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मॉक ड्रिल : भूकंप से क्षतिग्रस्त ऑडिटोरियम के मलबे में दबे घायलों को एनडीआरएफ टीम ने बचाया

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पन्ना के टाउन हॉल में आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत क्षतिग्रस्त भवन में फंसे लोगों को बाहर निकालते एनडीआरएफ के जवान।

*      क्षतिग्रस्त बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल में फंसे लोगों को जाबांज जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में बुधवार को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप से शहर के बीचोंबीच स्थित जगन्नाथ स्वामी टाउन हॉल ऑडिटोरियम हॉल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। जिसके मलबे में दस से पंद्रह लोगों के दबे होने की सूचना देकर सर्च एवं रेस्क्यू के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम एवं अन्य एजेंसियों को बुलाया गया। जांबाज जवानों ने गिरे हुए भवन के भीतर पहुंच बनाने तथा लोगों को निकालने के लिए दीवार एवं छत को काटा फिर मेडिकल टीम ने घायलों को स्थिरता प्रदान करते हुए बाहर निकाला। इसी दौरान कुछ व्यक्ति बिल्डिंग की ऊपर वाली मंजिल पर फंस गए, जिनको एनडीआरएफ ने रोप रेस्क्यू के माध्यम से सुरक्षित नीचे उतारा।
पन्ना के टाउन हॉल में आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत भूकंप से क्षतिग्रस्त भवन के मलबे से निकाले गए घायलों को एम्बुलेंस तक ले जाते एनडीआरएफ के जवान।
सभी एजेंसियों ने आपसी तालमेल एवं समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य को पूरा किया। आपातकालीन तैयारी योजना की समीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक अभ्यास आयोजन के तहत यह काल्पनिक दृश्य रखा गया।

आपदा प्रबंधन की बारीकियां बताईं

आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत क्षतिग्रस्त भवन की दीवार को काटकर अंदर प्रवेश करते हुए एनडीआरएफ के जवान।
मॉक ड्रिल (आभासी अभ्यास) में 11 एनडीआरएफ के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र लखनऊ के प्रभारी एवं उप कमांडेंट अनिल कुमार पाल उपस्थित रहे। साथ ही अग्निशमन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमों द्वारा मॉक का संयुक्त अभ्यास किया गया। उप कमांडेंट श्री पाल ने बताया कि इस मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा में घायल और चोटिल व्यक्तियों के अमूल्य जीवन की रक्षा करना, सभी एजेंसियों का रिस्पांस चेक करना व सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना है। मॉक अभ्यास में 11 एनडीआरएफ के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र लखनऊ से आयी एनडीआरएफ की 26 सदस्यीय टीम का नेतृत्व निरीक्षक पारसराम जाखड़ एवं सहायक उप निरीक्षक रंजन जायसवाल ने किया।

मॉक ड्रिल से पूर्व बैठक कर बनाई रुपरेखा

मॉक ड्रिल में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, पुलिस एवं अन्य एजेंसियों के जवानों और कर्मचारियों को संबोधित करते जिला पंचायत सीईओ पन्ना संघप्रिय।
आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित एक मॉक अभ्यास का आयोजन पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार की अध्यक्षता किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संघप्रिय, एसडीएम संजय नागवंशी, संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम, डिप्टी कलेक्टर आलोक मार्को एवं समीक्षा जैन, परियोजना सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल से पूर्व प्रथम चरण में एनडीआरएफ अधिकारियों व जिला प्रशासन और एसडीईआरएफ, फायर विभाग, जिला पुलिस, होम गार्ड, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा बैठक कर मॉक अभ्यास की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की गई, जबकि द्वितीय चरण में मॉक अभ्यास किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों के मुआवजा और पुनर्वास पर राज्यों से मांगी रिपोर्ट

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फाइल फोटो।

*     वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने की सिलिकोसिस पीड़ित संघ की पैरवी

*     पन्ना समेत मध्य प्रदेश के छह जिलों के सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों की बात उठाई

पन्ना।(www.radarnews.in) फेंफड़ों को पत्थर बना देने वाली जानलेवा बीमारी सिलिकोसिस से पीड़ित मजदूर तिल-तिल मर रहे हैं। इंसाफ मिलने की आस में लंबी होती कानूनी लड़ाई के चलते सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों सांसें लगातार असमय थमती जा रही हैं। हालांकि अब इनका संघर्ष निर्णायक स्थिति में पहुंच चुका है। यह महज संयोग ही है कि अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस यानी मई दिवस या श्रमिक दिवस के एक दिन पूर्व 30 अप्रैल को सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण खबर आई है। देश की सबसे बड़ी अदालत में मंगलवार को सिलिकोसिस से पीड़ित तथा मृत मजदूरों के मुआवजा और समुचित पुनर्वास से जुड़ी विचाराधीन जनहित याचिका क्रमांक 110/2006 पर सुनवाई की गई । प्रकरण में सिलिकोसिस पीड़ित संघ की ओर से सुप्रीम कोर्ट के जानेमाने वकील प्रशांत भूषण ने पैरवी की। कोर्ट में हुई सुनवाई की जानकारी सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना की अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता समीना यूसुफ ने दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने महत्वपूर्ण तथ्य रखते हुए बताया कि, सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले आदेश में सिलिकोसिस के लिए जिम्मेदार देशभर की फैक्ट्रियों की जांचकर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गयी थी। परंतु केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने केवल गुजरात की 35 फैक्ट्रियों की जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की है। ये फैक्ट्रियां न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं बल्कि इनसे मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही पर्यावरणीय कानूनों का पालन नहीं करने वाली सभी फैक्ट्रियों को तुरंत बंद करवाने की मांग की।
सर्वोच्च न्यायालय ने सिलिकोसिस मृतकों को मुआवजा नहीं देने पर सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। मंगलवार की सुंनवाई में सिलिकोसिस से मध्यप्रदेश के धार झाबुआ अलीराजपुर, पन्ना और विदिशा के 274 मृत पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलने की बात भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाते हुए सभी सिलिकोसिस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मांग की गई।
पत्थर खदान, स्टोन क्रेशर समेत कुछ फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के सिलिकोसिस नामक जानलेवा बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक रहती है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई में सिलिकोसिस मृतकों और पीड़ितों के मुआवजा के मुद्दे पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया। सर्वोच्च न्यायालय ने सिलिकोसिस की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया था, परंतु केवल झारखंड और हरयाणा ने ही रिपोर्ट प्रस्तुत की बाकी राज्यों को भी जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सिलिकोसिस पीड़ित संघ मध्यप्रदेश के 6 जिलो धार, झाबुआ, अलीराजपुर, पन्ना, विदिशा और मंदसौर के कुल 3216 सिलिकोसिस पीड़ितों कि बात उठाई। जिनमें से 1097 जीवित तथा 1148 पीड़ित मृतकों का मामला भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया। साथ ही कर्नाटक के 300 सिलिकोसिस पीड़ितों की मृत्यु और पश्चिम बंगाल के दो जिलों 24 उत्तर परगना और 24 दक्षिण परगना 38 सिलिकोसिस पीड़ितों एवं 20 पीड़ित मृतकों का मामला भी उठाया।
खान सुरक्षा महानिदेशालय ने अपने शपथ पत्र में बताया कि देशभर की 14064 फैक्ट्रियों की जाँच की गई। जिसमें पर्यावरणीय एवं अन्य कानूनों के उल्लंघन के 3076 मामले सामने आए। परंतु किसी भी फैक्ट्री पर कार्यवाही न होने पर अधिवक्ता द्वारा चिंता जताई गई। संघ ने देश के 31 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सभी सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए न्याय की बात करते हुये सभी के लिए पुनर्वास और मृतकों के के लिए मुआवजे की मांग को उठाया है।

कोरोना वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट को लेकर आई टेंशन बढ़ाने वाली खबर!

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एस्ट्रजेनेका के ही फार्मूले पर भारत में बनाई गई कोविशील्ड वैक्सीन।

   कोविशील्ड वैक्सीन से हो सकता है हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक : ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में माना

    भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से ही बनाई थी कोविशील्ड वैक्सीन

*      देश में कोविशील्ड वैक्सीन के लगाए गए सर्वाधिक 175 करोड़ डोज

    कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने भाजपा को दिया था 52 करोड़ का चंदा

एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से जुड़ी खबर ने लोगों की चिंता और मानसिक तनाव बढ़ा दिया है। भारत में करोड़ों लोगों ने इस कंपनी की कोविशील्ड वैक्सीन लगवा रखी है। ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने माना है कि उनकी कोविड-19 (कोरोना) वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हालांकि ऐसा बहुत रेयर मामलों में ही होगा। एस्ट्राजेनेका ने इस वैक्सीन को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर तैयार किया था। एस्ट्राजेनेका के फार्मूले पर ही भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कोविशील्ड नाम से वैक्सीन बनाई थी। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्राजेनेका पर आरोप है कि उनकी वैक्सीन से कई लोगों की मौत हो गई। इसके आलावा कई अन्य को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट में 51 केस की सुनवाई चल रही है। पीड़ितों ने एस्ट्राजेनेका कंपनी से करीब 1 हजार करोड़ की क्षतिपूर्ति मांगी है।
ब्रिटेन के हाईकोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों में कंपनी ने स्वीकारा है कि उसकी कोरोना वैक्सीन से कुछ मामलों में थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी TTS हो सकता है। इस बीमारी के कारण शरीर में खून के थक्के जम जाते हैं और प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। भारत में कोविशील्ड नाम से वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने वर्ष 2022 सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 52 करोड़ रुपए से अधिक का चंदा दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल 2021 में ब्रिटिश नागरिक जेमी स्कॉट नाम के शख्स ने यह वैक्सीन लगवाई थी। इसके बाद उनकी हालत खराब हो गई। शरीर में खून के थक्के बनने का सीधा असर उनके दिमाग पर पड़ा। इसके अलावा स्कॉट के ब्रेन में इंटर्नल ब्लीडिंग भी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनकी पत्नी से कहा था कि वो स्कॉट को नहीं बचा पाएंगे।
पिछले साल स्कॉट ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मई 2023 में स्कॉट के आरोपों के जवाब में कंपनी ने दावा किया था कि उनकी वैक्सीन से TTS नहीं हो सकता है। हालांकि, इस साल फरवरी में हाईकोर्ट में जमा किए दस्तावेजों में कंपनी इस दावे से पलट गई। इन दस्तावेजों की जानकारी अब जाकर सामने आई है। वैक्सीन में किस चीज की वजह से यह बीमारी होती है, इसकी जानकारी फिलहाल कंपनी के पास नहीं है। दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्कॉट के वकील ने कोर्ट में दावा किया है कि एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन में खामियां हैं और इसके असर को लेकर गलत/भ्रामक जानकारी दी गई।
वैज्ञानिकों ने सबसे पहले मार्च 2021 में एक नई बीमारी वैक्सीन-इंड्यूस्ड (वैक्सीन से होने वाली) इम्यून थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (VITT) की पहचान की थी। पीड़ितों से जुड़े वकील ने दावा किया है कि VITT असल में TTS का ही एक सबसेट है। हालांकि एस्ट्राजेनेका ने इसे खारिज कर दिया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाते हुए एक सख्श। (फाइल फोटो)
दवा कंपनी एस्ट्रजेनेका ने कहा है, ‘उन लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है या जिन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमारी रेगुलेटरी अथॉरिटी सभी दवाइयों और वैक्सीन के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सभी मानकों का पालन करती है।’ कंपनी ने आगे कहा, ‘क्लिनिकल ट्रायल और अलग-अलग देशों के डेटा से यह साबित हुआ है कि हमारी वैक्सीन सुरक्षा से जुड़े मानकों को पूरा करती है। दुनियाभर के रेगुलेटर्स ने भी माना है कि वैक्सीन से होने वाले फायदे इसके दुर्लभ साइड इफेक्ट्स से कहीं ज्यादा हैं।’
सबसे अहम बात यह है कि एस्ट्रजेनेका की वैक्सीन का उपयोग अब ब्रिटेन में नहीं हो रहा है। टेलीग्राफ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में आने के कुछ महीनों बाद वैज्ञानिकों ने इस वैक्सीन के खतरे को भांप लिया था। इसके बाद यह सुझाव दिया गया था कि 40 साल से कम उम्र के लोगों को दूसरी किसी वैक्सीन का भी डोज दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन से होने वाले नुकसान कोरोना के खतरे से ज्यादा थे।
बता दें कि, मेडिसिन हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी के मुताबिक ब्रिटेन में 81 मामले ऐसे हैं, जिनमें इस बात की आशंका है कि वैक्सीन की वजह से खून के थक्के जमने से लोगों की मौत हो गई। MHRA के मुताबिक, साइड इफेक्ट से जूझने वाले हर 5 में से एक व्यक्ति की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन के जरिए हासिल किए गए आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में फरवरी में 163 लोगों को सरकार ने मुआवजा दिया था। इनमें से 158 ऐसे थे, जिन्होंने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगवाई थी। वैक्सीन कंपनी की ओर से यह दावा किया गया है कि उन्होंने अप्रैल 2021 में ही प्रोडक्ट इन्फॉर्मेशन में कुछ मामलों में TTS के खतरे की बात शामिल की थी।

‘अमित शाह और बीजेपी के नेता मेरी अर्थी निकालना चाहते हैं, क्योंकि मैं जनता की चिंता करता हूँ’ : दिग्विजय

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राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह।

  राज्यसभा सांसद और कांग्रेस प्रत्याशी सिंह ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर किया पलटवार

*     एक्स पर लिखा जनता की उपेक्षा ने चुनाव लड़ने मजबूर किया 

*     शाह को झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरू नरेन्द्र मोदी ने दिये

भोपाल।(www.radarnews.in) केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आरोपों पर राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने पलटवार किया है। शाह के जनाजे वाले बयान पर उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर भावनात्मक पोस्ट लिखते हुए कहा कि, “मेरे गृह क्षेत्र की जनता की उपेक्षा ने मुझे यह चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया। मैं आखिरी दम तक आपके बीच आपकी लड़ाई लड़ता रहूंगा, आप चाहे मुझे कंधे पर उठाएं या सिर आंखों पर बिठाएं, अब आपकी मर्जी है लेकिन मैं सदैव आप का था और आपका रहूंगा।”
दिग्विजय ने कहा है कि, अमित शाह ने खिलचीपुर की आमसभा में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। मैं उनका आभारी हूँ। मुझ पर अमित शाह की इतनी कृपा रही और उनका मेरे प्रति इतना प्रेम है कि वो आए और मेरा जनाजा निकालने की बात कह गए, यानि मेरी अर्थो बीजेपी के नेता निकालना चाहते हैं। और क्यों? क्योंकि मैं आप सबकी चिंता करता हूँ, मैं चाहता तो मना कर देता कि चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन गृह नगर की जनता ने मुझे चुनाव लड़ने को कहा है। मैं अमित शाह का आभारी हूं, लेकिन जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरू नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिये हैं, वह उनके भाषण में नजर आये। एक्स पर दिग्विजय ने अमित शाह के इन झूठों का जिक्र किया है। साथ ही इन सभी झूठों पर तथ्य भी रखा है।
बता दें कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजगढ़ लोकसभा सीट के अंतर्गत खिलचीपुर क़स्बा में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला था। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने दिग्विजय पर अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि “आशिक का जनाजा है, जरा धूम से निकले।”

अमित शाह के भाषण के ये झूठ और सही तथ्य

दिग्विजय सिंह की सलाह से राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ डाला।
तथ्य- कांग्रेस के घोषणा पत्र में कोई मुस्लिम पर्सनल लॉ नहीं है।
दिग्विजय ने भगवा आतंकवाद कहा।
तथ्य- मैनें कभी भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग नहीं किया।
दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया।
तथ्य- मैनें अफजल गुरु की फांसी को जल्द करवाने के लिए पत्र लिखा था।

 

NMDC की मझगवां हीरा खदान में भू-वैज्ञानिकों की टीम ने किया ड्रोन आधारित चुंबकीय डेटा संग्रह

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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के मझगवां में स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान। (फाइल फोटो)

*      विश्व में पहली बार हीरे की खदान पर किया गया ड्रोन आधारित डेटा चुंबकीय अधिग्रहण का कार्य

*      सर्वेक्षण से अनोखी भूगर्भीय जानकारी मिलने की है संभावना

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) एनएमडीसी, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय की एक उद्यम है। यह भारत में लौह अयस्क और हीरे का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कई खदानों का संचालन करता है। एनएमडीसी एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान का संचालन कर रहा है। NMDC भारत में ड्रोन आधारित खनिज अन्वेषण शुरू करने वाली भारत की एशिया में पहली कंपनी है। यह 400 से 2500 की बैंडविड्थ के लिडे के साथ जुड़े हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर के अंतर्गत अनुकूलित ऑक्टाकॉप्टर ड्रोन का उपयोग कर रही है जो भारत में अद्वितीय है और अन्वेषण के लिए जियोमेट्रिक्स मैग्नेटोमीटर का उपयोग करती है।

समाज हित के लिए होगा अतुलनीय योगदान

ड्रोन का प्रतीकात्मक चित्र।
एनएमडीसी के संस्करण 2.0 विकास योजनाओं के तहत डिजिटल परिवर्तन को हमेशा प्रोत्साहित करने वाले एनएमडीसी प्रबंधन के सहयोग से आज एनएमडीसी के भू-वैज्ञानिकों की टीम ने मध्य प्रदेश राज्य के पन्ना जिले में मझगवां डायमंडीफेरस किम्बरलाइट खदान पर ड्रोन आधारित चुंबकीय डेटा संग्रह कर हासिल किया। दुनिया में पहली बार ड्रोन आधारित डेटा चुंबकीय अधिग्रहण का कार्य हीरे की खदान पर किया गया है। जिसके सर्वेक्षण से अनोखी भूगर्भीय जानकारी मिलने की संभावना है। आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि मिलने वाली जानकारी का समाज के हित के लिए एक अतुलनीय योगदान होगा।

मतदान के फ़ाइनल आंकड़े जारी : खजुराहो संसदीय क्षेत्र में 56.97 और पन्ना जिले में 59.71 प्रतिशत मतदान दर्ज

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खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के एक मतदान केन्द्र पर लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए कतारबद्ध खड़े मतदाता। (फाइल फोटो)

*     खजुराहो संसदीय क्षेत्र के 11 लाख 37 हजार 867 मतदाताओं ने किया मताधिकार का उपयोग

*     पवई में सर्वाधिक एवं चंदला विधानसभा में सबसे कम मतदान

पन्ना। लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत गत 26 अप्रैल को संपन्न हुए मतदान में खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत कुल 56.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पुरूष मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 59.68, महिला मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 53.97 और अन्य मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 38.24 दर्ज किया गया। लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत 19 लाख 97 हजार 483 मतदाताओं में से 11 लाख 37 हजार 867 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें 6 लाख 25 हजार 241 पुरूष मतदाता, 5 लाख 12 हजार 613 महिला मतदाता और 13 अन्य मतदाता शामिल हैं।

विधानसभावार मतदान प्रतिशत

खजुराहो लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत पवई विधानसभा में सर्वाधिक 60.59 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सबसे कम वोटिंग 50.15 प्रतिशत चंदला विधानसभा में दर्ज की गई। राजनगर विधानसभा में 57.44 प्रतिशत, गुनौर विधानसभा में 59.73 प्रतिशत, पन्ना विधानसभा में 58.70 प्रतिशत, विजयराघवगढ़ विधानसभा में 56.41 प्रतिशत, मुड़वारा विधानसभा में 54.64 प्रतिशत और बहोरीबंद विधानसभा में 57.35 प्रतिशत मतदान हुआ। पन्ना जिले में मतदान का प्रतिशत 59.71 दर्ज किया गया। जिले में 7 लाख 72 हजार 382 मतदाताओं में से 4 लाख 61 हजार 178 मतदाताओं ने मतदान किया।

डाक मतपत्र से 2 हजार 733 मतदाताओं ने किया मतदान

लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत 26 अप्रैल को मतदान दिवस से पहले खजुराहो संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत सभी 8 विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार 733 मतदाताओं ने डाक मतपत्र से मतदान किया है। खजुराहो लोकसभा में 1899 बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं ने डाक मतपत्र के जरिए घर से मतदान किया, जबकि 25 अति आवश्यक सेवा श्रेणी के मतदाता एवं पत्रकारों ने पीवीसी में वोट डाला। इसी तरह 809 मतदाताओं द्वारा सुविधा केन्द्र पहुंचकर डाक मतपत्र से मतदान किया गया। इसके अलावा 1053 सर्विस वोटर्स को ईटीपीबीएस के माध्यम से जारी डाक मतपत्र में से अब तक 102 प्राप्त हो चुके हैं। मतगणना दिवस पर 4 जून को सुबह 8 बजे के पहले तक प्राप्त ईटीपीबीएस को मतगणना में शामिल किया जाएगा।

मतदान दलों ने जमा कराई सामग्री

लोकसभा आम निर्वाचन का मतदान संपन्न कराने के बाद मतदान दलों ने वापस लौटकर मतदान सामग्री जमा कराई।
जिले में शुक्रवार को तीन विधानसभा अंतर्गत 901 मतदान केन्द्रों पर लोकसभा आम निर्वाचन का मतदान संपन्न होने के बाद मतदान दलों के वापस पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। देर रात्रि तक सभी विधानसभा के मतदान दलों ने मतदान सामग्री वापसी स्थल शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना में आमद दर्ज कराई। यहां विधानसभावार टेबल पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पीठासीन अधिकारी की डायरी और मतपत्र लेखा की जांच की गई। इसके उपरांत मतदान दल द्वारा निर्धारित काउन्टर पर सामग्री जमा कराई गई।

ईव्हीएम व वीवीपैट मशीनें स्ट्रांग रूम में बंद

ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट मशीनों को पन्ना के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में स्थित विधानसभावार बने स्ट्रॉग रूम में सुरक्षित रखा गया।
खजुराहो संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में कल शुक्रवार, 26 अप्रैल को हुए मतदान में इस्तेमाल की गई ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट मशीनों को शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना स्थित विधानसभावार बने स्ट्रॉग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। मतदान सामग्री की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्ट्रॉग रूम को निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक तथा उम्मीदवारों एवं राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सील किया गया। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद थे। स्ट्रॉग रूम को निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकों, उम्मीदवारों, राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में 4 जून को मतगणना प्रारंभ होने के पहले खोला जायेगा। स्ट्रॉग रूम को सील करने के बाद इसके चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जगह-जगह लगे सीसीटीव्ही कैमरे से भी स्ट्रांगरूम की निगरानी की जा रही है। मशीनों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने के बाद सभी मतदान केन्द्रों के अभिलेखों की संवीक्षा भी की गई। इस मौके पर अभ्यर्थी एवं उनके प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कटनी एवं छतरपुर जिले के डाक मतपत्र कोषालय में जमा

मतदान संपन्न होने के उपरांत खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले की तीन विधानसभा एवं छतरपुर जिले की दो विधानसभा के पोस्टल बैलेट जिला कोषालय पन्ना में भण्डारित किए गए।
लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत 26 अप्रैल को मतदान संपन्न होने के उपरांत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के निर्देशानुसार खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले की तीन विधानसभा एवं छतरपुर जिले की दो विधानसभा के पोस्टल बैलेट जिला कोषालय में भण्डारित किए गए। आज संबंधित जिलों से सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच डाक मतपत्र के बॉक्स को जिला कोषालय पन्ना में जमा कराया गया। इन्हें मतगणना के एक दिवस पूर्व मतगणना स्थल पर बनाए गए डाक मतपत्र के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाया जाएगा। 4 जून को कटनी एवं छतरपुर जिले के डाक मतपत्र की गणना पन्ना जिला मुख्यालय पर ही की जाएगी, जबकि ईव्हीएम के मतों की गणना संबंधित जिला मुख्यालय पर होगी। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व संजय कुमार नागवंशी सहित डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी डाक मतपत्र समीक्षा जैन, सहायक कोषालय अधिकारी रामप्रताप प्रजापति भी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए जताया आभार

पन्ना जिले के नवागत कलेक्टर सुरेश कुमार।
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए खजुराहो संसदीय क्षेत्र के पन्ना जिले में निर्विघ्न और शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने मतदाताओं, नागरिकों, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों तथा सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया है। कलेक्टर श्री कुमार ने समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों तथा राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से मिले सहयोग के लिए भी उनका आभार माना है।

लोकसभा चुनाव 2024 : दूसरे चरण में MP की छह लोकसभा सीटों पर शाम 5 बजे तक 54.83 प्रतिशत मतदान

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खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के एक मतदान केन्द्र पर लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए कतारबद्ध खड़े मतदाता। (फाइल फोटो)

*     खजुराहो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में शाम 6 बजे तक 56.86 प्रतिशत हुआ मतदान

*      ईवीएम मशीनों में कैद हुआ जनता का फैसला, 4 जून को आएंगे नतीजे 

*     खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले की तीन विधानसभा सीटों पर शाम 6 बजे तक 61 प्रतिशत मतदान

शादिक खान,पन्ना/भोपाल। (www.radarnews.in) लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज मध्य प्रदेश के छह संसदीय क्षेत्रों में शाम 5 बजे तक 54.83 प्रतिशत मतदान हुआ है। शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के 4 घंटे बाद यानी रात्रि 10 बजे तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्य प्रदेश की वेबसाइट पर शाम 5 बजे तक की वोटर टर्नआउट रिपोर्ट उपलब्ध थी। वोटिंग समाप्त होने पर कुल अनुमानित मतदान प्रतिशत के आंकड़े (डाटा) उपलब्ध नहीं हो सके। शाम 5 बजे तक की स्थिति में होशंगाबाद लोकसभा संसदीय क्षेत्र में सर्वाधिक 63.44 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि रीवा में सबसे कम 45.2 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं लोकसभा क्षेत्र टीकमगढ़ (अजा) में 57.19 प्रतिशत, दमोह में 53.66 प्रतिशत, खजुराहो में 52.91 प्रतिशत और सतना में 57.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में मध्य प्रदेश के छह लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में शाम 5 बजे तक हुए मतदान प्रतिशत की जानकारी।

खजुराहो क्षेत्र के मतदान प्रतिशत की विधानसभावार जानकारी

खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के एक मतदान केन्द्र पर अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए कतारबद्ध खड़ीं महिला मतदाता।
लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत दूसरे चरण में शुक्रवार 26 अप्रैल को खजुराहो संसदीय क्षेत्र में शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ। शाम 6 बजे तक खजुराहो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 56.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। लोकसभा संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाली चंदला विधानसभा में 50.19 प्रतिशत राजनगर विधानसभा में 57.28, पवई विधानसभा में 60.64, गुनौर विधानसभा में 59.71, पन्ना विधानसभा में 58.61, विजयराघवगढ़ विधानसभा में 56.65, मुड़वारा विधानसभा में 54.65 और बहोरीबंद विधानसभा में 57.34 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान संपन्न होने के साथ ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईव्हीएम मशीनों में कैद हो गया है। विदित हो कि लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे। यानी चुनाव नतीजे जानने के लिए करीब डेढ़ माह तक इंतजार करना पड़ेगा।

पन्ना जिले की तीनों सीटों पर 461069 मतदाताओं ने किया मतदान

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान करने के बाद अपनी उंगली पर लगी स्याही को दिखाते हुए पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार और पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण एस थोटा।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र में शामिल पन्ना जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए कुल 901 मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं ने सुबह से ही पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। लोकतंत्र के महापर्व पर बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं सहित महिला-पुरूष एवं युवा मतदाताओं द्वारा भी मतदान किया गया। पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार रडार न्यूज़ को बताया, पन्ना जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर शाम छह बजे तक की स्थिति अनुमानित 61 प्रतिशत मतदान हुआ है। उन्होंने कहा कि, मतदान प्रतिशत की वास्तविक स्थिति का पता शनिवार को चल पाएगा। क्योंकि मतदान दलों के देर रात्रि तक वापस लौटने पर डाटा संकलन किया जाएगा फिर उसे क्रॉस चेक करने के पश्चात स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पन्ना जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 461069 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें 254873 पुरुष मतदाता, 206194 महिला मतदाता और 2 अन्य मतदाता शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 : दूसरे चरण का मतदान आज, MP की छह लोकसभा सीटों पर होगी वोटिंग

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*    खजुराहो, दमोह, सतना, टीकमगढ़, रीवा और होशंगाबाद लोकससभा क्षेत्रों के 12 हजार 828 मतदान केन्द्रों पर डाले जाएंगे वोट

*    दूसरे चरण छह सीटों के 80 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

भोपाल। (www.radarnews.in) लोकसभा निर्वाचन-2024 के दूसरे चरण में मध्य प्रदेश के छह लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में शुक्रवार, 26 अप्रैल 2024 को मतदान होगा। दूसरे चरण में छह लोकसभा संसदीय क्षेत्रों के लिये 80 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में है। जिसमें 75 पुरूष अभ्यर्थी, 4 महिला अभ्यर्थी एवं एक थर्ड जेण्डर अभ्यर्थी लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-7 दमोह से है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-6 टीकमगढ़ (अजा) में 7 अभ्यर्थी, क्रमांक-7 दमोह में 14 अभ्यर्थी, क्रमांक-8 खजुराहो में 14 अभ्यर्थी, क्रमांक-9 सतना में 19 अभ्यर्थी, क्रमांक-10 रीवा में 14 अभ्यर्थी एवं क्रमांक-17 होशंगाबाद में 12 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। सबसे अधिक लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-9 सतना में 19 अभ्यर्थी एवं सबसे कम लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-6 टीकमगढ़ में 7 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में है। इन संसदीय क्षेत्रों मे सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जायेगा।

दूसरे चरण में 12 हजार 828 मतदान केन्द्र

श्री राजन ने बताया कि दूसरे चरण के छह लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में कुल 12 हजार 828 मतदान केन्द्र बनायें गये है। इनमें 6 सहायक मतदान केन्द्र भी शामिल हैं। दूसरे चरण में 1 हजार 136 मतदान केन्द्र महिला मतदान कर्मियों द्वारा संचालित किये जायेंगे। 498 आदर्श मतदान केन्द्र भी बनाये गये हैं। 32 मतदान केन्द्र दिव्यांग मतदान कर्मियों द्वारा संचालित किये जाएंगे।

247 करोड़ से अधिक मूल्य की विभिन्न सामग्री जब्त

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने बताया है कि लोकसभा निर्वाचन-2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के बाद पुलिस एवं अन्य एन्फोर्समेंट एजेंसियों द्वारा 25 अप्रैल तक 20 करोड़ 73 लाख रूपये नगद राशि सहित 247 करोड़ 57 लाख रूपये मूल्य की विभिन्न सामग्रियां जब्त की गयी हैं। गौरतलब है कि लोकसभा निर्वाचन-2019 में आदर्श आचार संहिता के दौरान 85 करोड़ 12 लाख रूपये मूल्य की विभिन्न सामग्रियां जब्त की गयी थीं। गत 25 अप्रैल तक 23 लाख 19 हजार लीटर से अधिक अवैध मदिरा (शराब) भी जब्त की गयी है, जिसका मूल्य 34 करोड़ 33 लाख रूपये है। इसी तरह 22 करोड़ 30 लाख रूपये मूल्य के 16 हजार 742 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स और 11 करोड़ 74 लाख रूपये मूल्य की 2 हजार 155 किलोग्राम से अधिक कीमती धातुएँ भी जब्त की गई हैं। साथ ही 158 करोड़ 47 लाख रूपये मूल्य की अन्य मूल्यवान सामग्रियां भी जब्त की गई हैं।

दूसरे चरण के मतदान से संबंधित अन्य जानकारियों के लिये क्लिक करें –

खजुराहो लोकसभा सीट : वीडी शर्मा को बड़ी जीत का भरोसा, कमलेश और आरबी प्रजापति का दावा- ‘बाहरी प्रत्याशी’ को इस बार खदेड़ेगी जनता

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा।

*      लोकसभा चुनाव को लेकर खजुराहो संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं में नहीं दिलचस्पी

*      पहली बार कांग्रेस पार्टी समेत अन्य प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बगैर होगा चुनाव

*      1989 से लगातार चुनाव जीत रहे भाजपा सांसदों की क्षेत्र के विकास को लेकर एक भी उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं

*      चुनाव में रोजगार, पलायन, महंगाई, खनिज संसाधनों की लूट, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा संस्थान और बुनियादी सुविधाओं के आभाव के मुद्दे रहे हावी

शादिक पन्ना। (www.radarnews.in) लोकसभा चुनाव 2024 के कार्यक्रम अनुसार दूसरे चरण में मध्य प्रदेश के छह संसदीय क्षेत्रों में शुक्रवार 26 अप्रैल को मतदान होना है। जिसमें खजुराहो लोकसभा क्षेत्र भी शामिल है। मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी लेकिन खजुराहो क्षेत्र के मतदाताओं का लोकतंत्र के महापर्व को लेकर किसी तरह का कोई उत्साह न दिखाना चिंताजनक है। मतदाताओं की अरुचि का एक बड़ा कारण इस बार मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का चुनाव मैदान में न होना माना जा रहा है। मैदान खाली होने के परिणामस्वरूप मुकाबले को एकतरफ़ा मानकर चल रहे भाजपा प्रत्याशी एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) अपनी लगातार दूसरी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रहे हैं। उनका पूरा जोर जीत का रिकार्ड बनाने पर है। खजुराहो लोकसभा संसदीय क्षेत्र में भाजपा के विष्णु दत्त शर्मा सहित कुल 14 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी है। यहां भाजपा के नेतागण अपने प्रदेश अध्यक्ष की 10 लाख मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत का दावा कर रहे हैं। जबकि बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी कमलेश पटेल और इंडिया गठबंधन समर्थित ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रत्याशी पूर्व आईएएस आरबी प्रजापति (राजा भइया प्रजापति) भाजपाईयों के दावों को अति आत्मविश्वास करार देते हुए अपनी-अपनी जीत की बात कह रहे हैं। दोनों ही क्षेत्रीय प्रत्याशियों का दावा है, खजुराहो संसदीय क्षेत्र की जनता इस बार बाहरी प्रत्याशी (वीडी शर्मा) को खदेड़कर स्थानीय व्यक्ति को अपना सांसद चुनने का मन बना चुकी है। किसके दावे में कितना दम है, इसका पता तो मतदान के बाद चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही चलेगा।
खजुराहो लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी कमलेश पटेल।
बहरहाल, खजुराहो के मौजूदा सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा के पांच साल के कार्यकाल को लेकर लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है। शर्मा ने चुनाव के समय क्षेत्र की जनता से जो वायदे किए थे चुनाव जीतने के बाद उन्हें पूरा करने की सुध तक नहीं ली। सांसद के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का ओहदा मिलने के बाद प्रदेश में शर्मा की राजनैतिक हैसियत मुख्यमंत्री के बाद नंबर दो की रही। बावजूद इसके डबल इंजन की सरकार में वीडी अपने बलबूते खजुराहो संसदीय क्षेत्र को एक भी उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं दिला सके। विपक्षी दलों के नेता इसके लिए उन्हें नाकार सांसद घोषित कर चुके हैं।
सांसद शर्मा पर यह भी आरोप लगता रहा है कि, वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनप्रतिनिधि की तरह जनता के बीच न आकर व्हीव्हीआईपी की तरह दर्शन देने आते हैं। क्षेत्र के दौरे पर रहने के दौरान पूरे समय पार्टी के चुनिंदा नेताओं और चमचों-चाटुकारों से घिरे रहने के कारण आमजन का सांसद से मिलना कभी सहज नहीं रहा। कहा तो यह भी जाता है कि, सांसद जी अधिकांशतः सरकारी कार्यक्रमों या फिर पार्टी के कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए ही क्षेत्र के दौरे के पर आते हैं। विपक्ष के इन आरोपों को श्री शर्मा पूर्व में अनेक मौकों पर खुद को बदनाम करने की साजिश बताकर सिरे से ख़ारिज करते रहे हैं। साथ ही खजुराहो क्षेत्र में पिछले पांच साल में हुए कुछ कार्यों को भी उनके द्वारा अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनाया गया। लेकिन विडंबना यह है कि, उन्हीं कार्यों का श्रेय लेते हुए क्षेत्र के विधायक विधानसभा चुनाव के समय जनता से वोट मांग चुके हैं। इससे विपक्ष को सांसद के रूप में वीडी की उपलब्धि पर सवाल उठाने का मौका मिल गया। सांसद निधि के खर्च का हिसाब सार्वजानिक न करने तथा सांसद निधि से सरस्वती शिशु स्कूलों को बड़ी राशि आवंटित करने को लेकर भी विपक्ष के नेतागण सांसद वीडी शर्मा पर हमला बोलते रहे हैं।

ऊपर से ख़ामोशी पर अंदरखाने हलचल

आरबी प्रजापति, सेवानिवृत आईएएस एवं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक प्रत्याशी खजुराहो लोकसभा सीट।
भाजपा का अभेद दुर्ग माने जाने वाले खजुराहो संसदीय क्षेत्र में मतदान की पूर्व संध्या तक ऊपर से चुनावी माहौल भले ही पूरी तरह शांत नजर आ रहा हो लेकिन अंदरखाने क्षेत्रीयता, जाति और वर्ग के आधार पर प्रभावी तरीके से वोटरों की गोलबंदी की जा रही है। इस अंदरूनी हलचल के बावजूद बहुसंख्यक मतदाताओं में चुनाव के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं। इसका सीधा दुष्प्रभाव मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों पर पड़ सकता है। वहीं मतदाताओं की अरुचि के परिणामस्वरूप रिकार्ड मतों से जीत का दावा करने वाले भाजपाइयों की अब सांसें फूल रही हैं। भाजपाईयों का मानना है वीडी की जीत का अंतर जितना बड़ा होगा उसके ही आधार पर उनके राजनैतिक कद का निर्धारण किया जाएगा। अब सवाल उठता है, मोदी लहर में पिछला चुनाव करीब पांच लाख मतों के अंतर से जीतने वाले वीडी शर्मा इस बार प्रतिकूल माहौल में क्या वाकई अपनी जीत का अंतर दो गुना (दस लाख) कर पाएंगे या फिर उनका यह दावा महज प्रतिद्वंदियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनांने की रणनीति का हिस्सा है? इसका जवाब तो आने वाला वक्त ही बातएगा।

सत्ता विरोधी लहर को चुनाव प्रचार से किया कमजोर !

खजुराहो लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन समर्थित ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक प्रत्याशी आरबी प्रजापति का पंपलेट।
विदित हो कि, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की एकमात्र खजुराहो सीट गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को दी थी। लेकिन यहां से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी मीरा दीपक यादव का नामांकन फार्म निरस्त हो गया था। इंडिया गठबंधन की ओर से कोई डमी नामांकन न होने पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आमआदमी पार्टी ने फॉरवर्ड ब्लॉक ऑफ इंडिया के प्रत्याशी पूर्व आईएएस आरबी प्रजापति को अपना समर्थन दिया है। इनका चुनाव चिन्ह शेर है। मैदान मुख्य विपक्षी दलों के उम्मीदवार न होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी ने चुनाव को पूरी गंभीरता से लिया। अपने समर्थन में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुकांत साय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभाएं-रोड शो आयोजित कराए। इसकी तुलना में बसपा प्रत्याशी कमलेश पटेल और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार आरबी प्रजापति का चुनाव प्रचार बेहद ही कमजोर रहा। चुनाव प्रचार में सबसे आगे रहने वाले भाजपा प्रत्याशी की रणनीति को लेकर जानकारों मानना है, इस बार सबको पता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लहर नहीं है बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरूपयोग, विपक्ष के दमन और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार से जनता काफी नाराज़ है। इसके आलावा खजुराहो क्षेत्र की जनता ने भाजपा सांसदों पर जितने बार भरोसा जताया है उतनी संख्या में उनकी उपलब्धि भी नहीं है। क्षेत्र में बड़े नेताओं की सभाएं करवाकर और चुनाव प्रचार अभियान के दौरान लोगों के बीच पहुंचकर वीडी ने भाजपा और अपने प्रति नाराजगी को दूर करने का भरसक प्रयास किया है। हालांकि, इसमें वे कितने सफल रहे इसका पता तो आगामी 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने पर चलेगा।

बड़ी कार्रवाई : लोकायुक्त की टीम ने पुलिस के ASI को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस टीम सागर की अभिरक्षा में बैठे सहायक उप निरीक्षक चन्द्रशेखर पाण्डेय। (पीले घेरे में)

*      मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना का मामला

*     मारपीट के प्रकरण में आरोपी की जमानती कार्रवाई और जब्ती करने के एवज में में मांगी थी रिश्वत

*     करीब डेढ़ वर्ष के बाद देवेन्द्रनगर थाना स्टॉफ के विरुद्ध लोकायुक्त की दूसरी ट्रैप कार्रवाई

*      पिछली कार्रवाई के दौरान देवेन्द्रनगर थाना की तत्कालीन प्रभारी और आरक्षक हो गया था फरार

शादिक खान, पन्ना/ रमेश अग्रवाल, देवेन्द्रनगर। (www.radarnews.in) लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने आज पन्ना जिले के देवन्द्रनगर पुलिस थाना में पदस्थ एएसआई (सहायक उप निरीक्षक) चन्द्रशेखर पाण्डेय को 6,000/- (छह हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। मारपीट के एक प्रकरण में आरोपी भागवत पटेल का जमानती मुचलका भरने और घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडा जब्त करने की कार्रवाई के एवज में एएसआई ने उसके ससुर भीमकेश पटेल से रिश्वत मांगी थी। रुपए न देने पर एएसआई द्वारा उसके दामाद को अवैध रूप से कट्टा रखने के फर्जी प्रकरण में जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। लोकायुक्त पुलिस ने फरियादी के साथ मिलकर ट्रैप कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए घूसखोर एएसआई को दबोंच लिया। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की खबर आते ही देवेन्द्रनगर थाना समेत जिले के पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों में जबर्दस्त हड़कंप मचा रहा। इधर, देवेन्द्रनगर क़स्बा में भी अचानक काफी हलचल बढ़ गई। दरअसल, देवेन्द्रनगर थाना में पदस्थ किसी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध लगभग डेढ़ वर्ष के अंतराल के बाद लोकायुक्त पुलिस की यह दूसरी बड़ी ट्रैप कार्रवाई है।
ट्रैप कार्यवाही के संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर की टीम।
भ्रष्टाचारियों का चारागाह बने पन्ना जिले के सरकारी कार्यालयों में बगैर रिश्वत के आमआदमी का कोई काम नहीं होता। जिससे परेशान होकर आमलोग भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिए लगातार लोकायुक्त पुलिस संगठन की मदद ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को भीमकेश पटेल निवासी थाना नागौद जिला सतना ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें बताया गया कि मेरे दामाद भागवत पटेल ने विरुद्ध थाना देवेन्द्रनगर में मारपीट का अपराध पंजीबद्ध है। भाई-भाई के आपसी विवाद में दर्ज प्रकरण में दामाद का जमानती मुचलका भरने और घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे की जब्ती की कार्रवाई करने के एवज में देवेन्द्रनगर थाना में पदस्थ एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) चन्द्रशेखर पाण्डेय के द्वारा 10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिकायत की तस्दीक करने पर फरियादी भीमकेश पटेल से एएसआई ने दस हजार रुपए की डिमांड की। रिश्वत की राशि को लेकर दोनों के बीच हुई चर्चा में 8,000/- (आठ हजार रुपए) रुपए देने पर सहमति बनी। फरियादी मौके पर ही एएसआई पाण्डेय को 2,000/- (दो हजार) रुपए दे दिए और शेष राशि दूसरी किश्त में 24 अप्रैल को देना तय हुआ।
रुपयों की मांग वार्ता से शिकायत का सत्यापन होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर ट्रैप दल का गठन किया गया। पूर्व चर्चा के मुताबिक़ आज दोपहर में करीब 1 बजे सहायक उप निरीक्षक पाण्डेय ने बड़ौरा पहुंचकर इंद्रपाल पटेल के घर पर फरियादी भीमकेश को रुपए लेकर बुलाया। जहां थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचकर फरियादी ने एएसआई को रिश्वत की राशि सौंप दी। इसके अगले ही पल वहां लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबिश देकर सहायक उप निरीक्षक चन्द्रशेखर पाण्डेय को रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने एएसआई के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

थाना से छोड़ने पर भी लिए थे रुपए

रिश्वत की मांग से परेशान होकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में शिकायत करने वाला फरियादी भीमकेश पटेल।
भीमकेश पटेल निवासी थाना नागौद जिला सतना ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों उनके दामाद भागवत पटेल का अपने भाई के साथ विवाद हुआ था। जिसके बाद देवेन्द्रनगर थाना पुलिस ने भागवत पटेल को पकड़कर थाना के लॉकप में बंद कर दिया था। जब मैं थाना पहुंचा तो वहां पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर पाण्डेय के द्वारा 20,000/- (बीस हजार) रुपए की मांग की गई। रुपए न देने पर एएसआई पाण्डेय द्वारा दामाद को अवैध रूप से कट्टा रखने के फर्जी प्रकरण में जेल भेजने की धमकी दी। इससे भयभीत भीमकेश ने 6,000/- (छह हजार) रुपए देकर किसी तरह दामाद को थाना से छुड़ाया और शेष राशि कुछ दिन बाद में देने की बात कही। रिश्वत की नाजायज मांग से परेशान होकर भीमकेश पटेल ने इसके बाद लोकायुक्त पुलिस सागर से सम्पर्क किया।

ख़ाकी वर्दी पर फिर लगा रिश्वत का दाग़

बता दें कि, देवेन्द्रनगर थाना के किसी कर्मचारी के विरुद्ध हाल के कुछ महीनों में लोकायुक्त पुलिस की यह दूसरी ट्रैप कार्रवाई है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने देवेन्द्रनगर थाना की तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ज्योति सिंह राजपूत और आरक्षक अमर बागरी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। लेकिन ट्रैप कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त पुलिस को कथित तौर पर देवेन्द्रनगर थाना पुलिस के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। जिसका लाभ उठाते हुए निरीक्षक ज्योति सिंह राजपूत और आरक्षक अमर बागरी मौके से फरार हो गए थे। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के सामने आने पर लोकायुक्त पुलिस के साथ-साथ पन्ना पुलिस की भी काफी बदनामी हुई थी। देवेंद्रनगर के लोगों ने संभवत पहली बार ऐसा नाजारा देखा था जब रिश्वतखोर पुलिस निरीक्षक और आरक्षक को गिरफ्तार करने के लिए लोकायुक्त पुलिस के जवान उनके पीछे दौड़ रहे थे।

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50 हजार की रिश्वत लेते थाना प्रभारी और आरक्षक ट्रैप, लोकायुक्त पुलिस को चकमा देकर दोनों भाग निकले