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मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिला किसानों का प्रतिनिधि मंडल, कर्ज माफी के लिये माना आभार

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मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने मंत्रालय में भेंट कर कर्ज माफी के लिये आभार व्यक्त किया।
भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने आज यहां मंत्रालय में भेंट की। किसानों ने कर्ज माफी के ऐतिहासिक निर्णय के लिये मुख्यमंत्री श्री नाथ के प्रति धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री के किसान हितैषी फैसले से किसानों में व्याप्त हर्ष और उल्लास की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया। विधायक कमलेश्वर पटेल ने प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया। इस अवसर पर अन्य जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

नये दृष्टिकोण और रचनात्मकता के साथ परिवर्तन लायें : मुख्यमंत्री कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री का प्रशासनिक अधिकारियों को पहला संबोधन

मुख्य सचिव को सौंपा कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र

मुख्यमंत्री के संबोधन की महत्वपूर्ण बातें

* जनता का पैसा अर्थपूर्ण तरीके से खर्च करें क्योंकि हम सब जवाबदेह हैं

* सिस्टम का अंग बन गया है भ्रष्टाचार इसे हर हाल में रोकें

* पंचायत से लेकर मंत्रालय तक परिवर्तन लाना होगा

* ऐसी व्यवस्था बनायें, जो पूरी तरह से जवाबदेह हो

* जिन विभागों को बंद करना है बतायें, कई निगम मंडल सजावटी बने  

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने पहले संबोधन में कहा कि यथास्थिति बनाये रखने के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत होगी। जो चल रहा है, चलने दें या ऐसे ही चलता है, जैसा दृष्टिकोण अब नहीं चलेगा। नये नजरिये और नये दृष्टिकोण के साथ व्यवस्था में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने मुख्य सचिव को कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र सौंपते हुए कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं का दस्तावेज है। इसे हर वर्ग ने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि नये संसाधनों को तलाशने और “आउट ऑफ बाक्स” सोच अपनाना होगी। फिजूल खर्ची को रोकना होगा। जनता का पैसा अर्थपूर्ण तरीके से खर्च करना होगा क्योंकि हम सब जनता के पैसों के प्रति जवाबदेह हैं। मुख्यमंत्री ने वचन पत्र पर आधारित योजनायें बनाने की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे स्वयं में परिवर्तन लायें। नये दृष्टिकोण से चीजों को देखें, परखें। उन्होंने कहा कि सुधार और परिवर्तन में फर्क है। अचीवमेंट और फुलफिलमेंट में फर्क है। फुलफिलमेंट ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि अधिकारियों और सरकार का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री कमलनाथ शपथ लेने के बाद मंत्रालय पहुँचे और नये ऐनेक्सी भवन का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली परिचय बैठक में अपना संबोधन दिया। उन्होने देर से आने पर माफी मांगते हुए कहा कि अब से इतंजार नहीं करना पड़ेगा।

व्यवस्था में परिवर्तन है जरूरी

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
कमलनाथ ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बडी अपेक्षाओं के साथ नई सरकार चुनी है। लोगों ने सिस्टम पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिये व्यवस्था में परिवर्तन करना जरूरी है। नये नजरिये,, नये दृष्टिकोण और रचनात्मकता के साथ परिवर्तन लाना होगा। सिस्टम कई सालों से एक जैसा चल रहा है जबकि दुनिया बदल रही है, जो पुरानी व्यवस्थाएं ठीक नहीं है, उन्हें जारी रखना समय के अनुरूप नहीं है।

नई पीढ़ी पर पर ध्यान दें

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि युवाओं के बारे में सोचना होगा। नई पीढ़ी की जरूरतों को समझना होगा क्योंकि वे ही प्रदेश का निर्माण करेंगे। प्रदेश की रक्षा करेंगे। रोजगार और बेरोजगार के बीच की खाई भी चुनौती है। इसके लिये उन्होंने अधिकरियों से अपनी विचार प्रक्रिया में परिवर्तन लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह सोचना होगा कि निवेश कैसे आये। उन्होंने कहा कि सिर्फ नीतियों और मांगने से निवेश नहीं आता। निवेश को आकर्षित करना पड़ेगा।

फिजूल खर्ची रोकें

कमलनाथ ने कहा कि कई बार योजनाएं अच्छी होती हैं लेकिन उनका डिलीवरी सिस्टम खराब होता है, इसलिये वे असफल हो जाती हैं। ग्राम पंचायत से लेकर मंत्रालय तक परिवर्तन लाना होगा। कौन से ऐसे विभाग हैं, जिन्हें सक्षम बनाने की जरूरत है और कौन से विभाग हैं, जिन्हें बंद करना उचित होगा। इस दिशा में भी सोचें। कई निगम मंडल सजावटी बन गये हैं। कहां फिजूल खर्ची हो रही है, यह देखना होगा। यह काम प्रशासनिक टीम की क्षमता और राजनैतिक इच्छाशक्ति से किया जा सकता है।

विभागों को मजबूत बनायें

कमलनाथ ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभागों को मजबूत बनायें। केवल मुख्यमंत्री का कार्यालय ही शक्तिशाली नहीं हो। शक्ति का विकेन्द्रीकरण जरूरी है। इसलिये हर विभाग सक्षम और जनता के प्रति जवाबदेह हो। ऐसी व्यवस्था बनायें, जो पूरी तरह से जवाबदेह हो।

हर हाल में करें भ्रष्टाचार पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव बी.पी. सिंह को वचन-पत्र की प्रति सौंपी।
भ्रष्टाचार के मुददे पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह सोचें कि कैसे भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सिस्टेमैटिक हो गया है। गाँव-गाँव में फैल गया है और सिस्टम का ही अंग बन गया है। इसी के कारण राजनीति में गिरावट आई है। भ्रष्टाचार को हर हाल में नियंत्रित करना होगा। उन्होने इसके लिये सभी अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सक्षम बनाया जायेगा ताकि वे भ्रष्टाचार को प्रभावी तरीके से रोकें। बाधा डालने और रोकने का सिस्टम ठीक नहीं है। अपने अधीनस्थ स्टाफ को हमेशा प्रेरित करते रहें। सबके सहयोग से ही यह संभव होगा।
कमलनाथ ने कहा कि सभी विभागों का परिचयात्मक प्रस्तुतिकरण शुरू होगा फिर आवश्यकतानुसार विस्तृत समीक्षा होगी। उन्होंने मुख्य सचिव बी.पी.सिंह को कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र सौंपा। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा 615 करोड़ रुपये की लागत से मंत्रालय की नवनिर्मित एनेक्सी लोकार्पित

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय के नवनिर्मित एनेक्सी भवन का लोकार्पण किया।
भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्य मंत्रालय के वल्लभ भवन की नवनिर्मित एनेक्सी का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री नाथ द्वारा लोकार्पित एनेक्सी भवन का निर्माण 615 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। भवन में कुल पाँच मंजिलें हैं। कुल 40 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बहुमंजिला भवन का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय पाँचवी मंजिल पर स्थित है। इस अवसर पर मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं मंत्रालयीन कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पहले ही दिन निभाया “सबसे बड़ा वचन”

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव बी.पी. सिंह को वचन-पत्र की प्रति सौंपी।

* किसानों के दो लाख तक के अल्पकालीन ऋण माफी का आदेश जारी

* उद्योगों में 70 प्रतिशत रोज़गार प्रदेश के स्थानीय निवासियों को देना जरूरी

* कन्या विवाह-निकाह योजना का अनुदान 28 से बढ़ाकर 51 हजार रू. किया

भोपाल। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज शपथ ग्रहण के तत्काल बाद कृषि ऋण माफी, रोजगार सृजन की संभावनाओं और कन्या विवाह और निकाह योजना की राशि बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिये। कृषि ऋण माफी के संबंध में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज ही प्रदेश में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में राज्य शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाये गये किसानों के रू. दो लाख (2.00 लाख) की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ करने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य शासन के इस निर्णय से लगभग 34 लाख किसान लाभान्वित होंगे। फसल ऋण माफी पर संभावित व्यय 35 से 38 हजार करोड़ अनुमानित है।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कृषि ऋण माफी की योजना को तत्काल लागू करने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति भी बनायी है। यह समिति कृषि ऋण माफी योजना को तत्काल क्रियान्वित करेगी। कमलनाथ ने कहा कि कृषि ऋण माफी हमारा महत्वपूर्ण चुनावी वचन था, जिसे हम जल्दी ही पूरा करेंगे।

चार गारमेन्ट पार्क स्थापित होंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने टेक्सटाइल्स-गारमेन्ट इण्डस्ट्री में रोजगार सृजन की अधिक संभावनाओं को देखते हुए राज्य के चार संभागों में टेक्सटाइल-गारमेन्ट पार्क की स्थापना का निर्णय लिया है। ये पार्क इन्दौर संभाग के धार जिले के मोहना औद्योगिक क्षेत्र, भोपाल संभाग के भोपाल जिले के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जबलपुर संभाग के छिन्दवाड़ा में लेहगडुआ औद्योगिक क्षेत्र और उज्जैन संभाग के रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएँ लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोज़गार मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।

कन्या विवाह-निकाह योजना की राशि बढ़ाकर 51 हजार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण किया एवं किसानों के कर्ज माफी की फाइल पर दस्तखत किये।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्या विवाह और निकाह योजना में संशोधन कर कन्या की खुशहाली के लिये अनुदान राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने का निर्णय लिया। साथ ही अब सभी आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा से होने वाले एकल और सामूहिक विवाह में भी कन्या को सहायता दी जायेगी। साथ ही इस योजना में आय सीमा का बंधन भी समाप्त कर दिया गया है। अब सभी सामूहिक विवाह करने वालों को इसका लाभ मिलेगा।

शपथ ग्रहण : कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री, कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत कर किसानों से किया वादा निभाया

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राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कमलनाथ को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

* राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई

* शपथ ग्रहण सामरोह में शिवराज सहित चार पूर्व मुख्यमंत्री रहे मंचासीन

* राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी पहुंचे

* महागठबंधन की दिखी ताकत कई दलों के दिग्गज नेता शपथ ग्रहण में हुए शामिल

भोपाल। रडार न्यूज   राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता कमलनाथ को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर कई दलों के दिग्गज नेता उपास्थित थे। शपथ ग्रहण सामरोह में कांग्रेस के अलावा 10 दलों के नेताओं की मौजूदगी को महागठबंधन की ताकत के रूप में देखा जा रहा है। भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में मध्यप्रदेश के चार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर, दिग्विजय सिंह व कैलाश जोशी भी मंचासीन रहे।
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले किसानों की कर्जमाफ़ी की फाइल पर दस्तखत किये। कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव में अपने वचन-पत्र में किसानों का 2 लाख रुपये तक का अल्पकालीन फसल ऋण (कर्ज) माफ़ करने का वादा किया था। जिसे आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर दिया। इसका लाभ प्रदेश के लगभग 34 लाख किसानों को मिलने का अनुमान है। कर्जमाफी करने से राज्य सरकार के खजाने पर 35 से 38 हजार करोड़ का भार आ सकता है।

अब विवाह योजना में मिलेंगे 51 हजार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण किया एवं किसानों के कर्ज माफी की फाइल पर दस्तखत किये।
मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी ही साफगोई से अपने अंतर्मन की बात पत्रकारों से साझा की। उन्होंने बताया कि हमने किसानों का कर्ज माफ कर दिया है। बेटियों के विवाह की योजना की सहयोग राशि को 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दिया गया है। अपनी भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में हम चार गारमेंट पार्क बनाएंगे। आमजनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार कैसे दें, हमें इस पर तेजी से काम करना है। वर्तमान में कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनका डिलिवरी सिस्टम काफी खराब है जिससे लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि सीएम बनने की खुशी है लेकिन पहले दिन से ही बहुत काम है। मैं बेचैन और चिंतित हूँ कि हम किस तरह से मध्यप्रदेश के लोगों की आशाओं पर खरा उतरेंगे।

जब कमलनाथ-सिंधिया ने उठाया शिवराज का हाथ

शपथ शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व उस समय एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सिंह का हाथ थामते हुए ऊपर उठाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। वहीं शिवराज सिंह और दिग्विजय सिंह ने कैलाश जोशी के पैर छुए। इसके अलावा शिवराज ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार व नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला से हाथ मिलाया।

इनकी रही उपस्थिति

शपथ ग्रहण समारोह में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के वरिष्ठ नेतागण उपस्थित थे।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं एच.डी. देवगौड़ा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलेट, आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमार स्वामी, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायण सामी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, शरद पवार, शरद यादव, फारूख अब्दुल्ला, प्रफुल्ल पटेल, तेजस्वी यादव, बाबूलाल मरांडी, पंजाब राज्य के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हुए। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस के सांसद, विधायक, गणमान्य नागरिक, प्रदेश भर से कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने किया।

महिलाएं होंगी जागरूक तो मिट जायेगा “कुपोषण का कलंक” : यूसुफ बेग

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* महिलाओं की लीडरशिप तैयार करने तीन दिवसीय महिला कार्यशाला संपन्न

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   पढ़ी-लिखी, जागरूक होगी अगर माता, घर और समाज की होगी वह भाग्य विधाता। इस उक्ति को चरितार्थ करने के लिए सामाजिक संस्था पृथ्वी ट्रस्ट द्वारा विकास संवाद भोपाल के सहयोग से दस्तक परियोजना के माध्यम से पन्ना जिले के 25 गाँव की 50 महिलाओं की नेतृत्व क्षमता विकास पर तीन दिवसीय कार्यशाला 13 से 15 दिसंबर तक संकल्प गार्डन में पन्ना में आयोजित हुई । इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर आजीविका के संसाधनों उनकी की भागीदारी बढ़ाना, शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जागरूक करना एवं महिलाओं की लीडरशिप तैयार करते हुए कुपोषण को समाप्त करना है।
तीन दिवसीय कार्यशाला के शुभारम्भ 13 दिसंबर को समर्थन संस्था से ज्ञानेंद्र तिवारी ने किया | इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को पंचायत अधिनियम एवं मनरेगा में काम की मांग को लेकर जानकारी देते हुए बताया की मनरेगा एक ऐसा सशक्त क़ानून है, जिससे लोगों को रोजगार तो मिलता ही है साथ ही इससे गाँव का विकास भी सुनिश्चित होता है। मनरेगा में गाँव ही में लोगों को काम मिलने से लोगों को पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

समस्याओं का करेंगीं समाधान

दस्तक परियोजना के जिला समन्वयक और पृथ्वी ट्रस्ट के डॉयरेक्टर यूसुफ बेग ने कार्यशाला के समापन अवसर पर शनिवार 15 दिसंबर को कहा कि महिला समूह की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला में महिलाओं को उनके हक के बारे में बताने के साथ-साथ अपने गाँव की समस्याओं को सुलझाने के लिए आपस में मिल बैठकर सामूहिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में मंजू मजुमदार ने महिलाओं की समस्याओं और महिलाओं के लिए बने कानूनों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं के प्रश्नों का जबाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। प्रशिक्षित महिलाओं के लिए गाँवों में काम करने की कार्ययोजना भी तैयार कराई गई जिससे यह महिलायें अपने अपने गाँव में जाकर गाँव स्तर पर समस्याओं को चिन्हित कर सकें एवं उनका प्राथमिकता अनुसार समुदाय स्तर पर और प्रसाशनिक स्तर पर समाधान करा सकें |

परियोजना क्षेत्र में दिखने लगा बदलाव

अन्य वक्ताओं ने बताया कि पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना के द्वारा विकास संवाद भोपाल एवं टीडीएच के सहयोग से दस्तक परियोजना का संचालन किया जा रहा है। गाँव में महिलाओं के समूह बनाये गये है सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनााओं की जानकारी और गाँव सेकुपोषण को ख़त्म करने के लिए गाँव में महिला समूहों की सदस्यों द्वारा आंगनबाड़ी, स्कूल की लगातार निगरानी की जा रही है | इसके अलावा महिलाएं ग्राम सभाओं में भी सक्रिय भागीदारी कर अपने गाँव के विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती हैं।
दस्तक परियोजना की इस पहल से बुंदेलखंड अंचल के अति पिछड़े पन्ना जिले के कई गांवों में बदलाव की बयार महसूस की जा रही है। मंद गति से ही सही पर महिलाओं की आर्थिक-सामाजिक स्थिति में सुधार देखा जा रहा है। साथ ही दस्तक परियोजना के क्षेत्रों में कुपोषण में भी उल्लेखनीय कमी आई है। निश्चित ही यह अच्छा संकेत है। कार्यशाला में मुख्य रूप से पृथ्वी संस्था की समीना यूसुफ, रविकांत पाठक, छत्रसाल पटेल, सोनम यादव, राम विशाल गौंड़, रुबीना बानों, अजीत गौंड उपस्थित थे।

संकट में पन्ना के बाघों का संसार | विस्फोटक का जखीरा, एयरगन और कार छोड़कर भागे शिकारी, खेत में फैलाये करंट में जिंदा जली गाय, 2 अन्य वन्यजीवों की दर्दनाक मौत

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कुछ दिन पूर्व पवई रेंज में शिकारियों के ठिकाने और कार में मिला विस्फोटक व शिकार में उपयोग होने वाली सामग्री।

* पन्ना जिले के दक्षिण वनमंडल अंतर्गत पवई रेंज में हुई बड़ी कार्रवाई

* शिकारियों के सक्रिय होने से वन्यजीवों के लिए लगातार बढ़ रहा खतरा

* इस वर्ष जिले में बाघ, तेंदुआ और भालू के शिकार की हुईं आधा दर्जन घटनाएं

शादिक खान, रविशंकर सोनी, पन्ना/पवई। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों में स्वछंद विचरण करने वाले बाघ एवं दूसरे बेजुबान वन्यजीव गंभीर संकट में हैं ! यहां शिकारियों, वन संपदा का दोहन करने वाले माफियाओं के बड़े पैमाने सक्रिय होने के संबंध में जो हैरान करने वाला खुलासा हुआ है उससे तो यही आशंका जताई जा रही है। जिले के दक्षिण वन मण्डल की पवई रेंज अंतर्गत शुक्रवार 14 दिसंबर को रात्रि में शिकार में लिप्त एक गिरोह के ठिकाने से वन विभाग के अमले ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक, शिकार में उपयोग होने वाला जीआई तार व खूटियाँ, एक एयरगन, एक कुल्हाड़ी, मृत बेजुबान वन्यजीव, सागौन की लकड़ी और इंडिगो कार को जब्त किया है। हालाँकि, तीन शातिर शिकारी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये। इस कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि फरार हुए शिकारियों में से एक व्यक्ति की पहचान रजऊ राजा उर्फ योगेन्द्र सिंह पिता कृष्णपाल सिंह निवासी ग्राम महोड़ के रूप में हुई है। सभी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, मध्यप्रदेश काष्ठ चिरान अधिनियम 1984, मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन ) अधिनियम 1969 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

संदेह होने पर किया पीछा

वन अमले द्वारा जप्त की गई शिकारियों की इंडिगो कार।
शुक्रवार 14 दिसंबर की रात्रि में वन परिक्षेत्र पवई एवं मोहन्द्रा की टीम संयुक्त रात्रि गश्त के दौरान मुडेरा बैरियर की चेकिंग के बाद मुडेरा से मझगवां की ओर जा रहे थे तभी कोठी से मझगवां की ओर जा रही सफेद रंग की इंडिगो कार क्रमांक-MP- 20-टी.-7654 का पीछा करने पर उक्त कार से 3 व्यक्ति उतरकर कार को चालू हालत में छोडकर रजऊ राजा उर्फ योगेन्द्र सिंह पिता कृष्णपाल सिंह निवासी महोड़ के अरहर के खेत की ओर भागते हुए टार्च की रोशनी में देखे गये। पीछा करने पर अंधेरे का फायदा उठाकर सभी आरोपी भाग गये।

कार में मिले 687 नग डायनामाईट

जब्त कार की डिग्गी में रखी विस्फोटक सामग्री।
फरार आरोपियों की जब्त कार व खेत की सर्चिंग के दौरान वन विभाग का अमला दंग रह गया। दरअसल, इंडिगो कार के अंदर व खेत में चार पेटियों में 687 नग एक्सप्लोसिव डायनामाईट भरे मिले। दक्षिण वन मंडल पवई के एसडीओ आरके अवधिया ने बताया कि खेत में 2 नग कार्टून पैक पाये गये जिसमें प्रत्येक काटॅूर्न में 200-200 नग डायनामाईट भरे हुए थे जो सीलबंद थे । इसके अलावा वाहन की डिग्गी के अंदर एक नग सीलपैक काटॅूर्न जिसमें 200 नग डायनामाईट थे एवं एक नग खुला कार्टून जिसमें 87 नग एक्सप्लोसिव डायनामाईट पाये गये । साथ ही एक नग सांभर का सींग, 1 नग कुल्हाड़ी, 400 मीटर जीआई तार, एक एयरगन (चिड़ियामार बन्दूक) व 6 नग सागौन के चिरान पाये गये। जिनकी मौके से मय वाहन के जब्ती की गई।

जल रही थी गाय मृत पड़े थे वन्यजीव

खेत की सर्चिंग के दौरान वनकर्मियों को वहां एक किनारे से दूसरे किनारे तक लगभग 400 मीटर जीआई तार 27 नग बांस की खूटिंयों के सहारे फैला हुआ मिला। जिसे मझगवां-कोठी की 11 के.व्ही. विद्युत लाईन से जोड़कर करन्ट प्रवाहित होते हुए पाया गया। करंट की चपेट में आने से मौके पर एक गाय जलती हुई मिली। इसके अलावा एक जंगली बिल्ली एवं एक कबरबिज्जू करन्ट में फंसकर जली हुए अवस्था में मृत पाये गये। बड़ी ही सावधानी से वन अमले ने विधुत लाइन में फंसे तार को निकालकर करंट का प्रवाह बंद किया और फिर तार को लपेटकर खूंटियों सहित अपनी अभिरक्षा में लिया गया। मृत जीवों का शव परीक्षण कराने के बाद उन्हें जला दिया गया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की देर रात जिस इलाके में वन्यजीवों शिकार की घटनायें सामने आई हैं उसी इलाके पिछले कई महीनों से एक बाघ विचरण कर रहा है। यह तो अच्छा हुआ कि खेत में बिछाये गए करंट की चपेट में बाघ नहीं आया वरना बहुत बड़ी क्षति हो जाती। पवई रेंज के इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पत्थर की अवैध खदानें भी संचालित हैं। शिकारियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में विस्फोटक डायनामाईट जप्त होने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इसे पत्थर खनन हेतु लाया गया था।

नहीं रुक रहीं शिकार की घटनायें

पूर्व में शिकार किये गए तेंदुए के शव को देखतीं दक्षिण वन मंडल की डीएफओ।
पन्ना जिले में इस वर्ष बड़े पैमाने पर वन्यजीवों के शिकार की चिंताजनक घटनाएं सामने आईं हैं। यहां के सामान्य वन मंडल उत्तर-दक्षिण के अलावा कड़ी सुरक्षा वाले पन्ना टाईगर रिज़र्व में शातिर शिकारियों ने अपना जाल फैला रखा है। कुछ माह पूर्व पन्ना टाईगर रिज़र्व अंतर्गत एक युवा बाघिन का शिकार फंदा लगाकर किया गया था। इसके पूर्व उत्तर और दक्षिण वन मंडल के जंगलों में तीन तेंदुओं और एक भालू का शिकार हुआ था। वन्यजीवों के अंगों का गैरकानूनी कारोबार कर रुपये कमाने के उद्देश्य से शिकारियों ने नर भालू के शिकार के बाद उसका प्राइवेट पार्ट सहित उसके शरीर के कई अंग निकालकर सुरक्षित रख लिए थे। जिन्हें बाद में शिकारियों की निशानदेही पर वन अमले ने जब्त कर लिया था।
पवई रेंज अंतर्गत उजागर हुए इस घटनाक्रम से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पन्ना जिले में सक्रिय शिकारी गिरोहों के तार वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले अपराधियों से जुड़े हैं। बेहद चिंताजनक हालात के मद्देनजर यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा कि शिकार की बढ़ती घटनाओं की प्रभावी रोकथाम हेतु यदि तत्परता से ईमानदार कोशिश नहीं की गई तो पन्ना में आबाद हुआ बाघों का संसार पुनः उजड़ सकता है। इसके अलावा दूसरे वन्यजीव तथा वन संपदा खतरे में पड़ सकती है।

इनका कहना है-

“फरार हुए शिकारियों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं, इनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना चिंताजनक है, संभवतः इसे कोठी-कुटरहिया पहाड़ की पत्थर खदानों में विस्फोट के लिए लाया गया था। शिकारियों के पकड़े जाने पर वास्तविकता पता चल पायेगी। जिस क्षेत्र में शिकार की घटनायें सामने आई हैं वहां काफी समय से एक बाघ विचरण कर रहा है उसकी सुरक्षा को लेकर मैदानी अमला पूरी तरह सजग है।”

शिशुपाल अहिरवार, रेंजर पवई।

12 राज्यों ने सीखी मध्यप्रदेश में डिजीटल भुगतान प्रक्रिया

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भारत शासन और 12 राज्यों के अधिकारियों ने भोपाल में सॉफ्टवेयर से डिजिटल भुगतान का प्रक्रिया प्रशिक्षण किया ।

* अन्य राज्य भी लागू करेंगे यह व्यवस्था

भोपाल। रडार न्यूज   राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज भोपाल के मिन्टो हॉल में मध्यप्रदेश में विकसित वित्तीय प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर ‘ई- वित्त प्रवाह’ पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें केन्द्र शासन के अधिकारियों के अलावा 12 राज्य मणिपुर, छत्तीसगढ़, बिहार, उतराखंड, त्रिपुरा, आसाम, अरूणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, गुजरात, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने भी भाग लिया। विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती गौरी सिंह, केन्द्रीय संचालक वित्त श्रीमती कविता सिंह और स्वास्थ्य आयुक्त डॉ पल्लवी जैन गोविल भी उपस्थित थीं।

संचालक वित्त जीतेन्द्र सिंह ने सॉफ्टवेयर और संबंधित कार्यप्रणाली का प्रस्तुतीकरण किया। अन्य राज्यों से आये अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर से डिजीटल प्रक्रिया की सराहना की। अधिकारियों ने अपने प्रदेश में इसे लागू करने के संबंध में प्रत्येक उत्सुकता का समाधान किया। कार्यशाला के बाद सभी राज्यों के अधिकारियों को भोपाल, रायसेन और सीहोर जिले के चिकित्सा संस्थानों ने सॉफ्टवेयर से भुगतान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया गया।

राज्यपाल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने का आमंत्रण दिया

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राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

* विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया

भोपाल। रडार न्यूज  राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से मध्यप्रदेश कांगेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने कमलनाथ को बधाई देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने का आमंत्रण पत्र दिया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा, सुरेश पचौरी, दीपक बावरिया, अजय सिंह (राहुल भैया), अरूण यादव, राम निवास रावत सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

आईजी ने पुलिस लाईन का वार्षिक निरीक्षण किया, अधीनस्थों से सीधे संवाद कर निराकृत की समस्यायें

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पुलिस गॉर्ड से सलामी लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक सतीष कुमार सक्सेना एवं समीप खड़े पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह।

* उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के उत्साहवर्धन हेतु किया पुरूष्कृत

* जिले में निर्वाचन शांतिपूर्ण संपन्न होने पर पुलिस अधीक्षक ने दी बधाई

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  पुलिस महानिरीक्षक सतीष कुमार सक्सेना सागर जोन सागर के द्वारा गुरुवार 13 दिसंबर को पुलिस लाईन पन्ना का वार्षिक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम उन्हें पुलिस लाईन पन्ना में दुरस्ती के साथ सलामी दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विवेक सिहं एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. के. एस. परिहार, रक्षित निरीक्षक देविका सिहं बघेल एवं पुलिस स्टॉफ उपस्थित रहा । पुलिस महानिरीक्षक श्री सक्सेना ने अपने निरीक्षण की शुरुआत पुलिस लाईन पन्ना की आवास व्यवस्था से की।
पुलिस लाईन पन्ना में वाहनों का सघन निरीक्षण करते पुलिस महानिरीक्षक सतीष कुमार सक्सेना।
इसके पश्चात उन्होंने आरो प्लान्ट, आटा चक्की, भोजन मेस, वाहन व्यवस्था, ग्राउंड, दस्तावेजों के संधारण एवं उनकी अद्द्तन स्थिति का गहन निरीक्षण-अवलोकन किया। इस दौरान पुलिस लाईन पन्ना में साफ-सफाई व्यवस्था एवं रिकार्ड रख-रखाव संतोषजनक पाए जाने पर पुलिस महानिरीक्षक सतीष कुमार सक्सेना के द्वारा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नगद पुरूष्कार से पुरूष्कृत किया गया। वार्षिक निरीक्षण में पुलिस लाईन पन्ना की अधिकांश व्यवस्थायें बेहतर मिलने पर आईजी पुलिस द्वारा सराहना की गई साथ ही जहां पर और अधिक बेहतर करने की आवश्यकता समझी उसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सहानुभूतिपूर्वक सुनीं समस्यायें

पुलिस महानिरीक्षक पुलिस महानिरीक्षक सतीष कुमार सक्सेना सागर जोन सागर के द्वारा वार्षिक निरीक्षण के बाद पुलिस लाईन पन्ना में ही विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों का दरबार लगाया गया। जिसमें उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्यायें सुनीं और अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया। शेष समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक निराकरण करने हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक पन्ना के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन, अपराधों की रोकथाम हेतु किये जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
पुलिस दरबार में उपस्थित जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारीगण।
पुलिस दरबार में एसडीओपी पन्ना उमराव सिहं, एसडीओपी पवई बी.एस. परिहार, एसडीओपी अजयगढ़ इसरार मंसूरी, एसडीओपी गुनौर धर्मेश दीक्षित, टीआई अरविन्द कुजूर एवं जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। अंत में पुलिस अधीक्षक विवेक सिहं द्वारा समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विधानसभा चुनाव– 2018 को शांतिपूर्वक निर्विध्न संपन्न कराने के लिए मेहनत व लगन से ड्युटी करने पर सभी को बधाई दी गई।