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सत्ता के दमन के खिलाफ पत्रकारों ने भरी हुंकार, संघर्ष का फूंका बिगुल

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सीधी जिले में पत्रकार के साथ हुई अमानवीय घटना के विरोध स्वरूप पन्ना में कलेक्टर संजय कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपते हुए जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जम्प) के पदाधिकारी एवं सदस्यगण।

*   सीधी की अमानवीय घटना को लेकर मीडिया जगत में आक्रोश

*   पन्ना मे जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

*   दोषी थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग

*   पत्रकार के साथ पुलिस की बर्बरता ने बढ़ती तानाशाही प्रवृत्ति को किया उजागर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के सीधी जिले में भाजपा विधायक के खिलाफ खबर प्रकाशित/ प्रसारित करने वाले पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेकर उत्पीड़न एवं अमानवीय बर्ताव करने की घटना सामने आने के बाद से देशभर के पत्रकारों में जबर्दस्त आक्रोश व्याप्त है। सत्ता का सरंक्षण प्राप्त पुलिस के द्वारा वर्दी का रौब दिखाते हुए आंतक के बल पर पत्रकारों को चुप कराने के कृत्य की चौतरफा कड़ी निंदा की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार 8 अप्रैल को पन्ना में सीधी की घटना के विरोध स्वरूप तथा दोषी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ मध्य प्रदेश (जम्प) जिला इकाई पन्ना के द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र तहत को एक ज्ञापन सौंपा गया।

सत्ता के संरक्षण मे किया जा रहा उत्पीड़न

ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मध्य प्रदेश के साथ-साथ देश भर में मीडिया कर्मियों के बढ़ते दमन को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए इस स्थिति को असहनीय बताया है। तानाशाही की मानसिकता वाले सत्तासीनों के द्वारा पत्रकारों पर झूठे प्रकरण दर्ज कराके, जेल भेज कर, हिंसा या अन्य दूसरे हथकंडों की जरिये प्रताड़ित करके लोकतंत्र को लगातार कमजोर करने का अक्षम्य अपराध किया जा रहा है। ज्ञापन मे बताया गया है कि, सत्ता के सरंक्षण मे स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया के दमन बढ़ती घटनाओं से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल हो रही है।
निरंकुश तानाशाही चरित्र वाले सत्तसीनों के द्वारा पुलिस के आतंक के बल पर असहमति रखने वालों, शासन-प्रशासन एवं सत्तसीनों की नाकामियों, जनविरोधी नीतियों को उजागर करने वालों और सवाल पूंछने वालों को फर्जी मामलों में गिरफ्तार कर चुप कराया जा रहा है। मध्यप्रदेश और देश में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, दमन और फर्जी आपराधिक प्रकरणों ने मीडिया की आजादी को बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। कई बार यह भी देखने में आया है कि “जो पत्रकार सरकार से सवाल करते हैं उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का अभियान चलाया जाता है। इतना ही नहीं कई बार तो महिला पत्रकारों अथवा पत्रकारों के परिवारजनों को बलात्कार या हत्या जैसी धमकियां भी दी जाती हैं।“ पत्रकारों के तेजी से बढ़ते उत्पीड़न से समूचा पत्रकार जगत चिंतित और परेशान है।

स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए लगातार बढ़ रहा खतरा

लोकतंत्र के अघोषित चौथे स्तम्भ के क्रूरता पूर्वक दमन की प्रवृत्ति हाल के कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश समेत देश के अनेक राज्यों में बेहद चिंताजनक तेज़ी से बढ़ रही है। फलस्वरूप अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संगठन पोलीस प्रोजेक्ट के रिसर्च में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि, भारत में पत्रकारों को फर्जी मामलों में गिरफ्तारी से लेकर हत्या तक कई तरह की हिंसा झेलनी पड़ी है जिस कारण भारत में पत्रकारिता एक खतरनाक पेशा बन गया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की एक रिपोर्ट में भी भारत को पत्रकारिता के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में शामिल किया गया था। जोकि मीडिया स्वतंत्रता की खराब स्थिति को जाहिर करता है। देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्वतंत्र व निष्पक्ष मीडिया का होना अनिवार्य है। सत्ता को जवाबदेह बनाने वाला स्वतंत्र व निष्पक्ष मीडिया तभी सम्भव है जब समस्त पत्रकारों को बगैर किसी भेदभाव के ईमानदारी से कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए। जिससे वे अपना कार्य पूरी निर्भीकता के साथ कर सकें।

पन्ना मे भी दर्ज किए गये फर्जी प्रकरण !

उल्लेखनीय है कि, मध्यप्रदेश के सीधी की तर्ज पर पन्ना जिले में भी बीते दो वर्षों में वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार एम.एस.खान, रामबिहारी गोस्वामी एवं रजनीश नामदेव के खिलाफ सत्ताधारी दल के नेताओं-जनप्रतिनिधियों के इशारे पर फर्जी प्रकरण पंजीबद्ध करके प्रताड़ित करने का कार्य किया गया है। अभी हाल ही में जिले की शाहनगर तहसील अंतर्गत पत्रकार चनजीत बंजारा को पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक शिशिर बाबू मण्डल के द्वारा झूठे केस में फ़ंसाने की धमकी दी गई। जिससे पीड़ित पत्रकार और उसका परिवार अत्यंत ही भयभीत है।

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए

जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जम्प) का कहना है, सीधी जिले के पत्रकार कनिष्क तिवारी के साथ पुलिस हिरासत में क्रूरता, अमानवीयता कर मानवाधिकारों का माखौल उड़ाने, राजनैतिक आकाओं को खुश करने के लिए पद का दुरूपयोग कर पत्रकार को प्रताड़ित और अपमानित करने वाले थाना प्रभारी और पुलिस वालों के अपराध की प्रकृति एवं गंभीरता के मद्देनजर उन्हें लाइन अटैच करने मात्र की कार्यवाही नाकाफी है। जम्प ने मांग की है कि, उक्त घटना के थाना में समय ड्यूटी पर तैनात रहे समस्त पुलिस कर्मियों तथा थाना प्रभारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए। सभी दोषियों को शासकीय सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही की जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित पत्रकार को उसकी मानहानि का उचित मुआवजा दिलाया जाए।
पन्ना जिले के पत्रकारों के विरुद्ध पूर्व में दर्ज फर्जी मामलों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा फर्जी प्रकरण पंजीबद्ध करने वाले एवं पत्रकार को धमकाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के लिए मध्य प्रदेश मे पत्रकार सुरक्षा क़ानून को लागू किया जाए। पत्रकारों के खिलाफ प्राप्त वाली शिकायतों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कमेटी से जांच कराने के बाद ही आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया को सत्ता के दमन चक्र से बचाने के लिए अन्य जरूरी कदम उठाए जाएं।

… तो आंदोलन करने को होगें मजबूर

सीधी की घटना के विरोध स्वरूप जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जम्प) जिला इकाई पन्ना के द्वारा ज्ञापन की प्रति कलेक्टर के माध्यम से अध्यक्ष मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग भोपाल एवं मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन को प्रेषित की गई है। इसके अलाव पुलिस अधीक्षक पन्ना के माध्यम से प्रदेश के गृह मंत्री एवं पुलिस महानिदेशक भोपाल को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु ज्ञापन की प्रति प्रेषित की गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जम्प के पन्ना जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, महासचिव सादिक खान, वरिष्ठ पत्रकार बालकृष्ण शर्मा, महबूब अली, अमित खरे, एम.एस. खान, प्रेस क्लब पन्ना से मुकेश विश्वकर्मा, टाइगर खान, शिव किशोर पाण्डेय, ऋषि मिश्रा, आसिफ खान, संदीप पाण्डेय, फूल सिंह त्यागी, कादिर खान, इदरीश खान, भानू गुप्ता, मनीष सारस्वत, नन्दू राजा, सौरभ साहू, रामऔतार विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, इरशाद खान, लक्ष्मी नारायण चिरौल्या, बलराम व्यास, राम बिहारी गोस्वामी, राजेश रावत, कैलाश रैकवार सहित अन्य पत्रकार साथी शामिल रहे। जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जम्प) ने ऐलान किया है ज्ञापन मे उल्लेखित मांगों पर यदि शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की गई तो स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को बचाने के लिए जम्प के प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार खिलावन चंद्राकर जी के नेतृत्व समूचे मध्य प्रदेश में लोकतांत्रित तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
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सड़क हादसा : ट्रैक्टर-ट्राली और कार की भीषण टक्कर, दादा व पोते की दर्दनाक मौत

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पन्ना जिला चिकित्सालय में घायलों से हादसे के संबंध में जानकारी प्राप्त करते पुलिसकर्मी।

*    नेशनल हाइवे क्रमांक-39 पर पन्ना के समीप हुआ दुखद हादसा

*    हादसे में कार सवार 3 व्यक्ति घायल, महिला की हालत गंभीर

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना अंतर्गत सोमवार 4 अप्रैल की शाम नेशनल हाइवे क्रमांक-39 पन्ना-छतरपुर मार्ग पर एक भीषण हादसा हुआ। जिसमें ट्रैक्टर-ट्राली और आल्टो कार की भिड़ंत हो गई। हादसे में कार सवार पांच में से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन व्यक्ति घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में शामिल महिला की हालत गंभीर बनीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले के टटम ग्राम निवासी एक परिवार ऑल्टो कार में सवार होकर वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पन्ना आ रहा था। तभी रास्ते में पन्ना के नजदीक तेज रफ्तार कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत गई। जिससे कार सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क दुर्घटना की जानकारी लगते ही पन्ना कोतवाली थाना पुलिस, हंड्रेड डायल एवं एम्बुलेंस मौके पर पहुँची। सभी घायलों को आनन-फानन उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत दो लोगों, अवधेश प्रताप सिंह 62 वर्ष एवं यशराज सिंह 5 वर्ष निवासी टटम को मृत घोषित कर दिया। मृतक रिश्ते में दादा और पोता बताए जा रहे हैं। हादसे में तीन व्यक्तियों को चोटें आई हैं। घायलों में शामिल महिला की हालत गंभीर बनीं है। पन्ना से महज छः किलोमीटर दूर छतरपुर मार्ग पर हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे के सभी घायलों का जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया।
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सेवानिवृत्त होने पर प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

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वरिष्ठ उपयंत्री के.पी. नामदेव के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें फूलमाला पहनाकर और शाल-श्रीफल भेंट कर भावभीनी विदाई देते जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण।

*  जल संसाधन संभाग पन्ना के वरिष्ठ उपयंत्री केशव प्रसाद नामदेव सेवानिवृत्त हुए

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जल संसाधन संभाग पन्ना के वरिष्ठ उपयंत्री केशव प्रसाद नामदेव 31 मार्च 2022 को अपनी अधिवार्षिकीय आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर जल संसाधन कार्यालय पन्ना में कार्यक्रम आयोजित कर विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम में जल संसाधन मण्डल छतरपुर के अधीक्षण यंत्री धीरेन्द्र कुमार खरे, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना सतीश शर्मा, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पवई उमा गुप्ता सहित विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने वरिष्ठ उपयंत्री के.पी. नामदेव को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर श्रीमती नामदेव भी उपस्थित रहीं।
जल संसाधन मंडल छतरपुर के अधीक्षण यंत्री धीरेन्द्र कुमार खरे व कार्यपालन यंत्री पन्ना सतीश शर्मा के द्वारा उपयंत्री श्री नामदेव को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि, केशव प्रसाद नामदेव आत्मज रामरतन नामदेव मूल निवास हटा जिला दमोह 2 दिसंबर 1983 को उपयंत्री के पद पर नियुक्ति के पश्चात तवा परियोजना संभाग इटारसी, जल संसाधन विभाग दमोह, महान नहर संभाग सीधी एवं जल संसाधन संभाग पन्ना में अपने पद एवं दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवानिवृत्त हो रहे हैं। श्री नामदेव ने इस अवधि में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण दक्षता, लगन एवं निष्ठा से शासकीय हित में निष्पादित किए हैं। उन्होंने सदैव अपने अधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति सदैव पूर्ण सहयोग एवं सामंजस्य स्थापित करते हुए विषम परिस्थितियों में साथ देते हुए सराहनीय कार्य किया है।
विदाई समारोह को संबोधित करते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने वरिष्ठ उपयंत्री के.पी. नामदेव के सहज-सरल, विनम्र एवं सहयोगी स्वाभाव की प्रशंसा की साथ ही शासकीय सेवा से निवृत्त होने के पश्चात जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देकर उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए कामना की है। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ उपयंत्री श्री नामदेव ने शासकीय सेवा से जुड़े अपने रोचक अनुभव साझा किये। सेवाकाल में मिले स्नेह व सहयोग के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को आश्वस्त किया कि, मैं शासकीय सेवा से निवृत्त हुआ हूँ लेकिन आप सभी लोगों से जीवन पर्यन्त जीवंत सम्पर्क कायम रखूँगा।
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खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने देश भर में एक हज़ार खेलो इंडिया सेण्टर खुलेंगे

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खेल महोत्सव में विजेता टीम को नगद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित करते केन्द्रीय गृह और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक।

*   केन्द्रीय गृह और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक ने दी जानकारी

*   एमपी में 44 खेलो इंडिया सेण्टर और नेशनल सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की होगी स्थापना

*   पन्ना में सांसद ट्रॉफी खेल महोत्सव के भव्य समापन समारोह में शामिल हुए श्री प्रामाणिक

*   खेलो इंडिया सेण्टर पन्ना में भी खुलेगा केन्द्रीय राज्य मंत्री ने मंच से की घोषणा

पन्ना। (www.radarnews.in) खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए देश भर में एक हजार खेलो इंडिया सेन्टर की स्थापना होगी। इनमें मध्य प्रदेश के 44 सेन्टर शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और एक नेशनल सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी होगी। खेल को बढ़ावा देने के लिए खेल महाविद्यालय भी खोले जाएंगे। मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में भी खेलो इंडिया सेन्टर खोला जाएगा। यह बात केन्द्रीय गृह और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक ने शनिवार को पन्ना के नजरबाग मैदान में खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत सांसद ट्रॉफी खेल महोत्सव के समापन अवसर पर कही।
श्री प्रामाणिक खेल महोत्सव के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सांसद के विशेष प्रयास से यह गरिमामय खेल आयोजन संभव हुआ है। इस तरह के खेल आयोजन की प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से गांव और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को खेल में हुनर प्रदर्शन कर आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी भी खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए कटिबद्ध हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री प्रामाणिक ने कहा कि, वर्तमान में खेल-कूद के प्रति युवाओं का रूझान बढ़ा है। खेल में आगे बढ़कर युवा अपना भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। पन्ना में फुटबॉल एकेडमी खुलने पर खेल सामग्री और प्रशिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में भविष्य में सांसद खेल प्रतियोगिता आयोजित करवाउंगा। उन्होंने खिलाड़ियों को सभी खेल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने हिन्दू नववर्ष की बधाई देते हुए भविष्य में छोटे खेल कार्यक्रम में पन्ना आने का भरोसा दिया।

ग्रामीण क्षेत्र के खिलड़ियों ने नाम रोशन किया

केन्द्रीय राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक ने पन्ना में सांसद ट्रॉफी खेल महोत्सव समापन के भव्य समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, खेल महोत्सव में खिलाड़ियों ने गर्मी के मौसम के बावजूद भरपूर ऊर्जा के साथ अपने खेल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खजुराहो लोक सभा क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराएंगीं। विगत ओलम्पिक खेल में मीरा बाई चानू, नीरज चोपड़ा, पी.व्ही. संधु जैसे खिलाड़ियों ने भी छोटे शहर और गांव का नाम देश-विदेश में रोशन किया है। ओलंपिक और पैरालंपिक स्पर्धा में ज्यादातर खिलाड़ी ग्रामीण क्षेत्र से रहे हैं। खिलाड़ियों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का परिणाम है कि इस बार के ओलंपिक और पैरालंपिक में अब तक सबसे ज्यादा पदक प्राप्त हुए हैं।

होनहार खिलाड़ियों को खेल अकादमी में मिलेगा प्रशिक्षण

प्रभारी मंत्री श्री रामकिशारे कावरे ने कहा कि खेल को बढ़ावा देने का यह प्रयास सराहनीय है। युवाओं को खेल प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से टीम भावना और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया। खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पन्ना जिला मुख्यालय में खेल महोत्सव का समापन सौभाग्य की बात है। पन्ना जिले में सभी परम्परागत खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। सांसद ट्रॉफी के माध्यम से अपने खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल अकादमी में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

बॉलीबॉल और फुटबॉल की प्रतियोगिता होगी आयोजित

सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने खेल महोत्सव के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि पन्ना में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए केन्द्रीय खेल राज्य मंत्री का आगमन गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार केन्द्र सरकार द्वारा खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। गांव-गांव से बेहतर खिलाड़ियों को उचित अवसर उपलब्ध कराकर आगे बढ़ाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड आर्थिक तरक्की में पीछे होने के बावजूद खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों की क्षमता प्रदर्शन की बदौलत हमेशा आगे रहा है। उन्होंने कहा कि खजुराहो में साई सेन्टर और कटनी में खेल कॉम्पलेक्स की आवश्यकता है। आगामी अक्टूबर माह में बॉलीबॉल और फुटबॉल की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने खिलाड़ियों और कोच के लिए फिजियोथैरेपिस्ट की नियुक्ति करने की बात कही।

8 खेलों के लिए 6,700 खिलाड़ियों ने करवाया था पंजीयन

कार्यक्रम की शुरूआत में तीन जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक फ्लैग मार्च का प्रदर्शन किया। पन्ना जिले की टीम में खिलाड़ी हरे रंग, छतरपुर की सफेद और कटनी की केसरिया रंग की पोशाक में शामिल हुए। फ्लैग कमाण्डर द्वारा मुख्य अतिथि को सलामी दी गई। अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया गया। इस दौरान बैंड की मधुर धुन भी बजाई गई। खेल महोत्सव में 6 हजार 700 खिलाड़ियों ने मण्डल स्तर पर पंजीयन करवाया था। प्रतियोगिता में कुल 8 खेल शामिल किए गए थे। खेल महोत्सव में विजेता टीम को 51 हजार और उप विजेता टीम को 21 हजार रूपये के नगद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रह्लाद लोधी, चंदला विधायक राजेश प्रजापति, ललिता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव, कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, सतानंद गौतम, राजेश वर्मा, सुशील त्रिपाठी, दुर्गेश शिवहरे सहित खेल प्रेमी जनता और गणमान्य नागरिक एवं आमजन मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल का दिखा व्यापक असर

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देशव्यापी हड़ताल के दौरान हीरा खनन परियोजना मझगवां में एमपीआरएचकेएमएस (इंटक) के बैनर तले प्रदर्शन करते कर्मचारी।

*    पन्ना की हीरा खनन परियोजना में दोनों दिन प्रभावित रहा कामकाज

*    दूरसंचार विभाग, बैंकों और एलआईसी में रही बंद जैसी स्थिति से लोग हुए परेशान

*    श्रमिक संघों ने कामगार विरोधी, जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों पर केन्द्र के खिलाफ हल्ला बोला

*    भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बनाई दूरी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की दो दिन (28 एवं 29 मार्च 2022) की देशव्यापी हड़ताल का देशभर में व्यापक असर देखने को मिला। मध्यप्रदेश का पन्ना जिला भी इस हड़ताल के असर से अछूता नहीं रहा। मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा और यहां हीरा खनन परियोजना समेत दूरसंचार विभाग, एलआईसी एवं कुछ बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। हड़ताल के पहले दिन सोमवार 28 मार्च को भी लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। दो दिवसीय हड़ताल के दौरान एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना, मझगवां (पन्ना) के श्रमिक संघ मध्यप्रदेश राष्ट्रीय हीरा खनि मजदूर संघ (इंटक) के महामंत्री समर बहादुर सिंह के नेतृत्व में परियोजना के हड़ताली कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार की कामगार (श्रमिक) विरोधी, जनविरोधी, राष्ट्र विरोधी और किसान विरोधी नीतियों पर जमकर हल्ला बोला। साथ ही सार्वजानिक उपक्रमों के निजीकरण/विनिवेश को तत्काल प्रभाव से बंद करने की पुरजोर मांग की गई।
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के चलते पन्ना में भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय, भारतीय जीवन बीमा निगम एवं यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों में कामकाज लगभग ठप्प रहा। इन प्रतिष्ठानों के श्रमिक संघों ने भी केन्द्र सरकार की प्राइवेटाइजेशन को लेकर चल रही तैयारियों की कड़ा विरोध किया। और लगातार तेजी से बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की गई। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और बैंकों के कुछ यूनियन्स के शामिल न होने के बावजूद पन्ना जिले में दो दिवसीय हड़ताल सफल रही।

मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लो

हीरा खनन परियोजना के श्रमिक संघ एमपीआरएचकेएमएस (इंटक) के द्वारा ट्रेड यूनियन की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करने संबंधी सूचना पत्र संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह की ओर से पूर्व में मुख्य महाप्रबंधक, हीरा खनन परियोजना मझगवां जिला पन्ना को सौंपा था। जिसमें हड़ताल के प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया गया है। एमपीआरएचकेएमएस (इंटक) की मांग है, देश के सार्वजानिक उपक्रमों में विनिवेश व निजीकरण तुरंत बंद किया जाए। 44 श्रम कानूनों को ख़त्म करके बनाई गई मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) का निर्णय वापस लिया जाए। एनआईएसपी नगरनार संयत्र के डीमर्जर विनिवेशीकरण को बंद करो। कृषि विरोधी-किसान विरोधी काले कानूनों को निरस्त करने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा रखीं गई 6 सूत्रीय मांगों को स्वीकार किया जाए। आयकर का भुगतान न करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रतिमाह 7500/- रुपए की खाद्य और आय सहायता दी जाए। मनरेगा का आवंटन बढ़ाते हुए शहरी क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी वाली इस योजना का विस्तार करें। आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, मध्यान्ह भोजन एवं अन्य योजना की कार्यकर्ताओं सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने सहित कुल 14 मांगें ज्ञापन में शामिल हैं।

एलआईसी कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे

केन्द्र सरकार के तानाशाही पूर्ण रवैये एवं श्रमिक विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते पन्ना में एलआईसी के श्रमिक संघ भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के आव्हान पर बीमा कर्मचारी 28 एवं 29 मार्च को दोनों ही दिन कामबंद हड़ताल पर रहे। जिसके चलते बीमा धारकों/ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ पन्ना के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि हड़ताल के कारण हमारे ग्राहकों को होने वाली असुविधा का हमें खेद है लेकिन यह दो दिवसीय हड़ताल व्यापक जनहित और राष्ट्रहित में है। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों से देश को बर्बाद होने से बचाने के लिए यह संघर्ष बेहद जरुरी हो गया है। आपने कहा कि, लगातार तेजी से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण से आज देश का प्रत्येक नागरिक बुरी तरह प्रभावित है। अगर इसे तुरंत रोका नहीं गया तो हम सबको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

ये रहीं मुख्य मांगें –

भारतीय बीमा कर्मचारी संघ पन्ना ने दो दिवसीय हड़ताल के दौरान प्रदर्शन कर जिन मांगों को प्रमुखता से उठाया है उनमें, लगातार बढ़ती महंगाई से बेहाल देशवासियों को तुरंत राहत देने, राष्ट्रहित में सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण बंद करने, कामगार हित न्यूनतम वेतन 26000/-रुपए करने, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, सार्वजनिक क्षेत्रों में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं में टैक्स कम करने, किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और 44 श्रम कानूनों को समाप्त न करना आदि शामिल है। हड़ताल में भारतीय बीमा कर्मचारी संघ पन्ना के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष पुष्कर शर्मा, सचिव एनसी बाईन, सचिव अमरीश तिवारी, कोषाध्यक्ष दीपेश गुप्ता, ध्यानेश पांडे, मुकेश दुबे, कामरेड मुनीम सिंह, रंजीत मिर्धा, ममता जड़िया। सपना यादव, अंजली सोनी एवं अन्य साथीगण शामिल रहे।

 

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सरकारी गृह प्रवेश : जिले के 18 हजार पीएम आवासों में कराया जायेगा सामूहिक गृह प्रवेश

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सांकेतिक चित्र।

*   जिले की अजयगढ़ जनपद के नरदहा ग्राम में 29 मार्च को होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के 18 हजार आवासों मे कराया जायेगा सामूहिक गृह प्रवेश प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत जिले मे विगत वर्षों में पूर्ण हुये लगभग 18 हजार आवासों मे 29 मार्च को सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया गया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम अजयगढ़ जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत नरदहा में सम्पन्न होगा जिसमें राज्य के केबिनेट मंत्री खनिज साधन एवं श्रम बृजेन्द्र प्रताप सिह उपस्थित होंगे।
जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति मे कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इस संबंध मे राज्य स्तरीय कार्यक्रम छतरपुर जिले मे आयोजित है जिसमे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित होंगे एवं प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति वर्चुअल माध्यम से रहेगी, कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत मे की गई है।
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र के मार्गदर्शन मे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालागुरू के. द्वारा समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं सर्व संबंधितों को गृह प्रवेश कार्यक्रम समारोह पूर्वक मनाने के निर्देश जारी किये गये। उल्लेखनीय है कि, मंगलवार 29 मार्च को पन्ना जिले के जिन 18 हजार प्रधानमंत्री आवासों में सरकारी गृह प्रवेश कराया जाना है उनमें से अधिकांश में हितग्राही एवं उनका परिवार पहले से ही निवास कर रहा है। अर्थात हितग्राही अपने स्तर पर काफी पहले ही गृह प्रवेश कर चुके हैं।
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ग्राम पंचायत पुराना पन्ना की प्रधान पद से पृथक, उप सरपंच को सौंपा प्रभार

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  •   योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर की गई कार्रवाई

पन्ना।(www.radarnews.in) कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने जनपद पंचायत सीईओ पन्ना के प्रतिवेदन पर म.प्र. पंचायत अधिनियम की धारा 87 के तहत ग्राम पंचायत पुराना पन्ना की प्रशासकीय समिति प्रधान (सरपंच) राबिया खातून को पद से पृथक कर तत्कालीन उप सरपंच संजय यादव को अस्थाई तौर पर प्रभार सौंपा है। इसके साथ ही एसडीएम पन्ना को पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप स्थानापन्न प्रधान, प्रशासकीय समिति की नियुक्ति के लिए आगामी कार्यवाही के निर्देश दिए है।
विदित हो कि जनपद पंचायत पन्ना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रधान राबिया खातून को निर्देशित करने के उपरांत भी शासन की महात्वांकाक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई है। इसके अलावा पदीय कर्तव्यों के अनुकूल और लोकहित में नहीं होने के बाबजूद भी स्वयं के स्वार्थ के लिए जनसामान्य को कार्य नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।
जनपद पंचायत सीईओ द्वारा ग्राम पंचायत पुराना पन्ना में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सामुदायिक स्वच्छता परिसर की स्वीकृति के बाद ग्राम पंचायत को 1 लाख 5 हजार रूपये प्रदान किए गए थे। पंचायत के सचिव और सेक्टर उपयंत्री ने प्रतिवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया था कि प्रधान राबिया खातून द्वारा सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण में रूचि नहीं ली जा रही है तथा कार्य करने वाले श्रमिकों को कार्य करने से मना किया जाता है। जनपद पंचायत सीईओ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर प्रधान को तीन बार चेतावनी पत्र जारी किया गया। इसके बावजूद भी पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करने और उक्त कृत्य लोकहित में नहीं होने के कारण राबिया खातून के विरूद्ध पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन प्रेषित किया गया था।
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छतरपुर वन मण्डल में भड़की आक्रोश की आग पन्ना के जंगलों तक पहुंची !

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फाइल फोटो।

*   डीएफओ छतरपुर हटाओ आंदोलन के समर्थन में आए पन्ना के वनकर्मी

*   सामूहिक रूप से अनिश्चित कालीन अवकाश पर गया दक्षिण वन मण्डल पन्ना का मैदानी अमला

*   टाइगर रिजर्व और उत्तर वन मण्डल पन्ना के वनकर्मी भी जा सकते सामूहिक अवकाश पर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के छतरपुर वन मण्डल के विवादित डीएफओ को हटाने की मांग को लेकर जारी आंदोलन लगातार वृहद रूप ले रहा है। छतरपुर वन अमले की डीएफओ हटाओ मुहिम को एक और जहां स्थानीय स्तर व्यापक जन समर्थन मिल रहा है, तो वहीं अपने साथियों पक्ष में एकजुटता प्रदर्शित कर संघर्ष को अधिक मजबूती प्रदान करने पड़ोसी जिला पन्ना के वनकर्मी आंदोलन में कूद पड़े हैं। छतरपुर वन मण्डल के समस्त कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के समर्थन में पन्ना के दक्षिण वन मण्डल का मैदानी अमला शनिवार 26 मार्च से सामूहिक रूप से अवकाश पर चला गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व एवं उत्तर वन मण्डल पन्ना के वनकर्मी भी जल्द ही सामूहिक रूप से अवकाश लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके अलावा दोनों वन मण्डलों (उत्तर-दक्षिण) के समस्त वन परिक्षेत्राधिकारी भी इसी राह पर चल सकते हैं। इन परिस्थितियों जिले दक्षिण वन मण्डल क्षेत्र अंतर्गत वनों एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और चुनौती काफी बढ़ गई है। अगर यह गतिरोध जल्द ही समाप्त नहीं हुआ तो तेंदूपत्ता का शाखकर्तन कार्य, ग्रीष्म ऋतु में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम, बहुमूल्य वन सम्पदा की सुरक्षा कैसे संभव होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
वन वृत्त छतरपुर अंतर्गत आने वाले छतरपुर एवं पन्ना जिले में वनकर्मियों के द्वारा सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की स्थिति निर्मित होने लिए राजधानी भोपाल बैठे वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया जा रहा है। मालूम होकि, वन मण्डल छतरपुर में पदस्थ वनमण्डलाधिकारी अनुराग कुमार की कथित दमनकारी कार्यशैली के विरोध स्वरूप मैदानी वन कर्मचारी दिनांक 01 फरवरी 2022 सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इससे पैदा हालात को देखते हुए भोपाल से अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन-II) ने छतरपुर आकर वनकर्मियों को वापस काम पर लाने के लिए पहल करते हुए भरोसा दिलाया था, डीएफओ अनुराग कुमार का स्थानांतरण करवा दिया जाएगा। उन्होंने मौखिक तौर पर स्पष्ट किया था यदि अनुराग कुमार पुनः प्रभार संभालते हैं तो आप हड़ताल पर जाने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। मामला शांत होने पर वनकर्मियों के साथ छलावा करते हुए अनुराग कुमार को दिनांक 21 मार्च 2022 को पुनः पद पर बैठा दिया।

डीएफओ के हटने तक जारी रहेगा अवकाश

विवादित डीएफओ के साथ कथित तौर पर प्रशासन के खड़े होने से वनकर्मियों में जबर्दस्त असंतोष-आक्रोश व्याप्त है। इस निर्णय के विरोध स्वरूप छतरपुर वन मण्डल के मैदानी अमले के हड़ताल पर जाने के कारण लगातार बिगड़ रहे हालात को संभालने के लिए पड़ोसी जिला पन्ना के वनकर्मियों की ड्यूटी वनमण्डल छतरपुर में लगाई जा रही है। मुख्य वन संरक्षक के इस फैसले नाराज दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वनकर्मी छतरपुर के अपने साथियों के समर्थन में शनिवार 26 मार्च से सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल पन्ना को भेजे गए सामूहिक अवकाश के आवेदन पत्र में वनकर्मियों ने स्पष्ट उल्लेख किया है, वनमण्डलाधिकारी छतरपुर अनुराग कुमार के स्थानांतरण तक वे अवकाश पर जा रहे हैं। इस अवधि में अगर वन सुरक्षा, वन्यप्राणी एवं अग्नि दुर्घटनाएं घटित होती हैं तो उसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

वृत्त के सभी जिलों के वनकर्मी अवकाश पर जाएंगे

महीप कुमार रावत, जिलाध्यक्ष, वन कर्मचारी संघ, पन्ना।
वन कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष पन्ना महीप कुमार रावत ने बताया कि छतरपुर के अपने साथियों के मान-सम्मान-स्वाभिमान एवं हितों की रक्षा के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व एवं उत्तर वन मण्डल पन्ना के वनकर्मी से लेकर उप वन क्षेत्रपाल स्तर के सभी मैदानी कर्मचारी दक्षिण वन मण्डल की तरह सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय शीघ्र ले सकते हैं। श्री रावत ने उम्मीद जताई है, छतरपुर वृत्त अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के वनकर्मी बहुत जल्द छतरपुर के अपने साथियों के समर्थन में सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला ले सकते हैं। सभी जिलों के वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी इस दिशा में आवश्यक प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि, छतरपुर के प्रकरण को लेकर वृत्त के सभी जिलों का मैदानी वन अमला आहत और आक्रोशित है।
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कोरोना योद्धाओं से वादखिलाफ़ी ! 90 प्रतिशत वेतन की मांग पर आश्वासन पर आश्वासन, अमल कब होगा ?

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मुख्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने जाते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी।

*   प्रदेश के 24 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हो रहे प्रभावित

*   राज्य सरकार ने अपनी बनाई नीति को 3 साल से नहीं किया लागू

*   NHM के संविदा कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपकर लिखित आश्वासन की दिलाई याद

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना महामारी के भीषण प्रकोप के चलते जब हर तरफ हा-हाकार मचा था तब अपनी जान की परवाह न कर और अपने परिजनों के जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन सेवा के धर्म को पूरी निष्ठा-समर्पण तथा ईमनदारी से निभाने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी (कोरोना योद्धा) प्रदेश की शिवराज सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये से दुखी हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन देने, सपोर्ट स्टॉफ़ एवं निष्कासित कर्मचारियों की वापसी एनएचएम में करने को लेकर सरकार की ओर से लगातार आश्वासन पर आश्वासन दिए जा रहे हैं लेकिन उन पर अमल कब होगा यह सवाल बरक़रार है।
राज्य सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठने की वाज़िब वजह भी है, संविदा कर्मचारियों की जायज मांग को दृष्टिगत रखते हुए सरकार के द्वारा 5 जून 2018 को संविदा नीति तो कैबिनेट में पारित की गई लेकिन उसकी अनुशंसाओं को आज तक लागू नहीं किया। जिससे प्रदेश के 24 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। विदित होकि, वर्ष 2021 में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों के निराकरण में हो रहे विलंब से परेशान होकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल को समाप्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग शीर्ष अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि, जून 2021 के दिव्तीय सप्ताह में संविदा नीति पर निर्णय लिया जाएगा। मगर, पिछले करीब 10 माह से लिखित आश्वासन पर भी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है।
इन परिस्थितियों में खुद को छला हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक बार फिर शिवराज सरकार को उसका वादा याद दिलाया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के आव्हान पर पन्ना जिला मुख्यलय में गुरुवार 24 मार्च को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग के नाम पर पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपे गए।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश जिला इकाई पन्ना ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है, कोरोना योद्धाओं को आपदाकाल में उनकी सेवाओं के उपहार स्वरूप संविदा नीति 2018 के अनुसार नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन तत्काल प्रभाव से वित्त विभाग से स्वीकृत कराकर आदेश जारी किये जाएं। आउटसोर्स किये गए सपोर्ट स्टॉफ एवं निष्कासित कर्मचारियों की एनएचएम में वापसी कराकर कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से पन्ना जिलाध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष फिरोज खान, जिला उपाध्यक्ष सजनीश शर्मा, कोषाध्यक्ष बृजकिशोर जड़िया, सपोर्ट स्टॉफ संघ प्रदेश सचिव मुकेश कुमार सहित अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल थे। कर्मचारी नेताओं का कहना है, जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। 
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चक्काजाम के बाद अब पैदल मार्च और धरना-प्रदर्शन, परीक्षाएं ओपन बुक माध्यम से कराने छात्र आंदोलित

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गुनौर तहसील कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर धरना देते हुए महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं।

*   पन्ना के बाद अब गुनौर में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने किया जमकर हंगामा

*   पांच किमी. लंबा पैदल मार्च निकालकर तहसील कार्यालय गुनौर में दिया धरना

*   प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने सौंपा ज्ञापन, बोले- अगर मांग नहीं मानी तो नहीं देंगे परीक्षा

*    पन्ना में छात्रों ने आर्ट कॉलेज के सामने स्टेट हाइवे पर किया था चक्काजाम

शादिक खान, पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) कॉलेज की परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार जोर पकड़ रही है। जिले के छात्र-छात्राएं अपने भविष्य से जुड़ी इस मांग को लेकर आंदोलित हो रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की रोकथाम को लेकर पूर्व में लगाई गईं पाबंदियों के कारण कक्षाएं न लगने से कॉलेज स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हुई है, इसलिए अपने भविष्य को लेकर वाज़िब चिंताओं के मद्देनजर छात्र-छात्राओं के द्वारा महाविद्यालयीन परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने और परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की मांग की जा रही है।
गुरुवार 24 मार्च को इस मुद्दे पर जिला मुख्यालय पन्ना के छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कला संकाय भवन के सामने बस स्टैण्ड तिराहा के समीप कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर चक्काजाम किया। वहीं आज विकासखंड मुख्यालय गुनौर में छात्र-छात्राओं ने तेज़ धूप में पांच किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर तहसील कार्यालय गुनौर में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है।
पन्ना में चक्काजाम करने वालों छात्रों ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश शासन का उच्च शिक्षा विभाग महाविद्यालयीन परीक्षाएं ऑफ़लाइन कराना चाहता है, हम इसके लिए भी तैयार है लेकिन हमारे सामने आज जो समस्याएं हैं पहले उन पर गौर किया जाना चाहिए। दरअसल, विडंबना यह है कि कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर के प्रसार की रोकथाम को लेकर पूर्व में लगाई गईं पाबंदियों के चलते कॉलेज में कक्षाएं लगी नहीं और पिछले दो साल कोरोना के कारण परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराए जाने के परिणामस्वरूप इस बार अब तक प्रकाशकों ने सिलेबस में हुए बदलाव अनुसार नई पुस्तकें व सीरीज आदि छापी नहीं है। बाजार में नए सिलेबस के अनुसार पठन-पाठन सामग्री ही उपलब्ध नहीं है।
इन विषम परिस्थितियों में ऑफ़लाइन परीक्षाएं कराने का अव्यवहारिक निर्णय लिए जाने के कारण हम छात्रों के सामने सड़कों पर उतरने के अलावा कोई चारा शेष नहीं बचा। क्योंकि व्यवस्था में बैठे लोग अंधे-गूंगे और बहरे जैसा काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है, ऑफ़लाइन परीक्षाओं को लेकर कोई घबराहट नहीं है लेकिन उसके लिए पहले हमें पाठ्य पुस्तकें आदि सामग्री उपलब्ध कराई जाए और परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाकर तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो फिर परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराई जाएं। उल्लेखनीय है कि, पन्ना में जबर्दस्त नारेबाजी के बीच करीब आधा घण्टे तक चक्काजाम चला।आश्वासन और समझाइश के बाद छात्रों चक्काजाम समाप्त कर दिया।

तहसील कार्यालय में दिया धरना

कॉलेज के छात्र-छात्राओं के आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार 25 मार्च को जिले के गुनौर विकासखण्ड मुख्यालय में जमकर हंगामा हुआ। गुनौर में दोपहर के समय तेज धूप के बीच स्टूडेंट्स ने महाविद्यालय से लेकर तहसील कार्यालय तक करीब 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च किया। इस दौरान आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए जमकर हल्ला बोला। यहां भी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने कॉलेज की परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया। तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने जमीन पर बैठकर सांकेतिक धरना दिया।
.. तो परीक्षा का करेंगे सामूहिक बहिष्कार

गुनौर महाविद्यालय की छात्रा भारती लखेरा व छात्र अनुज पाठक ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण काफी समय तक हमारी कक्षाएं लगी नहीं और बाजार में नए सिलेबस अनुसार पुस्तकें-सीरीज आदि उपलब्ध नहीं है। इस बीच हामरी परीक्षाएं ऑफ़लाइन कराने का मनमाना निर्णय लेते हुए टाइम टेबल घोषित कर दिया गया। इस अव्यवहारिक-अनुचित निर्णय को लेकर स्टूडेंट्स में गहरी नाराजगी व्याप्त है। उनकी मांग है वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराई जाएँ।

वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से कराने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार आकाश नीरज को ज्ञापन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं।
गुनौर के स्टूडेंट्स ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार आकाश नीरज को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से चर्चा में स्पष्ट चेतावनी दी है, अगर ऑनलाइन ओपन बुक माध्यम से परीक्षाएं नहीं कराई जाती हैं तो हम परीक्षाओं में सम्मलित न होकर सामूहिक बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। इधर, एनएसयूआई के पन्ना जिलाध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार ने छात्रों की जायज मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि एनएसयूआई छात्रों के साथ हर कदम पर मजबूती से खड़ी है। मृगेन्द्र का कहना है, यदि जल्द से जल्द छात्रों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अपेक्षानुरुप निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 
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