शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के कंटेनमेंट ग्रामों के भ्रमण के दौरान 9 जून से 16 जून तक हायर सेकेण्डरी एवं हायर सेकेण्डरी व्यवसायिक पाठ्यक्रम की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के शामिल होने की समस्या की जानकारी दी गयी। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा बताया कि परीक्षार्थियों के परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने के लिए शासन द्वारा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे परीक्षार्थियों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त कर ली जाए जिन परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। उनके लिए वाहन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। जिन परिवारों के पास अपने स्वयं के वाहन है वे परीक्षार्थी अपने स्वयं के वाहन से समय पर परीक्षा केन्द्र जा सकते हैं।
संक्रमण से बचाव के साथ परीक्षा
अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे ने बताया है कि माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी/हायर सेकेण्डरी व्यवसायिक परीक्षा 2020 की शेष बची परीक्षाओं के आयोजन हेतु परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है। यह परीक्षाएं 09 जून 2020 से प्रारंभ होकर पूर्व निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होना है। परीक्षाओं के सफल संचालन एवं संक्रमण से बचाव के साथ सम्पन्न कराने हेतु निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना को निर्देश दिए हैं कि मंडल के निर्देशानुसार केन्द्राध्यक्ष से प्रत्येक परीक्षा केन्द्र को सेनेटाइज कराने एवं परीक्षा केन्द्र पर सेनेटाइजर, साबुन एवं पानी की व्यवस्था करने, परीक्षा कार्य में संलग्न समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों एवं छात्रों के नाक, मुंह नकाव/कपड़े से ढके हो एवं फिजिकली डिस्टेन्स नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं। समस्त परीक्षा केन्द्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए तथा थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी अधिकारी/कर्मचारी अथवा छात्र अथवा परीक्षा कार्य में संलग्न किसी भी व्यक्ति के शरीर का तापमान अधिक होने की स्थिति में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।
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बहरहाल अच्छी बात यह है कि सोमवार की देर शाम जैसे ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी को नर्स की जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता चला तुरंत बगैर किसी देरी के नर्स को जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। इसके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की जानकारी जुटाकर 24 लोगों के सैम्पल लिए गए। सभी लोगों को रात्रि में ही पुराना पन्ना स्थित क्वारंटाइन सेंटर में फिलहाल जांच रिपोर्ट आने तक एहतियात के तौर पर रखा गया है। पन्ना के धाम मोहल्ला में गुजरात से लौटे एक प्रवासी युवक के बाद नर्स के रूप में दूसरा पॉजिटिव केस मिलने पर मोहल्ले के शेष भाग को रात्रि में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में सील कराकर कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। रात्रि में इलाके को सैनेटाइज भी कराया गया।




इसी कड़ी में सोमवार 1 जून को पन्ना जिला मुख्यालय सहित गांवों में पत्थर खदान मजदूर श्रमिक सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता यूसुफ बेग के आह्वान पर शारीरिक दूरी बनाये रखते हुए एवं शासन के नियमों का पालन करते हुए दो मिनिट का मौन धारण कर अपने शहीद मजदूरों को श्रद्धांजली दी गई। इसके पश्चात काली पट्टी बांधकर बेवश और लाचार श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण तथा उनके हितों के संरक्षण के लिए काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।
पत्थर खदान श्रमिक मजदूर सहकारी समिति के अध्यक्ष यूसुफ बेग ने प्रेस विज्ञप्ती जारी कर कहा है की पिछले दो महीनों में पूरे देश में कोरोना कोविड 19 के कारण लॉकडाउन ने देश भर के लोगों को खासकर गरीब, बेघर हाशिये पर खड़े लोगों एवं प्रवासी मजदूरों को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है । 22 मई 2020 तक देश में लॉकडाउन के कारण पैदल चलते भूखे-प्यासे परेशान हाल 667 लोगों की मौत हुई है। जिसका कारण कोविड संक्रमण(कोरोना) नहीं है बल्कि उनकी मौत सड़क दुर्घटना, भूख और लॉकडाउन के चलते पैदा हुई मुश्किलों की वजह से हुई है। ऐसे में मजदूरों की हकीकत सामने रखकर सरकार को आईना दिखाने का काम काली पट्टी बाँध कर आज मजदूरों ने किया है। श्री बेग ने कहा कि इस लॉकडाउन के कारण सिर्फ लोगों की मौतें ही नहीं हुई बल्कि उनकी आजीविका, आकांक्षाओं का भी दमन किया गया है। जिसकी हम सभी मजदूर निंदा करते हैं।
इनके द्वारा मांग की गई है कि कोरोना आपदाकाल में हर गरीब व्यक्ति को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से 10 किलो अनाज, 1.5 किलो दाल, 800 ग्राम तेल हर महीने दिया जाए, आंगनवाडी और स्कूल में मध्यान भोजन के माध्यम से गरम पका भोजन, प्रवासी मजदूरों एवं देश के अन्य भाग फंसे हुए लोगों को सुरक्षित जाने की मुफ्त व्यवस्था, मनरेगा तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार एवं वापस आये मजदूरों को 200 दिन का रोजगार दिया जाए। श्रमिक नेता युसूफ बेग ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन मांगों को देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुँचाया है जिससे लॉकडाउन के कारण संकट में आये मजदूरों को भरण-पोषण का सहारा मिल सके और वह पुनः सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार हो सकें।
कोरोना जांच मशीन को लगाने के लिए चुने गये स्थान को लेकर पन्ना में विवाद देखा गया। बताया गया कि उक्त मशीन को जिला चिकित्सालय परिसर में ही लगना चाहिए, लेकिन पन्ना में इसे जिला मलेरिया व फाइलेलिया कार्यालय में लगाया गया। जिससे यहां के कर्मचारियों में विरोध भी देखा गया। लेकिन यहां मामला कोरोना से जुड़ा होने के कारण कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आनन-फानन में इस कार्यालय को खाली करने के निर्देश दे दिए गए और बहुत सारा सामान बाहर कर दिया गया। जबकि यह जो भवन बना हुआ है पूर्व सीएमएचओ ऑफिस है, जो छतिग्रस्त हो गया था। जिसे मलेरिया फाइलेरिया विभाग ने अपने हैंडोवर ले लिया था एवं उनके द्वारा इसका जीर्णोद्धार कराया गया। अब सवाल यह उठता है कि जब इस परिसर में वैसे भी मलेरिया फाइलेरिया के अलावा कुष्ठ विभाग खाद्य सहित कई नॉनटेक्निकल विभाग संचालित है, जो पहले से ही लग रहे हैं। परिसर में इतने कमरे नहीं है। यह मशीन लगाई जा सके। इस मशीन के लगने से यहां के कर्मचारियों को स्वयं के संक्रमित होने का भय और चिंता सताने लगी है।

पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम बरबसपुरा कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या और संक्रमण के प्रसार के लिहाज से “हाई रिस्क विलेज” अर्थात अत्याधिक संक्रमित गाँव बन चुका है। पन्ना जनपद के अंतर्गत आने वाली बरबसपुरा पंचायत में एकमात्र मजरा ग्राम भानपुरा शामिल है। पंचायत सचिव कमलेन्द्र सिंह बुंदेला ने जानकारी देते बताया कि उनकी पंचायत की कुल आबादी करीब 2500 एवं वोटर संख्या 1446 है। पंचायत में 555 परिवार निवासरत हैं। मार्च महीने में पहला लॉकडाउन घोषित होने के बाद से 30 मई तक की स्थिति बरबसपुरा पंचायत में 238 प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न राज्यों से वापस लौटे हैं।






इसके आलावा कंटेनमेंट जोन घोषित नए इलाकों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इलाके को सैनेटाइज करने तथा सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की तैयारी की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक देवरी ग्राम में भी प्रशासन, पुलिस और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर की टीमें इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम देने में जुटीं थीं।








उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में अब तक कुल चार कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए। इनमें दो मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। गुरुवार को जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर से घाट सिमरिया निवासी दूसरे मरीज की छुट्टी स्वास्थ्य विभाग में लागू कोरोना उपचार की नई गाइड लाइन के तहत की गई। गुनौर के छात्रावास में क्वारंटाइन रहने के दौरान इस युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद इसे 16 मई जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। करीब 12 दिनों तक उपचार के दौरान मरीज में बीमारी का किसी तरह का कोई लक्षण प्रकट न होने पर उसे नई गाइड लाइन के तहत स्वस्थ मानकर छुट्टी दे दी गई। हालाँकि इस युवक आगामी 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहते हुए प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। स्वस्थ्य हुए मरीज की निगरानी के लिए उसके मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एवं सार्थक एप्प इंस्टाल कराये गए। इसके माध्यम से होम आइसोलेशन की अवधि में मरीज की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा बताया गया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान जिले में सेनेटाइजर और मास्क नहीं मिल रहे थे। उस समय आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों द्वारा 25 हजार शीशी सेनेटाइजर तैयार किए गए। इसी प्रकार मास्क की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए मास्क निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। जिला चिकित्सालय की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए पीपीई किट निर्माण कराए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालगुरु के, पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना के जिला प्रबंधक दिनेश कुमार पाण्डेय, पन्ना जनपद सीईओ तपस्या जैन, एनआरएलएम की डीएम स्वप्निल शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके बाद सागर संभाग आयुक्त अजय सिंह गंगवार ने समीप ही स्थित कोविड केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया।