पन्ना जिले के पहले कोविड संक्रमित मरीज के पूर्णतः स्वस्थ्य होने पर उसे हॉस्पिटल से विदाई देते हुए पन्ना कलेक्टर एवं सीएमएचओ। (फाइल फोटो)
* जिले में बड़ी तादाद में बीपीएल कार्ड से वंचित हैं सुपात्र
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले की अजयगढ़ तहसील के ग्राम हरदी निवासी मोहम्मद इस्लाम प्रवासी श्रमिक के रूप में जब पन्ना आए तो वे कोरोना पाॅजिटिव थे। जिसके चलते उन्हें जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था। भर्ती रहने के दौरान उन्हें अच्छा उपचार, पौष्टिक भोजन, मनोरंजन पाकर वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने ग्राम हरदी पहुंच गए। गाँव में प्रवासी श्रमिक इस्लाम और उसके परिवार का भरण-पोषण ठीक से हो सके, इसके लिए तुरंत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार का राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया। साथ ही उन्हें खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिए गए।
पन्ना हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद एम्बुलेन्स से परिजनों के साथ अपने गांव रवाना होता कोरोना से जंग जीतने वाला प्रवासी श्रमिक। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि श्रमिक इस्लाम भाग्यशाली हैं कि उन्होंने न सिर्फ कोरोना वायरस से जंग जीती है बल्कि प्रशासन की पहल से अब जाकर उसे तुरंत गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी मिला गया जिसकी पात्रता वह काफी समय से रखते रहे हैं। हालाँकि, जिले में अभी भी ऐसे हजारों गरीब परिवार हैं जोकि बीपीएल कार्ड के लिए सुपात्र हैं और वर्षों से खाद्य असुरक्षा से मुक्ति के लिए अपने इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए लोक सेवा केन्द्रों, राजस्व अधिकारियों और जनसुनवाई आदि में अर्जियां दे रहे हैं। बहरहाल, जिला प्रशासन ने जिस तरह संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रवासी श्रमिक को उसका अधिकार दिलाया है उसे देखते हुए यह अपेक्षा की जा रही है अन्य वंचित सुपात्र गरीबों की भी उसके द्वारा सुध ली जाएगी।
* जिले के पहले कोरोना मरीज की अंतिम जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया
* कोरोना का पहला मरीज पूर्णतः स्वस्थ होने की ख़ुशी लेकिन दूसरा केस मिलने से चिंता पहले से ज़्यादा बढ़ी
* सीएमएचओ को नए मरीज के सम्बंध में बुनियादी जानकारी भी नहीं लेकिन इतना पता है कि वह पब्लिक जोन में ज्यादा नहीं रहा
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर अब दो हो गई है। यह महज एक विचित्र संयोग ही है कि शनिवार को जिले के पहले कोरोना संक्रमित युवक की चौथी और अंतिम जाँच रिपोर्ट निगेटिव आने पर जहाँ उसे जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड से छुट्टी दे दी गई। वहीं आज ही एक अन्य प्रवासी श्रमिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती करने की तैयारी चल रही है। पन्ना के लोगों के लिए थोड़ी ख़ुशी और ज्यादा चिंता वाली खबर है। क्योंकि लॉकडाउन में बाहर फंसे लोगों की वापसी के चलते जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं, हालाँकि इसकी आशंका शुरू से ही जताई जा रही थी। नए कोरोना मरीज के सम्बंध मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के. तिवारी के द्वारा जारी प्रेस ब्रीफिंग में फिलहाल बहुत ही संक्षिप्त जानकारी दी गई है। उन्होंने एक अन्य कोरोना संक्रमित व्यक्ति मिलने की तो पुष्टि की है लेकिन उसकी आयु, वह किस तहसील क्षेत्र का रहने वाला है और, कहाँ से और कब आया है, उसकी ट्रेवल हिस्ट्री आदि की सामान्य और बुनियादी जानकारी तक नहीं दी गई। उनके द्वारा अगले दिन रविवार 17 मई को विस्तृत जानकारी देने की बात कही जा रही है।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को यह तो पता है कि जिले में एक अन्य व्यक्ति कोरोना जांच में संक्रमित निकला है मगर शाम 7 बजे तक उन्हें उसके सम्बंध उपरोक्त बुनियादी जानकारी न हो क्या यह संभव है ? गले न उतरने वाली इस बात को अगर सच मान भी लिया जाए तो इससे साबित तो यही होता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा महामारी घोषित कोविड-19 की आपदा के समय जिले के स्वास्थ्य महकमे के मुखिया कितनी सजगता और सक्रियता से कोरोना संकट की रोकथाम के लिए कार्य कर रहे हैं ? दरअसल, वास्तविकता यह है कि अति पिछड़े और राजनैतिक शून्यता वाले पन्ना जिले में कतिपय अधिकारी अफसरशाही वाली मानसिकता और हनक के साथ कार्य कर रहे हैं। उनमें आमजन के प्रति जबावदेही का नितांत आभाव है। सीएमएचओ को दूसरे कोरोना संक्रमित व्यक्ति के सम्बंध फिलहाल ज्यादा जानकारी भले ही न हो पर उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में एक महत्वपूर्ण जानकारी दावे के साथ अवश्य साझा की है कि उक्त मरीज पब्लिक जोन में ज्यादा नहीं रहा है, इसलिए घबराने की जरुरत नहीं है।
सांकेतिक फोटो।
दूसरे कोरोना केस के सम्बंध में बुनियादी जानकारी देने को लेकर प्रशासनिक अमले ने फिलहाल भले ही चुप्पी साध रखी है लेकिन शनिवार को दोपहर से ही उसके सम्बंध काफी कुछ जानकारी जनचर्चाओं एवं मीडिया रिपोर्ट में निकलकर सामने आ रही है। सूत्रों से मिली अपुष्ट जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमित नया मरीज जिले के गुनौर विकासखण्ड का निवासी है। कथित तौर पर वह अपने भाई के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 5 दिन अपने घर पूर्व लौटा था। चूँकि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले बड़ी संख्या में सामने आये हैं इसके मद्देनजर इन दोनों भाईयों के सम्बंध में जानकारी मिलने पर उन्हें गुनौर के छात्रावास में क्वारंटीन किया गया था। लगभग 2 दिन पूर्व इनके सैम्पल लेकर कोरोना जांच हेतु मेडिकल कॉलिज सागर भेजे गए। जिसकी रिपोर्ट आने पर एक युवक पॉजिटिव पाया गया।
फाइल फोटो।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो इसकी जानकारी अधिकारियों को दोपहर में ही मिल गई थी। उधर जिले की अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के जिस 32 वर्षीय प्रवासी श्रमिक की चौथी और अंतिम जांच रिपोर्ट आज निगेटिव आई है उसे 14 दिन बाद आज शाम के समय पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड से छुट्टी दे दो गई। पन्ना जिले के लोगों और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह विचित्र स्थिति ख़ुशी और चिंता दोनों एक साथ लेकर आई है। बताते चलें कि मुंबई से ग्रुप में पन्ना लौटे अजयगढ़ क्षेत्र के एक प्रवासी युवा श्रमिक का सैम्पल कोरोना की जांच हेतु भेजा गया था जिसकी 2 मई को आई रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। इसके पश्चात उसे दूरस्थ ग्राम बनौली के क्वारंटाइन सेंटर से पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। भर्ती होने 8 दिन पश्चात उसकी दूसरी जांच रिपोर्ट 10 मई को निगेटिव आई, 13 मई को तीसरी जांच रिपोर्ट पुनः पॉजिटिव निकली जबकि आज चौथी और अंतिम जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
पन्ना जिले के पहले कोविड संक्रमित मरीज के पूर्णतः स्वस्थ्य होने पर उसे हॉस्पिटल से विदाई देते हुए पन्ना कलेक्टर एवं सीएमएचओ।
गौरतलब है कि जिले के पहले कोरोना संक्रमित मरीज में इस बीमारी का कोई भी लक्षण शुरू लेकर अब तक नहीं दिखा। वह पूर्णतः स्वस्थ रहा है। अपनी पहली जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर वह खुद भी हैरान रहा है क्योंकि उसे स्वास्थ्य सम्बंधी किसी तरह की कोई भी तकलीफ इन चौदह दिनों में कभी भी नहीं रही। स्वास्थ्य विभाग भी इस बात का दावा करता रहा है।
पन्ना जिले का पहले कोरोना मरीज के पूर्ण स्वस्थ होने के उसे बाद जिला चिकित्सालय से विदाई देते हुए अधिकारीगण।
इस केस को लेकर आमजन को सबसे ज्यादा आश्चर्य तब हुआ था जब 13 मई को उसकी तीसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। चौथी और अंतिम जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिले का पहला कोरोना मरीज पूर्णतः स्वस्थ्य है। अब वह अपने घर पर कुछ दिन होम आइसोलेशन में रहेगा।
कलेक्टर और सीएमएचओ पहुंचे गुनौर
कोविड सेंटर का निरीक्षण करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। (फाइल फोटो)
जिला चिकित्सालय में भर्ती रहे पहले कोरोना मरीज के पूर्णतः स्वस्थ्य होने पर उसकी छुट्टी पश्चात पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, सीएमएचओ डॉक्टर एल. के. तिवारी एवं इलाज करने वाले चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा उसे पुष्पगुच्छ देकर और ताली बजाकर विदाई दी गई। इसके पश्चात सभी अधिकारी तुरंत गुनौर के लिए रवाना हो गए जहाँ छात्रावास में दूसरा कोरोना मरीज आइसोलेशन में है। इसे बेहतर उपचार हेतु सुरक्षित तरीके से पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती करने की तैयारी समाचार लिखे जाने तक चल रही थी। उल्लेखनीय है कि दूसरे राज्यों एवं प्रदेश के अन्य जिलों से लगातर प्रवासी श्रमिकों एवं लोगों की वापसी के चलते पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं लॉकडाउन में छूट मिलने से अब पहले की तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। इसके मद्देनजर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु अब पहले से कहीं अधिक सतर्कता-सजगता बरतने की जरुरत है।
पन्ना जिले के खरीदी केन्द्रों पूरे समय गेहूँ की बोरियां इसी तरह पूरे परिसर फैली हुई रखीं रहीं कहीं भी स्टेक नजर नहीं आए।
* पन्ना का गेहूँ पड़ोसी जिला कटनी में करना पड़ रहा है भण्डारित
* ओपन कैप निर्माण कार्य समय पर पूर्ण न होने से उत्पन्न हुई समस्या
* जिले में उपार्जन कार्य शुरू होने के पूर्व की तैयारियों पर की खुली पोल
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में समर्थन मूल्य पर किसानों से जारी गेहूँ खरीदी की भण्डारण व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। खरीदे गए अनाज के सुरक्षित भण्डारण के लिए जिले में उपयुक्त स्थान का आभाव होने से 71 खरीदी केन्द्रों पर आज की स्थिति में 2 लाख 43 हजार क्विंटल से अधिक गेहूँ खुले आसमान के नीचे पूर्णतः असुरक्षित पड़ा बिन मौसम बारिश की मार झेल रहा है। इसका मूल्य करीब 45 करोड़ रुपये है। गेहूँ भण्डारण की समस्या कितनी अधिक जटिल और विकराल रूप ले चुकी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, पन्ना जिले के गेंहू को पड़ोसी जिला कटनी के रीठी स्थित ओपन कैप में भण्डारित करना पड़ रहा है। गेहूँ उपार्जन एजेन्सी मध्य प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम पर इससे गेहूँ के परिवहन का लाखों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ना तय है।
यह अराजकतापूर्ण स्थिति पन्ना जिले में ओपन कैप का समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण निर्मित हुई है। “प्यास लगने पर कुँआ खोदने” वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए जिले में तीन स्थानों पर ओपन कैप निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है। फिलहाल खरीदे गए अनाज के भण्डारण संकट ने गेहूँ उपार्जन के पूर्व की जाने वाली आवश्यक तैयारियों एवं समस्त व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने को लेकर जिले की गई घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। इसके लिए कौन दोषी है, कहाँ चूक हुई और किसने शिथिलता बरती इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर सम्बंधितों की जबाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने की जरुरत ताकि शासन की प्राथमिकता वाले इतने वृहद और महत्पूर्ण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में इस तरह की अराजक स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।
खरीदी केन्द्रों में नहीं बची जगह
सुंगरहा केन्द्र पर गेहूँ की बोरिया का फैलाव निर्माणाधीन कॉलिज भवन परिसर तक हो चूका है, कमोबेश अन्य केन्द्रों की भी है यही स्थिति।
पन्ना जिले में दिनाँक 16 मई 2020 तक की स्थिति में कुल 24,002 किसानों से 10 लाख 16 हजार क्विंटल से अधिक गेहूँ समर्थन पर खरीदा गया। अभी दस दिन तक और अर्थात 26 मई तक गेहूँ उपार्जन कार्य जारी रहना है। जाहिर है आने वाले दिनों में आंकड़ों में वृद्धि होगी। इस सीजन में प्रतिदिन की औसत गेहूं खरीदी करीब 60 हजार क्विंटल है। इस तरह अंतिम तिथि 26 मई तक जिले में लगभग 16 लाख क्विंटल अनाज खरीदी की संभावना जताई जा रही है।
वर्तमान में स्थित भण्डारण केन्द्रों (वेयर हाउस) में सिर्फ पाठक वेयर हाउस सिली गुनौर में कुल उपलब्ध भण्डारण क्षमता 1500 मैट्रिक टन शेष है। उधर शाहनगर, लक्ष्मीपुर, अजयगढ़ में अब तक ओपन कैपों (विशाल खुले चबूतरों) का निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो पाया है। इस कारण जिले के सभी 71 खरीदी केन्द्र परिसर गेहूँ के बारदानों (बोरियों) से पटे पड़े हैं। खरीदी केन्द्रों में जहाँ भी नजर दौड़ाओ वहां हर तरफ भरे हुए बारदाने ही बारदाने नजर आ रहे हैं। जिले में फिलहाल उपार्जित गेहूँ के भण्डारण के लिए पर्याप्त स्थान का आभाव होने से अधिकाँश केन्द्रों पर हजारों क्विंटल गेहूँ परिवहन के इन्तजार में खुले आसमान के नीचे पड़ा मौसम की मार झेल रहा है।
मालूम हो कि मई माह में अब तक पन्ना जिले में तीन बार तेज बारिश हो चुकी है। केन्द्रों पर अव्यवस्थित तरीके से गेहूँ से भरे बारदानों का फैलाव होने तथा बारिश से बचाव के इंतजाम नाकाफी होने की वजह से बड़ी मात्रा में उपार्जित गेहूँ बारिश के पानी में तरबतर हुआ है। अधिकांश उपार्जन केन्द्रों के हालत इतने बदतर हैं कि उनमें अब और गेहूँ रखने के लिए स्थान ही शेष नहीं बचा है। जबकि किसान प्रतिदिन अपनी उपज लेकर बिक्री हेतु पहुँच रहे हैं। केन्द्रों पर रखे गेहूँ का प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित भण्डारण हेतु परिवहन (उठाव) न होने की वजह से अव्यवस्था फ़ैल रही है और नई खरीदी भी प्रभावित हो रही है। केन्द्रों पर पहुँचने के बाद किसान परेशान हो रहे है, उन्हें अपनी उपज की बिक्री के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है।
बम्फर उत्पादन होने से बढ़ी बिक्री
पन्ना जिले में गेहूँ खरीदी की भण्डारण व्यवस्था चरमराने की बड़ी वजह ओपन कैपों (विशाल आकर के खुले चबूतरों) का समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न होने के अलावा इस बार गेहूँ की रिकार्ड बिक्री भी है। पिछले वर्ष 2019 में जहाँ करीब 17 हजार किसानों ने ही समर्थन मूल्य पर अपना गेहूँ बेंचा था वहीं इस साल अब तक 24 किसान गेहूँ की बिक्री कर चुके हैं। जबकि अभी उपार्जन कार्य 26 मई तक चलना है। गेहूँ की बिक्री का ग्राफ बढ़ने की असल वजह इस साल जिले में गेहूं का बम्फर उत्पादन होना है। संयोग से इस साल रबी सीजन में मौसम किसानों पर मेहरबान रहा, गेहूँ की फसल को जब-जब सिंचाई की जरुरत थी तब-तब नियमित अंतराल में आवश्यकतानुसार अच्छी बारिश हुई है। जिसका सीधा लाभ से उत्पादन में वृद्धि के तौर नजर आ रहा है। उम्मीद से अधिक गेहूँ होने से जिले के किसान समर्थन मूल्य पर ज्यादा से ज्यादा गेहूँ बिक्री कर रहे हैं।
ओपन कैपों की क्या है स्थिति
भण्डारण हेतु फिलहाल स्थान का आभाव होने से खरीदी केन्द्रों से पर्याप्त मात्रा में गेहूँ का परिवहन न हो पाने से लाखों क्विंटल गेहूँ पड़ा है असुरक्षित।
जिले में इस साल गेहूँ उपार्जन कार्य शुरू होने के पूर्व से ही वेयर हाउसों में भण्डारण क्षमता कम मात्रा में उपलब्ध रही है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए 5 स्थानों- शाहनगर, सिमरिया, रैपुरा, लक्ष्मीपुर, अजयगढ़ में ओपन कैप निर्माण कार्य प्रस्तावित किये गए थे। इनके निर्माण हेतु रेत का प्रबंध करने से लेकर कार्य शुरू होने में काफी विलंब हुआ। जिसका दुष्परिणाम यह है कि पन्ना जिले में उपार्जित गेहूं को फिलहाल पड़ोसी जिला कटनी के रीठी में भण्डारित करना पड़ रहा है। वहीं खरीदी केन्द्रों 2 लाख 40 हजार क्विंटल से अधिक गेहूँ भण्डारण के इंतज़ार में खुले आसमान के नीचे असुरक्षित पड़ा है। अब तक हुई कुल गेहूँ खरीदी में भण्डारण केन्द्रों के लिए परिवहन की गई मात्रा के आंकड़ों पर गौर करें तो महज 76% गेहूँ का ही परिवहन भण्डारण केन्द्रों के लिए हो पाया है। जबकि खरीदे गए अनाज की मात्रा का 90 प्रतिशत से अधिक भण्डारण होने को संतोषजनक स्थिति माना जाता है।
ओपन कैपों की बात करें तो सिमरिया और रैपुरा का निर्माण कार्य निरस्त कर दिया गया है। वर्तमान में सिर्फ तीन स्थानों पर कैपों का कार्य चल रहा है, जिनमें- लक्ष्मीपुर 15,000 मैट्रिक टन, शाहनगर 20 हजार मैट्रिक टन एवं अजयगढ़ में 10 हजार मैट्रिक टन भण्डारण क्षमता वाले ओपन कैप निर्माणाधीन हैं। शाहनगर कैप के कुछ हिस्से में भण्डारण भी हो चुका जबकि अजयगढ़ कैप का कार्य अभी शुरू ही हुआ है। मजेदार बात तो यह है कि कटनी जिले के रीठी क़स्बा स्थित ओपन कैप में पन्ना जिले को 22 हजार मैट्रिक टन अनाज भण्डारण हेतु स्थान आवंटित किया गया है जबकि अभी वहाँ सिर्फ 3-4 हजार मैट्रिक टन अनाज भण्डारण हेतु स्थान बमुश्किल उपलब्ध है। रीठी कैप का भी निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। जिससे उपार्जित गेहूँ के भण्डारण को लेकर पन्ना जिले की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि इस सम्बंध में जब पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से सम्पर्क किया गया तो बैठक में व्यस्त होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।
गेहूँ उपार्जन-परिवहन 16 मई तक की स्थिति एक नजर में-
जिले में कुल गेहूँ खरीदी केन्द्र
71
गेहूँ बिक्री करने वाले किसानों की संख्या
24,002
समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी की कुल मात्रा
10,16,174.10
उपार्जन केन्द्रों से भण्डारण केन्द्रों के लिए परिवहन की मात्रा
7,73, 796.42
परिवहन हेतु शेष अनाज की मात्रा
2,43, 013. 77
परिवहन किये गए अनाज की मात्रा का प्रतिशत
76.09%
जिले में निर्माणाधीन ओपन कैपों की संख्या
03
इनका कहना है –
“जिले में गेहूँ के भण्डारण हेतु एकमात्र पाठक वेयर हाउस सिली में 1500 मैट्रिक टन के लिए स्थान उपलब्ध है, शेष सभी वेयर हाउस पैक हो चुके हैं। शाहनगर, रैपुरा, अजयगढ़ में तीन स्थानों पर ओपन कैपों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा कटनी जिले के रीठी क़स्बा के ओपन कैप में 22 हजार मैट्रिक टन अनाज भण्डारण हेतु स्थान आरक्षित किया गया है लेकिन अभी वहां उपलब्ध क्षमता महज 3-4 हजार मैट्रिक टन ही है। वर्तमान में जिले के उपार्जन केन्द्रों से रीठी और कुछ हद तक शाहनगर कैप के लिए गेहूँ परिवहन किया जा रहा है। स्थान की उपलब्धता के अभाव गेहूँ भण्डारण की व्यवस्था प्रभावित हुई है लेकिन इसमें शीघ्र ही सुधार होने की उम्मीद है।”
– शिव प्रकाश गुप्ता, जिला प्रबंधक, म. प्र. नागरिक आपूर्ति निगम, पन्ना।
“जिले में उपार्जित गेहूँ के भण्डारण की व्यवस्था स्थान की उपलब्धता के आभाव में बहुत ही पुअर स्थिति में है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कलेक्टर साहब के विशेष प्रयासों से तीन ओपन कैपों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्य शुरू होने में थोड़ा विलंब तो हुआ है, जिससे भण्डारण व्यवस्था प्रभावित हुई है। खरीदी केन्द्रों में अभी भी बड़ी मात्रा में अनाज भण्डारण हेतु परिवहन के लिए रखा है, यह बात सही है। गेहूँ परिवहन की कमजोर व्यस्था भी इसके लिए कुछ हद तक जिम्मेदार है। 30 मई तक हमें 75 हजार मैट्रिक टन अनाज भण्डारण क्षमता उपलब्ध होने की उम्मीद है। उपार्जन केन्द्रों में रखे गेहूँ को बारिश से बचाने के लिए केन्द्र प्रभारियों को उचित प्रबंध करने हेतु निर्देशित किया गया है। कई केन्द्रों में गेहूँ इतने फैलाव में रखा है कि व्यवस्था बनाने में व्यावहारिक कठिनाई आ रही है। फिर भी व्यवस्था में सुधार के लिए हम सब मिलकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं।”
– आर. के. श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति अधिकारी, पन्ना।
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले की अमानगंज तहसील के ग्राम गौरा में जिला आपूर्ति विभाग की टीम ने एक घर में दबिश देकर वहां अवैध रूप से 35 नग एलपीजी सिलेण्डर रखे पाए जाने पर एक युवक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला आपूर्ति अधिकारी पन्ना आर. के. श्रीवास्तव के निर्देशानुसार सहायक आपूर्ति अधिकारी राजेश तिवारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुश्री मेधा सिंह चंदेल एवं महादेव मुवेल द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम गौरा तहसील अमानगंज में स्थित सोनू पाठक के घर में अवैध रूप से रखे गैसे सिलेण्डरों की जांच की गयी।
जांच के दौरान घर पर 14.2 के.जी. के 22 नग भरे एवं 11 नग खाली गैस सिलेण्डर तथा 5 के.जी. वजन का 01 नग खाली, 19 के.जी. वजन का 01 नग खाली गैस सिलेण्डर पाया गया। कार्यवाही के दौरान सोनू पाठक ने बताया कि वह गैस एजेन्सी मुड़वारी व पूजा गैस एजेन्सी सतना से सिलेण्डर बुलवाकर अपने घर ले जाता और फिर क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार उन्हें यहां से वितरण किया जाता है। सोनू पाठक का यह कृत्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 की कण्डिका 3 (ग) के प्रावधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जिला आपूर्ति अधिकारी आर. के. श्रीवास्तव ने इस प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामला तहत दर्ज कर कार्यवाही करने के निर्देश सम्बंधितों को दिए हैं।
* दूसरी जांच रिपोर्ट को लेकर चुप्पी साधे रहे जिम्मेदार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के एकमात्र कोरोना संक्रमित मरीज की पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद आश्चर्यजनक रूप से दूसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिला चिकित्सालय के कोविड केयर सेन्टर वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित प्रवासी युवा श्रमिक की पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से उत्साहित और हर्षित पन्ना के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कल जब दूसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता चला तो विभाग में सनाका खिंच गया। सीएमएचओ से लेकर अधीनस्थ अधिकारी बुधवार 13 मई को दूसरी जांच रिपोर्ट के नतीजे के सम्बंध में पूरी तरह चुप्पी साधे रहे। इसकी जानकारी मीडियाकर्मियों को पहली रिपोर्ट की तर्ज पर प्रेस ब्रीफिंग सोशल मीडिया पर जारी करके नहीं दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी से गुरुवार 14 मई की सुबह जब कोरोना संक्रमित मरीज की दूसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी आधिकारिक तौर पर मीडिया कर्मियों को न देने की वजह पूंछी गई तो उन्होंने बताया कि इसका पता उन्हें बुधवार 13 मई की शाम को चला था।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
गौरतलब है कि अपनी हाज़िर जबाबी और सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कागजों पर शानदार रिपोर्टिंग के लिए चर्चित पन्ना सीएमएचओ भले ही कोरोना संक्रमित मरीज की दूसरी रिपोर्ट की जानकारी बुधवार शाम को पता चलने की बात कह रहे हैं मगर बुधवार को दोपहर 2 बजे तक पन्ना में सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो चुकी थी। हद तो तब हो गई जब इसकी जानकारी अगले दिन गुरुवार 14 मई की शाम को 6:15 बजे जनसम्पर्क द्वारा जारी किये जाने वाले समाचारों के साथ 24 घण्टे की देरी से दी गई। मजेदार बात यह है कि बुधवार को दिन भर यह ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल होती रही और गुरुवार की सुबह अधिकांश समाचार पत्रों द्वारा इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित भी कर दिया गया तब जाकर दूसरी रिपोर्ट की खबर को शाम को जारी कराया गया।
सांकेतिक फोटो।
वैश्विक महामारी घोषित नोबल कोरोना वायरस संक्रमण के समय जब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि लोगों तक समय पर प्रामाणिक और तथ्यपरक ख़बरें पहुंचें तब क्या सकारी मीडिया प्रबंधन की हालत इतनी बद्तर होनी चाहिए ? कोरोना संक्रमित मरीज की दूसरी रिपोर्ट को 24 घण्टे तक जानबूझकर क्यों दबाया गया। यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि मुम्बई से 10 सदस्यों के ग्रुप में पन्ना लौटे अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के निवासी एक युवा श्रमिक के कोरोना सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की खबर 2 मई को दोपहर से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी थी, शाम होते-होते डिजिटल मीडिया पर बाकायदा इसकी ख़बरें आ गईं कि पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया है।
लेकिन इतना सब होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी कई घंटे तक खामोश रहे। इसे लेकर मीडियाकर्मियों में गहरी नाराजगी को देखते हुए 2 मई की देर रात्रि में सवा गयारह बजे के बाद पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की पुष्टि सोशल मीडिया पर की गई। दिनाँक 4 मई की शाम 7 बजे के बाद सोशल मीडिया पर कोरोना हेल्थ ब्रीफिंग जारी कर सीएमएचओ द्वारा बताया गया कि इस मरीज के प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आये लोगों को चिन्हित कर उनके सैम्पल जांच हेतु भेजे गए थे जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। अर्थात इस केस के संक्रमण की चेन टूट गई है, अब किसी को घबराने की जरुरत नहीं है।
सांकेतिक फोटो।
इसके पश्चात 10 मई को तीसरी बार पन्ना सीएमएचओ के द्वारा रात्रि में 8 बजे के बाद सोशल मीडिया (व्हाट्सएप्प ग्रुपों) पर जारी कोरोना ब्रीफिंग में बताया गया कि जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती जिले के एकमात्र कोरोना संक्रमित मरीज की 8 दिन पश्चात पुनः एक मेडिकल जांच कराई गई, यह हर्ष का विषय है कि उसकी प्रथम रिपोर्ट निगेटिव आई है। यहां पर यह सब बताने का आशय सिर्फ इतना है कि कोरोना संक्रमित मरीज की बुधवार 13 मई की शाम जब दूसरी मेडिकल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी सीएमएचओ को मिल गई थी तो इसकी जानकारी भी पूर्व की तरह सोशल मीडिया (व्हाट्सएप्प ग्रुपों) पर कोरोना ब्रीफिंग जारी कर क्यों नहीं दी गई। इसे 24 घंटे से अधिक समय तक दबाया क्यों गया। इस वजह से बुधवार दोपहर से लेकर गुरुवार दोपहर तक कोरोना संक्रमित मरीज और उसके परिजन एवं परिचित भी सच्चाई जानने के लिए काफी परेशान रहे। बुधवार को आम लोग भी सोशल मीडिया पर मरीज की दूसरी रिपोर्ट को लेकर आई सूचनाओं से चिंतित और इनकी सच्चाई पता करने के लिए बैचेन रहे। दरअसल, आधिकारिक पुष्टि आभाव में जनसामान्य को भी इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा था कि जिस कोरोना मरीज को शुरू से पूर्णतः स्वस्थ्य बताया जा रहा है उसकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दूसरी पॉजिटिव कैसे आई ?
वहीं दूसरी तरफ उक्त मरीज को लेकर सोशल मीडिया पर इस दौरान कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोग जांच में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से लेकर जांच किट तक पर सवाल उठाते रहे। बहरहाल भीषण आपदा के समय भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिले के प्रशासनिक अधिकारी मीडिया को समय पर आवश्यक जानकारी देने में जिस तरह लगातार जानबूझकर लेटलतीफी कर रहे हैं और मीडिया से अघोषित दूरी बनाये हुए हैं उसका दुष्परिणाम अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलने के रूप में सामने आ रहा है। साथ ही कई आपत्तिजनक बातें भी सामने आ रहीं हैं जिसकी कथित जिम्मेदार अधिकारी घोर अनदेखी कर रहे हैं।
कोविड सेंटर में भर्ती मरीज स्वस्थ
सांकेतिक फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी के हवाले से जनसम्पर्क विभाग द्वारा गुरुवार 14 मई की शाम जारी खबर में बताया गया कि कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीज की प्रथम रिपोर्ट निगेटिव आने के उपरांत पुनः रिपोर्ट को कंफर्म करने के लिए नमूना बायोलाॅजी लैब भेजा गया। वहां से प्राप्त द्वितीय रिपीट सेम्पल रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के कारण मरीज को कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती रखा गया है। वह पूर्णतः स्वस्थ है। जांच रिपोर्ट पाॅजिटिव होने के कारण एहतियात के तौर पर कुछ दिनों तक कोविड हेल्थ केयर सेंटर में रखा जाएगा। कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीज का पुनः कुछ दिनों के अंतराल में जांच हेतु नमूना बायोलाॅजी लैब भेजा जाएगा। जब मरीज पूरी तरह से निगेटिव पाया जाएगा उसके उपरांत उसे सेंटर से छुट्टी दी जाएगी।
* कलेक्टर द्वारा हरी झण्डी दिखाकर वाहन को किया रवाना
पन्ना। (www.radarnews.in) आजीविका मिशन अन्तर्गत संचालित स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामान को लोगों के घर-घर पहुंचाकर विक्रय करने के लिए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा आजीविका बाजार आपके द्वार कार्यक्रम का शुभारंम्भ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत कलेक्टर श्री शर्मा ने स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री से भरे वाहन को हरी झण्डी दिखाकर नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर विक्रय करने के लिए रवाना किया गया।
कोविड-19 महामारी संकट को दृष्टिगत रखते हुए संक्रमण रोकने की सामग्री तैयार कराई जा रही है। इस संबंध में आजीविका मिशन के परियोजना प्रबंधक डी.के. पाण्डेय द्वारा बताया गया कि वर्तमान की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए स्व-सहायता समूहों द्वारा कलेक्टर के निर्देशानुसार हैण्डवाॅस, सेनेटाइजर, मास्क, डिटर्जेंट आदि का निर्माण किया जा रहा है। इस सामग्री को आम आदमी तक आसानी से मुहैया कराने के लिए आजीविका बाजार आपके द्वार कार्यक्रम संचालित किया गया है। इस अवसर पर आजीविका मिशन के पन्ना विकासखण्ड प्रबंधक विवेक मिश्रा, स्व सहायता समूह की दो महिला सदस्य एवं संबंधीजन उपस्थित रहे।
* ठेका कम्पनी की नीतियों से परेशान 108 जननी एक्सप्रेस संघ ने किया हड़ताल का ऐलान
* स्वास्थ्य विभाग से मिलने वाली राशि से आधी कीमत पर वेण्डर्स को सौंपा जननी के संचालन का जिम्मा
पन्ना। (www.radarnews.in) गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव एवं बीमार शिशुओं को इलाज के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने और फिर वापस घर छोड़ने के लिए संचालित महत्वपूर्ण 108 जननी एक्सप्रेस योजना 18 मई से प्रदेश भर में अनिश्चित काल के लिए बंद हो सकती है। जननी एक्सप्रेस संचालक संघ ने ठेका कम्पनी की दमनकारी नीतियों और लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान से परेशान होकर अपनी मांगों के समर्थन में 18 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। अर्थात आपातकालीन सेवा 108 जननी एक्सप्रेस संचालक संघ के आर्थिक हितों से जुड़ीं समस्याओं-मांगों पर सम्बंधित ठेका कम्पनी जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड मुम्बई और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा यदि गंभीरता पूर्वक विचार कर तुरंत संतोषजनक समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश भर में 800 जननी वाहनों के पहिये 18 मई से थम जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो इस कोरोना संक्रमण काल में ग्रामीण अंचल के गरीब परिवारों की गर्भवती महिलाओं एवं बीमार शिशुओं को स्वास्थ्य केन्द्रों तक आने-जाने के लिए काफी परेशान होना पड़ सकता है।
फाइल फोटो।
इस कोरोना महामारी में 108 जननी एक्सप्रेस के कर्मचारियों एवं वाहनों द्वारा दिन रात बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे रही है लेकिन 18 मई से पूरे मध्यप्रदेश के जननी एक्सप्रेस वाहन अपनी सेवाएं देना बंद कर देंगे। जननी एक्सप्रेस संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित घोगरकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि जननी एक्सप्रेस संचालित करने वाली कंपनी जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड मुम्बई की दमन करी नीतियों से तंग आकर प्रदेश भर के जननी एक्सप्रेस वाहनों के वेंडर 18 मई से प्रदेश व्यापी बंद करने के की तैयारी में है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में जननी एक्सप्रेस का टेंडर प्रदेश सरकार से जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड मुम्बई मिला हुआ है जिसमें से की स्वास्थ्य विभाग से मिलने वाली राशि से लगभग आधी कीमत पर 800 जननी एक्सप्रेस संचालकों का जिम्मा वाहनों के वेंडरों को सौंपा गया है।
फाइल फोटो।
करीब 3 साल से बेहतर तरीके से जननी एक्सप्रेस सेवाएं देती चली आ रही है। जननी एक्सप्रेस वाहनों द्वारा गर्भवती महिलाएं एवं बच्चों को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर छोड़ने का काम करती हैं। इस सेवा को देने में दिन-रात वेंडर मेहनत कर रहे हैं लेकिन कंपनी द्वारा कुछ महीनों से अनावश्यक दबाव और वाहनों का भुगतान मनमानी तरीके से काटा जा रहा है। और उसी भुगतान में पेनाल्टी का बहाना लेकर मनमानी तरीके से भुगतान की कटौती की जा रही है। इससे तंग आकर वेण्डर चरणबद्ध आंदोलन करने के मूड में हैं। अपनी मांगों के समर्थन में 108 जननी एक्सप्रेस संचालक संघ के आव्हान पर सबसे पहले 15 मई से 17 मई तक सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान वाहनों में स्टीकर लगाकर एवं ड्राइवर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी अगर समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो समस्त वेण्डर 18 मई से पूरे प्रदेश में जननी एक्सप्रेस वाहनों की आपातकालीन सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर हड़ताल पर चले जायेंगे। पन्ना जिले के वेण्डरों का कहना है कि अगर इस बीच कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी संपूर्ण रूप से जवाबदारी ठेका कम्पनी की होगी।
* वन भूमि पर अवैध कटाई कर खेती करने और हीरा खदान खोदने का आरोप
* उत्तर वन मण्डल पन्ना के देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्र की गजना बीट का मामला
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत वन भूमि में बेशकीमती रत्न हीरे का अवैध उत्खनन एवं अतिक्रमण बड़ी समस्या बन चुका है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्राधिकारी एस. के. शेण्डे ने बड़ी कार्यवाही करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता दशरथ सिंह यादव के विरूद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया है। वन विभाग का आरोप है कि सपा नेता दशरथ सिंह यादव निवासी ग्राम बड़ागांव ने देवेन्द्रनगर रेंज की बीट गजना के वन कक्ष क्रमांक पी-130 में करीब 3 हेक्टेयर वन भूमि में अतिक्रमण किया है और उक्त भूमि पर लगे 20 पेड़ों की अवैध रूप से कटाई की गई है। रेन्जर श्री शेण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में वन परिक्षेत्र कार्यालय देवेन्द्रनगर में दशरथ सिंह यादव के खिलाफ पिछले माह वन अपराध क्रमांक 109/06 भारतीय वन संरक्षण अधिनियम 1927 की धारा 33 (1)क-ग के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उक्त वन भूमि हीरा धारित पट्टी क्षेत्र अंतर्गत आती है। जिसमें कथित तौर पर खेती करने के अलावा अवैध रूप से हीरे की खदान खोदी जा रही है। गजना बीट में स्थित इस भूमि का विवाद करीब तीन वर्ष से जारी है। अतिक्रमणकारी उक्त भूमि को जहां अपने कब्जे राजस्व भूमि बताते है वहीं वन विभाग उस पर अपना दावा ठोकता रहा है। इस विवाद के पटाक्षेप करने के लिए दिनांक 05 अप्रैल 2018 को वन एवं राजस्व विभाग के अमले के द्वारा भूमि का संयुक्त रूप से सीमांकन कराया गया। वन विभाग के अमले को सीमांकन पर कुछ आपत्ती थी इसलिए विभाग की ओर से किसी भी अधिकारी-कर्मचारी ने सीमांकन प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर नहीं किये थे। कथिततौर पर वन भूमि को सीमांकन में राजस्व भूमि बताये जाने पर तत्कालीन उप वनमण्डलाधिकारी साहिल गर्ग ने आपत्ती जताते हुए तहसीलदार पन्ना से स्पष्टीकरण मांगा था। वन और राजस्व विभाग के बीच गजना की भूमि को लेकर हुआ पत्राचार और गतिरोध उस समय प्रशासनिक हल्क़ों में कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा है।
वन विभाग की टीम पर किया था हमले का प्रयास
गजना बीट की वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और वहां संचालित अवैध हीरा खदानों को बंद कराने के लिए करीब एक एक वर्ष पूर्व दिनांक 02 फरवरी 2019 को तत्कालीन वन मण्डलाधिकारी नरेश सिंह यादव के नेतृत्व में वन परिक्षेत्राधिकारी देवेन्द्रनगर अखिल बंशल, वन क्षेत्रपाल एस. के. शेण्डे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। लेकिन इस दौरान कथित तौर पर वहाँ काबिज अतिक्रमणकारियों के द्वारा वन विभाग की टीम को खदेड़ते हुए हमले प्रयास किये जाने की चर्चा रही है। मौके पर हालात इतने बिगड़ चुके थे कि वन विभाग के अधिकारी किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकले थे। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज नहीं कराई थी।
इनका कहना है –
“मैं सेवानिवृत्त फौजी हूँ और पिछले 30 वर्षों से गजना की राजस्व भूमि पर काबिज रहते हुए खेती कर रहा हूँ। मेरे अलावा अन्य लोग भी वहां काबिज हैं। चूँकि मैं वन विभाग के गलत कार्यों का विरोध करता हूँ इसलिए दुर्भावनावश सिर्फ मेरे विरुद्ध फर्जी प्रकरण बनाया गया जिसकी जानकारी आपके माध्यम से मुझे मिल रही है। अगर में गलत होता तो इतने सालों से खेती कैसे कर पता ? मुझे पहले भी झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास हुआ है, जिसमें मैं निर्दोष साबित हुआ हूँ। वन विभाग के अधिकारियों के कारनामों को जल्दी ही उजागर करूँगा।”
* कोविड केयर सेंटरों मेें मरीजों मिलेंगी सभी आवश्यक सुविधाएं
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 महामारी की प्रभावी रोकथाम, संक्रमित मरीजों एवं संदेहास्पद लोगों को भर्ती रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिले के विभिन्न अनुभागों में कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। जिले में आ रहे प्रवासी मजदूरों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आगामी समय की आवश्यकतानुसार कोविड केयर सेंटरों की स्थापना कराई गयी है। लॉकडाउन के बाद से अब तक जिले के 13 हजार प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों एवं जिलों से किसी तरह वापस अपने घर लौटे हैं। और यह सिलसिला लगातार जारी है। इसके मद्देनजर फिलहाल जिले के पन्ना, पवई, गुनौर अनुभाग के विभिन्न शासकीय भवनों में कोविड केयर सेंटर स्थापित कराए गए हैं।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कोविड केयर सेंटरों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक सेंटर में लोगों के रखे जाने की व्यवस्था, सुरक्षा, भोजन, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, मनोरंजन व्यवस्था, नित्यक्रिया आदि की समुचित व्यवस्था दो दिन के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। प्रत्येक सेंटर में सीसीटीव्ही कैमरों की स्थापना एवं उन पर निगरानी रखने के लिए निगरानी केन्द्र की स्थापना तथा प्रत्येक कोविड केयर सेंटर में चिकित्सा स्टॉफ, सुरक्षा स्टॉफ, सफाई कर्मी आदि की ड्यूटी के दौरान ठहरने की व्यवस्था के लिए पृथक कक्ष की स्थापना, ड्यूटी खत्म होने के बाद आवास की व्यवस्था पृथक से कोविड केयर सेंटर के आसपास बनवाई गयी है। कोविड केयर सेंटर में भर्ती किए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 14 दिनों तक सेंटर में रहने एवं भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोविड केयर सेंटर में रखे जाने वाले पाॅजीटिव एवं संदेहास्पद व्यक्तियों के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाएं। इनके भोजन के लिए अभी से किसी अच्छे होटल या ढाबे से अनुबंध कर लिया जाए जो पौष्टिक एवं शुद्ध भोजन तैयार कर डिब्बे में पैक कर दे सके। इसी प्रकार सुबह दूध एवं स्वल्पाहार देने की व्यवस्था की जाए। किसी भी केयर सेंटर में भोजन, चाय, नाश्ता नही बनाया जाएगा। होटल से आने वाला भोजन ही निर्धारित समय पर निर्धारित व्यक्ति द्वारा लोगों को दिया जाएगा। कोविड केयर सेंटरों में कोई भी अनावश्यक व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा और न ही कोविड केयर सेंटर के आसपास आएगा। इसके लिए पुलिस व्यवस्था प्रत्येक कोविड केयर सेंटर पर की गयी है जो कोविड केयर सेंटर के अन्दर एवं बाहर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जिले में पवई अनुभाग में शासकीय पाॅलीटेक्निक काॅलेज, शासकीय बालिका छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास गुनौर, महाविद्यालय गुनौर, अजयगढ़ में शासकीय माॅडल स्कूल, पन्ना में सीडब्ल्यूएसएन बालक छात्रावास, अनुसूचित जाति छात्रावास, पिछडा वर्ग छात्रावास, मदर टेरेसा हास्पिटल का चयन किया गया है। इसके अलावा इन तहसीलों में अतिरिक्त शासकीय भवनों को भी कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित कर आरक्षित किया गया है। स्थापित कोविड केयर सेंटरों के निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, संबंधित लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय, पुलिस अधिकारी के साथ संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
* अभिभावकों से व्हाट्सएप्प पर मांगी आवश्यक जानकारी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) खजुराहो संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा लॉकडाउन में बाहर फंसे लोगों, श्रमिकों और छात्र-छात्राओं की लगातार मदद कर उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। पिछले दिनों आंध्र प्रदेश में फंसे नवोदय विद्यालय के बच्चों को वापस बुलाने के बाद अब भोपाल-इंदौर में फंसे खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को वापस उनके घर लाने के प्रयास क्षेत्रीय सांसद श्री शर्मा ने शुरू कर दिए हैं। सांसद ने इसके लिए खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के उन समस्त पालकों/अभिभावकों से 6 बिंदुओं की जानकारी मंगाई है जिनके बच्चे इंदौर-भोपाल में फंसे हैं। पन्ना, छतरपुर और कटनी जिले के बच्चों से सम्बंधित जानकारी व्हाट्सएप पर निर्धारित प्रारूप में शीघ्रता से भेजने के लिए जिलावार अलग-अलग नम्बर जारी किये गए हैं। लॉकडाउन में फंसे बच्चे स्वयं भी वांछित जानकारी भेज सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ माह पूर्व लॉकडाउन घोषित होने के बाद से पन्ना, छतरपुर और कटनी के सैंकड़ों छात्र-छात्रायें इंदौर-भोपाल में फंसे हुए हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे वहां रहकर पढ़ाई या फिर प्रतियोगी अथवा प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग करते हैं। मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मांमले इंदौर-भोपाल में सामने आने से दोनों महानगर रेड जोन में हैं। इसलिए वहां लॉकडाउन की बंदिशें सख्त होने के कारण बाहर से पढ़ने आये छात्र वापस अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं। बहरहाल खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र के तीनों जिलों के बच्चों को इंदौर-भोपाल से सुरक्षित वापस उनके घर लाने की पहल करने से पन्ना, छतरपुर और कटनी के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं में घर वापसी की उम्मीदें जाग उठीं हैं।
निम्न बिन्दुओं की जानकारी भेजना है –
1. छात्र-छात्रा का नाम 2. पिता/अभिभावक का नाम 3. मूल निवास स्थान का पता 4. वर्तमान पता जहां रुके या फंसे हुये हैं 5. छात्र/छात्रा का मोबाइल नंबर 6. छात्र/छात्रा का आधार कार्ड नंबर
इन नंबरों पर भेजें जानकारी –
1.जिला पन्ना के लिए तारेन्द्र शेखर पाठक व्हाट्सएप नंबर- 9424670645 2.जिला कटनी के लिए विकास द्विवेदी व्हाट्सएप नंबर- 8435733852 3. जिला छतरपुर के लिए समोद शुक्ला व्हाट्सएप नंबर- 9907814488