देश और लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान है आवश्यक – प्रदीप पाण्डेय

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परामर्शदाताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

गांव-गांव नेतृत्व क्षमता का विकास करना है प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य

चित्रकूट। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अन्तर्गत रीवा एवं शहडोल संभाग का दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में चल रहे परामर्शदाताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट के अध्यक्ष एवं सिविल जज अमित कुमार, प्रदीप पाण्डये, उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद उपस्थित रहे। जिला समन्वयक प्रवीण पाठक एवं डॉ. राजेश तिवारी के द्वारा अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा अमिताभ श्रीवास्तव संभाग समन्वयक रीवा के द्वारा रखा गया। इस प्रशिक्षण में रीवा एवं शहडोल संभाग के 7 जिला समन्वयक, 20 विकासखण्ड समन्वयक एवं 37 विकासखण्डों के 222 परामर्शदाता उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर न्यायधीश अमित निगम के द्वारा प्रशिक्षणाथिर्यायों को विधिक साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता अभियान के संबंध में जानकारी दी गई। इनके द्वारा बताया गया कि विधिक साक्षरता के माध्यम से हम बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं। लोगों के बीच जाकर विधि की जानकारी देना आवश्यक है। विधिक साक्षरता के सत्र में डीपीएसपी, आईपीसी, सीआरपीसी, मौलिक अधिकार, समता का अधिकार स्वतंत्रता का अधिकार, जीवन की स्वतंत्रता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी। विधिक साक्षरता का उद्देश्य कानून का सम्मान करने वाले समाज का निर्माण करना है।

मतदाता जागरूकता अभियान चलायें

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रदीप पाण्डेय, अध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा लोकतंत्र में समाज की भूमिका विषय पर बोलते हुए कहा कि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत मतदान आवश्यक है। समाज में कार्य कर रही है सिविल सोसाइटी, स्वैच्छिक संगठनों एवं परामर्शदाताओं से आव्हान किया कि शत-प्रतिशत मतदान हेतु मतदाता जागरूकता अभियान चलाए, रैली, संगोष्ठी के माध्यम से लोकतंत्र के इस महायज्ञ में 18 वर्ष से उपर की आयु के सभी व्यक्ति की आहुति आवश्यक है तभी हमारा देश और लोकतंत्र मजबूत बनेगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रलोभन में अपने मताधिकार का उपयोग न करें, बल्कि सोच समझकर स्वतंत्र रूप से मतदान करें। आओ हम सभी लोकतंत्र के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दें।