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पत्रकारों के दमन की साजिश रचने वाले जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ तेज़ हुआ आंदोलन

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डीईओ के खिलाफ़ आपराधिक प्रकरण दर्ज़ करने की मांग को लेकर पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपते पन्ना के पत्रकार।

*     डीईओ के खिलाफ़ आपराधिक प्रकरण दर्ज़ करने पुलिस महानिरीक्षक को सौंपा ज्ञापन

*     वायरल ऑडियो में दो पत्रकारों को कमरे में बंद कर पिटाई करवाने की बात करने का आरोप

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शिक्षा अधिकारी सूर्य भूषण मिश्रा के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पत्रकारों का आंदोलन सप्ताह भर से अनवरत जारी है। हिंसा के बल पर पत्रकारों को चुप कराने की घृणित सोच रखने और इसे अंजाम दिलवाने के लिए बकायदा साजिश रचने वाले जिला शिक्षा अधिकारी की बातचीत का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद से पन्ना जिले के पत्रकारों ने उनके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से मोर्चा खोल रखा है। जिसे हर दिन समाज के विभिन्न वर्गों का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। फलस्वरूप एकजुट पत्रकारों की आवाज़ एक ओर जहां लगातार बुलंद हो रही वहीं दूसरी तरफ विवादित डीईओ को प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर संरक्षण दे रही शिवराज सरकार जानबूझकर पत्रकारों के आक्रोश को नजरअंदाज करते हुए बहरी-गूंगी और अंधी बनीं हुई है। व्यवस्था के इस अनापेक्षित रवैये से लोकतंत्र के अघोषित चौथे स्तंभ के सुरक्षा व सम्मान से जुड़े पर मुद्दे पर सत्तासीनों की कथनी और करनी अंतर भलीभांति पता चल रहा है। अपनी न्यायोचित मांग को लेकर प्रदेश सरकार के घोर उदासीनता पूर्ण रवैये से विचलित हुए बगैर पत्रकारों ने भी प्रण ले रखा है, डीईओ के खिलाफ कार्रवाई होने तक वे पूरी एकजुटता के साथ आवाज़ को बुलंद करते रहेंगे।
इसी क्रम में शुक्रवार 9 दिसंबर को पन्ना के प्रवास पर आये सागर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक श्री अनुराग से भेंटकर पत्रकारों के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिरीक्षक श्री अनुराग ने तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि पत्रकारों को पिटवाने की साजिश रचने संबधी वायरल ऑडियो के प्रमाण के आधार पर पुलिस संबंधितों के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई करती है।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऑडियो काफी वायरल है। जिसमें दो लोग बात करते हुए सुने जा सकते हैं। ऑडियो को लेकर आरोप यह है कि उसमें कथित तौर जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना सूर्य भूषण मिश्रा देवेंद्रनगर क्षेत्र के एक निजी स्कूल संचालक को पन्ना के दो पत्रकारों से हो रही समस्या का समाधान सुझाते हुए कहते हैं कि दोनों पत्रकारों की कमरे का दरवाजा बंद कर पिटाई कर दो। पूरी पत्रकारिता भूल जाएंगे। कथित तौर जिला शिक्षा अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने पहले भी पिटाई रुपी दवाई दोनों पत्रकारों को देने के लिए कहा था। इस ऑडियो में वे एक प्रिंसिपल और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के निज सहायक के संबंध में भी टिप्पणी कर रहे हैं। ऑडियो के वायरल होने के बाद से पन्ना के समस्त पत्रकार जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग कर रहे हैं। उधर जिला शिक्षा अधिकारी सूर्य भूषण मिश्रा अपने ऊपर लग रहे आरोपों को सिरे से नकारते हुए पत्रकारों का हृदय से सम्मान करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के झूठे आरोप लगाकर मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। 

ये रहे शामिल

ज्ञापन सौंपने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करवाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए पत्रकारगण
डीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से शिव किशोर शिब्बू पाण्डेय, संजय सिंह राजपूत मुकेश विश्वकर्मा, राजेश शुक्ला, सुशांत चौरसिया, व्हीएन जोशी, मनीश मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, राकेश शर्मा, नदीम उल्ला, अनिल तिवारी, डीके साहू, ऋषि कुमार मिश्रा, अमित खरे, महबूब अली, लक्ष्मीनारायण चिरोल्या, बृजेश त्रिपाठी, अमित राठोर, मदन शर्मा, अर्चना प्यासी, पुष्पा जयसवाल, इदरीश, सौरभ साहू, टाईगर खान, सचिन खरे, संदीप पान्डेय, रोहित रैकवार, शुभम रिछारिया, संजय रैकवार, आशिफ खान, सीमांत खरे, दीपांश शर्मा, पवन पाठक, गणेश विश्वकर्मा, कादिर खान, फूल सिंह त्यागी, गौरीशंकर कुशवाहा, शैलेश अग्रवाल, राजेश रावत आदि शामिल थे।

घास-फूंस की सफाई और कैमिकल ट्रीटमेंट से चमकने लगे ऐतिहासिक मक़बरे

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मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित बुंदेली शासकों के प्राचीन मकबरे साफ़-सफाई और कैमिकल ट्रीटमेंट के बाद चमकले लगे।

 धरोहर के संरक्षण हेतु पुरातत्व विभाग ने विशेषज्ञों की देखरेख में कराया कार्य

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बुंदेली शासकों के गौरवशाली इतिहास को समेटे पन्ना के प्राचीन मकबरों के संरक्षण को लेकर पिछले कुछ सालों से पुरातत्व विभाग के द्वारा लगातार इनका अनुरक्षण (रखरखाव) सहित आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर के राजेन्द्र उद्यान परिसर में स्थित प्राचीन मकबरों की साफ़-सफाई और कैमिकल ट्रीटमेंट कराया गया। पिछले माह पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में पूर्ण हुए विशेष सफ़ाई कार्य के फलस्वरूप दोनों ऐतिहासिक मकबरे पहले की तुलना में काफी हद तक चमकने लगे हैं। प्राकृतिक रूप से क्षरण के कारण बदहाल हो रही धरोहर को बचाने के लिए समय रहते ठोस प्रयास किए जाने पर नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

देखरेख के आभाव में खो रहे थे पहचान

साफ़-सफाई और कैमिकल ट्रीटमेंट के पूर्व ऐतिहासिक धरोहर पर कुछ इस तरह बदहाल नजर आती थी।
उल्लेखनीय है कि पन्ना नगर के बीचोंबीच राजेन्द्र उद्यान (पार्क) परिसर में बुंदेली राजाओं के दो प्राचीन मकबरे स्थित हैं। कई दशकों से देखरेख के आभाव के कारण मौसम की मार से प्राकृतिक क्षरण के चलते दोनों मकबरों में जगह-जगह घास-फूंस और झाड़-झंकाड़ उग आए थे। बारिश में पानी के बहाव से बने काई के काले धब्बे भव्य मकबरों की बेजोड़ स्थापत्य कला की बारीकियों और सौंदर्य को ग्रहण लगाए हुए थे। पार्क की सैर पर आने वाले लोग ऐतिहासिक धरोहर की बद से बदतर होती स्थिति को देखकर अब तक मन ही मन दुखी और परेशान होते रहे हैं। सुन्दर पार्क में स्थित मकबरों की बदहाली लंबे समय से लोगों को बैचेन करती रही है। कुछ वर्ष पूर्व ही राज्य संरक्षित स्मारक घोषित हुए दोनों मकबरों की बदहाली ने पुरातत्व विभाग का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आसपास स्थिति कहीं अधिक जर्जर करीब आधा दर्जन मकबरों का अनुरक्षण कार्य को प्राथमिकता से कराने के बाद अब पार्क के मकबरों के संरक्षण हेतु फिलहाल आवश्यक कार्य कराए गए हैं।

आकर्षण का केन्द्र बनेंगे

पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय ग्वालियर के उप संचालक पी.सी. महोबिया के मार्गदर्शन में माह नवंबर 2022 में दोनों मकबरों की क्लीनिंग और बायोसाइड ट्रीटमेंट रसायनज्ञ नीलेश लोखंडे की देखरेख में कराया गया। रडार न्यूज़ से चर्चा में श्री लोखंडे ने बताया पार्क के अंदर स्थित दोनों मकबरे अन्य की मकबरों की तुलना काफी अच्छी स्थिति में हैं। इनके संरक्षण कार्य अंतर्गत फ़िलहाल जगह-जगह उग आई घास-खरपतवार की साफ़-सफाई कराई गई। काले धब्बों-काई आदि को घिसाई करवाकर साफ़ कराया। जिसके बाद कैमिकल (बायोसाइड) ट्रीटमेंट करया गया। जीवनाशी रसायनों के छिड़काव के असर से प्राचीन मकबरे अगले कुछ सालों तक दीमक आदि कीट-पतंगों और छोटे-मोटे जीवों से पूर्णतः सुरक्षित रहेगा। साथ ही इन पर खरपतवार भी नहीं उगेंगे। इनके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए सावधानीपूर्वक सिर्फ साफ़-सफाई और बायोसाइड ट्रीटमेंट कराने मात्र से ही दोनों मकबरों का सौंदर्य चमक उठा है। जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि बुंदेली स्थापत्य कला के ये नायब नमूने राजेन्द्र उद्यान की सैर पर आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र साबित होंगे।

मकबरों के इतिहास की जानकारी नहीं

बुंदेली शासकों के गौरवशाली इतिहास के गवाह प्राचीन मकबरों की साफ़-सफाई होने पर लोगों के द्वारा प्रसन्नता जाहिर की गई।
मालूम हो कि पार्क में स्थित मकबरों के इतिहास के संबंध में पुरातत्व विभाग और पन्ना के राज परिवार के पास प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है। जिससे पक्के तौर यह पता चल सके कि कौन सा मकबरा किस महराजा या महारानी का है। मगर जानकर इस बात एक मत हैं कि पार्क परिसर और इसके आसपास स्थित सभी मक़बरे बुंदेली राजाओं, राज परिवार के सदस्यों तथा बुंदेली राजाओं के शासनकाल में ऊंचा ओहदा रखने वाले उनके खास सिपहसालारों के हैं। पन्ना के सफरबाग इलाके में स्थित मिर्ज़ा राजा का भव्य मकबरा इस बात का उदाहरण है कि बुंदेली शासकों के दरबार में विशेष ओहदा रखने वालों को भी मृत्यु पश्चात राजपरिवार के सदस्यों की तरह सम्मान मिलता था। राजाओं की तरह उनके भी मकबरे/छत्री का निर्माण कराने की परंपरा रही है।

 

बाबा साहब के संविधान को कमजोर करना चाहते हैं सावरकर और गोडसे के अनुयायी : पटैरिया

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*     आंबेडकर की पुण्यतिथि पर संविधान की रक्षा करने की ली शपथ

*     आदिवासी दलित अल्पसंख्यक महासंघ के बैनर तले हुआ आयोजन

पन्ना। (www.radarnews.in) भारत को अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने और फिर देश के निर्माण में अविस्मरणीय-अतुल्यनीय योगदान देने वाले महापुरुषों महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया, पंडित जवाहर लाल नेहरू, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर आदि में सबसे बड़ी समानता उनका उद्देश्य था, समतावादी समाज की रचना करना। इसके लिए संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के द्वारा संविधान में अनेक प्रावधान किए गए। ताकि कानून और संविधान के समक्ष सभी नागरिक एक सामान हों। लेकिन पिछले कुछ सालों में बाबा साहब के संविधान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, सावरकर और गोडसे के अनुयायी राष्ट्रपिता बापू के हत्यारे की मानसिकता वाले लोग संविधान में संशोधन के जरिए कमजोर तबकों को मिले हक़-अधिकार छीनकर पूंजीपतियों को और अधिक शक्ति संपन्न बनाने का मंसूबा रखते हैं। इसलिए हमें संविधान की रक्षा को लेकर कहीं अधिक सजग-सतर्क रहने की जरुरत है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राजा पटैरिया ने लगाए हैं।
वे मंगलवार 6 दिसंबर को पन्ना जिले के पवई क़स्बा में आदिवासी-दलित-अल्पसंख्यक महासंघ बुंदेलखंड/ महाकौशल के तत्वाधान में आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री राजा पटैरिया ने कहा कि, जो लोग हमेशा ही बाबा साहब के विचारों और उनके संविधान के विरोधी रहे हैं वे आजकल राजनीतिक स्वार्थपूर्ति के लिए मंच से बाबा साहब का गुणगान करते नहीं थकते। जबकि इनके काम बाबा साहब के मूल्यों-आदर्शों के ठीक विपरीत है। ऐसे तत्वों की चालाकी देश भलीभांति समझ चुका है। श्री पटैरिया ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आव्हान करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के द्वारा बनाए गए संविधान की रक्षा करना मौजूदा परिस्थितियों में उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इनकी रही उपस्थिति 

पवई के आंबेडकर पार्क में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे अरुणपाल सिंह बुंदेला, जिला पंचायत सदस्य मंमता शर्मा, धीरेन्द्र लटौरिया, अजय श्रीवास्तव, गोलूजैन, महमूद खान, गुमान यादव, सेवा लाल पटेल, ध्रुव लोधी, मनीषा आदिवासी, सुधा विश्वकर्मा, जीवनलाल सिद्धार्थ, जीतेन्द्र जाटव, रामकुमार कबीरपंथी, धीरेंद्र वर्मा, कन्हैया वंशकार, राहुल अहिरवार ने बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। पुण्यतिथि सह विचार गोष्ठी कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद बाल्मीकी की सभी वक्ताओं ने सफल आयोजन के लिए मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की गई। इस अवसर पर निधि पटैरिया ने बाबा साहब के द्वारा महिला अधिकारों के लिए किये गए कानूनी प्रावधानों पर केंद्रित गीत प्रस्तुत कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसे सभी उपस्थितों ने जमकर सराहा। अंत में आभार प्रदर्शन शंभू अहिरवार ने किया। इस अवसर पर रोहनी उपाध्यक्ष, अजयपाल, चेनसिंह राठौर झिरमिला सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित थे। जसविंद राठौर बिसानी और अर्जुन कट्टी अस्वस्थ होने के बाद भी दर्जन भर साथियों सहित इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई : 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी को रंगे हाथ पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम की अभिरक्षा में घूसखोर सब इंस्पेक्टर। (लाल घेरे में)

*     मारपीट के प्रकरण में धाराएं बढ़ाने के लिए मांगी थी रिश्वत

*     पन्ना जिले के सिमरिया थाना की पुलिस चौकी हरदुआ का मामला

*     महीने भर में लोकायुक्त पुलिस की दूसरी बड़ी ट्रैप कार्रवाई से मचा हड़कंप

शादिक खान, पन्ना/वहीद खान, हरदुआ (www.radarnews.in) भ्रष्टाचारियों और घूसखोरों का चारागाह बने मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन ने आज बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां के सिमरिया थाना अंतर्गत आने वाली दूरस्थ पुलिस चौकी हरदुआ के प्रभारी उप निरीक्षक हरिराम उपाध्याय को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मारपीट के मामले में धाराएं बढ़ाने और आरोपीगणों को गिरफ्तार करने के एवज में पीड़ित व्यक्ति से चौकी प्रभारी के द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। महीने भर के अंतराल में जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह दूसरी बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। जिससे रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों धड़कनें तेज़ हो गईं हैं, किसी दिन उनका भी यही हाल हो सकता है, यह बात सोच-सोचकर कड़ाके की इस सर्दी में भ्रष्टाचारियों के पसीने छूट रहे हैं।
फरियादी भज्जू अहिरवार।
प्राप्त जानकारी अनुसार भज्जू अहिरवार पिता खिलाइयां अहिरवार 60 वर्ष निवासी हरदुआ का दिनांक 31 अक्टूबर 2022 को धान के खेत में चर रहीं भैंसों को हांकने को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद पर गांव के ही कुछ स्वजातीय लोगों द्वारा भज्जू अहिरवार के साथ गालीं-गलौज और मारपीट की गई थी। जिसकी रिपोर्ट पीड़ित वृद्ध ने घटना दिनांक को ही पुलिस चौकी हरदुआ में लिखाई थी। दिनांक 1 नवंबर को हरदुआ चौकी के द्वारा प्रस्तुत देहाती नालसी पर थाना सिमरिया में आरोपियों के विरुद्ध असल नंबर पर धारा 294, 323, 506, 34 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। जिसमें हरदुआ चौकी प्रभारी एवं उप निरीक्षक हरिराम उपाध्याय के द्वारा फरियादी भज्जू से मामले में धाराएं बढ़ाने और आरोपीगणों को गिरफ्तार करने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग की गई। घूस लेने के लिए चौकी प्रभारी महीने भर से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न कर सिर्फ कोरे आश्वासन दे रहे थे। जिससे परेशान होकर दलित किसान ने दिनांक 2 दिसंबर 2022 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर से लिखित शिकायत की थी। रिश्वत की मांग संबंधी शिकायत का सत्यापन करने के बाद भ्रष्ट सब इंस्पेक्टर को रंगे पकड़ने की योजना बनाई गई।

चौकी प्रभारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज

प्लान के अनुसार सोमवार 5 दिसम्बर को दोपहर के समय भज्जू अहिरवार ने हरदुआ चौकी पहुंचकर वहां मौजूद चौकी प्रभारी हरिराम उपाध्याय को जैसे ही रिश्वत की राशि के रूप में कैमिकल युक्त नोट सौंपें तभी अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबिश देकर उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व करने वालीं लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर मंजू सिंह ने बताया कि फरियादी भज्जू अहिरवार की शिकायत पर पुलिस चौकी हरदुआ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर हरिराम उपाध्याय को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

घूसखोर हैं कि मानते ही नहीं

ट्रैप कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर मंजू सिंह।
पन्ना के दूरस्थ इलाके में हुई इस ट्रैप कार्रवाई की खबर आने के बाद से ही जिला मुख्यालय स्थित प्रशासनिक हलकों और पुलिस महकमे में जबरदस्त हड़कंप मचा है। क्योंकि बमुश्किल महीने भर पहले पन्ना में लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री मनोज रिछारिया को ठेकेदार से 7 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने पकड़ा था। हालांकि लंबे समय बाद कोई पुलिस अधिकारी घूसखोरी के मामले में लोकायुक्त पुलिस संगठन की गिरफ्त में आया है। जिले में नियमित अंतराल में घूसखोर अधिकारियों-कर्मचारियों की धरपकड़ होने के बावजूद सरकारी आफिसों में रिश्वत के बगैर आम आदमी का कोई काम ही नहीं होता। भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को परेशान करते हैं। इस बेइंतहां भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को मौजूदा व्यवस्था के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों का प्रत्यक्ष-परोक्ष संरक्षण प्राप्त होने से स्थिति काफी अराजकतापूर्ण हो गई है। जहां राजनीतिक सिफारिश अथवा रिश्वत के बगैर आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 11 दिसंबर को पन्ना में जनसभा को करेंगे संबोधित

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कमल नाथ अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ रविवार 11 दिसंबर को पन्ना आएंगे। वे यहां जिला मुख्यालय में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस संबंध में प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पन्ना का दौरा कार्यक्रम प्रस्तावित होने के बाद जिले के कांग्रेस नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। कांग्रेस के जिला प्रभारी मनोज त्रिवेदी आज दोपहर 3:00 बजे पन्ना पहुंचे और यहां उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक की मौजूदगी में जिले के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गण, प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गण, विभागों के अध्यक्ष गण, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सबको अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी। तदुपरांत सभी पार्टी नेताओं के साथ शहर के ग्राउंड का निरीक्षण भी किया जहां पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जनसभा आयोजित होगी। श्री त्रिवेदी ने आयोजित होने वाले कार्यक्रम को ऐतिहासिक व सफल बनाए जाने के लिए सभी से आग्रह किया वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक ने पूरे जिले के ब्लॉकों में जाकर दौरा करने और हर् ब्लॉकों से वरिष्ठ नेतागण पदाधिकारी ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे इस बात का आग्रह किया। इस दौरान गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी सहित कांग्रेस पार्टी के नेतागण मौजूद थे।

बोलती तस्वीरें | बुंदेलखंड के वैभव को बयां कर रहे प्राचीन स्मारकों के छायाचित्र

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"बुन्देलखण्ड के स्मारक" छायाचित्र प्रर्दशनी का अवलोकन करते हुए पत्रकारगण और कांग्रेस नेता दीपचंद्र अग्रवाल।

 जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में लगी छायाचित्र प्रदर्शनी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में लगी बुंदेलखंड के स्मारकों पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी इतिहास और कला में रूचि रखने वालों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनीं है। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल अंतर्गत आने वाले जिलों में स्थित प्राचीन स्मारकों के छायाचित्रों को लगाया गया है। 28 नवंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के वैभव की झलक दिखाने वाले महत्वपूर्ण स्मारकों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। अद्भुत पाषण शिल्प, बेजोड़ स्थापत्य के एक से बढ़कर एक भव्य प्राचीन स्मारकों के छायाचित्र स्थापत्य कला के क्षेत्र में बुंदेलखंड के समृद्ध और गौरवशाली अतीत की कहानी को बयां करते हैं। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए पहुंचने वाले लोगों की धरोहरों के चित्रों से जल्दी नजर नहीं हटती। स्मारकों की उत्कृष्ट स्थापत्य कला की बारीकियों को लोग अपलक निहारते रहते हैं।

विश्व धरोहर सप्ताह अन्तर्गत हुआ आयोजन

संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश भोपाल के तत्वाधान में विश्व धरोहर सप्ताह के अन्तर्गत जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना द्वारा दिनांक 23 नवंबर 2022 को बुन्देलखण्ड के स्मारक के छायाचित्र प्रर्दशनी का शुभारम्भ दोपहर 11 बजे डॉ. गोविन्द बाथम प्रोफेसर शासकीय महाविद्यालय माड़ा जिला सिंगरौली व कैलाश सोनी पूर्व योजना अधिकारी पन्ना द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं फीता काटकर किया गया। छायाचित्र प्रर्दशनी में बुन्देलखण्ड के पन्ना, सागर छतरपुर, दतिया निवाड़ी, दमोह आदि जिलों में स्थित पुरातत्वीय स्मारकों तथा महेन्द्र भवन पन्ना जसो मठ सतना, छत्रसाल का मकबरा, खजुराहो के मंदिर, ओरछा की विभिन्न छत्रियां, किलों व अन्य स्मारकों के छायाचित्रों का प्रर्दशन किया गया है। 

छात्राओं और शिक्षकों ने किया अवलोकन 

प्रदर्शनी में श्रीमती निशा जैन पूर्व प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना, शिवादत्त सिंह शोध छात्र व मनहर कन्या उच्चतर विद्यालय की लगभग 200 छात्रायें व शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित थीं। डॉ. गोविन्द बाथम द्वारा उपस्थित छात्राओं व नागरिकों को अपनी धरोहरों को संरक्षित करने व पुरावशेषों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन सुलतान सिंह अनन्त द्वारा किया गया। कार्यक्रम अनूप कुमार ब्रह्मभट्ट, रामप्रकाश वैद्य, रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र विश्वकर्मा, धर्मेन्द्र साहू व लक्ष्मण आदि उपस्थित रहे।

बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिवारी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

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लोकनृत्य दिवारी की प्रस्तुति के दौरान हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए कलाकार।

*    पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत अमचुआ में हुआ आयोजन

*    ढोल-मंजीरा और नगड़िया की थाप के बीच लोकसंगीत पर झूम उठे दर्शक

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोक नृत्य दिवारी का भव्य आयोजन बुधवार 23 नवंबर को जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बनहरी कला में ठाकुर बाबा के धार्मिक स्थल पर हुआ। जिसमें एमपी और यूपी के बुंदेलखंड अंचल की अनेक दिवारी नृत्य टोलियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। ढोल-मंजीरा और नगड़िया की थाप के बीच लोकसंगीत के इस भव्य आयोजन में कलाकारों ने परंपरागत वेशभूषा में नृत्य के साथ कई हैरतअंगेज करतब भी दिखाए। इस दौरान चट-चटाचट बरसती लाठियों के बीच दिवारी गायन और वीर रस से युक्त ओजपूर्ण नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पर कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रवासी भी ख़ुशी से झूम उठे।

प्रतिभाओं का हौसला बढ़ायें

अमावस्या पर आयोजित होने वाले इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता समाजसेवी श्रीकांत पप्पू दीक्षित उपस्थित हुए। जिन्होंने सर्वप्रथम भगवान राधा कृष्ण के मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की तत्पश्चात ठाकुर बाबा के स्थान पर माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ठाकुर बाबा स्थान पर दिवारी नृत्य का आयोजन हुआ जहां पर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के समीप गड़ोखर से पहुंची दिवारी नृत्य की टोली द्वारा जबरदस्त आकर्षक प्रदर्शन किया इस टोली में शामिल नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने जो करतब दिखाए उससे भारी संख्या में मौजूद रहे दर्शक हतप्रभ रह गए। उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीकांत पप्पू दीक्षित ने कहा कि दिवारी नृत्य बुंदेलखंड का पारंपरिक नृत्य है जो हमारी शान है। पन्ना जिले सहित पूरे बुंदेलखंड का दिवारी नृत्य की टोली प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जाकर अपना प्रदर्शन करतीं है और जो लोगों को पसंद भी आता है, हम सबकी होनी चाहिए मिलजुल कर ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाएं और उनको अपना सहयोग प्रदान करते हुए हौसला अफजाई करें।

इनकी रही उपस्थिति 

मुख्य अतिथि श्री दीक्षित ने इस आयोजन में शामिल सभी टोलियों को शील्ड व प्रोत्साहन राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर हल्काईं यादव, मनीष मिश्रा, दीपक दास कालू, दीपक तिवारी, अरविंद राय, पार्षद वेद प्रकाश रैकवार, पूर्व पार्षद भोले कुशवाहा, गुलर दीक्षित, रवि तिवारी, जितेंद्र जाटव, सुनील अवस्थी, सोनू यादव, संदीप विश्वकर्मा, वाले, शिवरतन यादव, इमरान राइन, मुन्ना, प्रबल चतुर्वेदी, साजिद खान श्रीराम शर्मा सहित ग्रामीण क्षेत्र के काफी संख्या में दर्शकगण मौजूद थे।

मप्र : सरकार की वादाखिलाफी से नाराज संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी करेंगे आंदोलन

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पन्ना में बैठक के पूर्व संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुनील यादव को पुष्पहार पहनाकर स्वगत करते जिला उपाध्यक्ष रजनीश शर्मा एवं अन्य पदाधिकारीगण।
  •    संघ के प्रदेशाध्यक्ष की उपस्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की रुपरेखा पर हुई चर्चा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के विभिन्न कर्मचारी-अधिकारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद करनी शुरू दी है। इसी क्रम में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दिसंबर महीने से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन करने की तैयारी शुरू कर दी है। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुनील यादव लगातार जिलों का दौरा कर पदाधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। विगत दिवस पन्ना पहुंचे डॉ. सुनील यादव की अध्यक्षता में यहां राजेन्द्र उद्यान (पार्क) में जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिसमें उन्होंने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के निराकरण को लेकर राज्य सरकार की वादाखिलाफी और घोर उदासीन रवैये को दृष्टिगत रखते हुए लोकतान्त्रिक तरीके से संघर्ष का आगाज़ करने आगामी 15 दिसंबर से चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में उपस्थित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के समस्त पदाधिकारियों द्वारा एक स्वर में आंदोलन शुरू करने के निर्णय पर अपनी सहमति जाहिर की गई।

जून 2018 की नीति का हो अक्षरश: पालन

रविवार 20 दिसंबर को आयोजित हुई बैठक में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदेशाध्यक्ष डॉक्टर यादव ने सभी पदाधिकारियों से आव्हान किया कि इस बार हमें निर्णायक संघर्ष करना है इसलिए चाहे कितने भी मुश्किलें क्यों ना आएं, हमारी एकता को तोड़ने के लिए चाहे कितने भी हथकण्डे अपनाए जायें या फिर दबाव बनाया जाए हमें अपनी मांगों का निराकरण होने तक पीछे नहीं हटना है। अपने हितों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर आंदोलन में अपनी पूर्ण सहभागिता निभानी है। और पूरी तरह सतर्क व जागरूक रहना है। जिस पर बैठक में उपस्थित समस्त कर्मचारियों ने दोनों हाथ ऊपर उठाकर आंदोलन में अपनी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुनील यादव ने प्रमुख मांगों के संदर्भ में कर्मचारियों के मन में जिज्ञासा और सवालों का संतुष्टि पूर्ण निराकरण करते हुए स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5 जून 2018 की नीति का अक्षरश: पालन एवं सपोर्ट स्टॉफ की एनएचएम में वापसी करवाना है। बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा मौजूदा सरकार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की मांगों को लेकर अपने ही वादों से मुकर रही है यदि आगे भी यही रवैया रहता है तो हमें आगामी विधानसभा चुनावों में अपने वोट की ताकत को दिखाने पर गंभीरता पूर्वक विचार करना होगा।
इनकी रही उपस्थिति
पन्ना के राजेन्द्र उद्यान में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक के पूर्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुनील यादव ने महापुरुषों के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित की।
आयोजित हुई बैठक में प्रमुख रूप से संघ के पन्ना जिला अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, सपोर्ट स्टाफ प्रदेश महासचिव मुकेश सिंह, महिला प्रकोष्ठ संभाग अध्यक्ष श्रीमती अनु बागरी, संगठन कोषाध्यक्ष बृजकिशोर जड़िया, जिला उपाध्यक्ष सजनीश शर्मा, रुचि शर्मा, रविंद्र त्रिपाठी, अनूप सोनी, सत्येन्द्र द्विवेदी, राजेंद्र कुमार रैकवार, जगत प्रजापति, विजय अहिरवार, विजय गोहत, बाबूलाल पटेल, राधा पटेल, रचना शर्मा, सृष्टि नामदेव, रोशनी सेन, शांति गोटिया दुर्गेश्वरी सहारे, आशीष खरे, शारदा जाटव, रामदेवी पाल, अनीता ओमरे, अनुराग शर्मा, संजय त्रिपाठी, पुष्पा चतुर्वेदी, कमलेश प्रजापति, सहित बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे।

 

जेके सीमेंट कंपनी के मैनेजर और सहायक मैनेजर के ख़िलाफ़ पंजीबद्ध होगा आपराधिक प्रकरण

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फाइल फोटो।

*     बुजुर्ग महिला द्वारा प्रस्तुत परिवाद पत्र पर विशेष न्यायालय पन्ना ने दिया आदेश

*      तहसीलदार, उप पंजीयक और दो अन्य के विरुद्ध साक्ष्य के आभाव में समाप्त की कार्रवाई

पन्ना। (www.radarnews.in) लंबे समय से विवादों से घिरे जेकेसेम सेंट्रल लिमिटेड के पन्ना जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थापित नवनिर्मित सीमेंट प्लांट में पदस्थ दो बड़े रसूखदार अफसरों की मुश्किलें कोर्ट के आदेश के बाद अचानक बढ़ गईं हैं। विशेष न्यायालय पन्ना ने जेके सीमेंट प्लांट हरदुआ केन के मैनेजर एपी सिंह (45) मैनेजर व सहायक मैनेजर संजय सिंह (40) के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने के आदेश दिए हैं। वृद्धा हक्की बाई चौधरी 77 वर्ष के द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पत्र पर सुनवाई उपरान्त विद्वान विशेष न्यायाधीश आरपी सोनकर ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया है। जेके सीमेंट के दोनों अधिकारियों पर दलित वृद्धा को जाति सूचक शब्द बोलकर गाली-गलौंज करने और धमकाने का आरोप है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए दिनांक 13 दिसंबर 2022 को तारीख़ तय की है। जिसमें दोनों अभियुक्तगण को पेशी में उपस्थित रहने समंस के माध्यम से सूचना भेजने का आदेश दिया है।

इनके खिलाफ प्रस्तुत किया था परिवाद

प्रकरण के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार वृद्धा हक्की बाई चौधरी पत्नी हक्का चौधरी 77 वर्ष निवासी ग्राम हरदुआ केन (देवरा) ने अपने अधिवक्ता के साथ विशेष न्यायालय पन्ना में उपस्थित होकर दिनांक 24 नवंबर 2020 को छह आरोपीगण रजनीश रावत पुत्र राधेश्याम रावत 34 वर्ष जेकेसेम सेन्ट्रल लिमिटेड कानपुर, एपी. सिंह पुत्र राघवेन्द्र सिंह 45 वर्ष मैनजर जेकेसेम निवासी अमानगंज जिला पन्ना, संजय सिंह पुत्र बीपी सिंह 40 वर्ष सहायक मैनेजर जेकेसेम सेन्ट्रल लिमिटेड हाल निवासी अमानगंज जिला पन्ना, रतन सिंह तत्कालीन तहसीलदार अमानगंज जिला पन्ना, जीवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी तत्कालीन उप पंजीयक कार्यालय पन्ना एवं मुकेश सोनी हल्का पटवारी हरदुआकेन तहसील अमानगंज जिला पन्ना मप्र के विरुद्ध धारा 427, 294, 323, 419, 420, 467, 468, 447, 506 बी / 34 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 3(1) (ग), 3 (1) (घ) तथा 3 (2) (5) एससी/ एसटी एक्ट के अधीन परिवाद पत्र प्रस्तुत किया था।
भूमि की बिक्री में धोखाधड़ी का आरोप
वृद्धा हक्की बाई की ओर से पेश किये गए परिवाद में बताया गया है कि उसकी कृषि भूमि रजनीश रावत जेकेसेम सेन्ट्रल लिमिटेड के द्वारा क्रय की गई थी। अभियुक्त रजनीश ने वृद्धा की आराजी नं. 337 एवं 842/2 का वयनामा कंपनी के मुख्तयारआम होने के लिए दिनाक 22 दिसंबर 2018 को निष्पादित कराया था। रजनीश को उक्त आराजी पर सीमेन्ट प्लांट स्थापित करना था। आरोप है कि अभियुक्त ने परिवादिया के अनपढ़ होने का फायदा उठाते हुए उप पंजीयक को प्रभाव में लेकर तथा उससे सांठगांठ कर परिवादिया को बिना बताए आराजी नं. 328/ 2 रकवा 0.810 हेक्टेयर का वयनामा निष्पादित कर लिया। जिसकी जानकारी परिवादिया हक्की बाई को नहीं थी। उक्त भूमि पर वृद्धा मकान बनाकर परिवार के साथ रहती थी। जहां उसने पेयजल की सुविधा हेतु बोर करवाया था एवं फलदार वृक्ष लगे थे। खसरा पंचसाला वर्ष 2013-2018 के कॉलम नं. 12 में मकान, बोर और पेड़ दर्ज हैं। इसके बावजूद अभियुक्त रजनीश रावत ने अभियुक्त तत्कालीन उप पंजीयक पन्ना जीवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी से सांठगांठ कर उक्त आराजी पर कोई वृक्ष, मकान, कुआं न होना लेख करते हुए वयनामा निष्पादित करवा लिया। परिवादिया को हानि पहुंचाने के आशय से उक्त छल किया गया है।
जेके के अधिकारियों ने की थी गाली-गलौंज
सांकेतिक चित्र।
प्रस्तुत परिवाद पत्र में उल्लेख किया गया है दिनांक 22 अक्टूबर 2020 को अभियुक्त एपी सिंह मैनेजर व संजय सिंह सहायक मैनेजर जेके सीमेंट लिमिटेड ने उसे उक्त आराजी पर से मकान, वृक्ष, बोर हटाने तथा आराजी खाली करने के लिए कहा गया। जिस पर वृद्धा ने बताया उसने आराजी नं. 328 /2 विक्रय नहीं की है। यह बात सुनते ही जेके सीमेंट के दोनों अधिकारी भड़क उठे और वृद्धा को अश्लील एवं जाति सूचक गालियां देते हुए बोले तेरी सम्पूर्ण आराजी क्रय की है, ऑफिस आ फिर बताते हैं क्या-क्या कय किया है। परिवादिया गांव के छत्रपाल सिंह, दीपक सिंह एवं अपने पति को लेकर अभियुक्त एपी सिंह व संजय सिंह के के आफिस पहुंची। जहां पता चला कि उन्होंने आराजी क. 328/ 2 मकान, बोर, पेड़ का नामान्तरण जेके सीमेंट कंपनी के नाम पर करवाकर डायवर्सन भी करवा लिया है।
पुलिस ने शिकायत पर नहीं की कार्रवाई
वृद्धा (परिवादिया) ने सीमेंट कंपनी के दोनों गालीबाज अधिकारियों के विरुद्ध थाना अमानगंज में रिपोर्ट की गई। लेकिन उनके रसूख के चलते थाना अमानगंज पुलिस ने परिवादिया की रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया। मामले में अभियुक्त रतन सिंह तत्कालीन तहसीलदार अमानगंज व मुकेश सोनी हल्का पटवारी हरदुआकेन ने उक्त नामांतरण जेकेसेम के नाम से करके परिवादिया को हानि पहुंचाने के आशय से कूटरचना कर छल किया है। अभियुक्तगण पृथक-पृथक अपराध के उत्तरदायी हैं। वृद्धा ने मामले की शिकायत दिनांक 23 अक्टूबर 2020 को पुलिस अधीक्षक पन्ना से भी की थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है। दलित वृद्धा द्वारा न्यायालय से गुहार लगाई गई कि प्रस्तुत परिवाद पर अभियुक्तगण के विरूद्ध पंजीबद्ध किए जाने का आदेश पारित किया जाए।
धोखाधड़ी और मारपीट नहीं दिए साक्ष्य
विशेष न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश में उल्लेख है कि परिवादिया एवं उसके द्वारा प्रस्तुत साक्षियों द्वारा समस्त अभियुक्तगण के विरूद्ध धारा 323, 419, 420, 467, 468, 447 भादंसं के संबंध में कोई मौखिक साक्ष्य, जिसमें दस्तावेजों की कूटरचना या अभियुक्तगण द्वारा मारपीट की गई हो, व्यक्त नहीं किया गया है और न ही कूटरचित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया है। इसलिए उपरोक्त धाराओं के विचारण हेतु प्रथम दृष्टया अपराध बनना प्रतीत नहीं होता है। इस कारण समस्त अभियुक्तगण के विरूद्ध धारा 323, 419, 420, 467, 468, 447 भादंसं के अंतर्गत कार्यवाही समाप्त की जाती है। किन्तु अभियुक्त एपी सिंह एवं संजय सिंह के विरूद्ध शेष धारा 294 भादंसं विकल्प में धारा 3(1) (ध) अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 धारा 506 (भाग दो) भादंसं विकल्प में धारा 3(2) (50) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं धारा 427 भादंसं के अधीन अपराध प्रथम दृष्टया बनना प्रकट होता है।
अपराध का संज्ञान लेने के पर्याप्त आधार
पारित आदेश में कहा गया है कि परिवादिया की ओर से प्रस्तुत कथन एवं परिवादी साक्षियों के कथन के अवलोकन उपरांत अभियुक्त अभियुक्त एपी सिंह एवं संजय सिंह के विरूद्ध उक्त धाराओं के संबंध में अपराध का संज्ञान लिए जाने हेतु प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार विद्यमान होने से उपरोक्त धाराओं का संज्ञान लिया जाता है। किन्तु शेष अभियुक्तगण रजनीश रावत, तत्कालीन तहसीलदार अमानगंज रतन सिंह, तत्कालीन उप पंजीयक जीवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी एवं पटवारी मुकेश सोनी के विरूद्ध कोई अपराध नहीं बनने से उनके विरूद्ध कार्यवाही समाप्त की जाती है। विद्वान् विशेष न्यायाधीश पन्ना आरपी सोनकर ने अभियुक्त एपी सिंह मैनेजर एवं संजय सिंह सहायक मैनेजर जेके सीमेंट के विरूद्ध धारा 294 भादंसं विकल्प में धारा 3 (1) (ध) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 धारा 506 (भाग-दो) भादंसं विकल्प में धारा 3 (2) (5क) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं धारा 427 भादंसं के अधीन अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश जारी किया है।

मुक्कमल न हो सकी मोहब्बत ! प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पेड़ की डाल पर एक ही रस्सी से लटके मिले

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फांसी के फंदे पर झूलते प्रेमी युगल के शवों को देखते हुए घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण।

*    पड़ोसी जिला दमोह के गैसाबाद का निवासी था प्रेमी जोड़ा

*    पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत पेड़ पर लटके मिले शव

पन्ना।(www.radarnews.in) पड़ोसी जिला दमोह के गैसाबाद निवासी एक प्रेमी युगल का प्यार परवान चढ़ पाता कि इसके पहले ही परिवार और समाज द्वारा स्वीकार न किए जाने भय से इन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। साथ जीने का सपना पूरा ना होते देख इस प्रेमी युगल ने पन्ना जिले के सीमावर्ती सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हीरापुर ग्राम के आमघाट पहुंचकर साथ मरने का फैसला कर पेड़ की डाल पर एक ही रस्सी से फांसी लगा ली। इस तरह एक प्रेम कहानी का दर्दनाक दुखांत हो गया। फांसी के फंदे पर लटके प्रेमी जोड़े के शव का विचलित करने वाला दृश्य जिसने भी देखा उसका कलेजा बैठ गया और आंखें भर आईं। मृतकों की पहचान निवासी गैसाबाद जिला दमोह के रूप में हुई है। घटना का पता चलने पर दोनों मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंच चुके थे।
सिमरिया थाना से प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस को आज शाम करीब 4 बजे ग्रामीणों के द्वारा सूचना दी गई कि हीरापुर ग्राम के आमघाट के समीप एक पेड़ पर फांसी के फंदे पर दो अज्ञात शव लटके हैं। जानकारी मिलते ही सिमरिया थाना प्रभारी सुशील अहिरवार आनन-फानन हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक सोशल मीडिया के माध्यम से यह सनसनीखेज खबर आग की तरह पूरे इलाके में फ़ैल गई। उधर लापता मयंक पटेल (परिवर्तित नाम) 18 वर्ष तथा मानसी वर्मा (परिवर्तित नाम) 17 वर्ष की खोजबीन में जुटे उनके परिजनों को जैसे ही इस घटना की भनक लगी वे भी तुरंत आमघाट पहुंचे। सिमरिया थाना प्रभारी ने बताया कि नाबालिग मानसी के रहस्मय तरीके से लापता होने की सूचना बुधवार 16 नवंबर को परिजनों के द्वारा गैसाबाद थाना में दी गई थी। जिस पर पुलिस ने बाकायदा प्रकरण कायम किया था। उधर, मयंक के भी गायब होने से नाबलिग लड़की के परिजनों को पूरा संदेह था कि मानसी उसी के साथ गई है। लेकिन दोनों ही परिवारों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके बच्चे आत्मघाती कदम उठा लेंगे। जनचर्चा है कि प्रेमी युगल की मोहब्बत की राह में जातिगत बंधन और समाज के तथाकथित नियम-क़ानून आड़े आ रहे थे। इसलिए इन दोनों का रिश्ता उनके परिवार वालों को मंजूर नहीं था। जिसके चलते हताश-निराश होकर दोनों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया।
फांसी के फंदे पर लटके प्रेमी युगल के शव।
सिमरिया थाना पुलिस ने मृतकों के परिजनों की उपस्थिति दोनों शवों को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए सिमरिया भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक सिमरिया थाना पुलिस इस दुखद घटना पर मर्ग कायम करने की कार्रवाई में जुटी थी। दोनों शवों का पोस्टमार्टम शुक्रवार 18 नवंबर की सुबह सिमरिया की मोर्चरी में होगा।