पन्ना। राडार न्यूज़ पन्ना जिले में लम्बे समय से चल रहा आनलाइन क्रिकेट सट्टे का कारोबार आईपीएल के आगाज के साथ और भी हाईटेक तथा व्यापक हो गया। इसका खुलासा मंगलवार शाम को देवेन्द्रनगर कस्बा में पुलिस द्वारा की गई छापामार कार्रवाई से हुआ है। मुखबिर की सूचना पर थाना पुलिस ने सतना रोड किनारे स्थित मुकेश जैन पिता महेश जैन के घर में दबिश देते हुए आॅनलाइन सट्टे का भांडा फोड किया है। इस मामले में पुलिस ने सटौरिये मुकेश जैन को तो मौके से गिरफ्तार कर लिया है, पर बडा सवाल यह है कि सट्टा लगाने वाले भी क्या पकड़े जायेंगे। इस कार्रवाही से कई हैरान करने वाली बातें सामने आईं हैं। जैसे कि सट्टेबाजों द्वारा मैंच की प्रत्येक गेंद पर दाव लगाने के लिये कई तरह के साप्टवेयर एवं मोबाइल एप्लीकेशन लांच की है। अब बिना मोबाइल पर फोन किये कि लाखों के सट्टे लगाये जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने मुकेश जैन के घर से एक रंगीन टीव्ही, वीडियोकान डी टू एच डिजिटल सेट-अप बाक्स, हिसाब रजिस्टर, एक एमआई मोबाइल, 5 एटीएम कार्ड, दो चैक तथा 21500 रूपये नगद बरामद हुए हैं। पुलिस ने इस मामले पर आरोपी मुकेश जैन के खिलाफ देवेन्द्रनगर थाना में अपराध कायम किया है।
सार्वजनिक किए जायें सटौरियों के नाम
गौरतलब है कि पुलिस को सट्टेबाज मुकेश जैन के पास 60 पेज का जो हिसाब रजिस्टर मिला है। उसमें आईपीएल के पिछले करीब चालीस मैचों में प्रतिदिन लगाये गये लाखों के सट्टे का हिसाब-किताब दर्ज है। इस तरह की कार्रवाहियों में अब तक यही देखने में आया है कि पुलिस सट्टा खिलाने वालों को तो पकड़ती है, पर खेलने वालों पर कोई कार्रवाही नहीं की जाती। अब देखना यह है कि इस मामले में पकड़ गये सटौरिये को रिमाण्ड पर लेकर पुलिस सट्टा खेलने वालों तथा रजिस्टर के हिसाब-किताब में दर्ज सट्टेबाजों पर कार्रवाही करते हुए उनके नाम कब तक सार्वजनिक करती है।
रैपुरा पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने दिया नारा
नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
पन्ना। रडार न्यूज सांसद राकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सीमावर्ती रैपुरा कस्बा पहुंचे जहां उनका पार्टी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने ढ़ोल-नगाड़े, आतिशबाजी से भव्य स्वागत किया। पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत का सिलसिला उनके विशाल काफिले के पन्ना जिले की सीमा में प्रवेश करने के साथ शुरू हो गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैपुरा में गोल्डन सिटी के समीप प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश में लगातार चौथी बार भाजपा की सरकार बनाकर इतिहास रचने का आह्वान करते हुए कार्यकर्ताओं से मिशन 2018 के लिये प्राण-प्रण से जुटने की बात कही। भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को बढ़ाते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ‘‘अबकी बार 200 पार चौथी बार भाजपा सरकार’’ का नया नारा दिया। इस अवसर पर श्री सिंह ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश का तेजी से विकास किया है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण के लिये योजनाएं बनाकर प्राथमिकता से उसका लाभ दिलाया जा रहा है। आप ने दावा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिये भाजपा सरकार ने पूरी ईमानदारी से काम किया है, इसलिए प्रदेश की जनता चौथी बार भाजपा को प्रचण्ड बहुमत से विजयी बनायेगी। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्वहीन पार्टी बन चुकी है। कांग्रेस के पास शिवराज सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है, इसलिये उसके नेता झूठे आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने नुक्कड़ सभा में उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के हांथ उठवाकर उन्हें मध्यप्रदेश में पुनः रिकार्ड चौथी बार भाजपा की सरकार बनावाने का संकल्प दिलाया। उल्लेखनीय है कि नव नियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के स्वागत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं – पदाधिकारियों व क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा गया। प्रचण्ड धूप और उमस के बावजूद रैपुरा सहित विभिन्न ग्रामों में सैंकडों लोगों ने पार्टी अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। करीब एक सैंकड़ा वाहनों के काफिले के साथ कटनी से सागर के लिये निकले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रैपुरा पहुँचने पर युवा कार्यकर्ताओं द्वारा मोटरसायकिल रैली निकाली गई। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री बीडी शर्मा, प्रदेश मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, बुविप्रा अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, प्रदेश कार्य समिति सदस्य किसान मोर्चा उमेश सोनी, सुधीर अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह परमार, जिला मंत्री महिला मोर्चा अर्चना सोनी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आशा गुप्ता, श्रीमति रूप नगायच, आशीष तिवारी सहित बड़ी संख्या में जिले के भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिकारियों को बचाने 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
चीतल के शिकार का प्रकरण दर्ज कर चल रहा था वसूली का खेल
पन्ना। रडार न्यूज पन्ना टाईगर रिजर्व की चंद्रनगर रेंज अंतर्गत पिछले महीने हुए चीतल के शिकार से जुड़े एक मामले में शिकारी और संदेहियों को बचाने के एवज में 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर बाबू सिंह चंदेल को लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस टीम ने इस ट्रेप कार्रवाई को महादेव कुशवाहा की शिकायत पर बुधवार की सुबह छतरपुर जिले के बमीठा के समीप नेशनल हाईवे किनारे स्थित बुन्देला ढ़ाबा में अंजाम दिया। कार्यवाई की भनक लगते ही ढ़ाबा के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गये। पूर्व चर्चा अनुसार महादेव कुशवाहा ने ढ़ावा में बैठे बाबू सिंह चंदेल परिक्षेत्र सहायक भुसौर रेंज चंद्रनगर को जैसे ही 10 हजार रूपये की रिश्वत दी ठीक उसी समय लोकायुक्त पुलिस सागर के निरीक्षक बीएम दिवेदी और उनकी टीम ने दबिश देते हुए डिप्टी रेंजर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता महादेव कुशवाहा ने बताया कि 10 अप्रैल 2018 को चीतल के शिकार मामले में दर्ज पीओआर (वन अपराध) में परिक्षेत्र सहायक भुसौर बाबू सिंह चंदेल सिंह ने उनके भाईयों रेखराज कुशवाहा और जुगला कुशवाहा के शामिल होने की जानकारी देते हुए इस प्रकरण को कमजोर करने और उन्हें बचाने के एवज में 10हजार रूपये की रिश्वत की मांग की गई। जिसकी लिखित शिकायत महादेव कुशवाहा निवासी दसईपुरा तहसील राजनगर जिला छतरपुर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर से की थी। शिकायत की तस्दीक करने के बाद आज लोकायुक्त पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से डिप्टी रेंजर को 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि चीतल के शिकार मामले में एक मात्र व्यक्ति के विरूद्ध नामजद प्रकरण (पीओआर) पंजीबद्ध किया गया था। इस प्रकरण को बेहद गोपनीय रखते हुए डिप्टी रेंजर बाबू सिंह चंदेल ग्रामीणों को शिकार के मामले में फंसाने की धमकी देते हुए अवैध वसूली कर रहा था। सूत्रों की माने तो रेंज अफसर उमेश कुमार योगी को इसकी जानकारी थी। जिससे वन अपराध की आड़ में चल रहे अवैध वसूली के इस गोरखधंधे में डिप्टी रेंजर के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर सवाल उठ रहे है। पन्ना टाईगर रिजर्व के चालाक मैदानी अधिकारी प्रकरण दर्ज होने के महीनेभर बाद भी शिकारी का नाम उजागर करने पर उनके भागने की आशंका जताते हुए गिरफ्तारी मुश्किल होने का हवाला देकर कुछ भी बताने से बचते रहे है। शिकार के इस प्रकरण को अवैध वसूली का हथियार बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से आरोपी का नाम गुप्त रखते हुए इतनी भी जानकारी नहीं दी जा रही थी कि प्रकरण में कुल कितने आरोपी है और उनमें से कितने नामजद व अज्ञात है।
इनका कहना है-
‘‘शिकार के इस प्रकरण को सिर्फ इसलिए गुप्त रखा गया क्योंकि उसमें शामिल एकमात्र नामजद आरोपी के फरार होने की आशंका थी। नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पूंछतांछ के आधार पर अन्य आरोपियों की धरपकड़ की कार्रवाई की जाती। शिकार के इस मामले में जांच अधिकारी कौन है, महीनेभर में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई मैं इस संबंध में कुछ नहीं बता सकता। पूरा मामला लोकायुक्त पुलिस को सौंपा जा चुका है।‘‘
पन्ना। राडार न्यूज़ जिला चिकित्सालय पन्ना में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीना नामदेव ने महिला का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर गर्भाशय से तकरीबन 3 किलो का टयूमर निकाला है।
सफल ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर मीना नामदेव।
पिपरवाह निवासी छविरानी पति संत कुमार यादव ने अपनी पत्नि के पेट दर्द की समस्या को लेकर जब डॉक्टर मीना नामदेव को दिखाया तो जांच उपरांत डॉ मीना नामदेव ने बताया कि गर्भाशय में टयूमर है और उसको आपरेशन द्वारा निकालना पड़ेगा। पति की सहमति के बाद आज छविरानी का सफलतापूर्वक आपरेशन कर तीन किलो का टयूमर गर्भाशय से निकाला गया. आपेशन की बेहद जटिल प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। यह पहला मामला है कि पन्ना जिला चिकित्सालय में इस प्रकार के आपेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। डॉक्टर मीना नामदेव ने बताया कि जब मरीज को देखा तो उसकी हालत बेहद नाजुक थी, जांच उपरांत पता चला कि छविरानी के गर्भाशय में एक बड़ा सा टयूमर है तथा उसको निकाला जाना अति आवश्यक है. परिजनों की सहमति मिलने के बाद छविरानी का आपरेशन किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा. उन्होंने बताया कि मरीज अब खतरे से बाहर है. आपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ नीरज जैन, स्टाफ नर्स सपना साहू, माधुरी सिस्टर, ड्रेसर वहीद खान, वार्ड बॉय बहौरी लाल सहित पूरे स्टाफ का सहयोग रहा.
पन्ना परिवर्तन मंच ने शुरू किया किलकिला पुर्नजीवित अभियान
जन सहयोग से नदी संरक्षण के लिये जुटे आम और खास
पन्ना। रडार न्यूज प्राचीन धरमसागर तालाब के जीर्णोद्धार को जन आंदोलन का रूप देते हुए जल संरक्षण और संर्वधन की मिसाल कायम करने वाले पन्ना के लोगों ने इस बार प्रणामी समाज की गंगा कहलाने वाली किलकिला नदी को पुर्नजीवित करने का बीड़ उठाया है। शहर की गंदे नालों के गिरने से अत्याधिक प्रदूषित हो चुकी किलकिला नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये शहर के प्रबुद्धजन और प्रणामी संप्रदाय के लोग आगे आये हैं। धरमसागर तालाब के गहरीकरण अभियान की तर्ज पर किलकिला को बचाने के लिये नगर के जागरूक लोगों ने नदी की साफ-सफाई व अन्य कार्यों के लिये जन सहयोग से राशि एकत्र की है। इस पुनीत कार्य में उत्साह के साथ लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। पन्ना के लोगों के लिये किलकिला नदी का विशेष महत्व है। बारिश के समय इस नदी में आने वाली जल राशि से ही शहर के प्राचीन तालाब लबालब होते थे। पन्ना परिवर्तन मंच के तत्वाधान में रविवार शाम किलकिला नदी के पुर्नजीवन की रूपरेखा बनाने और उसे सफलता पूर्वक क्रियान्वित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजमाता दिलहर कुमारी उपस्थित रहीं, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में लक्ष्मीकांत शर्मा, आशा गुप्ता, रज्जन खरे, बृजेन्द्र सिंह बुंदेला, बीएल धामी उपस्थित रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बुंदेला ने नदी को बचाने के लिये विशेष प्रयास करने की बात रखी। उन्होंने बताया कि किलकिला नदी को बचाने के सर्वप्रथम नदी में मिलने वाले गंदे पानी को वॉटर टीटमेंट प्लांट लगाकर ठीक करना होगा। तभी किलकिला को बचाया जा सकता है। इसके लिये नगर पालिका का सहयोग होना जरूरी है। वहीं राजमाता दिलहर कुमारी ने नदी के महत्व को बचाते हुए लोगों ने इस कार्य में एकजुट होकर प्रयास करने की बात कही। युवा नेता नीलम राज शर्मा ने किलकिला नदी के धार्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि जिस तरह बनारस में गंगा का महत्व है, उसी तरह पन्ना के लिये किलकिला नदी महत्वपूर्ण हैं। महामति प्राणनाथ जी ने इस नदी को पवित्र नदी का दर्जा दिया है। प्रणामी संप्रदाय के लोगों की नदी के प्रति गहरी आस्था है. कार्यक्रम को कई लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में शामिल शहर के गणमान्य नागरिकों ने अपनी ओर से सहयोग राशि देकर सफाई अभियान की शुरू की। वहीं सोमवार को स्थानीय लोगों ने नदी में पहुंचकर श्रमदान किया और मशीनों के माध्यम से सफाई का का कार्य प्रारंभ कराया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मनु बुंदेला, वीरेन्द्र शर्मा, सुदीप श्रीवास्तव, अंकित शर्मा, एसके समेले, बालकिशन र्श्मा, गोपाल मिश्रा, अमरेश र्श्मा, नृपेन्द्र सिंह, मनीष शर्मा, चीटू समारी, जीतेन्द्र सिंह चौहान, रजऊ राजा अमानगंज, जगलपाल सिंह बॉबी, गोलू जडिया, रेहान मोहम्मद, मृगेन्द्र सिंह गहरवार, गोपाल लालवानी, राध्ोलाल शर्मा, तिलक शर्मा, विक्रम शर्मा शामिल हुए।
मिलते हैं गंदे नाले
पूरे शहर का कचरा और गंदा पानी छोटे बड़े नालों से होता हुआ धाम मोहल्ला और आगरा मोहल्ला के समीप किलकिला नदी में मिलकर पूरी नदी को दूषित करता है। शहर में आने के साथ ही किलकिला नदी नाले में तब्दील हो जाती है। नदी के संरक्षण के लिये नगर पालिका प्रबंधन द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किये गये हैं, जिसके चलते नदी का अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर है। वहीं नदी में हो रहे अतिक्रमण से भी विशाल नदी का दायरा कम होता जा रहा है।
किलकिला से भरते थे शहर के तालाब
पन्ना शहर में हमेशा पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिये यहां के राजाओं ने विशाल तालाबों का निर्माण कराया था। इन विशाल तालाबों को भरने के लिये किलकिला नदी खासी महत्वपूर्ण थी। किलकिला के सहारे ही इन विशाल तालाबों की आधारशिला रखी गई थी। विदित हो कि एक दौर में धरमसागर, लोकपाल सागर और निरपत सागर को भरने के लिये किलकिला नदी का सहारा लिया जाता था। सतना बैरियल से तालाबों के लिये विशेष कैनाल बनाई गई थी, जो आज पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। किलकिला को पुर्नजीवित करने से एक बार फिर इन इन तालाबों के लिये नदी का उपयोग किया जा सकता है, जिससे शहर में कभी भी जल संकट की स्थिति निर्मित नहीं होगी।
पन्ना। रडार न्यूज माह मार्च 2018 में जिले की जिन 20 एएनएम की संविदा सेवाएं समाप्त की गई थी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक एस विश्वनाथन के आदेश के बाद उन सभी की सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं। करीब दो माह बाद एएनएम की सेवा बहाली मध्यप्रदेश समस्त संविदा कर्मचारी समिति के पदाधिकारियों के विशेष प्रयासों के चलते संभव हो सकी है। इस संबंध में समिति के प्रांतीय संयोजक इजी. अजय तिवारी नेतृत्व में फिरोज खान प्रांतीय सचिव द्वारा पन्ना जिले में पद से पृथक की गई एएनएम को पुनः अपने कार्य स्थल पर ज्वाइंन कराने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया गया। बताया जाता है कि फरवरी माह से शुरू हड़ताल के दौरान ही पन्ना जिले में वर्ष 2014 से कार्यरत एएनएम को 31 मार्च 2018 को सेवा समाप्त कर पद से पृथक करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये गये थे। जिसमें पन्ना जिले से 20 एएनएम को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी। इस संबंध में फिरोज खांन प्रांतीय सचिव द्वारा पद से पृथक हुई समस्त संविदा एएनएम को हाईकोर्ट में याचिका के माध्यम से स्टे दिलाये जाने हेतु सार्थक प्रयास किये गये. जिससे विगत माह में याचिकाकर्ताओं को स्टे प्राप्त हो गया. उक्त न्यायालयीन प्रक्रिया के उपरांत मध्यप्रदेश समस्त संविदा कर्मचारी समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक से सतत संपर्क कर 04.05.2018 को मिशन संचालक के माध्यम से पत्र जारी करवाया गया. उपरोक्त पत्र के तारतम्य में 07.05.2018 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना द्वारा पद से हटाई गई, समस्त संविदा एएनएम को पुनः अपने कार्य पर उपस्थित होने के संबंध में पत्र जारी कराया गया। उपरोक्त कार्य में सजनीश शर्मा, राजेश तिवारी, राजेश आरख, रमाकांत प्रजापति एवं अन्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
पवई। रडार न्यूज समर्थन मूल्य पर चना बिक्री के लिये उर्पाजन केन्द्रों में पहुंच रहे कि उपज को अमानक स्तर का बताकर प्राईवेट कम्पनी द्वारा खरीदने से इनकार करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिससे उमस भरी प्रचंड गर्मी में चना, सरसों और मसूर लेकर खरीदी केन्द्रों में पहुंचने वाले किसानों और ऐजेंसी के कर्मचारियों के बीच आये दिन विवाद की स्थिति बन रही है। मंगलवार शाम पवई में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जहां किसान के चने को अमानक बता कर उसे खरीदने से इनकार करने से बात इतनी बढ़ गई कि नाराज किसानों ने समिति प्रबंधक शियाशरण पटैरिया की जमकर पिटाई कर दी। बताया जाता है कि कृषि उजप मंडी पवई में बनाये गये खरीदी केन्द्र पर चना नहीं खरीदे जाने पर ग्राम बुधेड़ा के किसान महेन्द्र सिंह और समिति प्रबंधक शियाशरण पटैरिया के बीच वाद-विवाद हो गया। पीड़ित ने बताया कि महेन्द्र सिंह के चने में 15 प्रतिशत से भी अधिक बटरी होने के कारण क्वालिटी सर्वेयर अमानक स्तर का बताते हुए खरीदने से इनकार कर दिया। इसके बाद भी किसान द्वारा स्वयं गल्ले की तुलाई कर उसे बोरियों में भरता जा रहा था. समिति प्रबंधक शियाशरण ने मना किया महेन्द्र सिंह पिता छुट्टे राजा, माधव सिंह पिता छुट्टे राजा एवं महेन्द्र सिंह के पुत्र ने दबंगई दिखाते हुए उनके साथ सरेआम मारपीट कर दी। पीड़ित समिति प्रबंधक की रिर्पोट पर पवई थाना पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध आईपीसी की धारा 294,353,332,506,34 के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है।
जिला जेल पन्ना से कुख्यात कैदी के फरार होने का मामला
जेलर सहित चार जेलकर्मियों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास
पन्ना। रडार न्यूज कल तक जिस जेल की चार दिवारी के अंदर जेलर और जेल प्रहरी राज करते थे आज उन्हें उसी जेल में कैदी के रूप में दाखिल होना पड़ा। जिला जेल पन्ना से वर्ष 2010 में एक कुख्यात सजायाफ्ता बदमाश डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी के फरार होने के मामले में प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने तत्कालीन जेलर अशोक कुमार तिवारी व तीन प्रहरियों को दोषी मानते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जेलर समेत चारों अभियुक्तों को सुनियोजित तरीके से बंदी डब्बू त्रिपाठी को जेल से भागने में मदद करने का दोषी ठहराया है। मंगलवार देर शाम आये न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जीतेन्द्र सिंह बैस ने न्यायालय के निर्णय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा द्वारा मंगलवार शाम सुनाये गये अपने फैसले में मामले के आरोपी तत्कालीन जिला जेल पन्ना के जेलर अशोक कुमार तिवारी, मुख्य प्रहरी गुलबदन खान व दो प्रहरियों शदाकत अली तथा हबीब खान को दंण्डित बंदी के फरार होने में सहयोग करने के लिये दोषी ठहराते हुए चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 222 सह पठित धारा 120बी के अंतर्गत पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंण्डित किये जाने के साथ साथ धारा 223 के अंतर्गत भी दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंण्डित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विशेष न्यायालय पन्ना के सत्र प्रकरणों में दण्डित किये गये आरोपी डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी को उसकी दी गई सजाएं भुगताये जाने हेतु उप जेल पन्ना के सुपुर्द किया गया था। जहां से वह 6 एवं 7 फरवरी 2010 की दरम्यानी रात आश्चर्यजनक तरीके से फरार हो गया था। इस घटना को लेकर जेल प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई प्रथम सूचना पर हुई जांचों के बाद कोतवाली पन्ना पुलिस ने तत्कालीन जेलर अशोक कुमार तिवारी सहित मुख्य प्रहरी गुलबदन व प्रहरी शदाकत अली तथा हबीब खान के साथ-साथ जेल से भागे बंदी डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं साक्षियों के कथनों के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने मामले के आरोपी जेलर अशोक कुमार तिवारी व तीनों जेल कर्मियों को दोष सिद्ध ठहराते हुए उक्त दण्डादेश पारित किया गया है। गौरतलब है कि न्यायालय से दण्डित होने के बाद पूर्व जेलर व जेल प्रहरियों को पन्ना के समीप पुरूषोत्तम स्थित उसी जिला जेल में सजा काटने भेजा गया है, जहां कभी वे कैदियों पर अपनी हुकूमत चलाते थे। अब उन्हीं के बीच कैदी बनकर इन्हें पांच साल की कठोर सजा काटनी होगी।
पन्ना। रडार न्यूज जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सप्ताह भर पूर्व केन नदी के पिपरहा घाट पर पानी में मृत अवस्था में मिले लापता गया सिंह की मौत की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नि सुमन राठौर व उसके प्रेमी शिव सिंह राठौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पत्नि के अनैतिक संबंध की जानकारी लगने पर गया सिंह ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए उसके किसी से भी मिलने पर पाबंदी लगा दी थी। परवान चढ़ते प्यार में बाधा बने पति को रास्ते से हटाने के लिये सुमन ने अपने प्रेमी शिव सिंह राठौर के साथ मिलकर योजना बनाई और फिर मौका पाकर गया सिंह निर्ममता पूर्वक हत्या करते हुए अपराध को छिपाने के लिये उसके शव को नदी में बहा दिया। उल्लेखनीय है कि मृतक के भाई राजाराम सिंह राठौर ने 30 अप्रैल की शाम शाहनगर थाना में आकर अपने लापता भाई का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना दी थी। परिजनों के अनुसार 28 अप्रैल को गया सिंह शादी समारोह में शामिल होने के लिये पुरैना जाने का कहकर घर से निकला था, उसके बाद उसका शव नदी के पानी में मिला। मृतक के गले में बनियान पाये जाने तथा शव और घटना स्थल की परिस्थितियों के मद्देनजर मामला हत्या का प्रतीत होने पर शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल द्वारा कटनी सेएफएसएल प्रभारी डॉ. अवनीश कुमार की उपस्थिति में जांच पंचनामा कार्यवाही की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत गला दबाने से हत्या किये जाने की पुष्टि के बाद शाहनगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज विवेचना शुरू की। घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर गिरधारी यादव के खेत में लाख की चूड़ियों के टुकड़े तथा दो काले बटन मिले। विवेचना में आये तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी सुमन राठौर तथा उसके प्रेमी शिव सिंह राठौर से सख्ती से पूंछतांछ की। आरोपी शिव सिंह राठौर की घटना के समय पहनी शर्ट को जप्त कर घटनास्थल पर मिले दो बटनों का मिलान किया गया तथा चूडियों के टुकड़ो को सुमन राठौर की पहनी हुई चूडियां से मिलान किया गया जो सही पाई गई। साथ ही गया सिंह का मोबाईल उसकी पत्नी सुमन के कब्जे से जप्त किया गया। दोनों ने पुलिस की पूछतांछ में अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि गया सिंह द्वारा उनके मिलने पर विरोध करने के चलते दोनां ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।
पैदल चलकर पहुंची थी अस्पताल, पति ने जबरन कराया था रिफर
पवई। रडार न्यूज पन्ना जिले के पवई कस्बा के वार्ड क्रमांक 8 की निवासी दलित महिला की बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य गहराता ही जा रहा है। मृतिका का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने रिर्पोट में बलात्कार या किसी तरह की मारपीट न होने का उल्लेख किया है। इसकी पुष्टी स्वयं पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने की है। मृतिका के पति मस्तराम (परिवर्तित नाम) के सनसनीखेज आरोपों के उलट पोस्टमार्टम रिर्पोट आने से जहां कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं यह मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पवई में इलाज के दौरान पूर्णतः सामान्य रही महिला की पन्ना आते समय अचानक मौत कैसे हुई। उसकी मौत के लिये आखिरकार कौन जिम्मेदार है। क्या मस्तराम ने अपने विरोधी भोला चौधरी को फंसाने के लिये, पत्नि पूर्णिमा (परिवर्तित नाम) की मौत को लेकर झूठे आरोप लगाये हैं। फिलहाल पुलिस के पास इन सब सवालों का जबाब नहीं हैं। पुलिस के आला अधिकारी मामले की विवेचना पूर्ण होने पर सच्चाई के सामने आने की कह रहे हैं। उधर पत्नि की मौत के बाद मस्तराम द्वारा मीडियाकर्मियों को दी गई जानकारी में पवई पुलिस पर रिर्पोट दर्ज न करने के गंभीर आरोप लगाये थे। इस मामले में पवई थाना पुलिस की घोर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस कप्तान रियाज इकबाल ने आज उप निरीक्षक मोहनलाल आठ्या और सहायक उप निरीक्षक एचआर उपाध्याय को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
क्या है मामला –
मस्तराम और उसकी पत्नि पूर्णिमा (दोनों परिवर्तित नाम) 5 मई की दोपहर पैदल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई पहुंचे और वहां पत्नि की साथ मारपीट होने की जानकारी देते हुए मस्तराम द्वारा उसे उपचार हेतु भर्ती कराया गया। डॉक्टर प्रदीप जयंत नें बताया पूर्णिमा को सामान्य चोटें थीं, मध्य रात्रि मस्तराम द्वारा जबरदस्ती दबाब बनाते हुए उसे जिला चिकित्सालय पन्ना के लिये रिफर कराया गया। पवई में इलाज के दौरान मस्तराम ने पत्नि के साथ बलात्कार होने का जिक्र तक नहीं किया। देर रात 108 एम्बुलेंस वाहन से पूर्णिमा को पन्ना लाते समय रास्ते में उसकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। अचानक आई दलित महिला की मौत की खबर पर किसी को यकीन इस लिये नहीं हुआ, क्योंकि वह खुद पैदल चल कर एम्बुलेंस में बैठी थी। रविवार 6 मई को पन्ना में जब मस्तराम ने पत्नि की मौत की वजह उसके साथ स्वजातिय पड़ोसी भोला चौधरी पर बलात्कार और मारपीट करने का आरोप लगाया तो पवई के लोग दंग रह गये।
इनका कहना है-
‘‘ मृतिका की शार्ट पोस्टमार्टम रिर्पोट में उसके साथ बलात्कार या मारपीट होने का उल्लेख नहीं हैं। दलित महिला की मृत्यु कैसे हुई और इसके लिये कौन जिम्मेदार है, प्रकरण की विवेचना के बाद स्पष्ट हो जायेगा। इस मामले में लापरवाही बरतने पर एक एसआई और एक एएसआई को लाइन अटैच किया गया है। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतिका और उसके पति भोला चौधरी से पुराना विवाद है। ’’