हाईकोर्ट ने पन्ना तहसीलदार के खिलाफ दर्ज किया आपराधिक अवमानना का प्रकरण

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फाइल फोटो।

*    आदेश की अवज्ञा कर मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध कार्य करने पर कोर्ट हुआ सख़्त

*    तहसीलदार अखिलेश प्रजापति को नोटिस जारी कर तलब किया जवाब

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की अवज्ञा कर मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध कार्य करना पन्ना तहसीलदार को बहुत भारी पड़ सकता है। भूमि नामांतरण से संबंधित मामले में निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही न कर प्रकरण को निरस्त करने पर कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए पन्ना तहसीलदार अखिलेश प्रजापति के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना के सीनियर एडवोकेट काजी सलाउद्दीन ने अपनी भूमि का नामांतरण कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अनुसार तहसील कार्यालय पन्ना में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। तहसीलदार पन्ना के द्वारा आवेदन पत्र खारिज किए जाने पर मामले की अपील एसडीएम कोर्ट पन्ना के की गई। लेकिन एसडीएम ने तहसीलदार के आदेश को यथावत रखते हुए अपील को निरस्त कर दिया था। परेशान होकर आवेदक के द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 9755/2021 प्रस्तुत की गई थी।
प्रतीकात्मक चित्र।
उच्च न्यायालय ने दिनांक 7 जुलाई 2023 को रिट याचिका का निराकरण कर तहसीलदार पन्ना को एक माह के अंदर नामांतरण करने का आदेश पारित किया गया था। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद तहसीलदार पन्ना ने निर्धारित समयावधि में भूमि का नामांतरण न कर आवेदन पत्र को पुनः निरस्त कर दिया। तहसीलदार पन्ना अखिलेश प्रजापति की हठधर्मिता से परेशान होकर आवेदक के द्वारा पुनः उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक एमपी 872/2024 प्रस्तुत की गई। जस्टिस संजय द्विवेदी ने प्रकरण को संज्ञान लेकर तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही न्यायालय के आदेश के उल्लंघन पर सख्त रूख अपनाते हुए तहसीलदार पन्ना अखिलेश प्रजापति के विरूद्ध आपराधिक अवमानना का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। हाईकोर्ट में आवेदक की ओर से सीनियर अधिवक्ता मनोज शर्मा के द्वारा पैरवी की गई। कोर्ट की कार्रवाई जिले के प्रशासनिक हलकों खासकर राजस्व महकमे में चर्चा का विषय बनी है।