भाजपा के महाकुंभ से लौट रही बस नाले में गिरी | एक कार्यकर्ता की मौत, 21 घायल

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नाले में पड़ी गुप्ता ट्रांसपोर्ट पन्ना की दुर्घटनाग्रस्त बस जिसमें भाजपा कार्यकर्ता सवार थे।

कार्यकर्ताओं की जान पर बना रिकार्ड भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करना

दमोह से भोपाल जाते समय भी पलटी थी एक बस, 24 भाजपाई हुए थे घायल

दमोह/पन्ना। रडार न्यूज    प्रदेश की राजधानी भोपाल में संपन्न हुए भाजपा के महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होकर वापस पन्ना लौट रहे भाजपा कार्यकर्ताओं से खचाखच भरी बस रास्ते में दमोह जिले में आनू रेल फाटक के समीप अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। इस हादसे पन्ना जिले की रैपुरा तहसील के ग्राम बघबार निवासी भाजपा कार्यकर्ता महेश सेन 50 की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि 21 कार्यकर्ता घायल बताये जा रहे हैं। सभी घायल भाजपा कार्यकर्ता पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र के निवासी हैं। सड़क हादसा बुधवार 26 सितम्बर की सुबह करीब 4 बजे हुआ। प्राप्त जानकारी अनुसार बस क्रमांक एमपी- 35 पी-0188 से पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भोपाल के महाकुंभ से वापस लौट रहे थे। रास्ते में दमोह जिले में सुबह-सुबह आनू रेल फाटक के ब्रेकर से पहले बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी।

इलाज के एम्बुलेंस से दमोह के जिला चिकित्सालय जाते घायल भाजपा कार्यकर्ता।

इस हादसे के समय बस में सवार भाजपा कार्यकर्ता सो रहे थे। बस के नाले में गिरते ही अंदर चींख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे की सूचना मिलने पर डायल 100 के अलावा 108 एम्बुलेंस वाहन और हिंडोरिया थाना प्रभारी विजय मिश्रा हमराही बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इस बीच ग्रामीण भी वहां आ गये करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद सभी घयलों को बस से निकालकर जिला चिकित्सालय दमोह ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान भाजपा कार्यकर्ता महेश सेन 50 वर्ष निवासी बघवार थाना रैपुरा की मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 7 जब महेश की हादसे में असमय मौत और उसके साथियों के घायल होने की दुखद खबर रैपुरा क्षेत्र में पहुंची तो कोहराम मच गया। घायलों की हालत जानने के लिए उनके चिंतित परिजन परेशान होते रहे। इस हादसे की खबर रैपुरा क्षेत्र में फैलेने के बाद से पूरे इलाके शोक की लहर व्याप्त है।

भोपाल जाते समय भी पलटी थी बस

दमोह जिले के आनू रेल फाटक के पास नाले में पड़ी दुर्घटनाग्रस्त बस को देखते राहगीर।

मध्यप्रदेश में कार्यकर्ता महाकुंभ से भाजपा का चुनावी शंखनाद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार 25 सितम्बर को भोपाल आये थे। इस विशाल आमसभा में रिकार्ड भीड़ जुटाने के लिए समूचे मध्यप्रदेश से भाजपा कार्यकर्ताओं को बसों और ट्रेनों से भोपाल पहुँचाया गया था। आयोजकों द्वारा महाकुंभ में 10 लाख कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा करते हुए इसे भीड़ के लिहाज से देश का सबसे बढ़ा राजनैतिक महाकुंभ बताया जा रहा था। प्रधानमंत्री को सभा में अपार भीड़ दिखाकर अपने नंबर बढ़ाने के चक्कर में प्रदेश के कतिपय भाजपा नेताओं ने अपनी पार्टी के कार्यकर्तों की सुरक्षा और जनसामान्य की असुविधा को जानबूझकर अनदेखा कर दिया। एक और जहां सैकड़ों बसों का अधिग्रण किये जाने से समूचे प्रदेश में लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए परेशान होते रहे वहीं करीब 24 घंटे तक भोपाल कि ओर आने-जाने मार्गों में हैवी ट्रैफिक रहा।

वहीं महाकुंभ में जाने वाले कार्यकर्ताओं को अव्यवस्थाओं के लिहाज से भी अच्छी-खासी फजीहत झेलनी पड़ी। इस राजनैतिक शक्ति प्रदर्शन का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि दमोह से कार्यकर्ताओं से भरी एक बस भोपाल जाते समय रोनकुमरई व गढ़ाकोटा के बीच मवेशियों को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस दुर्घटना में करीब दो दर्जन भाजपाई घायल हुए थे। जिसमें 10 गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। अभी इस दुर्घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि बुधवार को दूसरा हादसा भोपाल से बस लौटेते समय हो गया। इन हादसों के मद्देनजर यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा कि भीड़ जुटाने का रिकार्ड कायम करने का नेताओं का अहम् उनके अपने ही कार्यकर्तााओं की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।