कोर्ट का फैसला : हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास और अर्थदण्ड की सजा

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प्रतीकात्मक चित्र।
पन्ना। (www.radarnews.in) अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना महेन्द्र मंगोदिया ने फूल सिंह गौंड़ निवासी सूरजपुरा पुखरा की हत्या के मामले में अभियुक्त ग्यासी गौंड़ को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान न्यायाधीश ने अभियुक्त को अर्थदंड से भी दंडित किया है। इस मामले में न्यायालय का फैसला सालभर के अंदर आने से पीड़ित पक्ष को त्वरित और सुलभ न्याय मिला है।
सहायक लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्ता ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी हरिराम गौंड़ निवासी सूरजपुरा पुखरा ने थाना बृजपुर पुलिस को रिपोर्ट लिखाई थी कि, वह तीन भाई हैं, सभी पौंड़िया हार खेत में अलग-अलग झोपड़ी बनाकर खेती करते है। गांव का ही ग्यासी गौंड़ भी उसके खेत में झोपड़ी (मड़ैया) बनाकर रहता है। ग्यासी उसके बड़े भाई फूल सिंह और उससे बुराई मानता है। कुछ दिन पूर्व उन लोगों का आपसी समझौता हो गया था। दिनांक 26 मार्च 2023 की शाम हरिराम गौंड़ अपने बड़े भाई फूल सिंह के घर के पास खड़ा था, तभी वहां ग्यासी गौंड़ आया और जरुरी काम का बहाना बनाकर फूल सिंह को अपने खेत की ओर ले गया। हरिराम ने पुलिस को बताया वह भी उनके पीछे-पीछे चला गया। रास्ते में ग्यासी गौंड़ ने उसके बड़े भाई फूलसिंह के सिर में पीछे से कुल्हाड़ी से कई बार जानलेवा प्रहार किया। जिससे उसका भाई जमीन पर गिर गया और चींखने-चिल्लाने पर उसकी भाभी सुहागरानी गौड़ एवं जीजा वहां आ गए थे। उन्हें आता हुआ देखकर हमलावर ग्यासी गौड़ कुल्हाड़ी लेकर जंगल की तरफ भाग गया था।
खून से लथपथ फूल सिंह को बेहोशी की हालत में परिजनों के द्वारा चारपाई से ग्राम सूरजपुरा पुखरा लाया गया। जिसके बाद डायल 100 वाहन से उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय ले गए थे। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने फूल सिंह का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। इस घटना पर बृजपुर थाना के अपराध क्रमांक 029/2023 पर प्रकरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फाइल फोटो।
प्रकरण का विचारण अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र मंगोदिया के न्यायालय मे हुआ। जिसमें जिला लोक अभियोजन अधिकारी संदीप कुमार पाण्डेय द्वारा शासन की ओर से पक्ष रखा गया। अभियोजन द्वारा साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया तथा आरोपी के कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का मानते हुये कठोर से कठोरतम दंड से दंडित किये जाने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आये साक्ष्य, अभियोजन के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी ग्यासी गौंड़ को धारा 302 भादसं. के आरोप में आजीवन सश्रम कारावास एवं 1,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।