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मध्यप्रदेश में “आरोग्यम नाम से विकसित होंगे हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर

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भोपाल। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सिविल डिस्पेंसरी को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जायेगा। इनका नाम मध्यप्रदेश ‘आरोग्यम” (सेहत एवं सुकून केन्द्र) होगा। अगले वर्ष शेष जिलों में हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्र विकसित किये जायेंगे। उप स्वास्थ्य केन्द्रों को विकसित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी।

‘हब एण्ड स्पोक्स” मॉडल पर आधारित कॉम्प्रीहेन्सिव प्रायमरी हेल्थ केयर की अवधारणा पर आगे बढ़ते हुए राज्य ने तय किया है कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रभावी रिफरल केन्द्र बनाया जाये, जहाँ सभी 12 तरह की चिन्हित सेवाएँ उपलब्ध हों। इन केन्द्रों पर अन्य सेवाओं के साथ असंचारी रोग डायबिटीज, हायपरटेंशन, ह्रदय रोग तथा कैंसर के बारे में परीक्षण और प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाना राज्य की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में पीएचसी-हेल्थ एण्ड वेलफेयर सेंटर पर आयुष चिकित्सा सेवाएँ भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

अभी प्रदेश के 25 जिलों में राजगढ़, सीहोर, बैतूल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, भिण्ड, गुना, श्योपुर, बड़वानी, खण्डवा, देवास, उज्जैन, डिण्डौरी, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, शहडोल, सतना, अनूपपुर, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह और पन्ना को शामिल किया गया है। प्रारंभिक तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार गैप असेसमेंट एनालिसिस किया गया है। तदनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर से संबद्ध महत्वपूर्ण मानव संसाधनों यथा चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स, एएनएम तथा आशा का संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण की कार्य-योजना बना ली गई है। तकनीकी सहयोग के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा विदिशा जिले में कुछ हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स को निरंतर परामर्श दिया जायेगा। प्राथमिक तौर पर राज्य में 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उन्नत कर हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में इसी माह से शुरू करने की योजना है।

संकट में ईरान, एक डॉलर के बदले देने पड़ रहे हैं 90 हजार रियाल

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नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा रुपए की हालत ऐसी कभी नहीं हुई जैसी अभी है। एक डॉलर के बदले 69 रुपए देने पड़ रहे हैं। जिन देशों की मुद्रा रुपया है सबकी हालत पतली है।

पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया और नेपाल के रुपए की सेहत भी ठीक नहीं है। हालांकि अमरीकी डॉलर की तंदुरुस्ती की चपेट में केवल रुपया ही नहीं है। ईरान की मुद्रा रियाल तो बुरी तरह से पस्त हो गई है। ईरान बहुत मुश्किल हालात में है। राजधानी तेहरान में लोग अपनी दुकानें बंद कर सरकार के ख़िलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान की मुद्रा रियाल अमरीकी डॉलर के सामने आख़िरी सांस ले रहा है। ईरान के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया तो मामला हाथ से निकल जाएगा।

एक डॉलर मतलब 90 हज़ार ईरानी रियाल-

ईरान के अनाधिकारिक बाजार में लोग 90 हजार रियाल देकर एक अमरीकी डॉलर ख़रीद रहे हैं। इसी समय पिछले साल की तुलना में यह 110 फीसदी की वृद्धि है।

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अगर आधिकारिक रूप से देखें तो एक डॉलर के बदले लगभग 43 हजार रियाल देने पड़ रहे हैं। आठ मई को जब अमरीका ने ईरान से परमाणु समझौते को ख़त्म करने का ऐलान किया तब से ईरानी मुद्रा रियाल की क़ीमत में 40 फीसदी की गिरावट आई है।
ईरान पर फिर से अमरीकी प्रतिबंधों का ख़तरा है। इस ख़तरे के डर से ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था और बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति है। ईरान के निर्यात और आयात बुरी तरह से प्रभावित होने वाले हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार इस हफ़्ते तेहरान के सेंट्रल मार्केट में दुकानदारों ने कई प्रदर्शन किए।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि संकट की घड़ी में ईरानी शांति और एकता के साथ रहें। ईरान के सर्वोच्च नेता अयतोल्लाह अली ख़मेनई ने भी कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। उन्होंने सरकार से कहा है कि जो ईरान की अर्थव्यस्था को अस्थिर करने में लगे हैं, सरकार उनका सख़्ती से सामना करे।
की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मार्केट के ख़िलाफ जाकर एक डॉलर के मुक़ाबले 42 हजार रियाल की एकीकृत एक्सचेंज दर तय करने की कोशिश की।
इसके साथ ही 100 अहम मनी एक्सचेंजर्स को गिरफ़्तार किया गया। कहा जा रहा था कि ये मनी एक्सचेंजर्स अलग-अलग रेट पर रियाल के बदले डॉलर दे रहे थे। हालांकि सरकार की ये कोशिशें भी काम नहीं आईं।
अटलांटिक काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार मनी चेंजर्स ने आधिकारिक रेट पर डॉलर बेचना बंद कर दिया है। जब मनी चेंजर्स को एक डॉलर के लिए 42 हजार रियाल लेने पर मजबूर किया गया तो इन्होंने कहना शुरू कर दिया कि डॉलर ख़त्म हो गया है। दूसरी तरफ सरकार आधिकारिक रूप से बाजार की मांग की तुलना में काफी कम डॉलर की आपूर्ति कर रही है।

कम ब्याज दर-

सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान की तरफ से 15 फीसदी से कम ब्याज दर रखने के कारण भी नीतिगत स्तर पर नाकामी मिली है।
हाल के सालों में ईरानी बैंकों ने 25 फीसदी ब्याज दर की पेशकश की थी ताकि जो अपनी मुद्रा डॉलर में रखना चाहते थे उनका सामना किया जा सके। कहा जा रहा है कि कम ब्याज दरों के कारण लोगों ने व्यापार के लिए डॉलर को ही चुना।
हालांकि मसला केवल यही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक जो सबसे बड़ी वजह है वो ये है कि सेंट्रल बैंक के पास विदेशी मुद्रा की भारी कमी है और ईरानी पर्यटकों में डॉलर की मांग में कोई कमी नहीं आ रही है।

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अटलांटिक काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार ईरान तेल और गैस के निर्यात से सालाना क़रीब 50 अरब डॉलर का राजस्व हासिल कर रहा है।
इसमें से सात अरब डॉलर तेल की राष्ट्रीय कंपनियों के पास चला जाता है ताकि वो गैस और तेल की खोज जारी रख सकें। इसके साथ ही इस राशि का इस्तेमाल ये उपकरणों और नवीनीकरण के मद में भी करते हैं।
इसके साथ ही क़रीब 9 अरब डॉलर ईरानी पर्यटकों को मुहैया कराया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक़ तस्करी में 12 से 20 अरब डॉलर की राशि चली जाती है। मतलब हर साल तेल और गैस के निर्यात से आने वाले 50 अरब डॉलर में से 28 से 36 अरब डॉलर देश से बाहर चले जाते हैं।

अमरीकी ग़ुस्से का कोई जवाब नहीं-

इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अमरीका ने आठ मई को परमाणु समझौते को रद्द किया तो इसका बड़ा मनोवैज्ञानिक असर देशी और विदेशी निवेशकों पर पड़ा।
लोगों ने अपनी पूंजी ईरान से वापस लेकर दुबई और इस्तांबुल में लगाना शुरू कर दिया। निवेशकों के मन में ईरान की अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का डर बुरी तरह से घर कर गया है।

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति ईशाक़ जहांगीरी को सुधारवादी माना नेता माना जाता है। उन्होंने कहा है कि ईरान को सीधे अमरीका से बात करनी चाहिए। ईशाक़ ने कहा है कि ईरान गंभीर श्इकनॉमिक वॉरश् में जा रहा है और इसका नतीजा बहुत बुरा होगा।

उन्होंने कहा है कि ईरान को इस संकट से चीन और रूस भी नहीं निकाल सकते हैं। उनका कहना है कि अमरीका ही इस संकट से ईरान को निकाल सकता है।
अरमान अख़बार ने लिखा है कि ईरान आने वाले दिनों में और मुश्किल में होगा। इस अख़बार ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पूर्व राजदूत अली ख़ुर्रम के बयान को छापा है जिसमें उन्होंने कहा है, ” जिस तरह अमरीका ने इराक़ में सद्दाम हुसैन की सरकार को उखाड़ फेंका था उसी तरह से ईरान के लिए भी अमरीका ने योजना बनाई है। अमरीका ने इराक़ में यह काम तीन स्तरों पर किया था और ईरान में भी वैसा ही करने वाला है। पहले प्रतिबंध लगाएगा, फिर तेल और गैस के आयात को पूरी तरह से बाधित करेगा और आख़िर में सैन्य कार्रवाई करेगा।”

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ईरान के भीतर ही आवाज उठ रही है कि हसन रूहानी कुछ ठोस क़दम उठाएं। ईरान के जाने-माने अर्थशास्त्री सईद लायलाज ने अल-जजीरा से कहा है, “सरकार विदेश जाने वाले ईरानियों को डॉलर ख़रीदने के लिए सब्सिडी देती है। इस सब्सिडी को तत्काल ख़त्म किया जाना चाहिए। सरकार की नीति के अनुसार विदेश जाने वाले हर ईरानी बाजार की दर से आधी क़ीमत पर 1000 डॉलर ख़रीद सकता है।”
सईद ने कहा, “हर साल एक करोड़ से एक करोड़ 20 लाख के बीच ईरानी विदेश जाते हैं और ये 15 अरब डॉलर से 20 अरब डॉलर तक खर्च कर आते हैं। इस सब्सिडी के कारण डॉलर की मांग कभी कम नहीं होती। मैं ये नहीं कह रहा कि सरकार ईरानियों के विदेशी दौरे को सीमित कर दे पर सरकार सब्सि़डी देना तो बंद कर ही सकती है। हमें नहीं पता कि सरकार इस पर कोई फैसला क्यों नहीं ले रही है।”

                                                                                    साभार:  बीबीसी हिन्दी 

सुहागरात को पता चला गर्भवती है पत्नी, वापिस भेजा घर

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युवती ने प्रेमी के खिलाफ पुलिस थाना में दर्ज कराई रिपोर्ट

शादी का झांसा देकर नौ माह से कर रहा था यौन शोषण

शाहनगर। रडार न्यूज बुन्देलखण्ड अंचल के पन्ना में पिछले एक माह से लगातार यौन शोषण और दुष्कर्म के हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे है। जिनके कारण पन्ना जिला गलत वजहों से सुर्खियों में बना है। यहां के शाहनगर थाना अंतर्गत एक युवक ने विवाह के कुछ दिन बाद पत्नी को चरित्र संदेह पर वापिस उसके घर भेजने का मामला प्रकाश में आया है। दरअसल सुहागरात के दिन युवक को जब यह पता चला कि उसकी 19 वर्षीय नवविवाहिता पत्नी गर्भवती है तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की जानकारी उसने अपने परिजनों को दी और फिर ससुराल पक्ष के लोग नवविवाहिता को 23 जून 2018 को वापिस उसके घर छोड़ गये। ससुराल पक्ष ने युवती के परिजनों को अपनी बदनामी और उनके बेटे के भविष्य को चैपट करने का उलाहना देते हुए उसे रखने से साफतौर पर मना कर दिया है। मालूम हो कि शाहनगर थाना क्षेत्र की उक्त युवती का विवाह 18 जून 2018 को ही हुआ था। विवाह की खुशियों के बीच उस समय अचानक भुचाल आ गया जब ससुराल पक्ष को बहु के तकरीबन 7 माह की गर्भवती होने का पता चला। गर्भवती होने के खुलासे के बाद चैतरफा शर्मिंदगी का सामना कर रही युवती ने अपनी इस हालत के लिए प्रेमी राजेश गड़ारी को जिम्मेदार ठहराया है। उसने अपने परिजनों के साथ शाहनगर थाना पहुंचकर ग्राम मंहगवा सरकार निवासी राजेश गड़ारी पुत्र फग्गू गड़ारी के खिलाफ यौन शोषण करने की रिपोर्ट लिखाई है। युवती का आरोप है कि शादी का झांसा देकर राजेश पिछले नौ माह से उसका दैहिक शोषण कर रहा था। मना करने पर राजेश द्वारा उसे शीघ्र विवाह करने का भरोसा दिलाया गया। बाद में युवती के गर्भवती होने पर राजेश ने विवाह करने से मना कर दिया। इस बीच परिजनों ने दूसरी जगह विवाह कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर शाहनगर थाना पुलिस ने उसके प्रेमी राजेश के खिलाफ दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है। तीन परिवारों को प्रभावित करने वाला यह घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इनका कहना है- ‘‘युवती की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।‘‘
                                          श्याम सिंह परिहार, थाना प्रभारी शाहनगर

सब इंस्पेक्टर पर यौन शोषण का मामला दर्ज

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शादी का झांसा देकर बनाये थे इंदौर में बनाये थे शारीरिक संबंध

सिंहस्थ में ड्यूटी के दौरान हुई थी पहचान

रीवा। रडार न्यूज जिले के सेमरिया थाना में पदस्थ उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती की रिपोर्ट पर इंदौर में पुलिस ने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म और मारपीट करने का प्रकरण दर्ज किया है। इधर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की भनक लगने पर सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह पांच दिन की छुट्टी पर चला गया है। पीड़िता के अनुसार शैलेन्द्र सिंह 19 अगस्त को उसे रीवा लेकर आया और यहां एक मंदिर में विवाह कर लिया। जिसके बाद वह एक घर में ले गया जहां पहले से तीन लड़के मौजूद थे और उनके ही सामने गाली-गलौंच करते हुए उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में सिंहस्थ में ड्यूटी लगने के दौरान शैलेन्द्र सिंह उज्जैन में पदस्थ था। इसी दौरान उसकी युवती से पहचान हो गई। फिर दोनों फोन पर बात करने लगे और इस तरह उनके बीच निकटता बढ़ती गई। युवती का कहना है कि 5 फरवरी 2017 को शैलेन्द्र ने उसे मिलने के लिए इंदौर बुलाया था। जहां शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप युवती ने लगाये है। शैलेन्द्र पूर्व में युवती से शादी करने के लिए तैयार था पर बाद में वह मुकर गया। इससे परेशान पीड़िता ने जुलाई महीने में पुलिस थाना में शिकायत की थी। लेकिन तत्कालीन टीआई ज्योति शर्मा ने दोनों के बीच समझौता करवा दिया था। पीड़िता ने बताया कि समझौते के समय लिखित तौर पर वह वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा।
इनका कहना है-
‘‘उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह के विरूद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सोशल मीडिया से मिली है। इस संबंध में अधिकारिकतौर पर अभी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। वर्तमान में शैलेन्द्र सिंह छुट्टी पर है।‘‘
                                                                                           सुनील गुप्ता, थाना प्रभारी सेमरिया

खुलासा। आतंकी की एके-47 से की गई थी सुरेश की हत्या

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प्रेस वार्ता में जानकारी देते आईजी उमेश जोगा

हत्या के आरोप सेना का जवान व दो अन्य गिरफ्तार

रीवा। रडार न्यूज सुरेश उर्फ नीलू गौतम के अंधे कत्ल का रीवा पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा करते हुए हत्या के मामले में सेना के एक जवान और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार युवक को एके-47 गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए शव को क्योंटी फाॅल में फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या की वारदात में प्रयुक्त रायफल को जब्त कर लिया है। अत्याधुनिक एके-47 रायफल को सेना में लांस नायक के पद में पदस्थ धीरेन्द्र सिंह ने कुपवाड़ा में तैनाती के दौरान आतंकियों से छीन ली थी। जिसे वह चोरी छिपे अपने गांव ले आया था। पुलिस ने रायफल के अलावा 47 जिंदा कारतूस और तीन मैगजीन भी जब्त की है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए जिस क्रेटा कार क्रमांक-जेएच-01-सीएल-9999 का प्रयोग किया गया उसके लुधियाना में होने की सूचना पुलिस को मिली है। कार को जब्त करने के लिए एक टीम को वहां भेजा जा रहा है। यह जानकारी अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए आईजी उमेश जोगा ने दी है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि हत्या की वजह एक वृद्ध महिला की जमीन के लेनदेन का विवाद है। उक्त जमीन की देखरेख सुरेश उर्फ नीलू गौतम करता था। और महिला की सहमति से जमीन का सौदा सुरेश करता था। पुलिस के अनुसार धीरेन्द्र सिंह उर्फ धीरू पुत्र कल्याण सिंह गहरवार 37 वर्ष निवासी मझगवां सेना की 82 आर्मर रेजीमेंट राॅची झारखण्ड में पदस्थ है। धीरेन्द्र सिंह गहरवार व मृतक सुरेश उर्फ नीलू ने घटना दिनांक को रात के समय एक साथ शराब पी थी। इसी दौरान उनके बीच विवाद हो गया। जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी शव को गाड़ी में रखकर ले गये और क्योंटी फाॅल में फेंक दिया।

फरार होने पर हुआ संदेह-

उल्लेखनीय है कि 16 जून की रात रायपुर थाना पुलिस को कोष्टा में गोली चलने की सूचना डायल 100 से प्राप्त हुई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घटना स्थल पर मिट्टी में खून, चप्पल, मोबाईल व शराब की बोतल पाई गई। पूंछतांछ करने पर पता चला कि उक्त मोबाईल सुरेश गौतम का है। जिसकी 16 जून की शाम 7 बजे से घर से गायब होने की रिपोर्ट विश्वविद्यालय थाना में दर्ज थी। संदेह होने पर उसके दोस्तों का पता किया गया तो वे फरार मिले। इसके पुलिस का संदेह और पक्का हो गया। आखिरकार पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद सेना के जवान धीरेन्द्र सिंह और दो साथियों को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूंछतांछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। रायपुर कर्चुलियान थाना प्रभारी उमेश कुमार व उपनिरीक्षक उदयभान सिंह पेण्ड्रो व उनकी टीम ने आरोपियों द्वारा बताये गये स्थान पर पहुंचकर क्योंटी जल प्रपात से 29 जून को सुरेश उर्फ नीलू गौतम की लाश बरामद की गई।

रिश्तेदार के घर मिली रायफल-

आईजी उमेश जोगा ने पत्रकारों को बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर उनके रिश्तेदार अंकित सिंह निवासी टेडगांव थाना कोटा जिला सतना के घर से एके-47, कारतूस और मैगजीन बरामद की गई है। इस मामले में पुलिस ने अंकित को भी गिरफ्तार किया है। हत्या के मामले में गिरफतार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेशकर पुलिस ने पूंछतांछ के लिए 7 दिन की रिमाण्ड पर लिया है। सुरेश गौतम के अंधेकत्ल के खुलासे को लेकर आईजी उमेश जोगा ने थाना प्रभारी रायपुर कर्चुलियान उमेश मार्को व उनकी टीम की सराहना की है।

दिल्ली में एक ही घर में 11 शव मिले, सभी के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी थी

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घर की तलाशी में पुलिस ने बरामद किये कुछ नोट्स

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई मामले की की जांच

नई दिल्ली। रडार न्यूज़   राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाके के संत नगर में अत्यंत ही दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के एक घर में 11 शव संदिग्ध हालत में फंदे पर लटके मिले हैं। मरने वाले एक ही परिवार के सदस्य हैं। मृतकों में 7 महिलाएं और 4 पुरुष हैं। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में बच्चे भी हैं। सभी मृतकों के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी हुई मिली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस सनसनीखेज घटना के सम्बंध में पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। शव जिस हालत में मिले उससे अब तक इन मौतों को संदिग्ध माना जा रहा है। सभी शव घर के आंगन में लगे जाल से लटके हुए मिले है। इस परिवार का फर्नीचर और किराना की दुकान है. सभी घर के आंगन में लगे जाल से लटके हुए मिले हैं।

शव देखकर दंग रह गया पड़ोसी-

दिल्ली पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह पड़ोस में रहने वाले एक शख्स की नजर इस परिवार के आंगन में पड़ी। वहां लोगों को लटका हुआ देख वे अत्यंत ही घबरा गए और आसपास के लोगों को इक्ट्ठा कर लिया। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को सुबह करीब सात बजे यह सूचना मिली। पड़ोसियों का कहना है कि ये पूरा परिवार मिलनसार और धार्मिक स्वाभाव का था। शनिवार की रात को पड़ोसियों ने इस परिवार के लोगों को देखा था। किसी को भी देखकर ऐसा कभी नहीं लग रहा था कि इस परिवार पर कोई मुश्किल है। पुलिस ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब लोगों की सूचना पर जब वह संत नगर के गली नंबर-2 स्थित इस घर में पहुंचे तो घर का दरवाजा खुला हुआ था। कुछ शव घर की आंगन में लटके थे तो कुछ अंदर पंखे के सहारे लटके थे। यह बात पुलिस के मन में संदेह पैदा कर रहे हैं। पुलिस ने पूरे घर को सील कर दिया है। पुलिस ने बताया कि 11 लोगों के परिवार में दो भाई और उनकी पत्नियां थीं, दो लड़के करीब 16 से 17 साल के थे। इसके अलावा मृतकों में एक बुजुर्ग मां और बहनें शामिल हैं। ` पुलिस इस परिवार के दूसरे लोगों की तलाश कर रही है और उनसे किसी भी प्रकार से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. कुछ लोग इस परिवार की सामूहिक मौत को आत्महत्या और जादू-टोना से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि वास्तविकता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

क्राइम ब्रांच को सौंपी जाँच- 

एक ही परिवार के 11 लोगों की रहस्यमयी मौत का मामला उलझता जा रहा है। ये मामला दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। दिल्ली पुलिस को इस मामले में अब तक की जांच में कई उलझाने वाले सबूत मिले हैं। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को हाथ से लिखे नोट्स बरामद हुए हैं जिसमें पूरे परिवार के एक खास तरह की रुहानी और रहस्यमयी प्रथा की ओर इशारा मिल रहा है। खास बात ये है कि ये नोट्स सभी 11 लोगों के शवों की हालत से मिलते जुलते हैं जिसमें उनके मुंह, आंखों और हाथ पर टेप बंधा हुआ था। अब क्राइम ब्रांच इसी तथ्य को ध्यान में रखकर भी जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज करते हुए विभिन्न पहलू से जांच शुरू कर दी है।

अब रक्त विकार से पीड़ित रोगियों के जारी होगें ‘‘विकलांगकता‘‘ प्रमाण पत्र

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विशिष्ट विकलांगकता सूची में किया गया शामिल

भोपाल। रक्त विकार के कारण होने वाली विशिष्ट विकलांगकतायें जैसे हीमोफीलिया, थैलीसीमिया एवं सिकल सैल एनीमिया को आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत विकलांगता सूची में शामिल किया गया है। इस संबंध में संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल द्वारा कुछ समय पूर्व प्रदेश के समस्त क्षेत्रीय संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षकों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत शासन ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श से रक्त विकार के कारण होने वाली बीमारियों हीमोफीलिया, थैलीसीमिया एवं सिकल सैल एनीमिया के आंकलन, मूल्याकंन एवं प्रमाणीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किये है। इनका प्रकाश कुछ समय पूर्व गजट में भी किया गया था। पत्र में उल्लेख है कि जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड इन बीमारियों के रोगियों को दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशिष्ट विकलांगकता आंकलन/मूल्याकंन एवं प्रमाणीकरण करते हुए विकलांगकता प्रमाण पत्र समय-सीमा में जारी करें। उल्लेखनीय है कि विकलांगकता प्रमाण पत्र जारी करने को ‘‘मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारण्टी अधिनियम 2010‘‘ के अंतर्गत शामिल किया गया है। अर्थात इसके लिए लोक सेवा के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर 15 दिन की समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी किया जाना अनिवार्य है। प्रमाण पत्र जारी करने में विलम्ब होने की दशा में वित्तीय दण्ड का प्रावधान है। इसलिए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये।

मध्यप्रदेश में सुरक्षित नहीं महिलायें और बालिकायें

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मंदसौर रेप काण्ड पर कैंडल मार्च निकालकर कांग्रेस ने जताया विरोध

मासूम के बलात्कारियों को ‘फांसी‘ देने की मांग

गुनौर। रडार न्यूज मंदसौर में आठ वर्षीय नाबालिग से रेप के विरोध में शनिवार रात 9 बजे कांग्रेसियों द्वारा सिली तिराहे पर इलाहाबाद बैंक के सामने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें छोटे बच्चे भी हुए शामिल। प्रदेश भर में मासूम बच्चियों से बलात्कार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लेकिन सूबे की भाजपा सरकार गहरी नींद में है। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस सवाल का जबाब देना चाहिये कि उनकी सरकार नींद से कब जागेगी। भाजपा के राज में मध्यप्रदेश बलात्कार की राष्ट्रीय राजधानी बन गया है और सूबे में हर साल 5,000 महिलाओं से दुष्कर्म हो रहा है। महिलाओं-बालिकाओं की हिफाजत सुनिश्चित करने प्रदेश सरकार अभी तक कोई मजबूत निर्णय नहीं ले पाई है, जिससे की इस तरह की दिल दहला देने बाली घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लग सके। साथ ही देश में मध्यप्रदेश की छवि में सुधार हो सके। राजनैतिक लाभ के लिए पवित्र रिश्तों की भावनात्क दुहाई देकर प्रदेश की महलाओं को अपनी बहिन और बटियों को भांजियां बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिलाओं-बालिकाओं को सुरक्षा प्रदान करने के मामले में अब तक पूरी तरह नाकाम रहे है।

चिंताजनक हुए हालत – 

बच्चों के साथ कैंडल जलाकर मंदसौर रेप कांड का विरोध करते कांग्रेस नेता

भाजपा और शिवराज के शासन में मध्यप्रदेश के हालात इतने अधिक बिगड़ चुके है कि अपराधी बेखौफ होकर महिलाओं-बालिकाओं की आबरू पर लगातार हमले कर रहे है। गुनौर में सभी कांग्रेसजनों ने इस मंदसौर रेप काण्ड घटना की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि यह दरिंदगी भरा अमानवीय कृत्य है जिसने सभ्य समाज को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेसजनों ने रेप के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है। ताकि इस तरह की घिनौनी घटनाओं को अंजाम देने वालों की रूह कांप उठे। कैंडल पश्चात रेप पीड़िता मासूम बच्ची के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से कामना की है। कैंडल मार्च में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता श्यामसुंदर पौराणिक, कुलदीप सिंह डिघौरा कार्यवाहक अध्यक्ष ब्लॉक गुनौर, संजय तिवारी , सुनील उपाध्याय, केशरी अहिरवार पूर्व सरपंच, उमेश गुप्ता सतेंद्र सिंह बुंदेला बल्लू सोनी, रावेन्द्र अवस्थी, सतोल चौधरी, सोने लाल प्रजापति, कल्लू पटेल,रानू राजा, संदीप सेनी, मनीष पाठक, हसन अली खान, अमित पठान , बेटा चौबे, धीरेन्द्र सिंह, राजेश गुप्ता, अजय रैकवार, रमेश रैकवार सहित सेकड़ो कार्यकर्ता शामिल हुए।

गरीबों के आशियानों में भर रहा बारिश का पानी

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रतनपुरा के ग्रामीणों ने नाली निर्माण कराने अपर कलेक्टर से की मांग

पन्ना। रडार न्यूज मानसून की दस्तक के साथ ही अजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत बहिरवारा के ग्राम रतनपुरा के ग्रामीणों के लिए परेशानी शुरू हो गई। गांव की सीसी सड़क की ऊंचाई अधिक होने और सड़क के दोनों किनारों पर जल निकासी के लिए नाली निर्माण न होने के कारण बारिश का पानी सड़क किनारे स्थित घरों में भर रहा है। मंगलवार 28 जून को हुई बारिश के चलते रतनपुरा के कई घरों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समस्या से निजात दिलाने की मांग को लेकर पिछले दिनों रतनपुरा के ग्रामीण पन्ना पहुंचे और यहां उनके द्वारा कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर अशोक ओहरी को एक आवेदन पत्र सौंपते हुए अपनी समस्या से अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि शीघ्र ही वर्षाजल निकासी का समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में तेज व अधिक बारिश होने पर उनके घरों में कई फिट तक पानी भर जायेगा। इस स्थिति में घरों में रहना और गृहस्थी के सामान को बचा पाना बेहद मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने समस्या की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर से तत्काल समुचित व्यवस्था करते हुए समस्या का निदान कराये जाने की मांग की है। आवेदन पत्र सौंपने वालों में देशराज लोधी, बसपा के पन्ना विधानसभा अध्यक्ष संजय अहिरवार, राजकिशोर लोधी, नाथूराम, रामकिशोर, रामबहादुर, फूलचंद, चुन्नीलाल, रामहित और कैलाश आदि शामिल रहे। श्री ओहरी ने आवेदन पर ग्रामीणों को कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए अजयगढ़ एसडीएम को उचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये है।

किसानों की खुशहाली के लिये केन्द्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध : श्री तोमर

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केन्द्रीय पंचायत-राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने हरसी कमाण्ड नहरों के जीर्णद्धार-काम का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र मौजूद थे।

रतनगढ़ पर बांध बनाकर पिछोर और डबरा क्षेत्र में नई हरित क्रांति लाएंगे : डॉ. मिश्र
55 करोड़ की लागत के नहर जीर्णोद्धार कार्यों का भूमिपूजन
 

भोपाल। केन्द्रीय पंचायत-राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा किसानों एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की खुशहाली के लिये केन्द्र व राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। श्री तोमर ग्वालियर जिले की जीवनदायनी कही जाने वाली हरसी कमाण्ड नहरों के जीर्णोद्धार कार्य के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के जल संसाधन तथा जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि सरकार सिंध नदी पर रतनगढ़ माता मंदिर के समीप बांध बनाकर डबरा तथा पिछोर क्षेत्र में नई हरित क्रांति लाएगी। हरसी परियोजना के तहत नहरों के जीर्णोद्धार के लिये सरकार ने 55 करोड़ 25 लाख रूपए की राशि मंजूर की है। आज केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर तथा जलसंसाधन मंत्री डॉ. मिश्र द्वारा पिछोर के समीप स्थित नहर पर जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन किया। श्री तोमर ने कहा है कि प्रदेश सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 7 लाख हैक्टेयर से बढ़कर लगभग 45 लाख हैक्टेयर हो गया है। सिंचाई का रकबा 60 लाख हैक्टेयर तक पहुँचाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि रतनगढ़ के समीप नया बांध बनने से इस क्षेत्र के किसानों में खुशहाली आयेगी। जलसंसाधन मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि एक साल के भीतर रतनगढ़ माता बांध बनाकर उसका पानी पिछोर तथा डबरा तक लेकर आएंगे। इससे इस क्षेत्र के गाँव-गाँव में नई हरित क्रांति आएगी। कार्यक्रम को विधायक भारत सिंह कुशवाह और वीरेन्द्र जैन ने भी संबोधित किया।