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तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ

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मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के 13 से 15 जुलाई तक के तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप की तैयारी करते शूटर्स।
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी बिशनखेड़ी में आठवीं म.प्र राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य रायफल एसोसिएशन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह चैम्पियनशिप 13 से 15 जुलाई, 2018 तक खेली जाएगी। चैम्पियनशिप में खिलाड़ी ट्रेप, डबल ट्रेप एवं स्कीट इवेन्ट में प्रतिभा का प्रदर्शन करेगें। अकादमी के 26 खिलाड़ी भी इस चैम्पियनशिप में भागीदारी करेंगे। म.प्र. राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप में शामिल होने वाले खिलाड़ी प्री-नेशनल के लिए क्वॉलीफाय करेगें।

वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक-

हैदराबाद स्थित हुसैन सागर में 9 से 11 जुलाई, 2018 तक खेली गई तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य सहित पांच पदक अर्जित किए। चैम्पियनशिप की लैजर रेडियल ओपन स्पर्धा में अकादमी के सेलिंग खिलाड़ी सतीश यादव ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि लैजर 4.7 स्पर्धा के बालक वर्ग में अकादमी के खिलाड़ी राम मिलन यादव ने रजत और सतीश यादव ने कांस्य पदक अर्जित किया। इसी इवेन्ट के बालिका वर्ग में अकादमी की खिलाड़ी रितिका दांगी ने रजत पदक प्राप्त किया। चैम्पियनशिप के आप्टीमिस्ट इवेन्ट में अकादमी की खिलाड़ी उमा चौहान ने रजत पदक जीता।

तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने बधाई दी है। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने भी चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शन की सराहना की है। अकादमी के 17 खिलाड़ियों ने सूबेदार पी.मधु के साथ चैम्पियनशिप में भागीदारी की। उक्त खिलाड़ी वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अर्जुन अवार्डी जी.एल. यादव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणरत हैं।

महिलाओं की सोच और स्थिति में परिवर्तन आया है-राज्यपाल श्रीमती पटेल

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 राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भोपाल में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न 

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिला शक्ति का भण्डार है। इस शक्ति का देश के हित में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ पहले परिवार के बारे में सोचती हैं और सबके बाद अपना सोचती हैं। अब समय आ गया है कि महिलाएँ परिवार का भला सोचने के साथ-साथ अपने विकास और समृद्धि का भी ध्यान रखें। महिलाएँ अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए परिश्रम करें, प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराये जा रहे बैंक ऋण का भरपूर लाभ उठायें।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने नाबार्ड के स्थापना दिवस समारोह में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन किया।

राज्यपाल ने कहा कि माँ-बाप की जागरूकता का ही परिणाम है कि आज बेटियाँ शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर र उच्च पद पर रहकर देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से बच्चों का बाल विवाह नहीं कराने के लिये संकल्पित होने का आग्रह किया। 

सांसद आलोक संजर ने कहा कि गांधी जी ने गाँवों की तरक्की का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आज समाज में महिलाएँ पुरूषों के साथ कँधे से कँधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान, ममता और लज्जा की मूर्ति होती है। नारी सम्मान के लिए सरकार को सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करना चाहिए। इस अवसर पर नाबार्ड के क्षेत्रीय मुख्य महा-प्रबंधक एस.के. बंसल ने नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन भी किया।

समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीणा, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक पी.के. जेना, भारतीय स्टेट बैंक के उप-महाप्रबंधक  एस.के. शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह योजना के लाभार्थी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

किसानों का दर्द समझता हूँ, उन्हें पसीने की पूरी कीमत दूँगा – मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर में फसल बीमा दावा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने 1.11 लाख किसानों के बैंक खाते में दी 882.74 करोड़ फसल बीमा राशि 

शाजापुर जिले को मिली 117 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की सौगात 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में फसल बीमा राशि वितरण समारोह में कहा कि मैं किसानों का दर्द समझता हूँ। किसान अलग-अलग मौसम की मार झेलते हुए खेतों में मेहनत कर पसीना बहाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत दूँगा। किसानों की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। श्री चौहान ने समारोह में राजगढ़ और शाजापुर जिले के एक लाख 11 हजार किसानों के बैंक खातों में खरीफ वर्ष 2017 की 882 करोड़ 74 लाख रुपये फसल बीमा राशि ई-पेमेंट से ट्रांसफर की। उन्होंने किसानों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। श्री चौहान ने शाजापुर जिले के 117 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 22 निर्माण कार्यों का ई-शिलान्यास और ई-लोकार्पण भी किया।

किसानों का बकाया बिजली बिल हुआ शून्य-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर में हुए किसान महासम्मेलन में कन्या-पूजन किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के विशाल जन-समूह को बताया कि बिजली बिल माफी योजना में किसानों का पुराना सभी बकाया बिजली बिल अब शून्य कर दिया गया है। अब किसानों को हर महीने 200 रुपये तक वास्तविक बिजली का बिल भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 वर्ष के विकास की कार्य-योजना बनाने के लिये किसानों सहित समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना, सरल बिल योजना, बिजली बिल माफी योजना, भावांतर भुगतान योजना और कृषक समृद्धि योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हों, राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।

मालवांचल की फसलों का पूरा पेटर्न बदल जायेगा-

श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने का असंभव कार्य राज्य सरकार ने संभव कर दिखाया है। देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिये नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-गंभीर पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। योजना से विभिन्न चरणों में मालवांचल के 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होने से अगले 5 साल में मालवांचल में फसलों का पूरा पेटर्न ही बदल जायेगा। इस मौके पर प्रभारी मंत्री दीपक जोशी, सांसद मनोहर ऊँटवाल और रोड़मल नागर, विधायक इंदर सिंह परमार,  जसवंत सिंह हाड़ा और अरुण भीमावद, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द्र सिसोदिया, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डे, अन्य जन-प्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीणा और बड़ी संख्या में किसान बन्धु मौजूद थे।

जघन्य हत्याकांड : युवक का अधजला शव फांसी के फंदे पर लटका मिला

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घटनास्थल पर मौजूद मृतक के परिजन व आसपास के लोग।

पिछले चार दिनों से लापता था मृतक अरविंद यादव

परिजनों का आरोप पुलिस की घोर लापरवाही बनी बेटे की मौत का कारण

अजयगढ़ में मिनचिन सागर तालाब के समीप जंगल में मिला शव

पन्ना/अजयगढ़। रडार न्यूज़  जिले में जमीनी विवाद के चलते पिछले एक पखवाड़े में घटित दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी है। सभी की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की गई थी। इसी कड़ी में आज एक सनसनीखेज मामला अजयगढ़ में सामने आया है। यहां के माधौगंज में रहने वाले एक नवयुवक अरविंद यादव का अधजला हुआ शव मंगलवार को फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। मृतक बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार से लापता था। अजयगढ़ में मिनचिन सागर तालाब के समीप जंगल में एक पेड़ पर बंधी रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लापता अरविंद यादव पुत्र देवीदीन यादव 18 वर्ष की लाश अधजली हालत में लटकी होने की खबर आते ही सुबह-सुबह कस्बा में सनसनी फ़ैल गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि अरविंद की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर उसके शव को जलाकर फांसी के फंदे पर लटकाया गया है।

इस वीभत्स दृश्य को जिसने भी देखा उसका कलेजा कांप उठा। मृतक के शव में कीड़े पड़ चुके थे और भीषण दुर्गंध युक्त तरल पदार्थ का रिसाव होने लगा था। फांसी के फंदे पर लटके नवयुवक के दोनों पैर भी बंधे थे। मृतक के भाई लड़कू यादव का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते सगे चाचा ने अरविंद का अपहरण कर उसकी बड़ी ही बेरहमी से हत्या की है। परिजनों का कहना है कि अजयगढ़ थाना पुलिस ने यदि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्परता कार्रवाई की होती तो शायद आज अरविंद जीवित होता। यही वजह है कि पीड़ित परिजनों और क्षेत्र के लोगों में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है। दरअसल अजयगढ़ में पुलिस रेत की वसूली में इस कदर डूबी है कि अपने मूल कार्य पर उसका ध्यान ही नहीं है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

हम गिड़गिड़ाते रहे लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी-

पिछले दिनों पन्ना जिले के पवई और धरमपुर थाना अंतर्गत जमीनी विवाद के चलते हुए खूनी संघर्ष में चार लोगों की नृशंस हत्या की दहला देने वाली घटनाओं से अजयगढ़ पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। स्थानीय पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का पता इसी बात से चलता है कि अरविंद के परिजनों द्वारा उसके अपहरण की तत्काल सूचना देने के बाद भी अजयगढ़ के समीप इतनी बड़ी घटना हो गई और पुलिस को चौथे दिन इसका पता चला। मृतक के भाई लड़कू यादव का आरोप है हत्या के इस जघन्य मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कथित तौर पर हद दर्जे की घोर लापरवाही बरती गई। शनिवार की शाम खेत से अरविंद का अपहरण होने की घटना की तत्परता से सूचना देने और संदेही का नाम तथा वजह बताने के बाद भी पुलिस ने इस मामले को तनिक भी गंभीरता से नहीं लिया। अपहृत युवक का सुराग लगाकर उसे समय रहते मुक्त कराने अथवा संदेही को हिरासत में ना लेकर पुलिस ने दूसरे दिन गुमशुदगी का मामला दर्ज करते हुए अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली। पीड़ित परिजनों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वे थाना में वे पुलिस अफसरों से अपने भाई को बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने भी हमारी नहीं सुनी। फिलहाल अरविंद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

 विवाद का हल करने बुलाई थी पंचायत-

यादव परिवार में चल रहे जमीनी विवाद के समाधान के लिए कुछ दिन पूर्व एक सामाजिक पंचायत आयोजित हुई थी। लेकिन इसमें सर्वमान्य हल नहीं निकल सका। फलस्वरूप जमीनी विवाद के चलते अरविंद को कथित तौर पर उसके चाचा ने जान से मारने की धमकी दी थी। गौरतलब है कि लापता नवयुवक अरविंद की जघन्य हत्या मामला प्रकाश में आने और लाश मिलने के पूर्व ही उसका संदेही चाचा अपने परिवार सहित भूमिगत हो गया है। इससे हत्याकांड में उसकी संलिप्तता को लेकर संदेह और गहरा गया है।

इनका कहना है-

पुलिस पर लगाए जा रहे लापरवाही के आरोप पूर्णतः निराधार हैं, अरविंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि उसकी मौत कैसे हुई है। मैं वर्तमान में छुट्टी पर हूं इसलिए अधिक जानकारी नहीं दे सकता हूँ।

                                                -बीरेंद्र बहादुर सिंह, निरीक्षक थाना अजयगढ़ जिला पन्ना

कांग्रेस की आमसभा का स्थानीय पार्टी नेताओं ने किया बहिष्कार

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गुनौर में कांग्रेस की आमसभा को सम्बोधित करते पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी।

आरक्षित गुनौर सीट पर भी गर्माने लगा क्षेत्रीय और बाहरी का मुद्दा

चुनाव से पहले बाहरी नेताओं की घुसपैठ को रोकने लामबंद हुए टिकिट के दावेदार

पन्ना/गुनौर। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश में पिछले पंद्रह साल से विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को इस बार सत्ता में वापिसी के उम्मीद है। लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के खेमे में बढ़ती कलह के कारण जिस तरह घमासान की स्थिति निर्मित हो रही है उसे यदि तत्परता से नहीं रोका गया तो कांग्रेस की उम्मीदों को तगड़ा झटका लग सकता है। बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की बात करें तो यहां पवई सीट पर विधायक मुकेश नायक के खिलाफ पहले से ही नेताओं का एक बड़ा धड़ा इस बार स्थानीय कार्यकर्ता को उमीदवार बनाने की खुलकर पुरजोर मांग कर रहा है। ऐसा न होने पर स्थानीय दिग्गज कांग्रेस नेता चुनाव में अपनी ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का विरोध करते नजर आयें तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। उधर पन्ना जिले की ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर सीट पर कांग्रेस में बाहरी नेताओं तथा दूसरे दलों से आये लोगों की दखलंदाजी से स्थानीय पार्टी नेता बेहद नाराज हैं। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार 9 जुलाई को विधानसभा मुख्यालय गुनौर में अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के तत्वाधान में आयोजित आमसभा का उन स्थानीय दिग्गज कांग्रेस नेताओं ने सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया जोकि वहां कई वर्षों से कांग्रेस का चेहरा बने हैं।

संविधान बचाओ आमसभा में मंचासीन कांग्रेस नेतागण।

हाल ही में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पन्ना के एक युवा नेता के संयोजन में हुई इस आमसभा को लेकर गुनौर के कांग्रेसियों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्हें विश्वास में लिए बगैर प्रदेश व जिले के कतिपय नेता खास मकसद से अपने करीबियों के माध्यम से मनमाने तरीके से कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। इनका कहना कि पिछले 15 सालों में जिन्होंने कांग्रेस के लिए कभी संघर्ष नहीं किया उल्टा हमेशा पार्टी को नुकसान ही पहुँचाया, ऐसे लोग जोकि चुनाव से ठीक पहले पाला बदलकर केवल स्वार्थपूर्ती के लिए आये हैं और क्षेत्रीय भी नहीं हैं उन्हें संगठनात्मक मामलों से दूर रखा जाये। साथ ही पार्टी में किसी भी स्तर पर टिकिट की उनकी दावेदारी पर कोई विचार ना किया जाये। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी के राष्ट्रीय अध्य्क्ष को अपनी इन भावनाओं से अवगत कराने के लिए गुनौर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने पिछले दिनों एक बैठक कर इस आशय का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में गुनौर के कांग्रेसियों ने अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामचरण अहिरवार को भी कथिततौर पर हटाये जाने पर कड़ा विरोध किया है। वहीं श्री अहिरवार के समर्थन में जिले के कई कांग्रेस नेता खुलकर आ गये हैं। गुनौर का आज का यह अप्रत्यशित घटना क्रम समूचे विधानसभा क्षेत्र सहित राजनैतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुनौर की आमसभा में उपस्थित ग्रामीण।

उल्लेखनीय है कि 9 जुलाई को गुनौर में कांग्रेस की संविधान बचाओ सभा में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी कांग्रेस पन्ना सुधांशु त्रिवेदी, बृजलाल खाबरी एवं पूर्व आईएएस शशि कर्णावत बतौर अतिथि शामिल रहीं। कार्यक्रम को लेकर यह चर्चा है कि पूर्व में इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को भी आना था। स्थानीय कांग्रेसजनों से जब उन्हें गुनौर की वस्तुस्थिति का पता चला तो श्री बाबरिया का दौरा निरस्त हो गया। सर्वविदित है कि अनुसूचित लिए आरक्षित गुनौर विधानसभा सीट पर अब तक भाजप-कांग्रेस दोनों ही दलों के पन्ना एवं पवई के सवर्ण नेता प्रत्याशी चयन में दखल देते हुए अपने इशारों पर चलने वाले कठपुतली प्रत्याशी घोषित कराकर उन्हें विधायक बनवाते रहे हैं।

गुनौर की आमसभा में मंचासीन अतिथिगण।

लेकिन गुनौर में कांग्रेस के खेमे का माहौल इस बार पूरी तरह बदला हुआ है। अतीत के कटु अनुभवों और पूर्व विधायकों स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए टिकिट के दावेदार बाहरी नेताओं की दखलंदाजी को रोकने के लिए आपस में लामबंद हो गए हैं। इनकी एकजुटता और उस पर कायम रहने की प्रतिबद्धता आज संविधान बचाओ आमसभा में अनुपस्थिति के रूप में देखने को मिली। इस आमसभा का बहिष्कार करके गुनौर के कांग्रेसजनों व टिकिट के प्रमुख दावेदारों ने प्रदेश से आये नेताओं को साफ़तौर पर यह संदेश दिया है कि उन्हें किनारे करके कोई भी वहां अपना व्यक्तिगत एजेंडा नहीं चला सकता है। चुनाव के समय अगर इस तरह मनमाने तरीके से व्यक्तिगत कार्यक्रम आयोजित किये गए तो इसका विरोध किया जायगा जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

यूनियन बैंक के एटीएम को उखाड़ने चोरों ने किया प्रयास

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पन्ना। रडार न्यूज शहर के रानीगंज मोहल्ला में गोविंद जी मंदिर के समीप स्थित यूनियन बैंक के एटीएम को बीती रात अज्ञात शातिर चोरों द्वारा निशाना बनाया गया। उक्त एटीएम से जब रूपये नहीं निकले तो चोरों द्वारा उसे उखाड़कर अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई, हालांकि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। आज सुबह जब कुछ लोग रूपये निकालने के लिए एटीएम पहुंचे तो उसकी अस्त-व्यस्त हालत देखकर दंग रह गये। स्थानीय लोगों और पड़ोसी दुकानदारों द्वारा कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक श्री यादव ने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन का जायजा लिया इस दौरान यूनियन बैंक शाखा पन्ना के प्रबंधक मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि करीब 3 वर्ष पूर्व पन्ना जिले के ककरहटी कस्बा में स्टेट बैंक के एटीएम को क्षेत्रीय शातिर चोर उखाड़कर ले गये थे। एटीएम मशीन से रूपये निकालने वाले ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी एवं लूटपाट की घटनाओं के बाद भी कई बैंकों के एटीएम में सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुरक्षा गार्ड की तैनाती आदि के पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये। जिससे इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। यूनियन बैंक के एटीएम को उखाड़कर ले जाने वाले अज्ञात चोरों का सुराग लगाने वाले कोतवाली थाना पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे है। साथ ही मुखबिरों के माध्यम से भी सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।

बेटों को हुई सजा का बदला लेने पिता ने की फायरिंग

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गोली लगने से दो व्यक्ति घायल

शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव की घटना

पन्ना/शाहनगर। रडार न्यूज़ पुरानी रंजिश के चलते शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव में शनिवार की रात करीब 9 बजे बिहारी पिता मूरत सिंह ठाकुर ने किराना व्यापारी लाड़ले यादव को जान से मारने की नियत से अपनी भरतल बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से किराना व्यापारी लहुलुहान हालत में मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा। वहीं गोलीवारी की इस घटना के समय किराना दुकान में गुड़ खरीदने आया ग्रामसेवक यादव पिता रामविशाल यादव 40 वर्ष की हथेली में गोली लगने से उसकी दो उंगलिया उड़ गई। फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद से बिहारी सिंह ठाकुर 60 वर्ष फरार है। उधर गोलीबारी में घायल लाड़ले यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया है। पड़ोसी जिला कटनी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती लाड़ले यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को इस घटना की सूचना मिलने पर ग्राम जुगरवारा पहुंचे शाहनगर थाना में पदस्थ उप निरीक्षक निरंकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में लाड़ले यादव के पिता रामभगत यादव की बिहारी सिंह ठाकुर के पुत्रों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में बिहारी सिंह के पुत्र वीर सिंह ठाकुर, बलवीर सिंह ठाकुर, नाति सुमेर उर्फ भूरा सिंह, जगत सिंह, बृजेन्द्र सिंह सहित पांच व्यक्ति अजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है। इसी बुराई के चलते बिहारी सिंह ठाकुर ने रामभगत यादव की तरह उसके पुत्र लाड़ले यादव की हत्या कर अपने बेटों की सजा का बदला लेने की मंशा से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है।

गांव में दहशत का माहौल-

उल्लेखनीय है कि मौके पर पहुंचे एसआई निरंकार सिंह द्वारा रात्रि में घायल लाड़ले यादव व ग्रामसेवक यादव को 108 एम्बूलेंस वाहन से उपचार हेतु शाहनगर पहुंचाया गया। इस घटना पर थाना पुलिस ने आरोपी बिहारी सिंह ठाकुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 186/18 धारा 294, 307 आईपीसी के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। शाहनगर थाना प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर ने स्थानीय संवादाता संजय त्रिपाठी से अनौपचारिक चर्चा में गोलीकाण्ड के आरोपी को शीघ्र गिरफतार करने की बात कही है। उधर इस खूनी रंजिश के चलते ग्राम जुगरवारा में तनाव और दहशत का माहौल है।

प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक सामूहिक सेवानिवृत्ति और इच्छा मृत्यु की करेंगे मांग

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पदोन्नति और पदनाम की मांग पूरी न होने से हैं नाराज

सीएम और शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी जारी नहीं हुए आदेश

एक पैसे का अतिरिक्त खर्च नहीं फिर भी लगा रहे अड़ंगा

पन्ना। रडार न्यूज आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश सरकार को लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों के विरोध और व्यापक असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। घोषणाओं के बाद भी कर्मचारी हितैषी मांगों पर अमल न होने से कर्मचारी सरकार के खिलाफ खुलकर अपना आक्रोश जता रहे है। इसी क्रम में रविवार 8 अप्रैल को मध्यप्रदेश के नियमित सहायक शिक्षक एवं शिक्षकों की वर्षों से लंबित पदोन्नति/पदनाम की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय मुख्यालयों में प्रेसवार्ता आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश के मुखिया और शिक्षा मंत्रीद्वय की घोषणाओं पर अमल न होने से नाराज सहायक शिक्षक और शिक्षकों ने आगामी 15 जुलाई से चरणबद्ध अंदोलन करने का ऐलान किया है। पदोन्नति/पदनाम की मांग का निराकरण न होने से 35 से 40 वर्षों की सेवा के बाद भी पदोन्नति से वंचित शिक्षकों में प्रदेश सरकार के प्रति जहां गहरी नाराजगी देखी जा रही वहीं वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। सहायक शिक्षकों-शिक्षकों की पीड़ा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शीघ्र ही वे मुख्यमंत्री को सामूहिक रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने व इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान करने के लिए आवेदन सौंपेगें।

मध्यप्रदेश में हावी अफरशाही लगा रही अड़ंगे –

आज पन्ना में आयोजित प्रेसवार्ता में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस जिला ईकाई पन्ना के अध्यक्ष कमलेश त्रिपाठी ने बताया कि मध्यप्रदेश के नियमित सहायक शिक्षक-शिक्षक पिछले कई वर्षों से वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अपनी एक सूत्रीय मांग पदोन्नति/पदनाम के लिए संघर्ष कर रहे है। वर्ष 2011 से सभी शिक्षक संगठनों द्वारा इस मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि 10 अप्रैल 2017 से निरंतर विभिन्न मंचों से मुख्यमंत्री, प्रदेश के शिक्षा मंत्री और शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा इस मांग को न्यायोचित ठहराते हुए इसे पूर्ण करने की घोषणा कर चुके है। श्री त्रिपाठी का कहना है कि मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में अफसरशाही इस कदर हावी है कि शीर्ष अधिकारी तमाम अड़गें लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को पूर्ण होने नहीं दे रहे है। भोपाल स्थित राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में बैठे अफसरों द्वारा बेवजह पैदा की जा रही अड़चनों से शिक्षक अपना हक पाने से वंचित है। इसकी पीड़ा और कुण्ठा के चलते परेशान शिक्षक हर पल खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। इसे बिडम्बना ही कहा जायेगा कि इस घोषणा को अमल में लाने पर प्रदेश सरकार पर एक रूपये पर बोझ नहीं पड़ना है बावजूद इसके शिक्षक हितैषी मांग झूठी घोषणाओं और वादों तक सिमट कर रह गई है। कर्मचारी नेता कमलेश त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि अब हम और बर्दास्त नहीं करेंगे। प्रति माह प्रदेशभर में 400-500 शिक्षक अपमान का घूट पीकर रिटायर्ड होने को मजबूर है। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहे है। तीन से चार दशक तक एक ही पद पर सेवा करते हुए रिटायर्ड होना हर किसी को बेचैन कर रहा है। आपने कहा कि पदोन्नति/पदनाम की मांग हमारे स्वाभिमान और हक जुड़ी है जिसे हरहाल में पूर्ण कराने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए जुलाई महीने से चरणबद्ध आंदोलन करने का ऐलान किया है।

अब और नहीं पियेंगे अपमान का घूंट –

इस अवसर पर कोर कमेटी के सदस्य राजकिशोर शर्मा ने बड़े दुख के साथ कहा कि शिक्षकों का ऐसा अपमान आज तक कहीं नहीं हुआ जैसा कि मध्यप्रदेश में हो रहा है। इसके विरोध में समस्त शिक्षक संगठन अपने अधिकारों की आवाज को बुलंद करने के लिए अब एक मंच पर आ गये है। आगामी आंदोलन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए एक कोर कमेटी का गठन पिछले दिनों भोपाल में 5 जून 2018 को किया गया है। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पदोन्नति/पदनाम की एक सूत्रीय मांग को लेकर 2 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन का आगाज करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव वित्त एवं आयुक्त लोक शिक्षण को ज्ञापन सौंपकर 14 जुलाई 2018 तक उक्त मांग को पूर्ण करने के लिए अल्टीमेटम दिया जायेगा। यदि फिर भी पदोन्नति/पदनाम के आदेश जारी नहीं किये गये तो 15 जुलाई को भोपाल में प्रदेश स्तरीय प्रेसवार्ता की जायेगी। इसके पश्चात् 22 जुलाई को सम्पूर्ण प्रदेश के शिक्षक साथी भोपाल में स्वाभिमान सत्याग्रह प्रारंभ करेंगे जोकि आदेश जारी होने तक निरंतर चलता रहेगा। इसी क्रम में 29 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकालकर सामूहिक रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इच्छामृत्यु के आवेदन पत्र सौंपे जायेगें।

व्याख्याताओं से प्राथमिक शालाओं में करा रहे पढ़ाई-

शिक्षक राजकिशोर शर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सहायक शिक्षकों-शिक्षकों को पदनाम देने से शासन के ऊपर किसी भी तरह का वित्तीय भार नहीं आयेगा। इस संबंध में तत्परता से निर्णय लेना शिक्षकों के साथ-साथ शासन के लिए भी लाभदायक साबित होगा। इसे शासकीय माध्यमिक शालाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों को विषयवार शिक्षक प्राप्त हो सकेगें। सर्वविदित है कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बड़ी तादाद में विषयवार शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण बच्चों के भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। इसे विड़म्बना ही कहा जायेगा कि सभी सहायक शिक्षक क्रमोन्नति प्राप्त है और यूडीटी, व्याख्याता और प्राचार्य का वेतन प्राप्त कर रहे है लेकिन उनसे अध्यापन कार्य प्राथमिक शालाओं में कराया जा रहा है। इससे शिक्षकों की योग्यता और क्षमता का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्रमोन्नति प्राप्त सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक का पदनाम हाल ही में दिया गया है। जबकि शिक्षक पिछले 10 वर्षों से पुरजोर तरीके से यह मांग कर रहे है। मौजूदा व्यवस्था के असंवेदनशीलता और उदासीनता के कारण उक्त मांग के पूरे न होने से शिक्षकों को हर पल अपमान झेलना पड़ रहा है। श्री शर्मा का कहना है कि लगातार कई बार पदनाम परिवर्तन की मांग करने और घोषणा के बावजूद उसे पर अमल न होने से अपने स्वाभिमान, आत्म सम्मान और हितों की रक्षा के लिए हमें मजबूर होकर आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।

ये रहे उपस्थित- शिक्षक संगठनों की प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से कमलेश त्रिपाठी प्रांतीय महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष शिक्षक कांग्रेस मप्र, कोर कमेटी के सदस्य राजकिशोर शर्मा, सह मुख्य अध्यक्ष अलोक खरे, रामेश्वर प्रसाद खरे, शिव कुमार मिश्रा, रवि डनायक, प्रदीप द्विवेदी, शरद श्रीवास्तव, एलबी शर्मा, प्रमोद अवस्थी, हेमंत सिंह, रंजोर सिंह, गंगा शर्मा, विनोद मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सुनील खरे, यार मोहम्मद, राजेन्द्र श्रीवास्तव, उपेन्द्र खरे, महेन्द्र तिवारी, नाथूराम सोनी, श्याम सोनी, उदयनारायण श्रीवास्तव, धूरिया प्रसाद आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

स्वर्ण एवं रजत ईंटों से रखी जाएगी गरीबों के सपनों के घर की नींव

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पीएम शहरी आवास योजना अन्तर्गत बनेंगे 180 नवीन आवास

मुख्यमंत्री ने किया आवासों के निर्माण का ई-भूमिपूजन

 नजरबाग स्टेडियम विकास कार्य का किया गया ई-शिलान्यास

पन्ना। मध्यप्रदेश शहरी विकास महोत्सव के अन्तर्गत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सागर के बामोरा से मध्यप्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के साथ-साथ नगरपालिका परिषद पन्ना के भी विकास कार्यो का ई-शिलान्यास एवं ई-भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में नगरपालिका पन्ना अन्तर्गत मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना के योजना के तहत 3.07 करोड़ की राशि से नगर के नजरबाग खेल मैदान के विकास कार्य का ई-शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (बीएलसी) के अन्तर्गत 180 नवीन आवासों के निर्माण का ई-शुभारंभ एवं भूमिपूजन किया गया। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आवास योजना के हितग्राहियों को उनके सपनों के आवास के निर्माण हेतु प्रतीक स्वरूप स्वर्ण एवं रजत ईंट, दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के हितग्राहियों को चैक तथा सरल बिजली बिल-मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना 2018 के 11 हितग्राहियों के लगभग 55 हजार रूपये के बिल माफ करते हुए योजना के प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए।

साकार होगा घर का सपना-

कार्यक्रम का स्थानीय स्तर पर शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, विधायक पन्ना प्रतिनिधि आशुतोष सिंह महदेले, जिला योजना समिति के सदस्य सतानन्द गौतम, नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा माॅ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। जिसके बाद आवास योजना के हितग्रहियों को प्रतीकस्वरूप प्रदाय किए जाने वाले स्वर्ण एवं रजत ईंटों का पूजन किया गया। यह ईंट हितग्राहियों के आवास निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने हितग्राहियों को स्वर्ण एवं रजत ईंट प्रदाय करने की पहल के लिए नगरपालिका परिषद की सराहना करते हुए कहा कि यह ईटें शहर के 180 परिवारों के सपनों के घरों की आधारशिला बनेगी। शासन के सतत प्रयासों से ही प्रत्येक जरूरतमंद को उनके सपनों का आवास मिल पा रहा है। शासन की मंशा अनुरूप 2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद के पास अपना खुद का पक्का आवास होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा नजरबाग स्टेडियम के विकास की जो सौगात दी गयी है उससे निश्चित ही यह खेल मैदान बुन्देलखण्ड के सबसे सुन्दर एवं सुविधायुक्त खेल मैदानों में से एक होगा। उन्होंने सभी हितग्राहियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में विधायक पन्ना प्रतिनिधि आशुतोष महदेले ने कहा कि पन्ना शहर निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। सतानन्द गौतम ने भी शहरवासियों को नवीन आवासों तथा नजरबाग स्टेडियम के विकास कार्यो के लिए बधाई दी। इस दौरान कार्यक्रम में समाजसेवी श्रीमती आशा गुप्ता, मुख्य नगरपालिका अधिकारी अरूण पटैरिया, जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण, पत्रकारबन्धु तथा नगरवासी मौजूद रहे।

बड़ा खुलासा : पवई विधानसभा क्षेत्र में 22 हजार फर्जी मतदाता !

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कलेक्टर मनोज खत्री को ज्ञापन सौंपते विधायक मुकेश नायक व कांग्रेस नेतागण।

एमएलए ने पन्ना कलेक्टर को सौंपी फर्जी मतदाताओं की सूची

एक ही वोटर का नाम कई जगह पर है दर्ज, चुनाव में कैसे रूकेगी बोगस वोटिंग

पन्ना। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश में फर्जी वोटरों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। यहां के पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-58 की वोटर लिस्टों में अब तक की सबसे बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। सिर्फ पवई सीट पर ही 22 हजार फर्जी मतदाता पाए गए हैं। अधिकांश मतदाता ऐसे हैं कि जिनके नाम पवई क्षेत्र अंतर्गत कई स्थानों पर दर्ज हैं। करीब तीन माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने से निष्पक्ष चुनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। फर्जी वोटरों का यह हैरान करने वाला खुलासा पवई के विधायक एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता मुकेश नायक ने किया है। उन्होंने शनिवार को पन्ना में पार्टी नेताओं के साथ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसके साथ फर्जी मतदाताओं की सूची भी संलग्न है। एकमात्र विधानसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी तादाद बोगस वोटर मिलने से जाहिर मतदाता सूचियों को यदि शीघ्र ही त्रुटि रहित नहीं बनाया गया तो चुनाव आयोग की मंशानुरूप स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे संभव हो पाएंगे। सवाल यह भी जब पवई अकेले में 22 हजार फर्जी मतदाता हैं तो पन्ना जिले के शेष दो विधानसभा क्षेत्रों गुनौर और पन्ना की स्तिथि क्या होगी, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। जानकारों का मानना है कि बोगस वोटरों की इतनी बड़ी फ़ौज चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है।

हटाए जाएं फर्जी नाम-

पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में फर्जी मतदाताओं का नाम दर्ज होने का मामला क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने उठाया है। उन्होने बकायदा ऐसे मतदाताओं वाली सूची भी कलेक्टर को सौपी। उन्होंने शनिवार 7 जुलाई को कांग्रेसी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ जिले के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री को एक ज्ञापन सौंप कर इसकी जांच करवाते हुए बोगस वोटरों के नाम काटने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश की पवई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कुल मिलाकर 22 हजार ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में सम्मिलित है जो दो-दो और तीन-तीन ग्रामों के पोलिंग बूथों की सूची में दर्ज है। एक ही मतदाता दो-दो जगह अपना नाम दर्ज कराये हुये है। कुछ तो ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज है जो न तो उस पोलिंग बूथ में निवास करते है और न ही पवई विधानसभा के मतदाता है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया है कि लोकतंत्र में मतदान एक निष्पक्ष प्रक्रिया है दो-दो पोलिंग बूथों में नाम दर्ज होने से एक ही मतदाता दो स्थानों पर मतदान करेगा जो कि निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण रूप से अवैधानिक है। ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जाना अति आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से तत्काल कार्यवाही कर मतदाता सूची में सम्मिलित फर्जी नाम एवं दो-दो पोलिंग बूथों में शामिल नाम को निरस्त कर एक ग्राम की पोलिंग बूथ में रखे जाने का आग्रह किया गया है। विधायक के खुलासे के बाद मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की कार्यवाही पर सवालों के घेरे में आगई है।

ये रहे शामिल-

फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने विधायक श्री नायक के साथ ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस नेता शिवजीत सिंह, शिवदयाल बागरी, अनुराधा शेन्डगे, अजयवीर सिंह, डी.के.दुबे, पुरूषोत्तम जड़िया , मनीष मिश्रा, अनीस खान, दीपक तिवारी, शशिकांत दीक्षित, जगतपाल सिंह, अक्षय तिवारी, आशीष बागरी, मनोज गुप्ता, नरेन्द्र खरे, हेतराम शर्मा, डॉ.संतोष जैन, दिनेश गंगेले, लोकेन्द्र यादव, अब्दुल हमीद, जीतू तिवारी, वैभव थापक, विनयकांत पाण्डेय, दीपू दीक्षित, हीरालाल विश्वकर्मा, भोले कुशवाहा, चंदन रावत, रसीद सौदागर, हक्कुन दहायत, अजय श्रीवास्तव, काजी रूकबुद्दीन, सूर्यप्रताप अरजरिया, सरदार मान सिंह, चंद्रभान नगायच, राजाराम सिंगरौल, महेश बढ़ौलिया, डमरू लाल सेन, शहीद चच्चा, सत्येन्द्र जैन, दिनेश जैन, दीपक द्विवेदी, बृजपाल बागरी, पिंकू सिद्दीकी, धीरेन्द्र लटौरिया, माखनलाल पटेल, रम्मू चौधरी, जीवन सिंगरौल, केदार कुररिया, अंका रिछारिया, अज्जू बागरी, कल्लू वर्मन, रवि कुशवाहा, देवा कुशवाहा, अंगद प्रजापति, कदिर खान, अजय अहिरवार, अनुराग मिश्रा मुख्य रूप से शामिल रहे।

इनका कहना है-

      “वर्तमान में घर-घर मतददताओं के सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है, विधायक पवई द्वारा दिए गए ज्ञापन की                जाँच कराकर मतदाता सूचियों को पूर्णतः त्रुटि रहित बनाया जायेगा।”

                                                           -मनोज खत्री, कलेक्टर जिला पन्ना