* धरमपुर थाना पुलिस ने वारदात के 48 घण्टे अंदर आरोपी को किया गिरफ्तार
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सल्हाई में शराबखोरी के दौरान हुए विवाद में अपने साथी की हत्या करने के आरोपी उद्री लोध को पुलिस ने वारदात के 48 घण्टे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी को जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 22-23 जुलाई की दरम्यानी रात में सिल्हाई निवासी बाबू लोध पिता श्रीपाल और इसी गांव के उद्री लोध पिता केशव लोध 19 वर्ष ने कथित तौर पर पहले तो जमकर शराबखोरी की। फिर गुटखा खाने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। इस मामूली सी बात पर उद्री लोध इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने साथी बाबू लोध के ऊपर कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज घटना की सूचना मृतक के बड़े भाई राममिलन लोध के द्वारा धरमपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी उद्री लोध के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व्हीकेएस परिहार के द्वारा वारदात की गंभीरता को देखते हुए फरार हत्यारोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश के दिए गए। साथ ही अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी के निर्देशन में आरोपी धरपकड़ के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई। शनिवार 25 जुलाई को पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उद्री लोध को ग्राम सिल्हाई में मंदिर के समीप घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी की धरपकड़ में नवागत थाना प्रभारी धरमपुर सुधीर कुमार बैगी, खोरा चौकी प्रभारी एवं एएसआई बी. एल. पाण्डेय, एएसआई जे. आर. तिवारी, एएसआई रामफल शर्मा, आरक्षक रोहित शिवहरे, आरक्षक प्रमोद पाल का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने हत्यारोपी की तत्परता से धरपकड़ करने वाली टीम के सरहनीय कार्य के लिए नगद पुरुष्कार देने की घोषणा की है।
2


























इस संबंध में पंचायत सचिव छतैनी कृष्ण कुमार पाठक से बात करने पर उन्होंने बताया कि रात्रि में तालाब निर्माण कार्य जेसीबी से कराए जाने की सूचना मुझे भी मिली है। पंचायत सचिव से जब यह पूंछा गया कि मनरेगा के कार्य में जेसीबी मशीन प्रतिबंधित होने के बावजूद किसके निर्देश पर चलवाई गई। इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसमें मेरी और ग्राम रोजगार सहायक की इसमें कोई भूमिका नहीं है। कृष्ण कुमार ने अपनी सफाई में बताया कि उसके पास भैरहा पंचायत का अतिरिक्त प्रभार होने से काम की अधिकता है। और रविवार को मैं दिनभर वनाधिकार के दावों के निराकरण में व्यस्त रहा इसलिए रात्रि में छतैनी क्या हुआ उसे इस बात की जानकारी नहीं है। पंचायत सचिव ने छतैनी जाकर सच्चाई का पता लगाने की बात कही है। लेकिन जब उनसे यह पूंछा गया कि जेसीबी मशीन क्या सरपंच ने चलवाई है, तो कृष्ण कुमार ने इसका खंडन न कर सिर्फ इतना ही कहा इस संबंध में आप सरपंच से ही बात कर लें।
वहीं छतैनी सरपंच रामदास यादव ने मनरेगा के कार्य में मशीनरी के उपयोग से जुड़े आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना कि जिस स्थान पर तालाब निर्माण कार्य चल रहा वहाँ पूर्व में कुछ लोगों का अवैध कब्ज़ा था। शासकीय भूमि से बेदखल किए गए लोग दुर्भावनावश झूठी शिकायतें करके मुझे बदनाम और परेशान कर रहे हैं। जबकि स्थानीय ग्रामीण गोविन्द कुमार लोध, रामबहादुर और गुलाब लोध का दावा है इस प्रकरण की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा में फर्जीवाड़े की सच्चाई उजागर हो सकती है।









उल्टा रेत ठेकेदार की कारगुजारियों की जानकारी होने के बाद भी जिले के खनिज विभाग के अधिकारी उसके प्रति उसके नरम रूख अपनाए हुए हैं। खनिज विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि जून माह में विभाग के अधिकारियों द्वारा जिगनी में अवैध खनन करते हुए बमुश्किल एक पोकलेन मशीन पकड़ी गई लेकिन उसे अजयगढ़ लाकर थाना में या समीपी चंदौरा चौकी में रखवाने के बजाए मौके पर ठेकेदार के ही कर्मचारियों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। फलस्वरूप आज भी उक्त मशीन अवैध खनन में जुटी है। कमाल की इस कार्रवाई के दिखावे को इस तरह समझ सकते है कि, खनिज विभाग ने एक मशीन को पकड़कर अपनी कार्रवाई की खानापूर्ति भी पूरी कर ली और इससे रेत ठेकेदार का अवैध खनन भी बाधित नहीं हुआ।
मजेदार बात तो यह कि अजयगढ़ में बैठे पुलिस के मैदानी अमले को भी रेत की अवैध खदानें, उनमें पिछले डेढ़ माह से रात-दिन खनन कर रहीं मशीनें और अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत का परिवहन करने वाले ट्रक-डम्फर नजर नहीं आ रहे हैं। इसलिये पुलिस विभाग के कर्मठ अफसर पिछले कुछ दिनों से एक-दो ट्रेक्टर-ट्राली पकड़ने में अथक परिश्रम कर रहे हैं। जबकि बीरा, भानपुर, फरस्वाहा की अवैध रेत खदानों से एमपी के लिए और सीमावर्ती ग्राम जिगनी, चंदौरा, रामनई की खदानों से यूपी के लिए प्रतिदिन औसतन 200-250 ट्रक रेत का परिवहन होने की चर्चाएं हैं। पन्ना में बड़े पैमाने पर जारी रेत की लूट का इससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है।



इस बीच सिमरिया में एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर लूटपाट करने की घटना का सामने आना इस बात संकेत है कि अपराधियों में पन्ना पुलिस का जरा भी खौफ नहीं हैं। साथ ही एक के बाद एक लगातार घटित हो रहीं इन चौंकाने वाली घटनाओं से थानों में तैनात पुलिस कर्मियों का निकम्मापन भी उजागर होता है। अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस की बेहद लचर कार्यप्रणाली के चलते जहां अपराधियों के हौसले बुलंद हैं वहीं वर्तमान में आमलोग अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर अत्यंत ही चिंतित और भयभीत नजर आ रहे हैं।