* व्यापक लोकहित में आपराधिक प्रकरणों को वापस लेने नयी प्रक्रिया अनुमोदित
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में व्यापक लोकहित में आपराधिक प्रकरणों के वापस लेने (प्रत्याहरण) के लिए नयी प्रक्रिया अनुमोदित की गई है। अनुमोदित प्रक्रिया अनुसार प्रत्याहरण के लिए अब किसी भी आवेदक को राजधानी आने की आवश्यकता नहीं होगी। वह अपना आवेदन सीधे संबंधित जिले के जिलादण्डाधिकारी को प्रस्तुत कर सकेगा। प्रकरण के प्रत्याहरण के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय समिति के गठन के साथ ही प्रकरण प्रत्याहरण की त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संचालक लोक अभियोजन को संयोजक एवं नोडल एजेंसी घोषित किया गया है।
जिला स्तरीय समिति में जिलादण्डाधिकारी को अध्यक्ष, जिला पुलिस अधीक्षक को सदस्य और जिला लोक अभियोजन अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। राज्य स्तरीय समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव गृह विभाग, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य, पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि सदस्य होंगे। संचालक लोक अभियोजन को समिति का संयोजक बनाया गया है। राज्य स्तरीय समिति प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर अनुशंसा कर सकेगी। मंत्रि-परिषद की बैठक में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई।
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राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार 10, 20, 30, वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके वनरक्षकों को नियुक्ति दिनाँक से समयमान वेतन का लाभ दिया जाये। कर्मचारियों द्वारा 24 अप्रैल 2018 वृत्त स्तरीय शिविर में दिए गए आवेदन पत्रों का आज दिनाँक तक निराकरण नहीं किया गया। कर्मचारी हित में इन आवेदन पत्रों का शीघ्र निराकरण किया जाए। वृत्त स्तर पर वन कर्मचारियों की अपीलों का समय पर निराकरण नहीं किया जाता है। अपीलों में समयावधि का ध्यान रखते हुए निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वनरक्षक और वनपाल की वरिष्ठता सूची कई वर्षों से लंबित है, वर्षवार वरिष्ठता सूची का प्रकाशन कराकर इसे कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाए। वृत्त स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जायें ताकि कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनका निराकरण कराया जा सके। मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर को सौंपे गए ज्ञापन में अन्य माँगे भी शामिल हैं।

प्रशिक्षण में ऋण माफी योजना की पात्रता एवं अपात्रता की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि ऐसे किसान फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे जो वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष-महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष हों। इनके अलावा समस्त आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को छोडकर भारत सरकार तथा प्रदेश के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम-मंडल-अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे। ऐसे किसान जिन्हें 15 हजार रूपये या उससे अधिक की पेंशन प्राप्त होती है (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर) एवं ऐसे किसान जो 12 दिसंबर 2018 या उसके पूर्व जीएसटी में पंजीकृत व्यक्ति/फर्म/फर्म के संचालक/फर्म के भागीदार ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत संभावित पात्र पाए गए किसानों को 2 सूचियों में रखा गया है। ऐसे किसान जिनके बैंक खातों में आधार सीडिंग है उनके नाम हरी सूची में तथा जिन कृषकों के बैंक खातों में आधार सीडिंग में नही उनके नाम सफेद सूची में रखे गए हैं। जिन किसानों के बैंक खातों में आधार सीडिंग नही है संबंधित बैंक/समिति द्वारा आधार सीडिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों की सूची संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर यथाशीघ्र चस्पा करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि ग्राम स्तर पर समय निर्धारित कर प्रतिदिन सूची में दर्ज कृषकों से सम्पर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा पूरी प्रक्रिया से अवगत कराएं। योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं ग्राम स्तर पर डूंडी पिटवाकर मुनादी करवायी जाए।
इन खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं में मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी के अलावा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खण्ड पंचायत अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, समस्त पटवारी, शाखा प्रबंधक समस्त बैंक, समिति प्रबंधक, समस्त सचिव एवं समस्त रोजगार सहायक मौजूद थे।





मध्यप्रदेश राष्ट्रीय हीरा खनन मजदूर संघ पन्ना के महामंत्री समर बहादुर सिंह ने केन्द्र की सरकार पर श्रमिकों से जुड़े मुद्दों की घोर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए जरूरी है कि न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रूपये की जाये। सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए पेंशन की गारण्टी दी जाये। एक ही तरह का कार्य करने वाले नियमित व ठेका कामगारों को एक समान मजदूरी देकर भेदभाव को खत्म किया जाये। श्रमिकों के हितों के लिए श्रम कानूनों को कड़ाई से लागू किया जाये। पन्ना हीरा खदान मजदूर संघ के महामंत्री शहजाद खान ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए रोजगार के सृजन हेतु तत्परता से उचित कदम उठाये जायें। मंहगाई को काबू करके लोगों को राहत देने के लिए भी सख्त मापदण्ड लागू किये जायें। श्रमिक हितों की रक्षा के लिए श्रम कानूनों के संशोधन पर तुरंत रोक लगाई जाये। हीरा खनन परियोजना का संचालन तीन पालियों में सुनिश्चित किया जाये।
शुक्रवार 11 जनवरी 2019 को जनपद पंचायत पन्ना के परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश मिश्रा एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक चतुर्वेदी द्वारा ग्राम पंचायत रनवाहा की सरपंच राजकुमारी सिंह मेहदेले को प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य करने पर शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत धरमपुर में आवास योजना का शत्-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने पर सरपंच अनीता बृजमोहन सिंह यादव व सचिव राकेश वर्मा को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत पन्ना की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तपस्या जैन, परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार, पंचायत निरीक्षक घनश्याम शर्मा सहित जनपद पन्ना के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।