खेत में निकले वन्य जीवों के क्षत-विक्षत शवों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर दहन के लिए उपयुक्त स्थान पर ले जाय गया।
* पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल अंतर्गत राजस्व क्षेत्र में सामने आई शिकार की हैरतअंगेज वारदात
* बेजुबान वन्यजीवों का शिकार करने के बाद अरहर के खेत में दफना दिए थे शव
शादिक खान/रुपेश जैन, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के जंगलों से पिछले कुछ महीनों से वन्य प्राणियों के अवैध शिकार एवं अन्य वन अपराधों से जुड़ी बेहद हैरान करने वाली ख़बरें लगातार बाहर आ रही हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व सहित जिले के उत्तर एवं दक्षिण सामान्य वन मंडल अंतर्गत वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं अत्यंत ही चिंताजनक तेजी से बढ़ी हैं। जिले में सक्रिय शिकारी जिस तरह बेख़ौफ़ अंदाज में एक के बाद एक बेजुबान वन्यजीवों के शिकार की वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला रहे उससे मैदानी वन अमले की कथित सक्रियता सवालों के घेरे में आ गई है। इस बीच उत्तर वन मंडल पन्ना की विश्रामगंज रेंज के राजस्व क्षेत्र में अवैध शिकार की एक हैरतअंगेज वारदात का खुलासा हुआ है। वन विभाग की टीम ने सिरस्वाहा ग्राम के नजदीक स्थित एक खेत में लगी अरहर की फसल के बीचोंबीच जेसीबी मशीन से जमीन की खुदाई करवाकर 4 वन्यजीवों के क्षत-विक्षत शवों को बहार निकाला गया। बेजुवान वन्य प्राणियों का शिकार करने के बाद उन्हें खेत में ही गड्ढे खोदकर दफना दिया था। इस मामले में फॉरेस्ट टीम के द्वारा खेत मालिक के भतीजे शीतल पाण्डेय पुत्र बाबूलाल पाण्डेय को हिरासत में लेकर सघन पूंछतांछ की जा रही है। समूचे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी है।
शिकार करने के बाद वन्य जीवों के शवों को खेत में क़ब्रनुमा गड्ढे में दफना दिया था।
मुखबिर के द्वारा उत्तर वन मंडल के अधिकारियों को इस आशय की सूचना दी गई थी कि, सिरस्वाहा ग्राम से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अरहर के एक खेत में वन्य जीवों को दफनाया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए 14 फरवरी की शाम वन परिक्षेत्राधिकारी विश्रामगंज नितिन राजौरिया ने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर खेत का मुआयना किया और फिर संदेह के आधार पर फसल के बीचों-बीच खुदाई कराई गई। इस दौरान देर शाम गड्ढे की खुदाई में एक वन्यजीव का शव बरामद हुआ। लेकिन तब तक अंधेरा घिर आने की वजह से खुदाई कार्य को बीच में ही रोक दिया गया। अगले दिन गुरूवार 15 फरवरी को जेसीबी मशीन बुलाकर खेत में पुनः खुदाई कराई गई। इस बार तीन अलग-अलग वन्य जीवों के सड़े-गले (क्षत-विक्षत) शव मिले।
वन विभाग की टीम को अरहर के खेत में खुदाई के दौरान मिला नीलगाय का शव।
प्रथम दृष्ट्या यह माना जा रहा है कि वन्यजीवों की मौत 10-15 पूर्व हुई थी। इस मामले में फॉरेस्ट टीम के द्वारा खेत मालिक के भतीजे शीतल पाण्डेय पुत्र बाबूलाल पाण्डेय निवासी ग्राम सिरस्वाहा को हिरासत लिया है। दरअसल, शीतल पाण्डेय के द्वारा ही अपने चाचा के खेत में खेती कराई जा रही है। खेत से बरामद वन्य जीवों के शवों की संख्या आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सकी। क्षेत्र में व्याप्त चर्चाओं के अनुसार 3 से 4 शव मिले हैं, जो कि नीलगाय, सांभर और जंगली सूअर के बताए जा रहे हैं।
बता दें कि, जंगली जानवरों से होने वाली फसल हानि को रोकने के लिए जिले में बड़ी संख्या में किसान अपने खेत की बारी में फंदे लगाने और करंट का तार बिछाने जैसे ग़ैरकानूनी उपाए करते हैं। इनमें फंसने या मरने वाले वन्य प्राणियों के मांस को अधिकांश किसान गुपचुप तरीके से मिल बांटकर खा लेते हैं। वहीं जो किसान मांसाहारी नहीं है वे अपने अपराध को छिपाने के लिए मृत वन्य प्राणियों को या तो अपने खेत से दूर ले जाकर फेंक देते हैं या फिर गड्ढा खोदकर गाड़ देते हैं। सूत्रों से पता चला है, शीतल के खेत में मिले वन्य जीवों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता को मौके पर बुलाया गया था। लेकिन सभी शव इतने अधिक सड़-गल चुके थे कि उनका पोस्टमार्टम करना संभव नहीं था। इस स्थिति में वन्य जीवों के उपलब्ध अवशेषों के सैंपल लेने के बाद शवों का दहन कर दिया गया।
MP : पन्ना जिले में टाइगर रिजर्व और सामान्य वन क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के शिकार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। इस बीच रविवार की सुबह उत्तर वन मण्डल पन्ना की विश्रामगंज रेंज अंतर्गत रक्सेहा में एक खेत की बारी में लगाए गए फंदे में तेंदुआ के फंसने से हड़कंप मच गया। pic.twitter.com/YVaAGG9WNE
पन्ना जिले के उत्तर वन मण्डल की विश्रामगंज रेंज वन्य प्राणियों के अवैध शिकार सहित अन्य वन अपराध मसलन, वन क्षेत्र में अवैध हीरा-पत्थर खनन, सागौन और जलाऊ लकड़ी की अवैध कटाई के लिहाज़ अत्यंत ही संवेदनशील है। पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र से सटे होने के कारण विश्रामगंज वन परिक्षेत्र के जंगलों में अक्सर ही बाघों और तेंदुओं का मूवमेंट (विचरण) बना रहता है। ऐसे में विश्रामगंज रेंज में महीने भर के अंदर शिकार की तीन सनसनीखेज घटनाओं के सामने आने से एक ओर जहां मैदानी वन अमले की सक्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बाघ एवं तेंदुआ जैसे संकटग्रस्त वन्य जीवों पर मंडराते गंभीर संकट को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। विदित हो कि, 27 जनवरी को वन परिक्षेत्र की गुड़हा बीट अंतर्गत वन्यजीवों का शिकार करने के लिए सड़क किनारे करंट का तार बिछाने वाला शिकारी फरसू गौंड़ 55 वर्ष इसकी चपेट में आने खुद ही शिकार बन गया था। घटनास्थल पर फरसू आदिवासी का हल्का जला हुआ शव और करंट लगने से मृत नीलगाय का शव मिला था। जबकि चार दिन पूर्व रक्सेहा ग्राम के नजदीक एक खेत की बारी में लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंसा हुआ मिला था। पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को ट्रैंकुलाइज करके उसकी जान बचाई थी।
MP : पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल की विश्रामगंज रेन्ज की गुड़हा बीट में वन्यजीवों का शिकार करने के लिए मुख्य मार्ग किनारे बिछाए गए करंट के तार की चपटे में आने से शिकारी खुद शिकार बन गया। आज सुबह मौके पर फरसू गौंड़ 55 मृत अवस्था में पड़ा मिला, कुछ दूरी पर एक नीलगाय भी मृत पाई गई। pic.twitter.com/y58MMHE39d
राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी देते पन्ना कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी।
* विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिले में बढ़े 5464 मतदाता
पन्ना।(www.radarnews.in) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के तहत मतदाता सूची (Voter List) का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। जिला जनसम्पर्क कार्यालय द्वारा जारी समाचार में बताया गया है कि, इस संबंध में राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को अवगत कराने के उद्देश्य से गत गुरूवार 8 जनवरी को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हरजिंदर सिंह ने उपस्थित राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों को आयोग के कार्यक्रम की गतिविधि अंतर्गत की गई कार्यवाहियों के बारे में अवगत कराया। साथ ही राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान भी किया।
पवई विधानसभा में सर्वाधिक मतदाता
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के अनुसार जिले में कुल दर्ज मतदाताओं की संख्या अब 7 लाख 70 हजार 416 है, जबकि विगत 6 जनवरी को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के दरम्यान कुल मतदाताओं की संख्या 7 लाख 64 हजार 952 थी। 8 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 4 लाख 7 हजार 461 पुरूष मतदाता, 3 लाख 62 हजार 951 महिला मतदाता और 4 अन्य मतदाता हैं। इसमें 18-19 आयु वर्ग के 19 हजार 304 मतदाता भी दर्ज हुए हैं। पवई विधानसभा में 2 लाख 84 हजार 22, गुनौर विधानसभा में 2 लाख 34 हजार 136 और पन्ना विधानसभा में 2 लाख 52 हजार 258 मतदाता हैं। पवई विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 34 हजार 348, गुनौर में 1 लाख 10 हजार 223 और पन्ना विधानसभा में 1 लाख 18 हजार 380 है। पन्ना विधानसभा में 4 अन्य मतदाता भी दर्ज हैं।
जिले में 901 मतदान केन्द्र
मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 901 है। बैठक के अवसर पर गत 29 जनवरी से लोकसभा चुनाव 2024 के दृष्टिगत शुरू किए गए ईव्हीएम मशीनों की एफएलसी के बारे में भी अवगत कराया गया। बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नीलाम्बर मिश्र सहित संयुक्त कलेक्टर केएस गौतम एवं निर्वाचन पर्यवेक्षक उमाशंकर दुबे भी उपस्थित थे।
पन्ना जिला मुख्यालय के समीप निर्माणाधीन खोरा तालाब के फ़िल्टर कार्य में गिट्टी बिछाते मजदूर।
* पूर्णता की समयावधि 18 माह, 13 महीने में हुआ सिर्फ 15 प्रतिशत निर्माण
* जल संसाधन विभाग की प्राथमिकता वाली स्कीम को लेकर जिम्मेदार उदासीन
* वर्तमान में मौके पर दर्जन भर से कम मजदूरों से कराया जा रहा है काम
* ठेकेदार को पूर्व में तीन नोटिस देने के बाद भी असंतोषजनक बनी है भौतिक प्रगति
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) झीलनुमा तालाबों के शहर पन्ना के वाशिंदों को हर साल गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या से जूझना पड़ता है। अल्प वर्षा होने की स्थिति में जल संकट कहीं अधिक विकराल रूप ले लेता है। शहर में पानी को लेकर हाहकार चौतरफा हा-हाकार मचने लगता है। नगरीय क्षेत्र की सीमा के विस्तार तथा आबादी में कई गुना वृद्धि होने के परिणाम स्वरूप मौजूदा पेयजल संसाधन (व्यवस्था) शहर की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रहे है। साल-दर साल जटिल होते पेयजल संकट से उत्पन्न चुनौती का बेहतर तरीके सामना करने के लिए जिला मुख्यालय पन्ना के कुंजवन वार्ड के नजदीक खोरा नाला पर नवीन तालाब निर्माण कार्य की योजना तैयार की गई थी। करीब 2 वर्ष पूर्व खोरा तालाब योजना को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह व जल संसाधन संभाग पन्ना के तकनीकी अधिकारी शायद इसके निर्माण कार्य को समयसीमा में पूर्ण कराने को लेकर गंभीर नहीं है! खोरा तालाब ठेकेदार के द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही तथा निर्माण कार्य की कछुआ चाल जिम्मेदारों की बेपरवाही की ओर इशारा करती है।
करीब छह करोड़ की लागत वाले खोरा तालाब के निर्माण को लेकर जल संसाधन विभाग एवं ठेकेदार के मध्य अनुबंध निष्पादित होने के बाद कार्यादेश दिनांक 01 जनवरी 2023 को जारी किया गया था। अनुबंध में कार्य पूर्णता हेतु 18 माह की समयावधि निर्धारित की गई है। गत दिनों रडार न्यूज़ ने खोरा तालाब निर्माण कार्य का जायजा लिया गया। मौके सिर्फ15 प्रतिशत कार्य होना पाया गया। फिलहाल तालाब के फ़िल्टर का कार्य चल रहा है। जिसमें दर्जन भर से कम मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है। तालाब की पार कई माह से खुदी पड़ी है। सबकुछ इतना आराम से चल रहा है जैसे किसी को कोई चिंता ही नहीं है।
कार्यालय कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना। (फाइल फोटो)
बता दें कि, अनुबंध की शर्त अनुसार 18 माह में कार्य पूर्णता के हिसाब से साल भर में करीब 60 फीसदी निर्माण कार्य हो जाना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में भौतिक प्रगति महज 10 से 15 प्रतिशत पर ही अटकी है। जल संसाधन विभाग के द्वारा पूर्व में ठेकेदार को 3 नोटिस थमाने के बावजूद तालाब निर्माण की कछुआ चाल बदस्तूर जारी है। मौके पर मिले ठेकेदार के सुपरवाइजर से कार्य की पूर्णता को लेकर सवाल पूंछने पर उसने बताया, तालाब बनने में 3 से 4 साल का समय लगेगा। जानकारों की मानें तो, यह तभी सम्भव होगा जब कार्य मौजूदा गति में सुधार हो। अगर इसी रफ़्तार से निर्माण कार्य चलता रहा तो तालाब बनकर तैयार होने में छह साल का लंबा अरसा लग जाएगा।
यहां सवाल उठता है, जिला मुख्यालय से सटे प्राथमिकता वाले कार्य की प्रगति जब इतनी अधिक असंतोषजनक बनी है तो सुदूर क्षेत्रों में चल रहे जल संसाधन विभाग के अन्य कार्यों की हालत क्या होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। सवाल यह भी है, जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारी तथा जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठकों में आखिर करते क्या हैं? खोरा तालाब निर्माण की कछुआ गति का मामला इनके संज्ञान में क्यों नहीं है ? इधर, सालभर से नोटिस पर नोटिस खेल रहे जल संसाधन संभाग पन्ना के तकनीकी अधिकारी लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त एक्शन कब लेंगें? या फिर अभी भी नोटिस थमाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेंगे। ऐसे अनेक बाजिव सवाल हैं जिनके जवाब जिम्मेदारों के पास नहीं है।
फ़िल्टर में दो तरह की गिट्टी का उपयोग
पुराव के लिए मिट्टी के इंतजार में कई माह से खुदी पड़ी खोरा तालाब की पार।
खोरा तालाब के फ़िल्टर में ठेकदार के द्वारा दो तरह की गिट्टी (लाइम स्टोन व ग्रेनाइट स्टोन) का उपयोग किया जा रहा है। इसी तरह फ़िल्टर में नदी की प्राकृतिक रेत के स्थान पर क्रेशर निर्मित रेत एम-सैंड डाली गई है। पन्ना में नदी की रेत सुगमता से उपलब्ध होने के बाबजूद एम-सैंड के उपयोग को लेकर जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारियों का दलील है कि रेत की तुलना में गुणवत्ता के लिहाज से एम-सैंड कहीं अधिक बेहतर है। उल्लेखनीय है कि तालाब निर्माण कार्य को शुरू हुए एक वर्ष से अधिक का समय गुजर चुका है लेकिन अब तक कार्य स्थल पर निर्माण कार्य की सामान्य जानकारी प्रदर्शित करने वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया। कई माह से खुदी पड़ी लंबी गहरी नालीनुमा तालाब की पार में मवेशियों को गिरने से रोकने के लिए किसी तरह के कोई सुरक्षात्मक प्रबंध नहीं किए गए।
मिट्टी के लिए अन्य विकल्पों पर हो विचार
पन्ना में कुंजवन वार्ड के बाहरी क्षेत्र में निर्माणाधीन खोरा तालाब की पार में गिरकर आए दिन जख्मी हो रहे मवेशी।
विदित हो कि, खोरा तालाब का निर्माण कार्य मनकी-कटरिया पहाड़ी की तलछट पर कराया जा रहा है। उक्त इलाका पथरीला होने से वहां मिलने वाली कंकड़ युक्त मिट्टी से तालाब निर्माण कार्य संभव नहीं है। तालाब की पार खुदी पड़ी है, जिसमें काली मिट्टी का भराव (पुराव) करने के बाद नजदीक स्थित निरपत सागर की मिट्टी डालने की योजना है। इसलिए निरपत सागर तालाब के सूखने का इंतज़ार किया जा रहा है। ताकि, तालाब की मिट्टी आसानी से निकाली जा सके। इस इतंजार में तालाब की पार करीब छह माह से भी अधिक समय से खुदी पड़ी है। जिसमें गिरकर आसपास के ग्रामीणों के पालतू पशु आए दिन जख्मी हो रहे हैं। ऐसे में ठेकेदार को चाहिए कि तालाब की पार निर्माण हेतु गुणवत्तापूर्ण मिट्टी के लिए लंबा इंतजार करने के बजाए अन्य वैकल्पिक स्रोतों से व्यवस्था बनाई जाए। खोरा तालाब के ही नजदीक जल संसाधन विभाग का एक अन्य तालाब दुबे ताल मौजूद है, जो कि वर्तमान में 70 फीसदी सूखा पड़ा है। इसकी मिट्टी अगर गुणवत्ता परीक्षण में खरी साबित होती है तो बिना किसी देरी के उसे उपयोग में लिया जाए। वहीं कुंजवन ग्राम के आसपास मिट्टी की ईंट बनाने (ईंट भट्टा) का कार्य भी बड़े पैमाने पर चलता है। यहां के लोग ईंट बनाने वालों को अपने खेत की मिट्टी बेंचते हैं इसलिए मिट्टी बेंचने वाले किसानों से भी सम्पर्क किया जा सकता है। इसके आलावा आसपास जहां कहीं भी रिक्त पड़ी राजस्व भूमि में उपयोग लायक मिट्टी मौजूद है उसके खनन की वैधानिक अनुमति लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
इनका कहना है-
“खोरा तालाब निर्माण कार्य की प्रगति वाकई काफी असंतोजनक है, मौके पर सिर्फ 15 प्रतिशत कार्य हुआ है। ठेकेदार का पुराना रिकार्ड विभाग में अच्छा है लेकिन फिलहाल वह थोड़ा परेशान है उसके अन्य स्थानों पर भी कार्य चल रहे हैं, जिनके भुगतान शायद लंबित हैं। पूर्व में ठेकेदार को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, उसे एक ओर नोटिस दिया जाएगा। खोरा तालाब निर्माण में निरपत सागर तालाब की मिट्टी का उपयोग किया जाना है इसलिए उसके सूखने की प्रतीक्षा की जा रही है।”
सतीश शर्मा, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना जिला पन्ना (म.प्र.) ।
मुर्गी पालन की गतिविधि शुरू करने वाली कल्दा पठार की आदिवासी महिलाओं से संवाद करते पन्ना कलेक्टर हरजिंदर सिंह।
* आदिवासी समाज की महिलाओं से किया संवाद
पन्ना। (www.radarnews.in) बुंदेलखंड अंचल का पचमढ़ी कहे जाने वाले पन्ना जिले के कल्दा पठार का कलेक्टर हरजिंदर सिंह ने बीती रविवार को अपनी धर्मपत्नी डॉ. शैली सिंह के साथ भ्रमण किया। कलेक्टर ने आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत कल्दा के ग्राम गुरजी पहुंचकर यहां मुर्गीपालन की नवीन आजीविका गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और परंपरागत तरीके से जीवनयापन के स्थान पर मुर्गीपालन के जरिए रोजगार का अवसर प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दीं। जिला कलेक्टर ने पत्नी डॉ. शैली सिंह के साथ नवनिर्मित मुर्गीपालन शेड भी देखा और यहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर हरजिंदर सिंह अपनी धर्मपत्नी डॉ. शैली सिंह के साथ मुर्गी पालन शेड के अंदर चूजों को देखते हुए।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की पहल पर पवई और शाहनगर जनपद पंचायत क्षेत्र के आदिवासी ग्रामों की पांच सौ महिलाओं को इस गतिविधि से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में सौ महिलाओं के साथ गतिविधि शुरू की गई है। मनरेगा योजना के तहत निर्मित एक मुर्गीपालन शेड की लागत 2 लाख 48 हजार रुपए है। आदिवासी परिवार की महिलाएं शेड में चूजों को दाना पानी देने एवं साफ सफाई का कार्य करेंगी और प्रतिमाह 7 से 8 हजार रूपए तक की आमदनी अर्जित कर सकेंगी। महिलाएं नवीन आजीविका गतिविधि से जुड़कर बहुत प्रसन्न हैं और जिला प्रशासन के अभिनव पहल की सराहना की है।
अजयगढ़ थाना अंतर्गत पाठ के जंगल में मिली नवयुवक की लाश के समीप बैठे परिजन एवं ग्रामीण।
* पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र की घटना
* रविवार की सुबह घर से निकला था आदिवासी युवक
पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ थाना की पुलिस चौकी हनुमतपुर चौकी अंतर्गत आने पाठा के जंगल में आज सुबह अधजली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। जंगल में लकड़ी बीनने गईं महिलाओं ने इसकी सूचना स्थानीय किसान सुम्मेर सिंह को दी। घटना की गंभीरता को देखते किसान के द्वारा तुरंत पुलिस चौकी प्रभारी को जानकारी दी गई। नवयुवक मृतक की शिनाख्त पाठा ग्राम निवासी होमराज कौंदर पिता संता कौंदर उम्र लगभग 25 वर्ष के रूप में की गई। प्रारम्भिक पुलिस जांच में युवक के द्वारा आत्मदाह करने की बात सामने आई है। पंचनामा कार्रवाई और शव के पोस्टमार्टम के बाद अजयगढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
शव के पास केरोसिन तेल की बोतल, लाइटर और माचिस मिली
अजयगढ़ थाना प्रभारी एवं निरीक्षक रामहर्ष सोनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि, रविवार 4 फरवरी 2024 की सुबह होमराज कौंदर रोज की तरह सुबह किसी को बिना कुछ बताए घर से निकला था। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो भाई और पिता द्वारा गांव सहित आसपास खोजबीन की गई। लेकिन देर रात कोई सुराग नहीं लग सका। सोमवार सुबह कुछ महिलाएं जब लकड़ी बीनने जंगल पहुंचीं तो झाड़ियों के नजदीक एक अधजला शव देख दंग रह गईं। जंगल में शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान शव के समीप एक बोतल मिली जिसमें थोड़ा सा केरोसिन बचा था। वहीं माचिस और लाइटर भी पड़ा मिला। थाना प्रभारी अजयगढ़ ने बताया कि मृतक की शिनाख्त उसके भाई और पिता के द्वारा होमराज कौंदर के रूप में की गई है।
15 दिन पूर्व भी किया था आत्मदाह का प्रयास
लापता युवक का जंगल में शव मिलने पर पंचनामा कार्रवाई संपन्न कराते हुए अजयगढ़ थाना प्रभारी।
परिजनों से पता चला है,मृतक होमराज कौंदर मानसिक रूप से बीमार था। संता कौंदर ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे का पिछले तीन साल से ग्वालियर में इलाज चल रहा था। करीब पखवाड़े भर पूर्व भी होमराज ने स्वयं को जिंदा जलाने (आत्मदाह) करने का प्रयास किया था। लेकिन समय रहते इसका पता चलने पर परिजनों ने उसे आत्मदाह करने रोक लिया था। घर से लापता विक्षिप्त युवक की अधजली लाश आज सुबह जिन परिस्थितियों में मिली उसे दृष्टिगत रखते हुए प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या (Suicide Case) का प्रतीत हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि, होमराज कौंदर ने अपने ऊपर केरोसिन तेल (मिट्टी तेल) डालकर खुद को आग लगाई है।
जनपद अध्यक्ष शाहनगर आशीष खरे को माला और गमछा पहनाकर भारतीय जनता पार्टी में स्वागत करते पार्टी प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा।
* शाहनगर जनपद पंचायत के 20 सदस्यों के साथ अध्यक्ष आशीष खरे बीजेपी में शामिल
* जनपद सदस्यों के पाला बदलने से पन्ना जिले में कांग्रेस पार्टी को लगा तगड़ा झटका
* कांग्रेस मुक्त बूथ बनाकर खजुराहो लोकसभा में जीत का परचम फहरायेंगे : विष्णु दत्त
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले की जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के युवा नेता आशीष खरे ने अब घोषित तौर पर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें कई दिनों से लगाई जा रहीं थी। बीते शनिवार को तमाम अटकलों और कयासों पर विराम लगाते हुए शाहनगर जनपद अध्यक्ष आशीष ने जनपद पंचायत के 20 सदस्यों सहित राजधानी भोपाल में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा के हाथों भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। शाहनगर क्षेत्र में मजबूत जमीनी आधार रखने वाले आशीष खरे और उनके नेतृत्व में डेढ़ दर्जन से अधिक जनपद सदस्यों के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस पार्टी को निःसंदेह तगड़ा झटका लगा है। मगर, उनके भाजपा में जाने से कांग्रेसियों को हैरानी जरा भी नहीं हुई।
शाहनगर जनपद पंचायत के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद कांग्रेस के युवा नेता आशीष खरे विजय जुलूस में भाजपा का गमछा पहने नजर आए। (फाइल फोटो)
बता दें कि, जुलाई 2022 में युवा नेता आशीष खरे कांग्रेस में रहते हुए अपने दम पर शाहनगर जनपद अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। अपने विजय जुलूस में युवा नेता ने अचानक भाजपा का गमछा पहनकर सबको चौंका दिया था। इसी आधार पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से शाहनगर जनपद पंचायत चुनाव में पार्टी समर्थक अध्यक्ष-उपाध्यक्ष निर्वाचित होने का दावा किया गया था। लेकिन इसके बाद आशीष कांग्रेस में सक्रिय रहे। इतना ही नहीं कुछ माह पूर्व संपन्न विधानसभा चुनाव 2023 में आशीष पवई सीट पर कांग्रेस से टिकिट के सशक्त दावेदार रहे हैं । सिर्फ इतना ही नहीं, कांग्रेस से टिकिट को लेकर उनके द्वारा अजयगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सभा में समर्थकों सहित शक्ति प्रदर्शन भी किया गया था। टिकिट न मिलने पर खरे ने कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी मुकेश नायक के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था। अब सवाल उठता है कि अचानक ऐसा क्या हो गया जिसके चलते युवा नेता ने अपनी टीम के साथ भाजपा ज्वाइन ली? जन चर्चाओं के अनुसार, आशीष खरे ने जनपद अध्यक्ष की अपनी कुर्सी को शेष बचे कार्यकाल में अविश्वास प्रस्ताव के अंदेशे से सुरक्षित रखने के लिए दल-बदल किया है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई यह तो सिर्फ आशीष ही बेहतर बता सकते हैं।
वीडी बोले : जनपद सदस्यों के आने से मजबूत होगी BJP
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के हाथों भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद जनपद अध्यक्ष शाहनगर आशीष खरे, उपाध्यक्ष शिवराज सिंह एवं 19 जनपद सदस्य।
भारतीय जनता पार्टी पन्ना के जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश शिवहरे ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) के निवास पर शनिवार 3 फरवरी को खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के पन्ना जिले के शाहनगर मंडल के 21 जनपद सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। श्री शर्मा ने सभी को पार्टी का अंगवस्त्र (गमछा) पहनाकर सभी का स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जनपद अध्यक्ष आशीष खरे, उपाध्यक्ष शिवराज सिंह के नेतृत्व में पन्ना जिले के शाहनगर मंडल के 25 में से 21 जनपद सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। इन सभी सदस्यों के भाजपा में आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी के संकल्प से प्रत्येक बूथ पर भाजपा इतिहास रचेगी और कांग्रेस मुक्त बूथ बनायेंगे और इस बार खजुराहो में जीत का परचम फहरायेंगे।
पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड अंतर्गत तुल्ला ग्राम में पतने नदी पर निर्माणधीन तुल्ला बैराज में कार्य करते श्रमिक।
* नाले की मिट्टीयुक्त रेत को कार्यस्थल से तत्काल हटाने ठेकेदार को दिए निर्देश
* गत दिनों कार्य की गुणवत्ता को लेकर पवई के बीजेपी विधायक ने मचाया था बवाल
* विधायक प्रहलाद लोधी पर श्रमिकों से गाली-गलौंज और मारपीट करने के लगे थे आरोप
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के शाहनगर विकासखंड अंतर्गत निर्माणाधीन तुल्ला बैराज की गुणवत्ता को लेकर जल संसाधन संभाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री सतीश शर्मा ने ठेकेदार को सख्त हिदायत दी है। आकस्मिक निरीक्षण पहुंचें कार्यपालन यंत्री ने मौके पर रखी निर्माण सामग्री का अवलोकन कर स्थानीय नालों की मिट्टीयुक्त रेत को तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने, इस संबंध में ठेकेदार कौशल पटेल निवासी रीवा से मोबाइल पर बात कर घटिया रेत को कार्यस्थल से तुरंत हटाने और कार्य की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए हैं।
विकासखंड मुख्यालय शाहनगर के नजदीक तुल्ला ग्राम में पतने नदी पर करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बैराज का निर्माण कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सप्ताह भर पूर्व जल संसाधन संभाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री सतीश शर्मा शाहनगर के आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचें थे। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन तुल्ला बैराज का मुआयना किया। मौके पर बैराज की नींव खोदने के बाद कंक्रीट मटेरियल डालने के लिए शटरिंग लगाई जा रही थी। कार्यपालन यंत्री ने नींव की गहराई, ठोस सतह ( मज़बूत आधार) तथा डाले गए सरिया की जांच की। तदुपरांत कंक्रीट मटेरियल में तैयार करने के लिए मौके पर डंप स्थानीय नालों की रेत को पानी में डालकर गुणवत्ता को जांचा गया।
सतीश शर्मा, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग पन्ना।
प्रारंभिक जांच में रेत में मिटटी की मात्रा अधिक पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री श्री शर्मा ने डंप रेत को तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने मौके से ही ठेकेदार कौशल पटेल निवासी रीवा से मोबाइल पर बात कर घटिया रेत को कार्यस्थल से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैराज़ निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी तरह समझौता न कर मानकों के अनुरूप समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने की हिदायत दी गई। कार्यपालन यंत्री सतीश शर्मा ने रडार न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग शाहनगर टीआर पटेल को क्षेत्र में चल रहे विभागीय कार्यों का सतत निरीक्षण कर उनमें गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया है।
प्रहलाद लोधी, भाजपा विधायक पवई ।
बता दें कि, तुल्ला बैराज निर्माण की गुणवत्ता को लेकर 28 जनवरी 2024 की देर शाम कार्यस्थल पर ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों और पवई के भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी का विवाद भी चर्चा में आया था। बैराज निर्माण में कार्यरत सीधी जिले के श्रमिकों ने पवई के दबंग भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौंज करने और सुपरवाइजर संतोष पटेल निवासी चलनी थाना शाहनगर को डण्डे से पीटने का आरोप लगाया था। श्रमिकों से गालीं-गलौंज और मारपीट की घटना में पवई के बीजेपी विधायक के साथ कुछ ग्रामीण भी शमिल रहे हैं। कथित घटना के एक वायरल वीडियो में पीड़ित श्रमिक आपबीती सुनाते हुए कहता है, ‘निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पवई विधायक प्रहलाद लोधी असंतोष व्यक्त करते हुए हमें गालियां देने लगे। विधायक जी से हमने कहा अगर आपको कोई शिकायत है तो आप संबंधित तकनीकी अधिकारियों और ठेकेदार से बात करें। इतना सुनते ही वह काफी भड़क उठे और डंडे से मारने के लिए आगे बढ़े तो हमलोग जान बचाकर मौके से भाग निकले।’ उक्त विवाद पुलिस तक पहुंचा था लेकिन मामला सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़ा होने के कारण रफा-दफा हो गया।
MP : पन्ना जिले में निर्माणधीन तुल्ला बैराज के कार्यस्थल पर बड़ी मात्रा में डंप घटिया रेत को WRD ईई पन्ना ने तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट कर दिया है। उक्त कार्य की गुणवत्ता को लेकर बीते दिनों पवई विधायक प्रहलाद लोधी का कथित तौर पर श्रमिकों से विवाद भी हुआ था। जिसके वीडियो वायरल हैं। pic.twitter.com/Xs9SKgtwxM
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सभी ग्राम पंचायतों में ई-कोर्ट अवधारणा अंतर्गत चिन्हित न्यायालयीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ई-सेवा केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। ई-सेवा केन्द्रों के संचालन के लिए ग्राम पंचायत के सचिव और रोजगार सहायकों को चिन्हित न्यायालयीन सेवाओं का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिससे न्यायालयीन सेवाओं से संबंधित सभी जानकारी आम नागरिकों को ग्राम पंचायत में ही प्राप्त हो सके। शहर के धरम सागर तालाब के पास यादवेन्द्र क्लब परिसर में स्थित ई-दक्ष केन्द्र में जनपद पंचायतवार ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायकों को अलग-अलग बैच में 05 से 21 फरवरी तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायतों के सचिव व ग्राम रोजगार सहायक का प्रशिक्षण 05, 06 एवं 07 फरवरी को, जनपद पंचायत अजयगढ़ की ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक का प्रशिक्षण 07, 08 एवं 09 फरवरी को, जनपद पंचायत गुनौर की ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक का प्रशिक्षण 09, 12 एवं 13 फरवरी को, जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक का प्रशिक्षण 14, 15 एवं 16 फरवरी को तथा जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक का प्रशिक्षण 16, 19, 20 और 21 फरवरी को होगा। प्रशिक्षण का समय बैचवार सुबह 11 से दोपहर 1.30 बजे तक और दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
दीपचंद अग्रवाल, महामंत्री, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना।
* कांग्रेस महामंत्री का आरोप, सांसद निधि का हिसाब मांगने से बौखला गए हैं वीडी शर्मा
* बोले- खजुराहो सांसद ने एक भी ऐसा कार्य नहीं कराया जिसे उपलब्धि के तौर पर बता सकें
पन्ना।(www.radarnews.in) जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के महामंत्री दीपचंद अग्रवाल ने खजुराहो सांसद एवं बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा पर पलटवार किया है। वीडी के द्वारा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को ‘जयचंद’ और पार्टी के खजुराहो लोकसभा प्रभारी संजय यादव को मूर्ख’ कहने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपचंद ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) विपक्षी नेताओं के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग करते हुए अनर्गल और अमर्यादित बयानबाजी करके अपनी पदीय गरिमा को गिरा रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को देश विरोधी बताने वाले जरा अपने गिरेबान में तो झांककर देखें! ये लोग विपक्ष के नेताओं को बदनाम करके जिस आरएसएस को देशभक्त साबित करने के अभियान में जुटे हैं उसका स्याह इतिहास कभी मिटने वाला नहीं है। अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने के लिए एक ओर जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के नेतागण अपने प्राणों की परवाह न कर भारत माता के लिए बलिदान दे रहे थे, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग अंग्रेजों के साथ खड़े थे। इसलिए, असली देशद्रोही और जयचंद तो आरएसएस (RSS) की विचारधारा पर चलने वाले लोग हैं। अंग्रेजों के जाने के बाद आरएसएस और भाजपा के लोग आज उन्हीं की नीतियों पर चलते हुए सत्ता में काबिज रहने के लिए देश की एकता-अखंडता को हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद की घिनौनी और नफरती राजनीति से लगातार कमजोर कर रहे है।
जिला कांग्रेस महामंत्री दीपचंद अग्रवाल ने प्रेस में जारी बयान में कहा कि, सांसद वीडी शर्मा से कांग्रेस ने जब से पांच साल की सांसद निधि के खर्च का हिसाब जनहित में सार्वजानिक करने की मांग की तभी से वह बौखलाए हुए हैं। क्षेत्र की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके सांसद ने करीब 40 करोड़ की निधि कहां खर्च की? श्री अग्रवाल ने कहा कि, केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद खजुराहो सांसद ने पांच साल के अपने कार्यकाल में पन्ना जिले में एक भी ऐसा कार्य नहीं कराया जिसे वह अपनी उपलब्धि के तौर पर बता सकें।
श्री अग्रवाल ने बताया कि, भाजपाई अपने सांसद के असफल कार्यकाल पर पर्दा डालने के लिए उनके खाते में जिन उपलब्धियों को आज गिना रहे हैं, पन्ना विधायक बृजेन्द्र सिंह एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनका क्रेडिट पहले ही ले चुके हैं। सांसद के पास अपना कुछ बताने को नहीं है इसलिए वह पन्ना आकर धारा 370, राम मंदिर और औवेसी-अब्दुल्ला की बातें करते हैं। उल्लेखनीय है कि गत, दिनों में पन्ना भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें राष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने वाला जयचंद कहा था। वहीं कांग्रेस के खजुराहो लोकसभा प्रभारी संजय यादव के द्वारा सांसद निधि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग के सवाल पर सांसद ने उन्हें मूर्ख बताया था। वीडी के इस बयान पर पन्ना के सियासी हलकों में बवाल मचा हुआ है।
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* सांसद वीडी शर्मा के प्रयासों से बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने में मिली सफलता
* काम के आभाव में पन्ना जिले से हर साल लाखों श्रमिक पलायन करने को हैं मजबूर
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने पन्ना जिले के 14 मजदूरों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। सांसद श्री शर्मा को गत दिनों यह पता चला कि उनके संसदीय क्षेत्र के 14 मजदूरों को जबलपुर में अच्छी मजदूरी का लालच देकर उन्हें तेलंगाना ले जाया गया है। वहां पर उन्हें बंधक बनाकर उनसे मजदूरी कराई जा रही है। इस सूचना को को गंभीरता से लेकर सांसद ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और को मजदूरों को छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था। जिसके बाद तेलंगाना से 14 मजदूरों को मुक्त कराकर उन्हें वापस मध्य प्रदेश (पन्ना) के लिए भेजा गया है।
जबलपुर के नाम पर ले गए थे कर्नाटक और तेलंगाना
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के प्रयासों से पन्ना जिले के एक दर्जन से अधिक परिवारों में खुशियां लौट आई हैं। मानव तस्कारों द्वारा पन्ना जिले के अलग-अलग क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के 45 मजदूरों को कर्नाटक और तेलंगाना में बंधक बनाकर मजदूरी कराई जा रही थी। मानव तस्कर उक्त मजदूरों को जबलपुर में अच्छी मजदूरी दिलाने के नाम पर पन्ना से बहला-फुसलाकर ले गए। तस्कर इन मजदूरों को जबलपुर न ले जाकर उनमें से 27 मजदूरों को कर्नाटक और 18 को तेलंगाना ले गए। कई महीनों से उक्त मजदूरों को बंधक बनाकर वहां मजदूरी कराई जा रही थी। गत दिनों स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के माध्यम से जैसे ही यह जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा को मिली तो उन्होंने मजदूरों को मुक्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए।
गृह मंत्री शाह, तेलंगाना और कर्नाटक के सीएम को लिखे पत्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर पूरी घटना की जानकारी दी गई। साथ ही उनसे अनुसूचित जनजाति के मजदूर भाईयों के मुक्त कराने का आग्रह किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा के प्रयासों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने घटना की पूरी जानकारी लेकर बंधकों को मुक्त कराने के निर्देश दिए।
तेलंगाना पुलिस मजदूरों को लेकर पन्ना के लिए हुई रवाना
पन्ना जिले के श्रमिकों के तेलंगाना से मुक्त होने की जानकारी देते हुए खजुराहो सांसद वीडी शर्मा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के प्रयासों से तेलंगाना से 14 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। तेलंगाना के करीम नगर प्रशासन ने प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णु दत्त शर्मा से संपर्क कर 14 मजदूरों को बंधकों के कब्जे से मुक्त होने की जानकारी दी है। श्री शर्मा ने बताया कि मजदूरों को लेकर करीम नगर पुलिस वहां से रवाना हो चुकी है। इस सफलता के लिए श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार जताया है।
अक्सर ही मुश्किल पड़ जाते हैं अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिक
उल्लेखनीय है कि अति पिछड़े पन्ना जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का धरातल पर सही तरीके से क्रियान्वयन न होने तथा उद्योगों के आभाव के चलते मजदूरों को जीविकोपार्जन के लिए पर्याप्त काम नहीं मिलता। इसलिए, दो जून की रोजी-रोटी की तलाश में जिले से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में मजदूर महानगरों के लिए पलायन करने को विवश हैं। काम के आभाव में पलायन करने वाले श्रमिकों में बड़ी संख्या कमजोर वर्गों से आने वाले लोगों की होती है। जिले के श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के अंतरराज्यीय पलायन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित न कराने तथा जागरूकता के आभाव में प्रवासी श्रमिक अक्सर ही मुश्किल (संकट) में पड़ जाते हैं।