मच्छरों के डंक से गरीबों को सुरक्षा प्रदान करने में लापरवाही ! मेडिकेटिड मच्छरदानियों का नहीं किया वितरण

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सांकेतिक फोटो।

* मलेरिया मुक्त पन्ना जिले का लक्ष्य कैसे होगा हाँसिल

* 26 जनवरी को शुभारंभ कराने के बाद नहीं बाँटीं नि:शुल्क मच्छरदानियां

पन्ना। रडार न्यूज   मच्छर जनित रोग मलेरिया-फाइलेरिया के प्रकोप के मामले में पन्ना जिला मध्यप्रदेश और देश के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल होने के बाबजूद जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बैक्टर जनित रोगों से जनमानस के बचाव और मलेरिया मुक्त जिले का लक्ष्य हाँसिल करने के प्रति ईमानदार नहीं है ! जिले में गरीब परिवारों को मच्छरों के डंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए मेडिकेटिड मच्छरदानियों का नि:शुल्क वितरण अब तक प्रारंभ न होने से तो यही जाहिर होता है। जबकि मेडिकेटिड मच्छरदानी (एल.एल.आई.एन.) के नि:शुल्क वितरण का शुभारंभ 26 जनवरी 2019 को हो गया था। करीब एक माह बाद भी पात्र व्यक्तियों को मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण करना तो दूर इन्हें अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से चिन्हित ग्रामों के आरोग्य केन्द्रों पर भी नहीं भेजा गया। ग्राम स्तर पर इन मच्छरदानियों का वितरण आरोग्य केन्द्रों से किया जाना है। मालूम होकि मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण काफी पहले शुरू हो गया है लेकिन पन्ना जिले में इसे लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
फाइल फोटो।
स्वास्थ्य आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना को एल.एल.आई.एन. का पूर्ण वितरण तत्परता से चालू महीने में ही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि एल.एल.आई.एन वितरण कार्यक्रम में हुई अनावश्यक देरी के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना को कथित तौर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्योंकि इनके द्वारा मच्छरदानियों का बीएमओ कार्यालयों के भण्डार गृहों से आरोग्य केन्द्रों के लिए समय पर नहीं परिवहन कराया गया। जबकि इस कार्य के लिए सीएमएचओ के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है। आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के बाबजूद एल.एल.आई.एन वितरण कार्यक्रम पर जिम्मेदारों की लापरवाही और अरुचि भारी पड़ती दिख रही है। मजेदार बात यह है कि शासन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को पन्ना जिले में सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में 21 विभागों के प्रमुखों की एक जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की गई थी। मेडिकेटिड मच्छरदानियों के वितरण में इतनी देरी क्यों हुई और जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा शासन की मंशानुरूप कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए किस तरह की भूमिका अदा की जा रही यह भी बड़ा सवाल है।

इन बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

सांकेतिक फोटो।
मेडिकेटिड मच्छरदानी का उपयोग मच्छर जनित बीमारियों जैसे- मलेरिया, फाईलेरिया, डेंगू, चिकुनगुन्या, जापानी मस्तिष्क ज्वर, काला बुखार आदि बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। कुछ सावधानियों के साथ यदि इसका उपयोग किया जाये तो कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी तीन वर्ष तक 20 बार धोने के बाद भी असरकारक बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण जिले के चिन्हित ग्रामों में 6 सदस्यीय समिति के द्वारा किया जाना है। इस समिति में ग्राम सरपंच, सचिव, एमपीडब्ल्यू, एएनएम, आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।

                फैक्ट फाइल

268700 मेडिकेटिड मच्छरदानियों का होगा नि:शुल्क वितरण
482000 व्यक्तियों को मच्छर जनित रोगों से मिलेगी सुरक्षा
496 चिन्हित ग्रामों और नगरीय निकायों किया जाएगा वितरण
3 साईज में हैं उपलब्ध, अधिकतम 3 व्यक्ति कर सकते हैं उपयोग
मेडिकेटिड मच्छरदानी के संपर्क में आते ही मर जाते है मच्छर
3 साल तक 20 बार धोने के बाद भी मच्छर मारने में रहेगी सक्षम

इनका कहना है-

मेडिकेटिड मच्छरदानी वितरण में देरी तो हुई है क्योंकि इनका परिवहन ग्राम स्तर तक नहीं हो पाया है, इस संबंध से आप अधिक जानकारी के लिए सीएमएचओ साहब से चर्चा कर सकते हैं क्योंकि इसे वे ही देख रहे हैं।

हरिमोहन रावत, जिला मलेरिया अधिकारी पन्ना।

मेडिकेटिड मच्छरदानी वितरण बड़ा कार्यक्रम है, निश्चित ही इसका शुभारंभ 26 जनवरी को हो गया था लेकिन अभी इन्हें बीएमओ के पास से उप स्वास्थ्य केन्द्रों तक और फिर वहाँ से वितरण हेतु आरोग्य केन्द्रों तक पहुँचाना है। इनके परिवहन की कार्यवाही सोमवार से शुरू होगी। इनके वितरण में किसी तरह की लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।

डॉ एल. के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना।