Home Blog Page 37

क्राइम न्यूज़ : वनकर्मियों की अभिरक्षा से अतिक्रमण के आरोपियों को जबरन छुड़ा ले गया दबंग

0
वन अपराध के आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से जबरन छुड़ाकर ले जाते हुए दबंग युवक।

*       पन्ना के नजदीक घटित अप्रत्याशित घटना का वीडियो हुआ वायरल

*      आरोपियों की पुनः गिरफ़्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दी जा रही दबिश

पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर वन मण्डल पन्ना की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत वन अपराधों की रोकथाम को लेकर परिक्षेत्राधिकारी नितिन राजौरिया के नेतृत्व में मैदानी वन अमला पूरी तरह सजग और सक्रिय नजर आ रहा है। वन्य जीवों के अवैध शिकार सहित अन्य वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार 24 फरवरी को सरकोहा बीट अंतर्गत वन भूमि में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करने के मामले में वनकर्मियों के द्वारा दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। वनकर्मी दोपहर के समय जब अतिक्रमणकारियों को पन्ना लेकर आ रहे थे तभी दबंग युवक धीरू पिता गोविंद यादव निवासी सरकोहा ने रास्ता रोक लिया। गाली-गलौंज करते हुए दबंग युवक वनकर्मियों की हिरासत से दोनों आरोपियों को छुड़ाकर ले गया। निहत्थे वनकर्मियों ने इस अप्रत्याशित घटना का वीडियो बनाया है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार 24 फरवरी को बीट सरकोहा ए वन कक्ष क्रमांक पी- 333 के परिक्षेत्र सहायक काशी प्रसाद अहिरवार एवं वनरक्षक आदेश चौधरी क्षेत्र के भ्रमण पर थे। इस दौरान वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कर रहे गंगू पिता तांतू कुशवाहा निवासी सरकोहा एवं कमलेश पिता टांगी आदिवासी निवासी कल्याणपुर को वनकर्मियों के द्वारा चेतावनी देते हुए रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन अवैध निर्माण बंद न करने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण जारी किया गया। वनकर्मी दोनों आरोपियों को सरकोहा ग्राम से पन्ना स्थित विश्रामगंज रेन्ज कार्यालय लेकर आ रहे थे। तभी पन्ना के नजदीक महर्षि विद्या मंदिर के सामने दबंग युवक धीरू पिता गोविंद यादव निवासी सरकोहा बीच रास्ते में मोटर साइकिल लगाकर वनकर्मियों को रोक लिया। धीरू यादव गाली-गलौंज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर निहत्थे वनकर्मियों की अभिरक्षा से आरोपी कमलेश आदिवासी व गंगू कुशवाहा को जबरन छुड़ाकर ले गया।
वन अपराध के आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से उनके जब्तशुदा औजार सहित जबरन छुड़ाकर ले जाते हुए बाइक सवार दबंग युवक।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की वनकर्मियो द्वारा परिक्षेत्र कार्यालय में सूचना दी गई। आनन-फानन परिक्षेत्र अधिकारी विश्रामगंज हमराही बल के साथ महर्षि विद्या मंदिर के पास पहुंचे साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। वन अमले के द्वारा अपराधियों को पुनः गिरफ्तार करने के उद्देश्य से ग्राम सरकोहा में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। लेकिन आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। वन अपराध प्रकरण की समस्त कार्रवाई करने के बाद आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से जबरन छुड़ा ले जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कोतवाली थाना पन्ना में आवेदन किया गया है।

UPSC ISS- 2023 : भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा में चमकी स्वाती, पन्ना की बेटी ने हांसिल की ऑल इण्डिया में 9वीं रैंक

0
केन्द्रीय विद्यालय पन्ना की पूर्व छात्रा स्वाती गुप्ता की उपलब्धि पर ख़ुशी जाहिर करते हुए विद्यालय प्राचार्य एवं शिक्षकगण।

*      केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के स्टॉफ ने पूर्व छात्रा की सफलता पर ख़ुशी जाहिर कर दी शुभकामनाएं

*      प्रिंसिपल बोले- स्वाती की उपलब्धि विद्यालय के अन्य विधार्थियों को करेगी प्रेरित

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) हीरों की नगरी पन्ना की होनहार बेटी स्वाति गुप्ता ने अपनी प्रतिभा की चमक राष्ट्रीय स्तर पर बिखेरी है। केन्द्रीय विद्यालय पन्ना की पूर्व छात्रा स्वाती गुप्ता का भारतीय सांख्यिकी सेवा (Indian Statistical Service) 2023 में पूरे देश में 9वें स्थान के साथ चयन हुआ। छात्रा के चयन के होने पर विद्यालय परिवार ने छात्रा एवं उसके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। छात्रा स्वाती गुप्ता ने केंद्रीय विद्यालय पन्ना से 2018 में विज्ञान विषय के साथ अपनी इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया था। छात्रा के गणित विषय के शिक्षक नीरज चौरसिया ने बताया कि स्वाती ने गणित संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए थे।

पन्ना जिले को किया गौरान्वित

यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली आईएसएस परीक्षा (ISS Exam Result ) 2023 में ऑल इण्डिया में 9वीं रैंक हांसिल कर चयनित होने वाली पन्ना की मेधावी बेटी स्वाती गुप्ता।
छात्रा ने अपनी स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से सांख्यिकी विषय के साथ पूरी की। इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की। विद्यालय के प्राचार्य अमित दाहिया ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि छात्रा प्रारंभ से ही मेधावी थी। यह सफलता उसके कठिन मेहनत और लगन से प्राप्त हुई है। इस सफलता पर केन्द्रीय विद्यालय परिवार तथा पन्ना जिले को गर्व है। प्राचार्य ने कहा कि छात्रा स्वाती गुप्ता की यह उपलब्धि विद्यालय में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

190 कैरेट वजन के 87 नग हीरे 2 करोड़ से अधिक में बिके

0
नीलामी में रखे गए बड़े हीरों को दिखाते हुए हीरा पारखी अनुपम सिंह।

*      पन्ना में हीरों की तीन दिवसीय नीलामी सम्पन्न

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) दुनिया भर में उज्जवल किस्म के हीरों की नगरी के तौर पर विख्यात पन्ना में लंबे समय बाद उथली हीरा खदानों से प्राप्त हीरों की तीन दिवसीय नीलामी आयोजित की गई। हीरों की नीलामी में देशभर से ज्वेलरी व्यापारी शामिल हुए। जिनमें मुख्य रूप से मुंबई, सूरत, राजस्थान के हीरा एवं ज्वेलरी व्यापारी शामिल थे। इस बार की नीलामी में आकर्षण का केन्द्र 14 कैरेट 21 सेंट वजन का बेशकीमती हीरा रहा।
हीरों की नीलामी की कार्रवाई में शामिल हीरा एवं ज्वेलरी व्यापारी।
शुक्रवार 23 फरवरी को संपन्न हुई हीरों की नीलामी के संबंध में जिला हीरा एवं खनिज अधिकारी रवि पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशन में उथली हीरा खदानों से प्राप्त हीरों का घोष विक्रय किया गया। इस दौरान 302.66 कैरेट वजन एवं 3 करोड़ 41 लाख 71 हजार 925 रूपए कीमत के 159 हीरे नीलामी के लिए रखे गए, जिनमें से 190.20 कैरेट वजन के 87 हीरे नीलाम किए गए। नीलाम हीरों की कुल कीमत 2 करोड़ 5 लाख 71 हजार 664 रूपए है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को एमपी के दौरे पर, लोकसभा चुनाव की तैयारियों की करेंगे समीक्षा

0
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

*    ग्वालियर में लोस प्रबंध समितियों की बैठक को करेंगे संबोधित

*    खजुराहो संसदीय क्षेत्र की बूथ समितियों के सम्मेलन में होंगे शामिल

पन्ना। (www.radarnews.in) आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार 25 फरवरी को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। श्री शाह प्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो और भोपाल प्रवास के दौरान पार्टी के आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार 25 फरवरी को प्रातः 11 बजे ग्वालियर में ग्वालियर-चंबल क्लस्टर के चारों लोकसभा क्षेत्र ग्वालियर, मुरैना, भिंड और गुना की प्रबंध समिति की बैठक को संबोधित करेंगे।
इसके बाद श्री शाह दोपहर 3 बजे खजुराहो में लोकसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ समिति सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उक्त कार्यक्रम का आयोजन मेला ग्राउंड खजुराहो में किया गया है। इसके पश्चात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी भोपाल में शाम 6 बजे प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करेंगे और तीन लाभार्थी परिवारों से संपर्क करेंगे। आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। खजुराहो लोकसभा संयोजक सतानंद गौतम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आयोजित कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुंच कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने किया स्वागत

0
उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल राजेन्द्र शुक्ला का सकरिया में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
  •     पन्ना के त्रिफला उद्यान की जानकारी देकर भेंट किये वन उत्पाद
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का आज पन्ना के नजदीक सकरिया स्थित वन विभाग के त्रिफला उद्यान में जिले के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला बागेश्वर धाम से वापस रीवा जा रहे थे। रास्ते में पन्ना के समीप सकरिया ग्राम में स्थित त्रिफला उद्यान के सामने कर्मचारी नेताओं के द्वारा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का स्वागत पुष्पहार पहनाकर किया गया।
उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल राजेन्द्र शुक्ला बागेश्वर का आज धाम से रीवा जाते समय कर्मचारी नेताओं ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला को त्रिफला उद्यान सकरिया में उत्पादित वन उत्पाद के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि, केन्द्र में आंवला मुरब्बा, अचार, सुपारी, कैंडी एवं गुड़ और शक्कर के लड्डू उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किये जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री को त्रिफला उद्यान में उत्पादित कुछ उत्पाद भेंट किए गए। श्री शुक्ला का स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से बीपी परौहा अध्यक्ष मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना, महीप रावत अध्यक्ष वन कर्मचारी संघ जिला पन्ना, ओपी शर्मा प्रांतीय सचिव वन कर्मचारी संघ, राजीव द्विवेदी सचिव वन कर्मचारी संघ, बृजेन्द्र पटेल जिला महामंत्री वन कर्मचारी संघ एवं अनिल तिवारी समाजसेवी सहित अन्य समिति सदस्य शामिल थे।

कार्यपालन यंत्री उमा गुप्ता को राज्य सरकार ने “एक्सीलेंट इंजीनियर अवार्ड” से किया सम्मानित

0
केन बेतवा लिंक परियोजना जल संसाधन संभाग पवई की कार्यपालन यंत्री श्रीमती उमा गुप्ता को उत्कृष्ट अभियंता पुरुष्कार प्रदान करते हुए जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं विभाग के शीर्ष अधिकारीगण।

*     प्रेशर इरिगेशन से संबंधित कार्यों में 3 साल के प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला पुरुष्कार

पन्ना।(www.radarnews.in) केन बेतवा लिंक परियोजना के नवगठित जल संसाधन संभाग पवई, जिला पन्ना की कर्मठ और तेज तर्रार कार्यपालन यंत्री श्रीमती उमा गुप्ता को राज्य सरकार ने उत्कृष्ठ अभियंता अवार्ड से सम्मानित किया है। जल संसाधनों के विकास एवं प्रेशर इरिगेशन में विगत 3 वर्षों में संपादित किये गए विशेष उल्लेखनीय कार्य के आधार पर कार्यपालन यंत्री उमा गुप्ता को उत्कृष्ठ अभियंता के पुरस्कार के रूप में पच्चीस हजार रुपए की नकद राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। गत दिनों राजधानी भोपाल में आयोजित भव्य गरिमामयी समारोह उन्हें यह पुरुष्कार जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ऐंदल सिंह कंसाना के द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। केबीएलपी कार्यपालन यंत्री पवई श्रीमती गुप्ता को मध्य प्रदेश शासन के द्वारा सम्मानित किए जाने पर पन्ना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जल संसाधन संभाग पन्ना तथा जिले के अन्य निर्माण विभागों के तकनीकी अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
बता दें कि, जल संसाधन विभाग द्वारा विगत वर्षों में जल संसाधनों के विकास एवं उच्च दक्ष दाब युक्त भूमिगत पाइप प्रणाली द्वारा सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए जल उपयोग दक्षता उन्नयन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बनाई है। इस विशिष्ट कार्यों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश राज्य को गतवर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था। इस विकास यात्रा में महती भूमिका निभाने वाले कर्मठ अभियंताओं को मुख्यमंत्री एवं मंत्री जल संसाधन विभाग मध्यप्रदेश शासन, द्वारा विगत तीन वर्षों के कार्यों के आधार पर “जल संसाधन विभाग उत्कृष्ट कार्य पुरस्कार” से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में दिनांक 20 फरवरी 2024 को समन्वय भवन न्यू मार्केट भोपाल में मंत्री जल संसाधन विभाग तुलसीराम सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा तथा प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग शिशिर कुशवाह की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में सागर संभाग से चयनित श्रीमती उमा गुप्ता कार्यपालन यंत्री, केन बेतवा परियोजना जल संसाधन संभाग पवई को उनके द्वारा विगत तीन वर्षों में कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग पवई तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग बुरहानपुर के रूप में संपादित किए गए उल्लेखनीय कार्य हेतु उत्कृष्ठ अभियंता के पुरुष्कार स्वरूप नगद राशि रू. पच्चीस हजार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को दिलाई पुनरीक्षित स्वीकृति

श्रीमती उमा गुप्ता द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पवई के कार्यकाल के दौरान रुन्ज तथा मझगांय मध्यम परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार कर शासन से स्वीकृति प्राप्त की गई तथा पवई मध्यम सिंचाई परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया। उक्त योजनाओं से 53330 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जा रही है। इसके अतिरिक्त 6 नवीन सिंचाई योजना की डीपीआर तैयार कर प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर निविदा आमंत्रित की गई जिनसे 1467 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। सात नवीन योजनाओं को चिन्हित कर उनकी साध्यता प्राप्त की गई जिनसे 2480 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है। साथ ही पुरानी निर्मित योजनाएं, जिनसे रूपांकित सिंचाई क्षमता के अनुरूप सिंचाई नहीं हो पा रही थी, के भी सुधार एवं उन्नयन हेतु कार्य योजना तैयार कर सिंचाई क्षमता अनुरूप विकसित करने का कार्य किया गया।

हाईकोर्ट ने पन्ना तहसीलदार के खिलाफ दर्ज किया आपराधिक अवमानना का प्रकरण

0
फाइल फोटो।

*    आदेश की अवज्ञा कर मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध कार्य करने पर कोर्ट हुआ सख़्त

*    तहसीलदार अखिलेश प्रजापति को नोटिस जारी कर तलब किया जवाब

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की अवज्ञा कर मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध कार्य करना पन्ना तहसीलदार को बहुत भारी पड़ सकता है। भूमि नामांतरण से संबंधित मामले में निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही न कर प्रकरण को निरस्त करने पर कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए पन्ना तहसीलदार अखिलेश प्रजापति के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना के सीनियर एडवोकेट काजी सलाउद्दीन ने अपनी भूमि का नामांतरण कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अनुसार तहसील कार्यालय पन्ना में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। तहसीलदार पन्ना के द्वारा आवेदन पत्र खारिज किए जाने पर मामले की अपील एसडीएम कोर्ट पन्ना के की गई। लेकिन एसडीएम ने तहसीलदार के आदेश को यथावत रखते हुए अपील को निरस्त कर दिया था। परेशान होकर आवेदक के द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 9755/2021 प्रस्तुत की गई थी।
प्रतीकात्मक चित्र।
उच्च न्यायालय ने दिनांक 7 जुलाई 2023 को रिट याचिका का निराकरण कर तहसीलदार पन्ना को एक माह के अंदर नामांतरण करने का आदेश पारित किया गया था। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद तहसीलदार पन्ना ने निर्धारित समयावधि में भूमि का नामांतरण न कर आवेदन पत्र को पुनः निरस्त कर दिया। तहसीलदार पन्ना अखिलेश प्रजापति की हठधर्मिता से परेशान होकर आवेदक के द्वारा पुनः उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक एमपी 872/2024 प्रस्तुत की गई। जस्टिस संजय द्विवेदी ने प्रकरण को संज्ञान लेकर तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही न्यायालय के आदेश के उल्लंघन पर सख्त रूख अपनाते हुए तहसीलदार पन्ना अखिलेश प्रजापति के विरूद्ध आपराधिक अवमानना का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। हाईकोर्ट में आवेदक की ओर से सीनियर अधिवक्ता मनोज शर्मा के द्वारा पैरवी की गई। कोर्ट की कार्रवाई जिले के प्रशासनिक हलकों खासकर राजस्व महकमे में चर्चा का विषय बनी है।

साप्ताहिक बाजार परिसर में दुकानों के निर्माण का विरोध क्यों कर रहे हैं छोटे व्यापारी !

0
फाइल फोटो।

*    नीलामी में दुकानें खरीदकर हाट-बाजार में पैर जमा लेंगे बड़े व्यापारी

*    स्थान के आभाव में फुटकर दुकानदारों को होना पड़ सकता है बेदखल

  नगर परिषद अजयगढ़ पर बड़े व्यापारियों के आर्थिक हितों के लिए पथ विक्रेताओं की आजीविका को संकट में डालने का आरोप

  छोटे दुकानदारों की मांग- परिसर का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण हटाने के बाद हो दुकानों का निर्माण

शादिक खान, पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ क़स्बा के साप्तहिक हाट-बाजार (सब्जी मंडी) परिसर में आधा सैंकड़ा से अधिक दुकानों के निर्माण का पुरजोर विरोध हो रहा है। इससे सीधे तौर प्रभावित होने की आशंका से घिरे स्थानीय पथ विक्रेताओं, छोटे व फुटकर व्यापारियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। विगत दिवस आक्रोशित व्यापारियों के एक समूह ने सब्जी मंडी पहुंचकर भारी हंगामा करते हुए दुकानों का निर्माण कार्य बंद करवा दिया था। सब्जी विक्रेताओं की मांग है कि, सबसे पहले साप्ताहिक बाजार परिसर का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण को हटाया जाए। उसके बाद दुकानों का निर्माण कराना उचित होगा। फुटकर व्यापारियों का मानना है, वे लोग साप्ताहिक सब्जी मंडी के अंदर कई दशकों से जमीन के जिस टुकड़े पर दुकानें लगाकर अपनी आजीविका चलाते रहे हैं, उस स्थान को उनसे छीनकर बड़े व्यापारियों को आवंटित करने के लिए दुकानों के निर्माण की योजना बनाई गई है।
छोटे दुकानदार नगर परिषद की दुकान निर्माण की योजना को सब्जी मंडी से अपनी सुनियोजित बेदखली के तौर पर देख रहे है। नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता इस तरह की आशंकाओं को पूर्णतः निराधार बताते हुए सिरे से खारिज़ करती हैं, लेकिन वे अपनी बात नाराज दुकानदारों को नहीं समझा पा रही हैं। नगर परिषद के 13 पार्षदों ने भी फुटकर व्यापारियों की जायज़ मांग का समर्थन करते हुए दुकानों के निर्माण पर लिखित में अपनी आपत्ती दर्ज कराई है। इस गतिरोध के चलते दुकानों के निर्माण एवं मंडी के विकास की योजना खटाई में पड़ गई है।
अतिक्रमण की चपेट में है अजयगढ़ के साप्ताहिक बाजार (सब्जी मंडी) का बड़ा भू-भाग।
उल्लेखनीय है कि, वर्तमान में अजयगढ़ का साप्ताहिक हाट-बाजार (सब्जी मंडी) जिस स्थल पर लगती उसे दिनांक 26 मई 1970 को तत्कालीन ग्राम पंचायत अजयगढ़ ने अपने प्रस्ताव में भूमि खसरा नंबर- 33/1 और रकबा 2.80 एकड़ एवं आराजी खसरा नंबर- 36/1 रकबा 1.78 एकड़ को साप्तहिक बाजार की बैठकी व्यवस्था हेतु उपयुक्त बताया गया था। अजयगढ़ क़स्बा के बीचों-बीच स्थित इस बेशकीमती जमीन के बड़े भू-भाग पर बाद के सालों में बड़े व्यापरियों ने अतिक्रमण कर अपनी दुकानें बना लीं। मंडी की जमीन पर अतिक्रमण पैर पसारता रहा और नगर परिषद तथा राजस्व विभाग के तत्कालीन अफसर तमशबीन बने रहे। सब्जी मंडी में दुकानें लगाने वाले फुटकर व्यापारियों की शिकायत के बाद भी अतिक्रमणकरियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया।
करीब 4-5 वर्ष पूर्व नगर पंचायत ने साप्ताहिक बाजार की बैठकी को व्यवस्थित करने की मंशा से डेढ़ दर्जन गुमटियों का निर्माण कराया था। इन गुमटियों पर शुरू से ही बड़े व्यापारी नजरें गढ़ाए हुए थे। नगर परिषद की सांठगांठ से बड़े व्यापारियों ने पहले तो गुमटियों पर कब्ज़ा जमाया फिर उन्हें पक्की दुकानों में पक्की दुकानों में तब्दील कर लिया। इस तरह साप्ताहिक बाजार (सब्जी मंडी) के लिए आरक्षित कुल भूमि का 25 फीसदी हिस्सा कथित तौर पर अतिक्रमण (अवैध निर्माण) की चपेट में आ गया।

बढ़ रहीं दुकानें, सिकुड़ रही जमीन

दुकानों का निर्माण कार्य बंद करवाने पहुंचे आक्रोशित छोटे व्यापारियों को समझाते हुए तहसीलदार अजयगढ़ सुरेन्द्र अहिरवार।
फुटकर व्यापारी अरविंद कुशवाहा का कहना है, साप्तहिक हाट बाजार (सब्जी मंडी) परिसर अजयगढ़ में दुकानें लगाने वाले छोटे और फुटकर दुकानदारों की तादाद जहां साल दर साल लगातार बढ़ रही वहीं मंडी की जमीन अतिक्रमण के कारण तेजी से सिकुड़ रही है। वर्तमान में फुटकर सब्जी, बांस के बर्तन, मसालों, मनिहारी, फलों और जूते-चप्पल की करीब चार सौ दुकानें यहां लगती हैं। अब अगर मंडी परिसर में 53 दुकानों का निर्माण हुआ तो परिसर का रिक्त स्थान सिर्फ आधे से भी कम रह जाएगा। इस स्थिति में साप्ताहिक बाजार के दिन गुरूवार को मंडी परिसर में जमीन पर अपनी दुकानें लगाने वाले छोटे एवं फुटकर दुकानदारों की बैठकी के लिए शेष बचने वाली रिक्त भूमि कम पड़ जाएगी। गौर करने वाली बात यह भी है कि, 95 फीसदी फुटकर व्यापारियों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे 4-5 लाख रुपये खर्च करके मंडी में बनने वाली दुकानों को नीलामी में खरीद सकें। जिनकी दुकानों में सामान ही बमुश्किल कुछ हजार रुपए का रहता है, वे गरीब दुकानदार नगर परिषद की दुकानें खरीदने के लिए रुपए कहां से लाएंगे? इससे साफ़ जाहिर है कि, नगर परिषद की दुकानें खरीदकर बड़े व्यापारी मंडी परिसर की प्राइम लोकेशन में आबाद हो जायेंगे। जबकि स्थान के आभाव में बड़ी संख्या में फुटकर व्यापरियों को साप्ताहिक बाजार से बेदखल होना पड़ सकता है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि प्रभावित होने वाले दुकानदारों की आजीविका भी संकट में पड़ सकती है।

अतिक्रमण हटाने के बाद हो दुकानों का निर्माण

अजयगढ़ के साप्तहिक हाट बाजार में फुटकर व्यापारियों के लिए बनाई गईं गुमटियों पर बड़े व्यापारियों ने कब्ज़ा जमाकर उन्हें दुकानों में परिवर्तित कर दिया।
दुकानों के निर्माण के विरोध का नेतृत्व कर रहे सब्जी विक्रेता प्रेम रैकवार ने बताया कि वह लोग साप्तहिक मंडी परिसर में दुकानों के निर्माण के पूरी तरह खिलाफ नहीं है। लेकिन उनकी कुछ बाजिव मांगें हैं, जिनसे लिखित और मौखिक तौर पर नगर परिषद अध्यक्ष, सीएमओ सहित राजस्व अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। प्रेम रैकवार ने बताया, सभी फुटकर व्यापारी चाहते है कि दुकानों के निर्माण से पूर्व सर्वप्रथम मंडी परिसर का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। इस कार्रवाई से मंडी के मौजूदा खाली परिसर में 25 फीसदी क्षेत्रफल का इजाफा होगा। उसके बाद स्वीकृत 53 दुकानों, टीन शेड सहित अन्य निर्माण कार्य कराए जाएं। लेकिन शर्त यह है कि नगर परिषद सिर्फ 50 फीसदी दुकानों की नीलामी कर शेष 50 फीसदी दुकानों को किराए के आधार पर फुटकर दुकानदारों को आवंटित किया जाए। अगर ऐसा होता है तो मंडी से एक भी दुकानदार को बाहर नहीं होना पड़ेगा। साथ ही साप्ताहिक बाजार की बैठकी भी व्यवस्थित हो जाएगी।

गतिरोध को दूर करने संजीदा नहीं जिम्मेदार

विगत दिनों अजयगढ़ के प्रवास पर आए मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार को मंडी में दुकानों के निर्माण पर रोक लगाने के संबध में ज्ञापन सौंपते हुए स्थानीय सब्जी विक्रेता। (फाइल फोटो)
बता दें कि, अजयगढ़ नगर परिषद के 13 पार्षदों ने फुटकर व्यापारियों के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन किया है। पार्षदों की मांग है, सब्जी मंडी का सीमांकन कराने के बाद वहां से सम्पूर्ण अतिक्रमण हटाया जाए, उसके बाद पथ विक्रेताओं, छोटे व फुटकर दुकानदारों को विश्वास में लेकर उनकी सहमति से ही दुकानों का निर्माण कार्य कराया जाए। सब्जी विक्रेता मोहम्मद लियाकत ने बताया कि इस मुद्दे पर नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता, सीएमओ राजेन्द्र सिंह, प्रभारी तहसीलदार अजयगढ़ सुरेन्द्र अहिरवार से फुटकर विक्रेताओं से कई दौर की बातचीत हुई लेकिन ठोस आश्वासन न मिलने के कारण कोई नतीज़ा नहीं निकल सका। दरअसल, मंडी का सीमांकन करवाकर वहां से बड़े व्यापारियों, रसूखदारों के अतिक्रमण तत्काल प्रभाव से हटाने एवं 50 फीसदी दुकानें फुटकर व्यापारियों को देने के मुद्दे पर जिम्मेदारों के ढुलमुल और उदासीनतापूर्ण रवैये के कारण गतिरोध बरक़रार है। इस मसले का सर्वमान्य हल निकालने में हो रही देरी का खामियाजा दुकान निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले निर्दोष संविदाकार (ठेकेदार) को भुगतना पड़ रहा है।

इनका कहना है-
“साप्ताहिक बाजार (सब्जी मंडी) परिसर से एक भी दुकानदार को बेदखल नहीं किया जाएगा, फुटकर व्यापारियों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए दुकानों के साथ-साथ 3 टीनशेड वाले चबूतरों का भी निर्माण कराया जाएगा। चबूतरों पर छोटे दुकानदार व्यवस्थित तरीके से अपनी दुकानें लगा सकेंगे। दुकानों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को सभी पार्षदों की सहमति से ही स्वीकृति प्रदान की गई थी। मंडी परिसर के सीमांकन हेतु राजस्व विभाग के अधिकारियों बात हो चुकी है। जल्द ही हमसब मिलकर इस मसले का समाधान निकाल लेंगे।”

सीता सरोज गुप्ता अध्यक्ष नगर परिषद अजयगढ़ जिला पन्ना (म.प्र.)।

“साप्ताहिक बाजार (सब्जी मंडी) परिसर का सीमांकन कराने के लिए तहसीलदार अजयगढ़ को सप्ताह भर पूर्व पत्र प्रेषित किया जा चुका है। दुकानों का निर्माण सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए कराया जा रहा है यह कहना उचित नहीं होगा, छोटे व्यापारी बैंक लोन लेकर दुकानें प्राप्त कर सकते हैं। फुटकर विक्रेताओं के लिए दुकानों के आरक्षण को लेकर नगर पालिका एक्ट में क्या प्रावधान यह देखना पड़ेगा। वैसे इस संबंध में परिषद को निर्णय लेना है। वर्तमान में दुकानों का निर्माण कार्य बंद है। मंडी की भूमि पर निर्माणाधीन मकान पर भी स्टे लगवा दिया है।”

राजेन्द्र सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद अजयगढ़।

“फुटकर सब्जी विक्रेताओं के विरोध के चलते पखवाड़े भर से निर्माण कार्य ठप्प पड़ा है। बीच में तीन बार कार्य शुरू कराने का प्रयास किया गया था लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल सकी। मेरी लेबर एक सप्ताह तक इंतजार करती रही, बिना किसी काम के उनको मजदूरी का भुगतना करना पड़ा है। नगर परिषद अध्यक्ष व सीएमओ इस मामले का समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। 53 दुकानों का निर्माण करीब 1 करोड़ की लागत से किया जाना है। टीन शेड तथा वॉशरूम निर्माण का ठेका अलग से है।”
राजेन्द्र भाटी, संविदाकार, बांदा, उत्तर प्रदेश।
“राजस्व रिकार्ड में सब्जी मंडी का परिसर नजूल भूमि के रूप में दर्ज है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी को इसकी जानकारी देकर उनसे हाट-बाजार के लिए भूमि को प्रक्रियानुसार आवंटित कराने का सुझाव दिया है। नजूल भूमि का रकबा काफी बड़ा है, इसलिए नगर परिषद अपनी आवश्यकतानुसार जितनी भूमि का आवंटन हाट-बाजार के लिए कराती है उसका सीमांकन कर दिया जाएगा।”

सुरेन्द्र अहिरवार, तहसीलदार अजयगढ़ जिला पन्ना।

सांभर का शिकार कर मना रहे थे पार्टी, पीटीआर की टीम ने 3 लोगों को किया गिरफ्तार; भेजे गए जेल

0
करंट लगाकर सांभर का शिकार करने के बाद उसके मीट की पार्टी उड़ाने वाले तीनों शिकारियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया।

*    पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ अभ्यारण क्षेत्र अंतर्गत दरेरा ग्राम की घटना

*    वन क्षेत्र से लगे खेत में करंट का तार बिछाकर किया था सांभर का शिकार

*    पन्ना जिले के संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों में नहीं थम रहीं शिकार की घटनाएं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना में सांभर हिरण का शिकार कर खेत में पार्टी करना तीन लोगों को भारी पड़ गया। पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने छापामार कर तीनों शिकारियों को सांभर के अवशेषों के साथ धर दबोंचा। इनके विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया है। पीटीआर (PTR) के अनुसार मुखबिर की सूचना पर गंगऊ अभ्यारण अंतर्गत आने वाले दरेरा ग्राम के राजस्व क्षेत्र से शिकारियों की धरपकड़ की गई है।
दरेरा के जिस खेत में शिकारियों ने सांभर के मांस की पार्टी की थी वहां से पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने मृत सांभर की तीन पैर सहित अन्य अवशेष बरामद किए।
बुधवार 14 फरवरी की देर शाम मुखबिर ने सूचना दी थी कि कुछ लोगों ने जंगल से सटे अपने खेत में सांभर का शिकार किया है और वो लोग वहीं पर उसका मांस पकाकर पार्टी कर रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक अग्रवाल ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदशन में तत्परता से कार्रवाई करने के लिए टीम गठन किया और रात्रि करीब 10 बजे दल-बल के साथ दबिश देकर मौके से राजेन्द्र सिंह, रामस्वरूप आदिवासी व दीपक आदिवासी सभी निवासी ग्राम दरेरा को धर दबोंचा। छापामार कार्रवाई में पीटीआर की टीम ने खेत से सांभर की खाल, तीन पैर, लीवर आदि अवशेष जब्त किए हैं। हालांकि तीनों शिकारी सांभर का मांस पकाकर खा चुके थे। खेत में ईंटों से निर्मित अस्थाई चूल्हा भी मिला है जिस पर शिकार का मांस पकाया गया था।
गंगऊ अभ्यारण के वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंजर) प्रतीक अग्रवाल ने बताया, आरोपियों ने पूंछतांछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है। उनके द्वारा खेत में करंट का तार बिछाकर सांभर का शिकार किया गया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सांभर के शिकारियों विगत दिवस न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेजा गया है।

अन्य आरोपियों की भी हो सकती है धरपकड़

खेत में ईंटों से बनाए गए इस अस्थाई चूल्हे पर ही सांभर हिरण के मांस को पकाया गया था।
विदित हो कि, सांभर प्रजाति के हिरण आकार में काफी बड़े होते हैं। इसलिए उनमें मांस काफी मात्रा में निकलता है। सिर्फ तीन शिकारी सांभर के मांस को एकबार में ही पूरा चटकर जाएं व्यावहारिक तौर पर यह संभव नहीं है। इसलिए, अंदेशा जताया जा रहा है कि शिकारियों के द्वारा मांस का बड़ा हिस्सा या तो गुपचुप तरीके से अपने करीबियों को वितरित किया गया या फिर उसे अन्य किसी तरीके से ठिकाने लगाया है। इस पहलु पर विशेष गौर करते हुए पीटीआर की टीम पकड़े गए शिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य कुछ लोगों की सरगर्मी से तलाश में जुटी है। इसलिए आने वाले दिनों सांभर के मांस की पार्टी मानाने वाले कुछ और लोगों की धरपकड़ की संभावना जताई जा रही है।

शिकार की घटनाओं पर नहीं लग पा रहा अंकुश

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के जंगलों में बेजुबान वन्यजीवों का कत्लेआम बड़ी तेज़ी से जारी है। जंगली जानवरों को मांस (बुशमीट) के लिए मारा जा रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व सहित जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर शिकारी सक्रिय हैं। वन्य प्राणियों का अवैध शिकार शादी की दावत में आने वाले मेहमानों के खाने में मांस परोसने से लेकर मांस की बिक्री कर रुपए बनाने के लिए बेख़ौफ़ अंदाज में किया जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि, अधिकांश मामलों में शिकार होने के बाद ही वन विभाग को भनक लग पाती है। जबकि शिकार की कई घटनाओं का तो पता ही नहीं चल पाता है। दरअसल, मैदानी वन अमले में हमेशा ही इस बात का भय बना रहता है कि अवैध शिकार सहित अन्य वन अपराधों के सामने आने पर कार्यवाही की गाज उनके ही ऊपर गिरेगी। इन घटनाओं से विभाग की बदनामी होने पर उनको कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसलिए मैदानी अमला कई बार जानबूझकर महत्वपूर्ण घटनाओं को जंगल के बियाबान में ही हमेशा-हमेशा के लिए दफन रहने देता है। इससे उसकी कारगुजारियों का भंडाफोड़ नहीं हो पाता है। उधर, लग्ज़री चैंबर में बैठकर बजट को ठिकाने लगाने में भिड़े रहने और यदा-कदा ही जंगल का भ्रमण करने वाले अफसरों को जमीनी हकीकत का पता ही नहीं चल पाता है।

बाघ और तेंदुओं पर मंडरा रहा है गंभीर खतरा

कार्यालय क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व। (फाइल फोटो)
बता दें कि, फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में पन्ना टाइगर रिजर्व की मड़ला रेन्ज अंतर्गत आने वाले ललार ग्राम में जंगली सूअर का शिकार होने की खबर आई थी। कड़ी सुरक्षा एवं सघन निगरानी वाले पार्क क्षेत्र (पीटीआर) में लगातार सामने आ रहीं शिकार की घटनाओं को लेकर सवाल उठने पर मड़ला रेंजर वैभव सिंह चंदेल ने जंगली सूअर के शिकार मामले में गहरी चुप्पी साध ली है। शाकाहरी वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं का ग्राफ लगातार चिंताजनक तेजी से बढ़ने के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व सहित इससे सटे सामान्य वन क्षेत्र में विचरण करने वाले बाघ-तेंदुआ जैसे वन्यजीवों के लिए भी खतरा काफी बढ़ गया है। क्योंकि पन्ना जिले में शिकारियों के साथ-साथ वन्य जीवों के अंगों के तस्कर भी सक्रिय हैं। विगत वर्षों में टाइगर (बाघ), तेंदुओं के शिकार, संदिग्ध मृत्यु और उनके अंगों की तस्करी जुड़ी कई हैरान करने वाली घटनाएं सामने आई हैं। जिनके मद्देनजर जिम्मेदारों को विशेष सतर्कता बरतने और वन क्षेत्र में 24Х7 सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने की जरुरत है।

कोर्ट का फैसला : हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास और अर्थदण्ड की सजा

0
प्रतीकात्मक चित्र।
पन्ना। (www.radarnews.in) अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना महेन्द्र मंगोदिया ने फूल सिंह गौंड़ निवासी सूरजपुरा पुखरा की हत्या के मामले में अभियुक्त ग्यासी गौंड़ को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान न्यायाधीश ने अभियुक्त को अर्थदंड से भी दंडित किया है। इस मामले में न्यायालय का फैसला सालभर के अंदर आने से पीड़ित पक्ष को त्वरित और सुलभ न्याय मिला है।
सहायक लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्ता ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी हरिराम गौंड़ निवासी सूरजपुरा पुखरा ने थाना बृजपुर पुलिस को रिपोर्ट लिखाई थी कि, वह तीन भाई हैं, सभी पौंड़िया हार खेत में अलग-अलग झोपड़ी बनाकर खेती करते है। गांव का ही ग्यासी गौंड़ भी उसके खेत में झोपड़ी (मड़ैया) बनाकर रहता है। ग्यासी उसके बड़े भाई फूल सिंह और उससे बुराई मानता है। कुछ दिन पूर्व उन लोगों का आपसी समझौता हो गया था। दिनांक 26 मार्च 2023 की शाम हरिराम गौंड़ अपने बड़े भाई फूल सिंह के घर के पास खड़ा था, तभी वहां ग्यासी गौंड़ आया और जरुरी काम का बहाना बनाकर फूल सिंह को अपने खेत की ओर ले गया। हरिराम ने पुलिस को बताया वह भी उनके पीछे-पीछे चला गया। रास्ते में ग्यासी गौंड़ ने उसके बड़े भाई फूलसिंह के सिर में पीछे से कुल्हाड़ी से कई बार जानलेवा प्रहार किया। जिससे उसका भाई जमीन पर गिर गया और चींखने-चिल्लाने पर उसकी भाभी सुहागरानी गौड़ एवं जीजा वहां आ गए थे। उन्हें आता हुआ देखकर हमलावर ग्यासी गौड़ कुल्हाड़ी लेकर जंगल की तरफ भाग गया था।
खून से लथपथ फूल सिंह को बेहोशी की हालत में परिजनों के द्वारा चारपाई से ग्राम सूरजपुरा पुखरा लाया गया। जिसके बाद डायल 100 वाहन से उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय ले गए थे। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने फूल सिंह का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। इस घटना पर बृजपुर थाना के अपराध क्रमांक 029/2023 पर प्रकरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फाइल फोटो।
प्रकरण का विचारण अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र मंगोदिया के न्यायालय मे हुआ। जिसमें जिला लोक अभियोजन अधिकारी संदीप कुमार पाण्डेय द्वारा शासन की ओर से पक्ष रखा गया। अभियोजन द्वारा साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया तथा आरोपी के कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का मानते हुये कठोर से कठोरतम दंड से दंडित किये जाने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आये साक्ष्य, अभियोजन के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी ग्यासी गौंड़ को धारा 302 भादसं. के आरोप में आजीवन सश्रम कारावास एवं 1,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।