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पन्ना | सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल वृद्धा की इलाज के दौरान मौत

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*     अज्ञात चारपहिया वाहन ने मारी थी ठोकर

*     अस्पताल में भर्ती कराकर भाग निकला आरोपी चालक

पन्ना। (www.radarnews.in) नगर के जय स्तम्भ पार्क के समीप टिकुरिया मोहल्ला निवासी रामकुंवर पत्नी द्वारका प्रसाद त्रिपाठी 80 वर्ष को मंगलवार को अज्ञात चारपहिया वाहन ने ठोकर मार दी थी। सड़क दुर्घटना में अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल वृद्धा की इलाज के दौरान बुधवार 16 नवंबर की सुबह जिला चिकित्सालय में मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 नवंबर को दोपहर करीब 11 बजे वृद्धा रामकुंवर त्रिपाठी अपने घर के समीप महेन्द्र भवन परिसर में पुराना निर्वाचन कार्यालय में स्थित शिव मंदिर के दर्शन कर वापस घर लौट रहीं थी तभी अज्ञात चार पहिया वाहन के चालक ने अत्यंत ही लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उन्हें ठोकर मार दी। महेन्द्र भवन की सीढ़ियों के सामने घटित सड़क दुर्घटना मे गंभीर रूप से जख्मी वृद्धा को आरोपी वाहन चालक और उसमें सवार एक अन्य व्यक्ति आनन-फानन इलाज के लिए पन्ना जिला अस्पताल ले गए। जहां वृद्धा को भर्ती करवाने के बाद अज्ञात आरोपी चालक वाहन लेकर भाग निकला।
इधर, वृद्धा के सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना मिलने पर परिजन तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचे। सड़क दुर्घटना में घायल वृद्धा रामकुंवर के हाथ-पैर में चोटें आई थीं। घायल वृद्धा के द्वारा दुर्घटना के संबंध में दी गई जानकारी से परिजनों के द्वारा पुलिस को अवगत कराया गया। जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान जिंदगी और मौत से लड़ते हुए वृद्धा रामकुंवर ने बुधवार तड़के दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना के चलते मृत वृद्धा रामकुंवर पन्ना के श्री जुगल किशोर जी मंदिर के पुजारी प्रेम नारायण त्रिपाठी राजू पंडा की माता जी थीं। कोतवाली थाना पन्ना पुलिस के द्वारा घटना पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए अज्ञात वाहन और आरोपी चालक का सुराग लगाने के लिए सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

क्राइम | निःसंतान वृद्ध दंपत्ति के खून से लथपथ शव मिलने से फैली सनसनी

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बीजाखेड़ा ग्राम पहुंचकर घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए शाहनगर थाना पुलिस।

*     दो दिन के अंदर तीन हत्याओं से दहल उठा शांति का टापू

*     पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर जनमानस में आक्रोश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं के लगातार सामने आने से जबरदस्त हड़कंप मचा है। पिछले कुछ समय से पुलिस की घोर निष्क्रियता के फलस्वरूप जिले में सक्रिय अपराधियों, चोर-बदमाशों के हौसले काफी बुलंद हैं। आए दिन आपराधिक तत्व बड़े ही दुस्साहसिक अंदाज में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर जिले को दहलाने के साथ-साथ पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। करीब महीने भर के अंतराल में जिले में डबल मर्डर की दूसरी वारदात सामने आई है। शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीजाखेड़ा ग्राम में बुधवार 15 नवंबर की सुबह एक निःसंतान वृद्ध दंपत्ति के शव उनके ही घर के आंगन में खून से लथपथ स्थिति में मिले। इसके एक दिन पूर्व जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत लामी ग्राम में युवा किसान को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। विचलित करने वाली इन वारदातों की खबर आने के बाद से ही इलाके के लोग अत्यंत ही भयभीत और चिंतित नजर आ रहे हैं। कथित तौर पर दोहरे हत्याकांड की एक अन्य वारदात पिछले माह जिले के सलेहा थाना अंतर्गत लमकुश ग्राम में सामने आई थी। जहां अज्ञात व्यक्ति पर एक नवयुवक और नाबालिग छात्रा की दिनदहाड़े गला रेतकर हत्या करने का आरोप पीड़ित परिजनों ने लगाया था। अभी हाल ही में पन्ना अधीक्षक ने आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए बताया था कि लमकुश की घटना के तमाम साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर अब तक यह निष्कर्ष निकला है कि प्रेम प्रसंग के चलते छात्रा की हत्या करने के बाद युवक ने आत्मघाती कदम उठाया था। लोग अभी इस हैरतअंगेज वारदात को भूले भी नहीं थे कि इस बीच डबल मर्डर की दूसरी वारदात के सामने आने से जनमानस में पन्ना पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर तीव्र आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।

कातिल और क़त्ल की वजह अज्ञात

बीजाखेड़ा ग्राम में घर के बाहर आँगन में मृत अवस्था में पड़े वृद्ध दंपत्ति।
जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीजाखेड़ा ग्राम से अज्ञात कारणों के चलते वृद्ध दंपत्ति की निर्ममता पूर्वक हत्या किये जाने का मामला सामने आया है। मृतक दरवेश शाह पिता निजाम शाह और उसकी पत्नी रैन बाई 70 वर्ष के शव बुधवार 15 नवंबर की सुबह इनके ही घर के बाहर आंगन में पड़े मिले। दंपत्ति गांव के स्कूल के समीप स्थित साईं मोहल्ले में रहते थे। खून से लथपथ स्थिति में मिले शवों को देखकर यह माना जा रहा है कि दंपत्ति के क़त्ल की वारदात को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा देर रात्रि में अंजाम दिया गया है। जनचर्चा है पुलिस को इस जघन्य वारदात की सूचना सुबह ही मिल गई थी लेकिन शाहनगर थाना पुलिस को दोपहर करीब 3 बजे मौके पर पहुंचने की फुर्सत मिली। जिससे घटनास्थल का मुआयना, पंचनामा आदि कार्रवाई देर से होने के कारण बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पता चला है घटना दिनांक को शाहनगर थाना प्रभारी व्हीव्हीआईपी ड्यूटी के सिलसिले में मुख्यालय से बाहर थे। अंधे क़त्ल के खुलासे के लिए गुरुवार 16 नवंबर को पुलिस की एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर घटनास्थल की जांच कारवाने और शवों का शाहनगर में पोस्टमार्टम कराये जाने की बात कही जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोहरे हत्याकांड की वजह और अज्ञात कातिल का सुराग नहीं लग सका।

हत्यारोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार

पुलिस अभिरक्षा से फरार कैदी शेखर बहेलिया।
जिले के अजयगढ़ क़स्बा में बुधवार 15 नवंबर 2022 को दोपहर के समय उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस टीम को चकमा देकर हत्या और आर्म्स एक्ट का कैदी फरार हो गया। जिला जेल पन्ना में निरुद्ध कैदी शेखर बहेलिया पिता रतनलाल बहेलिया 59 वर्ष निवासी सुकमा थाना रीठी जिला कटनी को पेशी करवाने के लिए पुलिस टीम जेएमएफसी न्यायालय अजयगढ़ में लेकर आई थी। दोपहर के समय कैदी को वापस पन्ना लाने के लिए पुलिस टीम जब अजयगढ़ बस स्टैण्ड पहुंचीं तभी कैदी लापरवाह पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार हो गया। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में 5 वर्ष पूर्व शेखर बहेलिया ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। यह शातिर आरोपी महाराष्ट्र पुलिस के साथ कई साल से लुकाछिपी का खेल-खेल रहा था। कुछ माह पूर्व शेखर को जिले की अजयगढ़ थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था।

किसान को गोली मारने वाले बेसुराग

गोली लगने से घायल रामलखन लोध का इलाज के दौरान गभीर हालत में लिया गया चित्र।
जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत लामी ग्राम में युवा किसान के ऊपर गोली चलाने की घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस अज्ञात हमलावर का पता नहीं लगा सकी। सोमवार 14 नवंबर को रामलखन लोध पिता रामकुमार लोध खेत में जब पशुओं को चारा खिला रहा था तभी समीप स्थित झाड़ियों से चली गोली सीधे रामलखन के चेहरे पर लगी थी। इस घटना में गंभीर रूप से जख्मी युवक को प्राथमिक इलाज के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ से उसे पन्ना के लिए रेफरल किया गया था। जहां इलाज के दौरान रामलखन की असमय मौत हो गई थी। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी कि युवा किसान के ऊपर फायर किसने और क्यों किया था। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी व्याप्त है। उधर, जिले के कोतवाली थाना पन्ना व देवेंद्रनगर थाना अंतर्गत आए दिन चोरी की वारदातों के सामने आने से व्यापारी और आमजन खासे चिंतित और परेशान हैं।

कहां व्यस्त है पन्ना पुलिस ?

शांति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले को अपराधी और बदमाश अपने कृत्यों से लगातार अशांत कर रहे हैं जिससे यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि पन्ना जिले की पुलिस आखिर कर क्या रही है ? इस सवाल का जवाब जानने के लिए जिले में चल रहीं अवैध गतिविधयों और उन्हें संरक्षण देने को लेकर पुलिस पर लग रहे आरोपों पर गौर करने की जरुरत है। कांग्रेस के सीनियर नेता एवं पूर्व मंत्रीद्वय मुकेश नायक और राजा पटैरिया ने कुछ समय पूर्व अपने पन्ना प्रवास के दौरान जिले में व्याप्त अराजकता का मुद्दा उठाते हुए शासन-प्रशासन पर जमकर हमला बोला था। पूर्व मंत्री राजा पटैरिया ने तो यहाँ तक आरोप लगाया था कि पन्ना जिले में क़ानून व्यवस्था बद्तर स्थिति में है। जिले में बड़े पैमाने अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से सभी थानों की पुलिस मासिक एंट्री वसूली में जुटी है। साथ ही सत्तारूढ़ दल के नेताओं की इशारे पर राजनैतिक विरोधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने के आरोप भी लगाए थे। इसके अलावा शराब ठेकेदारों की अवैध शराब बिक्री को कथित तौर पर संरक्षण देने और क्रिकेट सट्टा, पशु तस्करी आदि गैरकानूनी गतिविधियों को स्वार्थ पूर्ती के चक्कर में नजरअंदाज करने के आरोप पन्ना पुलिस पर लग रहे हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारी इन तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्ती से कार्रवाई करने की बात कहते हैं। उल्लेखनीय है कि उपनिरीक्षक घनश्याम मिश्रा से बीजाखेड़ा की वारदात के संबंध जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने स्वयं के व्यस्त होने की बात कहते हुए थाना में सम्पर्क स्थापित करने की बात कही। वहीं पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना ने कहा आप कार्यालय में आकर मिलें आपको आवश्यक जानकारी दी जायेगी।

वैश्य समाज ने किया नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान

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*     वैश्य महासम्मेलन की जिला स्तरीय बैठक सह सम्मान समारोह आयोजित

पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्य महासम्मेलन जिला इकाई पन्ना के तत्वधान में जिला अध्यक्ष मनोज केसरवानी के नेतृत्व में होटल मोहन राजविलास में जिला स्तरीय बैठक व प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिले भर से संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में समाज के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभावान छात्रों का सम्मान किया गया। जिनमें नगर पालिका पन्ना से निर्वाचित उपाध्यक्ष श्रीमती आशा गुप्ता, अजयगढ़ नगर परिषद से निर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती सीता सरोज गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्रनगर श्रीमती शिवांगी गुप्ता, जिला पंचायत पन्ना वार्ड क्रमांक 3 से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य दिनेश भूर्जी एवं पन्ना नगरपालिका के चार पार्षद, एमबीबीएस में चयनित पूनम छिरोल्या अमानगंज, आईआईटी में चयनित देवेंद्रनगर निवासी सुधीर अग्रवाल के पुत्र सुहर्ष अग्रवाल एवं सीए रवि जैन निवासी ककरहटी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश संगठन महामंत्री सुधीर अग्रवाल, महिला इकाई संभाग प्रभारी आशा गुप्ता, जिला अध्यक्ष मनोज केसरवानी, महिला इकाई जिला अध्यक्ष एडवोकेट मंजुलता जैन, महिला इकाई जिला प्रभारी आशा साहू, षाहनगर तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, उपाध्यक्ष बृजेश जैन, शाहनगर सरपंच मनोज जैन, देवेंद्रनगर परिषद अध्यक्ष शिवांगी गुप्ता, ललित गुप्ता, विनोद गुप्ता, पुनीत जायसवाल, पार्षद प्रदीप गुप्ता पार्षद ककरहटी, विजय जैन, संजय जैन, रवि जैन सीए, तहसील अध्यक्ष हरिकांत रेजा, पूर्व जिला अध्यक्ष रामस्वरूप छिरोलिया, संजीव छिरोलिया, अजयगढ़ से रमेश गुप्ता, तहसील अध्यक्ष अनूप गुप्ता, सीता गुप्ता नगर परिषद अध्यक्ष, दिनेश भुर्जी जिला पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में वैश्य महसम्मेलन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

कैनवास पर चित्र उकेरकर बच्चों ने समझाया पर्यावरण संरक्षण का महत्व

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बाल दिवस पर बाल गृह में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।

*     बाल दिवस पर बाल गृह में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भावना साधौ की अध्यक्षता में 14 नवम्बर को बाल दिवस के विशेष अवसर पर बाल गृह पन्ना में निवासरत बालकों के मध्य पर्यावरण संरक्षण की थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बालकों को पुरस्कार वितरित कर उत्साहवर्धन किया गया।

बच्चों को वितरित की खेलकूद सामग्री

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला न्यायाधीश व प्राधिकरण के सचिव राजेन्द्र कुमार पाटीदार ने सभी बालकों को चॉकलेट, खेलकूद और चित्रकला सामग्री का वितरण भी किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालकों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों से संवाद कर शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी भी दी गई। साथ ही आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। बाल गृह के निरीक्षण के दौरान जरूरी सुधार के लिए निर्देश भी दिए गए। जिला विधिक सहायता अधिकारी देवेन्द्र सिंह परस्ते, बाल संरक्षण अधिकारी पवन कुमार साहू, बाल गृह प्रबंधक संजय मिश्रा, चाइल्ड हेल्पलाइन के राजेन्द्र विश्वकर्मा एवं मांशी जैन और देखरेखकर्ता देवकी कुशवाहा भी उपस्थित रहीं।

एसिड अटैक मामले के 2 आरोपियों को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास

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फाइल फोटो।

*   अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवई जिला पन्ना ने सुनाया फैसला

पन्ना/पवई। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत बारहो ग्राम में साल भर पूर्व एक युवती पर हुए एसिड अटैक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पवई ने फैसला सुनाया है। घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों के दोषसिद्ध पाए जाने पर 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदण्ड से भी दंडित किया किया है।
अभियोजन के मामले के अनुसार सुम्मेर उर्फ सुम्मेर राजा पिता बहादुर सिंह 45 वर्ष निवासी ग्राम बराहो थाना पवई की बेटी किसी को बिना कुछ बताए घर से कहीं चली गई थी। सुम्मेर को यह संदेह था कि लापता बेटी की जानकारी उसकी सहेली (युवती) को है। जिसके चलते दिनांक 21 सितंबर 2021 को सुम्मेर उर्फ सुम्मेर राजा व गोल्डी राजा उर्फ विश्वनाथ सिंह युवती और उसके भाई को पूंछतांछ के बहाने घर से उठाकर बराहो ग्राम के बाहर स्थित नर्सरी के पास ले गए थे। इस दौरान युवती और उसके भाई के साथ गाली-गलौंज कर मारपीट की गई। आरोपियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए युवती पर बैटरी वाटर एसिड और अकौवा का दूध डाल दिया था। यह युवती की आंखों पर पड़ा। जिसकी वजह से युवती की दोनों आंखें जल गईं थीं। तेज जलन व सूजन के कारण युवती अपनी आंखें नहीं खोल पा रही थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई और जिला चिकित्सालय पन्ना में इलाज के बाद युवती को सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट जिला सतना रेफर किया गया था। जहां कई दिनों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा किए गए इलाज के बाद युवती को आंखों से दिखने लगा था।
पुलिस के द्वारा इस घटना को सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखकर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण में एसिड अटैक एवं हत्या के प्रयास की धारा का इजाफा किया गया। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत पुलिस के द्वारा चालान न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष अभियोजन साक्षियों के कथन दर्ज कराए गए। विवेचकों द्वारा की गई प्रकरण की विवेचना, अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्षी एवं तर्कों से सहमत होकर अभियोजन का प्रकरण युक्ति-युक्त संदेह से परे मानते हुये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवई सचिंद्र श्रीवास्तव ने आरोपीगण सुम्मेर उर्फ सुम्मेर राजा पिता बहादुर सिंह 45 साल निवासी ग्राम बराहो थाना पवई जिला पन्ना और गोल्डी राजा उर्फ विश्वनाथ सिंह पिता झल्लू उर्फ मुलायम सिंह उम्र 27 साल निवासी ग्राम डहर्रा पवइया थाना पवई जिला पन्ना को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 500-500 रुपए के अर्थदण्ड (जुर्माना) से दंडित किया है।

7 लाख रुपए की रिश्वत लेने वाला सब इंजीनियर सस्पेंड, ईइनसी ने विभागीय जांच के दिए आदेश

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लोकायुक्त पुलिस सागर की अभिरक्षा में रिश्वत लेने के आरोपी उपयंत्री मनोज रिछारिया (लाल घेरे में) । फाइल फोटो।

*    नौकरी में आने के बाद करीब 25 साल से गृह जिले में था पदस्थ

*    पहली बार पन्ना से हटाकर रीवा डिवीजन ऑफिस में किया अटैच

*   लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के बाद हरकत में आए PWD के शीर्ष अफसर

*    पन्ना के लोनिवि में वर्षों से जमे तकनीकी अधिकारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पन्ना के हालिया बहुचर्चित रिश्वत काण्ड ने प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के भोपाल स्थित मुख्यालय निर्माण भवन की नींव को हिलाकर रख दिया है। लोकायुक्त पुलिस टीम सागर ने पिछले सप्ताह पन्ना में लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर मनोज रिछारिया को ठेकेदार से 7 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है, उपयंत्री के द्वारा ठेकेदार से रिश्वत की मांग सड़क निर्माण कार्य का मूल्यांकन एवं लंबित बिल भुगतान करवाने के एवज में की गई थी। लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई ने लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में बतौर कमीशन मोटी रक़म वसूली के खेल को उजागर कर दिया है। इस प्रकरण पर गौर करने से पता चलता है कमीशन रुपी रिश्वत लेने के लिए तकनीकी अधिकारी तमाम हथकंडे अपनाकर ठेकेदार को किस तरह परेशान करते हैं। घूसखोरी के इस मामले के सामने आने से लोक निर्माण विभाग की प्रदेशव्यापी बदनामी होने के साथ ही विभाग में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। जिससे मचे हड़कंप के चलते विभाग के शीर्ष अधिकारी अब जाकर हरकत में आए हैं।
लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ (ईइनसी) नरेन्द्र कुमार ने रिश्वत लेने के आरोपी सब इंजीनियर (उपयंत्री) मनोज रिछारिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग रीवा में अटैच (संबद्ध) किया है। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते ईइनसी ने उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश जारी कर चीफ इंजीनियर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रमुख अभियंता (ईइनसी) नरेन्द्र कुमार द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार उपयंत्री मनोज रिछारिया को निलंबन अवधि में संबद्ध कार्यालय लोनिवि संभाग रीवा में उपस्थिति प्रस्तुत करने पर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इधर, प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोनिवि संभाग पन्ना एबी साहू ने निलंबित उपयंत्री मनोज रिछारिया का अतिरिक्त प्रभार उप संभाग पवई के उपयंत्री संजय खरे को ग्रहण करने का आदेश जारी किया है।
लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री मनोज रिछारिया से जब्त की गई रिश्वत की नकद राशि और चेक। (फाइल फोटो)
विदित होकि, मनोज रिछारिया लोक निर्माण विभाग में उपयंत्री के पद पर नियुक्त होने के बाद करीब 25 साल से गृह जिला पन्ना में पदस्थ रहे हैं। दिनांक 2 नवंबर की शाम लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के घेरे में आने पर निलंबित होने के परिणाम स्वरूप उन्हें पहली बार न सिर्फ पन्ना बल्कि सागर संभाग के बाहर रीवा संभाग में भेजा गया है। सत्ताधारी दल भाजपा के स्थानीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों से नजदीकी के चलते मनोज उर्फ़ मंजू रिछारिया अब तक गृह जिला पन्ना में खूंटा गाड़कर पूरे रौब के साथ विभाग में अपनी मनमर्जी चला रहे थे। उपयंत्री के विरुद्ध कार्यालय पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त संगठन सागर में रिश्वत की मांग संबंधी शिकायत करने वाले ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय का आरोप है, पीडब्ल्यूडी पन्ना में चल रहे भ्रष्टाचार में सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी की भी संलिप्तता है। ये दोनों अधिकारी मिलकर रिश्वत की मांग कर राशि लेने के लिए लगातार दवाब बना रहे थे। पन्ना के लोनिवि में कार्यपालन यंत्री की कुर्सी पर लंबे समय से प्रभारी के रूप जमे एबी साहू की विभाग में तनिक भी नहीं चलती। ठेकेदार की मानें तो साहू का अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर किसी तरह का कोई नियंत्रण तक नहीं है। साहू सिर्फ सांकेतिक तौर पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री हैं, पन्ना में वर्षों से जमे तकनीकी अधिकारी उनकी आड़ में विभाग को अपने मनमाफिक हांक रहे हैं। विभाग के शीर्ष अधिकारी इस स्थिति से भलीभांति अवगत हैं लेकिन निहित स्वार्थ पूर्ती के चक्कर में वे भी इस अराजकता पूर्ण स्थिति पर तमाशबीन बने हैं।
क्या है पूरा मामला
लोक निर्माण उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अंतर्गत टुन्ना-महगवां सड़क निर्माणधीन है। लगभग 11 किलोमीटर की लम्बाई और 11 करोड़ की लागत वाली इस सड़क का ठेका रतन बिल्डर्स कंपनी के नाम पर है। ठेकदार भरत मिलन पाण्डेय निर्माण कंपनी रतन बिल्डर्स के पार्टनर है। अब तक कराए गए सड़क निर्माण कार्य के एवज में लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेका कंपनी को करीब एक करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। जबकि 40 से लाख के बिल को कथित तौर पर उप संभाग कार्यालय स्तर पर सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के द्वारा रोका गया था। ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन ने जब इस संबंध में सड़क निर्माण के प्रभारी उपयंत्री मनोज रिछारिया से सम्पर्क किया तो उनके द्वारा रिश्वत की मांग की गई। ठेकेदार रिश्वत देना नहीं चाहता था इसलिए भुगतान ना होने से परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर के कार्यालय में आवेदन पत्र देकर घूसखोरी की मांग किये जाने की शिकायत की गई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस टीम ने बुधवार 2 नवंबर 2022 को कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग पन्ना के कार्यालय में ठेकेदार से 7 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए उपयंत्री मनोज रिछारिया को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उपयंत्री के कब्जे से रिश्वत के रूप में लिए गए 1 लाख रुपये नकद और 6 लाख रुपए के दो चेक जब्त हुए थे। घूस के रूप में ली गई राशि के लिहाज से जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
बाल-बाल बचे त्रिपाठी जी
बताते चलें कि रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार के निशाने पर उपयंत्री के साथ-साथ सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के भी थे। इसलिए रिश्वत में दी जाने वाली कैमिकल युक्त नकद राशि व चेक लेकर ठेकेदार लोकायुक्त पुलिस टीम के साथ सबसे पहले लोक निर्माण उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अनुविभागीय अधिकारी/सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के आवास पर पहुंचा था। लेकिन वे घर पर नहीं मिले और मोबाइल फोन पर भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने बताया, रिश्वत की मांग करने में चूंकि सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी और उपयंत्री मनोज रिछारिया दोनों शामिल थे। इसलिए सहायक यंत्री के आवास या ऑफिस में उन्हें रिश्वत देते समय उपयंत्री मनोज रिछारिया को भी वहां बुलाकर रिश्वत की राशि में उनका हिस्सा सौंपकर दोनों को पकड़वाने की योजना थी। लेकिन समय पर संपर्क न हो पाने के कारण लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई के जाल में फंसने से बीके त्रिपाठी बाल-बाल बच गए। मालूम होकि, जिला मुख्यालय में जिस समय लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दे रही थी उस समय प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पन्ना जिले में ही मौजूद थे। मुख्यमंत्री अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट के नवनिर्मित प्लांट का लोकार्पण कर रहे थे।
7 साल से प्रभारी EE और 9 साल से जमे SDO
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लोकायुक्त पुलिस की बड़ी ट्रैप कार्रवाई के बाद घूसखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर सुर्ख़ियों में आए लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना की कमान पिछले साढ़े सात साल से भी अधिक समय से प्रभारी कार्यपालन यंत्री के हाथों में है। दिनांक 17 अप्रैल 2015 से लोनिवि पन्ना में प्रभारी कार्यपालन यंत्री के रूप में एबी साहू अपनी सेवायें दे रहे हैं। साहू जी का मूल पद सहायक यंत्री है। इस कारण लोनिवि पन्ना में पदस्थ अन्य सहायक यंत्री और वरिष्ठ उपयंत्री उन्हें कोई महत्व नहीं देते। साफ़ शब्दों में कहें तो प्रभारी कार्यपालन यंत्री पर उनके अधीनस्थ पूरी तरह हावी है। सूत्रों की मानें तो साहू जी की भूमिका रबर स्टाम्प के जैसी ही। वहीं लोनिवि उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अनुविभागीय अधिकारी/सहायक यंत्री के पद पर बीके त्रिपाठी दिनांक 12 सितंबर 2013 से पदस्थ हैं। घूसखोरी का मामला इनके ही उप संभाग अंतर्गत निर्माणाधीन सड़क से संबंधित है। लोनिवि के ठेकेदार ऑफ रिकार्ड बताते हैं, कमीशन के रूप में बगैर मोटी चढ़ोत्री लिए त्रिपाठी जी की कलम चलती ही नहीं है।

कमीशन या फिर पार्टनरशिप ! 

फाइल फोटो।
आमचर्चा है कि, ठेकेदारों को निर्माण कार्य के बिल भुगतान के एवज में पीडब्ल्यूडी में 10 प्रतिशत राशि कमीशन/रिश्वत के तौर पर देनी पड़ती है। कमीशन देने में आनाकानी करने वालों ठेकेदरों को विभाग में वर्षों से जमे तकनीकी अधिकारियों के द्वारा तरह-तरह के हथकण्डे अपनाकर परेशान किया जाता है। ठेकेदार भरत मिलन का हालिया मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। बेखौफ होकर चेक से घूस लेने वाले तकनीकी अफसरों के संबंध में ठेकेदार बताते हैं कि कुछेक मामलों में उनसे ठेका में पार्टनरशिप तक की डिमांड की गई। पीडब्ल्यूडी में अगर काम करना है तो वे तकनीकी अधिकारियों को ना नहीं कर सकते। सत्ताधारी दल भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं जिले के शीर्ष अधिकारियों के बंगले चमकाकर और सरकारी खर्च पर उनकी विलासिता की तमाम व्यवस्थाएं जुटाकर पन्ना में वर्षों से जमे लोनिवि के अधिकारियों के सामने शासन के पदस्थापना संबंधी नियम मजाक बन चुके हैं। उल्लेखनीय है कि रिश्वत मामले में सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी का नाम आने पर जब उनका पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया गया तो रिंग बजने के बावजूद उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद से ही सहायक यंत्री त्रिपाठी पूरे मामले पर गहरी चुप्पी साधे हुए हैं। उनके द्वारा ठेकेदार के बिल भुगतान पर रोक लगाने के कारणों तक की जानकारी पत्रकारों को नहीं दी जा रही है।

इनका कहना है –

“चीफ इंजीनियर से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है, जांच रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ट्रांसफर से बैन हटते ही वर्षों से जमे तकनीकी अधिकारियों को पन्ना से हटाया जायेगा। जांच की आड़ में अगर आरोपी उपयंत्री को बचाना होता तो लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई के तुरंत बाद उसे निलंबित नहीं करता। भ्रष्टाचार के मामले में व्यक्तिगत तौर पर मैं किसी तरह का कोई समझौता नहीं करता हूं। विभाग में हर कोई इस बात को भलीभांति जनता है। पन्ना का मामला तो वैसे भी गंभीर है, इसमें हर हाल में रिपोर्ट के आधार पर नियमनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

–  नरेन्द्र कुमार, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग भोपाल।

MP : लोकायुक्त पुलिस ने 7 लाख रुपये की रिश्वत लेते PWD के सब इंजीनियर को पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की अभिरक्षा में रिश्वत लेने के आरोपी उपयंत्री मनोज रिछारिया (लाल घेरे में) । फाइल फोटो।

*    पन्ना में कार्यपालन यंत्री लोनिवि के ऑफिस में ट्रैप कार्रवाई को दिया गया अंजाम

*     सड़क निर्माण कार्य का बिल भुगतान करवाने के एवज ठेकेदार से मांगी थी रिश्वत

*    प्रदेश की भाजपा सरकार के कद्दावर मंत्री का भी नाम सामने आया ! जानिए क्या है पूरा मामला ?

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में घूसखोरी के मामले रोज सामने आ रहे हैं। घूसखोरों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है बावजूद इसके भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला पन्ना जिला मुख्यालय में सामने आया है। जहां लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ उपयंत्री मनोज रिछारिया को 7 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने रंगे हांथों गिरफ्तार किया है। ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय की शिकायत पर यह ट्रैप कार्रवाई की गई। निर्माणाधीन सड़क का मूल्यांकन एवं लंबित बिल का भुगतान करवाने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग पन्ना के कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस द्वारा ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने की खबर आते ही जिला मुख्यालय में स्थित विभिन्न निर्माण विभागों के तकनीकी अधिकारियों-कर्मचारियों समेत प्रशासनिक हल्कों में जबर्दस्त हड़कंप मच गया। घूस के रूप में नकद एवं चेक के द्वारा ली गई राशि के लिहाज से इसे जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
ठेकेदार एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय।
उल्लेखनीय है कि, लोक निर्माण उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अंतर्गत टुन्ना-महगवां सड़क वर्तमान में निर्माणधीन है। लगभग 11 किलोमीटर की लम्बाई और 11 करोड़ की लागत वाली इस सड़क का ठेका रतन बिल्डर्स कंपनी के नाम पर है। ठेकदार भरत मिलन पाण्डेय निर्माण कंपनी के रतन बिल्डर्स के पार्टनर है। अब तक कराए गए सड़क निर्माण कार्य के एवज में लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेका कंपनी को करीब एक करोड़ रुपए का भुगतान कुछ समय पूर्व किया था। जबकि 40 से 50 लाख के उसके बिल भुगतान को रोक दिया था। ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन ने जब इस संबंध में सड़क निर्माण के प्रभारी उपयंत्री मनोज रिछारिया से सम्पर्क किया तो उनके द्वारा रिश्वत की मांग की गई। भुगतान ना होने से परेशान होकर ठेकेदार ने गत दिनों पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर के कार्यालय में घूसखोरी की मांग किये जाने का शिकायती आवेदन पत्र दिया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में रिश्वतखोर उपयंत्री को पकड़ने की फुलप्रूफ योजना बनाई गई। ठेकदार और उपयंत्री के बीच रिश्वत की राशि बुधवार 2 नवंबर 2022 को देना तय हुआ।

1 लाख नकद और 6 लाख के चेक लिए

लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री मनोज रिछारिया से जब्त की गई रिश्वत की नकद राशि और चेक।
पन्ना की इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में बुधवार की शाम करीब 5:30 बजे ठेकदार भरत मिलन पाण्डेय ने पहुंचकर वहां पहले से मौजूद उपयंत्री मनोज रिछारिया को रिश्वत के रूप में नकद राशि और चेक सौंपे गए। इस दौरान आसपास मुस्तैदी से तैनात रही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने ठेकेदार का इशारा मिलते ही कार्यपालन यंत्री कार्यालय में दबिश देकर घूसखोर उपयंत्री को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि, उपयंत्री मनोज रिछारिया के कब्जे से 500-500 के नोटों की दो गड्डी नकदी 1 लाख रुपए, यूनियन बैंक के चार लाख और दो लाख रुपए के दो चेक कुल राशि 7 लाख रुपए की रिश्वत के रूप में जप्त की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। लोकायुक्त पुलिस टीम के द्वारा उक्त सड़क निर्माण कार्य के भुगतान से संबंधित कार्यालयीन दस्तावेजों को भी जब्त करने की चर्चा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

मंत्री से सिफारिश कराओ या फिर 7 लाख रुपए दो

लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाने वाले ठेकदार एवं पन्ना जिले तेज तर्राट कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय ने पत्रकारों को अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि, लंबित बिल भुगतान को लेकर रिश्वत के लिए काफी परेशान करने और आत्म सम्मान से समझौता करने का अनुचित दवाब बनाने के कारण मुझे मजबूर होकर लोकायुक्त पुलिस की शरण में जाना पड़ा। क्योंकि मौजूदा सरकार में भयमुक्त भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। इस अराजक व्यवस्था में कहीं कोई सुनवाई नहीं है। पन्ना जिले के किसी भी सरकारी कार्यालय में बिना रिश्वत या फिर सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं की सिफारिश के बगैर आम आदमी का जायज काम तक नहीं होता। भरत मिलन का आरोप है कि, शिवराज सरकार के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहने पर उसका बिल भुगतान रोका गया था। लंबित बिल का पेमेंट कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री मनोज रिछारिया के द्वारा उनसे कथित तौर पर मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह से सिफारिश करवाने या फिर 7 लाख रुपए की रिश्वत देने की मांग की गई थी। पाण्डेय का कहना है, मैनें अपने स्वाभिमान और विचारधारा से किसी तरह का कोई समझौता ना कर भाजपा सरकार मंत्री के समक्ष शरणागत होने से साफ इंकार कर दिया। और सत्ताधारी दल की कठपुतली बने घूसखोर अफसरों को सबक सिखाने के लिए लोकायुक्त पुलिस की मदद लेना उचित समझा। कांग्रेस नेता ने बताया कि 7 लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया उपयंत्री मनोज रिछारिया खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का खासमखास है। इसलिए रिछारिया भाजपा सरकार में गृह जिला पन्ना में कई सालों से जमे हुए हैं। कांग्रेस नेता के द्वारा लगाए गए आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। 

इनका कहना है-

“रिश्वत लेने के आरोप सरासर झूठे हैं, मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। शाम को मैं कार्यालय में बैठा था तभी ठेकदार भरत मिलन पाण्डेय आए और मेरे सामने कुछ नकदी रुपए व चेक रखते हुए बोले कि आप इसे ठेकेदार संतोष गुप्ता को दे देना, मेरी उनसे बात हो गई है। अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस टीम आ गई और मुझे पकड़ लिया। मैंने उन्हें बार-बार बताया कि उक्त राशि न तो मैनें मांगी थी और ना ही उससे मेरा कोई लेना-देना है। ठेकदार ने सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता विहीन मिट्टी का उपयोग किया था इसलिए विभाग की ओर से उन्हें कई पत्र जारी किए गए और रनिंग बिल की राशि का भुगतान भी रोका गया था। इस कार्रवाई से नाराज होकर ठेकदार के द्वारा मुझे षड्यंत्रपूर्वक फंसाया गया है।”

–  मनोज रिछारिया, उपयंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग, पन्ना।

बड़ी कार्रवाई | बागेश्वर धाम की कथा के दौरान महिलाओं से लूटपाट करने वाला गिरोह पकड़ाया

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प्रेसवार्ता में लूट एवं चोरी की घटनाओं में अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग के 18 सदस्यों की गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना।

*      अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग में सक्रिय 12 महिलायें एवं 6 पुरुषों सहित कुल 18 सदस्य गिरफ्तार

*     लुटे गए चार मंगलसूत्र, पांच अवैध कट्टा-कारतूस, 15 चाकू और 2 कार आरोपियों के कब्जे से जप्त

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के सलेहा थाना अंतर्गत आने वाले आदिवासी बाहुल्य पठारी क्षेत्र कल्दा में विगत दिनों बागेश्वर धाम सरकार की 3 दिवसीय वनवासी श्रीराम कथा सुनने गईं तीन महिलाओं के मंगलसूत्र अज्ञात महिलाओं के द्वारा लूटने और घर में घुसकर एक मंगलसूत्र चोरी करने की सनसनीखेज घटनाओं का पन्ना पुलिस ने तत्परता से खुलासा किया है। इस सिलसिले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग में सक्रिय 18 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से लूटे गए मंगलसूत्र जप्त करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना ने रविवार को प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए गिरोह में सक्रिय 12 महिलायें एवं 6 पुरुष सदस्य शामिल है। इनके कब्जे से पुलिस ने पांच अवैध कट्टा-कारतूस, 15 चाकू और 2 कार जप्त होने का दावा किया है। अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग के डेढ़ दर्जन सदस्यों की धरपकड़ को पन्ना पुलिस की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।

चाकू अड़ाकर महिलाओं ने की थी लूटपाट

उल्लेखनीय है कि कल्दा ग्राम में दिनांक 14 से 16 अक्टूबर तक आयोजित 3 दिवसीय कथा कार्यक्रम में हजारों लोग कथा सुनने हेतु कल्दा में बने कथा पण्डाल में पहुँचे थे। थाना सलेहा में 3 अलग–अलग महिलाओं द्वारा रिपोर्ट की गई जिसमें महिलाओं द्वारा दिनांक 15 एवं 16 अक्टूबर 2022 को कथा सुनने कल्दा जाना बताया गया। कथा के दौरान निस्तार हेतु महिलायें कथा पण्डाल के आसपास सूनसान जगह पर गयी थीं। निस्तार करके वापस लौटते समय अज्ञात महिलाओं द्वारा चाकू अड़ाकर डरा धमका कर उनके मंगलसूत्र छीन लिये गये। अलग-अलग फरियादियों की रिपोर्ट पर थाना सलेहा में अज्ञात महिलाओं के विरूद्ध लूट का अपराध कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया। इसी प्रकार एक अन्य फरियादी द्वारा थाना सलेहा में रिपोर्ट की गई कि, दिनांक 15 अक्टूबर को अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुसकर बहू का मंगलसूत्र चोरी कर ले गया है। फऱियादी की रिपोर्ट पर थाना सलेहा में अज्ञात चोर के विरूद्ध नकबजनी का अपराध क्रमांक 298/22 कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया।

चंद्रनगर से किया गिरफ्तार

पकड़े गए अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग के सदस्यों से जप्त हुई कारें।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई लूट व चोरी की सनसनीखेज घटनाओं को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना के द्वारा तत्परता से मामलों के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गईं। साथ ही इन टीमों के सहयोग हेतु तकनीकी टीम को गठित कर मिलकर आरोपियों के बारे में जानकारी एकत्रित किये जाने हेतु आदेशित किया गया। पुलिस टीमों द्वारा अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए पुलिस की तकनीकी टीम से उक्त व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त की गई । तकनीकी टीम से मिली जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर टौरिया टेक ढाबा के पास चन्द्रनगर जिला छतरपुर से संदिग्ध 12 महिलाओं एवं 06 पुरुषों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूँछताछ की गई। सभी व्यक्तियों द्वारा अपने-अपने नाम पता बताये गये। पुलिस टीम में शामिल महिला अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा महिलाओं से पूँछताछ की गई जिनके द्वारा कल्दा कथा पण्डाल से लूट की 3 घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली गई। साथ ही पुलिस टीम द्वारा 6 पुरुष सदस्यों से पूँछताछ की गई जिनके द्वारा रात में मंगलसूत्र चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया। इन संदिग्धों के बताये अनुसार लूटे एवं चोरी किये गये सोने के 4 मंगलसूत्र कीमती करीब 1 लाख 30 हजार रूपये के जप्त किये गये । पुलिस अधीक्षक ने बताया, उक्त सभी आरोपी अंतर्राज्यीय बावंरिया गैंग के सक्रिय सदस्य हैं जो देश के अलग-अलग राज्यों में लूट/चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं । इनके अपराधिक रिकॉर्ड के संबंध में जांच जारी है।

अनूठी पहल | खनिज मंत्री ने रोशन कर दी अनाथ बच्चों की दिवाली, बाल हितग्राहियों के संग मनाया दीपोत्सव कार्यक्रम

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दीपावली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बाल आशीर्वाद योजना के लाभार्थी बच्चों को उपहार वितरित करते खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।

*    मिठाई व उपहार वितरित कर बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ किया भोजन

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने रविवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बाल आशीर्वाद योजना के लाभार्थी बच्चों के साथ दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया और बच्चों को मिष्ठान एवं उपहार भेंट किए। मंत्री श्री सिंह ने बच्चों को रोली चंदन लगाकर माला पहनाई एवं बच्चों के साथ दीप जलाए और दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। बाल आशीर्वाद योजना के बच्चों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। दीपोत्सव कार्यक्रम खनिज मंत्री के पन्ना स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ। जिसमें कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय सहित एसडीएम श्रीमती भारती मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ऊदल सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।

बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करें

इस अवसर पर मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोविड की वैश्विक आपदा में अपने माता-पिता को असमय खो चुके बच्चों केे साथ विकट परिस्थितियों में सदैव साथ रहेंगे। बच्चों को पारिवारिक माहौल में देखभाल और पढ़ाई की बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए गए। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करें। उन्होंने कहा कि दीपावली के पावन पर्व पर बच्चों से मुलाकात कर मन प्रसन्न है। मंत्री और अधिकारियों ने बच्चों व अभिभावकों के साथ भोजन किया। आधार संस्था द्वारा बच्चों को कंबल और सेलीब्रेशन पैक का वितरण भी किया गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार द्वारा भी बच्चों को मिष्ठान और उपहार भेंट कर किसी भी समस्या पर तत्काल संपर्क करने के लिए कहा गया।

दुखद हादसा | नहर में डूबे छात्र का दूसरे दिन गोताखोरों ने खोज निकाला शव

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केन नदी पर बरियारपुर में बने बांध की उत्तर प्रदेश की और जाने वाली नहर में लौलास ग्राम के समीप पानी में डूबे छात्र की खोजबीन करते एसडीईआरएफ टीम के गोताखोर।

*     नहाते समय सीढ़ियों पर फिसलने के कारण घायल होकर पानी में गिरा था

*     एसडीईआरएफ की टीम ने पुलिस व ग्रामीणों की मदद से किया रेस्क्यू

*     पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में मातम का माहौल

पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत लौलास ग्राम के बाहर से निकली केन नदी की नहर में नहाते समय चोटिल होकर पानी में डूबे छात्र के शव को शनिवार की सुबह प्रशिक्षित गोताखोरों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद खोज निकाला। शव के पानी से बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों की आँखें छलक उठीं और शोक संतृप्त परिजन अपनी छाती पीट-पीटकर रोने लगे। बेहद ग़मगीन माहौल में पुलिस के द्वारा तत्परता से पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अजयगढ़ लाया गया। पोस्टमार्टम उपरांत पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। इस दुखद हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
शुक्रवार 21 अक्टूबर 2022 की सुबह करीब 11 बजे छात्र अनिल यादव पिता रामकरण यादव 16 वर्ष निवासी लौलास हमउम्र दोस्तों के साथ बरियारपुर बांध की नहर में नहाने के लिए गया था। जहां नहर की सीढ़ियों में अचानक पैर स्लिप होने से अनिल चोटिल होकर पानी में गिर गया और देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में डूब गया। उसके दोस्तों व आसपास मौजूद लोगों ने कुछ देर पानी के अंदर खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। आनन-फानन अनिल के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। जिसके बाद यादव परिवार में कोहराम मच गया। नहर में पानी के तेज प्रवाह को देखते हुए बरियारपुर बांध में तैनात उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को जानकारी देकर बांध के गेट बंद करवाए गए। वहीं हमराही बल के साथ तुरंत लौलास पहुंचे अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर के द्वारा पन्ना में होमगार्ड के होमगार्ड के प्लाटून कमांडर सत्यपाल जैन से सम्पर्क कर रेस्क्यू ऑपरेशन हेतु एसडीईआरएफ टीम के प्रशिक्षित गोताखोरों को जरुरी साजो-सामान के साथ मौके पर बुलाया।
पीड़ित परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पुलिस अधिकारी।
पन्ना से पहुंची एसडीईआरएफ की टीम के प्रशिक्षित गोताखोरों व ग्रामीणों के द्वारा संयुक्त रूप से नहर में पानी के अंदर कई घण्टे तक अनिल की तलाश की गई लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। थोड़ी देर बाद अंधेरा होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। आज सुबह पुनः गोताखोरों व ग्रामीणों ने नहर में खोजबीन शुरू की। करीब घण्टे भर की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीईआरएफ टीम ने आख़िरकार छात्र अनिल के शव को घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर खोज निकाला। ग़मगीन परिजनों ने बताया अनिल तैरना जानता था लेकिन नहाते समय पैर फिसलने से सिर में आई गंभीर चोट के कारण शायद वह अचेत होकर पानी में गिरा जिससे डूब गया। छात्र अनिल यादव कक्षा 10वीं में पढ़ता था। दर्दनाक हादसे में उसकी असमय मौत होने से यादव परिवार गहरे सदमे में डूबा है। पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं इस हादसे के बाद से ही लौलास ग्राम सहित क्षेत्र में मातम का माहौल है।