कोरोना अपडेट : जाँच के लिए अब तक भेजे गए 63 नमूनों में 57 निगेटिव पाए गए, 6 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष, पड़ोसी जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से बढ़ा खतरा
* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी
* सीमावर्ती इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध के साथ बरती जा रही विशेष सतर्कता
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस(कोविड-19) संक्रमण से फिलहाल पन्ना जिला सुरक्षित है। जिले में अभी तक एक भी कोरोना वायरस पाॅजिटिव मरीज नहीं पाया गया है। अब तक जिले से कोरोना संदिग्ध 63 व्यक्तियों के सैम्पल लेकर जाँच हेतु जबलपुर भेजे गए थे जिसमें से 57 सैम्पल निगेटिव पाए गए। शेष 6 कोरोना वायरस सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। हालांकि पड़ोसी जिलों बाँदा, सतना और सम्भागीय मुख्यालय सागर में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद से पन्ना में खतरा बढ़ गया है। अच्छी बात यह है कि पन्ना जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। पड़ोसी जिलों से पन्ना में इस खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करते हुए अजयगढ़ तहसील की उत्तर प्रदेश के बाँदा से लगने वाली सीमा को पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है।
सतना सहित अन्य जिलों से लगने वाली सीमाएं भी सील है। सीमावर्ती इलाकों में निर्मित चेकपोस्ट से होकर गुजरने वाले मालवाहक वाहनों एवं कृषि कार्य में लगे वाहनों तथा उपकरणों की सघन चेकिंग की जा रही है। शनिवार को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने संयुक्त रूप पहाड़ीखेरा व देवेन्द्रनगर चेकपोस्ट का निरीक्षण भी किया था। इस दौरान कलेक्टर ने चेकपोस्ट में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक वस्तु लेकर आने वाले मालवाहकों में कोई भी सवारी बैठकर जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने बाहर से छिपकर आने वाली सवारियों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि पहाड़ीखेरा का इलाका पड़ोसी जिला सतना-बांदा और देवेन्द्रनगर तहसील क्षेत्र की सीमा सतना जिले से लगती है। इसलिए इन सीमावर्ती इलाकों कड़े सुरक्षा इंतजाम करते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
1602 लोगों होम क्वारेंटाइन में रखा गया

पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। इनमें विदेश से आए 08 लोगों को पूर्व से ही कम्युलेटिव किया गया है। अन्य राज्यों से 12 अप्रैल आए को 3 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 12020 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 3 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 12020 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को 3 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 1602 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।
कोरोना अपडेट : जांच के लिए अब तक 63 नमूने भेजे जिसमें 39 निगेटिव निकले, शेष 24 की रिपोर्ट का इंतजार
* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। इनमें विदेश से आए 08 लोगों को पूर्व से ही कम्युलेटिव किया गया है। अन्य राज्यों से 11 अप्रैल को 18 व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 12017 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 18 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 12017 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को 18 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 1599 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है। शनिवार कोरोना संदिग्ध 10 लोगों के नमूने जांच हेतु लिए गए। जिले में अब तक 63 नमूने लिए जाकर सभी जांच के लिए भेज गए थे। जिसमें से 39 नमूने निगेटिव पाए गए हैं एवं 24 कोरोना वायरस सैम्पल रिपोर्ट अप्राप्त है।
पन्ना जिला पेयजल अभाव ग्रस्त घोषित, जलस्रोतों का पानी पीने और घरेलू उपयोग के लिए किया सुरक्षित
* सिंचाई और अन्य व्यवसायिक प्रयोजन हेतु पानी का उपयोग प्रतिबंधित
* नवीन नलकूप खनन एवं सफाई कराने के लिए लेनी होगी अनुमति
* पेयजल समस्या के निवारण हेतु पर्याप्त बारिश होने तक रहेगी रोक
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण सम्पूर्ण जिले में आगामी समय में उत्पन्न होने वाली पेयजल समस्या के निवारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड पन्ना के कार्यपालन यंत्री के प्रस्ताव पर पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जिले को 15 जुलाई 2020 तक अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने कहा है कि लोकहित में यह अत्यावश्यक हो गया है कि सम्पूर्ण जिले में वर्तमान में उपलब्ध जल का ऐसा उपयोग हो जिससे नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के परिारों के दैनंदिनी/घरेलू उपयोग हेतु जल उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त सम्पूर्ण जिले के पशुधन के लिए आवश्यक जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रबंध की ओर विशेष ध्यान दिया जाना एवं सम्पूर्ण पन्ना जिले मेें मध्यप्रदेश पेयजल परिक्षण अधिनियम 1986 एवं संशोधन 2002 (आगे अधिनियम) के अन्तर्गत कार्यवाही की जाना आवश्यक है। उन्होंने उपरोक्त अधिनियम की धारा-3 के अन्तर्गत सम्पूर्ण पन्ना जिले को 15 जुलाई 2020 तक अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक के लिए पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
उन्होंने कहा है कि सम्पूर्ण पन्ना जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किए जाने का आशय यह होगा कि कलेक्टर या प्राधिकृत अन्य अधिकारी की अनुमति के बिना कोई व्यक्ति किसी जल स्त्रोत तथा नदी बंधान, जलधारा, जलाशय आदि सहित किन्ही जल क्षेत्र से सिंचाई या औद्योगिक प्रयोजन हेतु किसी भी साधनों द्वारा जल नहीं लेगा एवं सम्पूर्ण जिले में सिंचाई, उद्यानिकी, औद्योगिक प्रयोजन तथा भवन निर्माण हेतु नलकूप/कुआं का खनन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। जिले के नदी-नालों पर संचालित उद्वहन सिंचाई योजनाओं में पानी उपलब्धता के आधार पर संबधित ग्राम पंचायत व जल उपभोक्ता संस्था की अनुशंसा और जल संसाधन विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर इस कार्यालय द्वारा सिंचाई की अनुमति दी जाएगी। जिन नदी-नालों में पानी बह रहा है वहां नदी-नालों में रूके हुए पानी के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। केन्द्रीय शासन एवं उनके उपक्रमों और राज्य शासन के विभागों व उनके उपक्रमों को नलकूप खनन की छूट इस शर्त पर दी जाती है कि जिस स्थान पर नलकूप खनन किया जा रहा है वह मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-6 के अनुसार व्यक्तिकरण परिक्षेत्र में नही आता है।
उन्होंने पन्ना नगर के मुख्य तालाब धरमसागर, लोकपालसागर, निरपतसागर तालाब से पेयजल की सप्ताई होती है इन तालाबों से सिंचाई हेतु पानी लेना या भवन निर्माण हेतु पानी लेना पर्याप्त वर्षा होने तक प्रतिबंधित किया है। निर्धारित क्षेत्रों में नदी-बांधों-नहरों जलाशयों बंधानों से घरेलू प्रयोजन के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन के लिए जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह प्रतिबंधित क्षेत्रों में स्थापित मोटर पम्प की सूची मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री को उपलब्ध कराएं। जिससे की ऐसे मोटर पम्पों के विद्युत विच्छेद की नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा सके। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो वह अधिनियम की धारा-9 के अन्तर्गत 2 वर्ष के कारावास या जुर्माना जो दो हजार रूपये तक का हो सकेगा या दोनों से दण्डनीय होगा।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में सिंचाई अथवा औद्योगिक प्रयोजन के लिए पानी के उपयोग की अनुमति चाहता है तब वह अधिनियम की धारा-4 व संबंधित नियमों के अन्तर्गत आवेदन प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करें। इसी प्रकार कोई व्यक्ति नलकूप खनन की अनुमति चाहता है तो अधिनियम की धारा-6 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता हैै। अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत नवीन नलकूप खनन-नलकूप सफाई हेतु विशेष परिस्थितियों में अनुमति देने के लिए तहसील पन्ना-देवेन्द्रनगर हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना, तहसील पवई-सिमरिया के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पवई, तहसील अजयगढ के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ, तहसील गुनौर-अमानगंज के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुनौर तथा तहसील शाहनगर-रैपुरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शाहनगर को अधिकार प्रत्यायोजित किए गए हैं। यह आदेश 15 जुलाई 2020 तक प्रभावशील रहेगा तथा इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। यह आदेश सम्पूर्ण पन्ना जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से लागू रहेगा।
किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 62 केन्द्रों पर 15 अप्रैल से होगी, कोरोना संक्रमण को रोकने सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य जरुरी सावधानियां बरतने पर रहेगा जोर
* पन्ना जिले में 30 मई तक चलेगा गेहूं उपार्जन
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के बीच पन्ना जिले के किसानों से रबी विपणन वर्ष 2020-21 समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 अप्रैल से 62 खरीदी केन्द्रों पर शुरू होगी। गेहूं उपार्जन की अवधि 30 तक निर्धारित की गई है। गेहूं उपार्जन के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य आवश्यक सावधानी को दृष्टिगत रखते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने तहसीलवार गेंहू उपार्जन हेतु समितियों का निर्धारण किया गया है।
इन केन्द्रों पर होगी खरीदी
जिले की तहसील अजयगढ़ अन्तर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अजयगढ़, विपणन अजयगढ़, समिति बनहरीकला, समिति पिष्टा, समिति धरमपुर तथा समिति मझगाय को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है। तहसील पन्ना अन्तर्गत समिति पहाडीखेरा, समिति बृजपुर, समिति अहिरगवाॅ, समिति सिलधरा, समिति बराछ, वैष्णो स्व-सहायता समूह इटवांखास, समिति लक्ष्मीपुर को केन्द्र बनाया गया है। देवेन्द्रनगर अन्तर्गत समिति ककरहटी-1, समिति ककरहटी-2, समिति देवेन्द्रनगर, जवाहर विपणन समिति देवेन्द्रनगर, समिति राजापुर, समिति बिरवाही-1, समिति बिरवाही-2, समिति रैगढ़, समिति जिगदहा को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है। तहसील गुनौर अन्तर्गत समिति सुंगरहा, सरस्वती स्व-सहायता समूह गुनौर, विपणन समिति गुनौर-1, विपणन समिति गुनौर-2, समिति पटनातमोली, समिति मुड़वारी, समिति छपरवारा को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है।

इसी प्रकार अमानगंज तहसील अन्तर्गत समिति महेबा, समिति महुआडांड़ा, समिति सुनवानीकला, समिति कमताना, समिति पगरा, समिति अमानगंज, समिति जसवंतपुरा, समिति झरकुआ, समिति द्वारी को केन्द्र बनाया गया है। तहसील पवई अन्तर्गत समिति पवई, समिति पड़रियाकला, समिति बिरसिंहपुर, समिति करही, समिति कृष्णगढ, समिति मुराछ को केन्द्र बनाया गया है। तहसील सिमरिया अन्तर्गत समिति सिंगवारा, समिति सिमरिया, समिति मोहन्द्रा, समिति विरासन को केन्द्र बनाया गया है। तहसील शाहनगर अन्तर्गत समिति शाहनगर, समिति रैगंवा, समिति सुडौर-1,समिति सुडौर-2, समिति बिसानी को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है। तहसील रैपुरा अन्तर्गत समिति बगरौड़-1, समिति बगरौड़-2, समिति मलघन, समिति बघवारकला, समिति फतेहपुर (मड़वा), समिति रैपुरा-1, समिति रैपुरा-2 तथा समिति रैयासांटा को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है।
बिना पात्रता पर्ची वाले 8 लाख परिवारों के 32 लाख सदस्यों को भी मिलेगा नि:शुल्क राशन : मुख्यमंत्री श्री चौहान
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार कोरोना संकट के चलते प्रदेश के 32 लाख ऐसे व्यक्तियों को भी नि:शुल्क राशन प्रदाय किया जाएगा, जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चियां नहीं हैं। इन्हें एक माह का नि:शुल्क उचित मूल्य राशन राज्य सरकार के कोटे से प्रदाय किया जाएगा। राशन के अंतर्गत इन्हें चार किलो गेहूँ एवं एक किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रदान किया जाएगा।
प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में 31 लाख 81 हजार 525 ऐसे व्यक्ति हैं, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 पात्रता श्रेणियों में तो आते हैं, परंतु उन्हें वर्तमान में उचित मूल्य राशन प्राप्त करने की पात्रता नहीं है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 में प्रदेश में योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चीधारियों की संख्या 5 करोड़ 46 लाख निर्धारित किए जाने से इन्हें पात्रता नहीं है। अब राज्य शासन ने इन्हें अपने कोटे से एक माह का नि:शुल्क राशन दिए जाने का निर्णय लिया है। राज्य के समग्र सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर इनका नाम दर्ज है।
खाद्यान्न वितरण के लिए प्रदेश के इन 8 लाख 8 हजार 946 परिवारों के 31 लाख 81 हजार 525 सदस्यों के लिए राज्य स्तर से 12 हजार 726 मीट्रिक टन गेहूँ तथा 3 हजार 181 मीट्रिक टन चावल का कोटा जारी किया जा चुका है।
नजदीकी दुकान से प्राप्त कर सकेंगे राशन
बिना पात्रता पर्ची वाले सभी व्यक्ति सुविधानुसार अपने आस-पास की किसी भी उचित मूल्य दुकान से यह राशन प्राप्त कर सकेंगे। वर्तमान में कोरोना संकट के मद्देनजर कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे राशन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन कराएं। हितग्राहियों से कहा गया है कि वे बारी-बारी से राशन प्राप्त करें तथा राशन दुकानों पर एक-दूसरे की बीच दूरी कायम रखते हुए भीड़ न लगाएं। इन सभी हितग्राहियों की सूची nfsa.samagra.gov.in पोर्टल पर DSO लॉगिन में उपलब्ध है।
प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर निकलने पर पहनना होगा मॉस्क, आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
* गमछा-रुमाल और दुपट्टा का भी कर सकते हैं उपयोग
भोपाल।(www.radarnews.in) देश के दूसरे राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी अब घर से बाहर निकलने पर को मॉस्क/फेस पहनना होगा। राज्य शासन ने प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति के लिये घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर निकलते समय मॉस्क/फेस कवर पहनना अनिवार्य किया है। सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने आदेश जारी कर कहा है कि बिना मॉस्क/फेस कवर के सार्वजनिक स्थल पर जाना एपिडेमिक एक्ट का उल्लंघन माना जायेगा तथा संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कहा है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मॉस्क अथवा होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर उपयोग में लाया जा सकता है। होम मेड मॉस्क/फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुन: प्रयोग किया जा सकता है। मॉस्क/फेस कवर उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा/रुमाल/दुपट्टा इत्यादि को भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर अथवा मुँह-नाक में ढंकने में प्रयुक्त गमछा आदि का पुन: प्रयोग उसे साबुन से अच्छी तरह साफ किये बिना नहीं किया जाये।
मध्य प्रदेश के 15 जिलों में 46 कोरोना हॉट स्पॉट घोषित, उन क्षेत्रों को बेरिकेट्स लगाकर किया सील
शादिक खान, भोपाल। (www.radarnews.in) राज्य शासन ने 15 जिलों में कुल 46 कोरोना हॉट स्पॉट घोषित किये हैं। इन जिलों में कुल 75 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जिन क्षेत्रों को हॉट स्पाट घोषित किया गया है, उन क्षेत्रों को जिला प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर बेरिकेट्स लगाकर सील किया गया है। इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नागरिकों के घरों पर उनकी माँग के अनुसार सुनिश्चित की जा रही है।
जबलपुर में कचिया पाथ गोल बाजार, प्रोफेसर कॉलोनी, सुहागी सरस्वती कॉलोनी, अंधेरदेव, शंकर नगर, मौलाना की गली कोतवाली, रामपुर तथा पंचशील नगर को हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। इन स्थानों पर कुल 8 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये गये। ग्वालियर में ढोली बुआ का पुल, चेतकपुरी, विजय नगर, आमखो, नाका चंद्रवंदनी, सत्यदेव नगर और बीएसएफ कॉलोनी टेकनपुर को कुल 6 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने पर हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। खरगोन में धारगाँव, असनगाँव, बड़गाँव, साकार नगर केजीएन और वार्ड नम्बर-11 कसरावद में कुल 12 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण पाये जाने के कारण इन्हें हॉट स्पॉट घोषित किया गया है।
मुरैना में वार्ड नम्बर-47 में 13 कोरोना पॉजिटिव और शिवपुरी में खनियाधाना में 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने पर इन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। बड़वानी के सेंधवा में अमन नगर, खलवाड़ी मोहल्ला और मदीना नगर तथा बड़वानी के पानवाड़ी मोहल्ला और सुतार कॉलोनी में कुल 12 कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। बैतूल की भैंसदेही सिटी में एक, विदिशा के सिरोंज में काड़ी मोहल्ला तथा गंजबासौदा के मिर्जापुर करीमी मोहल्ला में कुल 2, श्योपुर के हसनपुर हवेली क्षेत्र में एक कोरोना पॉजिटिव मिलने पर इन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट घोषित किया गया है।
राज्य शासन ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम गुलबरारा, इमलीखेड़ा, सरना, मालनवारा और केवलारी में कुल 4, रायसेन के वार्ड-6 में एक, होशंगाबाद जिले के इटारसी में देशबंधुपुरा, जीन मोहल्ला और हाजी मंजिल में कुल 6 और खण्डवा की संजय कॉलोनी तथा मक्का मस्जिद में कुल 5 कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर इन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। धार में बख्तावर मार्ग में एक तथा देवास में पीठा रोड, नाहर दरवाजा, शीतलामाता वार्ड हाटपिपल्या सिटी और कन्नौज के पानीगाँव को कुल 3 कोरोना पॉजिटिव मिलने के कारण हॉट स्पॉट घोषित किया गया है।
अफसरों की अदूरदर्शिता से बिगड़े जिले के जंगल के हालात..!
* फील्ड में तैनात वनकर्मियों को कोरोना ड्यूटी में लगाया
* ऑफिस में अटैच वनकर्मी अपने घरों में फरमा रहे आराम
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का वन विभाग लम्बे समय से भ्रष्टाचार और अराजकता को लेकर सुर्ख़ियों में बना है। यहाँ के सामान्य वन मण्डल उत्तर-दक्षिण एवं पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था चौपट होने से विगत तीन वर्षों से लगातार वन्यजीवों के शिकार, वनों की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन समेत अन्य वन अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बाबजूद इसके वन विभाग जिम्मेदार अधिकारी इनकी रोकथाम को लेकर संजीदा नहीं हैं। इनकी कार्यशैली और फैसलों से यह बात साफ़ तौर पर जाहिर होती है।

वर्तमान में वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। सम्पूर्ण मानव समाज पर मंडरा रहे कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के खतरे के मद्देनजर पन्ना में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल के 60 वनकर्मियों को 16 अप्रैल तक के लिए विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन्हें पुलिस के जवानों के साथ सुरक्षा ड्यूटी में सहयोग हेतु तैनात किया गया है। भीषण आपदा के समय बेशक कोरोना ड्यूटी आवश्यक है। मगर वन विभाग के अफसरों ने इस मामले में जिस तरह की अदूरदर्शिता एवं अव्यवहारिकता दिखाई है उसका नतीजा यह है कि पहले से खराब जंगल के हालात लॉकडाउन में और अधिक तेजी से बिगड़ने लगे हैं।
डीएफओ उत्तर व दक्षिण वन मण्डल ने ऑफिस में कई वर्षों से नियम विरुद्ध अटैच वनकर्मियों के बजाय जंगल की सुरक्षा में तैनात मैदानी अमले (बीटगार्ड) को कोरोना ड्यूटी में लगा दिया। जंगल की सुरक्षा में तैनात रहे अमले को अस्थाई तौर पर हटाए जाने का लाभ उठाते हुए माफिया और शिकारी जंगलों में सक्रिय हो गए हैं। अवैध कटाई करने वाले और शिकारी अब बैखोफ होकर वन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं दोनों ही सामान्य वन मण्डलों के वन क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ीं हैं। तापमान कम होने के बाबजूद हर दिन जंगल में आग लग रही है। अधिकाँश बीटों में बीटगार्ड के न होने का दुष्परिणाम यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर भीषण आगजनी की सूचना नहीं मिल पा रही है। इसलिए आग को काबू करने के प्रयास जब तक शुरू होते हैं तब तक कई हेक्टेयर में जंगल जलकर ख़ाक हो चुका होता है।
कार्यालय में अटैच 34 कर्मचारी

पन्ना के दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत आने वाले काष्ठागार डिपो में विगत कई वर्षों से 02 वनपाल, 11 वनरक्षक, 24 स्थाईकर्मी, 01 चालक एवं 04 पार्ट टाइम श्रमिक समेत कुल 42 कर्मचारी पदस्थ हैं। जबकि वहां नियमित से काम सिर्फ 08 कर्मचारी ही कर रहे हैं। शेष 34 कर्मचारी पन्ना में स्थित डीएफओ, एसडीओ के कार्यालय और बंगलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों को लेकर विभाग के अंदर चर्चा आम है कि फील्ड की 24 घण्टे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी से बचने के लिए उनके द्वारा काष्ठागार डिपो में अपनी पोस्टिंग कराई गई ताकि पन्ना में परिवार के साथ रहकर कार्यालय या बंगलों काम कर सकें।
गौरतलब है कि पांच माह पूर्व काष्ठागार डिपो पन्ना के तत्कालीन काष्ठागार अधिकारी आर. एस. पटेल के द्वारा दिनांक 15 नवम्बर 2019 वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल पन्ना को प्रेषित पत्र क्रमांक/DO/2019 / में यह उल्लेख किया था कि काष्ठागार डिपो का आकार छोटा है, काष्ठ (लकड़ी) की आमद कम होने के साथ-साथ कार्यालयीन कार्य भी अत्यंत ही सीमित है। इसलिए वहाँ 42 कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। कर्मचारियों की इतनी संख्या किसी क्षेत्रीय रेन्ज से भी अधिक है।
इस पत्र के माध्यम से उन्होंने नामित कर्मचारियों के अतिरिक्त रेन्ज कार्यालय में पदस्थ 34 कर्मचारियों को अन्यंत्र पदस्थ करने की सिफारिश की थी। विभाग के हित में यह सिफारिश करना काष्ठागार अधिकारी श्री पटेल को काफी महंगा पड़ा था। बड़े अफसरों ने अटैचमेन्ट समाप्त कर वनकर्मचारियों को फील्ड भेजने के बजाय रेन्जर आर. एस. पटेल को ही काष्ठागार अधिकारी के पद से हटा दिया था। यह मामला में मीडिया में काफी उछला था। लेकिन वन कर्मियों को अटैच न के आदेश जारी करने वाले भोपाल में बैठे अफसरों ने इस मामले को जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया।
जंगल की सुरक्षा से समझौता

वर्तमान में लॉकडाउन के चलते पिछले एक पखवाड़े से उत्तर-दक्षिण वन मण्डल कार्यालय बंद हैं। इसलिए वहाँ पदस्थ और अटैच सभी कर्मचारी घरों में रहकर फुल टाइम आराम फरमा रहे हैं। आश्चर्य की बात है कि काष्ठागार के अटैच कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पुलिस को सुरक्षा में सहयोग हेतु नहीं लगाई गई बल्कि फील्ड में तैनात वनकर्मियों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप सेवाएं देने के लिए भेजा गया। इसी तर्ज पर उत्तर वन मण्डल कार्यालय में अटैच वनकर्मियों की जगह फील्ड स्टॉफ को पुलिस के सहयोग के लिए तैनात किया गया। जिससे दोनों ही वन मण्डलों की अधिकांश बीटों में बीटगार्ड ही नहीं हैं। इस स्थिति में सुरक्षा श्रमिक भी लापरवाही कर रहे हैं। जंगल की सुरक्षा अब पूरी तरह भगवान भरोसे है।

वन विभाग के अफसरों को बढ़ते वन अपराधों को दृष्टिगत रखते हुए जंगल की सुरक्षा बनाए रखने के लिए करना यह चाहिए था कि जिस भी कार्यालय में वनकर्मी अटैच हैं उन्हें कोरोना ड्यूटी में लगाया जाता। उसके बाद भी अगर कर्मचारी कम पड़ते तब बीट गार्डों को पुलिस के सहयोग के लिए भेजा जाता तो शायद इतनी बड़ी तादाद में बीटें खाली न होतीं। लेकिन इसके उलट बीटों में तैनात वनकर्मियों विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में सेवाएं देने के लिए भेज दिया। इसलिए वन विभाग के अफसरों के इस मनमाने निर्णय पर विभाग के अंदर सवाल उठ रहे हैं। कार्यालय में अटैच वनकर्मियों को फील्ड ड्यूटी के साथ-साथ कोरोना की विशेष ड्यूटी से जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की कीमत पर राहत दिए जाने से मैदानी अमले में जबरदस्त असंतोष व्याप्त है। इस अदूरदर्शी और अव्यवहारिक फैसले से पता चलता है जिम्मेदार अफसरों को जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की वाकई कितनी परवाह है।












मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ग्राम एवं शहरी स्तर पर घर-घर सर्वे, सर्विलेन्स एवं जागरूकता कार्य हेतु एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक की गठित टीम द्वारा सामुदाय स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे, काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग, बाहर से आए हुए लोगों की जानकारी एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।