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विधायक जी…. कुछ तो मर्यादा रखिए !

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गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी ने अपने होंठ में दबे हुए नोट को नर्तकी से बेहद अश्लील तरीके से निकलवाया।

*     फीमेल डांसर का हाथ पकड़कर जमकर लगाए ठुमके, होंठ से नोट निकलवाते दिखे

*     मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक शिवदयाल बागरी के फूहड़ डांस का वीडियो हुआ वायरल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) अब इसे पद की खुमारी कहें या फिर “दिल तो बच्चा है जी” वाली आदत, मगर विधायक जी ने जो कुछ भी किया वो निहायत ही अश्लील और फूहड़ था। मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक एक कार्यक्रम में बुंदेलखंड के पारंपरिक लोक नृत्य राई पर फीमेल डांसर के साथ ठुमके लगाने में इस कदर मस्त हो गए कि अपनी मर्यादा ही भूल गए और अपने होंठ में नोट दबाकर उसे नर्तकी से निकलवाते दिखे। विधायक जी की इस मौज-मस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के आरक्षित गुनौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक शिवदयाल बागरी अपने निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत किसी समर्थक के घर पर आयोजित निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बुंदेलखंड के लोक नृत्य राई पर फीमेल डांसर का हाथ पकड़कर नाचते हुए जमकर ठुमके लगाए। नृत्य की इस इस जुगलबंदी का आनंद उठा रहे कुछ लोग खुश होकर दोनों की रुपयों से न्योछावर भी करते हैं। इस बीच एक व्यक्ति आता है और ठुमके लगा रहे विधायक शिवदयाल बागरी के होठों में एक करेंसी नोट दबा देता है, तब नर्तकी विधायक के मुंह के बेहद क़रीब अपने मुंह को लाती है और फिर मादक अदा के साथ नोट के दूसरे सिरे को अपने होंठों से दबाकर निकाल लेती है। माननीय की इस फूहड़ मौज-मस्ती पर सोशल मीडिया यूजर्स अब तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। अधिकांश लोगों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह भद्दा और अश्लील आचरण शोभा नहीं देता। जनप्रतिनिधि से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपनी मर्यादा, पदीय गरिमा और छवि को ध्यान में रखकर संतुलित व्यवहार करेंगे।

छवि धूमिल करने विरोधियों ने की साजिश

बहरहाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गुनौर के कांग्रेस विधायक शिवदयाल का वीडियो वायरल होने पर सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं के अलावा गुनौर से कांग्रेस पार्टी के टिकिट के दावेदार भी खासे सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस के बड़े नेताओं को विधायक के कारनामे से अवगत कराने के लिए इस वीडियो को उन्हें भेजा गया है। वायरल वीडियो कब का है और कहां का है इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में वीडियो गुनौर विधानसभा क्षेत्र के हरद्वाही ग्राम का होने का दावा किया गया है। बता दें कि, रडार न्यूज़ स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मंगलवार 25 अप्रैल की शाम इस मामले पर गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने वीडियो को 4-5 वर्ष पुराना बताते हुए इसे राजनैतिक विरोधियों के द्वारा विधानसभा चुनाव के पूर्व उनकी छवि धूमिल करने का सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। बागरी ने बताया कि आज मैनें वीडियो को देखा है जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

पवई के भाजपा विधायक का ऑडियो हुआ था वायरल

पवई विधायक प्रहलाद लोधी।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व पन्ना जिले के ही पवई विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रहलाद लोधी का ईलू-ईलू वाला ऑडियो सामने आया था। जिसमें विधायक जी एक महिला से प्रेमलाप करते हुए उससे मिलने का आग्रह करते हैं। पवई विधायक ने ऑडियो पर अपनी सफाई देते हुए इसे अपने राजनैतिक विरोधियों की साजिश करार दिया था।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सीपी मित्तल तीन दिवसीय प्रवास पर आज आएंगे पन्ना

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राष्ट्रीय सचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं सह प्रभारी मध्य प्रदेश कांग्रेस सीपी मित्तल।

*   नई नियुक्तियों से उपजे असंतोष के मद्देनज़र करेंगे संगठनात्मक समीक्षा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना की जंबो जिला कार्यकारिणी के गठन एवं चार ब्लॉकों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति से पार्टी में उपजे असंतोष को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संज्ञान लिया है। कांग्रेस नेतृत्व ने मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने तथा पन्ना जिले की संगठनात्मक समीक्षा हेतु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्य प्रदेश के सह प्रभारी सीपी मित्तल को विशेष रूप से ज़िम्मेदारी सौंपी है। इसी सिलसिले में श्री मित्तल अपने तीन दिवसीय प्रवास पर रविवार 16 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे पन्ना पहुंचेंगे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव का पन्ना जिले का दौरा कार्यक्रम जारी किया है। आधिकारिक तौर पर जारी कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी सीपी मित्तल दिनांक 16 से 18 अप्रैल 2023 तक पन्ना जिले दौरे पर रहेंगे। श्री मित्तल दिल्ली से स्पाईस जेट विमान के द्वारा 16 अप्रैल की शाम 6:20 खजुराहो विमानतल (हवाई अड्डा) पहुंचेंगे। जहां से कार द्वारा सड़क मार्ग से होते हुए वे पन्ना पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। सोमवार 17 एवं मंगलवार 18 अप्रैल को श्री मित्तल पन्ना में लगातार दो दिन जिले में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति की गहन समीक्षा करेंगे। चर्चा है कि इस दौरान वे कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी के गठन में की गईं कथित मनमानी से जुड़े आरोपों की जांच करेंगे और इसके विरोध में सामूहिक इस्तीफ़ा देने वाले पार्टी नेताओं से मुलाकत कर उनकी आपत्तियों को सुनेंगे। मंगलवार 18 अप्रैल की शाम 5 बजे श्री मित्तल पन्ना से वापस खजुराहो के लिए रवाना होंगे। वहां से स्पाईस जेट की फ्लाईट से वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

उल्लेखनीय है कि नई नियुक्तियों को लेकर पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक पर बड़े पैमाने पर खुलकर मनमानी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके विरोध स्वरूप सैंकड़ा भर पदाधिकारियों ने 12 अप्रैल को जिला मुख्यालय में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए अपने पदों से सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया था। नाराज पदाधिकारियों ने यह मांग रखी थी कि पद से इस्तीफ़ा सौंपने के 15 दिवस के अंदर अगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक एवं पन्ना जिला कांग्रेस प्रभारी सम्मति सैनी को हटाया नहीं गया तो उन्हें सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ेगा।
जिले में कांग्रेस पार्टी में मचे जबरदस्त घमासान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सीपी मित्तल के संगठनात्मक समीक्षा के सिलसिले में पन्ना आने की खबर से कांग्रेस नेताओं की हलचल काफी बढ़ गई है। एक ओर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के करीबी सिपहसालार और दूसरी तरफ उन्हें भाजपा का एजेंट बताने वाले बागी नेताओं की फ़ौज है। दोनों ही पक्षों ने मित्तल के समक्ष तथ्यों, तर्कों व साक्ष्यों के साथ एक-दूसरे घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय सचिव के दौरे को जिले में कांग्रेस संगठन के भावी स्वरूप व इसकी दशा-दिशा के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सह प्रभारी मध्य प्रदेश कांग्रेस सीपी मित्तल।
पार्टी सूत्रों की मानें तो इस दौरे में जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक, जिला प्रभारी सम्मति सैनी तथा इनके विरोध में इस्तीफ़ा देने वाले बागी नेताओं के भविष्य पर फैसले से जुड़ी रिपोर्ट तैयार की जायेगी। जिसे राष्ट्रीय सचिव सीपी मित्तल के द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपा जायेगा। इसलिए पन्ना में आगामी दो दिन तक चलने वाली कांग्रेस की मैराथन संगठनात्मक समीक्षा बैठक पर मीडिया के साथ-साथ सत्ताधारी दल भाजपा की भी पैनी नज़र रहेगी। सर्वविदित है कि पन्ना जिला भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के संसदीय क्षेत्र का मुख्यालय है। इसके अलावा शिवराज सरकार में खनिज एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना से ही विधायक हैं। चंद माह बाद प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के इन दिग्गजों की अपने निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के खेमे में होने वाली प्रत्येक हलचल पर करीबी नजर होना स्वाभाविक है।

MP में अराजकता चरम पर | भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा पुलिस प्रशासन : अरुण यादव

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पन्ना जिले के हरदुआ ग्राम में हुए गोलीकांड में मृत किसान की पत्नी और पुत्र पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव को अपनी आपबीती सुनाई।

*    हरदुआ फायरिंग कांड में मृत किसान के परिजनों एवं घायलों से मिले पूर्व केन्द्रीय मंत्री

*     सांसद वीडी शर्मा और मंत्री बृजेन्द्र प्रताप पर आरोपियों को बचाने का लगाया आरोप

*     प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा- “भाजपा सरकार के पाप का घड़ा जनता जल्द ही फोड़ेगी”

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) भारतीय जनता पार्टी के नेतागण हरदुआ फायरिंग कांड के आरोपियों को बचा रहे हैं। पुलिस ने मामले में लीपापोती करते हुए सिर्फ एक व्यक्ति को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया। जबकि इस जघन्य वारदात में शामिल अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इतनी बड़ी घटना में मारे गए किसान के परिजन और गोलीबारी में घायल हुए लोगों के बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पन्ना पुलिस उनकी सुनवाई तक नहीं कर रही है। दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां बरसाने वाले आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष पन्ना के रिश्तेदार हैं। इसलिए प्रदेश की सरकार, खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के दबाव में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है।
यह गंभीर आरोप पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने लगाए हैं। वे शुक्रवार को अल्प प्रवास पर पन्ना के पटी और हरदुआ ग्राम पहुंचे। जहां उन्होंने हरदुआ फायरिंग कांड के पीड़ितों से मुलाकत की। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान फायरिंग कांड में मारे गए किसान के पुत्र बृजेन्द्र यादव और घटना के चश्मदीद घायल बच्चों तथा वयस्कों ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री को सम्पूर्ण घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए आपबीती सुनाई।

खेत में भैंस घुसने पर हुआ था विवाद 

बता दें कि, पन्ना जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम हरदुआ में सप्ताह भर पूर्व 31 मार्च 2023 को खेत में भैंस घुसने की मामूली सी बात पर हुए विवाद में राहुल उर्फ़ रानू वाजपेयी, सुरेन्द्र शंकर उर्फ़ सोनू वाजपेयी एवं अन्य लोगों ने बंदूकों से दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थी। इस घटना में गोली लगने से कृषक पूरन यादव निवासी पटी ग्राम की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि पूरन के पुत्र समेत 7 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में अधिकांश के शरीर पर गोलियों से निकले छर्रे अभी भी धंसे हैं। समूचे पन्ना जिले को दहला देने वाले फायरिंग कांड के आरोपियों का पुलिस के द्वारा बचाव करने को लेकर कांग्रेस के क़द्दावर नेता अरुण यादव ने गहरी नाराज़गी वयक्त करते हुए सूबे की भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर जोरदार हमला बोला।

आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा है

पन्ना जिले के हरदुआ ग्राम में फायरिंग कांड में घायल बच्चों एवं वयस्कों से उनका हालचाल और घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त करते वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव ने पन्ना में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, मध्यप्रदेश में पिछले 17-18 साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार में अन्याय-अत्याचार का बोलबाला है। प्रदेश में हर तरफ भारी अराजकता का माहौल है। इन परिस्थितियों में आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा है। पूरा मध्यप्रदेश ही असुरक्षित है। सूबे की भाजपा सरकार के पाप का घड़ा पूरी तरह भर चुका है, प्रदेश की जनता इसे जल्द ही फोड़ देगी। हरदुआ फायरिंग कांड के पीड़ितों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर व्याप्त जबरदस्त असंतोष एवं आरोपियों को बचाने जैसे बेहद गंभीर आरोपों के मद्देनज़र आपने पूरी घटना की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।

अन्याय-अत्याचार के खिलाफ खड़े होते हैं कांग्रेसी

पन्ना के सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने बताया कि वह जल्द ही इस मामले को लेकर प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीजीपी से मिलेंगे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी वास्तविक स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश या देश जहां कहीं भी अन्याय-अत्याचार होता कांग्रेस पार्टी के लोग हमेशा उसके खिलाफ मजबूती के साथ खड़े होते हैं। बिना किसी भेदभाव के पीड़ितों को न्याय दिलाना हम सबका कर्तव्य है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने पन्ना हालात पर गहरी चिंता और दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। सत्ताधारी दल के प्रति इनकी निष्ठा पहले ही सप्रमाण उजागर हो चुकी है। पन्ना के हालात इस कारण बड़ी ही तेजी से बद से बद्तर हो रहे हैं। आपने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र के द्वारा थोकबंद शस्त्र लाइसेंस बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए पूंछा क्या यह इलाका आतंकी से समस्या प्रभावित है ! क्या इसलिए यहां हर किसी को बंदूक का लायसेंस दिया जा रहा है?
हरदुआ फायरिंग कांड के संबंध में निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर कोतवाली थाना पन्ना में पुलिस अधीक्षक से चर्चा करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव।
प्रेस वार्ता के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने पन्ना के कोतवाली थाना में पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना से मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने हरदुआ फायरिंग कांड पर पुलिस अधीक्षक पन्ना से पूर्णतः निष्पक्ष होकर कार्रवाई करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। गोलीकांड के पीड़ितों का ज्ञापन एसपी को सौंपने के बाद श्री यादव भोपाल के लिए रवाना हो गए।

पीड़ितों के साथ पुलिस का बर्ताव घृणित और अमानवीय : नायक

पन्ना के सर्किट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब होते कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री मुकेश नायक।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश नायक भी पटी और हरदुआ ग्राम पहुंचकर फायरिंग कांड के पीड़ितों से मिले। वापस पन्ना लौटकर श्री नायक ने पत्रकारों को बताया कि यह पहला ऐसा मामला है जिसमें पीड़ित पक्ष की आपबीती को एफआईआर में दर्ज ही नहीं किया गया। आरोपियों के द्वारा दो बंदूकों से गोलियां चलाई गईं जिसके छर्रे 7 घायल व्यक्तियों के शरीर में आज भी मौजूद हैं। पुलिस प्रशासन जिस तरह का बर्ताव पीड़ित परिवार के साथ कर रहा है वह पक्षपात और अमानवीयता का ऐसा घृणित उदाहरण है जोकि पन्ना जिले में बहुत कम देखने को मिला। जिस परिवार के सदस्य की गोलीबारी में मौत हो गई और जो लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनसे पन्ना के पुलिस अधीक्षक ने अच्छी भाषा में बात नहीं की। उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। इस प्रकरण में कनून की नियम-प्रक्रिया के तहत क्रिमिनल प्रोसीजर को फॉलो नहीं किया गया।

इतनी अराजकता तो अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं थी

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री मुकेश नायक।
पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने बताया कि मृत किसान पूरन सिंह यादव की पार्थिव देह को अग्नि देने के बाद अस्थियों के संचय के दौरान परिजनों को एक बुलेट मिली है। जिसे हम लोग अभी देखकर आ रहे हैं। किसान के अंतिम संस्कार वाले दिन ही शोक संतृप्त परिजनों को थाना बुलाया गया था। पुलिस को थोड़ी तो मानवीय संवेदना रखनी चाहिए, कम से कम उनके पिता की चिता की आग ठंडी हो जाने देते। पीड़ित परिजनों को बुलाने के लिए जिस तरह से फरमान जारी किया उसका तरीका बेहद अनुचित और लहज़ा ऐसा था जिससे पीड़ितों को लगा कि पुलिस उन्हें ही हिरासत में ले सकती है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नायक ने आरोप लगाया, पीड़ितों के साथ यह बर्ताव भाजपा नेताओं के राजनैतिक दबाव में किया जा रहा है। मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के पन्ना से निर्वाचित होने के बाद से यहां पक्षपात और अराजकता बढ़ी है। इतनी अराजकता तो अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं थी।

एमपी को मिला 8 हजार 201 करोड़ रूपये का खनिज राजस्व

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बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मंत्री, साधन एवं श्रम विभाग मध्यप्रदेश शासन।

*     लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त होने की खनिज मंत्री ने दी जानकारी

पन्ना। (www.radarnews.in) खनिज सम्पदा बहुल मध्यप्रदेश को वित्तीय वर्ष 2022-23 में 8 हजार 201 करोड़ 50 लाख रूपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में खनिज विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्य का 101 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग के लिए राजस्व लक्ष्य 8 हजार 110 करोड़ रूपये निर्धारित था, जिसके विरूद्ध विभाग को 8 हजार 201 करोड़ 50 लाख रूपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग को मुख्य खनिजों से 4 हजार 200 करोड़ रूपये, गौण खनिजों से 3 हजार 170 करोड़ और ग्रामीण अवसंरचना मद से 831 करोड़ 50 लाख रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश खनिज बहुल प्रदेश है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खनिज पाये जाते हैं। मुख्य खनिजों में मुख्यतः कोयला, चूना पत्थर, मैंगनीज, कॉपर, आयरन, हीरा और गौण खनिज डोलोमाइट, लेटराइट, पायरोफिलाइट, ग्रेनाइट, मार्बल, गिट्टी, रेत, फर्शी पत्थर इत्यादि पाये जाते हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रदेश को खनिज संपदा से 7 हजार 122 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति हुई थी। इस वर्ष राजस्व प्राप्ति विगत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

कृषि महाविद्यालय में कृषि के विविध आयामों पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

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पन्ना। (www.radarnews.in) अधिष्ठाता कृषि संकाय जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार कृषि महाविद्यालय पन्ना (लक्ष्मीपुर) में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बीएससी (कृषि) छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया। कृषि एवं इसके विविध आयाम जैसे- प्राकृतिक कृषि, प्राकृतिक संसाधन एवं इनका प्रबंधन, मृदा एवं जल संरक्षण, लघुधान्य, जैविक उर्वरक, बासमती चावल प्रतियोगिता के प्रमुख विषय रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार यादव, कृषि विज्ञान केन्द्र प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एन. त्रिपाठी एवं सहायक स्टॉफ बालेन्द्र सिंह, अक्षय मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा-1 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ

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फाइल फोटो।
पन्ना।(www.radarnews.in) केन्द्रीय विद्यालय पन्ना में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में कक्षा एक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 27 मार्च को सुबह 10 बजे से शुरू हो गया है। पंजीयन 17 अप्रैल को शाम 7 बजे तक होगा। प्रवेश के लिए छात्र-छात्रा की आयु 31 मार्च 2023 की स्थिति में न्यूनतम 6 वर्ष होना जरूरी है। कक्षा-2 और ऊपर की कक्षाओं में स्थान रिक्त होने पर प्रवेश मिल सकेगा। इसके लिए 3 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 12 अप्रैल को शाम 4 बजे तक ऑफलाइन मोड द्वारा पंजीकरण कराया जा सकता है। केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के प्राचार्य विद्याचरण चौरसिया द्वारा अवगत कराया गया है कि नवीन प्रकिया के तहत अब कलेक्टर और सांसद कोटा समाप्त कर दिया गया है। प्रवेश संबंधी विस्तृत विवरण विद्यालय की वेबसाइट और एंड्रॉयड मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

शिवराज सरकार को सत्ता से हटाने मप्र की 2 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने भरी हुंकार

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अपनी मांगों के निराकरण प्रति राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए पन्ना में आंगनवाड़ी बहनों विशाल पैदल मार्च निकला।

*     6 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं प्रदेश भर की आंगनवाड़ी वर्कर्स

*      मांगों के निराकरण के प्रति सरकार की उपेक्षा, असंवेदनशीलता एवं भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर आक्रोश

*       आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को आंगनवाड़ी वर्कर्स और उनके परिजन नहीं देंगे वोट : योगिता कावड़े

*      एक ओर चुनाव से पहले “लाड़ली बहना” को प्यार दूसरी ओर आंगनवाड़ी बहनें अपने हक़ के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार के प्रति कर्मचारी संगठनों की नाराज़गी लगातार सामने आ रही है। कई वर्षों से लंबित अपनी मांगों का निराकरण न होने और सरकार की वादाखिलाफ़ी से नाराज विभिन्न छोटे-बड़े अधिकारी-कर्मचारी संगठन आंदोलन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। इस साल कर्मचारी संगठनों के अब तक जितने भी धरना-प्रदर्शन-आंदोलन हुए उनमें सबसे वृहद और व्यापक असर आंगनवाड़ी वर्कर्स की वर्तमान में जारी हड़ताल का देखा जा रहा है। प्रदेश की करीब 2 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 मार्च 2023 से अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल पर हैं। बुलंद आवाज़ नारी शक्ति संगठन के बैनर तले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पिछले 15 दिनों से आंगनवाड़ी वर्कर्स का धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी है। आंगनवाड़ी वर्कर्स के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर तथा परियोजना अधिकारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। मैदानी अमले के सामूहिक रूप से अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल पर जाने से प्रदेश भर में आंगनवाड़ी की सेवाएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हैं। अपनी मांगों के निराकरण को लेकर आंगनवाड़ी बहनों के आर-पार वाले उग्र तेवर में आने से लंबी खिंचती दिख रही इस हड़ताल को लेकर प्रदेश सरकार न सिर्फ असहज है बल्कि अब काफी दवाब भी महसूस कर रही है।

कमजोर पड़ रही शिवराज की महिला हितैषी छवि

उल्लेखनीय है कि सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले 17-18 सालों से लगातार प्रदेश की सभी महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर अपनी बहन और खुद को उनका भाई बताते रहे हैं। शिवराज ऐसा करके आधी आबादी से पवित्र स्नेह भरा रिश्ता कायम करके स्वयं को सबसे बड़े हमेशा महिला हितैषी के रूप में पेश करते रहे हैं। पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना और अब चुनाव से पहले लाड़ली बहना योजना के जरिये सीएम शिवराज अपनी इस इमेज को चमकाने में लगे हैं। लेकिन वर्तमान में प्रदेश के हर जिले में आंगनवाड़ी वर्कर्स ने हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर उनकी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अपनी उपेक्षा से आहत आंगनवाड़ी वर्कर्स जमकर हल्ला बोलते हुए बहनों के साथ भेदभाव के मुद्दे को जिस तरह से उठा रहीं है उससे मुख्यमंत्री की “संवेदनशील भइया” वाली छवि को गहरा धक्का लग रहा है। मगर, सत्ताधारी दल भाजपा के रणनीतिकारों लिए असली चिंता की बात यह है कि आंगनवाड़ी वर्कर्स ने इस बार आगामी विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए उसे वोट न देने का ऐलान कर दिया है। अपनी न्यायोचित मांगों के प्रति प्रदेश सरकार का उपेक्षा पूर्ण रवैया बरकरार रहने से दुखी और नाराज़ होकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने यह कठोर निर्णय लिया है। इसकी जानकारी संघ प्रदेश सचिव योगिता कावड़े ने विगत दिवस बालाघाट में पत्रकारों से चर्चा में दी। आंगनवाड़ी वर्कर्स के इस ऐलान से सूबे की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है। कुछ जानकार इसे प्रदेश की सत्ता में भाजपा की वापसी की राह बेहद मुश्किल होने के तौर पर देख रहे हैं।

नवरात्र में व्रत और रोजा रखकर कर रहीं हड़ताल

पन्ना में अधिकांश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका नवरात्रि और रमजान के व्रत रखकर धरना-प्रदर्शन में हो रहीं शामिल।
शक्ति की उपासना के महापर्व नवरात्रि में पन्ना सहित समूचे मध्यप्रदेश में हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पिछले 15 दिनों से प्रतिकूल मौसम की मार सहन करते हुए हड़ताल करने को मजबूर हैं। बीते दिनों बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि और अब तेज धूप में नवरात्रि के व्रत और रमजान महीने के रोजा रखकर पूरा दिन भूखे-प्यासे रहते हुए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहीं नारी शक्ति की सुध लेने की फुर्सत सरकार में बैठे जिम्मेदारों को अब तक नहीं मिल पाई है। जबकि शिवराज सरकार और भाजपा नारी शक्ति के सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करतीं है। हैरानी की बात है कि प्रदेश सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के आंदोलन के प्रति कुछ इस तरह का प्रदर्शन कर रही जैसे वह गूंगी-बहरी और अंधी है। यह विडंबना पूर्ण स्थिति तब है जब सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की सभी महिलाओं को अपनी बहन बताते हुए नहीं थकते हैं। उन्हें मंचीय कार्यक्रमों में अक्सर ही यह कहते हुए सुना जाता है, “जब तक भइया मुख्यमंत्री है मेरी बहनों-भांजियों को चिंता करने की की कोई जरुरत नहीं।” वे महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण, आत्म सम्मान, आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हितों से जुड़ीं मांगों को पूरा करने के लिए सरकार का खजाना उदारता पूर्वक हर समय खुला रखने जैसे बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं।
सरकार के मुखिया की इस तरह की घोषणा और मंशा के बावजूद यह बात समझ से परे है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के द्वारा पूर्व में अनेकों बार ज्ञापन सौंपने एवं वर्तमान में मजबूर होकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के बावजूद उनकी जायज़ मांगें आखिर पूरी क्यों नहीं हो पा रहीं है। कमरतोड़ महंगाई के इस दौर में बेहद अल्प मानदेय पर गुजारा करने को विवश आंगनवाड़ी वर्कर्स को क्या सम्मान पूर्वक जीवन यापन और अपने भविष्य की सुरक्षा का अधिकार नहीं है। सरकार इनकी मांगों पर लंबे समय से खामोश क्यों है। जबकि अधिकांश मांगें तो वे हैं जिनकी घोषणा पूर्व में सरकार बहादुर के द्वारा की गई थी। घोषणा के बाद भी मांगें पूरी न होने के पीछे वजह चाहे जो भी मगर, आंगनवाड़ी बहनों की उपेक्षा से शिवराज सरकार की महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति सदैव संवेदनशील रहने की कथनी और करनी में अंतर साफ़-साफ़ नजर आ रहा है।
लाड़ली बहना को प्यार, हम बहनों को दुत्कार क्यों ?

विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में लाड़ली बहना योजना” का ऐलान किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा संचालित की जाने वाली इस योजना अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 हजार रुपए देने का प्रावधान है। इस योजना को प्रदेश की महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण कदम के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। जबकि दूसरी तरफ महिला एवं बाल विकास विभाग की मैदानी कार्यकर्ता बहनें हैं जोकि सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी करते हुए चींख-चींख कर यह बता रहीं हैं कि उनकी मांगों को यह सरकार लगातार अनसुना कर रही है। मध्यप्रदेश बुलंद आवाज़ नारी शक्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ जिला इकाई पन्ना की अध्यक्ष प्रिया द्विवेदी आंगनवाड़ी बहनों के प्रति सरकार के इस असंवेदनशील भेदभाव पूर्ण दोहरे रवैये से अत्यंत ही दुखी और नाराज हैं। प्रिया सवाल पूछतीं है, क्या हम लाड़ली बहना की श्रेणी में नहीं आते ? वे कहतीं है एक ओर महिलाओं के कल्याण और आर्थिक स्वावलम्बन के नाम पर नई योजना शुरू करने के साथ ही पहले भी अन्य घोषणाएं की गईं लेकिन दूसरी तरफ भूखे-प्यासे रहकर हड़ताल करने को विवश 2 लाख आंगनवाड़ी बहनें हैं जिनसे यह सरकार नजर फेरे हुए है।
अब भोपाल कूच की तैयारी
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन की ओर बढ़तीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका।
आंगनवाड़ी संघ जिला इकाई पन्ना की अध्यक्ष प्रिया बतातीं हैं, प्रदेशव्यापी अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल के तहत पन्ना में नवीन कलेक्ट्रेट भवन के बाहर 15 मार्च से जिले की 3 हजार से अधिक आंगनवाड़ी वर्कर्स भूखे-प्यासे धरना देकर अपनी मांगों के पूर्ण होने की आस लगाए बैठीं हैं। लेकिन 14 दिन गुजरने के बाद भी शासन-प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि अथवा निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज तक हमारी सुध लेने नहीं आए। इससे साफ़ जाहिर है, उनके लिए हम महिलायें लाड़ली बहना नहीं हैं। इन परिस्थितियों में हमें अपने हितों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन को अब उग्र रूप देते हुए जल्द ही राजधानी भोपाल के लिए कूच करने को मजबूर होना पड़ सकता है। वे कहतीं है, हमारी मांगों को पूरा करने के संबंध में समय रहते यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बहनें उग्र आंदोलन करेंगी। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। आंगनवाड़ी वर्कर्स इस बात से काफी दुखी और नाराज हैं कि उनकी मांगों के निराकरण से जुड़े मुद्दे पर पिछले कई साल से सरकार ने गंभीरता पूर्वक विचार तक नहीं किया। उल्लेखनीय है कि आंगनवाड़ी संघ की प्रदेश सचिव योगिता कावड़े बालाघाट में धरना-प्रदर्शन के दौरान यह ऐलान कर चुकीं हैं कि, आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बहिनें स्वयं का वोट, अपने परिवारजनों और हितग्राहियों का वोट सरकार को नहीं देंगे। इस बयान से सरकार के प्रति आंगनवाड़ी वर्कर्स के गुस्से का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
तो मुरझा सकता है भाजपा का कमल
भूतपूर्व कर्मचारी नेता श्याम बिहारी शर्मा आंगनवाड़ी वर्कर्स के वोट न देने संबंधी ऐलान को प्रदेश की भाजपा सरकार के लिए खतरे की घंटी बजने के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि, शिवराज सरकार पहले से ही कई महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर घिरी है। मसलन पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों, कमरतोड़ महंगाई, रिकार्ड बेरोज़गारी, बेइंतहा भ्रष्टाचार, बेलगाम अफसरशाही, बढ़ती आर्थिक असमानता, माफियाराज के गंभीर आरोप, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के बोझ, कोरी घोषणाओं एवं वादखिलाफ़ी को लेकर विपक्षी दल और कर्मचारी संगठन सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर है। इसके अलावा पिछले 17-18 से सत्ता में रहने के कारण शिवराज सरकार के ख़िलाफ़ आंतरिक तौर पर जबरदस्त एन्टी इंकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) भी व्याप्त है। श्री शर्मा का मानना है, इन नाजुक हालात में विधानसभा चुनाव से पूर्व आंगनवाड़ी की करीब 2 लाख संगठित बहनों की गहरी नाराज़गी को नजर अंदाज करने का जोखिम मोल लेना भारतीय जनता पार्टी की सरकार को प्रदेश की सत्ता से बेदखल कर सकता है। अगर जल्दी ही इस गतिरोध को संतोषप्रद तरीके से समाप्त नहीं किया गया तो विधानसभा चुनाव में भाजपा का कमल मुरझा सकता है।
ये हैं छह सूत्रीय मांगें

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका जिन छह सूत्रीय मांगों को लेकर पखवाड़े भर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटीं हैं उनमें नियमितीकरण सहित न्यूनतम वेतन जैसी जायज मांग शामिल है। विगत दिनों मुख्यमंत्री के नाम सौंपें गए ज्ञापन में आंगनवाड़ी बहनों ने अपनी मांगों का विस्तार पूर्वक उल्लेख किया गया है। जिनमें मुख्य रूप से, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता एवं सहायिका को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। और नियमित होने तक कार्यकर्ता व सहायिका को प्रतिमाह न्यूनतम वेतन भुगतान किया जाए। मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों में पदस्थ कार्यकर्ता को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का दर्जा दिया जाए एवं पूर्ण मानदेय का भुगतान किया जाए। विभाग के पर्यवेक्षक के सभी पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नत कर अथवा विभागीय परीक्षा लेकर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं से भरे जाएं। समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश के साथ भविष्य निधि पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं। पूर्व में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी कर कार्यकर्ताओं को 1500 रुपए, मिनी कार्यकर्ता को 1250 रुपए, सहायिका को 750 रुपए की वृद्धि की गई थी जिसे अल्प समय के लिए बनी सरकार द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस मानदेय वृद्धि को उसी समय से तत्काल लागू करते हुए संपूर्ण राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाए। पूर्व में की गई घोषणा को अमल में लाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता को रिटायरमेंट पर एकमुश्त 5,00000/- रुपए, सहायिका को 2,00000/- रुपये प्रदान किए जाएं। सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में कार्यकर्ता के आश्रितों को 5 लाख रूपए एवं सहायिका को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर परिवार की बहु या बेटी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। इसके आलावा अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए पिछले वर्ष 21 मार्च 2022 से की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान काटे गए दिवसों के मानदेय का पूर्ण मानदेय दिया जाए। मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में बुलंद आवाज़ नारी शक्ति संगठन है उम्मीद जताई है कि निश्चित ही आपके द्वारा बिना किसी भेदभाव के साथ प्रदेश की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बहनों के हित में यथाशीघ्र निर्णय लेते हुए लाडली बहना की तरह हमें सम्मान और स्नेह दिया जायेगा। 

जमुनहासेहा एवं बरखेड़ा तालाब योजना से सिंचित होगी 742 हेक्टेयर कृषि भूमि

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फाइल फोटो।

*    योजनाओं के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित कर निर्धारित की जाएगी एजेन्सी

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन जल संसाधन विभाग ने पन्ना जिले की पन्ना तहसील अंतर्गत 2 नई सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। जिनमें जमुनहा सेहा एवं बरखेड़ा तालाब योजना शामिल है। जनसम्पर्क कार्यालय पन्ना ने समाचार जारी कर बताया है कि दोनों सिंचाई योजनाओं को खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के विशेष प्रयास से स्वीकृति मिली है। जमुनहा सेहा एवं बरखेड़ा तालाब योजना से किसानों को सिंचाई की सुलभ सुविधा उपलब्ध होगी। जमुनहासेहा तालाब योजना ग्राम भवानीपुर के समीप जमुनहासेहा नामक स्थान पर स्थानीय नाले पर प्रस्तावित है। 817.65 लाख रूपए लागत की योजना में कुल जलग्रहण क्षेत्र 5.10 वर्ग किलोमीटर है। इसकी भराव क्षमता 1.50 मि. घन मीटर और जीवित जल भराव क्षमता 1.357 मि. घन मीटर है। इस योजना से उमरी और भसूड़ा गांव की 244 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इसी प्रकार ग्राम लक्ष्मीपुर के समीप बरखेड़ा नामक स्थान पर बरखेड़ा तालाब योजना स्थानीय नाले पर प्रस्तावित है। 1671.11 लाख रूपए की योजना का कुल जल ग्रहण क्षेत्र 12.32 वर्ग किलोमीटर है तथा कुल भराव क्षमता 3.08 मि. घन मीटर व जीवित जल भराव क्षमता 2.771 मि. घन मीटर है। योजना के निर्माण से बरखेड़ा, लक्ष्मीपुर, हरदुआ व पटी ग्राम की 498 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई की सुविधा मिलेगी। दोनों योजनाओं के निर्माण के लिए शीघ्र ही टर्न की पद्धति पर निविदा आमंत्रित कर एजेंसी निर्धारण उपरांत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

क्राइम न्यूज़ : दूसरे की जान बचाने वाले से सिरफिरे युवक ने ऐसे लिया इंतकाम, बहाने से किसान को अपने साथ ले गया फिर बेरहमी से कर दी हत्या

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फाइल फोटो।

*     पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र में हत्या की वारदात से फैली सनसनी

*    मृतक ने साल भर पहले आरोपी के चंगुल से परिचित की बचाई थी जान

रुपेश जैन, पन्ना/बृजपुर। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बृजपुर थाना अंतर्गत ग्राम नई बस्ती पुखरा निवासी अधेड़ उम्र के एक किसान की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज़ वारदात रविवार शाम की है। किसान के ऊपर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतारने का आरोप गांव के ही एक सिरफिरे युवक पर है। कथित तौर पर मृतक का कसूर सिर्फ इतना था कि साल भर पहले उसने सिरफिरे युवक के चंगुल से अपने गांव के ही एक हमउम्र व्यक्ति की जान बचाई थी। इस विवाद में किसान का हस्तक्षेप करना सिरफिरे युवक को इतना नागवार गुज़रा कि उसने बदला लेने की सोची और फिर साल भर बाद मौक़ा पाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने पर बृजपुर थाना पुलिस ने तत्परता से घेराबंदी करते हुए आरोपी ग्यासी पिता रम्मू गौंड़ (आदिवासी) 25 वर्ष निवासी नई बस्ती पुखरा को आज सुबह हिरासत में ले लिया।
किसान की मौत पर संवेदना व्यक्त करके उसकी बेवा को ढांढस बंधाते हुए गांव की महिलाएं।
फरसा सिंह गौंड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार 26 मार्च की शाम उनका पुत्र फूल सिंह 47 वर्ष खेत में भैंसों को बांध रहा था। तभी ग्यासी पिता रम्मू गौंड़ 25 वर्ष वहां आया और आवश्यक कार्य होने की बात कहकर उसे अपनी झोपड़ी ले गया। रास्ते में मौका पाकर ग्यासी ने कुल्हाड़ी के बेंत से अचानक फूल सिंह के सिर पर पीछे से जोरदार प्रहार कर दिया। फूल सिंह के जमीन पर गिरते ही ग्यासी ने कुल्हाड़ी से उसके ऊपर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। गंभीर रूप से लहूलुहान अधेड़ किसान की चींख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी और भाई हरिराम गौंड़ बचाने के लिए दौड़े जिन्हें नजदीक आते देखकर हत्यारोपी ग्यासी गौंड़ मौके से भाग निकला। बुरी तरह लहूलुहान फूल सिंह को अत्यंत ही नाजुक हालत में परिजनों के द्वारा चारपाई पर रखकर करीब 2 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक लाया गया। और फिर डायल 100 सेवा पर पुलिस को वारदात की सूचना दी गई। पुलिस के पहुँचने पर देर शाम फूल सिंह को पन्ना जिला अस्पताल लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने गहन परीक्षण करने के पश्चात कृषक फूल सिंह गौंड़ को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।
मृत किसान फूल सिंह गौंड़।
बृजपुर थाना पुलिस ने किसान के शव को अपने कब्जे में लेकर रात्रि में जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। आज सुबह मृतक का पोस्टमार्स्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, पुलिस ने वारदात की गंभीरता को देखते हुए हत्यारोपी की तत्परता से गिरफ़्तारी के लिए रविवार देर शाम को ही इलाके की घ्रेराबंदी करके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। फलस्वरूप आज सुबह हत्यारोपी ग्यासी गौंड़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हत्या की जघन्य वारदात के बाद से नई बस्ती पुखरा सहित समूचे क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं मृत किसान की पत्नी एवं अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उल्लेखनीय है कि घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई के संबंध में थाना प्रभारी बृजपुर से संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

मेलजोल बढ़ाकर लिया इंतकाम

मृत किसान के घर के बाहर बैठे ग्रामीणों से घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए पुलिसकर्मी।
फरसा सिंह गौंड़ ने बताया कि उनके बेटे की ग्यासी गौंड़ से सीधी कोई बुराई नहीं थी। साल भर पहले ग्यासी का नई बस्ती पुखरा के ही एक किसान संतोष सिंह यादव 50 वर्ष से विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया था कि संतोष को जमीन पर गिराकर ग्यासी उसके ऊपर चढ़ गया था और जान से मारने की नियत से उसकी गर्दन पर बका रख दिया था। संतोष ने चींखते हुए जान बचाने के लिए फूल सिंह गुहार लगाई थी। मौके पर फूल सिंह ने अपनी जान की परवाह न कर ग्यासी से बका छीनकर किसी तरह संतोष को बचाया था। कथित तौर पर इस विवाद में फूल सिंह का हस्तक्षेप करना व संतोष सिंह यादव की जान बचाना सिरफिरे युवक ग्यासी को बेहद नाग़वार गुजरा। इस घटनाक्रम के बाद उसने बदला लेने की सोची और फिर सुनियोजित तरीके से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला। वृद्ध फरसा गौंड़ के अनुसार, पुत्र फूल सिंह से बदला लेने के लिए ग्यासी ने उसके साथ मेलजोल बढ़ाया और मुश्किल समय में उसकी मदद करने लगा था। बीती शाम ग्यासी ने जब अचानक फूल सिंह पर हमला कर उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या की तो मृतक के परिजन और गांव वाले स्तब्ध रह गए।

राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने के विरोध में युवा कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, नारेबाजी कर मोदी का फूंका पुतला

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पन्ना में पुतला दहन को लेकर युवा कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच काफी झूमा-झटकी देखने को मिली।

*    पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी, आग से झुलसे युवा कांग्रेस नेता

पन्ना।(www.radarnews.in) चुनावी भाषण में मोदी सरनेम पर टिप्पणी करने से संबंधित आपराधिक मानहानि केस मेंं सूरत कीकोर्ट ने दो साल की सजा सुनाए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता एवं वायनाड से सासंद राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त किए जाने को लेेकर कांग्रेसियों की नाराजगी सामने आ रही है। शनिवार 25 मार्च को युवक कांग्रेस द्वारा मध्यप्रदेश के पन्ना में पुरानी कचहेरी स्थित जय स्तंभ चोैराहे पर उग्र प्रदर्शन करते हुए नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका गया।
प्रदर्शन के बीच पुतला दहन को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई । युवा नेता जब टायर में आग लगा रही है थी तो उसी दौरान आग की लपटों की चपेट में कांग्रेस के कुछ युवा नेता आग की लपटों में झुलस गए। युवक कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक, विधायक शिवदयाल बागरी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। घटनाक्रम को लेकर युवक कांग्रेस की प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल फायर ब्रिगेड की टीम अग्निशामक यंत्र के साथ मोैजूद थी। दोपहर लगभग2 बजे पुरानी कचेहरी चौराहा पर कांग्रेसियों द्वारा अपने नेता राहुल गांधी के डरो नहीं के पोस्टर को हांथों में लेकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी तथा सडक़ में बैठकर धरना शुरू कर दिया। जिसके चलते पुलिस द्वारा सड़क मार्ग में वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इसी बीच पुलिस को चकमा देते हुए प्रधानमंत्री का पुतला युवक कांग्रेस द्वारा फूंका गया।

प्रदर्शन के दौरान आग से झुलसे युवा कांग्रेस नेता

पुतले में लगी आग को बुझाने के लिए अग्निशमक यंत्र से गैस छोडे जाने के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों में जमकर झूमाझटकी हुई। पुतला जलाने के बाद युवक कांगे्रस नेताओं द्वारा अचानक टायर में आग लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। जिसे बुझाने के लिए दौडे पुलिस कर्मियों के साथ फिर झूमाझटकी हुई और इसी दौरान कांग्रेस के युवा नेता आग से झुलस गए। कांग्रेस के पन्ना ब्लॉक अध्यक्ष अक्षय तिवारी के कुर्ते में आग लग गई जिस पर काफी दूर दौड़ते हुए उन्होंने अपने आपको झुलसी आग से कुर्ता फाड़ते हुए किसी तरह बचाया। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, युवा नेता पार्षद रेहान मोहम्मद, अरविन्द राय के प्रदर्शन के दौरान आग से झुलसने की जानकारी सामने आई है। आग से झुलसे रेहान मोहम्मद अपने उपचार के लिए प्रदर्शन के बाद जिला अस्पताल में भर्ती हुए।

प्रदर्शन में मुख्य रूप से ये रहे शामिल

युवक कांग्रेस के प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह, पीसीसी मेबंर श्रीकान्त पूप्पू दीक्षित, डी.के.दुबे, जिला संगठन मंत्री पवन जैन, कार्यवाहक अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना अनीस खान, दीपक तिवारी, मार्तण्ड बुंदेला, रेहान मोहम्मद अक्षय तिवारी, मनोज सेन, जीवनलाल सिद्धार्थ, मनीष मिश्रा, कदीर खांन, मृग्रेन्द्र सिंह नृपेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह परमार, अंकित शर्मा, अरविन्द राय, , रवि तिवारी, अमित शर्मा, सौरभ पटैरिया, शिवप्रकाश दीक्षित, रामबहादुर द्विवेदी, देवू गौड़, वेद प्रकाश रैकवार भोले कुशावहा, हंस राज गुड्डू बागरी, सोनू अहिरवार, ऋषभ गर्ग,अरविन्द सोनी, सत्या उपाध्याय, राजेन्द्र वर्मन, सुनील अवस्थी आदि शामिल रहे।