* कोंग्रेस नेता ने बयान जारी कर बहुचर्चित विवाद पर अपना पक्ष रखा
* दर्ज एफआईआर के आरोपों की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कराने की मांग
* शिकायत करने से नाराज रेत ठेकेदार पर षड्यंत्र रचकर बदनाम करने का लगाया आरोप
पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) रेत से जुड़े कारोबार को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले पन्ना जिले के वरिष्ठ कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं। श्री पाण्डेय एवं उनके परिजनों के विरुद्ध जिले के रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारी जीतेन्द्र सिंह निवासी करनाल हरियाणा ने उसके साथ मारपीट करने, अपने वाहनों में मुफ़्त में रेत की लोडिंग का दवाब बनाने-धमकाने एवं हर हफ्ते डेढ़ लाख रुपये मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए अजयगढ़ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिस पर थाना पुलिस ने कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय एवं उनके परिजनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 376/20 के अंतर्गत धारा 147,148,149, 294, 323,327, 506, 336 भादवि के तहत प्रकरण कायम किया गया है।

पिछले कई दिनों से चर्चाओं में बने इस आपराधिक प्रकरण के सम्बंध भरत मिलन ने अपना पक्ष रखते यह दावा किया है कि मेरे खिलाफ पूर्णतः फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए अपने बयान में उन्होंने साफ़ किया है कि एफआईआर में कथित तौर पर मारपीट और हवाई फायरिंग की घटना का सीसीटीव्ही फुटेज होने की बात कही गई है। ऐसे सभी फुटेज-वीडियो में यह देखा जाना चाहिए कि उसमें मैं और मेरा भाई कहीं पर नजर भी आ रहे हैं ? घटना दिनांक व समय पर बहादुरगंज (घटनास्थल) में क्या मेरे मोबाइल की लोकेशन रही है ? इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई को सामने लाने की जरुरत ताकि बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।
पाण्डेय के अनुसार उनकी झूठी रिपोर्ट विद्वेष और रंजिश के चलते फंसाने तथा बदनाम करने के मकसद से की गई है। प्रेस में जारी अपने बयान में उन्होंने बताया कि रेत ठेकेदार के द्वारा रेत की चोरी करने की शिकायत मैनें अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर दिनांक 7 जुलाई को पन्ना कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से की थी। कथित तौर पर इसका बदला लेने के लिए मेरी और मेरे परिजनों की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एफआईआर की वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने घटना के विवरण में बताया है कि ट्रेक्टर के ड्राइवर द्वारा मुझे फ़ोन किया गया, मेरे फोन नम्बर की कॉल डिटेल की जांच कर ली जाए कि उस रात मेरे फ़ोन में किसके-किसके के कॉल आए थे। वहीं मेरे पास कोई ट्रेक्टर भी नहीं है।

शिकायतकर्ता जीतेन्द्र सिंह ने 1,50,000/-(डेढ़ लाख) रुपये का हप्ता वसूली की मांग करने की बात एफआईआर में लिखाई है, जिस पर कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय का कहना है कि अगर मैनें, मेरे भाई या फिर परिवार के अन्य किसी सदस्य द्वारा इस तरह की कोई मांग की गई है तो उसके ऑडियो-वीडियो को सामने लाया जाए। यदि साक्ष्य नहीं हैं तो इस तरह के अनर्गल-असत्य आरोप न लगाए जाएं। षड्यंत्र रचकर झूठी एफआईआर सिर्फ इसलिए दर्ज करवाई गई, ताकि क्षेत्र में मेरी छवि धूमिल हो और वे लोग रेत का अवैध व्यापार करते रहें। प्रेस में जारी बयान के जरिए अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष ने पन्ना पुलिस अधीक्षक से इस प्रकरण की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने एवं झूठे प्रकरण में खात्मा लगाने की मांग की है।
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उल्लेखनीय है कि पटेरा और गैसाबाद थाना क्षेत्र की घटनाओं के बाद से ही दमोह पुलिस अज्ञात बदमाशों की पतारसी और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बीच सिमरिया में एटीएम लूट की बड़ी घटना सामने आने के बाद पन्ना पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी और उनकी टीम ने सप्ताह भर तक रात-दिन कड़ी मेहनत करते हुए मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से आखिरकार लुटेरों का सुराग ही लिया। सभी संदेही आरोपी दमोह जिले के निवासी होने पर दमोह पुलिस को उनके सम्बंध में जानकारी दी गई। फलस्वरूप एटीएम ब्लास्ट कर लाखों रुपए लूटने-चोरी करने की सात वारदातों को अंजाम देने वाले मोस्ट वॉन्टेड गिरोह का पर्दाफाश और इसके सरगना समेत गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
एटीएम में विस्फोट कर रुपए लूटने वाले छह सदस्यीय गिरोह का सरगना देवेन्द्र उर्फ बलीराम पटेल 28 वर्ष निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात के संबंध में बताया गया है कि वह सिविल इंजीनियर डिग्री धारक है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के लिए देवेन्द्र पूर्व में यूपीएससी का एग्जाम भी दे चुका है। बड़ा अफसर बनने का सपना पूरा न होने पर यह उच्च शिक्षित युवा भटककर बीते कुछ सालों से अपराध की राह पर चलते हुए लुटेरों का सरदार बन गया। प्रेसवार्ता में बताया गया कि देवेन्द्र उर्फ बलीराम पटेल क्राइम से सम्बंधित टीव्ही सीरियल देखकर अपराध करने के नए-नए तरीके खोजता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 3 लाख 50 हजार रूपय के नकली नोट व नकली नोट छापने जप्त की है। जप्तशुदा मसरूका में 3 मोटर साईकिल, लुटे एवं चुराए गए 25,57,000 /- (पच्चीस लाख संतावन हजार असली नोट) रुपए, 2 देशी पिस्टल, 8 राउन्ड जिन्दा कारतूस, 2 नग मोबाईल, 5 डेटोनेटर, 7 जिलेटिन राड, 3 लाख 50 हजार रुपए (नकली नोट) रुपए, एक लेपटाप एवं एक कलर प्रिंटर शामिल है।
30-30 हजार के ईनामी बदमाश गिरोह की धरपकड़ में सराहनीय भूमिका निभाने वाले पन्ना एवं दमोह जिले के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों में प्रमुख रूप से शिव कुमार सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दमोह, रक्षपाल सिंह यादव एसडीओपी पवई जिला पन्ना, अभिषेक गौतम उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरिया, निरीक्षक अरविंद कुजुर थाना प्रभारी अजयगढ़ जिला पन्ना, निरीक्षक संधीर चौधरी, निरीक्षक राजेश बंजारे, उप निरीक्षक सत्येन्द्र राजपूत, अभिषेक चौबे थाना प्रभारी पटेरा, संदीप दीक्षित थाना प्रभारी गैसाबाद, अभिषेक गौतम, ऋषभ सिंह ठाकुर, सविता रजक, विकास चौहान, मनोज यादव थाना प्रभारी मगरोन जिला दमोह, सिद्धार्थ शर्मा थाना प्रभारी बृजपुर जिला पन्ना, उप निरीक्षक अभिषेक पांडे सिविल लाइन चौकी प्रभारी जिला पन्ना, उपनिरीक्षक सुधीर बेगी थाना प्रभारी धरमपुर जिला पन्ना, आरक्षक राकेश अठ्या, सौरभ टंडन, अजित दुबे, राजेश गौर, मनीष गंधर्व, आईमात, सर्वेन्द्र सिंह व साईबर सेल पन्ना से नीरज रैकवार, धर्मेन्द्र, आशीष व सैनिक राकेश दुबे शामिल हैं।






















इस संबंध में पंचायत सचिव छतैनी कृष्ण कुमार पाठक से बात करने पर उन्होंने बताया कि रात्रि में तालाब निर्माण कार्य जेसीबी से कराए जाने की सूचना मुझे भी मिली है। पंचायत सचिव से जब यह पूंछा गया कि मनरेगा के कार्य में जेसीबी मशीन प्रतिबंधित होने के बावजूद किसके निर्देश पर चलवाई गई। इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसमें मेरी और ग्राम रोजगार सहायक की इसमें कोई भूमिका नहीं है। कृष्ण कुमार ने अपनी सफाई में बताया कि उसके पास भैरहा पंचायत का अतिरिक्त प्रभार होने से काम की अधिकता है। और रविवार को मैं दिनभर वनाधिकार के दावों के निराकरण में व्यस्त रहा इसलिए रात्रि में छतैनी क्या हुआ उसे इस बात की जानकारी नहीं है। पंचायत सचिव ने छतैनी जाकर सच्चाई का पता लगाने की बात कही है। लेकिन जब उनसे यह पूंछा गया कि जेसीबी मशीन क्या सरपंच ने चलवाई है, तो कृष्ण कुमार ने इसका खंडन न कर सिर्फ इतना ही कहा इस संबंध में आप सरपंच से ही बात कर लें।
वहीं छतैनी सरपंच रामदास यादव ने मनरेगा के कार्य में मशीनरी के उपयोग से जुड़े आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना कि जिस स्थान पर तालाब निर्माण कार्य चल रहा वहाँ पूर्व में कुछ लोगों का अवैध कब्ज़ा था। शासकीय भूमि से बेदखल किए गए लोग दुर्भावनावश झूठी शिकायतें करके मुझे बदनाम और परेशान कर रहे हैं। जबकि स्थानीय ग्रामीण गोविन्द कुमार लोध, रामबहादुर और गुलाब लोध का दावा है इस प्रकरण की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा में फर्जीवाड़े की सच्चाई उजागर हो सकती है।


