पंचतत्व में विलीन हुए “अटल बिहारी” | दत्तक पुत्री नमिता ने दी मुखाग्नि

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शोक में डूबे देश ने नम आँखों से दी अंतिम विदाई

राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

नई दिल्ली।  देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो गए। आज लाखों-करोड़ों लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनकी अंत्येष्टि नई दिल्ली के स्मृति स्थल में की गई। उनकी दत्तक बेटी नमिता भट्टाचार्य ने जैसे ही उन्हें मुखाग्नि दी वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे। इसके अलावा भूटान नरेश जिग्मे खेसर, पाकिस्तान के कानून मंत्री अली ज़फ़र, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला विदेश मंत्रियों समेत कई विदेशी नेताओं ने भी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा के नेता अंतिम यात्रा में पैदल ही शामिल हुए और करीब सात किलोमीटर की दूरी तय करके स्मृति स्थल पहुंचे। वाजपेयी की अंतिम यात्रा भाजपा कार्यालय से शुरू होकर जिस मार्ग से गुज़री, सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए कई घंटों से खड़े थे। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे समय “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे,” “जब तक सूरज–चांद रहेगा, अटलजी का नाम रहेगा”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम”, के नारे गूंजते रहे।

उल्लेखनीय है कि अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार की शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वे 93 वर्ष के थे। आज सुबह उनके पार्थिव शरीर को भाजपा के मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था जहां भाजपा के सभी दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर वाजपेयी को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोपहर करीब 2 बजे यहीं से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। रास्ते में लोग अपने चहेते नेता के शव पर पुष्प वर्षा करते रहे। स्मृति स्थल पर अंतिम संस्कार से पहले सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी। तत्पश्चात शाम के समय पूरे राजकीय सम्मान के साथ वाजपेयी का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।