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तेज रफ़्तार बस स्टियरिंग फेल होने से पलटी, 20 से अधिक यात्री हुए घायल

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पन्ना-बृजपुर मार्ग पर सड़क किनारे पड़ी दुर्घटनाग्रस्त यात्री बस।

पन्ना-बृजपुर मार्ग पर जनकपुर ग्राम के समीप हुई दुर्घटना   

घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय पन्ना में जारी, दो को रीवा किया रेफरल 

पन्ना। रडार न्यूज     रहुनियां से पन्ना आ रही अरुणेंद्र ट्रैवल्स की तेज रफ़्तार मिनी बस स्टियरिंग फेल होने अनियंत्रित होकर पलट गई। सोमवार को सुबह करीब 8:30 बजे हुई इस दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। जिनमें स्कूली बच्चे, महिलाएं और श्रमिक शामिल हैं। सुबह-सुबह हुई इस दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पन्ना पुलिस द्वारा तत्परता से गंभीर घायलों को उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय रवाना कर उन्हें भर्ती कराया गया।

जिला चिकित्सालय पन्ना में इलाज कराते घायल यात्री।

इस दुर्घटना के बाद बस क्रमांक- MP- 35-P- O777 का आरोपी चालक फरार है। घायल यात्रियों ने बताया हादसे के समय बस अत्यंत ही तेज गति से दौड़ रही थी और उसमें 30 से अधिक यात्री सवार थे। रास्ते में जैसे ही जनकपुर ग्राम के समीप पहुंचे तभी अचानक तेज रफ़्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से दूर जाकर पलट गई। पलक झपकते ही सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को भी संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के पलटते ही अंदर चींख-पुकार मच गई। घायल यात्री बदहवास हालत किसी तरह बाहर निकले। इस दौरान पन्ना-बृजपुर मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों ने भी उनकी मदद की। इस दुर्घटना में घायल हुए यात्री अत्यंत ही भयभीत हैं। इनका का कहना है कि उन्होंने आज मौत को करीब से देखा है। यह तो चमत्कार ही है कि वे बाल-बाल बच गए। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफरल किया गया है। शेष सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा दिलाने में मदद करेगा लोधी समाज

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राष्ट्रीय लोधी ब्रम्हानंद बौद्धिक संघ का गठन सम्पन्न

रामकृपाल लोधी को सर्वसम्मति से बनाया गया बैद्धिक संघ का अध्यक्ष

पन्ना। रडार न्यूज    राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा जिला ईकाई पन्ना की बैठक आयोजित की गई। जिसमें पन्ना जिले के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, समाजसेवी व लोधी समाज के बुद्धिजीवी युवा उपस्थित हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों द्वारा महारानी अवंती बाई लोधी एवं स्वामी ब्रम्हानंद के चित्र पर मल्यार्पण करते हुए नमन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से स्वामी ब्रम्हानंद बौद्धिक संघ का गठन करते हुए संघ के अध्यक्ष रामकृपाल लोधी सेवानिवृत्त शिक्षक हरदुआ शाहनगर को नियुक्त किया गया तथा जिला कोषाध्यक्ष इंजी. श्रीराम लोधी पन्ना को मनोनीति किया गया। वहीं ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। जिसमें अजयगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष चिरौंजीलाल लोधी शिक्षक, पन्ना ब्लॉक अध्यक्ष काषी प्रसाद लोधी, पवई ब्लॉक के सनेष कुमार लोधी को नियुक्त किया गया एवं राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा ब्लॉक ईकाई पन्ना के अध्यक्ष विक्रम महदेले को सर्वसम्मति से बनाया गया। बैठक में नंदपाल सिंह व्याख्याता द्वारा विस्तार से स्वामी ब्रम्हानंद बौद्धिक संघ के उद्देष्यों को बताया गया। जिसमें उन्होंने लोधी समाज के गरीब एवं वंचित वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा दिलाने में स्वामी ब्रम्हानंद बौद्धिक संघ मददगार होगा।

संघ का गठन ब्लॉक स्तर पर अधिकारी-कर्मचारी के सहयोग से विस्तार किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट शारदा प्रसाद सिंगरौल द्वारा की गई। मुख्य अतिथि पूर्व प्रत्याशी कांग्रेस पवई गिरधारी लाल लोधी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में धरमदास लोधी पूर्व जिला पंचायत सदस्य, रामकृपाल लोधी, इंजी. एलडी सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष बौद्धिक संघ उपस्थित रहे। इस बैठक में अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई को याद करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया कि पन्ना नगर में वीरांगना की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने के लिए शासन-प्रशासन से मांग की जायेगी। जिससे शहीदों के प्रति एवं नारी सशक्तिकरण की दिशा में अच्छा कदम होगा और शहीदों का सम्मान जनमानस में जागृत हो। कार्यक्रम को गिरधारी लाल लोध ने समाज को बढ़ाने में अपना तनमन धन से सहयोग करने की बात कही। वहीं धरमदास लोधी ने बैठक में संबोधित करते हुए युवाओं को शिक्षा के प्रति सहयोग के लिए बढ़-चढ़ कर आने का आव्हन किया।

एलडी सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष बौद्धिक संघ ने समाज के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से बौद्धिक संघ को मजबूत कनाने के लिए हरसंभव मदद करने की बात कही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा के जिलाध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह लोधी ने संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त करने व कुरीरियों को त्याग कर लोधी समाज के युवाओं को सकरात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य हमारे संगठन द्वारा किया जा रहा है। बैठक में अंगद सिंह लोधी, छोटे लाल लोधी, रंजोर सिंह लोधी, वीरेन्द्र महदेले, नंदकिशोर लोधी, विजय बहादुर लोधी, शिवमोहन सिंह लोधी, मलखान सिंह लोधी, रामसिंह लोधी, दिनेश कुमार लोधी, सीताशरण लोधी, विजयपाल, सूरज सिंह लोधी, मोहन लोधी, वीरेन्द्र लोधी, राजेन्द्र कुमार लोधी, अरविन्द्र कुमार लोधी सहित बड़ी संख्या में लोधी समाज के लोग उपस्थित रहे।

महिला अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया वीवीपैट का प्रशिक्षण

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व्यवहारिक कठिनाइयों एवं संचालन संबंधी प्रणाली से अवगत करवाया

पन्ना। रडार न्यूज     भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार कलेक्टर एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के दिशा निर्देशन में स्थानीय अग्रणी छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पन्ना जिले की महिला अधिकारियों तथा कर्मचारियों को वीवीपैट मशीन का व्यापक एवं गहन प्रशिक्षण नोडल अधिकारी डॉक्टर एच. एस. शर्मा एवं मास्टर ट्रेनर डॉक्टर आर. एम. दत्ता द्वारा दिया गया ।

इस अवसर पर छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर किरण खरे ,वरिष्ठ प्राध्यापक एवं मास्टर ट्रेनर प्रोफेसर पी. पी. गौर ,एवं प्रोफेसर पी. पी. मिश्रा के साथ ही जिले के स्वीप नोडल अधिकारी, प्रोफेसर विनय श्रीवास्तव प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित थे। नोडल अधिकारी प्रोफेसर एच. एस. शर्मा एवं मास्टर ट्रेनर डॉक्टर आर. एम. दत्ता द्वारा जिले की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीवीपैट मशीन की व्यवहारिक कठिनाइयों एवं संचालन संबंधी क्रिया प्रणाली से अवगत करवाया। प्रोफेसर शर्मा द्वारा मतदान की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित समस्त संचालन संबंधी गतिविधियों को विस्तार से समझाया गया। मास्टर ट्रेनर डॉक्टर आर. एम. दत्ता ने महिला अधिकारियों को व्यावहारिक रूप से वीवीपैट मशीन का प्रशिक्षण दिया तथा उनसे स्वयं प्रैक्टिस करवा कर पूर्णरूपेण प्रशिक्षित किया गया।

इस प्रशिक्षण सत्र में उच्च शिक्षा विभाग ,स्कूली शिक्षा विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रुप से प्रोफेसर उषा मिश्रा, प्रोफेसर मनोरमा गुप्ता, डॉक्टर श्रीमती मीरा सिरोलिया प्रभारी प्राचार्य अमानगंज कॉलेज, डॉक्टर श्रीमती रजनी सोनी शाहनगर महाविद्यालय, प्रोफेसर प्रभा अग्रवाल, के साथ जिले की 60 महिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पौधारोपण कर दिया ग्रीन पन्ना बनाने का संदेश

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समाजसेवी मनोज केसरवानी ने शहीदन में किया पौधारोपण

पर्यावरण संतुलन के लिए फलदार और छायादार पौधों का किया गया रोपण

पन्ना। रडार न्यूज    नगर के समीप प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शहीदन में आज काफी चहल-पहल थी क्योंकि यहां नगर के समाजसेवी मनोज केसरवानी की अगुवाई में नगर के कई गणमान्य लोगों के साथ पौधारोपण किया गया। जिसमें अनेकों फल एवं छायादार पौधे लगाये गए। इस अवसर पर मनोज केसरवानी ने अपने उद्बोधन में लोगों से आह्वान किया कि इस बारिश के मौसम में पौधारोपण जैसे महान कार्य को जरूर करें क्योंकि इनके बिना मानव जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है हमारे देश को करोड़ों पौधों की जरूरत है जो हमें शुद्ध ऑक्सीजन देने का कार्य करते हैं। साथ ही फल छाया एवं इमारती लकड़ी सहित कागज और अनेकों प्रकार की औषधियां भी प्रदान करते हैं।

इसके अलावा हरे भरे वृक्ष वर्षा के लिए मेघों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बीते कुछ वर्षों से बुंदेलखंड सहित पन्ना जिला भी सूखे की चपेट में है। अल्प वर्षा के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण लगातार वनों और वृक्षों की कटाई को माना जा रहा है। अतः हम अधिक से अधिक वृक्षों को लगा कर पर्यावरण संतुलन एवं संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इन हरे-भरे वृक्षों से स्वच्छ ऑक्सीजन पाकर बीमारी मुक्त लंबी उम्र प्राप्त कर सकते हैं वृक्षारोपण से मिट्टी के कटाव और प्राकृतिक आपदाओं को भी रोका जा सकता है।

इसलिए किसानों को भी अपने खेतों के आसपास पौधारोपण करना चाहिए जिसमें लंबी उम्र वाले वृक्षों को एवं फल व छायादार वृक्षों को अधिक महत्व देना चाहिए। वृक्षारोपण के दौरान समाजसेवी मनोज केसरवानी के साथ श्वेतकेतु शुक्ला, इब्राहिम खान, जमाल चाचा, सफीक खान नरेंद्र खरे टिंकू, खटीक सुनील पांडे सहित कई स्थानीय निवासी उपस्तित रहे। सभी ने अपने हाथों से वृक्षों को लगाकर ग्रीन पन्ना बनाने का संकल्प लिया।

सब्जी उत्पादन से खेती को बनाया लाभ का धंधा | कृषक लखनलाल की आय में हुआ इजाफा

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स्टेकिंग पद्धति द्वारा सफलतापूर्वक उगाई गई कद्दूवर्गीय फसलों को दिखाते कृषक लखनलाल कुशवाहा।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर खेती करके जनवार के किसान ने बदली तकदीर 

हर साल 15-17 लाख की होने लगी आय, परिवार में आई खुशहाली और सम्पन्नता

प्रेरणा लेकर गांव के अन्य किसानों ने भी अपनाई खेती की उन्नत तकनीक

पन्ना। रडार न्यूज    उन्नत तकनीक अपनाकर और कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर खेती की जाये तो वह लाभ का धंधा बन सकती है। कृषक लखनलाल ने यह साबित कर दिया है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम जनवार के निवासी काश्तकार लखनलाल कुशवाहा की गिनती आज जिले के प्रगतिशील किसानों में होती है। परम्परागत खेती के साथ-साथ फल-सब्जी उत्पादन और खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों को अपनाकर इस वृद्ध किसान ने खेती के धंधे को और अधिक लाभकारी बना लिया है। जिसके कारण उनका परिवार खुशहाल एवं सम्पन्न हो गया है। उन्हें आज वैज्ञानिक तकनीक से परंपरागत फसलें एवं सब्जियों के उत्पादन से सिर्फ 12 एकड़ कृषि भूमि से प्रतिवर्ष औसत 15 से 17 लाख रूपये की आय होने लगी है।

अपने तीनों पुत्रों के साथ खड़े प्रगतिशील किसान लखनलाल कुशवाहा।

लागत और मेहनत की तुलना में खेती से होने वाली कई गुना अधिक आय को देखते हुए कृषक लखनलाल कुशवाहा के तीनों बेटे शिक्षित होने के बाबजूद सरकारी नौकरी ना कर आधुनिक पद्धति से खेती कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इनके खेत में वर्ष भर औसतन एक दर्जन श्रमिकों को रोजगार भी मिल रहा है। जिला मुख्यालय पन्ना से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जनवार के काश्तकार लखनलाल के संघर्ष और सफलता की कहानी किसी सुपरहिट फिल्म की पटकथा जैसी है। जनवार के लोगों के बीच रियल हीरो की छवि बनाने वाले इस किसान के बारे जानकर यह विश्वास और अधिक मजबूत होता है कि सफलता पर किसी का एकाधिकार नहीं है। यदि कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति, रणनीति, संकल्प और मन में दृढ़ विश्वास हो तो सफलता कदम चूमती है। कुछ वर्ष पूर्व तक लखनलाल कुशवाहा की स्थिति भी दूसरे किसानों के जैसी थी। रातदिन अथक परिश्रम करने के बाद खेती से उनका किसी तरह जीविकोपार्जन ही चलता था। इस बीच कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के वैज्ञानिकों के संपर्क में आने के बाद लखनलाल ने जब उनकी सलाह पर खेती की तो उन्हें अच्छी-खासी आय होने लगी। बस यहीं से इस किसान की जिंदगी ने ऐसी करवट ली कि उसकी तकदीर ही बदल गई।

एक बार की मेहनत से लेते हैं तीन फसलें

काश्तकार लखनलाल द्वारा अनुपयोगी लेंटाना, बांस और जीआई तार की मदद से कद्दूवर्गीय फसलों का उत्पादन स्टेकिंग पद्धति द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है। कद्दूवर्गीय फसलों को फैलने के लिए सहारा देने लेंटाना की झाड़ियों और जीआई तार के उपयोग से भूमि से 5-6 फिट ऊँचा जाल बनाने में सिर्फ एक बार मेहनत और लागत लगती है जबकि इससे तीन फसलों का उत्पादन प्राप्त होता है। स्टेकिंग पद्धति के जरिये लखनलाल वर्तमान में खीरा (ककड़ी), गिलकी, लौकी की फसल ले रहे हैं। इसके बाद सैम, कद्दू , करेला का उत्पादन होगा। अर्थात बारिश के मौसम से लेकर शुरुआती गर्मियों के मौसम तक एक के बाद एक फसल की पैदावार आती रहती है। लखनलाल कुशवाहा के पास कुल 12 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने अपने दोनों खेतों में की 60 फीसदी भूमि पर स्टेकिंग पद्धति से कद्दूवर्गीय फसलें लगाई है। इनके फसल चक्र के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खीरा की फसल बुबाई से लेकर 90 दिनों तक रहती है। इसके बाद लौकी की फसल बुबाई से लेकर 140 दिन तक रहती है। साल के आखिरी महीने यानि दिसंबर में सैम की फसल आती है जोकि मार्च तक फलियां देती है। लखनलाल के अनुसार स्टेकिंग तैयार करने में आने वाली लागत खीरा की एक-दो बार की बिक्री में ही निकल आती है। इस तरह खीरा के बाद आने वाली दो फसलों से उन्हें शुद्ध आय होती है। इसके अलावा वे बैगन, प्याज, मिर्च, टमाटर, भिंडी आदि सब्जियां लगाते हैं।

आम, अमरुद और अचार से भी कमाई

प्रदेश में खेती को लाभकारी बनाने के लिये किसानों को परम्परागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी और खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। फलस्वरूप कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के प्रमुख डॉ. बी.एस. किरार और डॉ. आर. के. जायसवाल की सलाह पर किसान लखनलाल कुशवाहा ने अपने खेत की मेढ़ पर अच्छी किस्म के अमरुद, आम, नीबू और अचार (चिरौंजी) के पेड़ लगाए थे, जोकि पिछले कुछ वर्षों से हर सीजन में बंफर उत्पादन देकर आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। इनके खेत में अमरुद के 70, आम की विभिन्न किस्मों के 25, अचार के 15, और नींबू के 10 पेड़ लगे हैं। इसके अलावा वे पशुपालन भी कर रहे हैं। दस नग भैंस वंशीय पशुओं से कुशवाहा परिवार को जहां पर्याप्त दूध-घी मिल रहा है, वहीं उसकी बिक्री से अतिरिक्त आय हो रही है। लखनलाल कुशवाहा के सबसे छोटे बेटे मनमोहन ने बताया कि वह अपनी भैंसों को अच्छी क्वालिटी का चारा खिलाते है। अपने खेत के एक हिस्से में वे पशुओं के लिए नैपियर घास का उत्पादन भी कर रहे हैं। वहीं पशुओं के गोबर का जैविक खाद के रूप में उपयोग अपने खेतों में करके ज्यादा फसल उत्पादित कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की उपयोगी सलाह पर खेती करते हुए लखनलाल और उनके तीनों पुत्रों ने छोटे-छोटे प्रयासों से सफलता की ऐसी कहानी लिखी है जिसे देखकर जनवार सहित आसपास के गांवों के लोगों की खेती को लेकर सोच में बदलाव आया है। इनसे प्रेरणा लेकर अन्य लोगों में भी यह उम्मीद जागी है कि वे भी अपनी खेती को लाभ का धंधा बनाकर खुशहाल एवं सम्पन्न हो सकते हैं। जनवार ग्राम में आये इस सकारात्मक बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण वे आदिवासी हैं जोकि कुछ साल पहले तक लखनलाल के खेतों में बतौर कृषि मजदूर काम किया करते थे। आज वे स्वयं लखनलाल के नक्शेकदम पर चलते हुए कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकी को अपनाकर खेती से अपनी आर्थिक स्थिति सवांर रहे हैं।

खेती में मुनाफा देखकर नहीं की नौकरी

प्रदेश और केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए आज जहां कई योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर प्रतिवर्ष उन पर बड़ी धन राशि खर्च कर रही हैं, वहीं लखनलाल कुशवाहा जैसे लोग भी हैं जोकि सिर्फ विशेषज्ञों की सलाह मात्र से अपने बलबूते ही खुशहाली और समृद्धि की इबारत लिख रहे हैं। यह खेती से होने वाली अच्छी-खासी कमाई का ही नतीजा है कि लखनलाल के तीनों पुत्रों – चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा, लक्ष्मी प्रसाद और मनमोहन कुशवाहा ने पढ़े-लिखे होने के बाबजूद आज तक नौकरी के बारे में नहीं सोचा। तीनों भाइयों का मानना है कि थोड़ा प्रयास करने पर उन्हें छोटी-मोटी सरकारी नौकरी मिल सकती थी। लेकिन उसमें जितनी वेतन मिलती उससे कई गुना अधिक आज वे खुद मालिक बनकर कमा रहे हैं। खेती ने इन्हें इतना सक्षम बना दिया है कि आज वे दूसरों को नियमित रूप से रोजगार दे रहे हैं। खेती के काम में इनकी वृद्ध माँ हल्की बाई आज भी बराबर से हांथ बटाती हैं। इस परिवार में खेती को लेकर गज़ब का उत्साह है। खेती से इनके जीवन में आई सम्पन्नता का प्रमाण आधुनिक साधन जैसे स्वयं के दो ट्रेक्टर-ट्राली, पिकअप जीप, आधुनिक कृषि उपकरण, डीजल एवं समर्सेबल पम्पों के अलावा खेतों की सिंचाई की समुचित व्यवस्था होना है।

पन्ना सहित पड़ोसी जिलों में बेंचते हैं सब्जी

पैर से विकलांग चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि उनके खेत से निकलने वाली सब्जी को छोटा भाई पिकअप जीप से लेकर पन्ना, सतना, देवेंद्रनगर, अमानगंज, कटनी, रीवा और जबलपुर तक बेंचने जाता है। इनकी सब्जी की बाजार में अच्छी मांग रहती है क्योंकि ताजी होने के साथ-साथ उसे जैव उर्वरकों और जैविक कीटनाशकों का उपयोग कर उगाया जाता है। रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग नाम मात्र के लिए ही करते हैं। उधर लखनलाल कुशवाहा 63 साल की उम्र में आज भी अपनी बाइक से प्रतिदिन सब्जी बेंचने के लिए पन्ना जाते हैं। जहां उनकी सब्जी हाथों-हाथ बिक जाती है। उम्र के इस पड़ाव में भी लखनलाल मेहनत, लगन और उत्साह के मामले किसी से पीछे नहीं है। कठिन परिश्रम से अर्जित अपनी सफलता को वे बड़ी ही साफ़गोई से बताते हैं। अपने जीवन संघर्ष के पन्नों को पलटते हुए वे कहते आज में जहां खड़ा हूँ उससे पूर्णतः संतुष्ट हूँ। लखनलाल कुशवाहा के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी उन्नत खेती की बदौलत जीवन संवारने की गवाह बनी हुई है। जिसके कारण उनका परिवार अब जागरूक समृद्ध परिवारों की श्रेणी में गिना जानें लगा हैं। उनका कहना है कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर मेहनत-लगन से खेती की जाये साथ ही खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों पर भी फोकस किया जाये तो खेती-किसानी मुनाफे का धंधा साबित हो सकती है।

इनका कहना है-    लखनलाल कुशवाहा से आज जनवार के किसान प्रेरणा ले रहे हैं। खेती को लाभ का धंधा बनाकर उससे आय कई गुना कैसे बड़ाई जाये, यह इस प्रगतिशील किसान से भलीभांति सीखा जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में कुशवाहा परिवार पिछले पांच साल से उन्नत तकनीक को अपनाकर खेती कर रहा है। वे पूर्णतः जैविक खेती की और अग्रसर हैं।

डॉ. बी. एस. किरार, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र जिला पन्ना।

बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अपग्रेड किये जायें कॉल सेंटर

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सांकेतिक फोटो।

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने जबलपुर में बिजली व्यवस्था की समीक्षा की

भोपाल। रडार न्यूज     प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सुविधायें मुहैया करवाने के लिए कॉल सेंटरों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके लिए कॉल सेन्टरों में कार्यरत कार्मिकों की संख्या और संसाधन बढ़ाने के लिए कहा गया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा आई.सी.पी. केशरी ने आज जबलपुर में बिजली कंपनियों के कार्यों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति समस्याओं के समाधान और लाइन कार्मिकों के उचित समन्वय के लिए वायरलेस सेट्स का उपयोग किया जाए।

प्रमुख सचिव श्री केशरी ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को निर्देश दिए कि कंपनी के प्रत्येक डिवीजन और जिले में बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक नोडल अभियंता नियुक्त किया जाए। नोडल अभियंता के वाट्सऐप युक्त मोबाइल नंबर की सूचना प्रत्येक उपभोक्ता को आवश्यक रूप से दी जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना-सौभाग्य का लक्ष्य इस वर्ष अक्टूबर माह तक हासिल करना है। इसके लिए उच्च शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की सहायता से सर्वेक्षण करवा कर बिजली विहीन घरों को कनेक्शन प्रदान करने की कार्यवाही की जाए।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि उपभोक्ता शिविर में सरल बिजली स्कीम के लिए पृथक से विशेष काउंटर लगाए जाएं। इस माह के अंत तक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सर्किल और डिवीजन में योजना का लक्ष्य हासिल किया जाये। सरल बिजली बिल का लाभ लेने वालों का पूरा डाटा तीन माह के भीतर डिजीटाइज कर दिया जाए। डिजीटल डाटा में डिवीजन, डिस्ट्रीब्यूशन कोड उपभोक्ता के आईवीआरएस और श्रमिक आईडी टेग रहेगा। उन्होंने मैदानी अभियंताओं से कहा कि 25 अगस्त और 8 सितंबर को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत का पंजीकृत श्रमिकों, कर्मकारों और किसानों को व्यापक लाभ दिलावाया जाये। जिन हितग्राहियों के प्रकरण समाप्त हो रहे हों, उनकी उपस्थिति मैदानी बिजली अभियंता अदालत में सुनिश्चित की जाये। रबी सीजन से पूर्व बिजली प्रणाली सुदृढ़ीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाये।सब स्टेशन और लाइन के निर्धारत कार्य समय सीमा में पूरे किये जाएं। उन्होंने ट्रांसफार्मर की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सौभाग्य योजना, सरल बिजली बिल स्कीम, मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिजल माफी स्कीम 2018, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति स्थिति, राजस्व, मीटराइजेशन योजना आदि की समीक्षा की गई।

भोपाल और ग्वालियर में “अटल” की स्मृति में बनेंगे स्मारक | हबीबगंज रेल्वे स्टेशन भी वाजपेयी के नाम पर होगा !

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पुष्पचक्र अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान।

मध्यप्रदेश के स्कूलों में अगले साल से पढ़ाई जायेगी उनकी जीवनी

सात स्मार्ट सिटी में विश्वस्तरीय लाइब्रेरीभी बनेंगी उनके नाम पर 

भोपाल । रडार न्यूज     मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये राज्य सरकार ने कई निर्णय लिये हैं। भोपाल और ग्वालियर में उनकी स्मृति में भव्य स्मारक बनाये जायेंगे। ग्वालियर के गोरखी के जिस विद्यालय में स्वर्गीय वाजपेयी कक्षा 6 से 8 तक पढ़े थे उसे उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसमें स्मार्ट क्लास, प्लेनेटोरियम और म्यूजियम बनाया जायेगा, साथ ही स्वर्गीय अटल बिहारी की प्रतिमा स्थापित की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में भोपाल और ग्वालियर में स्मृति वन स्थापित किये जायेंगे। जिनमें अटल की प्रतिमा के साथ उनके कार्यों को बेहतर ढ़ंग से प्रस्तुत किया जायेगा ताकि भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे ग्लोबल स्किल पार्क का नाम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जायेगा। प्रदेश के स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जा रहे सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना में स्वर्गीय अटल के नाम पर विश्वस्तरीय लाइब्रेरी स्थापित की जायेगी। इन लाइब्रेरियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में युवाओं के लिये कोचिंग, शोध और सामाजिक चिंतन के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी तरह सात स्मार्ट सिटी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर्स का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। इन सेंटरों पर मध्यप्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने की सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।

तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे

पूर्व सांसद कैलाश नारायण सारंग ने स्थानीय गुजराती भवन में हुई श्रद्धांजलि सभा में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी अगले वर्ष से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल की जायेगी। स्वर्गीय अटल बिहारी के नाम से तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे। पाँच-पाँच लाख रूपये के यह पुरस्कार कविता, पत्रकारिता और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जायेंगे। प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिये बनाये जा रहे चार श्रमोदय विद्यालयों के नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखे जायेंगे। विदिशा में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी उनके नाम पर रखा जायेगा। भोपाल के अत्याधुनिक हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम स्वर्गीय अटल के नाम पर करने के लिये केन्द्रीय रेलमंत्री से आग्रह किया जायेगा।

21 को भोपाल में श्रद्धांजलि सभा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 21 अगस्त को भोपाल में समाज का हर वर्ग स्वर्गीय वाजपेयी श्री को श्रद्धांजलि दें इसके लिये रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। आगामी 22 से 25 अगस्त बीच सभी जिला मुख्यालय में तथा आगामी 25 से 30 अगस्त के बीच सभी विकासखण्ड और ग्राम पंचायतों में भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। उनकी अस्थियों को नर्मदा सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों में प्रवाहित किया जायेगा।

केरल बाढ़ प्रभावितों की सहायता की अपील

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केरल के बाढ़ प्रभावितों के लिये राज्य सरकार द्वारा दस करोड़ रूपये की सहायता राशि भेजी जायेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अपने सामर्थ्य के अनुसार केरल के बाढ़ प्रभावितों को सहयोग करें। इसके लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष में केरल सहायता के नाम से खाता क्रमांक 37885301406 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बल्लभ भवन शाखा में राशि जमा करा सकते हैं।

 

मतदान केन्द्र पर वोटर लिस्ट में इसलिए चेक करें अपना नाम !

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सांकेतिक फोटो।

मतदाता सूची द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य 31 तक

पन्ना। रडार न्यूज     आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के पूर्व मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटि रहित बनाने के लिए द्वितीय विशेष पुनरीक्षण कार्य प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने जानकारी देते हुये बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य 31 अगस्त-2018 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने जिले के आम मतदाता से अपील करते हुये कहा है कि मतदाता अपने मतदान केन्द्र् पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करें। उसमें यदि कही कोई संशोधन कराना चाहते हो अथवा कोई आपत्ति हो तो निर्धारित दिनांक के पूर्व बीएलओ अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।

मतदाताओं को बीवीपीएटी की दी जाएगी जानकारी

चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए इस बार ईव्हीएम के साथ बीवीपीएटी मशीनों का भी उपयोग किया जायेगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने आम मतदाता को को ईव्हीएम वीवीपीएटी की जानकारी देने के लिए इनका प्रदर्शन मतदान केन्द्रों पर करने के निर्देश दिये हैं । उन्होने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना, पवई, अजयगढ़, गुनौर एवं शहनगर तथा परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास पन्ना, अजयगढ़ , गनौर एवं पवई के साथ सहायक संचालक उद्यान पन्ना को एक-एक ईव्हीएम मय बीवीपीएटी मशीन के साथ उपलब्ध कराते हुये निर्देश दिये है कि प्रति दिन कम से कम दस मतदान केन्दों में प्रदर्शित कर आम मतदाता को जानकारी उपलब्ध करायें ।

पंचतत्व में विलीन हुए “अटल बिहारी” | दत्तक पुत्री नमिता ने दी मुखाग्नि

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शोक में डूबे देश ने नम आँखों से दी अंतिम विदाई

राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

नई दिल्ली।  देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो गए। आज लाखों-करोड़ों लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनकी अंत्येष्टि नई दिल्ली के स्मृति स्थल में की गई। उनकी दत्तक बेटी नमिता भट्टाचार्य ने जैसे ही उन्हें मुखाग्नि दी वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे। इसके अलावा भूटान नरेश जिग्मे खेसर, पाकिस्तान के कानून मंत्री अली ज़फ़र, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला विदेश मंत्रियों समेत कई विदेशी नेताओं ने भी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा के नेता अंतिम यात्रा में पैदल ही शामिल हुए और करीब सात किलोमीटर की दूरी तय करके स्मृति स्थल पहुंचे। वाजपेयी की अंतिम यात्रा भाजपा कार्यालय से शुरू होकर जिस मार्ग से गुज़री, सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए कई घंटों से खड़े थे। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे समय “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे,” “जब तक सूरज–चांद रहेगा, अटलजी का नाम रहेगा”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम”, के नारे गूंजते रहे।

उल्लेखनीय है कि अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार की शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वे 93 वर्ष के थे। आज सुबह उनके पार्थिव शरीर को भाजपा के मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था जहां भाजपा के सभी दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर वाजपेयी को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोपहर करीब 2 बजे यहीं से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। रास्ते में लोग अपने चहेते नेता के शव पर पुष्प वर्षा करते रहे। स्मृति स्थल पर अंतिम संस्कार से पहले सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी। तत्पश्चात शाम के समय पूरे राजकीय सम्मान के साथ वाजपेयी का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन | देशभर में शोक की लहर

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दिल्ली के एम्स में चल रहा था इलाज, राजनीति के युग का हुआ अंत

नई दिल्ली। रडार न्यूज   देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का इलाज के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में निधन हो गया। उनकी हालत पिछले कुछ दिनों से नाजुक बनी थी और उसमें कोई सुधार नहीं हो रहा था। 93 वर्षीय श्री वाजपेयी काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। आज शाम पांच बजकर पांच मिनट पर उन्होंने अंतिम साँस ली। एम्स ने इस संबंध प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी है। इसके पूर्व एम्स प्रबंधन ने गुरुवार सुबह 11 बजे मेडिकल बुलेटिन जारी कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत काफी नाजुक बताई थी। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार पुनः अटल बिहारी वाजपेयी को देखने के लिए एम्स पहुंचे। बुधवार को भी वे एम्स गए थे।

श्री वाजपेयी की हालत नाजुक होने की खबर आने के बाद एक-एक कर कई बड़े नेता उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे। वाजपेयी से मिलने पहुंचने वालों में भाजपा के सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन प्रमुख हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी श्री वाजपेयी की हालत जानने एम्स पहुंचे। मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को इसी वर्ष जून में किडनी में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से एम्स में भर्ती कराया गया था। भाजपा के संस्थापकों में शामिल अटल जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। अटल जी के निधन से देश में शोक की लहर देखी जा रही। कई नेताओं ने उनके निधन को भारतीय राजनीति के एक युग का अंत बताया।

वर्ष 1996 में पहली बार बने थे प्रधानमंत्री

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दस बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए अटल बिहारी वाजपेयी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। एक लोकप्रिय वक्ता होने के साथ-साथ वे अच्छे कवि और पत्रकार भी थे। वे दूसरी लोकसभा से चौदहवीं लोकसभा तक सांसद रहे। वर्ष 1996 में श्री वाजपेयी पहली बार सिर्फ 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन बहुमत साबित न कर पाने की वजह से 31 मई 1996 को उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 1998 तक लोकसभा में विपक्ष के नेता रहे। वर्ष 1998 के आमचुनावों में सहयोगी दलों के साथ उन्होंने लोकसभा में अपने गठबंधन का बहुमत साबित किया और इस तरह एक बार फिर प्रधानमंत्री बने। लेकिन एआईएडीएमके द्वारा समर्थन वापस लेने के कारण उनकी सरकार गिर गई और इस तरह वर्ष 1999 एक बार फिर आम चुनाव हुए। यह चुनाव एनडीए ने साझा घोषणापत्र पर लड़ा जिसमें बहुमत मिलने पर वाजपेयी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी।