* ट्रक और बस ड्राइवरों की हड़ताल के आगे केन्द्र सरकार ने घुटने टेके
नई दिल्ली। देशभर में ट्रकों के पहिए थमने से मची हाहाकार ने केंद्र की मोदी सरकार को नए साल 2024 में हिलाकर रख दिया है। बस और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के व्यापक असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि, हिट-एंड-रन के खिलाफ लाए गए विवादस्पद कानून को लागू करने से पहले उनसे चर्चा की जाएगी। सरकार के साथ लंबी वार्ता के बाद ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि, हमने ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। सरकार बताना चाहती है कि नया नियम अभी लागू नहीं किया गया है। भारतीय न्याय संहिता 106/2 को लागू करने से पहले हम ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। उसके बाद ही हम कोई निर्णय लेंगे।
ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष बाल मलकित ने स्पष्ट किया है, नए क़ानून लागू नहीं किए गए हैं। इसे ऑल इण्डिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से सलाह-मशविरा के बाद ही लागू किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर ऑल इण्डिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस तथा सभी वाहन चालकों से अपने-अपने काम पर लौटने की अपील की है। ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने भी ड्राइवरों से हड़ताल ख़त्म करने का आव्हान किया है।

उल्लेखनीय है कि, हिट एंड रन के नए क़ानून में भारतीय न्याय संहिता के तहत सड़क हादसे के बाद ड्राइवर अगर मौके से भाग जाता है तो उसे 10 साल की कैद और 7 लाख रुपए जुर्माना के कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसे कला क़ानून करार देते हुए कई राज्यों में ट्रक-बस और टैंकर चालक सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के दूसरे दिन में प्रवेश करने के बीच देश भर में सैंकड़ों पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक समाप्त हो गया था। साथ ही हड़ताल के कारण सामान सप्लाई की चेन टूटने लगी थी।
हड़ताल के कारण हाहाकार मचते देख मोदी सरकार बैकफुट पर आ गई। सरकार ने ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर हड़ताल को समाप्त कराने का रास्ता निकालते हुए देर रात ऐलान किया गया कि नए कानून के प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) को लागू करने से पहले ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से विचार-विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में भी हिट एंड रन के नए कानून का सोमवार को भारी विरोध हुआ। इस कानून से प्रभावित वाहन चालकों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज़ कराया। पन्ना जिला मुख्यालय के बस स्टैण्ड में बसों को खड़ा करके ड्राइवरों सहित बस परिचालक और क्लीनर ने संयुक्त रूप ने हिट एंड रन के नए कानून का विरोध करते इसे काला कानून करार दिया। वाहन चालकों का कहना है नए कानून के प्रावधान अत्यंत ही शख्त और पूर्णतः अव्यवहारिक हैं। इसके लागू होने पर जेल में जिंदगी काटने से बेहतर है कि हम स्टीयरिंग (वाहन चलाना) छोड़कर मजदूरी करने लगें। पन्ना में प्राइवेट मोटर कर्मचारी कल्याण युवक मण्डल के तत्वाधान में हुए इस विरोध-प्रदर्शन के चलते कई घंटों तक बसों के पहिए थामे रहने से स्थानीय बस स्टैण्ड में मौजूद यात्री अपने गंतव्य स्थल पर पहुँचने के लिए काफी परेशान नजर आए। वहीं पन्ना के बाहरी इलाके में नेशनल हाईवे 39 पर अजयगढ़ बाईपास मार्ग तिराहा के समीप सड़क पर ट्रक खड़े करके ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया। इस कारण करीब आधा घण्टे नेशनल हाईवे पर वाहनों के पहिये थमे रहे।


कुशल मानव संसाधन की अपनी आवश्यकता की पूर्ती करने के लिए निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने 220 छात्र-छात्राओं के इंटरव्यू लिए। जिसमें से 67 छात्र-छात्राओं का चयन रोजगार के लिए किया गया। कैंपस सिलेक्शन के संचालन एवं छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शन में आईटीआई प्राचार्य धीरज सेन ने अहम भूमिका निभाई। स्वामी विवेकानंद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पन्ना के शैक्षणिक स्टॉफ ने रोजगार के लिए चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



















