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किलकिला की ‘‘कलकल’’ को बचाने आगे आये भागीरथ

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पन्ना परिवर्तन मंच ने शुरू किया किलकिला पुर्नजीवित अभियान

जन सहयोग से नदी संरक्षण के लिये जुटे आम और खास

पन्ना। रडार न्यूज प्राचीन धरमसागर तालाब के जीर्णोद्धार को जन आंदोलन का रूप देते हुए जल संरक्षण और संर्वधन की मिसाल कायम करने वाले पन्ना के लोगों ने इस बार प्रणामी समाज की गंगा कहलाने वाली किलकिला नदी को पुर्नजीवित करने का बीड़ उठाया है। शहर की गंदे नालों के गिरने से अत्याधिक प्रदूषित हो चुकी किलकिला नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये शहर के प्रबुद्धजन और प्रणामी संप्रदाय के लोग आगे आये हैं। धरमसागर तालाब के गहरीकरण अभियान की तर्ज पर किलकिला को बचाने के लिये नगर के जागरूक लोगों ने नदी की साफ-सफाई व अन्य कार्यों के लिये जन सहयोग से राशि एकत्र की है। इस पुनीत कार्य में उत्साह के साथ लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। पन्ना के लोगों के लिये किलकिला नदी का विशेष महत्व है। बारिश के समय इस नदी में आने वाली जल राशि से ही शहर के प्राचीन तालाब लबालब होते थे। पन्ना परिवर्तन मंच के तत्वाधान में रविवार शाम किलकिला नदी के पुर्नजीवन की रूपरेखा बनाने और उसे सफलता पूर्वक क्रियान्वित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजमाता दिलहर कुमारी उपस्थित रहीं, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में लक्ष्मीकांत शर्मा, आशा गुप्ता, रज्जन खरे, बृजेन्द्र सिंह बुंदेला, बीएल धामी उपस्थित रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बुंदेला ने नदी को बचाने के लिये विशेष प्रयास करने की बात रखी। उन्होंने बताया कि किलकिला नदी को बचाने के सर्वप्रथम नदी में मिलने वाले गंदे पानी को वॉटर टीटमेंट प्लांट लगाकर ठीक करना होगा। तभी किलकिला को बचाया जा सकता है। इसके लिये नगर पालिका का सहयोग होना जरूरी है। वहीं राजमाता दिलहर कुमारी ने नदी के महत्व को बचाते हुए लोगों ने इस कार्य में एकजुट होकर प्रयास करने की बात कही। युवा नेता नीलम राज शर्मा ने किलकिला नदी के धार्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि जिस तरह बनारस में गंगा का महत्व है, उसी तरह पन्ना के लिये किलकिला नदी महत्वपूर्ण हैं। महामति प्राणनाथ जी ने इस नदी को पवित्र नदी का दर्जा दिया है। प्रणामी संप्रदाय के लोगों की नदी के प्रति गहरी आस्था है. कार्यक्रम को कई लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में शामिल शहर के गणमान्य नागरिकों ने अपनी ओर से सहयोग राशि देकर सफाई अभियान की शुरू की। वहीं सोमवार को स्थानीय लोगों ने नदी में पहुंचकर श्रमदान किया और मशीनों के माध्यम से सफाई का का कार्य प्रारंभ कराया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मनु बुंदेला, वीरेन्द्र शर्मा, सुदीप श्रीवास्तव, अंकित शर्मा, एसके समेले, बालकिशन र्श्मा, गोपाल मिश्रा, अमरेश र्श्मा, नृपेन्द्र सिंह, मनीष शर्मा, चीटू समारी, जीतेन्द्र सिंह चौहान, रजऊ राजा अमानगंज, जगलपाल सिंह बॉबी, गोलू जडिया, रेहान मोहम्मद, मृगेन्द्र सिंह गहरवार, गोपाल लालवानी, राध्ोलाल शर्मा, तिलक शर्मा, विक्रम शर्मा शामिल हुए।

मिलते हैं गंदे नाले

पूरे शहर का कचरा और गंदा पानी छोटे बड़े नालों से होता हुआ धाम मोहल्ला और आगरा मोहल्ला के समीप किलकिला नदी में मिलकर पूरी नदी को दूषित करता है। शहर में आने के साथ ही किलकिला नदी नाले में तब्दील हो जाती है। नदी के संरक्षण के लिये नगर पालिका प्रबंधन द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किये गये हैं, जिसके चलते नदी का अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर है। वहीं नदी में हो रहे अतिक्रमण से भी विशाल नदी का दायरा कम होता जा रहा है।

किलकिला से भरते थे शहर के तालाब

पन्ना शहर में हमेशा पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिये यहां के राजाओं ने विशाल तालाबों का निर्माण कराया था। इन विशाल तालाबों को भरने के लिये किलकिला नदी खासी महत्वपूर्ण थी। किलकिला के सहारे ही इन विशाल तालाबों की आधारशिला रखी गई थी। विदित हो कि एक दौर में धरमसागर, लोकपाल सागर और निरपत सागर को भरने के लिये किलकिला नदी का सहारा लिया जाता था। सतना बैरियल से तालाबों के लिये विशेष कैनाल बनाई गई थी, जो आज पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। किलकिला को पुर्नजीवित करने से एक बार फिर इन इन तालाबों के लिये नदी का उपयोग किया जा सकता है, जिससे शहर में कभी भी जल संकट की स्थिति निर्मित नहीं होगी।

दो माह बाद बहाल हुई 20 एएनएम की सेवाएं

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पन्ना। रडार न्यूज माह मार्च 2018 में जिले की जिन 20 एएनएम की संविदा सेवाएं समाप्त की गई थी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक एस विश्वनाथन के आदेश के बाद उन सभी की सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं। करीब दो माह बाद एएनएम की सेवा बहाली मध्यप्रदेश समस्त संविदा कर्मचारी समिति के पदाधिकारियों के विशेष प्रयासों के चलते संभव हो सकी है। इस संबंध में समिति के प्रांतीय संयोजक इजी. अजय तिवारी नेतृत्व में फिरोज खान प्रांतीय सचिव द्वारा पन्ना जिले में पद से पृथक की गई एएनएम को पुनः अपने कार्य स्थल पर ज्वाइंन कराने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया गया। बताया जाता है कि फरवरी माह से शुरू हड़ताल के दौरान ही पन्ना जिले में वर्ष 2014 से कार्यरत एएनएम को 31 मार्च 2018 को सेवा समाप्त कर पद से पृथक करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये गये थे। जिसमें पन्ना जिले से 20 एएनएम को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी। इस संबंध में फिरोज खांन प्रांतीय सचिव द्वारा पद से पृथक हुई समस्त संविदा एएनएम को हाईकोर्ट में याचिका के माध्यम से स्टे दिलाये जाने हेतु सार्थक प्रयास किये गये. जिससे विगत माह में याचिकाकर्ताओं को स्टे प्राप्त हो गया. उक्त न्यायालयीन प्रक्रिया के उपरांत मध्यप्रदेश समस्त संविदा कर्मचारी समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक से सतत संपर्क कर 04.05.2018 को मिशन संचालक के माध्यम से पत्र जारी करवाया गया. उपरोक्त पत्र के तारतम्य में 07.05.2018 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना द्वारा पद से हटाई गई, समस्त संविदा एएनएम को पुनः अपने कार्य पर उपस्थित होने के संबंध में पत्र जारी कराया गया। उपरोक्त कार्य में सजनीश शर्मा, राजेश तिवारी, राजेश आरख, रमाकांत प्रजापति एवं अन्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

चना को घटिया बताने पर समिति प्रबंधक को पीटा

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नाराज किसानों ने पवई मंडी परिसर में किया हंगामा

प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस

पवई। रडार न्यूज समर्थन मूल्य पर चना बिक्री के लिये उर्पाजन केन्द्रों में पहुंच रहे कि उपज को अमानक स्तर का बताकर प्राईवेट कम्पनी द्वारा खरीदने से इनकार करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिससे उमस भरी प्रचंड गर्मी में चना, सरसों और मसूर लेकर खरीदी केन्द्रों में पहुंचने वाले किसानों और ऐजेंसी के कर्मचारियों के बीच आये दिन विवाद की स्थिति बन रही है। मंगलवार शाम पवई में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जहां किसान के चने को अमानक बता कर उसे खरीदने से इनकार करने से बात इतनी बढ़ गई कि नाराज किसानों ने समिति प्रबंधक शियाशरण पटैरिया की जमकर पिटाई कर दी। बताया जाता है कि कृषि उजप मंडी पवई में बनाये गये खरीदी केन्द्र पर चना नहीं खरीदे जाने पर ग्राम बुधेड़ा के किसान महेन्द्र सिंह और समिति प्रबंधक शियाशरण पटैरिया के बीच वाद-विवाद हो गया। पीड़ित ने बताया कि महेन्द्र सिंह के चने में 15 प्रतिशत से भी अधिक बटरी होने के कारण क्वालिटी सर्वेयर अमानक स्तर का बताते हुए खरीदने से इनकार कर दिया। इसके बाद भी किसान द्वारा स्वयं गल्ले की तुलाई कर उसे बोरियों में भरता जा रहा था. समिति प्रबंधक शियाशरण ने मना किया महेन्द्र सिंह पिता छुट्टे राजा, माधव सिंह पिता छुट्टे राजा एवं महेन्द्र सिंह के पुत्र ने दबंगई दिखाते हुए उनके साथ सरेआम मारपीट कर दी। पीड़ित समिति प्रबंधक की रिर्पोट पर पवई थाना पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध आईपीसी की धारा 294,353,332,506,34 के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है।

सलाखों के पीछे पहुंचे जेलर और जेल प्रहरी

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जिला जेल पन्ना से कुख्यात कैदी के फरार होने का मामला

जेलर सहित चार जेलकर्मियों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास

पन्ना। रडार न्यूज कल तक जिस जेल की चार दिवारी के अंदर जेलर और जेल प्रहरी राज करते थे आज उन्हें उसी जेल में कैदी के रूप में दाखिल होना पड़ा। जिला जेल पन्ना से वर्ष 2010 में एक कुख्यात सजायाफ्ता बदमाश डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी के फरार होने के मामले में प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने तत्कालीन जेलर अशोक कुमार तिवारी व तीन प्रहरियों को दोषी मानते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जेलर समेत चारों अभियुक्तों को सुनियोजित तरीके से बंदी डब्बू त्रिपाठी को जेल से भागने में मदद करने का दोषी ठहराया है। मंगलवार देर शाम आये न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जीतेन्द्र सिंह बैस ने न्यायालय के निर्णय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा द्वारा मंगलवार शाम सुनाये गये अपने फैसले में मामले के आरोपी तत्कालीन जिला जेल पन्ना के जेलर अशोक कुमार तिवारी, मुख्य प्रहरी गुलबदन खान व दो प्रहरियों शदाकत अली तथा हबीब खान को दंण्डित बंदी के फरार होने में सहयोग करने के लिये दोषी ठहराते हुए चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 222 सह पठित धारा 120बी के अंतर्गत पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंण्डित किये जाने के साथ साथ धारा 223 के अंतर्गत भी दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंण्डित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विशेष न्यायालय पन्ना के सत्र प्रकरणों में दण्डित किये गये आरोपी डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी को उसकी दी गई सजाएं भुगताये जाने हेतु उप जेल पन्ना के सुपुर्द किया गया था। जहां से वह 6 एवं 7 फरवरी 2010 की दरम्यानी रात आश्चर्यजनक तरीके से फरार हो गया था। इस घटना को लेकर जेल प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई प्रथम सूचना पर हुई जांचों के बाद कोतवाली पन्ना पुलिस ने तत्कालीन जेलर अशोक कुमार तिवारी सहित मुख्य प्रहरी गुलबदन व प्रहरी शदाकत अली तथा हबीब खान के साथ-साथ जेल से भागे बंदी डब्बू उर्फ सुजीत त्रिपाठी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं साक्षियों के कथनों के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने मामले के आरोपी जेलर अशोक कुमार तिवारी व तीनों जेल कर्मियों को दोष सिद्ध ठहराते हुए उक्त दण्डादेश पारित किया गया है। गौरतलब है कि न्यायालय से दण्डित होने के बाद पूर्व जेलर व जेल प्रहरियों को पन्ना के समीप पुरूषोत्तम स्थित उसी जिला जेल में सजा काटने भेजा गया है, जहां कभी वे कैदियों पर अपनी हुकूमत चलाते थे। अब उन्हीं के बीच कैदी बनकर इन्हें पांच साल की कठोर सजा काटनी होगी।

प्यार की खातिर प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या

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गया सिंह के कत्ल की पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

गला घोंट कर पत्नि और उसके प्रेमी ने की थी हत्या

पन्ना। रडार न्यूज जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सप्ताह भर पूर्व केन नदी के पिपरहा घाट पर पानी में मृत अवस्था में मिले लापता गया सिंह की मौत की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नि सुमन राठौर व उसके प्रेमी शिव सिंह राठौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पत्नि के अनैतिक संबंध की जानकारी लगने पर गया सिंह ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए उसके किसी से भी मिलने पर पाबंदी लगा दी थी। परवान चढ़ते प्यार में बाधा बने पति को रास्ते से हटाने के लिये सुमन ने अपने प्रेमी शिव सिंह राठौर के साथ मिलकर योजना बनाई और फिर मौका पाकर गया सिंह निर्ममता पूर्वक हत्या करते हुए अपराध को छिपाने के लिये उसके शव को नदी में बहा दिया। उल्लेखनीय है कि मृतक के भाई राजाराम सिंह राठौर ने 30 अप्रैल की शाम शाहनगर थाना में आकर अपने लापता भाई का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना दी थी। परिजनों के अनुसार 28 अप्रैल को गया सिंह शादी समारोह में शामिल होने के लिये पुरैना जाने का कहकर घर से निकला था, उसके बाद उसका शव नदी के पानी में मिला। मृतक के गले में बनियान पाये जाने तथा शव और घटना स्थल की परिस्थितियों के मद्देनजर मामला हत्या का प्रतीत होने पर शाहनगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल द्वारा कटनी सेएफएसएल प्रभारी डॉ. अवनीश कुमार की उपस्थिति में जांच पंचनामा कार्यवाही की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत गला दबाने से हत्या किये जाने की पुष्टि के बाद शाहनगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज विवेचना शुरू की। घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर गिरधारी यादव के खेत में लाख की चूड़ियों के टुकड़े तथा दो काले बटन मिले। विवेचना में आये तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी सुमन राठौर तथा उसके प्रेमी शिव सिंह राठौर से सख्ती से पूंछतांछ की। आरोपी शिव सिंह राठौर की घटना के समय पहनी शर्ट को जप्त कर घटनास्थल पर मिले दो बटनों का मिलान किया गया तथा चूडियों के टुकड़ो को सुमन राठौर की पहनी हुई चूडियां से मिलान किया गया जो सही पाई गई। साथ ही गया सिंह का मोबाईल उसकी पत्नी सुमन के कब्जे से जप्त किया गया। दोनों ने पुलिस की पूछतांछ में अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि गया सिंह द्वारा उनके मिलने पर विरोध करने के चलते दोनां ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।

 

पोस्टमार्टम रिर्पोट में झूठा साबित हुआ बलात्कार का आरोप

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दलित महिला की संदिग्ध मौत का रहस्य गहराया

पैदल चलकर पहुंची थी अस्पताल, पति ने जबरन कराया था रिफर

पवई। रडार न्‍यूज  पन्ना जिले के पवई कस्बा के वार्ड क्रमांक 8 की निवासी दलित महिला की बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य गहराता ही जा रहा है। मृतिका का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने रिर्पोट में बलात्कार या किसी तरह की मारपीट न होने का उल्लेख किया है। इसकी पुष्टी स्वयं पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने की है। मृतिका के पति मस्तराम (परिवर्तित नाम) के सनसनीखेज आरोपों के उलट पोस्टमार्टम रिर्पोट आने से जहां कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं यह मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पवई में इलाज के दौरान पूर्णतः सामान्य रही महिला की पन्ना आते समय अचानक मौत कैसे हुई। उसकी मौत के लिये आखिरकार कौन जिम्मेदार है। क्या मस्तराम ने अपने विरोधी भोला चौधरी को फंसाने के लिये, पत्नि पूर्णिमा (परिवर्तित नाम) की मौत को लेकर झूठे आरोप लगाये हैं। फिलहाल पुलिस के पास इन सब सवालों का जबाब नहीं हैं। पुलिस के आला अधिकारी मामले की विवेचना पूर्ण होने पर सच्चाई के सामने आने की कह रहे हैं। उधर पत्नि की मौत के बाद मस्तराम द्वारा मीडियाकर्मियों को दी गई जानकारी में पवई पुलिस पर रिर्पोट दर्ज न करने के गंभीर आरोप लगाये थे। इस मामले में पवई थाना पुलिस की घोर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस कप्तान रियाज इकबाल ने आज उप निरीक्षक मोहनलाल आठ्या और सहायक उप निरीक्षक एचआर उपाध्याय को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।

क्या है मामला –

मस्तराम और उसकी पत्नि पूर्णिमा (दोनों परिवर्तित नाम) 5 मई की दोपहर पैदल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई पहुंचे और वहां पत्नि की साथ मारपीट होने की जानकारी देते हुए मस्तराम द्वारा उसे उपचार हेतु भर्ती कराया गया। डॉक्टर प्रदीप जयंत नें बताया पूर्णिमा को सामान्य चोटें थीं, मध्य रात्रि मस्तराम द्वारा जबरदस्ती दबाब बनाते हुए उसे जिला चिकित्सालय पन्ना के लिये रिफर कराया गया। पवई में इलाज के दौरान मस्तराम ने पत्नि के साथ बलात्कार होने का जिक्र तक नहीं किया। देर रात 108 एम्बुलेंस वाहन से पूर्णिमा को पन्ना लाते समय रास्ते में उसकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। अचानक आई दलित महिला की मौत की खबर पर किसी को यकीन इस लिये नहीं हुआ, क्योंकि वह खुद पैदल चल कर एम्बुलेंस में बैठी थी। रविवार 6 मई को पन्ना में जब मस्तराम ने पत्नि की मौत की वजह उसके साथ स्वजातिय पड़ोसी भोला चौधरी पर बलात्कार और मारपीट करने का आरोप लगाया तो पवई के लोग दंग रह गये।

इनका कहना है-

‘‘ मृतिका की शार्ट पोस्टमार्टम रिर्पोट में उसके साथ बलात्कार या मारपीट होने का उल्लेख नहीं हैं। दलित महिला की मृत्यु कैसे हुई और इसके लिये कौन जिम्मेदार है, प्रकरण की विवेचना के बाद स्पष्ट हो जायेगा। इस मामले में लापरवाही बरतने पर एक एसआई और एक एएसआई को लाइन अटैच किया गया है। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतिका और उसके पति भोला चौधरी से पुराना विवाद है। ’’

रियाज इकबाल, पुलिस अधीक्षक पन्ना।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह 9 को आयेंगे  रैपुरा

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स्वागत को लेकर शुरू हुईं तैयारिया

पन्ना। रडार न्यूज भारतीय जनता पार्टी के  नवागत प्रदेशाध्य्क्ष  राकेश  सिंह  9 मई को सागर में आयोजित  बैठक में शामिल होने  के लिए रैपुरा कस्बा से होकर गुजरेंगे।  भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के  जिले में  प्रथम आगमन को दृष्टिगत रखते हुए पार्टी नेताओं ने  उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गत दिवस इस सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण बैठक रैपुरा कस्बा में आयोजित हुई। जिसमें पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम विशेष रूप से उपस्तिथ रहे। श्री गौतम ने बैठक में बताया कि जिला संगठन की ओर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले, प्रदेश मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और वे स्वयं करेंगे। बैठक में उपस्थित प्रदेश मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवागत भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश  सिंह का  पहली बार जिले में आगमन हो रहा है, यह हमारे लिए यह हर्ष का विषय है। आगामी चुनाव के मद्देनजर प्रदेशाध्यक्ष का मार्गदर्शन हमें प्राप्त होगा। श्री सिंह ने कहा कि हम सभी को मिलकर भाजपा प्रदेशाध्य्क्ष का आत्मीय स्वागत करना है और उनके निर्देशानुरूप आगामी विधानसभा चुनाव में काम करते हुए जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का कमल खिलाना है। किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उमेश सोनी ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत के लिये मार्ग के दोनों ओर पार्टी के झंडे बैनर, फ्लैक्स लगाकर आकर्षक सज्जा की जायेगी। साथ ही स्वागत द्वारा बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में रैपुरा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह का बुंदेली परम्परा के अनुसार एतिहासिक स्वागत होगा। इस बैठक में आशीष तिवारी, मंडल अध्यक्ष राकेश जैन सहित रैपुरा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मजदूरी करने नोएडा गई किशोरी लापता

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गांव के ही युवक पर लगाया अपहरण का आरोप

पीड़ित परिजन बोले, पुलिस से नहीं मिली कोई मदद

रैपुरा। रडार न्यूज माता पिता के साथ मजदूरी करने नोएडा गई एक 17 वर्षीय किशोरी पिछले तीन माह से लापता है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को गांव का ही एक युवक बाजार दिखाने के बहाने नोएडा से अगवा कर ले गया। बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे, श्रमिक दम्पति को पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बहिरवारा निवासी अशोक राय पिता कृपाल राय मजदूरी करने के लिये नोएडा गया था, जहां उसके साथ पत्नि सहित उसकी 17 वर्षीय बेटी क्रांति और पुत्र अखिलेश भी साथ था. पीड़ित पिता का कहना है कि 22 फरवरी को जब वह अपनी झुग्गी पर नहीं था, तो उसके ही गांव का सुरेन्द्र राय अपने साथी  अर्जुन राय, बाबूलाल, लल्ला बाई, खर्ची राय के साथ झुग्गी पर पहुंचा और बाजार घुमाने के बहाने उसकी बेटी क्रांति को ले गया. इसके बाद से उसकी बेटी का कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा है. बेटी के लापता होने कि सूचना पीड़ित ने 4 मार्च को हरदुआ चौकी पुलिस को भी दी थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की. पीड़ित ने पन्ना पहुंचकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मदद की गुहार लगाई है. पीड़ित पिता का कहना है कि जो लोग उसकी बेटी का अपहरण कर ले गये है, वे उस पर शिकायत वापिस लेने का दबाव भी डाल रहे हैं. बावजूद इसके पुलिस ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है.

बांध में डूबने से बालक की मौत

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साथियों के साथ नहाने गया था 12 वर्षीय अजीत

गढ़ीपड़रिया। रडार न्यूज मौज-मस्ती के लिये दोस्तों के साथ लेकर बांध में नहाने गये 12 वर्षीय बालक की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह लगभग 10 बजे गढ़ीपड़रिया के बृंदावन बांध में गढ़ीपड़रिया निवासी पवन कुशवाहा के 12 वर्षीय बालक अजीत कुशवाहा की डूबने से मौत हो गई. जैसे ही परिजनों एवं ग्रामवासियों को घटना की सूचना मिली मौके पर सैंकडों लोगों की भीड़ उमढ़ी पड़ी. लोगों ने किसी तरह बांध से मृत बालक के शव को बाहर निकाला और घटना की सूचना देवेन्द्रनगर थाना पुलिस की दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुचे और शव का पंचनामा बनाकर पीएम के लिए भेज दिया. बताया जाता है कि मृतक अजीत कुशवाहा अपने मामा के यहां शादी समारोह में कमलपुरा गया था, जहां से अपने दो दोस्तों के साथ वृंदावन बांध गढ़ीपड़रिया नहाने के लिए पहुंच गया. नहाते समय गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूबने गया और वापिस ऊपर नहीं आया. अजीत के साथियों ने तुरंत ही कमलपुरा पहुंचकर घटना की सूचना दी और मौके पर लोगों की भीड़ उमढ़ आई. लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी, डेम के डूबने के कारण मासूम की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम किया है, वहीं घटना से मृतक के परिजनों का बुरा हाल है. कई घंटों तक बृन्दावन बांध में मातम सा पसरा रहा.

पन्ना के रेहान ने 80 दिनों में कंठस्थ कर लिया कुरान

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दस्तारबंदी प्रोग्राम में 4 बच्चों को मिला हाफिज का खिताब

इल्म की रोशनी से बदलती है तकदीर- मौलाना हबीब

पन्ना। रडार न्यूज शहर के जामियां अर्बिया दारूल कुरान अंजुमन इस्लामियां मदरसा में पहली बार दस्तारबंदी प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर मदरसा प्रबंधन कमेटी से लेकर हर आम और खास में खासा उत्साह था, क्योंकि पहली बार 80 दिनों में एक बच्चों ने हाफिज कुरान होने का गौरव प्राप्त किया था। बताया जाता है कि महज 80 दिनों में हाफिज बनने वाले इस बच्चों की दस्तार बंदी के लिये देश के नामी मौलाना और हाफिजों ने कार्यक्रम में शिरकत की थी। सीरतुन्नबी सल्लाहो अलैहे वसल्लम दस्तार बंदी कार्यक्रम का आगाज कारी नजीब अहमद ने कुरान-ए-तिलावत के साथ की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हजरत मौलाना हबीब अहमद बांदवी का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली से आये मौलाना मुफ्ती इब्राहीम अहमद, कमल सिंह कुशवाहा जिला शिक्षा अधिकारी, नईम खान पूर्व सदर, मथुरा प्रसाद गुप्ता सामाजिक कार्यकर्ता, छगन सोनी भाजपा नेता, उदय सिंह, श्रीमति अंजली श्रीवास्तव जिला क्रीड़ा अधिकारी पन्ना, हाजी इब्राहीम सिद्दीकी, सलमान मारूफ उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी अब्दुल गनी ने की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए शहर काजी मौलाना मोईज्जोद्दीन ने मदरसे के बारे में लोगों को बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मौलाना मुफ्ती हबीब अहमद ने कहा कि इल्म दुनियां में सबसे जरूरी है। बच्चों को किसी भी तरह से इल्म की तरफ ले जाना, हम सभी का काम है। इल्म की रोशनी से तकदीर बदल सकती है। उन्होंने लोगों से शिक्षा की जरूरत और इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। मुफ्ती इब्राहीम अहमद ने अपने उद्बोधन में इश्के रसूल के बारे में बताया और नबी के बताये रास्ते पर अमल करने को कहा। कार्यक्रम को उदय सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और देश में बिगड़ते हालातों पर अपनी बात रखी, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम का संचालन कर रहे हाफिज मोईज्जोददीन ने कहा कि हमारा काम दुनियां में इस्लाम की सही तस्वीर को दिखाना है। उन्होंने कहा कि कुरान की तालीम ही है मुल्क से मोहब्बत करना, हम सब को अमन और भाईचारे के साथ अपने देश की तरक्की के लिये काम करना होगा। कार्यक्रम में आरिफ सिद्दीकी, युनूस खान खजुराहो, फरीद अली पथरिया, हाजी अब्दुल रशीद हटा, हाजी निसार सिमरिया, हाजी जमील छतरपुर, मौलाना शमीउल्ला बरौली, उजैफ अहमद, निजाम खान, अब्दुल हमीद, परवेज सिद्दीकी, इस्माईल वकील, माजिद असलम, उवैद सिद्दीकी भी मुख्य रूप से शामिल रहे।

होनहार बच्चों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मकसूद अली ने नाते नबी सुनाई, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया। इसके बाद शुरू हुए दस्तार बंदी कार्यक्रम में अंजुमन मदरसे से पहली बार निकले हाफिजों की दस्तार बंदी की गई। सबसे पहले शहर के रानीगंज मोहल्ले में रहने वाले मोहम्मद रेहान की दस्तार बंदी की गई, जिसने महज 80 दिनों में यह मुकाम हासिल किया। इसके बाद मोहम्मद शादिक पथरिया दमोह, सैफउल्ला बरौली पन्ना, एवं सद्दाम हुसैन धाम मोहल्ला पन्ना की दस्तारबंदी की गई। सभी अतिथियों ने बच्चों की हौसला अफजाई की और उनके उज्जवल भविष्य के लिये दुआ की।