मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को झण्डी दिखाकर रवाना किया।
स्टार्ट अप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना
आष्टा-सीहोर के लिये सड़क मार्ग से रवाना हुई यात्रा
भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से आव्हान किया कि स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें। इसमें पूँजी आदि का सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाना है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को फ्लेग ऑफ कर रहे थे। उन्होंने हरी झण्डी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नये विचारों के साथ कुछ नया करने की जिद्, जुनून और जज्बा रखने वालों के लिये स्टार्ट अप इंडिया है। अभियान में नये विचारों की नई राह पर चलने के लिये युवाओं को प्रेरित, प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि पिटी-पिटाई लीक पर चलकर नया नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश को विकास के नये आयाम तक पहुँचाने के लिये नयी राह पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचारों को क्रियान्वित करने के हर प्रयास के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करेगी। युवाओं को पूँजी आदि का पूरा सहयोग और सहायता स्टार्ट अप कार्यक्रम में मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को पहले बीमारू से विकसित राज्य बनाया, फिर विकासशील फिर अब समृद्ध राज्य बनाना है। इसमें स्टार्टअप की महती भूमिका है। इस अवसर पर बताया गया कि स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा भोपाल से प्रारंभ होकर मण्डीदीप, विदिशा, होशंगाबाद, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सागर, गुना, ग्वालियर, उज्जैन होते हुये इंदौर में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।
सजा के ऐलान के बाद पुलिस टीम के साथ न्यालय से बाहर आते अभियुक्तगण।
गहने और रूपए लूटने के लिए गला घोंटकर की गई थी हत्या
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया महत्पूर्ण फैसला
पन्ना। रडार न्यूज़ मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पुराना में करीब करीब चार वर्ष पूर्व एक ही परिवार के चार सदस्यों को नशे की गोली खिलाकर बेहोश होने पर गला घोंटकर बेरहमी से हत्या करने के बहुचर्चित मामले सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने निर्णय पारित करते हुए 4 अभियुक्तों गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर ने अपने दोस्तों शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक निवासी छतरपुर को हत्या, लूट सहित अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी हत्यारोपियों को अर्थदंड से भी दण्डित किया है। हत्यारोपियों में शामिल शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक सगे भाई हैं। उक्त आरोपीगणों ने एक साथ मिलकर सविता सैनी व उसके तीन बच्चों की पुराना पन्ना स्थित उनके ही घर पर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक गहने, रूपए और अन्य सामान लूट ले गए थे। न्यायालय द्वारा सुनाए गए इस महत्पूर्ण फैसले के संबंध में आशुतोष कुमार द्विवेदी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 23 नवम्बर 2014 को मुकेश राय निवासी पुराना पन्ना द्वारा कोतवाली थाना पन्ना में टेलीफोन से सूचना दी गई कि पुराना पन्ना में सावित्री सैनी अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी जो तीन चार-दिन से दिखाई नहीं दे रही हैं। उसके घर में ताला लगा हुआ है पर अंदर की लाईट जल रही है और मकान से बदबू आ रही है। थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना हमराही स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे जहां पर मकान का ताला चैक करने पर ताला खुला हुआ लटका मिला। जब मकान के अंदर जाकर पुलिस वालों ने देखा तो अंदर पहले कमरे में मृतक पुष्पेन्द्र सैनी व करन सैनी तथा दूसरे कमरे में सावित्री सैनी और उसकी बेटी शिल्पा सैनी की लाशें पडी हुई थी। दोनों कमरे में कपडे व सामान बिखरा पड़ा था। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 302,34 का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना के दौरान मृतिका से दुश्मनी एवं घनिष्ठ संबंध रखने वालों की जानकारी एकत्र की गई। मृतिका सावित्री की कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि उसके के मोबाईल नंबर पर आरोपी गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर से बात हुई और आरोपी गोविंद सिंह के नंबर से तीन अन्य नंबरों पर बात होना पाया गया।
मिठाई में मिलाकर खिलाई थी नशीली दवा-
मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना ने संदेही आरोपी गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर व उसके साथी शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक को छतरपुर बस स्टैंड से पकड़कर उनसे पूंछतांछ की तो आरोपीगणों ने अपना अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतिका के घर पर लूट करने के उद्देश्य से हम लोगों ने सुनियोजित तरीके से रबडी मिठाई में नशीली गोलियों का चूर्ण मिलाकर सभी को खिला दिया था और बेहोश होने पर सभी मृतकों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद घर में रखे जेवरात सोना, चांदी, लेपटाप, मोबाईलए नगद रूपये लूटकर ले गए थे। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। प्रकरण का विचारण न्यायालय अनुराग द्विवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला पन्ना के न्यायालय में हुआ। अभियोजन के द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। अभियोजन के द्वारा आरोपी के किए गए कृत्य के लिए अधिकतम दंड दिये जाने का निवेदन किया गया।
इन धाराओं के तहत माना दोषी-
न्यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक दृष्टांतों से सहमत होते हुए आरोपीगण क्रमश गोविंद सिंह पिता मुन्ना सिंह ठाकुर 26 वर्ष निवासी ग्राम सिदोखर थाना सुमेरपुर जिला हमीरपुर उत्तरप्रदेश, व तीन सगे भाइयों शेख अनीश 26 वर्ष, शेख रहीस पिता 28 वर्ष, व शेख फारूख ऊर्फ चाहत पिता शेख लियाकत 21 वर्ष सभी निवासी शेखन की बगिया छतरपुर थाना सिटी कोतवाली छतरपुर को भादवि की धारा 450, 302, 394, 201 में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी अभियुक्तों को 2500-2500 रुपये के अर्थदंड से भी दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी प्रवीण कुमार सिंह जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना द्वारा की गई।
पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा में हुआ दिलदहला देने वाला सड़क हादसा
बाइक में ठोकर लगने से बेलगाम ट्रक के नीचे आई महिला
सतना जिले से पन्ना के सिद्ध स्थल बंदर खोह जा रही थी दर्शन करने
हरिशंकर पाण्डेय, डीके साहू। पहाड़ीखेरा/पन्ना। रडार न्यूज़ एक बेलगाम हैवी ट्रक की ठोकर लगने से बाइक सवार मां-बेटे सड़क पर गिर गए। इन्हें संभलने का मौका मिलता कि उसके पहले ही तेज रफ्तार ट्रक नीचे फंसी महिला को करीब 20 फुट तक घसीट ले गया। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस सड़क हादसे का शिकार बनी सुनीता दाहिया पति राजेन्द्र दाहिया 45 वर्ष निवासी ग्राम पटरहाई थाना रामपुर बघेलान जिला सतना का बायां पैर ट्रक की स्टीयरिंग राड में फंसने धड़ से अलग हो गया। उसका दाहिना हांथ-पैर भी अत्यंत ही गंभीर रूप से फ्रेक्चर हो गया। ट्रक के नीचे फंसी असहनीय दर्द से तड़पती खून से लथपथ बेबश और लाचार सुनीता दाहिया अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाती रही। पुलिस द्वारा बुलाये गए मैकेनिकों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला को जब बाहर निकला तब तक वह बेसुध हो चुकी थी।
हैवी ट्रक के नीचे फंसी सुनीता दाहिया को निकालने के लिए मशक्कत करते लोग।
इस दर्दनाक हादसे में बाइक चालक विक्रम दाहिया सुनीता की देवरानी के बेटे को आश्चर्यजनक रूप से एक खरोंच भी नहीं आयी। जबकि उसकी बड़ी मां को अत्यंत ही गंभीर हालत में महिला डायल-100 पुलिस वाहन से पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद आनन-फानन में सुनीता को मेडीकल कॉलेज रीवा के लिए रेफरल किया गया। कमर के ठीक नीचे से पैर अलग होने के कारण जिंदगी और मौत से जूझ रही सुनीता की हालत पन्ना के डॉक्टरों ने अत्यंत ही चिंताजनक बताई है। सोमवार को सुबह-सुबह हुए इस हृदयविदारक हादसे का पता जिसे भी चला सुनीता की हालत के बारे में सोचकर उसका कलेजा बैठ गया। वहीं सोशल मीडिया पर आये हादसे के विचलित कर देने वाले फोटो देखकर लोग सहम गए। कुछ लोगों का कहना है श्रद्धालु सुनीता दाहिया के साथ जो हुआ वह मौत से भी भयावह और पीड़ादायक है। लोग उसकी जिंदगी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
भाग निकला ट्रक चालक-
ट्रक के नीचे बेबश और असहाय पड़ी सुनीता दाहिया।
सोमवार 16 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे विक्रम दाहिया अपनी बड़ी मां सुनीता दाहिया पति राजेन्द्र दाहिया उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम पटरहाई थाना रामपुर बघेलान जिला सतना को लेकर बाईक से पन्ना जिले के अहिरगवां ग्राम के समीप स्थित बंदर खोह हनुमान जी के दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में पहाड़ीखेरा चौकी से महज एक किलोमीटर दूर पन्ना रोड पर सामने से आरहे हैवी ट्रक क्रमांक-RG-05 -JA7381 के अज्ञात चालक ने घोर ने लापरवहीपूर्वक चलाते हुए बाईक में सीधी ठोकर मार दी। जिससे सड़क में गिरी सुनीता ट्रक के नीचे आने से उसके साथ कुछ दूर तक घिसट गई। आसपास मौजूद लोग यह दर्दनाक दृश्य देखकर चींखते-चिल्लाते हुए जब महिला को बचाने दौड़े तो आरोपी ट्रक चालक मौके से भाग निकला। इस हादसे कीसूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे ब्रजपुर थाना प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह बघेल व चौकी प्रभारी बी.पी. मिश्रा ने अन्य ट्रकों के चालकों व मिस्त्रीयों को ले जाकर एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे स्टीयरिंग राड में बुरी तरह फंसी महिला को बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए पन्ना भेजा गया। इस घटना पर पुलिस अज्ञात आरोपी ट्रक चालक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण कायम करते हुए ट्रक को जब्त किया है।
अपने रथों में आरूढ़ भगवान बलभद्र, बहिन देवी सुभद्रा व भगवान जगन्नथ स्वामी के दर्शन लाभ लेते धर्मप्रेमी।
पन्ना में धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा
भगवान की बारात के लिए दुल्हन सा सजा शहर, बराती बने धर्मप्रेमी
बुंदेलखंड की 164 वर्ष से अधिक पुरानी है परम्परा का हुआ निर्वहन
पन्ना। रडार न्यूज़ भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा ऐतिहासिक परम्परानुसार बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ शनिवार शाम 6 बजे बड़ा दिवाला मंदिर से निकली। 164 वर्ष पुराने बुन्देलखण्ड अंचल के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में हजारों धर्मप्रेमी बाराती बनकर शामिल हुए। दूल्हा बने भगवान जगन्नथ स्वामी के दर्शन पाकर और इतनी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों के जुटने से मंदिरों की पवित्र नगरी पन्ना का कण-कण पुलकित हो उठा। धार्मिक रीति- रिवाजों के अनुसार रविवार की शाम शहर के जगदीश स्वामी मंदिर से जब भगवान बलभद्र, शक्तिस्वरूपा देवी सुभद्रा और दूल्हा बने भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाएं मंदिर के गर्भगृह से निकालकर उन्हें शाही रथों पर आसीन किया गया, तो वहां भगवान की एक झलक पाने उपस्थित श्रृद्धालु धर्मप्रेमी भाव-विभोर हो उठे। मंदिर प्रांगण भगवान जगन्नाथ स्वामी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। भगवान की मनमोहक छवि की एक झलक पाने भक्तों में होड़ मच गई। मंदिरों की नगरी पन्ना में डेढ़ सौ वर्ष से अधिक समय से आयोजित हो रहे ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव की बात ही कुछ निराली है। तभी तो वर्षों से रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ उठाने यहां प्रतिवर्ष बुन्देलखण्ड अंचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। परम्परानुसार भगवान के बड़े भाई बलभद्र, बहिन देवी सुभद्रा व भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाओं को पन्ना राज परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ रथारूढ कराया गया।
रथों को खींचने भक्तों में मची होड़ –
रथयात्रा महोत्सव का परम्परानुसार शुभारंभ कराने के लिए उपस्तिथ पन्ना राजपरिवार के सदस्य।
भगवान के रथों में सवार होने के साथ जैसे ही रथयात्रा शुरू हुई, उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयकारों के साथ जगत के नाथ के दर्शन किए। साथ ही रथयात्रा में शामिल भक्तों के बीच रथों को खींचने की होड़ मच गई। भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का कीर्तन करते हुए भक्तों ने रथों को खींचकर धर्मलाभ उठाया। ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव के साथ कीर्तन करते हुए भगवान के रथों को खींचता है। वह पुर्नजन्म से मुक्त हो जाता है। धर्माचार्यों का मानना है कि यह एक ऐसा अद्वितीय पर्व है जब भगवान जगन्नाथ चलकर जनता के बीच आते हैं, भगवान दसों अवतार का रूप धारण करते हैं और सभी भक्तों को दर्शन देकर समान रूप से तृप्त करते हैं।
पुरी की तर्ज पर निकली पन्ना की रथयात्रा-
पन्ना नगर में ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव की रौनक जगन्नाथपुरी की तर्ज पर होती है। भगवान के रथों के आगे तुरही एवं शंख तथा घण्टों व घरियाल के सुमधुर स्वरों ने पूरे नगर को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर पन्ना महाराज राघवेन्द्र सिंह, राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन की मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेदहेले, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा, पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, बाबूलाल यादव, शारदा पाठक, महेन्द्र प्रताप सिंह यादव, रवेन्द्र शुक्ला, मार्तण्ड देव बुंदेला, मनोज गुप्ता, कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जगह-जगह उतारी आरती-
जगदीश स्वामी जी मंदिर से प्रथम पड़ाव लखूरन बाग के लिए ऐतिहासिक रथयात्रा के मार्ग में पड़ने वाले मंदिरों में तथा जगह-जगह धर्मप्रेमी जनता द्वारा पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान की आरती उतारी और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए जगत के नाथ से प्रार्थना की।
पत्नी विनय कुमारी को माला पहनाता शिवनारायण लोधी एवं समीप खड़े न्यायधीश, काउन्सलर व अधिवक्ता।
नेशनल लोक अदालत :
समझाईश और सुलह से कई बिखरे परिवार फिर हुए एक
पन्ना। नेशनल लोक अदालत अंतर्गत गठित अलग-अलग खण्डपीठों ने कई दम्पत्तियों के बीच उपजी गलतफहमी, आपसी वाद-विवाद और मनमुटाव को दूर करने के लिए समझाईश देकर व सुलह कराकर बिखरे हुए परिवारों को फिर से एक करा दिया। लंबे समय बाद एक हुए दंपतियों ने न्यायालय कक्ष में ही एक-दूसरे को माला पहनाकर एक बार फिर से प्रेमपूर्वक दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने का संकल्प लिया। इन दंपतियों के पुनर्मिलन के भावनात्मक दृश्य के साक्षी बने न्यायधीशों, परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलर व अधिवक्ताओं ने उन्हें एक नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना श्री राजेश कुमार कोष्टा के कुशल मार्गदर्शन में एडीआर सभागृह में लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।
नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ क्रमांक-6 में आवेदक शिवनारायण लोधी ने लिखित आवेदन दिया, उसने बताया कि मेरी पत्नी फोन पर कई घंटो तक बात करती रहती है। मेरे घर आने पर तुरन्त फोन बन्द कर देती है। अनावेदिका विनय कुमारी ने बताया कि मैं आशा कार्यकर्ता हूॅ फोन में बात करना मेरे लिए जरूरी है, मेरा पति मुझ पर बेवजह शक करता है। दोनों पक्षों को खण्डपीठ पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती वंदना सिंह की समझाईश, सुलहकर्ता सदस्यों परिवार परामर्श केन्द्र के परामर्श प्रभारी, काउन्सलर के प्रयासों से विनय कुमारी अपनी शर्त के मुताबिक पति के साथ रहने को तैयार हो गई। इसके अलावा अन्य 10 मामलों में खण्डपीठ पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती वंदना सिंह की समझाईश सुलहकर्ता सदस्यों परिवार परामर्श केन्द्र के परामर्श प्रभारी, काउन्सलर के प्रयासों से बिखरे परिवार एक इनमें से कुछ एक हुए परिवारों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा के सम्मुख आपस में माला पहनाकर एवं न्यायाधीश द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे देकर भविष्य में सदा खुश रहने के लिए प्रेरित किया गया।
मासूम बच्ची के माता-पिता हुए एक-
लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित न्यायधीश।
शनिवार 14 जुलाई 2018 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत पन्ना में ग्राम ललपुरवा तहसील अजयगढ़ जिला पन्ना के रहने वाले पुष्पेन्द्र सिंह व उनकी पत्नी श्रीमती देवकुॅवर के मध्य आपसी वाद-विवाद व मनमुटाव के कारण विगत एक वर्ष से कुटुम्ब न्यायालय पन्ना में दो प्रकरण धारा 9 व भरण-पोषण के विचाराधीन थे। पति-पत्नी के बीच में दो वर्षीय मासूम बच्ची माता-पिता के झगड़े में अपना बचपन खोती जा रही थी। नेशनल लोक अदालत हेतु गठित खण्डपीठ क्रमांक-1 के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा की समझाईश से एवं सुलहकर्ता सदस्य अधिवक्ता आर.सी. तिवारी एवं प्रवीण खरे (सीनियर) के प्रयासों से वे पुनः एक साथ रहने को तैयार हो गये। उन्होंने न्यायालय कक्ष में ही एक-दूसरे को माला पहनाकर एक बार फिर से प्रेमपूर्वक दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने का संकल्प लिया।
स्मृति स्वरूप पौधे दिये-
वहीं नेशनल लोक अदालत में खण्डपीठ क्रमांक-2 पीठासीन अधिकारी श्री अमिताभ मिश्र के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को पुष्प माला पहनाकर गले मिले। श्री मिश्र द्वारा पक्षकारगणों को स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये। खण्डपीठ क्रमांक-3 पीठासीन अधिकारी अनुराग द्विवेदी के समझाईश एवं सुलहकर्ता सदस्यों के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को पुष्पमाला पहनाकर गले मिले एवं श्री द्विवेदी द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये। खण्डपीठ क्रमांक- 4 पीठासीन अधिकारी आमोद आर्य की समझाईश एवं सुलहकर्ता सदस्यों के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को फूल माला पहनाकर गले मिले एवं श्री आर्य द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश के बाद पानी में डूबा मोहन्द्रा बस स्टैण्ड मार्ग।
जलभराव से आवागमन हुई परेशानी, कई दुकानों में घुसा पानी
पानी की निकासी के बाद सड़कों पर फैला कीचड़ और गंदगी
आकाश बहेरे, मोहन्द्रा। रडार न्यूज़ मानसून की पहली जोरदार बारिश मोहन्द्रा के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। शनिवार को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश होने से लोगों को उमस भरी बेहाल करने वाली गर्मी से फौरी तौर पर राहत तो मिल गयी लेकिन वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था ना होने से सड़कों पर जल भराव के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
अपना सामान समेटता फुटपाथी दुकानदार।
सबसे अधिक समस्याग्रस्त इलाका मोहन्द्रा का बस स्टैण्ड है। जहां कि सड़कें बारिश के पानी में पूरी तरह डूबी रहीं। यहां का दृश्य किसी नदी की तरह प्रतीत हो रहा था। व्यवसायिक गतिविधि वाले गावं के इस मुख्य इलाके में जलभराव के कारण बारिश का पानी कई दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। जिसे लेकर दुकानदार तनाव के बीच अपने सामान को सुरक्षित करने के लिए खासी मशक्कत करते नजर आये। सबसे ज्यादा मुसीबत में फुटफाथी दुकानदार रहे जिनका सामान ही सड़क में भरे पानी में तैरने लगा। बेचारे छोटे दुकानदार जल्दी-जल्दी अपनी दुकान समेटकर बमुश्किल अपना सामान सुरक्षित कर पाए।
गंदगी से बजबजा रहीं नालियां-
बारिश के कई घंटों बाद भी सड़कों में पानी भरा रहा।
इस बीच नालियों की सफाई के अभाव में गंदा पानी गीले और सूखे कचरे के साथ घुटनों तक सड़कों पर बहता रहा। बस्ती के अंदर भी यही हाल है। नालियां कचरे से पटी पड़ी है। कई जगह नालियां जाम है। गावं की हालत यह है कि थोड़ी देर भी बारिश हो जाए तो लोगों का सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। नतीजतन पूरे गांव में कंक्रीट सड़क से पानी के बह जाने के बाद भी सीसी सड़कें कीचड़ से सराबोर है। मोहन्द्रा के बस स्टैंड में अस्पताल रोड, बाजार रोड व पान मंडी में बारिश हो जाने के बाद पैर रखने के लिए भी जगह नहीं होती। स्थानीय लोगों की मानें तो नालियों कि साफ-सफाई हुए अरसा गुजर गया। सरपंच-सचिव ने बारिश के पूर्व नालियों की साफ सफाई की सुध नहीं ली और अब भी जटिल हो चुकी इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। बरसात का मौसम होने के चलते नालियों में जमा पानी से मच्छर भी तेजी से बढ़ रहे है।
सफाई नहीं हुई सिर्फ आश्वासन मिले-
स्वच्छ भारत अभियान के ढिंढोरे के बीच हर तरफ फ़ैली गंदगी से मौसमी बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। मोहन्द्रा में बस्ती के अंदर बड़े क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं है और जहां नालियां हैं वे सफाई के आभाव में चोक पड़ी हैं। नालियों से उठती भीषण दुर्गंध से घर के अंदर तक लोगों का जीना मुहाल है। जरा सोचिये रास्तों से गुजरने वालों की क्या हालत होती होगी। इन हालत में गावं में मलेरिया और डेंगू फैलने से इंकार भी नहीं किया जा सकता। बाजार रोड में मंदिर के सामने नालियों का पानी बहता है। वहां इसी गंदे पानी से ऊपर होकर लोग मंदिर में प्रवेश करने को मजबूर हैं। कुछ रोज पहले सामुदायिक भवन में जिला और जनपद सीईओ ने लोगों से समस्यायें सुनीं जिसमें गांव में साफ-सफाई करवाने की मांग की गई थी। देखने वाली बात है कि आश्वासन मिलने के कितने दिनों बाद साफ-सफाई होती है।
निभानी होगी अपनी जिम्मेदारी-
बारिश का पानी निकलने के बाद सड़क पर फैला कचरा और गंदगी।
गांवों में लंबे समय से काम कर रहे पन्ना जिले के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता रामऔतार तिवारी का मानना है कि आपेक्षित जनसहयोग बिना के कोई भी व्यवस्था कारगर तरीके से नहीं चल सकती है। हमारे गांवों में भीषण गंदगी और जल भराव की समस्या काफी जटिल हो चुकी है। श्री तिवारी के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायत के साथ आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ईमानदारी से उसके निर्वहन को अपनी आदत बनाना होगा।अर्थात जहां नालियों हैं उन्हें चोक होने से रोकने के लिए पॉलीथीन या कोई ऐसी चीज नालियों में ना डालें।
आवागमन में होने वाली परेशानी को बयां करती तस्वीर।
हर दिन अपने घर की ही तरह अपने पड़ोस में साफ-सफाई रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। मच्छरों की रोकथाम के लिए अपने आसपास नालियों में जला हुआ मोबिऑइल डालें। यह सुनिश्चित करें कि नाली का पानी कहीं अवरूद्ध ना हो। कचरे को नियत स्थान पर ही फेकें। साथ ही नालियों को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए उनके ऊपर कोई निर्माण ना करें और उन्हें ढंककर रखें। नालियों के निर्माण में कोई अनावश्यक अवरोध पैदा न करें। वहीं पंचायत को भी चाहिए कि नालियों और बस्ती की नियमित अंतराल पर साफ़-सफाई कराई जाए। गंदे पानी की निकासी के लिए प्राथमिकता से नालियों के निर्माण सहित स्वछता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं। समुदाय को स्वछता के प्रति जागरूक करते हुए इसके लिए लोगों को प्रेरित करने आवश्यक वातावरण का निर्माण किया जाये। सामाजिक कार्यकर्ता रामऔतार तिवारी का कहना है कि इन दो तरफा प्रयासों से स्वछता भी आएगी और गावं का कायाकल्प भी संभव हो सकेगा।
इनका कहना है-
“साफ-सफाई के कार्य निरंतर चल रहे हैं, मोहन्द्रा ग्राम की भी समुचित सफाई कराई जायगी। इसके लिए पंचायत सचिव को तुरंत निर्देश देता हूं।“
–सतीश सिंह नागवंशी,सीईओ जनपद पंचायत पवई जिला पन्ना।”
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार प्रकट किया गया।
शासकीय कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान एवं आभार
भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी प्रशासन का दिल, अंतर्रात्मा और दोनों हाथ हैं। सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों के लिये निरंतर कार्य किये गये हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को अपने परिवार की तरह ही समझा है। भविष्य में भी निरंतर कर्मचारियों के कल्याण के कार्य किये जायेंगे। शासकीय कर्मचारी और सरकार मिलकर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को उज्जैन में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न 45 संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का शासकीय कर्मचारियों को सातवाँ वेतनमान दिये जाने, केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महँगाई भत्ता, अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित करने तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष किये जाने पर आभार व्यक्त किया है।मध्यप्रदेश शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष रमेशचन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रखा है और उनके हितों की रक्षा की है। मुख्यमंत्री द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये भी कारगर कदम उठाये गये हैं।
पहली बार ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय है हिमा
भोपाल। रडार न्यूज़मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व अन्डर ट्वन्टी चैम्पियनशिप में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रथम भारतीय सुश्री हिमा दास को उनकी अभूतपूर्व सफलता पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री चौहान ने कहा कि सुश्री हिमा की आसाम के धान के खेतों से विश्व विजेता बनने की यात्रा उनकी लगन और प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उनकी सफलता युवाओं के लिये प्रेरणा का स्रोत होगी। सुश्री हिमा दास ने फिनलैंड में चल रही वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के 400 मीटर ट्रैक इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। दुनिया के किसी भी ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली वह पहली भारतीय हैं। सुश्री हिमा ने गुरुवार को 400 मीटर ट्रैक इवेंट रेस 51.46 सेकंड में पूरी की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर में चौथे राष्ट्रीय खान एवं खनिज सम्मेलन को सम्बोधित किया।
खनिज उत्पादन में 6 और राजस्व में 23 प्रतिशत की वृद्धि – तोमर
इंदौर में हुई चौथी राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव
शामिल हुए 21 राज्यों के खनिज मंत्री
भोपाल। रडार न्यूज़ मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए।
4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी-
केन्द्रीय खनिज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है।
केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा।
राष्ट्रीय आय में होगी वृद्धि-
सम्मेलन में खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।
नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं।
फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है।
खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन-
खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति की पहली कार्यशाला भोपाल में 6 अगस्त को
भोपाल । नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष श्री चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
श्री चौहान ने बैठक में कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यकहै। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिये विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जायेगी। आयोग की पहली कार्यशाला आगामी 6 अगस्त को भोपाल में होगी। श्री चौहान ने कहा कि लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि समिति की 31 अगस्त को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएँ प्राप्त करने के लिये इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।