* पूर्व घोषित कंटेनमेंट जोन देवरी में महिला संक्रमित पाई गई
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कुछ दिनों की राहत के बाद पन्ना जिले में आज कोरोना संक्रमित एक नया मरीज देवरी गांव में मिला है। यह गांव पूर्व से कंटेनमेंट जोन घोषित है। आज मिले नए केस के बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव कुल केसों की संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है, जिनमें एक्टिव केस मात्र 6 हैं। अब तक कोरोना के 15 मरीज जिला चिकित्सालय के कोविड केयर सेंटर में इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने नए केस के सम्बंध में बेहद संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया है कि, 6 एवं 7 जून को कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जांच हेतु भजे गए थे, जिसमें 16 सैम्पल की रिपोर्ट आज प्राप्त हुई है।

आपने बताया कि, 15 व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि देवरी गाँव की एक 30 वर्षीय महिला जांच में पॉजिटिव निकली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर अंतर्गत आने वाले देवरी गांव में कुछ दिन पूर्व एक कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर इस गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। महिला के रूप में आज इस गांव में कोरोना का दूसरा मरीज मिला है। पता चला है कि, कोविड-19 से संक्रमित पाई गई महिला तीन दिन पूर्व बुखार से पीड़ित होने पर इलाज के लिए देवरी गांव से पन्ना जिला चिकित्सालय आई थी।कंटेनमेंट जोन से आने पर संदिग्ध मरीज के रूप में महिला को भर्ती करके उसका सैम्पल जांच के लिए भेजा गया। इसकी रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आने की जानकारी मिलते स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए संक्रमित महिला मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री और उसके सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
2




जिला चिकित्सालय से आज डिस्चार्ज होने वाले मरीजों में अजयगढ़ क़स्बा निवासी पिता-पुत्र शामिल हैं। जोकि कोरोना हॉटस्पॉट बने इंदौर से वापस लौटने के बाद जांच में संक्रमित पाए गए थे। इसके अलावा अजयगढ़ के ही मकरी गांव का प्रवासी श्रमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर अंतर्गत आने वाले ग्राम देवरी तथा बरबसपुरा के दो व्यक्ति शामिल हैं। जिनमें एक महिला है। इसके पूर्व शनिवार 6 जून को जिले के दूरस्थ पठारी ग्राम श्यामगिरी के 22 वर्षीय कोरोना संक्रमित प्रवासी युवा श्रमिक के स्वस्थ होने पर उसे जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड से छुट्टी देकर घर भेजा गया था। स्वस्थ होकर घर लौटने वाले सभी व्यक्तियों को आगामी सात दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में होम आइसोलेशन में रहना होगा।
इस अवसर पर लोधी युवा महासभा के जिलाध्यक्ष लोधी चन्द्रशेखर सिंह एवं अन्य समाजनों ने कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा काल में आपकी बहुमूल्य सेवाओं के लिए हम सब कृतज्ञ है। हम सबका यह मामना है कि कोरोना को हराने के लिए योद्धाओं की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए हमारे समाज ने योद्धाओं सुरक्षा कवच रूपी मास्क और कोरोना से बचाव के लिए हैण्ड सेनेटाईजर वितरित करने का निर्णय लिया है। कोतवाली थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर ने लोधी समाज के इस प्रयास को सामाजिक सरोकरों से जुड़ी अनूठी पहल बताते हुए इसकी सराहना की है। इस अवसर पर व्याख्याता नंदपाल सिंह, शिवमोहन सिंह लोधी, विजय सिंह लोधी, राजा सिंह महदेले, विक्रम महदेले, मनीष महदेले, भूपेंद्र महदेले, रामबरन सिंह, हरिपाल लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी आदि समाजजन उपस्थित थे।









उधर, करीब एक सप्ताह तक चले इलाज के बाद संक्रमितों के कोरोना से मुक्त होने पर जिला चिकित्सालय स्टॉफ भी काफी खुश नजर आ रहा है। अच्छे इलाज और देखभाल से कोविड-19 के अब तक 9 मरीजों के स्वस्थ होकर घर लौटने से डॉक्टर्स, नर्सेस एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के चेहरे पर आत्म संतोष का भाव और सफलता की ख़ुशी साफ़ झलक रही है। कोरोना को हर हाल में हारने का इनका जज़्बा और हौसला लगातार बुलंद हो रहा है। कोरोना से मुक्त होने वाले प्रवासी श्रमिकों ने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन का हृदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि बेहतर इलाज, भावनात्मक सहयोग और अच्छी व्यवस्थाएं मिलने से हम लोग स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बरबसपुरा गांव में मिला पहला कोरोना संक्रमित युवा श्रमिक इसके पूर्व 3 जून को स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुका है। इस तरह अब तक बरबसपुरा गांव के 6 और कुल 9 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। श्रमिकों की विदाई की बेला पर उपस्थित रहे डॉक्टर भास्कर द्विवेदी ने बताया कि शेष जो 11 मरीज अभी भर्ती हैं उनके भी शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौटने की पूरी उम्मीद है। आपने कहा कि पूरा स्टॉफ सीएमएचओ और सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में रात-दिन कड़ी मेहनत कर रहा है, जिससे हमें लगातार उत्साहजनक नतीजे मिल रहे हैं। आपने बताया कि डिस्चार्ज हुए सभी मरीजों को आवश्यक सतर्कता बरतने एवं अपने घर पर 14 दिनों तक आइसोलेशन में रहकर प्रोटोकॉल का पालन करने के आदेश दिया गया है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के तिवारी ने दवा किया है कि वर्तमान में जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती सभी 11 मरीज भी स्वस्थ हैं।


परिवहन व्यवस्था में कहीं कोई कमी नहीं है, गेहूं भीगने की मुख्य वजह केन्द्रों में रखे अनाज के बारदानों को व्यवस्थित तरीके से पॉलिथीन से ढंककर न रखना है। कई केन्द्रों के पास तो पर्याप्त पॉलिथीन तक नहीं है जबकि इसके लिए उन्हें राशि मिलती है। कल मैंनें जब तारा केन्द्र की दुर्दशा देखी तो स्वयं पॉलिथीन मंगवाकर हजारों बोरियों को अपने सामने ही ढकवाया। जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं की खरीदी दोगुनी हुई है। जिले में भण्डारण संरचनाओं का आभाव होने से अपने यहां के गेहूं को कटनी और दमोह जिलों में कई जगह भण्डारित कराना पड़ा है। इसके अलावा लाखों क्विंटल गेहूं ओपन कैप में भी रखना पड़ा। अजयगढ़ के ओपन कैप का निर्माण समय पर पूर्ण न होने से भी गेहूं की भंडारण व्यवस्था प्रभावित हुई है। दूसरे जिलों में गेहूं लेकर जाने वाली गाड़ियों की अनलोडिंग में वहां की लेबर के द्वारा अपने जिले की गाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण दो-दो दिन तक पन्ना की गाड़ियां खड़ीं रहीं जिससे समय की काफी बर्बादी हुई है।”





विगत दिनों ग्राम बरबसपुरा एवं देवरी में कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए जाने के कारण अन्य ग्रामों के साथ इन ग्रामों को भी कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा पूर्व कन्टेनमेंट ग्रामों का भ्रमण गत दिनों करने के उपरांत सोमवार 1 जून को देर शाम तक बरबसपुरा एवं देवरी गांव का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री शर्मा ने वहां नियुक्त आरआरटी दल के डाॅक्टर, ग्राम पंचायत सचिव कमलेन्द्र सिंह बुन्देला से ग्राम की समस्याओं की जानकारी हांसिल की। उन्हें ज्ञात हुआ कि ग्राम में अति गरीब लोग निवास करते हैं। उनके घरों पर रोजमर्रा के उपयोग संबंधी साधन नहीं हैं। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान ग्राम के लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। लोगों ने खाद्यान्न, पेयजल, बच्चों के लिए दूध, शौंचालय आदि की समस्या की जानकारी दी गयी।
कलेक्टर श्री शर्मा ने मौके पर 60 परिवारों को संयुक्त खाद्य सामग्री के पैकेट उपलब्ध कराए। इन पैकेटों में आटा, चावल, दाल, तेल, मसाला, नमक, साबुन आदि रखा गया है। इसके अलावा बच्चों के लिए दूध के पैकेट उपलब्ध कराए गए। मौके पर उपस्थित तहसीलदार को निर्देश दिए कि नगर परिषद अमानगंज से ग्राम में चलित शौचालय स्थापित कराए। पेयजल के लिए टेंकर लगाया जाए। ग्राम में स्थापित हैण्डपम्प को पानी भरने के बाद प्रत्येक बार सेनेटाइज करने की व्यवस्था की जाए।
इसी प्रकार कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने ग्राम देवरी में पहुंचकर लोगों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मौके पर उपस्थित तहसीलदार एवं अधिकारियों को निर्देश देकर ग्राम के लोगों को घर पर ही किराना एवं सब्जी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गांव में पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी द्वारा गांव के लोगों को समझाईश दी गयी कि वे अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर गांव में नियुक्त किए गए शासकीय अमले को जानकारी दें। किसी भी का स्वास्थ्य खराब होता है तो गांव में नियुक्त आशा कार्यकर्ता अथवा आंगनवाडी कार्यकर्ता को तत्काल सूचना दें। जिससे आरआरटी दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर श्री शर्मा ने गुनौर के महाविद्यालय में स्थापित केयर सेंटर का निरीक्षण सोमवार 1 जून को रात्रि में पहुंच कर किया। यहां की गयी व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन करने के साथ मौके पर उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी, चिकित्सक, तहसीलदार एवं संबंधितों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि सेंटर हर समय कोविड संबंधी व्यक्तियों को भर्ती करने के लिए तैयार रहें।