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 पशुओं के लिये भूसा और पानी की व्यवस्था अब आया ख़्याल 

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 पन्ना शहर के निकट बायपास मार्ग में भूखे मवेशी कचरे में भोजन कीतलाश करते हुये।

सागर कमिश्नर ने कलेक्टरों को 6 जून को जारी किया  आदेश

अप्रैल व मई में भूख और प्यास से बेहाल पशुओं की नहीं ली गई सुध

कार्यवाही के संबंध 14 जून तक प्रतिवेदन  उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये हैं 

पन्ना। भीषण गर्मी व भूख और प्यास से बेहाल सैकड़ों पशु जिले में असमय काल कवलित हो गये। अल्प वर्षा के कारण इस साल पन्ना सहित संभाग के अन्य सभी जिलों में ज्यादातर जल श्रोतों के सूख जाने से अप्रैल व मई के महीने में पशुओं के लिये पानी उपलब्ध कराना पशु पालकों के सामने एक बड़ी समस्या रही है। जिसके चलते पशु पालकों ने अपने मवेशियों को बांधकर रखने के बजाय खुला छोड़ दिया था। ऐसी स्थिति में भूखे और प्यासे पशु पानी की तलाश में यहां-वहां भटकते फिर रहे थे। जिले के जल संकटग्रस्त इलाकों में बीते दो माह के दौरान प्यास से बेहाल पशुओं की बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं लेकिन उस समय इन बेजुवानों की किसी ने भी सुध नहीं ली। अब जब मानसून ने दस्तक दे दी है उस समय संभाग आयुक्त महोदय को इन बेजुवानों की सुध आई है और उन्होंने मवेशियों के लिये भूसा-चारा और पानी की व्यवस्था करने हेतु पाँचों जिलों के उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं को निर्देश जा किये हैं। उल्लेखनीय है कि कमिश्नर कार्यालय सागर से 6 जून 18 को जारी हुये आदेश में यह लेख किया गया है कि उन्हें इस तरह की सूचना प्राप्त हो रही है कि संभाग के जिलों में कम वर्षा होने के कारण कतिपय स्थानों पर पशुओं के लिये भूसा- चारा एवं पानी की कमी हो रही है। पानी की कमी व अनुपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुये कमिश्नर सागर मनोहर दुबे जी ने सभी उप संचालकों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। आदेश में उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि सभी जिलों में पशुओं के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहे। पूर्व में पशुओं के लिये बनाये गये हौदों की साफ-सफाई कर उनमें पानी भरा जाना सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों को निर्देश प्रदान करें कि यदि उनके पंचायत क्षेत्र में पशुओं के लिये भूसाए चारा और पानी की कमी है तो वे इसके लिये सम्यक व्यवस्था करें। कमिश्नर ने की गई कार्यवाही के संबंध में एक प्रतिवेदन 14 जून 18 तक उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये हैं।

कमिश्नर सागर द्वारा 6 जून को जारी किया गया आदेश।

संभागायुक्त द्वारा जारी इस आदेश से भूखे प्यासे बेजुवान पशुओं को कितनी राहत मिलेगी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आदेश तब जारी किया गया जब मानसून ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी में जब हर तरफ पानी के लिये हाहाकार मचा था उस समय प्यासे पशुओं के प्रति ऐसी संवेदना नहीं जगी। यदि समय पर मार्च व अप्रैल के महीने में चारा पानी की व्यवस्था करा दी जाती तो सैकड़ों बेजुवान पशु असमय काल कवलित होने से बच जाते। लेकिन अब 6 जून को आदेश जारी किये गये हैंए जिसका क्रियान्वयन होते-होते मानसूनी बारिश शुरू हो जायेगी। जाहिर है कि सब कुछ कागजों में होगा और कार्यवाही प्रतिवेदन भी भेज दिया जायेगा। इस तरह से पशुओं के लिये भूसा-चारा व पानी की व्यवस्था किये जाने के नाम पर लाखों रुपए खर्च हो जायेंगे जिसकी कोई खोज खबर नहीं ली जा सकेगी। क्योंकि तब तक न तो पानी की कमी होगी और चारा भी सहज उपलब्ध होगा। इस लिहाज से कमिश्नर सागर द्वारा पशुओं के लिये भूसा-चारा व पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 6 जून को जारी आदेश के औचित्य पर विचार किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।

इनका कहना है –

        आदेश जारी करके मैंने कुछ गलत नहीं किया, जब मेरे संज्ञान में बात आई तो मैंने पशुओं के लिए तत्परता          से आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।

                                                                                मनोहर दुबे, कमिश्नर सागर संभाग

स्विमसूट मेें फोटो शेयर करने पर गई टीचर की नौकरी

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टीचर विक्टोरिया की तस्वीर वायरल होने रूस में छिड़ी बहस

समर्थन मेें आये कई लोग, स्कूल के फैसले का किया विरोध

इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर करते समय विक्टोरिया पोपोवा को ये अंदाजा भी नहीं था कि एक फोटो की वजह से उनकी नौकरी छिन जाएगी। 26 साल की विक्टोरिया रूस के ओम्स्क में एक स्कूल में पढ़ाती थीं। कुछ दिनों पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी एक फोटो शेयर की थी जिसमें वो स्विम सूट पहने हुई थीं। इस फोटो की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है।

साइबेरियन टाइम्स ने स्कूल के हवाले से लिखा है कि ऐसा करके विक्टोरिया ने स्कूल और टीचिंग के पेशे को अपमानित किया है। लेकिन अब बहुत से सोशल मीडिया यूजर्स उनके समर्थन में आ खड़े हुए हैं।
ये पागलपन कब बंद होगा?
ज्यादातर लोग स्कूल के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। विक्टोरिया को लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है। एक शख़्स ने इंटरनेट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है ये पूरी तरह से दिखावा है। ऐसा करना मूर्खता है और बेहद अपमानजनक भी है। एक महिला ने लिखा है हम टीचर हैं लेकिन हम इंसान भी हैं। हमें भी हक है कि हम स्कूल के बाहर या फिर सोशल मीडिया पर अगर अलग दिखना चाहें तो दिखें।

एक अन्य व्यक्ति ने इस फैसले को पूरी तरह बेवकूफी बताया है। वहीं एक शख़्स लिखते हैं कि इतनी बेतुकी बात पर खुद का बचाव तक करने की जरूरत नहीं है।

एक इंस्टाग्राम यूजर ने लोगों से विक्टोरिया का समर्थन करने की बात कही है।
ऐसा नहीं है कि सारे लोग सिर्फ विक्टोरिया का समर्थन ही कर रहे हैं। बहुत से लोगों का मानना है कि यह गलत है। लोगों का कहना है कि पर्सनल स्पेस की बात कहकर आप कुछ भी तो नहीं कह सकते हैं।

वहीं खुद को टीचर बताने वाली एक महिला का कहना है कि यह कोई नियम नहीं है। टीचर भी इंसान है लेकिन ये इंसान पढ़ाने का काम करते हैं। वो कहती हैं, बेशक सबका अपना एक निजी जीवन होता है। लेकिन क्या आप पसंद करेंगे कि कोई टीचर स्कूल के पीछे शराब पिए…क्योंकि वो भी तो इंसान हैं।

टीचर या फिर मॉडल?
स्विमसूट में टीचर की तस्वीर वायरल होने के बाद ओम्स्क प्रांत की सरकार ने घोषणा की है कि विक्टोरिया काम पर वापस लौट सकती हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि विक्टोरिया के भविष्य का फैसला हो गया है, अब ये उन्हें तय करना है कि क्या वो इसी स्कूल में पढ़ाना चाहती हैं या फिर किसी दूसरे स्कूल में। रूस की एक मॉडलिंग एजेंसी प्लस साइज ओम्स्क ने विक्टोरिया से संपर्क किया है और उन्हें एक ऑफर भी दिया है।                                                                                           

                                        (साभार : बीबीसी हिन्‍दी)

मोदी बोले- किसी को दिखे या न दिखे, देश बदल रहा है

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फाईल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देश में विकास हो रहा है, भले ही लोग इसे नहीं देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा, डिजिटल इंडिया के तहत तीन लाख कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसई) पर काम हो रहे है। किसी को दिखे या न दिखे, देश बदल रहा है। नमो एप के जरिए डिजिटल इंडिया का लाभ उठाने वालों से बात करते हुए उन्होंने लोगों के अनुभव सुने और इस योजना की खूबियां गिनाईं।

उन्होंने कहा कि इस योजना से न सिर्फ लाखों लोगों को रोजगार मिला है बल्कि गांव में रहने वाले लोगों की जिंदगी भी बदली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया से सबसे ज्यादा फायदा गांवों की महिलाओं को हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत शुरू किए गए वाई फाई चैपाल योजना से गांवों की बेटियां नौकरी पा रही हैं।

फाईल फोटो

प्रधानमंत्री से बात करते हुए लाभान्वित सचियत्री ने बताया कि उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ, जिसकी तैयारी उन्होंने सीएससी सेंटर की मदद से की थी। कई सीएससी सेंटर के संचालकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि वो इस योजना से हजारों ग्रामीणों को डिजिटल साक्षर कर चुके हैं।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने भारतीयों की पैसे की लेन-देन की आदत बदल दी है। अब गांव-गांव में डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान किया जा रहा है।

कॉल सेंटर में मिला काम-

फाईल फोटो

विभिन्न सेंटरों से कई लोगों ने ये बताया कि इस योजना से उन्हें पेंशन पाने में आसानी होती है। पहले उन्हें बैंक के लिए कई किलोमीटर दूर जाना होता था। राजस्थान के अलवर जिला की पूनम सपेरा ने बताया कि वो बीए में पढ़ रही हैं और डिजिटल इंडिया से उन्हें लाभ मिल रहा है। पूनम घुमंतू जाति से हैं।

नरेंद्र मोदी ने नागालैंड के कोहिमा में चल रहे बीपीओ के कर्मियों से भी बात की। कर्मियों ने बताया कि उन्हें अब अपने शहर के कॉल सेंटर में काम मिल रहा है और वो ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमरीका की कंपनियों के लिए काम करते हैं। पटना की खुशबू ने बताया कि इस योजना के तहत शुरू किए गए कॉल सेंटर में उन्हें नौकरी मिली है, जहां वो क्षेत्रीय भाषा में ग्राहकों से बात करती हैं।

एससी-एसटी समुदाय को फायदा-

डिजिटल इंडिया के तहत देशभर के एक लाख 83 हजार ग्राम पंचायतों में तीन लाख कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। इन सेंटरों को खोलने का सरकार का मकसद था कि गांव में लोग सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन प्राप्त कर सके।

नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि इन सेंटरों से 10 लाख लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि डिजिटल साक्षर योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन 1.25 करोड़ लोगों में 70 फीसदी लाभान्वित एससी-एसटी समुदाय से है।

                                                                                                (साभार: बीबीसी हिन्दी)

कश्मीर पर यूएन की रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज

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संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों के उच्चायुक्त ज़ायद बिन राड अल हुसैन

मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन की जांच के लिए गठित हो सकता है आयोग

संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और उसकी जांच की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों के उच्चायुक्त जायद बिन राड अल हुसैन ने कहा है कि वो मानवाधिकार काउंसिल से अगले हफ्ते नए सत्र के लिए कहेंगे, जिसमें एक जांच आयोग गठित करने पर विचार किया जाएगा। अगर यह जांच आयोग बनता है तो कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की स्वतंत्र जांच की जाएगी।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को पूरी तरह से ख़ारिज करते हुए कहा है कि यह भारत की संप्रभुता का उल्लंघन और उसकी क्षेत्रीय एकता के खलिाफ है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूएन की रिपोर्ट अपुष्ट सूचनाओं पर आधारित है और साथ ही पक्षपातपूर्ण है। भारत ने कहा है कि यह एक झूठे ब्यौरे के सिवाय कुछ नहीं है।

प्रतीकात्‍मक फोटो

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत प्रशासित कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने कश्मीर में बहुत ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती की है और 2016 के बाद से कई नागरिक मारे गए हैं।

कश्मीर पर 1947 में विभाजन के बाद से ही दोनों देशों के बीच विवाद है और कई बार दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी है। यूएन की इस रिपोर्ट में पाकिस्तान से कहा गया है कि वो आतंकवाद विरोधी कानून का दुरुपयोग शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को ख़त्म करने में नहीं करे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यूएन की रिपोर्ट का बड़ा हिस्सा भारत के जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित है। इसमें जुलाई 2016 से अप्रैल 2018 के वाक़यों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत प्रशासित कश्मीर में 130 से 145 के बीच नागरिक सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए और इसी दौरान चरमपंथियों के हाथों 20 नागरिक मारे गए।

प्रतीकात्‍मक फोटो

रिपोर्ट में लिखा गया है कि 2016 में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और इसकी प्रतिक्रिया में सुरक्षा बलों ने ज्यादा ताक़त का इस्तेमाल किया।

यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सुरक्षाबलों पर कोई मुक़दमा नहीं चलता है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में इन्हें 1990 के नियम के तहत ज्यादा अधिकार मिले हुए है। जायद ने कहा है कि कथित रूप से जम्मू-कश्मीर में सामूहिक क़ब्रों की जांच होनी चाहिए। भारत ने इस रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट फर्जी, गलत मंशा से और प्रेरित है।

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भारत ने सवाल किया कि आख़िर इस रिपोर्ट को जारी करने की मंशा क्या है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान चरमपंथियों को ट्रेनिंग देकर कश्मीर में घुसपैठ कराता है। दूसरी तरफ पाकिस्तान भारत के इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है। यूएन का कहना है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन दोनों तरफ हो रहा है। पाकिस्तान ने कहा है कि वो पहले से ही कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात को उठाता रहा है।

वहीं पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर यूएन की रिपोर्ट पर पाकिस्तान ने कहा है कि इसकी तुलना भारत प्रशासित कश्मीर से नहीं की जा सकती। कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज ने रिपोर्ट का स्वागत किया है। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि यूएन की रिपोर्ट कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों की पुष्टि है।

प्रतीकात्‍मक फोटो

कश्मीर के अलगाववादी नेता मीरवाइज फारूक़ ने यूएन की रिपोर्ट का स्वागत किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, कश्‍मीर के लोग संयुक्त राष्ट्र के शुक्रगुजार हैं। ख़ासकर मानवाधिकार उच्चायुक्त जायद राड अल हुसैन का यह साहसपूर्ण क़दम प्रशंसनीय है। यह आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन है।

भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर कहा है, यह काफी तकलीफदेह है कि यूएन की रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय रूप से चिन्हित और ख़ुद यूएन ने जिन समूहों को प्रतिबंधित किया है उसे श्हथियारबंद समूह कहा है और चरमपंथियों को लीडर्स कहा गया है। ऐसा तब है जब यूएन आतंकवाद के ख़िलाफ सख़्ती की बात करता है।

                                                                                                  (साभार:बीबीसी हिन्‍दी)

वर्चुअल क्लॉस-रूम में पढ़ेेेेगें सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चे

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प्रदेश के 224 सरकारी स्कूलों में बनाये गये वर्चुअल क्लॉस-रूम

छात्रवृत्ति वितरण के लिये मिशन वन क्लिक 

भोपाल। प्रदेश में कक्षा-9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल स्टडी मटेरियल के माध्यम से अध्यापन कराने के लिये विकासखण्ड-स्तर के 224 सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में वर्चुअल क्लॉस-रूम बनाये गये हैं। चयनित विद्यालय में एक कक्ष को लर्निंग एण्ड के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें आवश्यक उपकरण कम्प्यूटर, टी.व्ही., प्रोजेक्टर और कैमरा स्थापित किये गये हैं। वर्चुअल क्लॉस के माध्यम से अध्यापन कार्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ है। प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिये यह कक्षाएँ उपयोगी साबित हुई हैं। इससे सभी विद्यार्थियों के लिये उत्कृष्ट अध्यापन एवं सीखने की प्रक्रिया रुचिकर एवं प्रभावी हुई है। वर्चुअल क्लॉस-रूम का उपयोग राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित स्रोत शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य के लिये किया जा रहा है।

मिशन वन क्लिक से छात्रवृत्ति वितरण-

प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को विभिन्न विभागों की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति को ऑनलाइन कर दिया गया है। आठ विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्ति समग्र शिक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वितरित करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इस प्रक्रिया में सभी सरकारी, गैर-सरकारी स्कूल, शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत करीब एक करोड़ 48 लाख विद्यार्थियों की प्रोफाइल को ऑनलाइन कर छात्रवृत्ति की गणना की गई है। प्रत्येक स्कूली विद्यार्थी का समग्र यूनिक आई.डी. के आधार पर उसके स्कूल के डाइस कोड के साथ मेपिंग कर कक्षावार, स्कूलवार नामांकन ऑनलाइन किये जाने के लिये समग्र शिक्षा पोर्टल तैयार किया गया है। वर्ष 2017-18 में मिशन वन क्लिक में विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है।

केला उत्पादक किसानों की मुआवजा राशि मेें होगी साढ़े सात गुना वृद्धि

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुरहानपुर जिले के शाहपुर में किसानों को संबोधित किया।

केले की क्षतिग्रस्त फसलों को देखने खेतों में पहुँचे मुख्यमंत्री श्री चौहान 

मुख्यमंत्री ने केला उत्पादक किसानों के लिये कीं महत्वपूर्ण घोषणाएँ 

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज बुरहानपुर जिले में आँधी-तूफान से क्षतिग्रस्त केले की फसलों का जायजा लेने सीधे खेतों में पहुँचे। फसलों को हुए नुकसान से किसानों को राहत देने का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केला उत्पादक किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का अधिकतम मुआवजा दिलाया जाएगा। श्री चौहान ने घोषणा की कि राज्य सरकार राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों में शीघ्र ही संशोधन करेगी और किसानों को देय 13 हजार 500 रुपये प्रति हैक्टेयर मुआवजा राशि में लगभग साढ़े सात गुना वृद्धि करते हुए एक लाख रुपये प्रति हैक्टेयर मुआवजा देगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुरहानपुर जिले में केले की क्षतिग्रस्त फसल का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार केला उत्पादक किसानों के साथ है। किसानों को हर संकट से राहत दिलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूँ कि केले की फसल बहुत नाजुक होती है, आँधी-तूफान से एक बार अगर पौधे का तना टेड़ा हो जाये, तो पूरा पौधा खराब हो जाता है। श्री चौहान ने किसानों को राहत देने के लिये महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए कहा कि केला उत्पादक किसानों को फसल बीमा योजना में अधिकतम बीमा राशि दिलवाने के लिये बीमा कम्पनी और भारत सरकार के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। क्षतिग्रस्त फसलों के लिये संबंधित किसानों का बिजली बिल राज्य सरकार भरेगी। फसल ऋण की वसूली को फिलहाल स्थगित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुरहानपुर जिले में केले की क्षतिग्रस्त फसल का जायजा लिया।

खेतों से केले की क्षतिग्रस्त फसल को हटाकर खेत को साफ करने के कार्य के लिये छोटे और सीमांत किसानों को रोजगार गारंटी योजना में मजदूरी का भुगतान करवाया जाएगा। केला उत्पादक किसानों के फसल ऋण का ब्याज राज्य सरकार भरेगी और केले की अगली फसल के लिये किसानों को बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम उमरदा में कृषक काशीनाथ और शहपुर में कृषक अनिल महाजन और भागवत के खेतों में जाकर केले की क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लिया। इस मौके पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, सांसद नन्दकुमार सिंह चौहान, विधायक सुश्री मंजु दादू, महापौर अनिल भोंसले, जिला पंचायत अध्यक्षसंजय जाधव, स्थानीय जन-प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए विशेष बल गठित होगा

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में हुई बैठक में शासकीय सेवा में विभिन्न पदो पर भर्ती की समीक्षा की।

इस वर्ष 40 हजार पदों पर हुई नियुक्ति और 52 हजार पदों पर होंगी नयी नियुक्तियाँ 

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए विशेष बल का गठन किया जाये। इस बल के सदस्यों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न विधाओं के विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। श्री चौहान आज मंत्रालय में शासकीय सेवा में विभिन्न पदों पर भर्ती की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। बताया गया कि इस वर्ष शासकीय सेवा में 40 हजार विभिन्न पदों पर नियुक्ति की गई है तथा लगभग 52 हजार पदों पर नयी नियुक्तियाँ की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में विभागवार की गई नियुक्तियों और रिक्तियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भर्ती कार्य पूरी पारदर्शिता से किया जाए। नियुक्ति की समस्त कार्रवाईयाँ समय-सीमा में पूरी की जाएं। बताया गया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 3268 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह राजस्व विभाग में 1447, स्कूल शिक्षा विभाग में 30,000, स्वास्थ्य विभाग में 4607, गृह विभाग में 8520, महिला-बाल विकास में 3741 पदों और अन्य विभागों सहित कुल 52 हजार पदों पर भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि राजस्व विभाग द्वारा 9,540, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3,020, गृह विभाग द्वारा 16 हजार 443, महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 620, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 5150 और अन्य विभागों सहित कुल 40 हजार नयी नियुक्तियां की गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास जे.एन. कंसोटिया, प्रमुख सचिव राजस्व अरुण पांडे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

फंदे में फंसे तेंदुए का डण्डे और पत्थर मारकर किया था शिकार

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करीब एक वर्ष पूर्व पवई रेंज अंतर्गत हुए तेंदुए के शिकार की घटना का जायजा लेतीं डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा। फाइल फोटो

प्रशिक्षित डाॅग की मदद से पकडे़ गये तीन शातिर शिकारी

पन्ना। रडार न्यूज  जिले के दक्षिण वन मण्डल के वन परिक्षेत्र पवई के अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-637 में शिकारपुरा ग्राम के नजदीक मृत मिले मादा तेंदुआ की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए इस शिकार के आरोप में तीन ग्रामीणों को गिरफतार किया गया है। वन कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा की अनिश्चिकालीन हड़ताल के दौरान शिकारपुरा के जंगल में तलैया के समीप एक मादा तेंदुआ और चांदा फाॅल के नजदीक एक भालू मृत अवस्था में पाया गया था।

48 घंटे के अंदर पकड़े गये आरोपी-

हड़ताल समाप्त होने के बाद दक्षिण वन मण्डलाधिकारी श्रीमती मीना मिश्रा द्वारा वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ हेतु 12 जून रेंजर पवई शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। महज 48 घंटे के अंदर श्री अहिरवार ने इस चर्चित मामले का तत्परता से खुलासा करते हुए शिकार में लिप्त संदेही हीरा लाल उर्फ झक्की पिता चिंदुआ आदिवासी, गोविंदी पिता सियाराम आदिवासी एवं मुन्ना पिता सुकाली आदिवासी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूंछतांछ गई। इस दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि तलैया के पास शिकार के लिए उनके द्वारा फंदा लगाया गया था जिसमें तेंदुए के फंसने पर डण्डे और पत्थर मारकर उसका शिकार किया गया था। श्री अहिरवार ने रडार न्यूज को जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना एसटीएफ सतना की एसटीफ टीम के डाॅग स्कवॉड से सर्चिंग कराने पर डाॅग संदेहियों के घर तक ले गया था। इस आधार पर जब तीनों को हिरासत में लेकर पूंछतांछ की गई तो उन्होंने शिकार की घटना को अंजाम देने का अपराध स्वीकार कर लिया।

भालू के शिकार का भी शीघ्र होगा खुलासा-

वन परिक्षेत्राधिकारी पवई ने कहा कि भालू के शिकार का भी शीघ्र खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफतार किया जायेगा। तेंदुआ के शिकार के मामले में पकड़े गये तीनों आरोपियों को पवई न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। इस मामले में फरार चल रहे एक अन्य आरोपी की गिरफतारी हेतु सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका-

वन परिक्षेत्राधिकारी पवई शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में तेंदुए के शिकारियों की धरपकड़ करने वाली टीम में बीके खरे वनपाल, लल्ला प्रसाद चर्मकार डिप्टी रेंजर, प्रदीप खरे, सरोज सिंह, राहुल पटेल, रोहित गुप्ता, राजेन्द्र पटेल, राजेन्द्र खटीक, अदित्य खरे, रवि सिंह, चेतन अहिरवार, शरद नागर, रामबाबू व्यास, पुष्पेन्द्र सिंह, मनीष वर्मा, प्रज्ञा जैन, ममता सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

हीरा खनन परियोजना में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित

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मरीजों का जीवन बचाने सीआईएसएफ जवानों ने किया रक्तदान

मझगवां (पन्ना)। रडार न्यूज  केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना में अपनी स्थापना का स्वर्ण जयंती मना रही है। इसी उपलक्ष्य पर बुधवार 14 जून 2018 को ‘विश्व रक्त दाता दिवस’ के अवसर पर ‘स्वैच्छिक रक्तदान शिविर’ का आयोजन किया। इस शिविर का उदघाटन मुख्य अतिथि एवं परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने किया। इस अवसर पर उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव, मझगवां यूनिट के नवागत सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा और संयुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. साईं रत्ना सहित परियोजना कर्मचारी एवं केऔसुब बल के जवान उपस्थित। हीरा खनन परियोजना चिकित्सालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बल के जवानों में रक्तदान करने के लिए भारी उत्साह देखा गया। पन्ना जिला चिकित्सालय से आई पैथालाॅजी टीम ने दर्जनभर जवानों का रक्तदान कराया। मुख्य अतिथि एवं परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं को उनके इस नेक कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्तदान को ‘महादान’ इसलिए कहते है कि क्योंकि इससे जरूरतमंद का बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। मानव सेवा को समर्पित स्वैच्छिक रक्तदान को पुनीत कार्य बताते हुए आपने कहा कि जवानों की इस नेक पहल की जितनी भी प्रषंसा की जाये वह कम है। सीआईएसएफ के सहायक कमाण्डेंट धीरज सिंह राणा ने इस शिविर की सफलता की कामना करते हुए सामाजिक कल्याण के कार्यों में बल के जवानों द्वारा सदैव तत्पर रहने हेतु उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अमूल्य दान से जिला चिकित्सालय पन्ना में आने वाले कई जरूरतमंद मरीजों को जीवन दान मिलेगा।

नवागत एसी श्री राणा ने संभाला पदभार-

एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल मझगवां यूनिट के सहायक कमांडेंट के रूप में धीरज सिंह राणा ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पूर्व वे 11 रिजर्व बटेलियन, नोएडा में पदस्थ थे तथा यू.एन. मिशन के तहत हैती में कार्यरत थे।

आरामगंज पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का आत्मीय स्वागत

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अजय सिंह राहुल भैया को पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत करते भानू सिंह एवं उनके पुत्र।
पन्ना। रडार न्‍यूज मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल अपनी न्याय यात्रा लेकर जिले के अमानगंज एवं अजयगढ़ पहुंचे और वहां की सभाओं में शामिल होने के बाद सीधे वह अजयगढ़ से आरामगंज पहुंचे। जहां पहुंचते ही जमकर आतिशबाजी करते हुये जिल के प्रतिष्ठित छंगे राजा परिवार एवं मौजूद सैकड़ों लोगों ने अगवानी करते हुये आरामगंज हाऊस के अंदर ले गये जहां पर उपस्थित परिवार के वरिष्ठ सदस्य भानु सिंह और उनके तीनों पुत्र ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, सतेन्द्र प्रताप सिंह, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, भतीजे केशव प्रताप सिंह, उपेन्द्र प्रताप सिंह, हनुमंत प्रताप सिंह रजऊ, पूर्व सरपंच योगेन्द्र प्रताप सिंह, नाती करूणेन्द्र प्रताप सिंह ने सामुहिक रूप से नेता प्रतिपक्ष का अभिनंदन करते हुये माल्यापार्ण किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसामुदाय को संबोधित करते हुये अजय सिंह राहुल भैया ने कहा कि जब प्रजातंत्र में सरकार के द्वारा आवाज दबाई जाती है तो जनता की अदालत के उपयुक्त स्थान कोई नही होता और इसी लिये हमने न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। उन्होने कहा कि 14 वर्षों से भाजपा का शासन है प्रदेश की महिलाओं को बहिन बताने वाले शिवराज की सरकार ने महिला उत्पीडऩ की घटनायें देश में सर्वाधिक मध्यप्रदेश में हो रही हैं। प्रदेश में दो तरह के कानून चलते है एक कानून भाजपा नेताओं के लिये और दूसरा कानून आमजनता के लिये उन्होने यह भी कहा कि इस प्रदेश की सरकार में ऐसे भी मंत्री है जिनके ऊपर हत्या का आरोप है। श्री सिंह ने भारी संख्या में जन सैलाब को देख कहा कि यह आरम गंज में जो जनता आई है। वो इस बात कर प्रमाण है कि प्रदेश में सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है और वह परेशान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रत्याशी कोई भी हो सकता है, हमे केवल पार्टी का निशान पंजा देखना है।