नहीं और पिछले दो साल कोरोना के कारण परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराए जाने के परिणामस्वरूप इस बार अब तक प्रकाशकों ने सिलेबस में हुए बदलाव अनुसार नई पुस्तकें व सीरीज आदि छापी नहीं है। बाजार में नए सिलेबस के अनुसार पठन-पाठन सामग्री ही उपलब्ध नहीं है।
इन विषम परिस्थितियों में ऑफ़लाइन परीक्षाएं कराने का अव्यवहारिक निर्णय लिए जाने के कारण हम छात्रों के सामने सड़कों पर उतरने के अलावा कोई चारा शेष नहीं बचा। क्योंकि व्यवस्था में बैठे लोग अंधे-गूंगे और बहरे जैसा काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है, ऑफ़लाइन परीक्षाओं को लेकर कोई घबराहट नहीं है लेकिन उसके लिए पहले हमें पाठ्य पुस्तकें आदि सामग्री उपलब्ध कराई जाए और परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाकर तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो फिर परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराई जाएं। उल्लेखनीय है कि, पन्ना में जबर्दस्त नारेबाजी के बीच करीब आधा घण्टे तक चक्काजाम चला।आश्वासन और समझाइश के बाद छात्रों चक्काजाम समाप्त कर दिया।

तहसील कार्यालय में दिया धरना

कॉलेज के छात्र-छात्राओं के आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार 25 मार्च को जिले के गुनौर विकासखण्ड मुख्यालय में जमकर हंगामा हुआ। गुनौर में दोपहर के समय तेज धूप के बीच स्टूडेंट्स ने महाविद्यालय से लेकर तहसील कार्यालय तक करीब 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च किया। इस दौरान आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए जमकर हल्ला बोला। यहां भी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने कॉलेज की परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया। तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने जमीन पर बैठकर सांकेतिक धरना दिया।
.. तो परीक्षा का करेंगे सामूहिक बहिष्कार

गुनौर महाविद्यालय की छात्रा भारती लखेरा व छात्र अनुज पाठक ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण काफी समय तक हमारी कक्षाएं लगी नहीं और बाजार में नए सिलेबस अनुसार पुस्तकें-सीरीज आदि उपलब्ध नहीं है। इस बीच हामरी परीक्षाएं ऑफ़लाइन कराने का मनमाना निर्णय लेते हुए टाइम टेबल घोषित कर दिया गया। इस अव्यवहारिक-अनुचित निर्णय को लेकर स्टूडेंट्स में गहरी नाराजगी व्याप्त है। उनकी मांग है वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराई जाएँ।

वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार आकाश नीरज को ज्ञापन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं।
गुनौर के स्टूडेंट्स ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार आकाश नीरज को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से चर्चा में स्पष्ट चेतावनी दी है, अगर ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से परीक्षाएं नहीं कराई जाती हैं तो हम परीक्षाओं में सम्मलित न होकर सामूहिक बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। इधर, एनएसयूआई के पन्ना जिलाध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार ने छात्रों की जायज मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि एनएसयूआई छात्रों के साथ हर कदम पर मजबूती से खड़ी है। मृगेन्द्र का कहना है, यदि जल्द से जल्द छात्रों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अपेक्षानुरुप निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

एमपी : पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बढ़ने लगी टेंशन, चरणबद्ध आंदोलन का हुआ आग़ाज़

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पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारी नेता।

*    संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर प्रथम चरण में ब्लॉक स्तर पर सौंपे ज्ञापन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव लगभग डेढ़ वर्ष बाद होने जिसे दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों के निराकरण को लेकर आवशयक दवाब बनाने की रणनीति के तहत अभी से हुंकार भरने लगे हैं। प्रदेश भर में महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ-पर्यवेक्षक से लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका अपनी मांगों को लेकर जहां हड़ताल पर हैं, वहीं अब अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा व NMOPS ने प्रांतीय निर्णय के अनुसार कर्मचारियों की सबसे महत्वपूर्ण एक सूत्रीय मॉग पुरानी पेंशन बहाली को लेकर त्रिस्तरीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज कर दिया है।
आंदोलन के प्रथम 23 मार्च को चरण में ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए। उधर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी अंगड़ाई ली है। प्रदेश के 24 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रांतीय आव्हान पर गुरुवार 24 मार्च को मुख्यमंत्री के नाम सभी जिलों में ज्ञापन सौंपकर 5 जून 2018 की नीति अनुसार नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन तत्काल प्रभाव से स्वीकृत कर आदेश जारी करने की मांग की गई।
कुल मिलाकर विधानसभा चुनाव तक अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कर्मचारी संगठन निरंतर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। जिससे एक बात तय है कि, आने वाले कुछ महीनों पर कर्मचारी संगठनों के आंदोलन तेज होने से प्रदेश सरकार की टेंशन बढ़ने वाली है। इसमें भी तमाम मांगों के बीच पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे की गूँज सबसे तेज़ रहने के आसार हैं। दरअसल, इस मांग को लेकर देश के अन्य राज्यों से मिल रहीं सकरात्मक ख़बरों से मध्यप्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी पूरे जोश में हैं। साथ ही इस एक सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारी संगठन गजब की एकजुटता दिखा रहे हैं।

पन्ना में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा व NMOPS की प्रांतीय रणनीति अनुसार त्रिस्तरीय चरण बद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के अन्य जिलों की तरह पन्ना के भी सभी ब्लाकों में बुधवार 23 मार्च को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। पन्ना में ब्लॉक स्तरीय ज्ञापन संयुक्त मोर्चा ब्लॉक पन्ना के अध्यक्ष सतेन्द्र प्रताप सिंह परिहार के प्रतिनिधित्व में अनुविभागीय दण्डाधिकारी पन्ना को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के पन्ना जिलाध्यक्ष क़ष्‍णपाल सिंह यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह परमार, संयोजक कमलेश त्रिपाठी, उप संयोजक विनोद अवस्थी, राजेश मिश्रा, वनकर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप रावत, हेमंत सिंह परमार, आशीष रैकवार, लक्ष्मी कांत यादव, पटवारी संघ अध्यक्ष विमल यादव, आंगनवाड़ी जिलाध्यक्ष प्रिया द्विवेदी एवं उनकी पूरी टीम सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ये रहीं मुख्य मांगें
संयुक्त मोर्चा के द्वारा पन्ना ब्लॉक के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख है, जनवरी 2005 से बंद मध्यप्रदेश के समस्त पुरानी पेंशन विहीन अधिकारी कर्मचारियों को म.प्र.सिविल सेवा पेंशन अधिनियम 1976 के अनुसार जस की तस पुरानी पेंशन की बहाली की जाए। नवीन शैक्षणिक संवर्ग में पेंशन ग्रेज्युटी, क्रमोन्नति, सहित अन्य लाभ के लिए वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति दिनॉक से मान्य की जाए। उपरोक्त बिंदुओं पर शासन-प्रशासन से यथा शीघ्र समयसीमा में निर्णायक-अपेक्षाकृत एवं संतोषप्रद शासनादेश जारी करने का आग्रह किया गया है। साथ ही मॉग पूर्ण न होने की स्थिति में मोर्चा द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी देकर आगाह भी किया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने पत्रकारों से चर्चा में बताया अगर हमारी मांगें पूर्ण नहीं हुई तो हम 27 मार्च को जिला स्तरीय प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेगे। अगले चरण में 3 अप्रैल को प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन में हम किसी भी हद तक आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते है, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।

भाजपा नेत्री को होटल में मिलने बुलाया, फिर अकेले में बोला…आयोग का सदस्य बनवा दूंगा और टिकिट भी दिलवा दूंगा… मगर, 25 लाख खर्च करना होगा और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने पड़ेंगे

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रिपोर्ट लिखाने के बाद कोतवाली थाना पन्ना से बाहर आती भाजपा की महिला पदाधिकारी एवं पार्टी के नेतागण।

*    टिकिट सर्वे के नाम पर रुपए ऐंठने और ब्लैकमेल करने का प्रयास

*    महिला नेत्री ने लिखाई रिपोर्ट, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

*    आरोपी भाजयुमो कार्यकर्ता भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क का हवाला दे रहा था

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां भारतीय जनता पार्टी की महिला पदाधिकारी को बड़ा पद दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति के द्वारा 20 से 25 लाख रुपये की मांग की गई साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के कुछ नेताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी भारतीय जनता पार्टी के टिकिट का सर्वे करने और पार्टी के बड़े नेताओं से अच्छे संपर्क होने का हवाला देकर महिला नेत्री से ठगी करने का प्रयास कर रहा था। जिसमें असफल रहने पर आरोपी ने महिला नेत्री के साथ मारपीट-छेड़छाड़ करते हुए ब्लैकमेल करने की धमकी दी गई।
महिला नेत्री ने भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम एवं अन्य लोगों के साथ पन्ना कोतवाली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने छेड़छाड़-मारपीट और अनुसूचित जाति-जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम सहित अनेक धाराओं में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पकड़ा गया आरोपी कृष्णा सिंह ग्वालियर जिले के डबरा का निवासी है। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा का कार्यकर्ता है। कृष्णा सिंह पन्ना के एक निजी होटल में ठहरा था। उसने दिनांक 21 मार्च को दोपहर में करीब 12 बजे महिला नेत्री को कॉल कर बताया कि वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी की ओर से अनुसूचित जाति की महिला को आयोग का सदस्य बनाने और विधानसभा टिकिट के लिए सर्वे कर रहा है। महिला नेत्री की राजनीतिक महत्वकांक्षा के संबंध में जानकारी होने की बात कहकर शातिर कृष्णा ने उसे होटल में अकेले मिलने के लिए बुलाया। आरोपी के बुलाने पर वह शाम को मिलने पहुंची थी। महिला नेत्री के साथ अजय गुप्ता, जितेन्द्र रजक एवं कुछ अन्य लोग थे। आरोपी ने कमरे के अंदर बुलाया लेकिन महिला ने अंदर जाने से मना कर दिया। कृष्णा सिंह ने कहा कई लोग साथ आए हैं बातचीत कैसे हो पाएगी, चर्चा गोपनीय होने के चलते महिला ने अपने साथियों को थोड़ा दूर जाने को कहा।
इस बीच अकेले में आरोपी ने बोला, आपको किसी आयोग का सदस्य बनवा दूँगा और विधानसभा का टिकिट भी दिलवा दूंगा बशर्ते 20 से 25 लाख रुपए खर्च करने होंगे साथ ही मेरे बताए राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने होंगे। महिला नेत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध जताया तो आरोपी गाली-गलौंज-मारपीट और छेड़छाड़ करने लगा। आनन-फानन महिला ने आवाज देकर अपने साथियों को बुलाकर किसी तरह खुद को बचाया। साथ ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम को मोबाइल पर कॉल कर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। सतानंद तुरंत मौके पर आ गए और उनके सामने कृष्णा ने धमकी देते हुए कहा, यदि तुमने मुझे पांच लाख रुपए नहीं दिए तो मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा। उल्लेखनीय है कि, महिला ने पुलिस को बताया, मैंने पार्टी के कुछ लोगों से संपर्क किया तो भाजपा नेत्रियों ने बताया कि उक्त आरोपी ने उन्हें भी इस तरह के प्रलोभन वाले फोन कॉल किए थे।
भाजपा की महिला पदाधिकारी से छेड़खानी और मारपीट कर रुपए मांगने वाले आरोपी कृष्णा सिंह को पुलिस ने पन्ना के एक निजी होटल से हिरासत में लिया।
महिला नेत्री ने सतानंद गौतम एवं अन्य लोगों के साथ पन्ना कोतवाली थाना पहुंचकर अपनी रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने आरोपी कृष्णा सिंह के विरुद्ध आईपीसी की धारा 354, 327, 294, 323, 506 एवं अनुसूचित जाति-जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम अंतर्गत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार की रात में ही आरोपी कृष्णा सिंह को हिरासत में ले लिया था। हालांकि अभी तक उसे न्यायालय में पेश नहीं किया गया।
बता दें कि, एसडीओपी पन्ना एस. बारीवा से जब पकड़े गए आरोपी की प्रोफ़ाइल पूछीं तो उन्होंने सिर्फ इतना ही बताया कि वह डबरा का रहने वाला है। आरोपी के राजनैतिक बैकग्राउंड के संबंध में कुछ भी बोलने से उन्होंने साफ़ इंकार कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि हमें सिर्फ घटित अपराध से मतलब वह किस दल से जुड़ा इससे कोई वास्ता नहीं। श्री बारीवा ने एक सवाल के जबाव में बताया कि आरोपी कृष्णा सिंह को गुरुवार 24 मार्च को न्यायालय में पेश किया जाएगा। दरअसल, प्रकरण सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की महिला पदाधिकारी से जुड़ा है इसलिए खुलकर कुछ भी बताने से परहेज करते पुलिस अधिकारी के इस रुख और टिप्पणी में निहित उनकी विवश्ता को भली-भांति समझा जा सकता है।

कुआंताल मेला : पन्ना की गौरवशाली विरासत को समृद्ध स्वरूप में आगे बढ़ाने मेला की व्यवस्थाओं पर जोर

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पन्ना के बनौली ग्राम में कुआंताल मेला के आयोजन हेतु कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।

*    कलेक्टर ने बनौली में बैठक लेकर अधिकारियों को सौंपी सफल बनाने की जिम्मेदारी

*    ड्रोन और सीसीटीव्ही कैमरा से होगी मेला की निगरानी, शराब एवं नशा पर रहेगा प्रतिबंध

पन्ना। (www.radarnews.in) चैत्र नवरात्र पर्व के अवसर पर पन्ना जिले के पवई विकासखण्ड अंतर्गत बनौली ग्राम में लगने वाला कुआंताल मेला बुंदेलखण्ड अंचल के बड़े और प्रमुख मेलों में शामिल है। कोरोना वायरस संक्रमण की लहर समाप्त होने के बाद इस वर्ष वृहद स्वरूप में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध कुआंताल मेला के सफल आयोजन के लिए पन्ना जिला प्रशासन ने अभी से आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में बुधवार 23 मार्च को सुबह पन्ना से 100 किलोमीटर दूर ग्राम बनौली (मेला क्षेत्र) में कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों एवं मेला समिति की बैठक ली।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मेला आयोजन की रूपरेखा निर्धारित की गई। आगामी 8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चलने वाले कुआंताल मेला की आवश्यक व्यवस्थाएं करने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपकर मेला को सफल बनाने की अपील भी की गई। बैठक में पर क्षेत्रीय (पवई) विधायक प्रह्लाद लोधी, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर संबंधित विभाग के जिला और विकासखण्ड अधिकारियों और ग्राम पंचायत सरपंच की उपस्थिति में मेला आयोजन के लिए सौंपे गए दायित्वों के संबंध में चर्चा की।
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि कुआंताल मेला पन्ना की विरासत है। यह इसके गौरव को बनाए रखने और इसे समृद्ध स्वरूप में आगे बढ़ाने का अवसर है। इसमें सभी सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। मेला स्थल पर शासकीय विभागों के लिए निर्धारित स्थान पर विभागीय स्टॉल लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान सहायक संचालक उद्यान को वन विभाग के समन्वय से पौधों की व्यवस्था करने, जनअभियान परिषद को वालंटियर की तैनाती, ऊर्जा विभाग को सोलर लाइट लगाने एवं बिजली के खम्भों को व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट करने, वन विभाग को वन उत्पाद के विक्रय, लोक निर्माण एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को सड़क और पहुंच मार्ग दुरूस्त कराने, पीएचई को कुओं की सफाई और वॉटर टेस्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती के संबंध में भी चर्चा हुई।

खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता  की होगी जांच 

कलेक्टर श्री मिश्र ने कहा कि मेला में दो प्रवेश द्वार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रवेश स्थल पर आकर्षक फोटोग्राफ एवं कटआउट के साथ हेल्पलाइन नम्बर डिस्प्ले करें। मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय स्थापित कर पृथक से अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के संबंध में भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त दुकानदार के पंजीयन, वाहन स्टैण्ड, पार्किंग, फायर बिग्रेड, चलित शौचालय, सीसीटीव्ही कैमरा की व्यवस्था, शराब एवं अन्य नशा पर प्रतिबंध लगाने तथा खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता चेक करने के लिए निर्देशित किया गया।उन्होंने कहा कि कुआंताल मेला में सेक्टरवार समन्वय के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं। इसी तरह मेला स्थल पर लगने वाले झूलों का प्रतिदिन रूटीन मेंटेनेंस की व्यवस्था की जाए। मेला की निगरानी ड्रोन कैमरा के माध्यम से करने का निर्णय भी लिया गया। कलेक्टर ने कहा कि विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव तैयार करें।

स्वास्थ्य सेवाएं और सफाई व्यवस्था हो बेहतर

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने कहा कि इस बार कोविड की लहर समाप्त होने के कारण मेला में श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में पहुंचने की संभावना है। इसके अतिरिक्त जिले के बाहर और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि मेला में शामिल होंगे। इसलिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय सीमा में सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र में दवाईओं सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती, एम्बुलेंस, ओआरएस और ग्रीष्मकाल में लू से बचाव की दवाई उपलब्ध रहे। मेला स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग बूथ की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मेला परिसर में कचरा की सफाई और डस्टबिन की उचित व्यवस्था होना चाहिए। पुलिस विभाग द्वारा हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाएगा।

विधायक ने सहयोग के लिए जताया आभार

पवई विधायक प्रह्लाद लोधी ने मेला आयोजन के लिए जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग की प्रशंसा कर आभार जताया और सभी से मेले के सफल आयोजन के लिए सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेला स्थल में साफ-सफाई और कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की समुचित व्यवस्था जरूरी है। जिला कलेक्टर द्वारा विधायक को मेला आयोजन के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया।

फसल की नरवाई जलाने पर लगा प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

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*     जिला दण्डाधिकारी ने जनहित और पर्यावरण सुरक्षा हेतु लगाया प्रतिबंध

*     भूसा तैयार करवाने सहमत होने पर हार्वेस्टर से करवा सकेंगे फसल कटाई

पन्ना।(www.radarnews.in) कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पन्ना संजय कुमार मिश्र ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत तत्काल प्रभाव से पन्ना जिले में गेहूं और अन्य फसलों के डंठलों (नरवाई) में आग लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में गेहूं की फसल कटाई का कार्य मुख्यतः कम्बाइन्ड हार्वेस्टर द्वारा किया जाता है और कटाई के बाद बचे हुए गेहूं के डंठलों (नरवाई) से भूसा नहीं बनाकर इसे जलाया जाता है, जबकि भूसे की आवश्यकता पशु आहार के साथ ही अन्य वैकल्पिक रूप में की जा सकती है।
भूसा का उपयोग ईंट भट्टा सहित अन्य उद्योगों में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त भूसे की मांग अन्य जिलों और प्रदेश में रहती है। पर्याप्त मात्रा में भूसा-पैरा उपलब्ध न होने के कारण पशु अन्य हानिकारक पदार्थ जैसे पॉलिथीन इत्यादि खाकर बीमार होते हैं और अनेक बार मृत्यु के कारण पशुधन की हानि भी होती है। नरवाई का भूसा कुछ माह बाद दोगुनी दर पर विक्रय होने के कारण किसानों को यही भूसा बढ़ी हुई दर पर क्रय करना पड़ता है।

अग्नि दुर्घटना का बढ़ जाता है खतरा

उपरोक्त परिस्थितियों के अतिरिक्त नरवाई में आग लगाना कृषि के लिए नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके कारण गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटना होने से संपत्ति की हानि भी होती है। ग्रीष्मकाल में बढ़ते जल संकट में बढ़ोत्तरी का कारक होने के साथ ही कानून-व्यवस्था के लिए विपरीत परिस्थितियां निर्मित होती हैं। इसके अलावा खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जन, धन, संपत्ति, प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जन्तु नष्ट होने से व्यापक नुकसान भी होता है।

फसल की पैदावार होती है प्रभावित

नरवाई जलाने से खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होने के कारण खेत की उर्वरा शक्ति घट जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा नष्ट करने जैसा है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

आईपीसी की धारा 188 के तहत होगी कार्रवाई

जिला दण्डाधिकारी द्वारा उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत जनसामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण की हानि रोकने तथा लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक कम्बाइन्ड हार्वेस्टर के साथ भूसा तैयार करने के लिए स्ट्रा-रीपर अनिवार्य रूप से रखने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह संबंधित कृषक द्वारा स्ट्रा-रीपर से भूसा तैयार करने के लिए सहमत होने पर ही हार्वेस्टर से फसल की कटाई की जा सकेगी। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत दण्डनीय कार्यवाही होगी।

क्राइम न्यूज़ : खाना न मिलने पर हैवान बना चाचा, आठ साल के भतीजे का बेरहमी से किया क़त्ल

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फाइल फोटो।

*    पन्ना के रैपुरा थाना अंतर्गत सामने आई हत्या की जघन्य वारदात

*    बच्चे के पिता ने अपने चचेरे भाई को खाना देने से किया था इंकार

*    पुलिस ने फरार आरोपी को 24 घण्टे के अंदर किया गिरफ्तार

*    जिले में 48 घण्टे के अंदर हत्या की दो वारदातों से फैली सनसनी

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक दहलाने वाली वारदात सामने आई है। यहां रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पटना ग्राम में शनिवार को रिश्ते के चाचा ने कथित तौर पर खाना न मिलने के चलते हैवानियत दिखाते हुए आठ साल के अपने भतीजे की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने हंसिया से बच्चे के शरीर पर कई प्राणघातक प्रहार करके शव को क्षत-विक्षत कर दिया। दरिंदगी का शिकार बने बालक अनिल आदिवासी के खून से लथपथ शव को जिसने भी देखा उसका कलेजा कांप उठा। विचलित करने वाली इस घटना की खबर आने के बाद से रैपुरा क्षेत्र में शोक और रोष का माहौल है। जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस की टीमों तत्परता से कार्रवाई करते हुए 24 घण्टे के अंदर आज गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रैपुरा थाना के ग्राम पटना निवासी कल्याण सिंह आदिवासी उर्फ़ कल्लू के ताऊ जी के बेटे की पत्नी कुछ समय पूर्व अपने मायके चली गई थी, इसलिए कल्लू कुछ दिनों से अपने चचेरे बड़े भाई को खाना खिला रहा था। शनिवार 19 मार्च की सुबह बड़े भाई ने जब खाना माँगा तो कल्लू ने उसे रोज-रोज खाना देने से साफ़ इंकार कर दिया। वहीं भतीजे अनिल को खाना खाते हुए देखकर उसने अपने छोटे भाई कल्लू से कहा तुमने इसे तो खाना दिया है, इस पर कल्लू ने जवाब दिया वह मेरा बेटा है। इसी बात को लेकर दोनों चचेरे भाइयों के बीच कहासुनी हो गई।
कुछ देर बाद जब मामला शांत हो गया तो कल्लू बीड़ी लेने के लिए गांव की किराना दुकान की तरफ चला गया। उधर, कथित अपमान से बौखलाए बड़े भाई को अपने छोटे भाई का रवैया इस कदर नागवार गुजरा कि उसने कल्लू से बदला लेने लिए मौका देखकर शनिवार सुबह लगभग 10 बजे उसके बेटे अनिल के ऊपर हंसिया से कातिलाना प्रहार कर दिया। खून से लथपथ अनिल चींखता-चिल्लाता और गिड़गिताता रहा लेकिन निर्दयी चाचा को उस निर्दोष बालक पर जरा भी रहम नहीं आया। आरोपी ने बड़ी ही बेरहमी से एक के बाद एक कई प्रहार कर उसे मार डाला।
आसपास मौजूद लोग चींख-पुकार सुनकर जब मौके पर पहुंचे तो हत्यारोपी वहां से भाग निकला। रैपुरा थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक घनश्याम मिश्रा ने बताया कि बड़ी ही निर्ममता के साथ बच्चे की हत्या की गई है। उसके शरीर पर कई जगह गहरे घाव के निशान हैं। इस सनसनीखेज जघन्य घटना पर पुलिस के द्वारा हत्या का मामला दर्ज कर सरगर्मी से आरोपी की तलाश शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीमों ने तत्परता से चौतरफा घेराबंदी करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश देकर हत्यारोपी को रविवार 20 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की पूंछतांछ में और मेमोरेंडम कथन दर्ज कराते हुए अपना गुनाह कबूल किया है। रैपुरा थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा ने बताया, आरोपी के कब्जे से हत्या की वारदात में प्रयुक्त हंसिया और घटना के समय पहने गए कपड़ों में मृतक के खून के धब्बे लगे होने पर कपड़ों को जप्त किया गया।
बेरहमी से भतीजे की हत्या करने वाले आरोपी को रैपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त हंसिया और उसके कपड़े जब्त किए।
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले में होली के त्यौहार के समय महज 48 घण्टे के अंदर जघन्य हत्या की यह दूसरी सनसनीखेज वारदात है। इसके पूर्व कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर के हीरा खदान क्षेत्र में होलिका दहन की रात गुरुवार 17 मार्च को करीब 11 बजे हत्या की पहली वारदात को अंजाम दिया गया था। जहां कथित तौर पर जुआ में हार-जीत को लेकर जुआरियों के बीच हुए विवाद के चलते ग्राम हरदुआ निवासी देवेन्द्र अहिरवार पिता सियाराम अहिरवार 24 वर्ष की चाकू से हमला कर हत्या नृशंस कर दी गई थी। इस हत्याकाण्ड में गांधी ग्राम निवासी बहेलिया समुदाय के तीन व्यक्तियों की संलिप्तता होने की चर्चा है।

वारदात : जुआ के विवाद में ली जान, चाक़ू से हमला कर नवयुवक की हत्या

वारदात : जुआ के विवाद में ली जान, चाक़ू से हमला कर नवयुवक की हत्या

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देवेन्द्र अहिरवार के शव को वाहन में रखकर पोस्टमार्टम के लिए पन्ना ले जाते शोक संतृप्त परिजन।

*    पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर की घटना

पन्ना।(www.radarnews.in) कोतवाली थाना पन्ना अंतर्गत ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर के हीरा खदान क्षेत्र में गुरुवार रात एक नव युवक की चाक़ू से हमला कर दी गई। मध्य रात्रि में पुलिस जब वहां पहुंची तो खून से लथपथ युवक का शव मौके पर पड़ा मिला। सनसनीखेज वारदात को लेकर चर्चा है, जुआ में हार-जीत को लेकर हुए विवाद में नव युवक देवेन्द्र अहिरवार पिता सियाराम अहिरवार 24 वर्ष की चाकू से कातिलाना हमला कर हत्या कर दी गई। दलित युवक की जघन्य हत्या के आरोप में कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने गांधी ग्राम निवासी बहेलिया समुदाय के तीन व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं, पुलिस के द्वारा सरगर्मी से उनकी तलाश की जा रही है।
जिला मुख्यालय पन्ना के समीपी ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर के हीरा खदान क्षेत्र में होलिका दहन की रात गुरुवार 17 मार्च को लगभग 11 बजे जुआ का फड़ जमा था। जिसमें देवेन्द्र अहिरवार पिता सियाराम अहिरवार 24 वर्ष निवासी हरदुआ व अन्य व्यक्ति जुआ खेल रहे थे। कथित तौर पर जुआ में रुपयों की हार-जीत को लेकर देवेन्द्र की गांधी ग्राम निवासी चूहा उर्फ़ इतवार सिंह पिता विजय बहेलिया और उसके दो अन्य साथियों से कहासुनी हो गई। घटनाक्रम को लेकर गांव में चर्चा है कि, विवाद बढ़ने पर उनके बीच मारपीट हुई और इस दौरान चूहा उर्फ़ इतवार सिंह व उसके साथियों ने एक राय होकर देवेन्द्र के ऊपर चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत गई। हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले। गांव के बाहर सूनसान इलाके में हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने की भनक स्थानीय ग्रामीणों को कुछ ही देर बाद लग गई। आनन-फानन घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
घटनास्थल पर मृतक देवेन्द्र अहिरवार के शव के समीप बैठे परिजन और हत्याकाण्ड से जुड़े साक्ष्य संकलित करते पुलिसकर्मी।
मध्य रात्रि में पन्ना से पुलिस जब ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर पहुंची तो घटनास्थल पर देवेन्द्र अहिरवार का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। पुलिस को मौके से शराब की बोतलें, ताश के पत्ते और मृतक के एक पैर का जूता आदि मिला है। आशंका जताई जा रही है जुआ खेलने के दौरान जुआरियों के द्वारा जमकर शराबखोरी की गई और इसी दौरान उनके बीच आपस में विवाद होने पर दलित युवक देवेन्द्र अहिरवार का बेरहमी से क़त्ल दिया गया। रात में नृशंस हत्या की वारदात होने से शुक्रवार को ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर समेत आसपास के इलाके में होली का त्यौहार फीका रहा। हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में गम और गुस्से के बीच लोगों ने होली का पर्व बेहद सादगी/शालीनता के साथ मनाया। वहीं शुक्रवार को पंचनामा आदि कार्यवाही के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। फरार हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस के द्वारा उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कही जा रही है।

वन विभाग की बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगवाने किसानों ने पूर्व मंत्री महदेले से की मांग

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वन विभाग की बेदखली की कार्रवाई को रुकवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री कुसुम सिंह महेदेले से मुलाकात कर उन्हें आवेदन पत्र सौंपा।

*    एकतरफा कार्रवाई के चलते बेघर हो सकते हैं गरीब किसान

*    कई दशकों से काबिज किसानों के पास मौजूद हैं भूमि के पट्टे

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) तहसील पन्ना के इंटवाखास के हारमौहाई निवासी ग्रामीण जनों ने पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सुश्री कुसुम सिंह महेदेले से मुलाकात कर वन विभाग द्वारा काबिज जमींन से बेदखली की कार्यवाही रूकवाये जाने संबंधी मांग की है। ग्रामीण जनों ने बताया कि वे सभी भूमिहीन गरीब किसान है हारमौहाई में स्थित जमीन के खसरे पर खेती कर अपने और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हुये वही मकान बनाकर निवासरत है। पटवारी द्वारा नापकर जमींन को राजस्व भूमि बताया गया है किंतु उसी भूमि को वन विभाग अपनी जमींन बताकर फसलों को उजाड़ते हुये नर्सरी बनवा रहा है। जिससे 10-15 किसानों के परिवारों के लिये भूखों मरने की नौबत आ गई है। प्रभावित 10 किसानों के नाम खसरा वर्ष 1993-94 में दर्ज है जिस पर जुर्मानें की रसीद भी उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बाद भी वन विभाग द्वारा गरीब किसानों की सुनवाई किये बगैर उन्हें भूमि से बेदखल किया जा रहा है।
वन विभाग की एकतरफा कार्रवाई से प्रभावित किसान अपने परिवार के साथ मंगलवार को पन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने सफरबाग स्थित पूर्व मंत्री कुसुम सिंह महदेले से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। ग्रामीणों ने बताया पूर्व में उनके द्वारा पन्ना कलेक्टर, क्षेत्रीय विधायक एवं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह से न्याय की गुहार लगाकर बेदखली की कार्यवाही रुकवाने की मांग की गई थी। लेकिन उत्तर वन मण्डल पन्ना के अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है, वन अमले ने इस बीच उनके कच्चे घर भी तोड़ दिए।
हारमौहाई में दशकों से काबिज पट्टेधारी किसानों को वन विभाग के द्वारा बेदखल किए जाने के मुद्दे पर पूर्व मंत्री कुसुम सिंह महेदेले ने पन्ना कलेक्टर से बात की।
कई दशकों से काबिज भूमि से गरीब किसानों को बेदखल किए जाने पर उनके बेघर होने की त्रासदी के मद्देनजर पूर्व मंत्री सुश्री महदेले ने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से मोबाइल पर बात कर उनसे इस प्रकरण में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई। साथ ही ग्रामीणों का पक्ष सहानुभूति पूर्वक सुनकर न्याय देने के लिए कलेक्टर श्री मिश्र के समक्ष प्रभावितों को पुनः भेजा गया। पूर्व मंत्री से मुलाक़ात करने वाले पीड़ित ग्रामीणों में छोटे लाल गड़ारी, अनिल कुमार पाल, नंदीलाल कढ़ोरी, छल्लू ऊर्फ रामप्रसाद, रामायण दास, वृंदावन, विश्राम, खुशी लाल, अनाड़ी लाल आदि शामिल हैं।

एमपी : लोकायुक्त पुलिस ने एसडीओ फॉरेस्ट को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने आज टीकमगढ़ में एसडीओ फॉरेस्ट (लाल घेरे में) को वनपाल से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।

*   विभागीय जांच को पक्ष में करने के एवज में वनपाल से मांगी थी रिश्वत

*   सागर लोकायुक्त की टीम ने टीकमगढ़ में ट्रैप कार्रवाई को दिया अंजाम

सागर/टीकमगढ़। (www.radarnews.in) वनपाल से दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उप वन मण्डलाधिकारी टीकमगढ़ (एसडीओ फॉरेस्ट) गोपाल सिंह मुवेल को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने गिरफ्तार किया है। ट्रैप कार्रवाई को सिविल लाइन टीकमगढ़ स्थित एसडीओ फॉरेस्ट के शासकीय आवास पर सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया। एसडीओ फॉरेस्ट ने वनपाल रामसेवक अहिरवार की विभागीय जांच को उसके पक्ष में करने के एवज में उससे रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने वन विभाग के अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। एसडीओ फॉरेस्ट को घूस लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करने की खबर आते ही आज टीकमगढ़ के वन मण्डल कार्यालय समेत प्रशासनिक हलकों में जबर्दस्त हड़कंप मच गया। महज कुछ दिन के अंतराल में टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह दूसरी ट्रैप कार्रवाई है। इसके पूर्व एक पटवारी को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था।
लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि, टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेेत्र के आहार सर्किल में पदस्थ वनपाल रामसेवक अहिरवार 59 वर्ष निवासी भगत नगर कालोनी के विरुद्ध किसी ने शिकायत की थी। इस प्रकरण की जांच उप वन मण्डलाधिकारी टीकमगढ़ गोपाल सिंह मुवेल कर रहे थे। विभागीय जांच को वनपाल रामसेवक अहिरवार के पक्ष में करने के लिए उप वन मंडल अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। जिससे परेशान होकर वनपाल रामसेवक अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के कार्यालय में लिखित शिकायत की। शिकायत की तस्दीक करने के लिए लोकायुक्त कार्यालय से ने वनपाल को एक टेप रिकार्डर दिया और उसमें रिश्वत की मांग संबंधी बातचीत रिकार्ड करने को कहा गया। दोनों के बीच हुई चर्चा में सोमवार 14 मार्च को रुपए देना तय हुआ। शिकायत की तस्दीक होने के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के मार्गदर्शन में उप वन मंडलाधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया गया।
पूर्व चर्चा अनुसार आज वनपाल रामसेवक अहिरवार रुपये देने एसडीओ फ़ॉरेस्ट के सिविल लाइन स्थित शासकीय आवास पहुंचा, जहां पर वनपाल ने 10 हजार रुपये के कैमिकल युक्त नोट गोपाल सिंह मुवेल को देते ही कुछ इशारा किया तभी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश देकर एसडीओ फॉरेस्ट को हिरासत में ले लिया। तुरंत आरोपित के हाथ धुलवाए गए जिनसे घूस में लिए गए नोटों पर लगा कैमिकल लाल रंग में निकला। लोकायुक्त पुलिस के द्वारा आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे है। यह ट्रैप कार्रवाई डीएसपी राजेश खेड़े के नेतृत्व में की गई जिसमें निरीक्षक अभिषेक वर्मा, निरीक्षक राेशनी जैन सहित लोकायुक्त पुलिस सागर का अन्य स्टॉफ शामिल रहा। उल्लेखनीय है कि, लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने कुछ दिन पूर्व टीकमगढ़ में एक अन्य ट्रैप कार्रवाई कर पटवारी कन्हैयालाल मोगिया को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।