राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती शर्मा ने सखी-संगिनी को किया सम्मानित
समिति सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ
भोपाल। रडार न्यूज राष्ट्रीय महिला आयोग की अघ्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा ने सखी-संगिनियों को अपने-अपने क्षेत्र के साहस, उत्साह और प्रेरणा का मंत्र देते हुए कहा कि महिलाओं पर अत्याचार और शोषण का मूल कारण अशिक्षा है। श्रीमती शर्मा ने कहा कि सभी महिलाओं को शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान में भी प्रशिक्षित होने की जरूरत है। यह बात श्रीमती शर्मा ने म.प्र राज्य महिला आयोग द्वारा दो दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी महिलाओं के प्रति-व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश की बांछड़ा जनजाति की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास किये जाने की जरूरत बताई।
महिलाओं को सशक्त बनाने किये जा रहे कार्य

राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े ने मध्यप्रदेश में महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिये हो रहे कार्यो के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला आयोग ने आठ समितियों का गठन किया है जिनके माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के दिशा में कार्य किये जा रहे है। आयोग ने जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर गठित सखी-संगिनी और शक्ति समितियों के माध्यम से एक लाख चौदह हजार महिलाओं को जोड़ा है। इसके अलावा हमारी सदस्य समझदार बेटी कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर बेटियों को शिक्षित कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तरीय सदस्यों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सूर्या चौहान, श्रीमती प्रमिला वाजपेयी, श्रीमती गंगा उइके, श्रीमती अंजू सिंह बघेल एवं श्रीमती सुमन राय और आयोग के सलाहकार एवं योग फाउन्डेशन के संस्थापक प्रमोद दुबे उपस्थित थे।
















मुख्य अतिथि एनबीएस राजपूत ने कार्यक्रम में आये सभी समाज बंधुओं को गांव-गांव जाने एवं टीम बनाकर शैक्षणिक एवं कैरियर गाइडेंस की टीम बनाकर आवश्यक मार्गदर्शन देने पर जोर दिया। शिक्षा गृहण करने हेतु बालिकाओं को हर संभव सहयोग देने एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए खेती के साथ-साथ अन्य कोई व्यवसाय या फिर सहायक गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि अनुपमा लोधी ने लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा उन्हें शिक्षा के पूर्ण अवसर प्रदान करने की बात कही। शासन-सत्ता में भागीदारी करें, आपसी मतभेद दूर कर विकास की और अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई की अश्वारोही प्रतिमा जिला मुख्यालय में लगाये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस संबंध में 27 सितम्बर 2018 को 11 बजे जय स्तंभ पार्क में समाजजनों द्वारा एकत्र होकर नगर भ्रमण करते हुए कलेक्टर पन्ना को ज्ञापन सौंपा जायेगा। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में उपिस्थत होने की अपील की गई है। इसके अलावा कार्यक्रम को उमा लोधी, केशरी लोधी, एडवोकेट छदामी लाल लोधी, एसपी सिंगरौल, ओमप्रकाश लोधी, नेमचंद राजपूत एटा से पधारे, मिथलेश सिंह, राजा सिंह महदेले, संतराम लोधी, महेन्द्र सिंह महदेले, विक्रम मेहदेले, सुरेंद्र सिंह शिक्षक सहित अन्य लोगों संबोधित किया।
लोधी युवा महासभा में एलडी सिंह बौद्धिक प्रदेश उपाध्यक्ष, श्रीपाल लोधी, रामसिंह लोधी प्रदेश प्रचार मंत्री, बाला लोधी प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रहलाद लोधी जिला पंचायत सदस्य, राजेन्द्र कुमार लोधी जिला मीडिया प्रभारी, शिव प्रसाद लोधी, एडवोकेट रामखिलावन लोधी, मुरलीमनोहर लोधी, सूर्यप्रताप वर्मा, रामक्रपाल लोधी अध्यक्ष, शिवमोहन लोधी, दिनेश लोधी, रामहेत लोधी, गोविन्द्र लोधी, चिरौंजी लाल लोधी, मोहन लोधी, विजय लोधी, सतेन्द्र लोधी, भारत लोधी, आनंद लोधी, वीरेन्द्र महदेले, काशी प्रसाद महदेले, राजाराम लोधी, एडवोकेट उमेश पटेल, कमलेश लोधी, रामस्वरूप सिंगरौल अचार जी पन्न, ओमकार लोधी, रामजस लोधी, रामजी सिमरिया, वीरेन्द्र लोधी, किशोर सिंह महदेले, सुजीत सिंह, रमेश लोधी, जयपाल लोधी सहित बडी संख्या में लोधी समाज के लोग उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रदीप पाण्डेय, अध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा लोकतंत्र में समाज की भूमिका विषय पर बोलते हुए कहा कि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत मतदान आवश्यक है। समाज में कार्य कर रही है सिविल सोसाइटी, स्वैच्छिक संगठनों एवं परामर्शदाताओं से आव्हान किया कि शत-प्रतिशत मतदान हेतु मतदाता जागरूकता अभियान चलाए, रैली, संगोष्ठी के माध्यम से लोकतंत्र के इस महायज्ञ में 18 वर्ष से उपर की आयु के सभी व्यक्ति की आहुति आवश्यक है तभी हमारा देश और लोकतंत्र मजबूत बनेगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रलोभन में अपने मताधिकार का उपयोग न करें, बल्कि सोच समझकर स्वतंत्र रूप से मतदान करें। आओ हम सभी लोकतंत्र के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दें।
