* शिकार की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र वन्य प्राणी सुरक्षा एवं रेस्क्यू प्रबंधन का वनकर्मियों को दिया प्रशिक्षण
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले संरक्षित एवं सामान्य वन क्षेत्र से टाइगर समेत दूसरे वन्य जीवों शिकार की हैरतअंगेज घटनाएं लगातार सामने आ रहीं है। शिकार की घटनाओं की प्रभावी रोकथाम को लेकर आज पन्ना के स्मृति वन दक्षिण वन मंडल एवं उत्तर वन मंडल के कर्मचारियों का संयुक्त प्रशिक्षण का आयोजन वन्य प्राणी की सुरक्षा एवं रेस्क्यू प्रबंधन के विषय में किया गया। प्रशिक्षण में रेस्क्यू विशेषज्ञ विवेक पगारे द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

इस दौरान वन्य प्राणियों के प्राकृतिक रहवास से बाहर मानव रहवास में आने के कारण उत्पन्न होने वाली स्थितियों पर वन्य जीव को सकुशल रेस्क्यू करने के बारे में बताया गया। साथ ही वन्य जीवों की शिकार की घटना की रोकथाम के लिए अमले को सघन गस्ती करने एवं समस्त युक्तियुक्त उपाय करने के उपाय बताकर आवश्यक निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य वन संरक्षक छतरपुर संजीव झा के दिशा निर्देश में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वन मंडल अधिकारी पुनीत सोनकर दक्षिण एवं उत्तर मंडल और उप वन मंडल अधिकारी कल्दा एवं पवई तथा समस्त उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल के परिक्षेत्र अधिकारी और क्षेत्रीय अमला सहित पन्ना टाइगर रिजर्व के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देशपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में माता फातिमा शेख और सावित्रीबाई फूले के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए क्रांतिकारी क़दमों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के पहले देश में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा गया था। परंपरावादी रूढ़िवादी लोगों के द्वारा महिलाओं को घर के अंदर ही रहने के लिए विवश किया गया ताकि उनकी हुकूमत (पितृ सत्ता वर्चस्व) कायम रहे। समाज सुधारक माता फातिमा शेख और सावित्री बाई फुले ने संयुक्त रूप से इसका जबरदस्त विरोध करते हुए देश की बालिकाओं-महिलाओं को शिक्षा दिलाने का बीड़ा उठाते हुए देश में पहला बालिका विद्यालय महाराष्ट्र के पुणे शहर में 1848 को खोला गया। क्योंकि इनका मानना था कि शिक्षा से ही महिलाओं का सशक्तिकरण सम्भव हो सकता है।
श्री पटेल ने कहा कि, आज भारत की प्रत्येक वर्ग की महिलाएं इनके द्वारा किए गए शैक्षिक कार्य व समाज सुधार कार्यों के प्रति आभारी हैं। समाज सुधारक और शिक्षिका फातिमा शेख के प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए महात्मा फूले परिषद के सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में देश के सभी समाज के महापुरुष, समाज सुधारकों की जयंती धूमधाम से मनाएंगे। कार्यक्रम के अंत सुधीर कुशवाहा, अध्यक्ष महात्मा क्षमता फुले परिषद द्वारा सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया गया। जयंती कार्यक्रम में बड़ी संख्या उपस्थित लोगों द्वारा माता सावित्री बाई फुले अमर रहे, माता फातिमा शेख अमर रहे के नारे लगाए गए।





कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि पूर्व में पन्ना में स्वीकृत कृषि महाविद्यालय की स्वीकृति निरस्त नहीं की गई थी, बल्कि स्वीकृत बजट राशि छिंदवाड़ा स्थानांतरित हुई थी। विगत 2 नवम्बर को जेके सीमेंट प्लांट आगमन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसी सत्र से कृषि महाविद्यालय शुरू करने के निर्देश दिए थे। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति द्वारा भी महाविद्यालय संचालन के संबंध में गत दिनों भ्रमण किया गया था। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के पुराने भवन में महाविद्यालय का संचालन होगा। माह मार्च 2022 में ही महाविद्यालय संचालन के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र भवन को आवंटित करने की कार्यवाही की गई है। यहां प्रवेशित छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जिला मुख्यालय पर छात्रावास सुविधा और स्टाॅफ क्वाटर की व्यवस्था भी की जाएगी।

















