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पन्ना जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र के महेबा ग्राम की घटना
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बेरहमी से वृद्ध की हत्या के बाद से इलाके में दहशत और तनाव का माहौल
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परिजनों ने जताई आशंका पुराने विवाद में राजीनामा न करने पर की गई हत्या
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अमानगंज थाना प्रभारी बोले जब तक पीएम रिपोर्ट नहीं आती हत्या कहना जल्दबाजी
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जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत बेवा आदिवासी की हत्याकर सड़क किनारे फेंका शव
पन्ना।(www.radarnews.in) लॉकडाउन के दौरान भी पन्ना जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक के बाद एक जिस तरह से झकझोर देने वालीं सनसनीखेज वारदातें सामने आ रहीं हैं उससे मैदानी पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली, क्षेत्र की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लग रहा है। जिले के अमानगंज थाना अंतर्गत दो दिन के अंदर दो हैरान करने वाली घटनाएं सामने आईं हैं, पहली थाना क्षेत्र के महेबा ग्राम में एक वृद्ध की कथित तौर पर लाठी-डण्डों से पीट-पीटकर बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। वृद्ध के खून के प्यासे क्रूर अपराधियों ने उसकी आंखें भी फोड़ीं और फिर अपने गुनाह को छिपाने के लिए शव को तालब में फेंक दिया। दूसरी घटना अमानगंज क़स्बा के शासकीय महाविद्यालय भवन में स्थित क्वारंटाइन सेंटर की है। जहां चौबीसों घण्टे सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात रहने एवं प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बाद भी वहां एक नवयुवक प्रवासी श्रमिक के साथ उसके गांव के ही एक अन्य श्रमिक के द्वारा मारपीट की गई। कथित तौर पर इस घटना से आहत होकर पीड़ित प्रवासी श्रमिक लख्खू उर्फ़ रामलखन कुशवाहा ने क्वारंटाइन सेंटर के ही एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

मंगलवार 28 अप्रैल को दोपहर के समय उसका शव संदेहास्पद परिस्थितियों में खिड़की की ग्रिल के सहारे फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। जनमानस को स्तब्ध कर देने वालीं इन घटनाओं के बाद अमानगंज थाना एवं महेबा चौकी पुलिस की लॉकडाउन के दौरान सजगता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अमानगंज थाना की महेबा चौकी अंतर्गत सामने आई हत्या की दहला देने वाली वारदात के सम्बंध प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को वृद्ध राम सिंह बिसेन 65 वर्ष निवासी ग्राम महेबा सोमवार 27 अप्रैल को रोज की तरह अपनी भैंसें लेकर तालाब की ओर चराने गया था। शाम को भैंस तो वापस घर लौट आईं लेकिन राम सिंह नहीं आया। इससे चिंतित और अनहोनी को लेकर आशंकित परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तालाब के आसपास खोजबीन शुरू की। इस दौरान राम सिंह का शव तालाब के पानी की सतह पर उतराता हुआ मिला। शव को आनन-फानन बाहर निकालकर चौकी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वृद्ध के साथ की गई क्रूरता की कहानी उसके शरीर पर उभरे जख़्म चींख-चींखकर बयां कर रहे थे। अज्ञात अपराधियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए कथित तौर पर वृद्ध की दोनों आंखें भी फोड़ डालीं।
इस दौरान वृद्ध की हत्या पर विलाप करते हुए परिजन कह रहे थे कि आखिरकार वही हुआ जिसका उन्हें डर था। अपुष्ट सूत्रों से पता चला है, कुछ माह पूर्व खेत में मवेशी घुसने की घटना को लेकर राम सिंह का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हुआ था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। प्रकरण के आरोपीगण राम सिंह पर समझौता करने का दबाब डाल रहे थे। कथित तौर पर सोमवार 27 अप्रैल को आरोपियों द्वारा धमकी दी गई थी यदि आज समझौता नहीं किया तो राम सिंह की जिंदगी का यह आखिरी दिन होगा। पीड़ित परिजनों के अनुसार इन धमकियों को राम सिंह ने और उनके द्वारा ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया। लेकिन उन्होंने आशंका जताई है कि, राम सिंह की हत्या करने वाले वही लोग हो सकते हैं जोकि समझौते ना करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। मंगलवार 28 अप्रैल को पुलिस ने अमानगंज में मृतक का पोस्टमार्टम कराया और घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी उपस्थिति में उसी दिन अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस जघन्य वारदात पर अमानगंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
इनका कहना है –
“राम सिंह की मौत की घटना सामने आने पर डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है, अभी रिपोर्ट अप्राप्त है, रिपोर्ट आने पर ही मौत की वास्तविकता सामने आएगी इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर जिन व्यक्तियों पर संदेह या आरोप जताया है उन्हें अति शीघ्र हिरासत में लेकर पूंछतांछ की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की कार्रवाई इस दिशा में जारी है।”
– राकेश तिवारी, थाना प्रभारी, अमानगंज जिला पन्ना।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार अमानगंज के समीप स्थित ग्राम घटारी निवासी रामलखन उर्फ लख्खू कुशवाहा पुत्र रामप्रसाद कुशवाहा 19 वर्ष सागर जिले के गढ़ाकोटा में अपने गांव के चार-पांच अन्य युवकों के साथ मजदूरी करता था। कोरोना संक्रमण के चलते लाॅकडाउन होने पर ये सभी लोग गढ़ाकोटा में ही कई दिनों तक फंसे रहे। किसी तरह वापस घर लौटने के प्रयास के चलते 24 अपै्रल को रामलखन उर्फ लख्खू कुशवाहा अपने साथियों कल्लू साहू, अनिल कुशवाहा, मंजा साहू सभी निवासी ग्राम घटारी एवं सूरज आदिवासी निवासी ग्राम पाठा के साथ अमानगंज पहुंचा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सभी प्रवासी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के पश्चात उन्हें अमानगंज के काॅलेज भवन में बने क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिनों का क्वारंटाइन पूरा करने के लिये रखा गया था।
मृतक के पिता ने बताया कि इस बात की जानकारी क्वारंटाइन सेंटर में सफाई करने वाले एक सफाईकर्मी को दी गई थी जिसके बाद उक्त सफाईकर्मी ने कल्लू साहू को डांटा भी था। पिता ने आशंका जताई है कि शायद इसी वजह से उनके बेटे ने फांसी लगाई है। अमानगंज थाना पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर में सुरक्षाकर्मियों से लेकर अन्य कर्मचारी तैनात होने के बावजूद वहां श्रमिक के साथ मारपीट होना और पर इसी वजह से उसके द्वारा कथिततौर आत्महत्या करने के लिये आाखिर कौन जिम्मेदार है। मर्ग जांच के अलावा प्रथम दृष्टया इस अक्ष्मय लापरवाही के लिये क्वारंटाइन सेंटर में तैनात कर्मचारियों की जावबदेही तय कर उनके खिलाफ भी क्या कार्यावाही की जायेगी यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।







“युवक के शिकायती आवदेन पत्र के आधार पर उसके मकान में किराए से रहने वाले अमित मिश्रा व गोलू तिवारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामला अनुसूचित जाति-जनजाति का होने से प्रकरण की जांच डीएसपी अजाक के द्वारा की जा रही है, अभी तक इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

गाइडों की मदद करने वालों में पुणे की टूरिज़्म इंडस्ट्री से जुड़े नेचर वाॅक के संचालक अनुज खरे, जीविधा के संचालक राजीव पांड्या, जंगल सफारी के संचालक ओमकार, टेरिटोरी के संचालक संदेश गुर्जर, फूटलूज जर्नी के संचालक परेश देशमुख शामिल हैं। यह सभी संस्थायें टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षण एवं पर्यटकों को घुमाने, उनके ठहरने-भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करती हैं। इनके द्वारा पन्ना टाईगर रिजर्व के नेशनल अवार्ड प्राप्त टूरिस्ट गाईड आर.पी. ओमरे के माध्यम से 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई। सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए बुधवार 22 अप्रैल को 2020 को पन्ना टाईगर रिजर्व के 70 गाइडों को सहायता राशि का वितरण किया गया। इस अवसर पर परिक्षेत्र अधिकारी देवेन्द्र नायक सहित पन्ना टाईगर रिजर्व के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। आर्थिक सहयता दिलाने में पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का भी अहम योगदान रहा।



अमानगंज थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने रडार न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि ट्रक में आग क्लीनर की तरफ से लगी और तेजी से पूरे ट्रक में फ़ैल गई। ट्रक में लगी आग सबसे पहले काबू किया गया क्योंकि उसके डीजल टैंक में विस्फोट होने का खतरा बढ़ गया था। गनीमत यह रही कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि हादसे पर दो आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गए। जिसमें ट्रक के अज्ञात चालक के विरुद्ध आईपीसी की धारा- 279, 337, 304 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। खेत में नरवाई जलाने को लेकर खेत मालिक राजेन्द्र भारद्द्वाज के खिलाफ आईपीसी की धारा- 285, 434, 427 के अंतर्गत प्रकरण कायम किया है।








पीपीई किट तैयार करने वाले हजरत बाबा निजामी स्व सहायता समूह पुराना पन्ना की सदस्य सबीना बानो का कहना है कि कोरोना को हराने के लिए पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है, मुझे इस बात की ख़ुशी और गर्व है कि हमारे समूह की महिलाएं कोरोना के खिलाफ फ्रंट लाइन पर खड़े होकर जंग लड़ रहे योद्धाओं डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए सुरक्षा कवच रुपी पीपीई किट तैयार करने में अपना योगदान दे रहीं हैं। संकट के समय हमारा हुनर देश के काम आ सका यह हमारी खुशकिस्मती है। सबीना यह बात अच्छी तरह यह जानती हैं कि कोरोना संकट से मानवता को उबारने के लिए हमारे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ का इस खतरनाक संक्रमण से सुरक्षित रहना कितना जरुरी है। और इसके लिए उनके पास पीपीई किट समेत अन्य प्रोटेक्टिव गियर्स होना सबसे जरूरी है। सबीना बानो और माधवी सिंह ने बताया कि वे प्रतिदिन 8-10 पीपीई किट बना लेती हैं। पूर्व में इनके द्वारा सूती कपड़े के मास्क भी तैयार किये गए थे। उल्लेखनीय है कि पीपीई किट का उपयोग कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों की जांच के नमूने लेने, उपचार करने एवं देखभाल करने वाले मेडिकल स्टॉफ एवं डाॅक्टरों के द्वारा किया जाता है। इसे पहनकर वे खतरनाक संक्रमण से स्वयं को सुरक्षित रख पाते हैं।

आजीविका मिशन पन्ना के जिला प्रबंधक डी. के. पाण्डेय ने बताया कि लॉकडाउन के शुरूआती दिनों में जिला प्रशासन कोरोना महामारी की प्रभावी रोकथाम के लिए प्रमुख सामग्रियों जैसे- मास्क, साबुन, पीपीई किट, सैनेटाइजर आदि की आपूर्ति को लकेर चिंतित था लेकिन आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों के द्वारा तेजी से आवश्यक सामग्रियों आपूर्ति सुनिश्चित की गई। जिसके फलस्वरूप कोरोना संक्रमण के खतरे को जिले में रोकने में काफी मदद मिली है। परियोजना प्रबंधक डी. के. पाण्डेय का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना के स्व सहायता समूहों की महिलाएं रोजगार सृजन करने के साथ-साथ संकट की घड़ी में समाज की जरूरतों को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाते हुए अपनी गजब की कार्य क्षमता और कुशलता को बखूबी साबित कर रहीं हैं।