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MP के नए CM : स्वच्छ छवि के ओबीसी नेता, तीन बार के विधायक……जानें कौन हैं मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने साथी डॉ. मोहन यादव को भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री मनोनीत किये जाने पर पुष्पहार पहनाकर बधाई दी।

*     विधायक दल की बैठक में सीएम शिवराज ने रखा यादव के नाम का प्रस्ताव

  प्रदेश में दो डिप्टी सीएम भी होंगें- राजेन्द्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा के नाम की चर्चा

शादिक खान, भोपाल। (www.radarnews.in) विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद करीब सप्ताह भर तक चली उठापटक के बाद आज शाम मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो गया है। प्रदेश के उज्जैन दक्षिण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-217 से विधायक डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगें। ख़बरों के अनुसार भोपाल स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को पार्टी के विधायक दल की बैठक केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में संपन्न हुई। जिसमें निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सभी विधायकों ने एक स्वर में पूर्ण समर्थन किया। शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ. मोहन यादव को भाजपा ने मुख्यमंत्री चुनकर एक बार सबको चौंका दिया है। क्योंकि सीएम की रेस में उनका नाम दूर-दूर तक चर्चा में नहीं था। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में ओबीसी समुदाय से शिवराज सिंह चौहान और प्रहलाद पटेल का नाम आगे चल रहा था। लेकिन, पार्टी ने ओबीसी समीकरण को साधने के लिए स्वच्छ छवि के नए नेता को चुनना बेहतर समझा। ओबीसी वर्ग से आने वाले मोहन यादव स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित नेता हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का करीबी माना जाता है। यादव की छवि जुझारू और संघर्षशील नेता की रही है।

एक भी क्रिमिनल केस नहीं

भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री मनोनीत किये गए डॉ. मोहन यादव।
बता दें कि, डॉ. मोहन यादव पहली बार 2013 में विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने दूसरी बार उज्जैन की दक्षिण सीट से चुनाव जीता। वर्ष 2020 में शिवराज के नेतृत्व में एमपी में पुनः भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करते हुए प्रदेश की सियासत में उनका कद बढ़ा। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में उज्जैन दक्षिण सीट से बीजपी के उम्मीदवार रहे मोहन यादव ने कांग्रेस के चेतन प्रेम नारायण को 12941 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था। मोहन यादव ने 2023 निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ पत्र में बताया है कि उनके पास 42 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति है। इसमें लगभग 10 करोड़ की चल और 32 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति शामिल है। उनके ऊपर एक भी आपराधिक प्रकरण (क्रिमिनल केस) दर्ज नहीं है।

छात्र नेता के रूप में राजनीतिक सफर की शुरुआत

मध्य प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के राजभवन में राज्यपाल मंगूभाई भाई पटेल से मुलाकात की।
डॉ. मोहन यादव की वर्तमान आयु 58 वर्ष है। उनका जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम श्रीमती सीमा यादव है। डॉ. यादव के परिवार में 2 पुत्र और एक पुत्री है। आपकी शैक्षणिक योग्यता बी.एस.सी., एल-एल.बी., एम.ए.(राज.विज्ञान), एम.बी.ए.,पी.एच.डी. है। मोहन यादव ने छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वह सन् 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय में छात्रसंघ के सह-सचिव रहे। इसके बाद वर्ष 1984 में अध्यक्ष बने। सन् 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) उज्‍जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख के पद पर पहुंचे। बाद में उन्हें सन् 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्‍यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया। 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई में प्रदेश मंत्री बने और फिर आगे बढ़ते हुए सन् 1991-92 में परिषद के राष्‍ट्रीय मंत्री के पद तक पहुंच गए। वह सन् 1993-95 में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ उज्‍जैन नगर के सह खण्‍ड कार्यवाह बने। 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्‍य बने। बाद में सन् 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्‍य बनाए गए। 1999 में भाजयुमो के उज्‍जैन संभाग प्रभारी रहे।

कई पुरुष्कारों से भी नवाज़े गए

इसके बाद 2000-2003 में विक्रम विश्‍वविद्यालय उज्‍जैन की कार्यपरिषद के सदस्‍य के रूप में कार्य किया। 2000-2003 में भाजपा का नगर जिला महामंत्री बनाया गया। 2004 में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्‍य बनाए गए। बाद में 2004-2010 में उज्‍जैन विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष (राज्‍य मंत्री दर्जा) के पद तक पहुंचे। 2008 से भारत स्‍काउट एण्‍ड गाइड के जिलाध्‍यक्ष बने। 2011-2013 में मध्‍यप्रदेश राज्‍य पर्यटन विकास निगम भोपाल के अध्‍यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) बने। इसके अलावा उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया है। मोहन यादव को उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) की ओर से महात्मा गांधी पुरस्‍कार और इस्‍कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन के द्वारा सम्‍मानित किया गया। मध्‍यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास हेतु हे 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्‍ट्रपति द्वारा पुरस्‍कृत किया गया।

सामाजिक समीकरण साधने दो डिप्टी सीएम

भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री मनोनीत किए गए जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल।
शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव राज्य में अब शिवराज सिंह चौहान की जगह लेंगे। चार बार के मुख्यमंत्री रहे शिवराज ओबीसी समुदाय से आते हैं। इसलिए यह तय माना जा रहा था बीजेपी अगर उन्हें हटाती है तो सूबे में किसी ओबीसी नेता को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। बताते चलें कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। उसमें भी यादव जाति की अच्छी-खासी तादाद है। मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा बहुसंख्यक ओबीसी मतदाताओं को साधने के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश तथा बिहार के यादव वोटरों को संदेश देना चाहती है कि पार्टी उनकी हितैषी है। भाजपा के साथ अगर यादव आते हैं तो पार्टी उन्हें आगे बढ़ने का मौका देगी।
भाजपा नेतृत्व नई सरकार के जरिए सूबे के सामाजिक समीकरणों साधने के साथ सभी ही क्षेत्रों में अपनी पैठ कहीं अधिक मजबूत बनाने के लिए इस बार दो डिप्टी सीएम (उप मुख्यमंत्री) बनाने का फैसला किया है। ख़बरों के अनुसार विंध्य क्षेत्र का गढ़ कहलाने वाले रीवा जिले से आने वाले बड़े ब्राह्मण नेता राजेन्द्र शुक्ल और दलित नेता जगदीश देवड़ा का नाम डिप्टी सीएम के लिए तय किया गया है। राजेन्द्र शुक्ल शिवराज सरकार में जनसम्पर्क विभाग के मंत्री रहे हैं। जगदीश देवड़ा पूर्व में गृह, वित्त और श्रम विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित होने बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा आठवीं बार विधायक बने हैं।

सरकार बनाने का दावा किया पेश

मध्य प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के राजभवन में राज्यपाल मंगूभाई भाई पटेल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री मनोनीत किये जाने डॉ. मोहन यादव ने राजभवन पहुँचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके द्वारा विधायकों के समर्थन वाला हस्ताक्षरित पत्र राज्यपाल को सौंपा गया। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नरेन्द्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे।

बड़ी खबर : टीएमसी नेत्री महुआ मोइत्रा “कैश-फॉर-क्वेरी” मामले में लोकसभा से निष्कासित

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तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा।

*     लोकसभा में एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश होने पर लिया गया फैसला

*     महुआ बोलीं- ‘मोदी सरकार ऐसा कर के मेरा मुंह नहीं बंद करा सकती’

*     इस कंगारू कोर्ट में जो कुछ हुआ, वो बताता है कि अदानी को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकती है मोदी सरकार

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। उनके विरुद्ध लोकसभा में पेश एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट यह निर्णय लिया गया। लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान आज जमकर हंगामा हुआ। एथिक्स कमेटी (संसदीय आचार समिति) की रिपोर्ट पेश होने के बाद सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। पहले 12 बजे तक के लिए और फिर दो बजे तक के लिए। विपक्षी दलों के सांसदों ने एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट से जुड़ीं चिताओं को दूर करने की मांग की थी। उनका कहना था कि रिपोर्ट में अनेक खामियां हैं। संसद की कार्यवाही को लेकर भी सवाल उठाए गए। कहा गया कि 104 पृष्ठ की रिपोर्ट को आज 12 बजे पेश किया गया, दो बजे से इस पर चर्चा शुरू हुई एक घण्टे में ही निष्कासन हो गया। इतने कम समय में सांसद रिपोर्ट को कैसे पढ़ पाएंगे और क्या चर्चा हो पाएगी? यह भी सवाल उठ रहा है कि महुआ को खुद पर लगे आरोपों पर सफाई का मौक़ा भी क्यों नहीं दिया गया। संसद में रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘जैसा कि अधीर रंजन ने कहा अगर हमने इस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के लिए 3-4 दिन का समय दिया होता और फिर सदन के सामने अपनी राय रखी होती तो आसमान नहीं टूट जाता क्योंकि सदन एक बेहद संवेदनशील मामले पर फैसला लेने जा रहा है।’
इस कार्रवाई के बाद संसद के बाहर निकल कर महुआ मोइत्रा ने पत्रकारों से बात की और इस पूरे मामले पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि ‘मोदी सरकार ऐसा कर के मेरा मुंह नहीं बंद करा सकती।’ महुआ ने कहा कि एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पास न तो किसी भी नकदी और न ही किसी गिफ्ट का कोई सबूत है। उन्होंने कहा कि जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है।
उल्लेखनीय है कि, कैश-फॉर-क्वेरी (पैसे लेकर सवाल पूंछने) के आरोपों के आरोपों की जांच करने वाली एथिक्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने का सुझाव दिया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कमेटी की सिफ़ारिश से सदन सहमत है। इस रिपोर्ट पर बहस कराए जाने और महुआ मोइत्रा को लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग को लोकसभा स्पीकर ने ये कहते हुए अस्वीकार दिया कि उन्हें पैनल की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका मिल चुका है। इसके पूर्व दोपहर बाद एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद कुमार सोनकर ने जैसे ही रिपोर्ट पेश की कांग्रेस और टीएमसी के लोकसभा सदस्य अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए और नारे लगाते हुए रिपोर्ट की प्रति दिए जाने की मांग करने लगे।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कल्याण बनर्जी ने रिपोर्ट की सिफ़ारिश पर वोटिंग से पहले बहस कराए जाने की मांग उठाई। कमेटी ने मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफ़ारिश की थी। हंगामे के बीच अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सदन की कार्रवाई को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिख कर अपील की थी कि सदन में रिपोर्ट पर बहस के लिए सदस्यों को तीन चार दिन का समय दिया जाना चाहिए ताकि वे इसका अध्ययन कर सकें। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘जैसा कि अधीर रंजन ने कहा अगर हमें इस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के लिए 3-4 दिन का समय दिया होता और फिर सदन के सामने अपनी राय रखी होती तो आसमान नहीं टूट जाता क्योंकि सदन एक बेहद संवेदनशील मामले पर फैसला लेने जा रहा है।’

निष्कासन की सिफारिश राजनीतिक प्रतिशोध

तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की एथिक्स कमेटी की सिफारिश को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए दावा किया कि इसका उद्देश्य उन्हें अडानी समूह के खिलाफ मुद्दे उठाने से रोकना है। पीटीआई के अनुसार बंदोपाध्याय ने अध्यक्ष से कहा कि महुआ को सदन में अपना भाषण देने के लिए समय दिया जाना चाहिए, जिस पर स्पीकर ओम बिरला ने जवाब दिया था कि मामले पर चर्चा के लिए आधे घंटे का समय दिया जाएगा। बंदोपाध्याय ने पूछा कि जिस सांसद ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा को प्रश्न पूछने के लिए नकद भुगतान किया गया था, उन्हें आचार समिति की बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा, पहली बैठक (एथिक्स कमेटी की) थोड़े समय में खत्म हो गई और कोई नतीजा नहीं निकल सका। दूसरी बैठक क्यों नहीं की गई? इतनी जल्दबाज़ी आखिर क्यों है? वहीं सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट की आलोचना की और इसे राजनीति से प्रेरित और सरकार के मुखर आलोचक के खिलाफ स्पष्ट प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा, यह राजनीति से प्रेरित है और सरकार के आलोचक के खिलाफ पूर्ण प्रतिशोध जैसा लगता है। आचार समिति को इस तरह से कार्य नहीं करना चाहिए।

संसद के बाहर मोदी सरकार पर साधा निशाना

महुआ ने शुक्रवार को संसद के बाहर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि, किसी भी कैश, किसी भी तोहफ़े का कोई सबूत कहीं नहीं मिला है। मेरे निष्कासन की सिफ़ारिश सिर्फ़ इस बात पर आधारित है कि मैंने अपना लोकसभा पोर्टल लॉग-इन साझा किया था। उन्होंने कहा कि, लॉग-इन शेयर करने को लेकर कोई नियम नहीं हैं। एथिक्स कमेटी की सुनवाई में ये साफ़ हुआ कि हम सभी सांसद कनवेयर बेल्ट हैं, ताकि हम जनता, नागरिकों के सवालों को संसद में उठा सकें। महुआ ने मोदी और अदानी पर हमला बोलते हुए कहा, अगर मोदी सरकार ये सोच रही है कि मेरा मुंह बंद करके वो अदानी के मुद्दे से ध्यान हटा सकते हैं तो मुझे आपको ये बताना है कि इस कंगारू कोर्ट ने पूरे भारत को दिखा दिया है कि इस प्रक्रिया में जिस तरह से जल्दबाज़ी की गई, दुरुपयोग किया गया, वो ये दिखाता है कि मिस्टर अदानी आप लोगों के लिए कितने ज़रूरी हैं। आप एक महिला सांसद को तंग करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं ताकि मुझे चुप कराया जा सके। कल सीबीआई को मेरे घर पर भेजा जाएगा। वो लोग मुझे अगले छह महीने तक मुझे प्रताड़ित करेंगे, लेकिन मुझे सवाल करना है कि मिस्टर अदानी के 13 हज़ार करोड़ रुपए के कोयला घोटाला का क्या होगा, जिस पर सीबीआई या ईडी गौर नहीं कर रहे। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, आप कहते हैं कि मैंने लॉग-इन पोर्टल से राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है? मिस्टर अदानी हमारे सभी बंदरगाह ख़रीद रहे हैं, हवाई अड्डे ख़रीद रहे हैं और उनके शेयरधारक विदेशी निवेशक हैं और गृह मंत्रालय उन्हें हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर ख़रीदने की इजाज़त दे रहा है?

अल्पसंख्यकों और महिलाओं से नफरत करते हैं आप

तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा।
अपने निष्कासन पर महुआ ने संसद के बाहर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए भाजपा और केन्द्र सरकार को दानिश अली-बिधूड़ी मामले में घेरते हुए जमकर सुनाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूंछा, भाजपा के 303 सांसद लोकसभा में हैं, लेकिन उनमें एक भी मुसलमान नहीं हैं। रमेश बिधूड़ी इसी संसद में खड़े होते हैं और 26 मुसलमान सांसदों में से एक दानिश अली से अपशब्द कहते हैं लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की जाती? आप अल्पसंख्यकों से नफ़रत करते हैं, आप महिलाओं से नफ़रत करते हैं। आप नारी शक्ति से घृणा करते हैं। आप पावर और अथॉरिटी को संभालना नहीं जानते। मोइत्रा ने लंबी लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा, मैं 49 साल की हूं और मैं अगले 30 साल सदन के भीतर, सदन के बाहर आप लोगों से लड़ती रहूंगी, मैं गटर में लड़ूंगी, मैं सड़कों पर लड़ूंगी। महुआ मोइत्रा ने बांग्ला में कहा, लोग आपका अंत देखेंगे। आपके पास पंजाब नहीं है, सिंध हमारे पास नहीं है, द्रविड़ आपका नहीं है, उत्कल आपका नहीं है, बंगाल आपका नहीं है। आप कहां से हम पर राज करेंगे, आपको ये शक्तिशाली बहुमत कहां से मिलेगा? एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का अधिकार नहीं है। आपने अर्धन्यायिक अथॉरिटी की अधिकार लिए और मुझ पर कार्रवाई कर दी। आपने प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। ये आपके अंत की शुरुआत है। हम लौटेंगे और आपका अंत देखेंगे।

क्या है पूरा मामला ?

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा के बीच की तकरार जगजाहिर है।
तृणमूल कांग्रेस की मुखर नेत्री महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने प्रसिद्ध कारोबारी गौतम अदानी और उनकी कंपनियों के समूह को निशाना बनाने के लिए लगातार संसद में सवाल पूछे और वह भी रिश्वत लेकर। यह आरोप भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने लगाया है, जिनकी महुआ से छत्तीस का आंकड़ा है। बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि महुआ ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेकर अदानी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए अनेक सवाल पूछे। महुआ हमेशा ही इन आरोपों को निराधार बताती रही हैं और कहती रही हैं कि वे हर जांच का सामना करने को वो तैयार हैं। एक हलफ़नामे को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें दर्शन हीरानंदानी ने दावा किया है कि मोइत्रा ने अदानी समूह को निशाना बनाया।
हालांकि, मोइत्रा ने इस हलफ़नामे पर सवाल उठाए थे। सांसद निशिकांत ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजी शिकायत में जय अनंत देहाद्राई नाम के वकील ने इन आरोपों को साबित करने के लिए सबूत दिए थे। बता दें कि देहाद्राई वही व्यक्ति हैं जिन्हें महुआ मोइत्रा कुछ समय पूर्व अपना ‘जिल्टेड एक्स’ यानी निराश पूर्व प्रेमी बताया था। दुबे ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया गया कि संसद में महुआ मोइत्रा ने जो 61 सवाल पूछे उनमें से 50 सवाल अदानी समूह से संबंधित थे। उन्होंने आरोप लगाया, “रियल एस्टेट समूह हीरानंदानी ग्रुप के प्रमुख अरबपति कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कारोबारी हितों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए महुआ मोइत्रा ने आपराधिक साज़िश रची।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया था कि वे लोकसभा के लिए मोइत्रा के लॉग-इन क्रेडेंशियल के आईपी पते की जांच करें ताकि यह जांचा जा सके कि क्या उन तक किसी और की पहुंच थी। इसके बाद दर्शन हीरानंदानी ने एक हलफनामा देकर दावा किया था कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें संसदीय लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया था ताकि वह उनकी ओर से सवाल पोस्ट कर सकें। हीरानंदानी ने लोकसभा की आचार समिति को वह हलफनामा दिया था। महुआ ने कैश-फॉर-क्वेरी (सवाल पूंछने के लिए रिश्वत लेने) के आरोपों का खंडन किया है, लेकिन उन्होंने व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी को अपना संसदीय लॉगइन आईडी पासवर्ड देने की बात स्वीकार की है। एथिक्स कमेटी ने दस्तावेजों एवं सबूतों के साथ तीन मंत्रालयों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तलब किया था।

रैन बसेरा में रहने वाले नागरिकों की सेहत की होगी जाँच : शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यादगार ए शाहजहांनी पार्क के पास स्थित रैन बसेरा में जाकर नागरिकों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

*     मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया

*     भोजन की गुणवत्ता और सर्दी से बचाव के इंतजाम देखे

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी के दो रैन बसेरों में नागरिकों के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने आज रात्रि पहले यादगार ए शाहजहांनी पार्क के पास स्थित रैन बसेरे पहुँचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ रह रहे नागरिकों से रहवास व्यवस्था और सर्दी से बचाव के लिए गरम कपड़ों की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। रैन बसेरा पहुँचने पर वहाँ के रहवासियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का मामा-मामा कह कर हर्ष-ध्वनि से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल शहर सहित प्रदेश के अन्य नगरों के रैन बसेरों में रह रहे नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था होगी। बड़े शहरों में कार्य के लिए आने वाले नागरिक दिन में व्यस्त रहते हैं इसलिए रात्रि के समय डॉक्टर्स टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आएगी। सामान्य रोगों सहित गंभीर रोगों की पहचान होने पर उपचार की व्यवस्था जरूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैन बसेरे के निकट अलाव और लकड़ियों का प्रबंध कर नागरिकों को शीत से बचाने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यादगार ए शाहजहांनी पार्क के पास स्थित रैन बसेरा में जाकर नागरिकों को परोसे जा रहे भोजन को चख कर जांचा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर के भूपेंद्र साहू, होशंगाबाद के दशरथ प्रसाद, जबलपुर के दीपक, भोपाल के सुरेंद्र शर्मा और ललितपुर (उत्तरप्रदेश) के बाबूलाल कुशवाहा से चर्चा कर इंतजामों की जानकारी ली। यहां मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों को उपलब्ध करवाए जा रहे भोजन को चख कर, गुणवत्ता भी देखी। रैन बसेरे में करीब 400 बिस्तर क्षमता है। आज यहाँ लगभग 200 नागरिक रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हमीदिया चिकित्सालय परिसर में स्थित रैन बसेरे का अवलोकन किया और नागरिकों के लिए बिस्तर, गरम कपड़ों और भोजन की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों से बातचीत भी की। नरसिंहपुर जिले के दलपत सिंह यादव और भोपाल के सोनू ने बताया कि उन्हें रैन बसेरे में जरूरी सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। हमीदिया अस्पताल के इस रैन बसेरे में प्रेरणा सेवा ट्रस्ट से भी भोजन व्यवस्था में सहयोग प्राप्त होता है। कुल 66 बिस्तर क्षमता के रैन बसेरे में आज 23 नागरिक व्यवस्थाओं का लाभ ले रहे हैं।

विश्व मृदा दिवस : रसायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से ख़राब हो रही मिट्टी की सेहत

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विश्व मृदा दिवस (5 दिसंबर) को कृषि महाविद्यालय पन्ना में आयोजित कृषक संगोष्ठी में उपस्थित पुरुष एवं महिला कृषक।

*     कृषि वैज्ञानिकों और जानकारों ने किसानों को किया आगाह

*     मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने की दी सलाह

पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व मृदा दिवस (5 दिसंबर) के अवसर पर मंगलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना एवं समर्थन संस्था द्वारा संयुक्त रूप से डब्लूएचएच के सहयोग से कृषक संगोष्ठी का आयोजन कृषि महाविद्यालय परिसर लक्ष्मीपुर में किया गया। कार्यक्रम किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग उप संचालक पन्ना एपी सुमन ने अपने अध्यक्षीय भाषण में बताया कि मिट्टी का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। किसानों द्वारा असंतुलित रूप से रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे मिट्टी कठोर हो रही है और उसकी उर्वरकता खत्म हो रही है। मिट्टी की भौतिक दशा को सुधारने के लिए कृषकों को गोबर-गौमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. व्हीके यादव ने कृषकों को मिट्टी परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग तथा खरपतवारनाशी एवं अन्य रसायनों का कम से कम उपयोग करने की सलाह दिया। कृषि विज्ञानं केन्द्र पन्ना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पीएन त्रिपाठी ने बताया कि रसायनिक खादों के असंतुलित प्रयोग से मृदा का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। अधिक फसल उत्पादन लेने के उद्देश्य से मिट्टी से पोषक तत्वों का निरंतर निष्कासन हो रहा है परंतु उसकी पूर्ति के लिए कृषकों द्वारा एकीकृत पोषक तत्व प्रणाली का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। फसलों को 17 तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है परंतु कृषकों द्वारा केवल यूरिया एवं डीएपी के माध्यम से दो ही मुख्य तत्वों नत्रजन एवं स्फुर की पूर्ति हो पाती है। शेष पोषक तत्वों की मिट्टी में कमी होती जा रही है। श्री त्रिपाठी ने बताया कि फसल चक्र में दलहनी फसलों एवं हरी खाद की फसलों जैसे सनई, ढैंचा का प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सकता है।
लक्ष्मीपुर पंचायत की सरपंच सुश्री नीलम खंगार द्वारा उपस्थित कृषकों को बताया गया कि हम सभी को मिलकर मिट्टी एवं जल संरक्षण की ओर कार्य करना होगा। इस संबंध में सभी पंचायतों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। पशु चिकित्सक श्री निगम द्वारा कृषकों को पशुओं की विभिन्न बीमारियों एवं उनके निदान के बारे में बताया गया। कृषि फसल बीमा सलाहकार पंकज कुशवाह द्वारा कृषकों को रबी फसलों के बीमा कराये जाने पर विस्तृत चर्चा किया। समर्थन संस्था के ज्ञानेन्द्र तिवारी ने बताया कि मिट्टी का गिरता स्वास्थ्य चिंतनीय विषय है। मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए प्राकृतिक खेती, केंचुआ खाद एवं मोटा अनाज की खेती को फसल चक्र में अपनाना होगा। उन्होंने इस दौरान जल ही जीवन है, जय जवान जय किसान एवं स्वस्थ धरा खेत हरा जैसे नारे भी लगवाए। प्रगतिशील कृषक श्रीमती कीर्तन देवी पटेल ने कहा कि हम सभी महिलायें प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं और महिलाओं को प्राकृतिक खेती के सिखाने का काम भी कर रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. आरके जायसवाल, डॉ. आरपी सिंह, रितेश बागोरा, आशीष विश्वास, चार्लीराजा, ज्योति कुश्वाहा, लखनलाल शर्मा एवं जलमित्र सहित अनेक कृषकों ने हिस्सा लिया।

जनादेश 2023 : पन्ना में भाजपा ने 20 साल बाद किया क्लीन स्वीप, जीतीं तीनों सीटें; जानिए महत्वपूर्ण चुनावी आंकड़ें

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पन्ना विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-60 से विजयी घोषित होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर से जीत का प्रमाण पत्र लेते हुए भाजपा प्रत्याशी बृजेन्द्र प्रताप सिंह।

*     बृजेन्द्र प्रताप 17910, प्रहलाद लोधी 22043 और राजेश 1160 मतों के अंतर से विजयी घोषित

*     जिले में कांग्रेस का सफाया होने से पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक निराश और हैरान

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड के पन्ना में भारतीय जनता पार्टी ने सभी 3 सीटें जीत ली हैं। भाजपा ने 3-0 के स्कोर के साथ जिले में क्लीन स्वीप किया है। इसके पूर्व 2003 में भी पार्टी ने सभी सीटें जीती थीं। भाजपा प्रत्याशियों ने दो सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज कराई जबकि तीसरी सीट पर कांटे का मुकाबला रहा। पन्ना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने 17910 वोटों से जीत दर्ज की तो पवई से प्रहलाद लोधी 22043 मतों से विजयी हुए हैं। आरक्षित गुनौर सीट पर करीबी मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवार राजेश कुमार वर्मा 1160 मतों से चुनाव जीत गए हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने और जिले की तीनों सीटों पर कमल खिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों में ख़ुशी की जबरदस्त लहर देखी जा रही है। पन्ना की सभी विधानसभा सीट पर जीत के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जश्न मनाना शुरू कर दिया। शहर में लड्डू बांटे जा रहे हैं, जगह जगह भाजपा के कार्यकर्ता पटाखे फोड़ रहे हैं। वहीं जिले की तीनों सीटों पर कांग्रेस को मिली करारी हार से पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक निराश और हैरान हैं।

शीर्ष नेतृत्व को जीत का श्रेय

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए जीत का श्रेय डबल इंजन सरकार और पार्टी संगठन में आसीन शीर्ष नेतृत्व को दिया है। उन्होंने, अपनी जीत को भाजपा सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा संगठन की कुशल रणनीति का प्रतिफल बताया है। आपने एक सवाल के जवाब में कहा कि, लाड़ली बहनों का अपार स्नेह पूरे प्रदेश में हमें मिला है। मैं शीश झुकाकर बहनों का चरण वंदन करता हूँ और उम्मीद करता हूँ, बहनों का इसी तरह का स्नेह भविष्य में भाजपा के साथ बना रहेगा। बहनों ने भलीभांति यह जान लिया है कि, भारतीय जनता पार्टी जो कहती है वो करती है। वायदे तो कांग्रेस ने भी किए थे लेकिन निभाए नहीं। इसलिए बहनों ने भाजपा पर भरोसा किया कांग्रेस के वादों पर नहीं। बृजेन्द्र प्रताप ने पन्ना को लेकर अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए बताया कि वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की घोषणा को धरातल पर मूर्त रूप दिलाने के साथ मंदिरों के विकास, बांधों और सड़कों का निर्माण कराकर पन्ना को प्रदेश का विकसित विधानसभा क्षेत्र बनाऊंगा।

कार्यकर्ताओं की मेहनत ने दिलाई जीत

गुनौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-59 से विजयी घोषित होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर से जीत का प्रमाण पत्र लेते हुए भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार वर्मा।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए राजेश कुमार वर्मा ने पत्रकारों से चर्चा में पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं खासकर पालक-संयोजक, पेज प्रभारी, मण्डल एवं जिला पदाधिकरियों द्वारा टीम वर्क के साथ पिछले डेढ़-दो साल से लगातार की गई मेहनत को अपनी जीत का श्रेय दिया है। आपने कहा कि मध्यप्रदेश सहित तीन राज्यों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देश के गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कुशल नेतृत्व का परिणाम है। राजेश कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र कृषि पर आधारित है, इसलिए अन्नदाता किसानों के खेतों को पानी-बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराना और बुनियादी सुविधाओं की पूर्ती करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

लाड़ली बहना योजना गेमचेंजर साबित

पवई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-58 से विजयी घोषित होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर से जीत का प्रमाण पत्र लेते हुए भाजपा उम्मीदवार प्रहलाद लोधी।
पवई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सबसे अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीते मौजूदा विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद लोधी ने क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं , मतदाताओं और सबसे बड़ा श्रेय लाड़ली बहना योजना को दिया है। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना संचालित करके मध्यप्रदेश में भाजपा रिकार्ड जीत दिलाई है। प्रदेश में भाजपा को मिलीं सीटें हमारी उम्मीद से कहीं अधिक है। यह चमत्कारिक जीत है, हम प्रदेश की जनता के आभारी हैं। प्रहलाद ने अपनी प्राथमिकताओं के सवाल पर बताया पवई विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर उनका पूरा फोकस रहेगा। सुपात्र व्यक्तियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर उनके जीवन स्तर में सुखद बदलाव और खुशहाली लाने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करूँगा।

विधानसभा चुनाव 2023 : पन्ना जिले में विधानसभा क्षेत्रवार प्रत्याशियों को प्राप्त मत और प्रतिशत-

पवई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र- 58

S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 PRAHLAD LODHI Bharatiya Janata Party 106126 285 106411 49.76
2 PANDIT MUKESH NAYAK Indian National Congress 83610 758 84368 39.45
3 HEMANT RISHIRAJ SINGH Bahujan Samaj Party 3305 9 3314 1.55
4 ASHISH KUMAR KUSHWAHA Jan Adhikar Party 427 0 427 0.2
5 BEERAN PATEL Rashtriya Jansanchar Dal 278 0 278 0.13
6 BHARAT LAL PATEL Vastavik Bharat Party 267 4 271 0.13
7 RAJANI YADAV Samajwadi Party 2889 7 2896 1.35
8 RAMPAL SINGH GONDELA Bhartiya Ganrajya Party 4100 9 4109 1.92
9 ANAND KUMAR VISHWAKARMA Independent 844 0 844 0.39
10 ASHISH Independent 455 0 455 0.21
11 PRAHALAD Independent 732 1 733 0.34
12 PRAHLAD KUMAR PRAJAPATI Independent 569 1 570 0.27
13 PRAHLAD LODHI Independent 676 1 677 0.32
14 RAMMOORTI CHOURASHIYA Independent 926 0 926 0.43
15 VIJAY KUMAR SONI Independent 1678 0 1678 0.78
16 HARI LAL CHOUDHARY RETIRED T.I. Independent 3383 4 3387 1.58
17 NOTA None of the Above 2496 2 2498 1.17
Total 212761 1081 213842

गुनौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र- 59

 

S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 JEEVAN LAL SIDDHARTH Indian National Congress 75183 853 76036 45.2
2 DEVIDEEN ‘ASHU’ Bahujan Samaj Party 5927 19 5946 3.53
3 RAJESH KUMAR VERMA Bharatiya Janata Party 76907 289 77196 45.89
4 AMITA BAGRI Samajwadi Party 3874 18 3892 2.31
5 ARViND- BAGRI Vindhya Janta Party 495 3 498 0.3
6 JEETENDRA KUMAR DAHAYAT Jan Adhikar Party 438 3 441 0.26
7 SHRI – POORAN LAL KORI Peoples Party of India (Democratic) 595 3 598 0.36
8 PARSU CHAUDHARY Independent 778 1 779 0.46
9 SANT LAL PRAJAPATI URF- TIGER Independent 808 1 809 0.48
10 NOTA None of the Above 2008 4 2012 1.2
Total 167013 1194 168207

 

पन्ना विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र- 60

 

S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 Brijendra Pratap Singh Bharatiya Janata Party 96283 385 96668 51.15
2 Bharat Milan Pandey Indian National Congress 77747 1011 78758 41.67
3 Vimla Ahirwar Bahujan Samaj Party 2843 12 2855 1.51
4 Lodhi Mahendra Pal Verma Samajwadi Party 2870 7 2877 1.52
5 Mevalal Ahirwar Aazad Samaj Party (Kanshi Ram) 1137 1 1138 0.6
6 Jigyasa Kanojiya Independent 879 2 881 0.47
7 Nand Kumar Vyas Independent 484 0 484 0.26
8 Firoj Khan Independent 364 0 364 0.19
9 Mohammad Ikram Independent 635 0 635 0.34
10 Rajesh Shrivastav Independent 1056 0 1056 0.56
11 Sonelal Prajapati Independent 911 2 913 0.48
12 NOTA None of the Above 2364 0 2364 1.25
Total 187573 1420 188993

 

विधानसभा चुनाव परिणाम 2023 : तीन राज्यों में भाजपा को प्रचण्ड बहुमत, मोदी की गारंटी पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने जताया भरोसा

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*    मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से दो तिहाई से ज्यादा बहुमत

*    राजस्थान में बदला राज, जनता ने कायम रखा रिवाज

*    छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजों ने चौंकाया, बीजेपी की सत्ता में वापसी

*    दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद तेलंगाना में कांग्रेस की बड़ी जीत

भोपाल। (www.radarnews.in) पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में से चार के नतीजे घोषित हो चुके हैं। हिंदी भाषी उत्तर भारत के तीन प्रमुख राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को प्रचण्ड बहुमत मिला है। तीनों ही राज्यों की जनता ने मोदी की गारंटी पर अपना भरोसा जताया है। भाजपा को मिली बंफर जीत का अनुमान लगाने में सभी एग्जिट पोल फेल साबित हुए हैं। खासकर छत्तीसगढ़ में भाजपा की शानदार जीत ने सबको चौंका दिया है। देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस को हिन्दी हार्टलैण्ड में करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के लिए सिर्फ एक अच्छी खबर तेलंगाना से आई है। दक्षिण भारत में कांग्रेस ने कर्नाटक के बाद तेलंगाना में जीत दर्ज कराई है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकलकर ऐतिहासिक जीत हांसिल की है। तेलंगाना में कांग्रेस भी बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव परिणाम के मुताबिक मध्यप्रदेश में बीजेपी को 163 सीटें मिली हैं। जबकि कांग्रेस ने सिर्फ 66 सीटों पर जीत दर्ज कराई है। एमपी में एक सीट भारत आदिवासी पार्टी को मिली है। राजस्थान में 115 सीटों पर भाजपा का कमल खिला है, यहां कांग्रेस 69 सीटों पर सिमट गई है। राजस्थान की 13 सीटें अन्य के खाते में गई हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने सबको चौंकाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। 54 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जबकि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी सिर्फ 35 सीटें जीती हैं। छत्तीसगढ़ में एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को मिली है।
बहरहाल, तेलंगाना में कांग्रेस मौजूदा मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के हाथ से सत्ता छीनने में सफल हो गई है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर चुकी है। कांग्रेस उम्मीदवार 64 सीटों पर तथा BRS के प्रत्याशियों ने 39 सीटों पर जीत दर्ज कराई है। तेलंगाना में कुल 119 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 46 सीट है। तेलंगाना में भाजपा को 8, एआईएमआईएम 7 और सीपीआई को 1 सीट मिली है।

विधानसभा चुनाव-2023 : आयोग की वेबसाइट और वोटर हेल्पलाइन एप पर देखे जा सकेंगे विधानसभा चुनाव के परिणाम

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सांकेतिक चित्र।

*   मतगणना केन्द्रों में मतगणना के राउन्डवार परिणाम किये जाएंगे प्रदर्शित

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए रविवार 3 दिसंबर को मतगणना होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मतगणना सुबह 8 बजे से सभी 52 जिला मुख्यालयों में स्थापित किये गये मतगणना केन्द्रों में प्रारंभ होगी। सभी मतगणना केन्द्रों में मतगणना के राउन्डवार परिणाम प्रदर्शित किये जाएंगे। सर्वप्रथम सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गणना प्रारंभ होगी। इसके आधे घंटे बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारंभ होगी। पोस्टल बैलेट की गणना समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक उम्मीदवार को मिले डाक मतों की घोषणा की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सभी 52 कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना केन्द्र में एम्बुलेंस एवं मेडिकल स्टॉफ सहित उपचार की सुविधाएँ भी अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिये हैं।
मतगणना के परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://results.eci.gov.in और वोटर हेल्पलाइन एप (VHA) पर भी देखे जा सकेंगे। वोटर हेल्पलाइन एप को गूगल प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा https://ceomadhyapradesh.nic.in पर भी मतगणना के परिणाम प्रदर्शित किये जाएंगे।

अभ्यर्थियों और प्रेक्षक की उपस्थिति में खोला जाएगा स्ट्रांग रूम, डाक मतपत्रों की गिनती के साथ होगी मतगणना की शुरूआत

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मतगणना केन्द्र शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज पन्ना में आवश्यक तैयारियों का जायजा लेते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना हरजिंदर सिंह।

*    मतगणना की पारदर्शिता के लिए सीसीटीव्ही कैमरों से की जाएगी निगरानी

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 की मतणगना रविवार 3 दिसंबर को शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज पन्ना में की जाएगी। पन्ना जिले के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना विधानसभावार कक्षों से की जाएगी। मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डाक मतपत्रों की गिनती के साथ मतगणना की शुरूआत होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की चक्रवार मतगणना होगी। मतगणना के लिए स्ट्रांग रूम रविवार सुबह 6.30 बजे अभ्यर्थियों व अभिकर्ताओं तथा प्रेक्षक की उपस्थिति में खोला जाएगा। मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। बगैर प्रवेश पत्र किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं रहेगी। यह जानकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना हरजिंदर सिंह ने दी है।
आपने मतगणना संबंधी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि, मतगणना केन्द्र में सभी व्यवस्थाएँ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई हैं। साथ ही सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए है। मतगणना दल के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा मतगणना का कार्य संपादित किया जाएगा। मतगणना की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिये प्रत्येक मतगणना कक्ष में सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी की जाएगी।

मोबाइल, कैमरा, कैल्कुलेटर ले जाना प्रतिबंधित

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना हरजिंदर सिंह ने बताया कि, डाक मतपत्रों के लिए अलग-अलग विधानसभावार कुल 10 टेबल लगाई गई है। मतगणना को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। मतगणना स्थल पर मीडिया सेंटर की स्थापना की गई है, जिसमें मीडिया प्रतिनिधियों का मोबाइल मीडिया सेंटर तक ले जाने की अनुमति होगी। पत्रकारों को समूहवार बारी-बारी से मतगणना कक्ष का अवलोकन कराया जाएगा। मतगणना कक्ष में मोबाइल के साथ प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा आयोग के निर्देशों के तहत किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, स्मार्ट वॉच इत्यादि लेकर जाना भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सभी अधिकारी-कर्मचारियों, अभ्यर्थी व अभिकर्ता को किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल, कैमरा, कैल्कुलेटर, घड़ी एवं अन्य हैण्ड बैग, इंक पेन, पानी बॉटल, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, पान, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, ज्वलनशील पदार्थ तथा माचिस ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।

अभ्यर्थियों और अभिकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण

अभ्यर्थियों और उनके गणना अभिकर्ताओं को विधानसभा निर्वाचन की मतगणना प्रक्रिया प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि, विधानसभा निर्वाचन की मतगणना प्रक्रिया के संबंध में आज अभ्यर्थियों और उनके गणना अभिकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना के कला भवन में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें मतगणना प्रक्रिया एवं आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया निरीक्षण

मतगणना केन्द्र शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज पन्ना में स्थित स्ट्रांग रूम का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना हरजिंदर सिंह।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हरजिंदर सिंह ने शुक्रवार 01 दिसंबर 2023 को मतगणना स्थल पहुंचकर स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया। इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों से सुचारू रूप से मतगणना प्रक्रिया के संचालन के दृष्टिगत व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर जरूरी निर्देश भी दिए। साथ ही स्ट्रांग रूम की निगरानी कर रहे प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। इस दौरान एसडीएम अशोक अवस्थी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वाइल्ड बोर मीट के शौक ने पहुंचाया सींखचों के पीछे : शिकार के बाद घर में पक रहा था मांस, वन विभाग की टीम ने मारा छापा; मांस के साथ तीन गिरफ्तार

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जंगली सूअर शिकार के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर वन विभाग की टीम ने रविवार शाम पन्ना लाकर जिला जेल में दाखिल कराया।

*      मांस खरीदने वाले दो अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से जारी है तलाश

*    उत्तर वन मण्डल पन्ना अंतर्गत अजयगढ़ के मझपटिया में हुआ था शिकार

शादिक खान, पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में उत्तर वन मण्डल के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र की टीम ने जंगली सूअर (वाइल्ड बोर) के शिकार तथा मांस खरीदने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वन्य प्राणी मांस के शौकीनों को जेएमएफसी न्यायालय अजयगढ़ में पेश किया गया, जहां से आरोपियों न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेज दिया है। इस प्रकरण में दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम उनकी तलाश में सरगर्मी से जुटी है।
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पन्ना जिले में वन्य प्राणियों के शिकार की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। जिसके मद्देनज़र वन विभाग का मैदानी अलर्ट मोड में आ गया है। शिकार की प्रभावी रोकथाम को लेकर आवश्यक कदम उठाने के साथ ही शिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार 25 नवंबर 2023 को उत्तर वन मण्डल पन्ना के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत दमचुआ बीट के मझपटिया में जंगली सुअर (वाइल्ड बोर) के शिकार का मामला सामने आया है। मुखबिर के द्वारा शिकार की सूचना वन परिक्षेत्राधिकारी अजयगढ़ नीलेश प्रजापति को दी गई। जिसकी तस्दीक होने पर रेंजर श्री प्रजापति ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों से आवश्यक निर्देश मिलने पर वन विभाग की टीम ने माधौगंज अजयगढ़ में स्थित बब्बू सोनकर पिता मुल्लू सोनकर के घर पर छापामार कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर का कच्चा और पका हुआ मांस जब्त किया है।
आरोपी बब्लू को हिरासत में लेकर शिकार के संबंध में पूंछतांछ की गई। वन अमले को बब्लू ने बताया कि उसने राजू अहिरवार पिता छोटा अहिरवार निवासी मझपाटिया से वाइल्ड बोर का मीट रुपए देकर खरीदा है। इस खुलासे को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने आरोपी की निशानदेही पर मझपाटिया में राजू अहिरवार और उसके भाई रामकेश पिता छोटा अहिरवार के घर पर छापा मारकर दोनों को दबोंच लिया। इनके घरों से वन विभाग की टीम को जंगली सूअर का कच्चा व पका हुआ मांस मिला है। इसके अलावा शिकार की घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल, बका और सागौन की लकड़ी भी आदि आरोपियों के कब्जे से जब्त की गई है।

शिकार करने के बाद बेंच दिया था आधा मांस

जंगली सूअर का शिकार करने एवं उसके मांस के क्रय-विक्रय मामले में गिरफ्तार आरोपी वन विभाग की टीम के साथ।
प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्य आरोपी राजू अहिरवार ने पूंछतांछ के दौरान जंगली सूअर शिकार करने का जुर्म स्वीकार किया है। फॉरेस्ट टीम को आरोपी ने बताया कि 25 नवम्बर की देर रात एक जंगली सूअर घायल अवस्था में उसके खेत में आया था, जिसे उसने लाठी से हमला कर मार डाला। राजू ने मृत सूअर के मांस का कुछ हिस्सा अपने भाई रामकेश अहिरवार, बब्बू सोनकर सहित दो अन्य लोगों को बेंच दिया और थोड़ा मांस उसने अपने खाने के लिए बचा लिया था। अजयगढ़ रेंजर नीलेश प्रजापति ने बताया कि, मांस खरीदने के मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आपने फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई है। रेंजर श्री प्रजापति ने बताया कि इस मामले में अब तक गिरफ्तार तीनों आरोपियों के विरुद्ध पीओआर दर्ज कर रविवार 26 नवम्बर को उन्हें अजयगढ़ न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना में दाखिल करा दिया है।

कार्रवाई में ये रहे शामिल

उत्तर वन मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों ने जंगली सूअर के शिकार का खुलासा कर आरोपियों को तत्परता से गिरफ्तार करने वाली टीम की सराहना की है। इस कार्रवाई में वनपरिक्षेत्र अधिकारी अजयगढ़ नीलेश प्रजापति, परिक्षेत्र सहायक अजयगढ़ मुकेश मिश्रा, बीटगार्ड दमचुआ रामनरेश सिंह राजपूत, डिप्टी रेंजर जयकरण तिवारी, वनरक्षक ऋषि यादव, विकाश मिश्रा, राजाराम कोंदर, लल्लू प्रसाद प्रजापति, अनिल राजपूत, प्रतीक तिवारी, जीतेन्द्र लोधी, छत्रपाल सिंह, शिवम पाठक, शिवा गुप्ता, मंयक शर्मा, मुरलीधर अहिरवार आदि की अहम भूमिका रही।

उमराह के नाम पर दर्जन भर से लाखों की ठगी, ट्रैवल कंपनी ने रुपए लेने के बाद ज़ियारत पर नहीं भेजा

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फाइल फोटो।

*    धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

*    किराया राशि वापस लेने पिछले कई माह से भटक रहे पन्ना समेत आसपास के जिलों के लोग

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना और उसके आसपास के जिलों में करीब दर्जन भर लोगों को सऊदी अरब ले जाकर उमराह (पवित्र तीर्थयात्रा) कराने का झांसा देकर टूर एंड ट्रैवल कंपनी ने लाखों रुपए की ठगी कर ली। ट्रैवल कंपनी संचालकों ने रुपए लेने के बाद भी श्रद्धालुओं को उमराह की यात्रा पर नहीं भेजा। समय पर वीजा न बन पाने का कारण बताकर उनकी यात्रा कैंसिल कर दी। उसके बाद से अब तक रुपए लौटाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन राशि वापस नहीं की। ट्रैवल कम्पनी संचालकों की ठगी का शिकार हुए लोगों ने पुलिस अधीक्षक पन्ना को शिकायती आवेदन पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) पन्ना को जांच सौंपी है।
उमराह कराने के नाम पर अजहरी टूर एंड ट्रैवल कंपनी पन्ना के संचालकों के द्वारा की गई धोखाधड़ी का शिकार लोग एसडीओपी कार्यालय से बाहर निकलते हुए।
पन्ना के जगात चौकी में रहने वाले रफीक खान पिता वकील खान 35 वर्ष और अय्यूब खान पिता वकील खान 38 वर्ष अजहरी टूर एंड ट्रैवल कंपनी संचालित करते हैं। करीब दस माह पूर्व उमराह की पवित्र तीर्थयात्रा जाने के लिए रहीस खान पिता फूल खान निवासी पगरा जिला पन्ना सहित दर्जन भर से अधिक लोगों रफीक खान और उसके भाई के पास प्रति व्यक्ति के हिसाब से राशि 70 हजार से लेकर 85 हजार रुपए बतौर यात्रा खर्च एडवांस जमा किए थे। दिनांक 25 जनवरी 2023 को राशि जमा करने पर कुछ लोगों को रशीद प्रदान की गई थी। इस तरह ट्रैवल कंपनी संचालक दोनों भाइयों ने मिलकर पन्ना, छतरपुर सहित आसपास के जिलों में रहने वाले करीब आधा सैंकड़ा मुस्लिम धर्मावलंबियों को उमराह कराने के नाम पर लाखों रुपए जमा कर लिए। उक्त राशि से लोगों को उनके नजदीकी रेलवे स्टेशन से मुंबई तक आने-जाने के रेल टिकिट, मुंबई से सऊदी अरब की हवाई यात्रा के टिकिट और वीजा उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेकिन उमंरा यात्रा की पूर्व निर्धारित तिथि गुजरने के दो माह बाद भी बुकिंग कराने वालों को यात्रा के टिकिट और वीज़ा प्रदान नहीं किया गया। इस कारण सऊदी अरब के मक्का में स्थित हरम शरीफ की जियारत करने की ख़्वाहिश पूरी न हो सकी।
उमराह के यात्रा खर्च के रूप में एडवांस राशि जमा करने के बाद अजहरी टूर एंड ट्रैवल कंपनी के द्वारा दी गई रशीद का फोटो।
अजहरी टूर एंड ट्रैवल कंपनी संचालक रफीक खान व अय्यूब खान की वादाखिलाफ़ी से परेशान लोगों ने अपने जमा रुपए जब वापस मांगे तो पहले इनके द्वारा बहानेबाजी की गई। अब आरोपीगण रुपए लौटने से ही साफ़ इंकार करते हुए उल्टा पीड़ितों के साथ अभद्रता कर रहे हैं। तीर्थयात्रा के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोगों ने पुलिस अधीक्षक पन्ना को शुक्रवार 24 नवंबर 2023 को शिकायती आवेदन पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों ने आवेदन पत्र में बताया है कि उमराह के नाम पर करीब आधा सैंकड़ा लोगों से प्रति व्यक्ति के हिसाब से 70 हजार से लेकर 85 हजार रुपए तक जमा कराए गए। इस तरह धार्मिक भावनाओं को आहत कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले दोनों आरोपी अब अधिकांश लोगों की राशि लौटने से साफ़ मना कर रहे हैं। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से ठगी के आरोपियों से राशि वापस दिलाने और उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की है।

क्या होता है उमराह ?

इस्लामिक ग्रंथों के अनुसार उमराह का मतलब मक्का में हरम शरीफ की जियारत करने से है, जिसे वर्ष में किसी भी समय किया जा सकता है। उमराह मुसलमानों को ईमान ताज़ा करने और ख़ुदा से गुनाहों की माफी मांगने का मौका होता है। हज और उमराह दोनों के लिए ही मुसलमान सऊदी अरब के सबसे पुराने एवं पवित्र शहर मक्का जाते हैं। इसमें बड़ा अंतर यह है कि उमराह जहां पूरे साल किया जा सकता है लेकिन हज की जियारत का एक निश्चित समय होता है। उमराह-हज से काफी अलग है, जिसे करना सुन्नत माना जाता है। जबकि हर हैसियतमंद मुसलमान पर जिंदगी में एक बार हज करना फर्ज है। अगर किसी मुसलमान पर किसी तरह का उधार नहीं है और वो आर्थिक रूप से सक्षम है, तो उसे एक बार हज करना जरूरी होता है। वहीं, उमराह लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार कभी भी कर सकते हैं।

इनका कहना है-

उमराह की तीर्थयात्रा के नाम पर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है, जिसकी जांच मेरे द्वारा की जा रही है। जल्द ही पीड़ितों के कथन दर्ज कर राशि की ठगी संबंधी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। आरोपियों से विस्तृत पूंछतांछ के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।”

– एसपी सिंह बघेल अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, पन्ना जिला पन्ना (म.प्र.)।