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पन्ना में माफिया राज ! खुलेआम जारी रेत की लूट में नियम-कानूनों की उड़ाई जा रहीं धज्जियां

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जिगनी गांव में कई स्थानों पर निजी भूमि में रेत खदान धड़ल्ले से संचालित है, ऐसी ही एक अवैध खदान से रेत निकालती पोकलैण्ड मशीन।

* रेत ठेकेदार पर आतंक के बल पर कृषि भूमि से जबरन रेत खनन करने का आरोप

* भानपुर गांव के पीड़ित युवा किसान ने अवैध खदान पर अंकुश लगाने की लगाई गुहार

* आधा दर्जन गांवों में निजी एवं शासकीय भूमि पर खुलेआम संचालित हैं दर्जन भर अवैध रेत खदानें

* तमाशबीन बना जिला प्रशासन महज दो गांवों में अवैध उत्खनन के प्रकरण दर्ज करने तक सिमटी कार्रवाई

* डेढ़ माह से जारी रेत की लूट पर न तो प्रभावी अंकुश लगाया और अवैध उत्खनन कर रहीं मशीनों को जब्त भी नहीं किया

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मध्यप्रदेश की धरती से दस्यु गिरोहों के आतंक का तो काफी हद तक अंत हो गया लेकिन इस दौरान माफिया के रूप में डकैतों से कहीं अधिक खतरनाक और नुकसानदेह चुनौती उभर कर सामने आई है। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय माफियाओं ने सत्ता प्रतिष्ठानों और प्रशासन का प्रत्यक्ष-परोक्ष संरक्षण प्राप्त कर नोट छापने के लिए हर तरफ लूट मचा रखी है। प्रदेश के पन्ना जिले में भी पिछले डेढ़ माह से एक माफिया के कारण हाहाकर की स्थिति निर्मित है। रेत ठेकेदार से रेत माफिया बने रसमीत मल्होत्रा की लूट-खसोट और मनमानी के सामने खनन, पर्यावरण समेत अन्य नियम-कानून बेमानी साबित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पन्ना जिले के रामनई गांव में अवैध खनन का प्रकरण दर्ज होने के बाद भी जारी है रेत की लूट।
पिछले डेढ़ माह से रेत ठेकेदार के द्वारा जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत छः गांवों रामनई, जिगनी, चंदौरा, बीरा, फरस्वाहा और भानपुर में निजी एवं शासकीय राजस्व भूमि पर रेत की करीब दर्जन भर अवैध खदानें धड़ल्ले से संचालित की जा रहीं हैं। लीज स्वीकृति के बगैर रेत के अवैध खनन का यह खेल कतिपय रेत खदनों के अनुबंध निष्पादन की आड़ में बेरोकटोक जारी है। पिछले सभी रिकार्ड तोड़ चुकी रेत की लूट के इस खेल में पन्ना जिला प्रशासन और रेत माफिया के बीच मिलीभगत होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। तथ्यों पर गौर करते हुए जमीनी हकीकत को देखें तो बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट की अघोषित तौर पर खुली छूट के मामले में जिम्मेदार अफसरों की भूमिका उन्हें सवालों के कठघरे खड़ा करती है।

जनाक्रोश के चलते कार्रवाई की खानपूर्ति

बीरा गांव में केन नदी किनारे स्थित टीलों को खोखला कर रेत निकाली पोकलेन मशीन।
पन्ना जिले की 27 रेत खदानों के समूह का ठेका लेने वाले सफल बोलीदार रसमीत मल्होत्रा ने माह जून 2020 में महज पांच खदानों में खनन के लिए अनुबंध निष्पादित किया है। जिसमें शामिल रामनई एवं जिगनी खदान के स्वीकृत क्षेत्र में रेत न होने पर ठेकेदार ने केन नदी किनारे स्थित इन गांवों में मनमाने तरीके से निजी एवं शासकीय गोचर भूमि पर खनन शुरू कर दिया। नदी घाट में स्वीकृत खदानों के अनुबंध की आड़ लेकर केन के कछार क्षेत्र में आने वाले खेतों और शासकीय राजस्व भूमि में बड़े पैमाने पर पूर्णतः अवैध रूप से रेत खनन करने की शिकायत रामनई और बरौली गांव के ग्रामीणों के द्वारा पन्ना आकर कलेक्टर से की गई। गौरतलब है कि शिकायत होने के पूर्व तक राजस्व विभाग अजयगढ़ का अमला और पन्ना के खनिज विभाग के अधिकारी इस अवैध खनन की जानबूझकर अनदेखी करते रहे। मामला मीडिया में आने के बाद बेमन से कार्रवाई करते हुए रामनई में एक और जिगनी में चार स्थानों पर अवैध रेत खनन के प्रकरण पंजीबद्ध किये गए।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
हालाँकि प्रकरण दर्ज होने से करीब 5 हजार घनमीटर से अधिक रेत उक्त स्थानों से निकाली जा चुकी थी। जबकि दर्ज प्रकरणों में अवैध रेत खनन की मात्रा लगभग 3 हजार घनमीटर बताई गई। रेत माफिया के सामने नतमस्तक प्रशासन ने कागजी खानापूर्ति के लिए प्रकरण तो दर्ज कर लिए लेकिन निजी एवं शासकीय भूमि पर संचालित अवैध रेत खदानों को आज तक बंद नहीं कराया गया। फलस्वरूप रामनई, जिगनी के साथ-साथ अब चंदौरा, बीरा, भानपुर और फरस्वाहा में करीब एक दर्जन स्थानों पर खुलेआम पूर्णतः अवैध तरीके से निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत के खनन का खेल बड़े मजे से चल रहा है।
इन गांवों में ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा लगभग दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनों से रात-दिन रेत का खनन किया जा रहा है। ठेके की अनुबंध शर्तों, खनन, पर्यावरण, राजस्व एवं परिवहन संबंधी नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए खनन माफिया द्वारा की जा रही रेत लूट पर प्रभावी अंकुश न लगाकर जिम्मेदार इसे जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं अवैध खनन में लगीं पोकलेन और जेसीबी मशीनों को जब्त कर पुलिस थाना में रखवाने जैसी ठोस कार्रवाई भी अब तक नहीं की गई। करोड़ों रुपए मूल्य की रेत की लूटपाट को लेकर जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी से प्रशासन और रेत माफिया के बीच सांठगांठ होने के आरोपों को बल मिल रहा है।

खेत में जबरन खोद डाली खदान

पन्ना में कलेक्ट्रेट के बाहर अपनी शिकायत लेकर खड़ा भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव एवं उसके रिश्तेदार।
जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव पुत्र स्व. सीताराम यादव ने रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के मुनीम मोंटू अग्रवाल एवं साथियों पर अपने खेत में आतंक के बल पर जबरन रेत खदान खोदने का आरोप लगाया है। शारदा यादव ने बताया कि पटवारी हल्का कगरेकाबारा अंतर्गत ग्राम भानपुर उसके पिता के नाम पर दर्ज आराजी क्रमांक- 570/1 व 571/2 एवं पिता समेत अन्य परिजनों बुआ-चाचा के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज आराजी क्रमांक- 561 तथा 572/2 में पिछले छः दिनों से जबरन रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस कृषि भूमि का खातेदारों के बीच अभी तक बैधानिक तौर बंटवारा नहीं हुआ है। लेकिन पारिवारिक सहमति के आधार पर हुए आपसी बंटवारे में शारदा के पिता को भूमि का जो हिस्सा प्राप्त हुआ था उसमें मशीनों के जरिये रेत का खनन किया जा रहा है।
प्रभावित किसान ने बताया कि उसके चाचा राजा भईया यादव से मिलकर रेत ठेकेदार ने कथित तौर पर रेत खदान संचालित करने का अनुबंध किया हुआ है। आरोप है कि कृषि भूमि से रेत का खनन करने के लिए अजयगढ़ तहसील के राजस्व अमले से मिलकर रातोंरात भूमि की मनमानी तरमीम करा ली गई। जिससे संयुक्त खाते वाली भूमि का पूर्व में आपसी आधार पर हुए बंटवारे के हिस्से में बदलाव कर दिया गया। रेत माफिया और व्यवस्था के गठजोड़ की इन चालबाजियों के कारण परेशान युवा किसान ने बताया कि उसके हिस्से वाली भूमि में रेत का विशाल भंडार मौजूद है जिसे हड़पने के लिए यह षड्यंत्र किया गया है।

अजयगढ़ से पन्ना तक नहीं हुई सुनवाई

भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव ने ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारियों पर उसकी पैतृक कृषि भूमि में जबरन रेत खदान खोदने का आरोप लगाया।
लीज स्वीकृति के बगैर भानपुर गांव में निजी भूमि पर बलपूर्वक और छलपूर्वक धड़ल्ले से जारी रेत के अवैध खनन की शिकायत प्रभावित युवक ने पन्ना कलेक्टर से की है। लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक इसे रोकना भी उचित नहीं समझा। रेत की लूट के मामले में अजयगढ़ से लेकर पन्ना तक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों की घोर अनदेखी और चुप्पी आम आदमी को निराश कर रही है। इन हालत में शारदा जैसे लोगों के सामने विडंबना यह है कि वे अपनी पुस्तैनी जमीन को बर्बाद होने बचाने के लिए कहाँ जाएं, किसका दरवाजा खटखटाएं और किसे अपनी पीड़ा सुनाएं। न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे कम पढ़े-लिखे इस युवा किसान के अनुसार उसका अब तक का अनुभव यही कहता है कि पन्ना जिले इन दिनों कानून का राज नहीं बल्कि माफिया राज चल रहा है।

कृषि भूमि बर्बाद हुई तो भूखों मर जाएंगे

भानपुर गांव में कृषि भूमि पर रेत का खनन करने के लिए खड़ीं पोकलेन मशीनें।
अजयगढ़ के भानपुर गांव में खनन माफिया बगैर किसी वैधानिक अनुमति के खेतों को खदान में तब्दील करके शारदा और उसके परिवार के जीवन यापन के एकमात्र सहारे को तबाह करने पर तुला है। वहाँ तीन पोकलेन मशीनें खेत को रेत खनन के लिए खोखला कर अब तक करीब 700 डम्फर से अधिक रेत निकाल चुकीं हैं। व्यवस्था के सहयोग और आतंक के बल पर खनन का यह खेल भानपुर में रातदिन जारी है। अवैध खनन की इस अंधी रफ़्तार के मद्देनजर अगर रेत माफिया को तुरंत सख्ती से नहीं रोका गया तो कृषि भूमि के बर्बाद होने पर प्रभावित कृषक परिवार के सामने भूखों मरने की स्थिति निर्मित हो सकती है। इस गूंगी-बहरी-अंधी और बेरहम व्यवस्था के आगे बेवश और लाचार युवा किसान शारदा यादव ने बताया कि जब उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो मैनें अपने स्तर पर रेत माफिया को अवैध खनन करने से रोकने का काफी प्रयास किया। लेकिन वहां तैनात माफिया के गुण्डे उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर जोर जबरदस्ती खनन कर रहे हैं।

प्रकरण दर्ज कर लगाया जुर्माना

पन्ना जिले के खनिज अधिकारी आर. के. पाण्डेय।
पन्ना जिले में जारी रेत के अनियंत्रित दोहन से प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा माह जून 2020 के आखिरी सप्ताह में की गई शिकायत और इससे जुड़ीं ख़बरों पर जिले के खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन के पांच प्रकरण दर्ज़ कर भारी-भरकम अर्थदण्ड संबंधितों पर लगाया है। बरौली और रामनई के ग्रामीणों की शिकायत पर रामनई की शासकीय गोचर भूमि खसरा क्रमांक- 2 में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के खिलाफ 1080 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन करने का मामला पंजीबद्ध किया गया है। इस प्रकरण में रसमीत पर लगभग 33,75,000/- रुपए प्रशमन शुल्क और 67,50,000/-रुपए का अर्थदण्ड लगाया है। इसके आलावा जिगनी गांव में निजी भूमि पर 1600 घनमीटर रेत का अवैध खनन करने के मामले में खसरा क्रमांक-352 के भू-स्वामी वेबा बिसालिया, रामसजीवन गिल्ला, चुनवाद फूलचन्द्र, छोटेलाल के विरुद्ध अवैध खनन का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इनके ऊपर खनिज विभाग ने लगभग 50,00000/- लाख रुपये का प्रशमन शुल्क और 1,0000000/-(एक करोड़) रुपए का अर्थदण्ड लगाया है।
जिगनी गांव में ही निजी भूमि खसरा क्रमांक-354 भू-स्वामी फल्ले पिता रामलाल, हल्के अहीर, खसरा क्रमांक- 355 में कालका प्रसाद पिता सौखिया एवं खसरा क्रमांक- 356 में भू-स्वामी हल्की वेबा जुगरुआ कुम्हार, जागेश्ववर और शिवनंदन पर 200-200 घनमीटर रेत का अवैध खनन करने का प्रकरण दर्ज किया है। इन तीनों प्रकरणों में सम्बंधितों पर लगभग 6,25,000/- रुपए प्रशमन शुल्क और 12,50,000/- का अर्थदण्ड आरोपित किया गया है। उल्लेखनीय है कि रेत के अवैध उत्खनन के इन मामलों की जांच खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे और अजयगढ़ के राजस्व अमले द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि इन किसानों ने रेत खनन के लिए रसमीत मल्होत्रा से अनुबंध किया है।

रेत की लूट पर क्यों नहीं लग पा रहा अंकुश ?

रामनई गाँव में केन नदी किनारे रेत के टीलों की खुदाई से नदी का कछार पहले ही नष्ट हो चुका है अब नदी का जलस्तर बढ़ने पर भू-कटाव होने तथा गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
अजयगढ़ विकसखण्ड के ग्राम जिगनी और रामनई में निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत के अवैध उत्खनन के मामले में ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा एवं कई किसानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज होने और करोड़ों रूपये के जुर्माना प्रस्तावित करने के बाद भी आखिर अवैध उत्खनन अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है यह सवाल लगातार उठ रहा है ? शोचनीय बात तो यह है जिन स्थानों पर अवैध खनन के प्रकरण बनाए गए वहां आज भी रेत का अवैध खनन खुलेआम जारी है। इन दो गांवों से आगे बढ़कर रसमीत के द्वारा बीरा, भानपुर, चंदौरा और फरस्वाहा में भी कई स्थानों पर रेती की खेती खुलेआम कराई जा रही है। गुनौर निवासी समाजसेवी देशपाल पटेल का मानना है कि इसकी मुख्य वजह रेत की बेइंतहा लूट से होने वाले लाभ में हिस्सेदारी है। जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारी इस पर प्रभावी अंकुश लगाने से जानबूझकर बच रहे हैं। यही वजह है कि अब तक न तो सख्ती के साथ रेत की अवैध खदानों को बंद कराया गया और ना ही खनन में जुटीं दो दर्जन से अधिक पोकलेन और जेसीबी मशीनों को जब्त कर पुलिस थाना में रखवाकर उन्हें राजसात करने सरीकी ठोस कार्रवाई की गई।
उल्टा रेत ठेकेदार की कारगुजारियों की जानकारी होने के बाद भी जिले के खनिज विभाग के अधिकारी उसके प्रति उसके नरम रूख अपनाए हुए हैं। खनिज विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि जून माह में विभाग के अधिकारियों द्वारा जिगनी में अवैध खनन करते हुए बमुश्किल एक पोकलेन मशीन पकड़ी गई लेकिन उसे अजयगढ़ लाकर थाना में या समीपी चंदौरा चौकी में रखवाने के बजाए मौके पर ठेकेदार के ही कर्मचारियों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। फलस्वरूप आज भी उक्त मशीन अवैध खनन में जुटी है। कमाल की इस कार्रवाई के दिखावे को इस तरह समझ सकते है कि, खनिज विभाग ने एक मशीन को पकड़कर अपनी कार्रवाई की खानापूर्ति भी पूरी कर ली और इससे रेत ठेकेदार का अवैध खनन भी बाधित नहीं हुआ।
प्रतिदिन 200 से 250 ट्रक रेत का परिवहन
बीरा की अवैध खदान से निकाली गई रेत की हाइवा में लोडिंग करते हुए पोकलेन मशीन।
पन्ना निवासी युवा समाजसेवी एवं एक्टिविस्ट रामबिहारी गोस्वामी अजयगढ़ क्षेत्र सहित समूचे जिले में व्याप्त अराजकता को लेकर काफी नाराज और दुखी हैं। इनका सवाल है कि कुछ माह पहले अजयगढ़ की खदानों में उतरकर सिंघम स्टाइल में छापामार कार्रवाई करते हुए मशीनें और ट्रक-डम्फर पकड़ने वाले अफसर अब कहाँ हैं ? रेत माफिया की लूट पर ये आंख-कान और मुंह बंद करके क्यों बैठे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि रेत के मुद्दे पर आमजन के बढ़ते विरोध को देखते हुए खानपूर्ति की मंशा से प्रकरण तो दर्ज कर दिए गए लेकिन इनके अर्थदण्ड की वसूली कानूनी दावपेंच के चलते जल्द सम्भव होने वाली नहीं है। जानकार बताते हैं कि इस तरह के प्रकरण न्यायालयों में कई सालों तक चलते रहते हैं। रेत ठेकेदार और प्रशासन में बैठे लोग इस बात को भलीभांति जानते हैं। दरअसल, इस तरह की कार्रवाईयां अक्सर कानूनी पेचीदगियों से अनभिज्ञ आम आदमी को बताने और कागजी खानापूर्ति करने के लिए की जातीं है।
मजेदार बात तो यह कि अजयगढ़ में बैठे पुलिस के मैदानी अमले को भी रेत की अवैध खदानें, उनमें पिछले डेढ़ माह से रात-दिन खनन कर रहीं मशीनें और अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत का परिवहन करने वाले ट्रक-डम्फर नजर नहीं आ रहे हैं। इसलिये पुलिस विभाग के कर्मठ अफसर पिछले कुछ दिनों से एक-दो ट्रेक्टर-ट्राली पकड़ने में अथक परिश्रम कर रहे हैं। जबकि बीरा, भानपुर, फरस्वाहा की अवैध रेत खदानों से एमपी के लिए और सीमावर्ती ग्राम जिगनी, चंदौरा, रामनई की खदानों से यूपी के लिए प्रतिदिन औसतन 200-250 ट्रक रेत का परिवहन होने की चर्चाएं हैं। पन्ना में बड़े पैमाने पर जारी रेत की लूट का इससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
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बेखौफ बदमशों का आतंक : गार्ड के सीने पर कट्टा तानकर एटीएम को विस्फोटक से उड़ाया और लूट ले गए लाखों रुपए

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सिमरिया के मुख्य बाजार में सड़क किनारे स्थित स्टेट बैंक के एटीएम का मलवा जिसे लुटेरों ने विस्फोटक से उड़ाया। (फाइल फोटो)

* पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा की में सामने आई लूट की सनसनखेज वारदात

* पुलिस के निकम्मेपन के कारण जिले में तेजी से बढ़ रहीं हैं लूटपाट की घटनाएं

* सिमरिया थाना के नजदीक एटीएम में विस्फोट होने के बाद भी सोती रही पुलिस

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बीती रात दो अज्ञात बदमाश बड़े ही दुस्साहसिक अंदाज में लाखों रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर मोटरसाइकिल से भाग निकले। जिले के सिमरिया क़स्बा के मुख्य बाजार में स्थित स्टेट बैंक के एटीएम में तैनात गार्ड के सीने पर कट्टा तानकर अज्ञात बदमाशों ने स्टेट बैंक के एटीएम को विस्फोटक से उड़ा दिया और फिर उसमें रखे लाखों रुपये समेटकर फरार हो गए। सिमरिया पुलिस थाना के नजदीक हुई लूट की इस अप्रत्याशित वारदात का आज सुबह जब लोगों को पता चला तो इलाके के लोग दहशत में आ गए। लूट की हैरान करने वाली इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस थाना से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर इतना तेज धमाका होने के बाद भी रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी सोते रहे। घटनास्थल के समीप ही पुलिस के डायल-100 वाहन का प्वाइंट निर्धारित है लेकिन वारदात के समय वह रात्रि गश्त पर गई थी। मौका पाकर अज्ञात शातिर बदमाश लूटपाट कर बाइक से भाग निकलने में सफल रहे।
बदमाशों का निशाना बने एटीएम के मलबे को देखते हुए स्थानीय लोग।
एटीएम लूट की घटना की जानकारी मिलने पर पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तुरंत सिमरिया पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। लूट की पूरी वारदात सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई है। एटीएम के गार्ड सुखेन्द्र चौधरी के द्वारा लुटेरों के कद-काठी के सम्बंध दी गई दी गई जानकारी और सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी है।
एटीएम को विस्फोट से उड़ाकर रुपये लूटने की घटना की पत्रकारों को जानकारी देते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टेट बैंक के एटीएम को विस्फोट से उड़ाकर रुपए लुटने की वारदात में प्रोफेशनल अपराधी शामिल हैं। उनके द्वारा पूरी वारदात महज 15 मिनिट के अंदर अंजाम दिया गया है। आपने बताया कि इसी तरह की घटनाएं पड़ोसी जिला दमोह, गैसाबाद और सतना के अमरपाटन में सामने आई हैं। आपने कहा कि इन सभी घटनाओं के पैटर्न को देखते हुए इसमें एक ही गैंग का हाथ होने की सम्भावना है। फिलहाल पुलिस की प्रारम्भिक जांच में यह साफ़ नहीं हो सका कि एटीएम में रखे कुल कितने रुपयों की लूट हुई है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व एटीएम में 22-23 लाख रुपये डाले गए थे। पुलिस की फोरेंसिक टीम को जांच के दौरान क्षतिग्रस्त एटीएम में कुछ रुपये मिले हैं। इस तरह एटीएम से आहरित राशि और मौके पर मिले रुपयों की गणना के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने “रडार न्यूज” से चर्चा में कहा कि यह घटना हमारे लिए बड़ी चुनौती जिसका हर हाल जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा।

एटीएम गार्ड ने समय पर नहीं दी सूचना

एटीएम में घटना के समय तैनात रहा गार्ड सुखेन्द्र चौधरी।
एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर रुपए लूटने के घटनाक्रम से हो रही चौतरफा बदनामी के चलते पुलिस महकमे में एटीएम में तैनात गार्ड सुखेन्द्र चौधरी की लापरवाही को लेकर नाराजगी व्याप्त है। पता चला है कि रविवार की रात करीब पौने 2 बजे जब दोनों बदमाश एटीमए में पहुंचे तो गार्ड गेट को वायर से बांधकर अंदर लेटा हुआ था। दोनों युवकों की अंदर आने को लेकर हड़बड़ाहट को देखते हुए गार्ड को उन पर संदेह हुआ लेकिन उसने पुलिस को कॉल नहीं किया। एटीएम के अंदर दाखिल होने के बाद एक बदमाश गार्ड सुखेन्द्र के सीने पर कट्टा तानकर उसे थोड़ा दूर ले गया। इस दौरान बदमाश ने गार्ड का मोबाइल फोन तोड़ दिया। जबकि इस बीच दूसरा बदमाश एटीएम को उड़ाने के लिए विस्फोटक लगाता रहा। एटीएम में विस्फोट कर रुपये लेकर बदमाशों के भागने के बाद गार्ड अगर चाहता तो अपने दूसरे मोबाइल से पुलिस को तुरंत कॉल कर मौके पर बुला सकता था। लेकिन वह भयभीत होने के कारण ऐसा नहीं कर सका या फिर लापरवाही के चलते उसने कॉल नहीं किया। वजह चाहे जो भी हो मगर पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि गार्ड यदि तुरंत सूचना देता तो लुटेरों को रंगे हाथ दबोंचा जा सकता था।

दो माह में दो लूट और बैंक में चोरी

बदमाशों की लूटपाट से क्षतिग्रस्त एटीएम में बचे हुए कुछ नोट।
गौरतलब है कि पन्ना जिले में दो माह से भी कम समय में लूट की दो सनसनीखेज घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें एक घटना सिमरिया थाना के ही अंतर्गत मोहन्द्रा-रैपुरा घाटी के नीचे उपयंत्री के साथ हुई थी। आधा दर्जन अज्ञात बदमाश उपयंत्री के साथ मारपीट कर उसके बीस हजार रुपये और मोबाइल फोन लूट ले गए थे। वहीं पन्ना में मॉर्निंग वॉक के दौरान एक महिला का मंगलसूत्र छीनकर एक युवक भाग निकला था। पुलिस ने इन दोनों वारदातों का तत्परता से खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन पिछले दिनों अमानगंज के सेन्ट्रल बैंक के अंदर से व्यापारी का नोटों से भरा बैग चुराने वाले शातिर अपराधी अब तक नहीं पकड़े गए। इस बीच सिमरिया में एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर लूटपाट करने की घटना का सामने आना इस बात संकेत है कि अपराधियों में पन्ना पुलिस का जरा भी खौफ नहीं हैं। साथ ही एक के बाद एक लगातार घटित हो रहीं इन चौंकाने वाली घटनाओं से थानों में तैनात पुलिस कर्मियों का निकम्मापन भी उजागर होता है। अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस की बेहद लचर कार्यप्रणाली के चलते जहां अपराधियों के हौसले बुलंद हैं वहीं वर्तमान में आमलोग अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर अत्यंत ही चिंतित और भयभीत नजर आ रहे हैं।
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कोरोना अपडेट : पन्ना जिले में 6 नए पॉजिटिव मरीज मिले, जिसमें 4 एक ही परिवार के सदस्य, कुल पॉजिटिव केस बढ़कर 67 हुए

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना के संक्रमित युवक की पत्नी, दो बच्चों और साली की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मरीजों की संख्या शून्य होने के बाद एक बार फिर नए पॉजिटव मरीज मिलने से एक्टिव केस की बढ़ने लगी है। आज जिले में कोरोना के छः नए मरीज मिले हैं। जिसमें चार व्यक्ति एक ही परिवार के सदस्य बताए गए हैं। ये सभी जिला मुख्यालय पन्ना के रहने वाले है। जबकि दो मरीज शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत मिले हैं। इस तरह जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 67 हो गई है। अब तक 58 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर हॉस्पिटल से अपने घर जा चुके हैं। यानी जिले में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या महज 9 है। और ये सभी जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन में भर्ती हैं।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 17 जुलाई को पन्ना में कुमकुम टॉकीज के पीछे बेनीसागर मोहल्ले में रहने वाले 28 वर्षीय युवक के सैम्पल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कुछ समय पूर्व उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से लौटे इस युवक के संक्रमित पाए जाने पर इसके प्रथम सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों के रूप में परिवार के सदस्यों एवं पन्ना के ही रानीगंज मोहल्ले में स्थित इसके ससुराल पक्ष के लोगों के सैम्पल जांच हेतु लिए गए थे। और शुक्रवार को ही शहर के इन दोनों इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए सील कर दिया गया था।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 18 जुलाई की शाम को 210 सैम्पल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें आज 6 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव और शेष सभी निगेटिव आई है। शुक्रवार को कोरोना जांच में संक्रमित पाए गए पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी युवक की पत्नी, दो बेटों एवं साली की रिपोर्ट आज पॉजिटिव आने की खबर से हड़कम्प मच गया। जबकि युवक के ससुराल पक्ष के तीन रिश्तेदारों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। पन्ना जिला मुख्यालय में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ एक ही परिवार के चार व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह शहर के उक्त परिवार के कुल पांच सदस्य अब तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
सांकेतिक फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दो केस शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत मिले हैं। जिसमें कल्दा पठार के श्यामगिरी गांव में रहने वाले 35 वर्षीय युवक और ग्राम महगवां घाट निवासी 57 वर्षीय प्रौढ़ महिला जांच में कोरोना संक्रमित निकली है। कोरोना संक्रमित सभी नए मरीजों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड केयर वार्ड में भर्ती कराया गया है। आज छः नए मरीजों की पुष्टि के बाद जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 67 हो चुकी है। जिले में कोरोना की टेस्टिंग का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में पॉजिटिव केस की संख्या में इजाफा होने की सम्भावना जताई जा रही है।
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कोरोना संकट : अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष निगरानी के निर्देश

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सांकेतिक फोटो।

* गृह विभाग ने कलेक्टर्स को दिये निर्देश

भोपाल।(www.radarnews.in) गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत अंतर्राज्यीय सीमा पर विशेष निगरानी रखी जाये और प्रदेश में आने वालों की ट्रेसिंग सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कोरोना समीक्षा बैठक में उक्त आशय के निर्देश दिये हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने निर्देश में कहा है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित जिलों के लिये यह जरूरी है कि वह पड़ौसी राज्य के जिलों में संक्रमण की स्थिति का निरंतर अनुश्रवण करें। जहाँ जरूरी हो वहाँ अंतर्राज्यीय सीमा पर लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के उपाय किये जायें। उन्होंने बताया कि अनेक जिलों में यह व्यवस्था की गई है कि पड़ौसी राज्यों के संक्रमित प्रभावित जिलों से आने वाले लोग जिले के कंट्रोल-रूम में अपने आगमन की सूचना देते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी यथोचित जाँच हो पाती है। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाया जाये।
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अवैध उत्खनन एवं परिवहन को सख्ती से रोका जाये – मंत्री बृजेन्द्र प्रताप

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कार्यभार ग्रहण करने के बाद खनिज साधन विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।

* विभागीय समीक्षा बैठक मे खनिज मंत्री ने दिये निर्देश

भोपाल। (www.radarnews.in) खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन को सख्ती से नियंत्रित किया जाये। साथ ही राजस्व वसूली में सुधार की गुंजाईशे तलाशें, जिससे शासन की राजस्व आय में बढ़ोत्तरी हो सकें। उन्होंने निर्देश दिये की सभी रेत खदानों के जो भंडारण मंजूर हैं उनके भंडारण का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए की रेत खदान में मंजूरी अनुसार भंडारण हो रहा है या नहीं। खनिज मंत्री बुधवार को विभागीय समीक्षा कर रहे थे।
नदियों के किनारे पौधरोपण किया जाए
खनिज मंत्री श्री सिंह ने विभागीय संरचना के संबंध में निर्देश दिये कि विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिये रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाये। उन्होंने कहा कि पन्ना खदान कार्यालय को स्ट्रांग बनाये, जिससे खदान की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो सके। खनिज मंत्री ने बताया कि वृक्षारोपण करने का यह उचित समय है, अत: नदियों के किनारे वृक्षारोपण किया जाये, जिससे नदी के कटाव को रोका जा सके। उन्होंने विभागीय कार्यों को सुव्यवस्थित रूप से करने के लिये भोपाल में खनिज काम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। खनिज मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग अंतर्गत शिथिल खदानों को निरस्त कर नये सिरे से नीलामी की जाये।

10 घनमीटर तक रेत रायल्टी फ्री

सचिव, खनिज साधन एवं प्रबंध संचालक सुखवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में खनिज खदानों की संख्या 7285 है। जिसमें से 4271 खदानों मे कार्य प्रारंभ है। शेष 3014 खदानें शिथिल स्थिति में है। प्रदेश की 1432 रेत की खदानें है, जिनका 125 रूपये प्रति घनमीटर से आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। जिलेवार समूह बनाकर ऑनलाइन निविदायें आमंत्रित की जाती हैं जिसमें एक जिले में एक ठेकेदार को ही रेत खनन का अधिकार दिया गया है, जो तीन वर्ष के लिए अनुबंधित होता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति, बी.पी.एल परिवार को स्वयं के उपयोग के लिए 10 घनमीटर रेत की उपलब्धता को रायल्टी मुक्त रखा गया है और स्थानीय श्रमिकों का नियोजन अनिवार्य किया गया है। जिससे रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हो सकेगें। बैठक में सचिव नरेन्द्र परमार, संचालक विनीत कुमार आस्टीन, उप सचिव सरिता बाला, उप सचिव नागवंशी, ई.डी. खनिज निगम दिलीप कुमार एवं सीजीएम खनिज निगम अतुल शर्मा उपस्थित थे।
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खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया

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खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया।
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मंत्रालय में गुरूवार को धार्मिक विधि-विधान से कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव खनिज साधन एवं प्रबंध संचालक सुखवीर सिंह, अधिकारीगण एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री सिंह को सभी लोगों ने बधाई एवं शुभकामनायें दी।
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बीजेपी के जबेरा विधायक के बिगड़े बोल से मचा बवाल, विरोध में उतरे रेंजर और वनकर्मियों ने की प्रकरण दर्ज करने की मांग

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जबेरा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी।

* सर्रा रेन्जर को धमकाने एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला

* रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के दमोह जिले की जबेरा सीट से भाजपा के विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के द्वारा वनमण्डल नौरादेही सागर के परिक्षेत्र सर्रा के वन परिक्षेत्र अधिकारी तिलक सिंह रायपुरिया को मोबाइल फोन पर धमकाने और शिकार के मामले में गिरफ्तार अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए दबाव बनाने का ऑडियो वायरल होने के बाद इस प्रकरण ने काफी तूल पकड़ लिया है। सत्ता और पद के नशे में चूर जबेरा विधायक की इस आपत्तिजनक हरकत के खिलाफ प्रदेश भर के रेंजर और वनकर्मी लामबंद हो चुके हैं। फलस्वरूप विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में आज पन्ना में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कर्तव्यनिष्ठ वन परिक्षेत्र अधिकारी सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने की मांग की है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक को अपनी मांग के सम्बंध ज्ञापन देते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष।
बुधवार को पन्ना में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नबी अहमद के नेतृत्व पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को मुख्यमंत्री और वनमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख है कि दिनांक 10 जुलाई 2020 को प्रातः 10:29 बजे वन परिक्षेत्र अधिकारी सर्रा को मोबाइल नम्बर 7000299476 से जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के द्वारा कॉल किया गया। विधायक ने शिकार के प्रकरण में गिरफ्तार अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को छोड़ने की बात कही। रेंजर सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया ने जब वन अपराध में गिरफ्तार आरोपी को छोड़ने से इंकार किया तो विधायक जी भड़क उठे। उनके द्वारा रेंजर के साथ गाली-गलौंज करते हुए देख लेने एवं हजार लोगों के साथ घेराव करने की धमकी दी गई। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन का कहना है कि इस घटनाक्रम के बाद परिक्षेत्र स्तर पर पदस्थ मैदानी अमले में भय का माहौल व्याप्त है।

स्थानांतरण की सिफारिश पर न हो अमल

पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद बाहर आते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष।
फोन पर रेंजर को धमकाने से जब बात नहीं बनीं तो भाजपा के जबेरा विधायक ने सर्रा रेंजर का तबादला करने मुख्य वन संरक्षक वृत्त सागर को एक पत्र लिख दिया। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन पन्ना का कहना है कि यदि इस प्र्रकरण में रेंजर सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया का तत्काल स्थानांतरण किया गया तो इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में बढ़ोत्त्तरी होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिसका व्यापक दुष्प्रभाव मैदानी वन अमले के मनोबल पर पड़ेगा। इन परिस्थितियों में मैदानी वन कर्मचारी भयमुक्त होकर निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पायेंगे।

हस्तक्षेप करना और धमकाना गलत है

ज्ञापन सौंपने के बाद पन्ना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन सम्भागीय अध्यक्ष आर. एस. पटेल एवं जिलाध्यक्ष नवी अहमद।
रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि, वनकर्मी जंगल के बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितयों में लम्बे समय तक परिवार से दूर रहकर वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा करते हैं। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण तथा वन्यप्राणी सम्बंधी अपराधों की रोकथाम के कार्य में वन विभाग का मैदानी अमला न्यूनतम सुविधा एवं साधन के साथ दूरस्थ वनक्षेत्रों में मौसम की परवाह किये बगैर निरंतर जुटा रहता है। निष्ठापूर्वक कर्तव्य का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन कर उनका मनोबल बढ़ाने के बजाए स्थानीय स्तर पर कतिपय जनप्रतिनिधियों द्वारा शासकीय कर्मचारी को उसके नियमानुसार किये गए कार्य में दखल देते हुए नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दवाब डालना या धमकी देने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। यह अनुचित और आपत्तिजनक है। इससे शासकीय कर्मचारी का मनोबल गिरता है और गैरकानूनी कृत्य करने वालों को बढ़ावा मिलता है। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन का मानना है कि कानून का पालन सुनिश्चित कराने से रोकने वालों के विरुद्ध यदि कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो इससे अराजकता फ़ैल सकती है।

विधायक के खिलाफ हो कार्रवाई

ज्ञापन सौंपने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत।
सर्रा रेंजर को धमकाने एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं वन कर्मचारी संघ पन्ना ने ज्ञापन के माध्यम से संयुक्त रूप से जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले में नियमानुसार न्याय प्रक्रिया पूर्ण कार्रवाई कराना सुनश्चित किया जाए। जिससे परिक्षेत्र स्तर पर तैनात वन विभाग का मैदानी अमला स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भय मुक्त होकर नियमानुसार अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर सके। ज्ञापन सौंपने वालों मुख्य रूप से रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन सम्भागीय अध्यक्ष आर. एस. पटेल, जिलाध्यक्ष नवी अहमद, आर. एस.नर्गेश, गौरव नामदेव, कैलाश बमनिया, आनंद शिवहरे, एम. के. मानिकपुरी, अजय बाजपेई शामिल रहे। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन की मांग का पन्ना के वन कर्मचारी संघ ने समर्थन किया है। वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महीप कुमार रावत भी ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल हैं।
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किल कोरोना अभियान : पिछले 10 दिनों में रेड जोन से आने वाले व्यक्तियों का होगा कोरोना टेस्ट

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सांकेतिक फोटो।

* 11 लाख लोगों के सर्वे में 20 हजार से अधिक सर्दी-जुखाम-बुखार से पीड़ित मिले

* रोको-टोको अभियान को कड़ाई के साथ चलाया जाए-  कलेक्टर

शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) किल कोरोना अभियान के दौरान किए सर्वे में छूटे हुए व्यक्तियों के सर्वे के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाए। इस सर्वे में उन लोगों पर विशेष ध्यान रखा जाए जो पिछले 10 दिनों में देश या प्रदेश के रेड जोन वाले क्षेत्रों से जिले में आए हैं। ऐसे लोगों के अधिक से अधिक सैम्पल लेकर कोरोना की जांच कराई जाए। यह निर्देश पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने किल कोरोना अभियान के दौरान अब तक की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुए दिए हैं। समीक्षा के बैठक दौरान उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान कितने सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीज चिन्हित कर सैम्पल लिए गए तथा फीवर क्लीनिक में आने वाले कितने मरीजों को चिन्हित कर सैम्पल लिए गए। इन दोनों तरह के चिन्हित व्यक्तियों की पृथक-पृथक जानकारी तैयार कर सार्थक एप में दर्ज कराने के निर्देश सीएमएचओ को दिए हैं। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में जिले में रोको टोको अभियान को कड़ाई से चलाने की बात भी कही है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि किल कोरोना अभियान के दौरान किए गए सर्वे में यदि कोई व्यक्ति छूट गया है तो ऐसे व्यक्तियों के लिए तीन दिवसीय सर्वे अभियान चलाया जाए। सर्वे अभियान में उन लोगों पर विशेष ध्यान रखा जाए जो पिछले 10 दिनों में देश या प्रदेश के रेडजोन वाले क्षेत्रों से आए हैं। उनके अधिक से अधिक सैम्पल लेकर जांच की जाए। इस संबंध में खण्ड चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में तीन दिवसीय अभियान चलाकर कोरोना संक्रमित होने के संदेहास्पद व्यक्तियों की पहचान कर सैम्पिलिंग का कार्य करें। इस सर्वे का उद्देश्य यह है कि सर्वे के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति सर्वे से छूट गया हो उसका भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके।
किल कोरोना अभियान की समीक्षा बैठक में शामिल स्वास्थ्य विभाग पन्ना के अधिकारीगण।
समीक्षा बैठक में किल कोरोना अभियान सर्वे के संबंध में बताया गया कि 14 जुलाई 2020 तक जिले में 10 लाख 82 हजार 963 व्यक्तियों का सर्वे किया जा चुका है। इसमें 20 हजार 530 व्यक्तियों में सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण पाए गए। सर्वेक्षित व्यक्तियों में 26 लोगों का डेंगू एवं मलेरिया परीक्षण किया गया।

5 से अधिक लोग न हों एकत्र

कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले रोको-टोको अभियान के संबंध में निर्देश दिए कि नगरपालिका, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त रूप से इस अभियान को चलाएं। घर से बाहर बगैर चेहरा ढके निकलने वाले एवं सोशल डिस्टेंसिंग न रखने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज किए जाएं। आगामी आने वाले समय में लगातार त्यौहार होंगे। त्यौहारों के दौरान भी कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। एक स्थान पर 5 से अधिक व्यक्ति एकत्र न हों। सम्पन्न हुई बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, अस्पताल अधीक्षक सह सिविल सर्जन डाॅ. व्ही.एस. उपाध्याय के साथ संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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रेत ठेकेदार के सामने नतमस्तक हुआ प्रशासन ! चार गांवों में निजी और शासकीय भूमि पर धड़ल्ले से संचालित हैं अवैध रेत खदानें

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सीमावर्ती दूरस्थ गांव रामनई में संचालित रेत की अवैध खदान में रेत के टीलों को खोखला करती हुई जेसीबी मशीन।

* दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनों से रात-दिन जारी है रेत का खनन

* मानसून सीजन में रेत खनन पर प्रतिबंध बेअसर और मशीनों की धरपकड़ नहीं

* खेतों और शासकीय भूमि पर एक भी खदान स्वीकृत नहीं फिर भी निकाल रहे रेत

* पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के सीमावर्ती गांवों में एक माह से जारी है रेत की लूट

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल अंतर्गत आने वाला अति पिछड़ा पन्ना जिला लम्बे समय से बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। यहां सक्रिय माफिया, जनप्रतिनिधि-नेताओं और प्रशासनिक अफसरों का अघोषित गठबंधन एक सूत्रीय एजेण्डे के तहत पन्ना को खनन से खोखला कर नोट छापने में जुटा हैं। इनकी सांठगांठ के चलते बड़े पैमाने पर बेरोकटोक जारी खनिज सम्पदा का अनियंत्रित दोहन इस जिले के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों, मानव जीवन और शांति के लिए खतरा साबित हो रहा। खनन के इस खेल में तमाम नियम कानून बेमानी बन चुके हैं और इसके विरोध में उठने वालीं आवाजें नक्कारख़ाने की तूती बनकर रह गईं हैं। इसका ताज़ा और सबसे बड़ा उदाहरण पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत अंतर्राज्जीय सीमा से सटे चार गांवों जिगनी, चंदौरा, रामनई, बीरा में निजी एवं शासकीय भूमि पर पिछले एक माह से जारी रेत का अवैध उत्खनन है।
केन नदी किनारे स्थित जिगनी गांव में निजी भूमि पर संचालित रेत खदान में ताबड़तोड़ अंदाज में खनन करती हुई पोकलैण्ड मशीनें।
इन चार गांवों में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा तमाम नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए पूर्णतः अवैध तरीके से निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत की खदानें खुलेआम संचालित की जा रहीं हैं। केन नदी किनारे स्थित इन गांवों में दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनें रात-दिन ताबड़तोड़ तरीके खनन कर अब तक हजारों घनमीटर रेत निकाल चुकीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो रोजाना 100-120 ट्रक रेत उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को बेंची जा रही है। इन सीमावर्ती गांवों में निजी या शासकीय भूमि पर एक भी खदान स्वीकृत न होने के बावजूद पन्ना का प्रशासन बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट की महीने भर से अनदेखी कर ठेकेदार रसमीत के लिए रेती की खेती को लाभ का धंधा बनाने और इसमें अपने हित साधने का काम बखूबी कर रहा है।
जिगनी गांव में बड़े पैमाने पर जारी अवैध उत्खनन को बयां करती यह तस्वीर। केन नदी किनारे स्थित खेतों को यहां रेत के लिए इस तरह खदान में तब्दील किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले की 27 रेत खदानों के समूह का ठेका लेने वाले होशंगाबाद जिले के ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा ने अजयगढ़ विकासखण्ड की गिनती की पांच खदानों के लिए एक माह पूर्व अनुबंध निष्पादित किया था। रेत की खदानों के लिए उच्चतम बोली न लगाने के बावजूद रसमीत पिछली कमलनाथ सरकार सरकार की कृपा से ठेका हांसिल करने में सफल रहा। और शिवराज सरकार के पुनः सत्तासीन होते ही रसमीत मल्होत्रा को खनन की अनुमति के रूप में लूट की अघोषित छूट मिली हुई है। रेत खदानों के अनुबंध निष्पादन की आड़ में अवसर का अनुचित लाभ उठाते हुए जमकर मनमानी की जा रही है।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
बताते चलें कि ठेकेदार ने जिन खदानों में खनन का अनुबंध निष्पादन किया है उनमें जिगनी और रामनई खदान में पिछले कई माह से रेत ही नहीं है। पन्ना जिले के प्रशासनिक और खनिज अधिकारियों को इसकी जानकारी है। लेकिन इसके बाद भी इन खदानों के लिए अनुबंध हो गया। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने रेत के लिए इन गांवों में केन नदी किनारे स्थित निजी और शासकीय भूमि (गोचर भूमि) पर अवैध तरीके से आधा दर्जन से अधिक खदानें खोद डालीं। केन नदी के कछार क्षेत्र में चम्बल के बीहड़नुमा संरचना वाले रेत के टीलों के अनियंत्रित खनन से अतिवृष्टि की स्थिति में जिगनी, चंदौरा, रामनई और बीरा गांव में नदी के पानी का भराव होने से बाढ़ और भू-कटाव जैसे मुश्किल हालत बन सकते हैं।
पन्ना जिले के खनिज अधिकारी आर. के. पाण्डेय।
रामनई निवासी शिवदास लोधी और जिगनी गांव के कल्लू यादव का कहना उनके गांवों में रेत खनन के नाम पर शासन-प्रशासन के संरक्षण में जारी विनाशलीला से बहुसंख्यक लोग दुखी और आक्रोशित हैं। लेकिन ग्रामीणों के संभावित विरोध को दबाने के लिए चालाक ठेकेदार ने इन गांवों के प्रभावशाली लोगों को अवैध खनन में शामिल कर लिया है। शिवदास और कल्लू यादव की मानें तो रेत ठकेदार के द्वारा इन गांवों को अंग्रेजों और ईस्ट इण्डिया कम्पनी की तर्ज पर लूट जा रहा है। वे कहते हैं कि इस मामले में सबसे निराशाजनक भूमिका पन्ना जिला प्रशासन और खनिज विभाग की है। निजी और शासकीय गोचर भूमि में बगैर किसी लीज स्वीकृति के आधा दर्जन से अधिक रेत खदानें एक माह से खुलेआम संचालित हैं लेकिन इन अवैध खदानों को सख्ती से बंद कराकर प्रकरण पंजीबद्ध करने और खनन कार्य में लगीं दो दर्जन से अधिक मशीनों को जब्त करने का नैतिक साहस अजयगढ़ व पन्ना के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अब तक नहीं दिखाया है। परिणामस्वरूप मानसून के सीजन में रेत का अवैध खनन क्षेत्र में नए रिकार्ड कायम कर रहा है।
जिगनी गांव में कई स्थानों पर निजी भूमि में रेत खदान धड़ल्ले से संचालित है, ऐसी ही एक अवैध खदान से रेत निकालती पोकलैण्ड मशीन।
बरौली निवासी जैनुद्दीन का कहना है उनके और रामनई गांव के लोगों ने रामनई में शासकीय गोचर भूमि से बड़े पैमाने पर ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा रेत का अवैध खनन करने की लिखित शिकायत पन्ना कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दिनांक 26 जून 2020 को की गई थी। लेकिन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई यह हमें आज तक नहीं बताया गया। शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का दावा कर अपनी पीठ थपथपाने वाले पन्ना जिला प्रशासन पर ग्रामीणों के यह आरोप वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली कार्यशैली के स्याह पक्ष को उजागर करते हैं। अवैध उत्खनन के इतने गंभीर मामले में शिकायतकर्ताओं को आवश्यक जानकारी न देने से प्रशासन की कार्रवाई की लेकर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जांच करने वाले अफसरों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, शिकायत के पूर्व तक जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर शासकीय गोचर भूमि में रेत खनन की लम्बे समय तक अनदेखी करते रहे हैं। उधर, शिकायत बाद रामनई में रेत का खनन अब निजी भूमि में भी शुरू हो चुका है।
चंदौरा गांव में निजी पर रेत की खदान संचालित करने के लिए ऊपरी मिट्टी हटाई गई ताकि रेत का खनन संभव हो सके।
जैनुद्दीन का आरोप है कि रामनई की शासकीय गोचर भूमि में स्थित रेत के टीलों का अंधाधुंध खनन होने से इलाके के दुधारू पशुओं को बारिश के बाद भोजन के गंभीर संकट से जूझना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रेत के टीलों के ऊपर जमा मिटटी निकाली जा चुकी है। इसके अलावा दूसरी बड़ी क्षति रामनई में प्रवाहित प्राकृतिक झरनों के स्रोत को क्षति पहुँचने के रूप में सामने आई है। गांव की बड़ी आबादी गर्मी के मौसम में इनके पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करती है और साल भर लोग इसके पानी से निस्तार करते हैं। जैनुद्दीन बताते हैं कि मनमाने रेत खनन ने इस झरने को लगभग तबाह कर दिया है। केन नदी का कछार भी तहस-नहस हो चुका है। रेत के टीलों की खुदाई से केन नदी का जल स्तर बढ़ने पर नदी के बहाव में बदलाव होने और रामनई गांव में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। मालूम हो कि रेत ठेके की अनुबंध शर्तों, मशीनों से खनन की अनुमति और रेत के अवैध उत्खनन के मामले में ठेकेदार के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला खनिज अधिकारी पन्ना आर. के. पाण्डेय से पिछले दिनों कई बार सम्पर्क किया गया लेकिन वे जानकारी देने से बचने के लिए लगातार बहानेबाजी कर रहे हैं। उधर, ग्रामीणों के आरोपों के संबंध में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

इसलिए बने अंधेरगर्दी के हालात

सांकेतिक फोटो।
पन्ना के युवा समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी का आरोप है कि पन्ना जिले में खनिज सम्पदा की बेतहाशा लूट का मुख्य कारण इसमें दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी और कोंग्रेस के नेताओं-जनप्रतिनिधियों या फिर उनके परिजनों की संलिप्तता होना है। दोनों ही पार्टियों में कई ऐसे नेता हैं जिनकी आय का स्रोत खनिज से जुड़ा व्यवसाय है। फिर चाहे वह पत्थर खदान की लीज हो या स्टोन क्रेसर, रेत भंडारण की अनुमति अथवा रेत के अवैध खनन-परिवहन का कारोबार हो। प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से ही खनिज सम्पदा की लूट का पूरा खेल चलता है। इसलिए जिले के तथाकथित ओहदेदार नेता आमतौर पर खनिज विभाग की अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर बोलने या फिर इस खनिज सम्पदा की लूट-खसोट का विरोध करने से बचते हैं। यह ख़ामोशी तब तक बरकरार रहती है जब तक कि उनके स्वार्थ पूरे होते रहते हैं। कभी अगर विरोध करना भी पड़े तो ये काफी सयंम बरतते हैं। वर्ष 2018 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पन्ना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके रामबिहारी गोस्वामी चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पन्ना में रेत के धंधे ने पिछले 6-7 सालों में कोंग्रेस और भाजपा नेताओं के कारोबारी रिश्तों को फेविकोल के जोड़ की तरह मजबूत बना दिया है, ये लोग मोसेरे भाइयों की तरह आपस में मिल-बांटकर काम कर रहे हैं।
पन्ना का नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन। (फाइल फोटो)
रामबिहारी बताते हैं कि बीते कुछ सालों में कतिपय पत्रकार भी खनन के खेल में कूद पड़े हैं। अजयगढ़ से लेकर पन्ना तक कुछ पत्रकार रेत के धंधे में शामिल हैं या फिर पत्थर खदान चलाते हैं। इसके अलावा कुछ पत्रकार दरबारी-सरकारी और गोदी मीडिया की भूमिका में रहते हुए कृतज्ञता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। कुल मिलाकर दूसरे जिलों की अपेक्षा पन्ना में विरोध की आवाजें काफी सीमित है और यहां के बहुसंख्य लोगों में जागरूकता का नितांत आभाव है। प्रशासनिक अधिकारी इस बात का पूरा फायदा उठाते हुए नेक्सस बनाकर जिले को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अलीबाबा चालीस चोर सरीके इस गिरोह में अफसर, नेता, पुलिस, माफिया और मीडिया सब शामिल हैं। इसलिए पन्ना में इतनी अंधेरगर्दी व्याप्त है। श्री गोस्वामी कहते हैं कि रेत के ठेकों के नाम पर सरकारों ने एक तरह से लूट के लाइसेंस बाँट रखे हैं। फलस्वरूप रेत के दाम आज आसमान छु रहे हैं। प्रदेश सरकार की गलत और जनविरोधी नीतियों के कारण आम आदमी के लिए अपना घर अब सपना बनकर रह गया है।
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मंत्री बनने के बाद बृजेन्द्र प्रताप का पन्ना आगमन आज, समर्थकों ने की स्वागत की भव्य तैयारी

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मंत्री, बृजेन्द्र प्रताप सिंह।

* सिमरिया के रास्ते गृह जिले में करेंगे प्रवेश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह बुधवार 8 जुलाई को भोपाल से प्रस्थान कर पन्ना आएंगे। उनका कार्यक्रम जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुका है। इस सम्बंध में दी गई जानकारी के अनुसार मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिमरिया के रास्ते पन्ना जिले में प्रवेश करेंगे। मंत्री बनने के बाद श्री सिंह के गृह जिले में प्रथम आगमन को लेकर उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में आपार उत्साह देखा जा रहा है। सिमरिया से लेकर पन्ना तक समर्थकों ने उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की हैं। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाये और फ्लैक्स लगाए गए हैं। कई जगह कलश दीपों से भी उनका परम्परागत तरीके से स्वागत किया जायेगा। मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सिमरिया से होते हुए पन्ना आगमन को लेकर उनके पुराने निर्वाचन क्षेत्र पवई विधानसभा के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में ख़ुशी की लहर व्याप्त है। बुधवार को मंत्री श्री सिंह के स्वागत के लिए पवई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सिमरिया क़स्बा में बड़ी संख्या में जुटने की सम्भावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई को दोपहर में 1:30 मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिमरिया पहुंचेंगे और फिर वे सिमरिया में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इनमें सिमरिया तिराहा, रेस्ट हाउस, श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर, पुरैना रोड, देवरा रोड, तिघरा मोड, चिखला मंदिर, निवारी गेट एवं रैकरा गेट में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अपरांह 2 बजे सिमरिया से प्रस्थान कर अपरांह 2:30 बजे अमानगंज आएंगे। यहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अपरांह 3 बजे अमानगंज से पन्ना के लिए प्रस्थान कर अपरांह 3:30 बजे पन्ना आएंगे। मंत्री श्री सिंह स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे रात्रि विश्राम पन्ना में ही करेंगे। गृहनगर और निर्वाचन क्षेत्र पन्ना में मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के स्वागत को लेकर यहां के लोगों के उत्साह का अंदाजा जगह-जगह लगे फ्लैक्स और स्वागत द्वार को देखकर ही लगाया जा सकता है। अपने विधायक को मंत्री बनाये जाने से पन्ना के लोग काफी खुश हैं। लोगों को यह उम्मीद है कि पन्ना के विकास को लेकर जो घोषणाएं पूर्व में की गईं थीं बृजेन्द्र प्रताप उन्हें प्राथमिकता से पूरा कराकर अति पिछड़े इस क्षेत्र और जिले के विकास को गति प्रदान करने का काम करेंगे।
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