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इटौरा हत्याकाण्ड के फरार आरोपी गिरफ्तार, पानी भरने के विवाद पर गोली मारकर कर दी थी युवक की हत्या

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बृजपुर थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में इटौरा हत्याकाण्ड के आरोपीगण।

* पुलिस चौकी से एक किलोमीटर की दूरी पर हत्याकाण्ड को दिया था अंजाम

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा के समीपी ग्राम इटौरा में शुक्रवार 12 जून को सरकारी हैण्डपम्प से पानी भरने को लेकर दो परिवारों के बीच हुए विवाद में दिनदहाड़े गोली चलाकर रावेन्द्र सिंह पिता बहादुर सिंह 32 वर्ष की हत्या करने के मामले में फरार इसी गाँव के ही चार आरोपियों को आज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में गटोला उर्फ कुबेर तिवारी, लक्का तिवारी, लकी तिवारी एवं रोली तिवारी शामिल है। इनके विरुद्ध बृजपुर थाना में अपराध क्रमांक-142/2020 धारा- 302, 294, 506, 34 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध है।
इटौरा गांव में लकी तिवारी के घर के सामने लगे सरकारी हैण्डपम्प से पानी भरने को लेकर शुक्रवार 12 जून को दोपहर के समय लकी और उसके परिजनों का पड़ोसी रावेन्द्र सिंह और उसके परिजनों से विवाद हो गया था। दोनों परिवारों के बीच पहले से बुराई होने के कारण इस मामूली से विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया जब लकी तिवारी ने अचानक रावेन्द्र सिंह के ऊपर अवैध कट्टे से फायर कर दिया। सीने में गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी रावेन्द्र को लहूलुहान हालत में इलाज के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने की वारदात के चलते पूरा इलाका दहल उठा था।
वह सरकारी हैण्डपम्प जिससे पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था।
इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी के द्वारा बृजपुर थाना प्रभारी सिद्धार्थ शर्मा के नेतृत्व पुलिस टीम गठित की गई थी। इस टीम ने घटना के चौथे दिन यानी सोमवार 15 जून को सभी फरार हत्यारोपियों- गटोला उर्फ कुबेर तिवारी, लक्का तिवारी, लकी तिवारी एवं रोली तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने पूँछताछ में अपना अपराध स्वीकार करते हुये बताया कि मृतक रावेन्द्र सिंह के पिता बहादुर सिंह से हम लोगों का पुराना विवाद चल रहा था, जिससे बहादुर सिह से बदला लेने के लिये हम लोगों ने गोली मारकर रावेन्द्र सिंह की हत्या की है। आरोपियो के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त कट्टा एवं लाठी जप्त की गई है। उल्लेखनीय है कि इस हत्याकाण्ड के बाद इटौरा गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति का माहौल है।

कोरोना मुक्त घोषित होने के चंद घण्टे बाद पन्ना जिले में मिला एक नया पॉजिटिव मरीज

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सांकेतिक फोटो।

* दिल्ली से लौटे गुनौर के प्रवासी युवा श्रमिक की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

* जिले के पुनः कोरोना संक्रमित होने की खबर से आमजन को लगा झटका

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश का पन्ना जिला आज कोरोना मुक्त घोषित होने के चंद घण्टे बाद ही पुनः संक्रमित जिलों की सूची में आ गया। यह महज एक अजब संयोग ही है कि कि आज दोपहर में जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी देकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के कोरोना मुक्त होने की घोषणा की गई। इसके महज कुछ घंटे बाद ही शाम के समय गुनौर के एक संदिग्ध प्रवासी युवा श्रमिक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया। इस तरह पन्ना के कोरोना मुक्त होने की ख़ुशी महज कुछ घण्टे ही रही।
रविवार को दोपहर में जिला चिकित्सालय से कोरोना के 21 वें मरीज को छुट्टी देने के पन्ना जिले के कोरोना मुक्त होने खुश नजर आ रहे स्वास्थ्यकर्मी एवं चिकित्सक।
कोरोना संक्रमित नया केस सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और आम जनमानस की चिंता बढ़ गई है। जिले को कोरोना संक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई मेहनत के फिलहाल बेकार जाने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं समस्त कोरोना योद्धाओं को झटका अवश्य लगा है। लेकिन अच्छी बात यह कि हमारे योद्धा इससे हताश-निराश नहीं हैं। इन्हें अपनी मेहनत-लगन और जन सहयोग पर पूरा भरोसा है, जिससे एक बार फिर- “हारेगा कोरोना-जीतेगा पन्ना” का नारा जल्द ही साकार होने की उम्मीद है।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में रविवार 14 जून की शाम कोरोना संक्रमित नया व्यक्ति मिलने के साथ ही जिले में अब तक कुल संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। जिसमें एक्टिव केस मात्र एक है। आज तक की स्थिति में 21 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के तिवारी ने नया कोरोना मरीज मिलने की पुष्टि करते हुए सिर्फ इतना बताया कि दिल्ली से लौटे एक 30 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कुछ देर पहले ही पॉजिटिव आई है। यह युवक गुनौर तहसील का रहने वाला है। पन्ना जिले का कोरोना पॉजिटिव पहला केस 2 मई को मिला था, जो कि मुंबई के सांताक्रूज इलाके से आया था। जिले में कोरोना के अब तक जितने भी केस सामने आये वे सभी प्रवासी हैं या फिर प्रवासियों के सम्पर्क में आने संक्रमित हुए हैं। रविवार 14 जून की शाम 4 बजे तक स्थिति में प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 258 लोगों को होम क्वारेन्टाईन किया गया है। अब तक जिले में कुल 5155 व्यक्तियों को होम क्वारेन्टाईन में रखा गया है। अब तक 49875 व्यक्तियोें का होम कोरेन्टाईन पूर्ण किया गया। अब तक 664 नमूने लिए जा चुके हैं तथा 637 नमूने निगेटिव पाए गए हैं

क्षेत्र संचालक के झूठे आश्वासन से नाराज महावतों ने टाईगर रिजर्व कार्यालय में जड़ा ताला, चेतावनी देते हुए बोले- “अगर हमारी बात नहीं सुनीं तो हाथियों को लाकर कार्यालय में ही छोड़ देंगे”

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पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगाते हुए हाथी महावत सोन सिंह परते।

* पूर्व सूचना देने के बाद भी अपने ही कर्मचारियों से ज्ञापन लेने नहीं आए अधिकारी

* नियमितीकरण की मांग को लेकर वर्षों से ठगे जा रहे हाथी महावत और चारा कटर

* पन्ना टाईगर रिज़र्व प्रबंधन की उपेक्षा का शिकार मैदानी अमले में पनप रहा आक्रोश

* कभी लोकायुक्त पुलिस की शरण में जाने तो कभी हंगामा करने को क्यों मजबूर हो रहे कर्मचारी ?

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक कार्यालय में कल उस समय हड़कम्प मच गया जब अपनी उपेक्षा से नाराज हाथियों के महावतों ने कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। महीने के दिव्तीय शनिवार (सेकेण्ड सैटरडे) का अवकाश होने के बाबजूद पार्क कार्यालय खुला था और अंदर मौजूद कुछ कर्मचारी शासकीय कार्य निपटा रहे थे। कार्यालय के मेन गेट पर महावतों के द्वारा हंगामा करते हुए ताला डालने से अंदर मौजूद कर्मचारी और चौकीदार सकते में आ गए। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की भनक लगने के बाद भी पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अपने ही कर्मचारियों से मिलने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। नियमितीकरण के झूठे आश्वासन पर कई साल से ठगे जा रहे अल्प वेतनभोगी महावतों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनकी जायज़ मांग को अगर शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो सभी 22 महावत और चारा कटर काम बंद कर सभी हाथियों को पन्ना लाकर कार्यालय में ही छोड़ देंगे। उधर, बातचीत के जरिए इस गतिरोध को दूर करने के बजाए क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया ने प्रदर्शनकारी महावतों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने की बात कही है, जिससे आने वाले दिनों में पार्क प्रबंधन और मैदानी कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

इसलिए बरपा हंगामा

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक का कार्यालय के बाहर पार्किंग में खड़ा वाहन। (फाइल फोटो)
पन्ना टाईगर रिजर्व के कुप्रबंधन और अदूरदर्शिता के कारण एक और जहां कड़ी सुरक्षा वाले कोर क्षेत्र में बाघों की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं वहीं दूसरी तरफ पार्क क्षेत्र में अवैध कटाई, अतिक्रमण सहित दूसरे वन अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इन समस्याओं के मूल में असल वजह पार्क प्रबंधन और मैदानी अमले के रिश्ते बेहद तल्ख़ होना है। दरअसल, परिवार से दूर जंगल की बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 24 घण्टे की ड्यूटी कर पार्क की सुरक्षा में अहम योगदान देने वाले मैदानी कर्मचारी विभाग से जुड़ीं छोटी-छोटी समस्याओं से लम्बे समय से जूझ रहे हैं। पार्क के बड़े साहब यानी क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया के द्वारा जाने-अनजाने इनकी समस्याओं के निराकरण लगातार अनदेखी की जा रही है। इससे मैदानी अमले में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
क्षेत्र संचालक कार्यालय पन्ना टाइगर रिजर्व के बाहर खड़े होकर अपनी मांग और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए हाथी महावत।
इसकी बानगी शनिवार 13 जून को दोपहर के समय देखने को मिली जब हाथी महावत पंचू केवट, सोन सिंह परते अपनी समस्याओं के निराकरण के सम्बंध में पार्क के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के लिए हिनौता से पन्ना स्थित क्षेत्र संचालक कार्यालय पहुंचे। इनके द्वारा पूर्व सूचना देने के बाद भी अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले। बात करने पर अधिकारियों ने छुट्टी होने का हवाला देकर इन्हें टाल दिया। अपनी उपेक्षा और कथित अपमान से आहत महावतों का कहना है कि, जब छुट्टी है तो कार्यालय क्यों खुला, कर्मचारी काम क्यों कर रहे हैं ? हमारे लिए तो कभी छुट्टी नहीं रहती ? अफसरों के इस असंवेदनशील रवैये से क्षुब्ध दोनों महावतों ने सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करते हुए कार्यालय क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व के एकमात्र प्रवेश और निकास द्वार पर कुछ देर के लिए ताला जड़ दिया। इस दौरान दोनों हाथी महावतों ने मौके पर मौजूद पत्रकारों से बात करते हुए उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई।

कोरे आश्वासन तक सीमित नियमितीकरण

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व में छोटे-बड़े करीब डेढ़ दर्जन हाथी हैं। इनका उपयोग यहां बाघों की निगरानी, संकटग्रस्त वन्यजीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन, नियमित गश्ती, बाघों का रेडियो कॉलर करने और बारिश के मौसम में जंगल के दुर्गम इलाकों की गश्ती आदि में होता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाघों और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा एवं निगरानी में हाथियों की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन सब कार्यों को करने के लिए हाथियों करीब 12 से 15 वर्ष तक प्रशिक्षित करने से लेकर उनकी देखभाल और फिर उनसे काम लेने की जिम्मेदारी महावतों व चारा कटर की रहती है।
पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथी पर बैठकर गश्त करते हुए महावत। (फाइल फोटो)
अस्थाई कर्मचारी के रूप में अल्प मानदेय पर कई सालों से अपनी सेवाएं दे रहे महावत और चारा कटर ने बताया कि पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया उन्हें नियमित करने का आश्वासन कई माह से देते रहे हैं। लेकिन उनके द्वारा कथित तौर पर इसके लिए जरुरी कार्रवाई आज तक नहीं की गई। अल्प मानदेय के कारण परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ और भविष्य की असुरक्षा से जुड़ीं चिंताओं से जूझ रहे महावत व चारा कटर नियमितीकरण के नाम पर वादाखिलाफ़ी से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कथित तौर इन कर्मचारियों को नियमितीकरण के सपने दिखाने वाले बड़े साहब अब उनसे बात करने तक को तैयार नहीं है। अहंकार से भरे इस रवैये से उपजी संवादहीनता के कारण समस्या और भी जटिल रूप ले रही है।

मैदानी कर्मचारी हैं असली हीरो

सांकेतिक फोटो।
पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों का उजड़े हुए संसार को आबाद हुए करीब 11 साल हो चुके हैं। यहां बाघों का कुनबा लगातार बढ़ने में सबसे अहम योगदान उन सैंकड़ों मैदानी कर्मचारियों का है जो कि अपने खुद के परिवार से दूर बेहद कठिन परिस्थितियों में रहकर वन्यजीवों और जंगल की सुरक्षा तथा निगरानी से जुड़े दायित्व का निर्वहन चौबीसों घण्टे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रहे हैं। पन्ना और बुंदेलखंड के जंगलों के बाघों से फिर से गुलजार होने की ऐतिहासिक सफलता के रियल हीरो यही मैदानी कर्मचारी हैं।
फाइल फोटो।
इनकी कठिन मेहनत और त्याग के फलस्वरूप ही आज पन्ना की अनूठी उपलब्धि पूरी दुनिया के लिए शोध का विषय बनीं है। लेकिन बिडम्बना यह है कि, पन्ना का पार्क जिनकी वजह से महफूज़ है वे कर्मचारी ही आज उपेक्षित हैं। पार्क प्रबंधन इनकी जायज़ समस्याओं के निराकरण को लेकर घोर उदासीनता बरत रहा है। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सामंजस्य बिगड़ने से हालात इतने बद्तर हो चुके हैं कि अब मैदानी कर्मचारियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कभी लोकायुक्त पुलिस संगठन की मदद लेकर ट्रैप कार्रवाई कराने के लिए तो कभी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इन हालात के लिए कौन है जिम्मेदार

पन्ना टाइगर रिजर्व के कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम।(फाइल फोटो)
अभी कुछ महीने पहले ही अमानगंज रेन्ज अंतर्गत पदस्थ एक वनकर्मी को अपनी लंबित वेतन-भत्तों के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग से परेशान होकर लोकायुक्त पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी। वनकर्मी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने पन्ना टाईगर रिजर्व कार्यालय में छापामार कार्रवाई करते हुए दो लिपिकों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति इसलिए निर्मित हुई क्योंकि बड़े साहब को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बहरहाल, बाघों की वंशवृद्धि की एक दशक से जारी गौरव गाथा की आड़ में पन्ना पार्क के अंदर बहुत कुछ अनुचित और आपत्तिजनक चल रहा है। भोपाल में बैठे अधिकारियों के द्वारा इसे नजरअंदाज करने से पन्ना टाइगर रिजर्व की बदनामी होने के साथ-साथ प्रबंधन को लेकर मैदानी अमले में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

फोन रिसीव नहीं किया

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के हवाले से कहा गया है कि कार्यालय में ताला डालने वाले महावतों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सूत्र बताते हैं कि, अगर ऐसा हुआ तो इससे पार्क के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कटुता और अधिक बढ़ने के आसार बन सकते हैं। इस सम्बंध क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर सम्पर्क किया गया लेकिन कई बार रिंग जाने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। व्हाट्सएप्प पर भी उन्हें सन्देश भेजा गया लेकिन उन्होंने महावतों के आरोपों और पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई प्रतिक्रिया या जवाब देना उचित नहीं समझा।

क्राइम : पानी के लिए बहाया लहू, दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, सनसनीखेज़ वारदात के बाद दहल उठा इलाका

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जिला चिकित्सालय पन्ना में अचेत अवस्था में लाए गए युवक का परीक्षण करते हुए चिकित्सक।

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत पहाड़ीखेरा चौकी के ग्राम इटौरा की घटना

* शासकीय हैण्डपम्प से पानी भरने को लेकर हुआ विवाद

* पुलिस चौकी से एक किलोमीटर की दूरी पर हत्या की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए आऱोपी

पन्ना/बृजपुर।(www.radarnews.in) बैचेन करने वाली उमस भरी गर्मी में जल संकट तेजी से गहराने के कारण पानी को लेकर पन्ना जिले में विवाद शुरू हो गए हैं। जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत आने वाली पहाड़ीखेरा चौकी के समीपी ग्राम इटौरा में सरकारी हैण्डपम्प से पीने का पानी भरने को लेकर दो परिवारों के बीच हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हत्या की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बड़ी आसानी से मौके से भाग निकले। हत्या की वारदात के बाद से इलाके में तनावपूर्ण शांति का माहौल है। बृजपुर थाना पुलिस ने रावेन्द्र सिंह की हत्या के मामले चार आरोपियों को नामजद करते हुए- गटोला तिवारी, लक्का तिवारी, लकी तिवारी और रोली तिवारी के खिलाफ धारा 294, 506, 34, 302 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
ग्राम पंचायत भसूड़ा के ग्राम इटौरा में पानी टंकी के समीप नागौद-कालिंजर मुख्य मार्ग किनारे लकी तिवारी के मकान सामने सरकारी हैण्डपम्प स्थित है। चर्चा है कि हैण्डपम्प से पानी भरने को लेकर तिवारी परिवार की कथित तौर पर दखलंदाजी रहती है। सड़क के दूसरी तरफ रहने वाले सुरजीत सिंह पुत्र बहादुर सिंह 25 वर्ष और उसकी माँ शुक्रवार को दोपहर में करीब 2 बजे खाली बर्तन लेकर पानी भरने हैण्डपम्प पहुंचे। अभी सुरजीत सिंह अपने खाली पीपे-डिब्बों में पानी भर ही रहा था कि इसी बीच रोली तिवारी 20 वर्ष वहां पहुंची और कथित तौर पर सुरजीत व उसकी माँ से बोली कि अपने बर्तन हटाओ मुझे पानी भरना है।
माँ-बेटे ने रोली से थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा, बस इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी होने लगी। तभी रोली के पिता गठोला तिवारी, चाचा लक्का तिवारी, चाची और भाई लकी तिवारी भी आ गए और विवाद बढ़ने लगा। इस बीच सुरजीत का सबसे बड़ा भाई रावेन्द्र सिंह भी मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को शांत कराने लगा। लेकिन तभी लकी तिवारी ने अवैध कट्टे से रावेन्द्र सिंह 40 वर्ष के ऊपर गोली चला दी। सीने में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रावेन्द्र लहूलुहान हालत में मौके पर ही गिर गया। पहाड़ीखेरा चौकी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हुई गोलीबारी की इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरा इलाका दहल उठा।
सांकेतिक फोटो।
चौकी प्रभारी पहाड़ीखेरा आर. जी. दिवेदी कुछ देर बाद हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचे और अचेत हालत में पड़े रावेन्द्र सिंह को लेकर तुरंत इलाज हेतु पन्ना के लिए रवाना हो गए। हालांकि पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचने से पहले रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने रावेन्द्र सिंह का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की इस जघन्य वारदात के बाद इटौरा सहित क्षेत्र में उपजे तनाव के मद्देनजर पन्ना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इस मामले में बृजपुर थाना पुलिस ने मृतक के छोटे भाई सुरजीत सिंह की रिपोर्ट पर चार आरोपियों के गटोला तिवारी, लक्का तिवारी, लकी तिवारी और रोली तिवारी के खिलाफ धारा 294, 506, 34, 302 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे।

पानी को लेकर पूर्व से है बुराई

फाइल फोटो।
पन्ना तहसील का ग्राम पहड़ीखेरा-इटौरा पिछले कुछ सालों से जल संकटग्रस्त ग्रामों में शामिल है। गांव की पुरानी नलजल योजना निर्माण के बाद से ही ठप्प पड़ी है और नई नलजल योजना फिलहाल निर्माणाधीन है। इस कारण उक्त दोनों गांवों में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गंभीर हो जाता है। गांव के अन्य जल स्रोतों में पानी के लिए लम्बी लाईनें लगती है। उल्लेखनीय है कि इटौरा में लकी तिवारी के घर के सामने सड़क किनारे लगे शासकीय हैंडपम्प से मोहल्ले के सभी लोग पानी भरते हैं। कथित तौर पर ऐसी चर्चा है कि इस हैण्डपम्प से पानी भरने को लेकर तिवारी परिवार की दखलंदाजी रहती है। इस कारण लकी तिवारी और रावेन्द्र सिंह के परिजनों के बीच पूर्व में कई बार विवाद और मारपीट हो चुकी है। आज पानी भरने को लेकर दोनों परिवारों में पुनः हुई कहासुनी के बीच विवाद बढ़ने पर हत्या होना पूर्व की घटनाओं की पृष्ठभूमि का ही नतीजा बताया जा रहा है।

इनका कहना है –

“हमारी पहली प्राथमिकता घायल युवक का इलाज थी, इसलिए पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस उसे लेकर तुरंत पन्ना के लिए रवाना हो गई। इस बीच आरोपी मौका पाकर फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।”

– सिद्धार्थ शर्मा, थाना प्रभारी बृजपुर।

आयुक्त नगरीय प्रशासन ने की सीएमओ देवेन्द्रनगर के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना

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मेहमूद हसन, सीएमओ, नगर परिषद् देवेन्द्रनगर।

* सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर प्रदेश स्तर पर प्राप्त किया तृतीय स्थान

* पत्र लिखकर आयुक्त ने कहा- “इसी तरह निष्ठा एवं समर्पण भावना से करें आमजन की सेवा”

रमेश अग्रवाल, देवेन्द्रनगर/पन्ना। (www.radarnews.in) आमलोगों की यह शिकायत कि सरकारी कार्यालयों में उनकी सुनवाई नहीं होती वर्तमान में आम हो चुकी है। लेकिन कतिपय अधिकारी-कर्मचारी ऐसे भी हैं जो कि शासन की मंशानुरूप आमजन के प्रति जवाबदेही के एहसास के साथ अपने दायित्व का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करके लोगों में व्याप्त इस नकारत्मक धारणा को मिटाकर शासन-प्रशासन के प्रति उनमें भरोसे को बढ़ाने का काम बखूबी कर रहे हैं। पन्ना जिले की नगर परिषद् देवेन्द्रनगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मेहमूद हसन ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हैं। सीएम हेल्पलाइन पर आम नागरिकों के द्वारा की जाने वाली शिकायतों का इनके द्वारा तत्परता से संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया जा रहा है। नागरिकों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराकर उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के सीएमओ श्री हसन के प्रयास और उत्कृष्ट प्रदर्शन की आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल पी. नरहरि ने मुक्त कण्ठ से सरहना की है।
उल्लेखनीय है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत नगर परिषद् देवेन्द्रनगर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2019-20, माह फरवरी में प्राप्त शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर 100 प्रतिशत ग्रेडिंग अंक के साथ प्रदेश स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। नगर परिषद् देवेन्द्रनगर ने अपने इस उपलब्धि से विभागीय प्रदर्शन में सराहनीय योगदान किया है। इसके लिए पी. नरहरि आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल ने देवेन्द्रनगर सीएमओ मेहमूद हसन को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। साथ ही यह उम्मीद भी जताई है कि भविष्य में इसी तरह निष्ठा एवं समर्पण भावना से आमजन की सेवा निष्पादन में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का संतुष्टतापूर्वक निराकरण करते रहेंगे।
युवा सीएमओ श्री हसन की कार्यशैली की सबसे अच्छी बात यह है कि उनका हमेशा ही प्रयास रहता है कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराई जाए ताकि ऐसी स्थिति ही निर्मित न हो कि उन्हें किसी भी माध्यम से शिकायत करनी पड़े। इसके बाद भी यदि कोई शिकायत करता है तो उसे गंभीरता से लेते हुए तत्परता से शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित कराया जाता है। वे स्वयं शिकायतकर्ता से सीधे बात करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि, सीएमओ मेहमूद हसन आमजन की अपेक्षा पर खरा उतरने को प्राथमिकता देते हैं।

मच्छर जनित बीमारियों से बचाव करने लोगों को जागरूक कर रहा मलेरिया रथ

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* फायलेरिया प्रभावित अजयगढ़ ब्लॉक के ग्रामों में भ्रमण कर रहा रथ

* बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के लिए की मौके पर बनाई जा रही स्लाइड

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) आगामी वर्षाकाल में होने वालीं मच्छर जनित बीमारियों से बचाव हेतु आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए लोगों को जागरूक करने “मलेरिया रथ” इन दिनों गांव-गांव भ्रमण कर रहा है। इस रथ के साथ चल रहे मलेरिया एवं फायलेरिया विभाग के मैदानी कर्मचारी ग्राम भ्रमण के दौरान मिलने वाले संभावित बीमार व्यक्तियों की रक्त पट्टी (स्लाइड) भी मलेरिया जांच के लिए तैयार कर रहे हैं। जिससे एक साथ दो काम हो रहे हैं। मलेरिया रथ बुधवार 10 जून से जिले के अजयगढ़ ब्लॉक के भ्रमण पर है।
संभावित बुखार वाले ग्रामीणों की मलेरिया जांच के लिए स्लाइड तैयार करते हुए मलेरिया-फायलेरिया विभाग के मैदानी कर्मचारी।
फायलेरिया केस की अधिकता वाले इस इलाके में जागरूकता रथ को कल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ से डाॅ. राहुल यादव, डाॅ. रामभगत विश्वकर्मा एवं श्रीमति रुचि शर्मा बीपीएम के द्वारा हरी झण्डी दिखाकर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ अंतर्गत आने वाले के ग्राम बीहरपुरवा, लौलास में मलेरिया रथ के द्वारा भ्रमण किया गया और संभावित बुखार के 26 मरीजों की रक्त पट्टियां बनाई गई। जिनमें से मलेरिया पाॅजीटिव पाये गये 2 मरीजों की जांच के उपरांत उन्हें आवश्यक उपचार प्रदान किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी पन्ना हरिमोहन रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि, मलेरिया रथ द्वारा अजयगढ़ क्षेत्र के चिन्हित ग्रामों में से ग्राम बहिरवारा, नयागांव एवं दुर्गापुर में मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित बीमारियों बचाव हेतु ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें पम्पलेट का वितरण किया गया और माईकिंग (माइक के द्वारा) द्वारा प्रचार-प्रसार किया गया। लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारी जैसे- मलेरिया, फायलेरिया, चिनगुनिया आदि के लक्षण बताये गए। मच्छरों से बचाव के तरीके एवं उन्हें पैदा होने से रोकने के लिए किये जाने वाले उपायों आदि की जानकारी दी गई।
वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी और आगामी दिनों में बारिश होने पर मच्छर जनित बीमारियों के खतरे के मद्देनजर ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतते हुए इनसे अपना हर संभव बचाव करने की अपील की गई। मलेरिया रथ भ्रमण के दौरान मलेरिया निरीक्षक बल्दाउ प्रसाद अहिरवार, सुपरवाईजर मोहम्मद इदरीश, फील्ड वर्कर विनोद वाल्मीक एवं क्षेत्र की एएनएम व आशा कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

कोरोना अपडेट : बाँधीकला के माँ-बेटे समेत 28 के सैम्पल की रिपोर्ट आई निगेटिव

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अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा के लिए खोने के गम में बेसुध होकर विलाप करती हुई माँ। (फाइल फोटो)
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती रहे बाँधीकला गांव के डेढ़ वर्षीय जिस बीमार बच्चे की गत दिवस मौत हो गई थी उसकी जांच रिपोर्ट बुधवार को निगेटिव आई है। मृत बच्चे की माँ के सैम्पल की रिपोर्ट भी निगेटिव बताई गई है। इसके अलावा कोरोना संदिग्ध रहे 26 अन्य व्यक्तियों के सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर जिले के स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी ने बुधवार 10 जून को कोरोना ब्रीफिंग जारी करते हुए बताया है कि 7-8 जून को कुछ व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए सागर भेजे गए थे, जिसमें 28 की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है। इनमें बाँधीकला गांव के सभी लोगों के सैम्पल शामिल है। उल्लेखनीय है कि पन्ना जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम बाँधीकला का एक डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चा कई दिनों से बीमार था। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे 6 जून को पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती कराया गया था।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
एम्बुलेंस से पन्ना लाए गए इस बच्चे के साथ उसकी माँ और होम आइसोलेशन में रहा पिता भी पन्ना आए थे। छिंदवाड़ा से वापस लौटे प्रवासी श्रमिक का आइसोलेशन में रहने के दौरान अपने बच्चे से सम्पर्क होने और बच्चे के बीमार होने के मद्देनजर पन्ना जिला चिकित्सालय के कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर माँ-बच्चे के सैम्पल कोरोना की जांच के लिए सागर भेजे गए थे। इस बीच इलाज के दौरान 8 जून को बच्चे की मौत हो गई थी। लेकिन तब तक उसके सैम्पल की जांच का परिणाम नहीं आया था। इस स्थिति में संदिग्ध रहे मासूम के शव को जिला चिकित्सालय प्रबंधन के द्वारा उसके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपने को लेकर उठने लगे। अपने इस फैसले को लेकर कोई संतोषजनक जवाब न दे पाने से घिरे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 8 जून की देर शाम बच्चे के अंतिम संस्कार के ठीक बाद उसके माता-पिता एवं अन्य परिजनों को पन्ना लाकर आइसोलेट कर दिया था। एक सवाल के जवाब में सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने बताया कि मृत बच्चे और उसकी माँ की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद संस्थागत आइसोलेशन में रहे सभी परीजनों को छुट्टी दी जा चुकी है।

गेहूं परिवहन में लापरवाही बरतने वाली तीन ट्रांसपोर्ट कंपनियों को नोटिस, ट्रांसपोर्ट कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड करने की होगी कार्रवाई

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पिछले दिनों हुई बारिश के पानी के बीच खरीदी केन्द्र सिमरिया में खुले आसमान के नीचे रखीं गेहूं से भरी बोरियां। (फाइल फोटो)
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले में गेहूं उपार्जन वर्ष 2020 के लिए खरीदे गए गेहूं का भंडारण हेतु परिवहन करने के लिए तीन ट्रांसपोर्ट कंपनियों को अनुबंधित किया गया था। ट्रांसपोर्ट कंपनियों के द्वारा गेहूं परिवहन कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा ब्लैक लिस्टेड किये जाने संबंध में नोटिस दिए गए हैं। इनमें पन्ना सेक्टर के लिए श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी छतरपुर, पवई सेक्टर के लिए हर्ष रोड लाइन सागर तथा पवई सेक्टर के अमानगंज क्षेत्र के लिए ममता ट्रांसपोर्ट को नोटिस दिए गए हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि समय पर गेहूं का परिवहन भंडारण केन्द्र के लिए न होने से गत दिनों हुई बारिश में गेहूं के भीगने से उसकी गुणवत्ता में कमी आई है। इसके अलावा गेहूं का परिवहन एवं भंडारण ना होने के कारण किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। तीनों ट्रांसपोर्ट कंपनियों को नोटिस भेजकर उनसे स्पष्टीकरण मांगे गए हैं।

अफसरों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया

पन्ना जिले के खरीदी केन्द्रों पूरे समय गेहूँ की बोरियां इसी तरह पूरे परिसर फैली हुई रखीं रहीं कहीं भी स्टेक नजर नहीं आए।
पन्ना जिले में इस वर्ष गेहूं की खरीदी, परिवहन एवं भंडारण व्यवस्था में पूरे समय अंधेरगर्दी का आलम देखा गया। जब खरीदी कार्य चल रहा था तब उपार्जन केन्द्रों में पूरे समय औसतन 3-4 लाख क्विंटल अनाज भंडारण हेतु परिवहन के इंतजार डंप रहा है। इसका मुख्य कारण जिले में भंडारण हेतु स्थान का आभाव होना और ओपन कैप का निर्माण सही समय पर न हो पाना रहा है। खुले आसमान के नीचे पूर्णतः असुरक्षित एवं अव्यवस्थित तरीके से उपार्जन केन्द्रों में डंप गेहूं गेहूं की बोरियों का बड़े क्षेत्र में फैलाव होने की सचित्र ख़बरें विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रमुखता से प्रकाशित की गईं। लेकिन गेहूं खरीदी एवं निगरानी व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने केन्द्रों में रखे गेहूं को मौसम की मार से सुरक्षित करने और स्टेक में व्यवस्थित रखवाने की सुध नहीं ली। निसर्ग तूफ़ान के असर से बारिश होने की चेतावनी के बाद भी यह उदासीनता बनी रही। परिणामस्वरूप चक्रवाती तूफ़ान के असर जिले में 24 घंटे से अधिक समय तक हुई बारिश में दर्जन भर से अधिक केन्द्रों पर करोड़ों रुपये मूल्य का हजारों क्विंटल गेहूं भीगकर बर्बाद हो गया।

किसने रोका था पन्ना-अजयगढ़ का परिवहन

ओपन कैप लक्ष्मीपुर में शेष बचे स्थान जारी है गेहूं का भंडारण।
बड़ी मात्रा में बारिश से भीगे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की पड़ताल करने पर “रडार न्यूज़” को विश्वस्त सूत्रों से पता चला कि पन्ना और अजयगढ़ तहसील अंतर्गत उपार्जन केन्द्रों में डंप गेहूं का 4 जून को हुई प्री-मानसून की बारिश के करीब 15 दिन पूर्व से परिवहन अधिकारियों ने ही रुकवा दिया था। इस निर्णय को लेकर मंशा यह रही कि अजयगढ़ में निर्माणधीन ओपन कैप का कार्य पूर्ण होने पर दोनों तहसीलों के गेहूं का वहां भंडारण कराया जायेगा। लेकिन अजयगढ़ कैप निर्माण में लगातार देरी होने के बीच हुई तेज बारिश में दोनों तहसीलों का गेहूं बड़ी मात्रा में पानी से तरबतर हो गया।
महेवा केन्द्र की बदहाली का नजारा बयां करती हुई तस्वीर। (फाइल फोटो)
पन्ना के जिला आपूर्ति अधिकारी आर. के. श्रीवास्तव ने रडार न्यूज़ से बात करते हुए यह स्वीकार किया है कि पन्ना और अजयगढ़ तहसील के गेहूं के परिवहन को कुछ समय के लिए रोका गया था ताकि उसे अजयगढ़ के ओपन कैप में ही भण्डारित कराया जा सके। उन्होंने बड़ी ही साफगोई से बताया कि इसे लेकर हमारा उद्देश्य गलत नहीं था, ऐसा सिर्फ अनावश्यक परिवहन को रोकने और ओपन कैप अजयगढ़ में पूर्ण क्षमता तक अनाज भंडारित करने के लिए किया गया था। जिला आपूर्ति अधिकारी ने एक सवाल के जबाव में स्पष्ट किया कि अजयगढ़ और पन्ना तहसील में परिवहन रोकने का फैसला उनका नहीं था लेकिन उन्होंने उस अधिकारी का नाम नहीं बताया जिसने ऐसे निर्देश दिए थे। बहरहाल, डीएसओ के इस मजबूरी भरे मौन से उस अधिकारी के संबंध में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है ?

कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती मासूम बच्चे की उपचार के दौरान मौत, जांच के लिए भेजा था सैम्पल लेकिन नहीं आई रिपोर्ट

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अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा के लिए खोने के गम में बेसुध होकर विलाप करती हुई माँ। (फाइल फोटो)

* कंटेनमेंट जोन के बफर क्षेत्र अंतर्गत बांधीकला गांव से आया था बच्चा

* कई दिनों से बीमार होने के कारण हो गया था अत्याधिक कमजोर

* बच्चे का पिता कुछ दिन पूर्व छिंदवाड़ा से वापस लौटा था अपने गांव

* जांच रिपोर्ट न आने पर संदिग्ध का शव परिजनों के सुपुर्द करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए सीएमएचओ

* मासूम के अंतिम संस्कार के बाद माता-पिता एवं अन्य परिजनों को पन्ना लाकर किया आइसोलेट

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती रहे एक डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम कई दिनों से बीमार होने के कारण अत्याधिक कमजोर हो चुका था। कंटेनमेंट जोन बरबसपुरा के बफर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बांधीकाला गांव के इस बच्चे और उसकी माँ को संदिग्ध मानते हुए दोनों के सैम्पल कोरोना जांच के लिए सागर भेजे गए थे। लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट न आने और इस बीच सोमवार की शाम बच्चे की मृत्यु होने की दुखद खबर सोशल मीडिया पर आते ही सुगबुगाहट तेज हो गई । इसकी भनक लगते ही कोरोना संदिग्ध रहे बच्चे के शव को जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने शोक संतृप्त परिजनों के सुपुर्द कर एम्बुलेंस से सभी को तुरंत गांव के लिए रवाना कर दिया।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. एल. के. तिवारी से जब यह पूंछा गया कि कोरोना सैम्पल की जांच रिपोर्ट न आ पाने से पहले ही यदि किसी संदिग्ध मरीज की मृत्यु हो जाती है तो उसके शव को क्या परिजनों को अंतिम संस्कार करने के लिए सौंपा जा सकता है ! या फिर उस शव को सम्मान के साथ सुरक्षित तरीके से रखकर रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जाना चाहिए ? इस सम्बंध शासन के दिशा-निर्देश क्या हैं ? डॉ. तिवारी इन सवालों का जबाब न देकर गोलमोल बातें करने लगे।
वहीं जब पन्ना कलेक्टर बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रेस नोट जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करेंगे। लेकिन देर रात्रि तक सीएमएचओ की तरफ से कोई बयान नहीं आया। हालाँकि इस प्रकरण को लेकर कई तरह के सवाल उठते देख सोमवार की देर शाम को ही मृत बच्चे का उसके गृह ग्राम बाँधीकला अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वहां प्रभारी तहसीलदार अमानगंज डॉ. अवंतिका तिवारी, बीएमओ अमानगंज आशीष तिवारी तथा स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रभारी तहसीलदार अमानगंज डॉ. अवंतिका तिवारी ने ‘रडार न्यूज़’ को बताया कि बच्चे के अंतिम संस्कार में शामिल हुए परिजनों एवं माता-पिता समेत 10 लोगों को रात्रि में पन्ना लाकर संस्थागत आइसोलेट किया गया है।

छिंदवाड़ा से लौटा था पिता

मृत बच्चे के शव को कपड़े से ढककर अपनी गोद में लिए एम्बुलेंस में बैठी महिला।
जिला चिकित्सालय पन्ना में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 6 जून को देवेन्द्रनगर सीएचसी की ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर संध्या ने उन्हें फोन पर बताया कि बांधीकाला गांव में एक बच्चा कई दिनों से बीमार है और कुछ खाता-पीता भी नहीं है। बच्चे की हालत काफी खराब होने और उसे तुरंत बेहतर इलाज की आवश्यकता को देखते हुए इसी दिन शाम को एम्बुलेंस से बीमार बच्चे और उसकी माँ को पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। एम्बुलेंस में बैठकर बच्चे का पिता भी साथ में आया। बीमार बच्चे के सम्बंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के दौरान चिकित्सालय स्टॉफ को पता चला कि उसका पिता प्रवासी श्रमिक है, जो कि 4 जून को ही प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से वापस अपने गांव लौटा था।

आइसोलेशन को लेकर अलग-अलग दावे

फाइल फोटो।
सीएमएचओ डॉ. एल. के तिवारी ने बताया कि 6 जून की शाम तक बच्चे का पिता गांव में ही संस्थागत आइसोलेशन में था। जब उसे यह पता चला की उसके बच्चे को इलाज के लिए पन्ना ले जाया जा रहा है तो वह भी एम्बुलेन्स में बैठकर पन्ना आ गया। इस तरह बच्चे और उसकी माँ से पिता का सम्पर्क यात्रा के दौरान महज आधा घण्टे का ही रहा है। मासूम के कई दिनों से बीमार होने, कंटेनमेंट जोन के बफर क्षेत्र के गांव बांधीकाला से आने तथा प्रवासी पिता से सम्पर्क के मद्देनजर उसे कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर माँ-बेटे के सैम्पल लिए गए थे। प्रभारी तहसीलदार अमानगंज डॉ. अवंतिका तिवारी ने चर्चा के दौरान बताया कि बच्चे का पिता छिंदवाड़ा से लौटने के बाद सिर्फ एक दिन पंचायत भवन में आइसोलेट रहा। अगले दिन 5 जून को वह अपने घर चला गया जहां वह होम आइसोलेशन में था। उल्लेखनीय है कि बाहर से लौटने वाले प्रवासियों को संस्थागत आइसोलेशन में रखना जिले में काफी पहले बंद हो चुका है। वहीं प्रवासी श्रमिक के आइसोलेट होने को लेकर सीएमएचओ और प्रभारी तहसीलदार दावे अलग-अलग हैं।

…शायद इस वजह से हुई मौत

बच्चे का शव लेकर अपने गांव रवाना होने के लिए एम्बुलेंस में सवार होते शोक संतृप्त परिजन।
कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती रहे बीमार बच्चे का इलाज करने वाले योग्य एवं अनुभवी चिकित्सक डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सोमवार को उनकी ड्यूटी नहीं थी। शाम के समय जब बच्चे की मृत्यु होने की जानकारी मिली तो मुझे काफी दुःख हुआ। इलाज के चलते उसकी सेहत स्थिर रही उसे ऑक्सीजन में रखा गया था। ऐसा पता चला है कि इस दौरान बच्चे की माँ ने उसे कुछ खिलाया-पिलाया जोकि उसकी श्वांस नली में फंस गया जिससे उसकी अचानक मृत्यु हो गई। सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी का कहना है कि बच्चा कई दिनों से काफी बीमार होने की वजह से अत्याधिक कमजोर हो गया था और उसे सर्दी-खांसी भी रही जिससे उसकी मृत्यु हुई है। आपने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत सामान्य प्रतीत होती है। बच्चे और उसकी माँ का सैम्पल महज संदेह के आधार पर सतर्कता के लिहाज से लिया गया था। लेकिन उनके पास इस बात का कोई जबाव नहीं है कि सैम्पल की जांच रिपोर्ट न आ पाने की स्थिति में क्या मृतक के शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाना चाहिए या नहीं। इस दुखद घटनाक्रम के प्रकाश में आने के बाद से लोगों को मृत बच्चे की जांच रिपोर्ट के नतीजे का इंतजार है।

पन्ना में कोरोना पॉजिटिव एक और केस मिला, अब तक कुल 21 पॉजिटिव जिनमें एक्टिव केस 6

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सांकेतिक फोटो।

* पूर्व घोषित कंटेनमेंट जोन देवरी में महिला संक्रमित पाई गई 

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कुछ दिनों की राहत के बाद पन्ना जिले में आज कोरोना संक्रमित एक नया मरीज देवरी गांव में मिला है। यह गांव पूर्व से कंटेनमेंट जोन घोषित है। आज मिले नए केस के बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव कुल केसों की संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है, जिनमें एक्टिव केस मात्र 6 हैं। अब तक कोरोना के 15 मरीज जिला चिकित्सालय के कोविड केयर सेंटर में इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने नए केस के सम्बंध में बेहद संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया है कि, 6 एवं 7 जून को कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जांच हेतु भजे गए थे, जिसमें 16 सैम्पल की रिपोर्ट आज प्राप्त हुई है।
सांकेतिक फोटो।
आपने बताया कि, 15 व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि देवरी गाँव की एक 30 वर्षीय महिला जांच में पॉजिटिव निकली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर अंतर्गत आने वाले देवरी गांव में कुछ दिन पूर्व एक कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर इस गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। महिला के रूप में आज इस गांव में कोरोना का दूसरा मरीज मिला है। पता चला है कि, कोविड-19 से संक्रमित पाई गई महिला तीन दिन पूर्व बुखार से पीड़ित होने पर इलाज के लिए देवरी गांव से पन्ना जिला चिकित्सालय आई थी।कंटेनमेंट जोन से आने पर संदिग्ध मरीज के रूप में महिला को भर्ती करके उसका सैम्पल जांच के लिए भेजा गया। इसकी रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आने की जानकारी मिलते स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए संक्रमित महिला मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री और उसके सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।