अब रक्त विकार से पीड़ित रोगियों के जारी होगें ‘‘विकलांगकता‘‘ प्रमाण पत्र

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सांकेतिक फोटो।

विशिष्ट विकलांगकता सूची में किया गया शामिल

भोपाल। रक्त विकार के कारण होने वाली विशिष्ट विकलांगकतायें जैसे हीमोफीलिया, थैलीसीमिया एवं सिकल सैल एनीमिया को आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत विकलांगता सूची में शामिल किया गया है। इस संबंध में संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल द्वारा कुछ समय पूर्व प्रदेश के समस्त क्षेत्रीय संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षकों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत शासन ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श से रक्त विकार के कारण होने वाली बीमारियों हीमोफीलिया, थैलीसीमिया एवं सिकल सैल एनीमिया के आंकलन, मूल्याकंन एवं प्रमाणीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किये है। इनका प्रकाश कुछ समय पूर्व गजट में भी किया गया था। पत्र में उल्लेख है कि जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड इन बीमारियों के रोगियों को दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशिष्ट विकलांगकता आंकलन/मूल्याकंन एवं प्रमाणीकरण करते हुए विकलांगकता प्रमाण पत्र समय-सीमा में जारी करें। उल्लेखनीय है कि विकलांगकता प्रमाण पत्र जारी करने को ‘‘मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारण्टी अधिनियम 2010‘‘ के अंतर्गत शामिल किया गया है। अर्थात इसके लिए लोक सेवा के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर 15 दिन की समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी किया जाना अनिवार्य है। प्रमाण पत्र जारी करने में विलम्ब होने की दशा में वित्तीय दण्ड का प्रावधान है। इसलिए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये।

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