* घटिया निर्माण कार्य की शिकायतों के बीच सकरिया-गुनौर-डिघौरा मार्ग का किया निरीक्षण
* CRF मार्ग में अमानक सामग्री के उपयोग पर क्षेत्रीय विधायक ने भी दर्ज कराई थी आपत्ती
* क्षेत्रीय सांसद और पूर्व मंत्री के प्रयासों से स्वीकृत सड़क को पलीता लगाने में जुटे भ्रष्ट अफसर
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-गुनौर-डिघौरा मार्ग का घटिया कार्य काफी समय से सुर्ख़ियों में बना है। सड़क निर्माण में धड़ल्ले से अमानक सामग्री का उपयोग करते हुए गुणवत्ता विहीन कार्य कराए जाने की शिकायतों के बीच गुरुवार को लोक निर्माण विभाग सागर के चीफ इंजीनियर ने आरएल वर्मा ने निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर पाइप कल्वर्ट (पुलियों) के धंसने पर चीफ इंजीनियर ने गहरी नाराज़गी जताते हुए लोनिवि पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीके त्रिपाठी और ठेकेदार के प्रोजेक्ट इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने मानसून के मद्देनज़र मार्ग पर वाहनों का निर्बाध आवागमन बनाए रखने और वर्षा जल की समुचित निकासी सुनिश्चित करने के लिए क्षतिग्रस्त पुलियों का तत्परता से सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर ने सड़क निर्माण कार्य में उपयोग में लाई जा रही लाइम स्टोन की गिट्टी के डंप को भी देखा।

गत वर्ष 2023 में जिले के सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग निर्माण कार्य को केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत स्वीकृति मिली थी। लगभग 29 किलोमीटर लम्बाई वाली यह सड़क पन्ना के मुख्य जिला मार्ग (MP-MDR-18-08) में शामिल है। जिले से गुजरने वाले दो प्रमुख नेशनल हाइवे (एनएच-39 एवं एनएच-943) को आपस में जोड़ने वाले इस एमडीआर मार्ग के निर्माण में शुरुआती स्तर से ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खेल शुरू हो गया था। खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के संयुक्त प्रयास से स्वीकृत लगभग 40 करोड़ की लागत वाली सीआरएफ सड़क को पलीता लगाने में जुटे ठेकेदार की करतूतों पर लोनिवि पन्ना के भ्रष्ट तकनीकी अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं। फीलगुड के चक्कर में लोनिवि के अफसरों ने अघोषित तौर पर ठेकेदार को मनमाफिक कार्य करने की खुली छूट दे रखी है।

सड़क निर्माण में गड़बड़ी की तथ्यात्मक और प्रमाणित शिकायतों पर जिला स्तर पर कोई कार्रवाई पर होने से हाल ही में मीडिया के द्वारा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता तथा मुख्य अभियंता का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया था। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने भी सड़क निर्माण में गुणवत्ताविहीन अमानक सामग्री उपयोग के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। सड़क निर्माण से जुड़ीं प्रमाणित शिकायतों पर गौर करते हुए प्रमुख अभियंता लोनिवि आरके मेहरा ने चीफ इंजीनियर सागर से जांच करवाने की बात कही थी। इस बीच गुरुवार 13 जून को पन्ना पहुंचे चीफ इंजीनियर लोनिवि सागर आरएल वर्मा ने सकरिया-डिघौरा मार्ग का निरीक्षण किया।
खदानों का ओवर वर्डन डालकर लीपापोती

उन्होंने सकरिया से गुनौर के बीच कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। चीफ इंजीनियर के निरीक्षण की जानकारी मिलने पर कुलदीप सिंह डिघौर महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना ने मौके पर पहुंचकर उनसे भेंट की। युवा नेता कुलदीप ने अपने मोबाइल फोन पर श्री वर्मा को उक्त सड़क की धंसी हुई पुलियों के वीडियो दिखाए गए। साथ ही रात के अंधेरे में सीआरएम लेयर में मिक्स मटेरियल के स्थान पर लाइम स्टोन खदान का ओवर वर्डन (अनुपयोगी सामग्री) डालकर रोलर चलवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीआरएफ सड़क के निर्माण में अर्थवर्क स्तर पर भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। ठेकेदार द्वारा स्वीकृत कराए गए प्राकक्लन (स्टीमेट) के तहत निर्धारित मापदंड अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यय सीमित रखने के मकसद से ठेकेदार ने आसपास के खेतों की कम गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग अर्थवर्क में किया है। मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखकर मिट्टी के स्थरीकरण (मजबूती) के लिए आवश्यकतानुसार ठोस उपाए ईमानदारी से नहीं किए गए। अर्थवर्क के दौरान सड़क के इनिशियल लेवल में गड़बड़ी करते हुए पुराने मटेरियल को अलग करने के बजाए क्रश करके उसी को उपयोग में ले लिया। साथ ही गुनौर के आदिवासी मोहल्ला के समीप खतरनाक मोड़ के कारण हादसे होने की आशंका जताई गई।
… तो विधानसभा में गूंजेगा मामला

चीफ इंजीनियर (मुख्य अभियंता) सागर श्री वर्मा ने पुलियों के धंसने पर गहरी नाराज़गी जताते हुए लोनिवि पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीके त्रिपाठी, प्रभारी उपयंत्री और ठेकेदार के प्रोजेक्ट इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दो टूक कहा कि, निर्माण कार्य में मानक-मापदंडों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीफ इंजीनियर ने मानसून के मद्देनज़र मार्ग पर वाहनों का निर्बाध आवागमन बनाए रखने और वर्षा जल की समुचित निकासी सुनिश्चित करने के लिए क्षतिग्रस्त पुलियों का तत्परता से सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में उपयोग में लाई जा रही लाइम स्टोन की गिट्टी के डंप को भी देखा गया। श्री वर्मा ने कांग्रेस नेता को भरोसा दिलाया कि, सड़क निर्माण में जो भी कमियां है उन्हें दूर करके हर हाल में गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जाएगा।

वहीं कांग्रेस नेता का कहना है लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी कार्य की गुणवत्ता में यदि सुधार नहीं होता है तो इस मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में उठवाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही मामले को सीटीई के संज्ञान में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि, चीफ इंजीनियर श्री वर्मा से उनके निरीक्षण के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए कई बार मोबाइल फोन पर सम्पर्क किया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री थोटा ने प्रेसवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया, गांजा की तस्करी में लिप्त सभी पांच आरोपियों के विरूद्ध थाना पवई में अपराध क्रमांक 222/24 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। आज आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूंछतांछ की जाएगी। आपने, आरोपियों से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई है। पुलिस अधीक्षक ने गांजा तस्करों की धरपकड़ कर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद करने वाली पुलिस टीम की मुक्त कंठ से सराहना की है। साथ ही इस कार्रवाई को पन्ना पुलिस की बड़ी सफलता बताया है। आपने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन ने थाना प्रभारी पवई निरीक्षक त्रिवेन्द्र कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व वाली पुलिस टीम को 30 हजार रूपये के ईनाम से पुरुस्कृत किए जाने की घोषणा की है।



पन्ना जिले से गुजरने वाले दो नेशनल हाइवे को जोड़ने वाला सकरिया-डिघौरा मार्ग मुख्य जिला मार्ग (MP-MDR-18-08) है। हैरानी की बात है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में बुनियादी स्तर से ही बड़े पैमाने पर खुलेआम अनियमितता की जा रही है। ठेकेदार द्वारा स्वीकृत कराए गए प्राकक्लन (स्टीमेट) के तहत निर्धारित मापदंड अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यय सीमित रखने के मकसद से ठेकेदार ने आसपास के खेतों की कम गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग अर्थवर्क में किया है। मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखकर मिट्टी के स्थरीकरण (मजबूती) के लिए आवश्यकतानुसार ठोस उपाए ईमानदारी से नहीं किए गए। अर्थवर्क के दौरान सड़क के इनिशियल लेवल में गड़बड़ी करते हुए पुराने मटेरियल को अलग करने के बजाए क्रश करके उसी को उपयोग में ले लिया। कुछ इसी तर्ज़ पर मोटी रक़म बचाने के चक्कर में डब्ल्यूएमएम और सीआरएम की परतों में भी अमानक सामग्री का उपयोग किया है। सीआरएम की 15 से 20 सेंटीमीटर की परत में 5-7 सेंटीमीटर मिक्स मटेरियल की चोरी करने के लिए लाइम स्टोन खदानों के अनुपयोगी मटेरियल (ओवर वर्डन) को डाला गया। लोक निर्माण संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री की मूक सहमति से सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मापदंडों की धज्जियां उड़ाने का धतकरम रात के अंधेरे किया जा रहा है। पिछले एक माह से लगातार रात के अंधेरे सकरिया मार्ग पर चचरा (ओवर वर्डन) बिछाने के बाद तुरंत रोलर चलवा दिया जाता है, ताकि सुबह किसी को कुछ समझ में न आए।



संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन भोपाल के तत्वाधान में विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार 18 मई को जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी उद्घाटन कैलाश सोनी, पूर्व योजना अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट, सेवानिवृत्त शिक्षक कुंजबिहारी शर्मा, पूर्व पार्षद योगेन्द्र सिंह परमार, कवि सुरेश सौरभ उपस्थित रहे। 18 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी के पहले दिन लोगों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहा। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शिवपुरी, टीकमगढ़, ओरछा, रायसेन, सांची, उज्जैन, भोजपुर, ग्वालियर, भोपाल, खरगौन, छतरपुर आदि स्थानों के भव्य प्राचीन स्मारकों की बोलती हुई तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों, किलों, मकबरों, हवेली, छतरियां, राजमहल के खूबसूरत छायाचित्र शामिल हैं।
छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सोनी ने कहा कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को समेटे खूबसूरत स्मारकों के चित्रों में झलकती उनकी वास्तुकला मन मोहने वाली है। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में अनेक स्मारकों के संरक्षण हेतु कराए गए कार्यों को भी छायाचित्रों के जरिए सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया है। स्मारक की जर्जर स्थिति वाले चित्र के ही बगल में संरक्षण कार्य उपरांत उनका वैभव जीवंत होने का छायाचित्र लगाया गया है, ताकि धरोहर को सहेजने के लिए लगातार किये जा रहे गंभीर प्रयासों के बारे में लोग जान सकें।
जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय स्मारकों पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी का भारतीय पर्यटक सिर्फ 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क पर शुक्रवार 24 मई तक प्रातः 10 बजे से लेकर सायंकाल 5 बजे तक अवलोकन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि, छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के सभी कर्मचारियों एवं सिक्योरिटी गार्ड मुख्य रूप से रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, कामता प्रसाद रैकवार, आदित्य विश्वकर्मा, कमल वियोगी, धर्मेन्द्र साहू विशेष सहयोग रहा।

