Home Blog Page 132

बड़ी सफलता : एटीएम में ब्लास्ट कर रुपए लूटने वाले गिरोह का एसटीएफ ने किया पर्दाफाश, 6 शातिर ईनामी बदमाश गिरफ्तार, यूपीएससी का एग्ज़ाम दे चुका है गिरोह का सरगना

0
एटीएम लूटने वाले गिरोह के पर्दाफाश की दमोह में पत्रकारों को जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी।

* पकड़े गए बदमाशों से 25 लाख रुपये नकद और विस्फोटक सामग्री बरामद

* बड़ी तादाद में नकली नोट एवं नोट छपने की सामग्री, अवैध शस्त्र भी मिले

* एटीएम में रुपए डलते ही उसे विस्फोट से उड़ाकर लूट लेते थे रुपए

* गिरोह का सरगना क्राइम सीरियल देखकर खोजता था अपराध करने के तरीके

* रंग लाई पन्ना और दमोह पुलिस की संयुक्त मेहनत, सिमरिया समेत 7 वारदातों का हुआ खुलासा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के सागर जोन की एसटीएफ़ के लिए आज का दिन बड़ी सफलता लेकर आया। प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए चुनौती और सिरदर्द बने, एटीएम में ब्लास्ट करके रुपए लूटने वाले बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश करने में एसटीएफ को कामयाबी मिली है। सप्ताह भर की कड़ी मेहनत के फलस्वरूप इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए एसटीएफ ने उनके कब्जे से नकद 25 लाख (असली नोट) रुपये, 3 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, नकली नोट छापने की मशीनरी, अवैध हथियार, विस्फोटक सामग्री और वाहन जप्त किए हैं। पकड़े गए अपराधियों में देवेन्द्र पटेल पिता बलीराम पटेल 28 वर्ष, जागे उर्फ ​​जागेश्वर पिता गुड्डा उर्फ ​​संतोष पटेल 27 वर्ष, छोटू उर्फ ​​बिल्लश पिता सुदामा पटेल, जयराम पिता मुन्ना लाल पटेल 32 वर्ष, राकेश पिता गनेश पटेल 24 वर्ष, परम पिता सूरत लोधी 30 वर्ष सभी निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात के बताए जा रहे हैं।
पकड़े गए शातिर बदमाश गिरोह के सदस्य दमोह जिले की पुलिस टीम की अभिरक्षा में।
इन बदमाशों ने पूंछतांछ में पिछले दिनों पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा एवं पड़ोसी जिला दमोह के गैसाबाद तथा पटेरा थाना अंतर्गत स्टेट बैंक के एटीएम को विस्फोट से उड़ाकर रुपये लूटने की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। इसके आलावा कटनी और जबलपुर जिले से संबंधित एटीएम लूट-चोरी की कुल 7 वारदातों का इनसे खुलासा हुआ है। इस गिरोह की धरपकड़ में पन्ना और दमोह जिले की पुलिस की सराहनीय भूमिका रही। सागर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक अनिल शर्मा ने रविवार को दमोह के पुलिस कण्ट्रोल रूम में प्रेसवार्ता कर एटीएम ब्लास्ट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने का खुलासा करते हुए मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीआईजी छतरपुर रेन्ज विवेक राज, पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं पुलिस अधीक्षक दमोह हेमंत चौहान उपस्थित थे।
सिमरिया के मुख्य बाजार में सड़क किनारे स्थित स्टेट बैंक के एटीएम का मलवा जिसे लुटेरों ने विस्फोटक से उड़ाया। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा में 19 जुलाई की देर रात मुख्य मार्ग किनारे स्थित स्टेट बैंक के एटीएम में पहुंचे दो नकाबपोश बदमाश गार्ड के सीने पर कट्टा तानकर और एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर करीब 23 लाख रुपये लूट ले गए थे। पन्ना जिले में एटीएम लूट की यह अपनी तरह की पहली सनसनीखेज घटना थी। अगले दिन सुबह जब इस दुस्साहसिक वारदात का पता चला तो लोग दंग रह गए। परिणामस्वरूप लूट की घटना को लेकर पन्ना पुलिस की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना भी हुई और गंभीर सवाल भी ऊठे। लेकिन इससे विचलित हुए बगैर पन्ना के युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने इस वारदात को बड़ी चुनौती के रूप स्वीकार करते हुए बिना किसी देरी के अज्ञात बदमाशों का सुराग लगाने के लिए आवश्यक प्रयास शुरू किए।
अज्ञात बदमाशों की पतारसी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन द्वारा एसआईटी गठित करने संबंधी आदेश की कॉपी।
सिमरिया की तर्ज पर एटीएम लूट-चोरी की दो सनसनीखेज़ वारदातों को अज्ञात अपराधियों ने कुछ समय पूर्व पड़ोसी जिला दमोह में भी अंजाम दिया था। दमोह के पटेरा थाना क्षेत्र के ग्राम ग्राम देवदोगरा स्थित एसबीआई के एटीएम से 5 लाख 96 हजार रुपए चोरी हुए थे। थाना गैसाबाद के ग्राम हिनौताकला में दिनांक 17 मई 2020 की रात करीब 9 बजे भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में विस्फोट कर अज्ञात बदमाश 20 लाख 32 हजार 500 रुपये लेकर फरार हो गए थे। इन घटनाओं के पैटर्न की एकरूपता के मद्देनजर इनमें एक ही गिरोह का हाथ होने संभावना के चलते पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन द्वारा अज्ञात अपराधियों की पतारसी एवं गिरफ्तारी हेतु उप पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर रेंज विवेक राज के नेतृत्व में जोन स्तरीय विशेष एस.आई.टी. का गठन किया गया। जिसमें पन्ना जिले के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, दमोह जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह, दोनों जिलों के अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों समेत कुल 14 सदस्य बनाए गए।

पन्ना पुलिस के सुराग से पकड़े अपराधी

(फाइल फोटो)
एटीएम ब्लास्ट कर रुपए लूटने और चोरी करने वाले अज्ञात शातिर बदमाशों का सुराग लगाने से लेकर उन्हें गिरफ्तार करने और लूटे हुए रुपए आदि सामान बरामद करने के बेहद मुश्किल काम को पन्ना और दमोह जिले की पुलिस ने कड़ी मेहनत-लगन और टीम भावना से करते महज सप्ताह भर में वांछित गिरोह को दबोंचकर अपनी काबलियत को साबित किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इसमें अज्ञात बदमाशों का सुराग लगाने का सबसे अहम् और कठिन काम पन्ना पुलिस ने किया। यह भूसे के ढेर में सुई खोजने के सामान था। पन्ना पुलिस के द्वारा संदेही बदमाशों के संबंध दिए गए अहम सुराग के आधार पर ही दमोह और पन्ना के पुलिस के अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर शातिर बदमाशों को तत्परता से धर दबोंचा। दमोह पुलिस ने अपराधियों की धरपक़ड़ और उनसे रुपयों की जप्ती तथा अन्य सामग्री को बरामद करने में सराहनीय कार्य किया।

कई माह से तलाश में जुटी थी दमोह पुलिस

उल्लेखनीय है कि पटेरा और गैसाबाद थाना क्षेत्र की घटनाओं के बाद से ही दमोह पुलिस अज्ञात बदमाशों की पतारसी और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बीच सिमरिया में एटीएम लूट की बड़ी घटना सामने आने के बाद पन्ना पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी और उनकी टीम ने सप्ताह भर तक रात-दिन कड़ी मेहनत करते हुए मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से आखिरकार लुटेरों का सुराग ही लिया। सभी संदेही आरोपी दमोह जिले के निवासी होने पर दमोह पुलिस को उनके सम्बंध में जानकारी दी गई। फलस्वरूप एटीएम ब्लास्ट कर लाखों रुपए लूटने-चोरी करने की सात वारदातों को अंजाम देने वाले मोस्ट वॉन्टेड गिरोह का पर्दाफाश और इसके सरगना समेत गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।

पहले रेकी करते फिर लूटते थे एटीएम

बदमाशों का निशाना बने एटीएम के मलबे को देखते हुए स्थानीय लोग। (फाइल फोटो)
पुलिस महानिरीक्षक सागर अनिल शर्मा ने पकड़े गए बदमाशों के द्वारा वारदात करने के तरीके के संबंध जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी कैश वेन (रुपए वाली गाड़ी) की रेकी कर यह देखते थे कि वह किस एटीएम में कैश डालने जा रही है। जिस एटीएम में कैश डाले जाने की जानकारी मिलती या अनुमान होता उसमें गार्ड के आने के पूर्व कैश-ट्रे के पास जिलेटिन राड व डेटोनेटर लगा देते थे। बाद में मोटर साईकिल की बैटरी से उसमें विस्फोट कर एटीएम मशीन को चालू कर देते थे और उसका कैश (नकदी रुपए) लेकर फरार हो जाते थे। प्रत्येक वारदात के बाद सभी आरोपी आपस में बराबर- बराबर रुपया बांट लेते थे।

अफसर बनने का था सपना लेकिन बन गया लुटेरा

एटीएम में विस्फोट कर रुपए लूटने वाले छह सदस्यीय गिरोह का सरगना देवेन्द्र उर्फ ​​बलीराम पटेल 28 वर्ष निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात के संबंध में बताया गया है कि वह सिविल इंजीनियर डिग्री धारक है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के लिए देवेन्द्र पूर्व में यूपीएससी का एग्जाम भी दे चुका है। बड़ा अफसर बनने का सपना पूरा न होने पर यह उच्च शिक्षित युवा भटककर बीते कुछ सालों से अपराध की राह पर चलते हुए लुटेरों का सरदार बन गया। प्रेसवार्ता में बताया गया कि देवेन्द्र उर्फ ​​बलीराम पटेल क्राइम से सम्बंधित टीव्ही सीरियल देखकर अपराध करने के नए-नए तरीके खोजता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 3 लाख 50 हजार रूपय के नकली नोट व नकली नोट छापने जप्त की है। जप्तशुदा मसरूका में 3 मोटर साईकिल, लुटे एवं चुराए गए 25,57,000 /- (पच्चीस लाख संतावन हजार असली नोट) रुपए, 2 देशी पिस्टल, 8 राउन्ड जिन्दा कारतूस, 2 नग मोबाईल, 5 डेटोनेटर, 7 जिलेटिन राड, 3 लाख 50 हजार रुपए (नकली नोट) रुपए, एक लेपटाप एवं एक कलर प्रिंटर शामिल है।

इनकी रही सरहानीय भूमिका

30-30 हजार के ईनामी बदमाश गिरोह की धरपकड़ में सराहनीय भूमिका निभाने वाले पन्ना एवं दमोह जिले के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों में प्रमुख रूप से शिव कुमार सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दमोह, रक्षपाल सिंह यादव एसडीओपी पवई जिला पन्ना, अभिषेक गौतम उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरिया, निरीक्षक अरविंद कुजुर थाना प्रभारी अजयगढ़ जिला पन्ना, निरीक्षक संधीर चौधरी, निरीक्षक राजेश बंजारे, उप निरीक्षक सत्येन्द्र राजपूत, अभिषेक चौबे थाना प्रभारी पटेरा, संदीप दीक्षित थाना प्रभारी गैसाबाद, अभिषेक गौतम, ऋषभ सिंह ठाकुर, सविता रजक, विकास चौहान, मनोज यादव थाना प्रभारी मगरोन जिला दमोह, सिद्धार्थ शर्मा थाना प्रभारी बृजपुर जिला पन्ना, उप निरीक्षक अभिषेक पांडे सिविल लाइन चौकी प्रभारी जिला पन्ना, उपनिरीक्षक सुधीर बेगी थाना प्रभारी धरमपुर जिला पन्ना, आरक्षक राकेश अठ्या, सौरभ टंडन, अजित दुबे, राजेश गौर, मनीष गंधर्व, आईमात, सर्वेन्द्र सिंह व साईबर सेल पन्ना से नीरज रैकवार, धर्मेन्द्र, आशीष व सैनिक राकेश दुबे शामिल हैं।

शराबखोरी के विवाद में साथी की हत्या करने वाला आरोपी पहुंचा जेल

0
धरमपुर थाना पुलिस की अभिरक्षा में हत्यारोपी उद्री लोध। (फाइल फोटो)

* धरमपुर थाना पुलिस ने वारदात के 48 घण्टे अंदर आरोपी को किया गिरफ्तार

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सल्हाई में शराबखोरी के दौरान हुए विवाद में अपने साथी की हत्या करने के आरोपी उद्री लोध को पुलिस ने वारदात के 48 घण्टे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी को जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 22-23 जुलाई की दरम्यानी रात में सिल्हाई निवासी बाबू लोध पिता श्रीपाल और इसी गांव के उद्री लोध पिता केशव लोध 19 वर्ष ने कथित तौर पर पहले तो जमकर शराबखोरी की। फिर गुटखा खाने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। इस मामूली सी बात पर उद्री लोध इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने साथी बाबू लोध के ऊपर कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज घटना की सूचना मृतक के बड़े भाई राममिलन लोध के द्वारा धरमपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी उद्री लोध के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व्हीकेएस परिहार के द्वारा वारदात की गंभीरता को देखते हुए फरार हत्यारोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश के दिए गए। साथ ही अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी के निर्देशन में आरोपी धरपकड़ के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई। शनिवार 25 जुलाई को पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उद्री लोध को ग्राम सिल्हाई में मंदिर के समीप घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी की धरपकड़ में नवागत थाना प्रभारी धरमपुर सुधीर कुमार बैगी, खोरा चौकी प्रभारी एवं एएसआई बी. एल. पाण्डेय, एएसआई जे. आर. तिवारी, एएसआई रामफल शर्मा, आरक्षक रोहित शिवहरे, आरक्षक प्रमोद पाल का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने हत्यारोपी की तत्परता से धरपकड़ करने वाली टीम के सरहनीय कार्य के लिए नगद पुरुष्कार देने की घोषणा की है।

रेत की लूट को संरक्षण के खिलाफ बुलंद होने लगे विरोध के स्वर, प्रशासन की उपेक्षा से तराई अंचल में बने टकराव के हालात

0
उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पन्ना जिले के रामनई गांव में अवैध खनन का प्रकरण दर्ज होने के बाद भी जारी है रेत की लूट।

* सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे पन्ना जिले के अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र के लोग

* बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन होने के कारण रेत खदानों का ठेका निरस्त की मांग

* रेत माफिया को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने सौंपा ज्ञापन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले डेढ़ माह से नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम रेत की लूट का खेल जारी है। रेत के अनियंत्रित दोहन का व्यापक दुष्प्रभाव जिले के अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र के लोगों को झेलना पड़ रहा है। इस विनाशलीला की अनदेखी कर रहे जिला प्रशासन व पुलिस की भूमिका को लेकर अंचल के लोगों में तीव्र आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। रेत खदानों के ठेका की आड़ में बड़े पैमाने पर जारी रेत के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण को जानबूझकर नजरअंदाज करते हुए रेत माफिया को संरक्षण दिए जाने से हितों के टकराव की स्थिति निर्मित हो चुकी है। पिछले 4-5 दिनों के घटनाक्रम को गौर से देखने पर इस बात के साफ़ संकेत मिलते हैं। रेत की लूट के विरोध में आंदोलित हो रहे तराई अंचल के लोगों ने नियम-शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अब रेत खदानों का ठेका निरस्त करने और निहित स्वार्थ पूर्ती के लिए इसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की मांग शुरू कर दी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के निर्वाचन क्षेत्र पन्ना विधानसभा अंतर्गत यह सब चल रहा है। यहाँ एक नजर उन तमाम घटनाक्रमों पर जिनकी चर्चा कुछ दिनों से हर किसी की जुबान पर है-

रेत के ट्रकों की निकासी को लेकर विवाद

रेत के ट्रकों की निकासी को लेकर निजामपुर में गत दिनों खोरा चौकी प्रभारी बी. एल. पाण्डेय और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।
अजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम अमरछी में जप्तशुदा रेत का परिवहन कर रहे ट्रकों की निकासी को लेकर निजामपुर गांव में मंगलवार 21 जुलाई ग्रामीणों का पुलिस और ट्रक चालक से जमकर विवाद हुआ। इस मामले में ट्रक चालक मुजीब खान पुत्र अब्दुल रशीद निवासी अमरछी की रिपोर्ट पर धरमपुर थाना में निजामपुर गांव के राजा लोध, वीरन लोध, कल्लू लोध, ललवा लोध वगैरह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 131/2020 धारा 323, 341, 327, 294, 506, 34 ताहि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण के तीन आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार 23 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेजा गया है। जनचर्चा अनुसार यह विवाद निजामपुर गांव के संकीर्ण रास्ते से रेत के ट्रकों को तेज रफ़्तार से निकालने को लेकर हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में ट्रकों की तेज रफ़्तार के कारण उनके गांव में कई दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। आबादी क्षेत्र से धीमी गति से निकलने को लेकर टोकने पर ट्रक चालक विवाद करते हैं।
दर्ज किये गए फर्जी प्रकरण की जांच की मांग को लेकर पन्ना में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते निजामपुर के ग्रामीण।
घटना दिनांक को ग्रामीणों ने कथित तौर पर ट्रकों को रोककर जब समझाइश देने का प्रयास किया तो उनके साथ चल रहे पुलिस चौकी खोरा के प्रभारी बी. एल. पाण्डेय से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया से मिलकर चौकी प्रभारी के द्वारा उनके साथ गाली-गलौंज करते हुए फर्जी प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जबकि खोरा चौकी प्रभारी बी. एल. पाण्डेय ने निजामपुर निवासी उक्त लोगों पर ट्रकों का रास्ता रोककर जबरन रुपयों की मांग करने और चालक मुजीब खान के साथ मारपीट करने की बात कही है। ग्रामीणों ने इस संबंध पन्ना में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को एक सौंपते हुए उनसे दर्ज फर्जी आपराधिक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

चौकी प्रभारी को रोककर किया हंगामा

सांकेतिक फोटो।
अजयगढ़ के सीमावर्ती गांव चंदौरा, रामनई और जिगनी में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा पिछले डेढ़ माह से बड़े पैमाने पर निजी एवं शासकीय भूमि पर पूर्णतः अवैध तरीके से कई रेत खदानें संचालित की जा रही हैं। खनन-पर्यावरण सम्बंधी नियम-कानूनों और अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करते हुए अब तक इन तीन गांवों से हजारों घनमीटर रेत निकाली जा चुकी है। वर्षाकाल में भी अवैध खनन का यह खेल बेरोकटोक जारी है। इन गांवों से निकलने वाली सम्पूर्ण रेत का अवैध परिवहन उत्तर प्रदेश के लिए हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक वहाँ से प्रतिदिन 100 से अधिक ओवरलोड ट्रक रेत लेकर निकलते हैं जिससे उनके गांवों के पहुंच मार्ग और आबादी क्षेत्र के आंतरिक मार्ग तेजी से जर्जर हो रहे हैं। फलस्वरूप बारिश के मौसम में ग्रामीणों को आवागन में समस्या हो रही है।
इससे नाराज चंदौरा के वाशिंदों ने बुधवार 22 जुलाई की शाम रेत परिवहन कर ट्रकों को रोक लिया। इसकी जानकारी मिलने स्थानीय चौकी प्रभारी सुशील शुक्ला ने हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचकर जब ट्रकों को निकलवाने का प्रयास किया तो गांव की महिलाओं एवं पुरूषों ने इसका विरोध करते हुए उन्हें भी घेरकर रोक लिया। आक्रोशित ग्रामीण के द्वारा अपनी समस्या के निदान के लिए अजयगढ़ एसडीएम को बुलाने की मांग की गई। जब इस गतिरोध की भनक अजयगढ़ और पन्ना में बैठे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो महकमे में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में रिजर्व पुलिस बल को चंदौरा के लिए रवाना किया गया। इस दौरान बेहद तनाव भरे माहौल में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। कई घण्टे बाद देर शाम बमुश्किल विवाद शांत हुआ।

इन हालात के लिए कौन है जिम्मेदार ?

नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
यहां अहम सवाल यह है कि निजामपुर और चंदौरा में बने इन दुर्भाग्यपूर्ण हालात के लिए जिम्मेद्दार कौन है। कोरोना संकटकाल में कई तरह के प्रतिबंधों के बीच ग्रामीणों को अपनी समस्यायों के निराकरण के लिए सड़क पर उतरने को आखिर क्यों मजबूर होना पड़ा ? आमजन के जीवन, सुरक्षा और पर्यावरण को खतरे में डालकर तथा नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर बहुमूल्य खनिज सम्पदा लूट रहे माफिया के हितों के संरक्षण की आखिर ऐसी क्या मजबूरी है ? इस अराजकता के पीछे कौन है ! जिसके रसूख के सामने समूचा तंत्र माफिया के सामने नतमस्तक होकर उसके लिए रेती की खेती को लाभ का धंधा बनाने में जुटा है ? पन्ना में माफियाराज को पोषित कर रही मौजूदा व्यवस्था में आम-आदमी मजाक बन चुका है। इसका एहसास उन तमाम लोगों को हो रहा जो इस अराजकता या अंधेरगर्दी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र के लोगों की जायज मांगों और उनकी समस्याओं की लम्बे समय तक उपेक्षा से इस क्षेत्र में सत्ताधारी दल भाजपा का समर्थन करने वाले मतदाताओं का बड़ा वर्ग उससे छिटक सकता है।

निरस्त करो रेत की लूट का ठेका

सीमावर्ती गांवों में पिछले डेढ़ माह से भी अधिक समय से जारी रेत के अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग करते हुए जिगनी, बरौली और रामनई के ग्रामीण।
अजयगढ़ विकासखण्ड के सीमावर्ती गांव रामनई, जिगनी और बरौली के वाशिंदों ने अपने क्षेत्र में जारी रेत की लूट के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ठेका निरस्त करने की मांग तेज कर दी है। इन गांवों में केन नदी पर रेत खदानें जिस जगह स्वीकृत हैं वहां रेत उपलब्ध न होने से रेत खदान ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा नदी के कछार की निजी एवं शासकीय भूमि पर स्थित प्राकृतिक टीलों का अंधाधुंध अवैध खनन कर रेत निकाली जा रही है। अतिवृष्टि की स्थिति में केन नदी की बाढ़ और जलभराव से प्राकृतिक तौर पर सुरक्षा प्रदान करने वाले रेत के विशाल भण्डार रुपी टीलों को खनन से खोखला कर ठेकेदार इनका अस्तित्व मिटाने पर आमदा है। जिससे चिंतित और परेशान रामनई, जिगनी और बरौली गांव के रहवासियों ने ठेकेदार पर रेत खनन के लिए नियम-कानूनों एवं अनुबंध शर्तों का खुला उल्लंघन करने का आरोप लगाते रेत खदान समूह का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
रामनई गाँव में केन नदी किनारे रेत के टीलों की खुदाई से नदी का कछार पहले ही नष्ट हो चुका है अब नदी का जलस्तर बढ़ने पर भू-कटाव होने तथा गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
इसके अलावा रेत खदानों के ठेके की आड़ में रेत माफिया को अराजकता फैलाने की खुली छूट देने के मामले पन्ना के खनिज अधिकारी, अजयगढ़ एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की भूमिका उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इस सम्बंध में इन तीनों गांवों के लोगों ने गत दिनों पन्ना आकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा प्रदेश के खनिज साधन विभाग के मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के निज निवास पहुंचकर उनके स्टॉफ को आवश्यक कार्रवाई हेतु ज्ञापन दिया गया। साथ ही पूर्व मंत्री एवं लम्बे समय तक पन्ना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वालीं सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले से पन्ना में सफरबाग स्थित उनके निज-निवास पर भेंट कर उन्हें क्षेत्र में मची रेत की लूट-खसोट के साक्ष्य दिखाते हुए ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामीणों ने बताया कि रेत के अवैध उत्खनन की समस्या पहले भी रही लेकिन इस हद तक अराजकता कभी नहीं रही। वर्तमान में रेत की लूट की जानबूझकर हर स्तर पर अनदेखी की जा रही है।

कोंग्रेस नेता एवं परिजनों के विरुद्ध

कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय।
पन्ना जिले की रेत खदानों के ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारी जीतेन्द्र सिंह पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी करनाल हरियाणा हाल निवास अजयगढ़ ने जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष एवं जिले के वरिष्ठ कोंग्रेस भरत मिलन पाण्डेय और उनके परिजनों पर अपनी गाड़ियों में मुफ्त में रेत लोड करने एवं हफ्ते डेढ़ लाख रूपये की डिमांड करने और उसके साथ लाठी-डण्डों मारपीट करते हुए हवाई फायर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कथित तौर पर यह घटना अजयगढ़ के समीपी ग्राम बहादुरगंज में दिनांक 19 जुलाई की रात्रि की घटित होना बताया गया है। जबकि इसकी सूचना थाना पर 21 जुलाई को दोपहर 3 बजे दी गई। गौरतलब है कि बहादुरगंज ग्राम से अजयगढ़ थाना की दूरी महज 3-4 किलोमीटर है। जीतेन्द्र सिंह की रिपोर्ट पर अजयगढ़ थाना पुलिस ने कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय, कल्लू पाण्डेय, उज्जवल पाण्डेय, नितिन पाण्डेय, शोल्डू पाण्डेय एवं 20-25 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 147, 148, 149, 294, 323, 327, 506, 336 तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय के विरुद्ध दर्ज एफआईआर में घटना का विवरण।
कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय और उनके परिजनों पर रेत के कारोबार को लेकर विवाद करने के आरोप पहले भी लगे हैं। लेकिन इस बार एफआईआर में जिस तरह के आरोप लगाए गए और रेत के खनन को लेकर जिस तरह के दावे किये गए हैं वे लोगों के गले नहीं उतर रहे हैं। मसलन, भरत मिलन पाण्डेय के द्वारा रेत ठेकेदार के कर्मचारी से कहा गया कि हमारा महीने का खर्च पहुंचाओ, हर हफ्ते डेढ़ लाख रुपए दो अगर हफ्ता नहीं दिया तो खदान नहीं चल पाएगी। इसी तरह एफआईआर में जीतेन्द्र सिंह दावा कर है कि वर्तमान में एनजीटी के नियमानुसार उसकी कम्पनी के द्वारा रेत का खनन नहीं किया जा रहा है। जबकि इस दावे की सच्चाई एफआईआर दर्ज करने वाली अजयगढ़ थाना पुलिस से लेकर पूरे जिले को पता है।
शिकायकर्ता जीतेन्द्र सिंह के द्वारा थाना प्रभारी अजयगढ़ को दिया गया वह आवेदन पत्र जिसमें कथित तौर पर रूपए गायब होने का उल्लेख है।
वहीं फरियादी जीतेन्द्र के जिस लिखित आवेदन पत्र पर एफआईआर दर्ज की गई उसमें बताया गया है कि- “हमने जब घर आकर देखा जेब में रखे 52,500/- रुपए नहीं मिले जोकि उन लोगों (आरोपियों) के पास होंगे। अर्थात अप्रत्यक्ष तौर पर लूट का आरोप लगाया गया है। लेकिन इतने गंभीर आरोप को लेकर खुद अजयगढ़ पुलिस गम्भीर नहीं है। इसलिए, दर्ज एफआईआर में इस बात का उल्लेख ही नहीं किया। पुलिस महकमे के अंदरखाने की चर्चाओं पर भरोसा करें तो कई अधिकारियों-कर्मचारियों का ऐसा मानना है कि इस विवाद की कहानी को कुछ ज्यादा ही रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। विचारणीय प्रश्न यह है कि जब इतने बड़े आरोप को पुलिस ने संदिग्ध मानते हुए एफआईआर में दर्ज करना उचित नहीं समझा तो सड़क छाप गुण्डे की तरह हफ्ता की डिमांड के आरोपों की सत्यता का सहज अनुमान लगाया जा सकता। अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष और उनके परिजनों के विरुद्ध दर्ज इस चर्चित आपराधिक प्रकरण को कुछ लोग प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के परिणामस्वरूप बदले हुए परिदृश्य से जोड़कर भी देख रहे हैं।

इनका कहना है –

पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।
“अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर टकराव जैसी स्थिति कहीं पर भी नहीं है। कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आई थीं जिन पर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये हैं। अगर कोई विवाद है तो लोगों को उसे आपस में मिल बैठकर निपटना चाहिए, कोई विशेष बात है तो पुलिस को बताएं। लेकिन सड़क पर उतरकर अगर कोई व्यक्ति विवाद करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जायेगा। अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र के लिए पुलिस बल को रिजर्व किया गया है, प्रशासन को जहां भी आवश्यकता पड़ती रिजर्व बल सहयोग करता है। पुलिस को रेत खदान ठेके के नियम-शर्तों की जानकारी नहीं है अगर खनिज विभाग इससे अवगत कराता है और अवैध खनन जैसी किसी गतिविधि की रोकथाम में सहयोग मांगता है तो उसे पूर्ण सहयोग दिया जायेगा।”

– मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक पन्ना।

क्राइम : पहले साथ बैठकर पी शराब, फिर मामूली विवाद पर कर दी साथी की हत्या

0
मृतक बाबू लोध।

* पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र की घटना

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सल्हाई में बीती रात शराबखोरी के दौरान दो युवकों के बीच मामूली सी बात पर विवाद हो गया। इससे नाराज एक युवक ने अपने साथी के ऊपर कुल्हाड़ी से जानलेवा प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई। धरमपुर थाना पुलिस ने इस घटना को लेकर आरोपी उद्री लोध पुत्र केशव लोध 32 के खिलाफ हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से दबिश देकर हत्यारोपी को दबोंच लिया है, लेकिन सामाचार लिखे जाने तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
पन्ना में शव विच्छेदन गृह के बाहर मौजूद मृतक के परिजन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाबू लोध पुत्र श्रीपाल लोध 35 वर्ष निवासी सल्हाई ने कथित तौर बुधवार 22 जुलाई को रात्रि में गांव के ही केशव लोध के साथ में जमकर शराबखोरी की। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इसी दौरान रात्रि करीब 11 बजे गुटखा खाने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। इससे नाराज केशव लोध ने अपने हम प्याले बाबू लोध के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। मध्य रात्रि में इस सनसनीखेज वारदात की खबर आते ही ग्राम सल्हाई सहित आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन घटना की सूचना पुलिस को दी गई। खोरा चौकी प्रभारी बी. एल. पाण्डेय ने घटनास्थल पर पहुंचकर वारदात के सम्बंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। आज सुबह पंचनामा कार्रवाई एवं शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस घटना पर पुलिस ने उद्री लोध पुत्र केशव लोध 32 वर्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करते हुए प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जबकि मृतक बाबू के बड़े भाई भाई राम सिंह का आरोप है कि हत्या की वारदात को उद्री लोध, केशव लोध, गिरजा बाई और धीरज ने मिलकर अंजाम दिया है।

नवविवाहिता की ससुराल में संदिग्ध मौत

घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई में जुटी पवई थाना पुलिस एवं मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार पवई आस्था चढ़ार।
जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम करही में नवविवाहिता चाहना कुशवाहा पत्नी रामनिवास कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। चाहना दो दिन पूर्व ही मायके से ससुराल आई थी। उसकी मौत को लेकर ससुराल पक्ष की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई कि गुरुवार 23 जुलाई की सुबह लगभग 5 बजे चाहना झाड़ू लगा रही थी तभी अचानक ईटों की कच्ची दीवार भर-भराकर उसके ऊपर गिर गई। दीवार के मलबे के नीचे दबने से चाहना की मौत हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पवई थाना प्रभारी एस. पी. शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर मृतिका के शव का बारीकी से मुआयना किया। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और पन्ना से पुलिस की फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया।
उधर, बेटी की मौत होने की दुखद खबर मिलने मृतिका के पिता रतनलाल कुशवाहा चाचा एवं अन्य परिजन भी ग्राम जगनपुरा से करही पहुंचे। पीड़ित परिजनों का आरोप है चाहना की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। ससुराल पक्ष के लोग अपने अपराध को छिपाने के लिए इसे हादसे का रूप दे रहे। जबकि मृतिका के चेहरे, गले, कान पर मौजूद चोट के निशान और घटनास्थल की परिस्थितियां चींख-चींखकर यह बता रहीं है उनकी बेटी निर्ममतापूर्व हत्या की गई है।

मर्ग क़ायम कर जांच में जुटी पुलिस

उल्लेखनीय है कि ग्राम जगनपुरा निवासी चाहना का विवाह एक वर्ष पूर्व हुआ था। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज़ की मांग को लेकर विवाह के बाद से उनकी बेटी को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया गया। चाहना के ऊपर दबाव बनाने के लिए उसे कानूनी रूप से तलाक देने की धमकी भी गई। वहीं ससुराल पक्ष ने इन आरोपों को झूठा बताया है। आज बेहद संदिग्ध परिस्थितियों नवविवाहिता चाहना की मौत होने पर नायब तहसीलदार पवई आस्था चढ़ार की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई की गई। नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर फ़िलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर हर पहलू की बारीकी से जांच शुरू कर जल्द से जल्द प्रकरण की सच्चाई का पता लगाने की बात कही है।

संकटकाल में जनसेवा का उठाया बीड़ा, समर्पित संस्था ने गोद लिए 45 गाँव

0
गोद लिए गए ग्रामों में की जाने वाली गतिविधियों से सम्बंधित कार्ययोजना का बीएमओ अजयगढ़ के समक्ष प्रस्तुतीकरण करते हुए समर्पित संस्था प्रमुख अनुराग शर्मा एवं समीप बैठीं बीपीएम अजयगढ़ रूचि मिश्रा।

* कोरोना से बचाव और शासन की योजनाओं की दी जायेगी जानकारी

* चिन्हित गांवों में नुक्कड़ नाटक का मंचन कर ग्रामीणों को बांटे जाएंगे मास्क

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnewsn.in) कोरोना संकटकाल में मानव सेवा के लिए जिले की उदीयमान स्वयंसेवी संस्था “समर्पित” आगे आई है। संस्था के युवा पदाधिकारियों ने जिले के अजयगढ़ एवं देवेन्द्रनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत आने वाले 45 गांवों को संकल्प के साथ गोद लिया है। समर्पित संस्था के द्वारा इन गांवों में सम्बंधित बीएमओ, अन्य विभागों के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों एवं पंचायत के अमले से समन्वय स्थापित कर स्थानीय लोगों को कोरोना महामारी से बचाव हेतु जागरूक किया जायेगा। साथ ही आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए ग्रामीणों को निरंतर प्रेरित भी किया जाएगा। इसके अलावा गांव के बीमार एवं कुपोषित बच्चों को एनआरसी पहुँचाने में सहयोग तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की आवश्यक जानकारी ग्रामीणों प्रदान की जायेगी। अजयगढ़ बीएमओ के. पी. सिंह राजपूत एवं देवेंद्रनगर बीएमओ अभिषेक जैन ने स्वयंसेवी संस्था की इस नेक पहल और इससे जुड़े युवाओं के जज्बे की सराहना की है। साथ ही अपनी ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश और प्रदेश के समक्ष जो चुनौतियाँ उनसे बेहतर तरीके से निपटने के लिए जनसेवा के प्रति संकल्पित और समर्पण भावना से भरे उत्साही युवाओं की ही आवश्यकता है।

कार्ययोजना का किया प्रस्तुतीकरण

बीएमओ देवेंद्रनगर डॉ. अभिषेक जैन को संस्था की गतिविधियों से अवगत कराते हुए समर्पित संस्था के पदाधिकारी।
समर्पित संस्था के प्रमुख अनुराग शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था के द्वारा अजयगढ़ ब्लॉक के 20 गांवों और देवेन्द्रनगर क्षेत्र के 25 गांवों को चिन्हित करते हुए उनमें संस्था की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसका प्रस्तुतीकरण गत दिनों अजयगढ़ और देवेन्द्रनगर बीएमओ के समक्ष किया गया। श्री शर्मा ने बताया कि संस्था के पदाधिकारियों के द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए आमजन को मास्क लगाने, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने, आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने, साबुन-पानी से दिनभर में कई बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ग्रामीणों को मास्क वितरित किये जायेंगे। आपने बताया कि कोरोना जैसी महामारी से किस प्रकार अपना बचाव किया जाए इसके लिए चिन्हित गांवों में नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन और गोला बनाकर लोगों को जागरुक किया जाएगा। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से गांव के बीमार-कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जायेगा। जनसंख्या स्थरीकरण के लिए लोगों को परिवार नियोजन को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

10 हजार पौधों का रोपण

पन्ना को हरा-भरा बनाने के सबकल्प को पूरा करने के लिए पौधरोपण करते हुए समर्पित संस्था के पदाधिकारी।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील समर्पित संस्था के द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। संस्था का दावा है कि पन्ना के नजदीक प्राकृतिक स्थल तपोभूमि चौपड़ा मंदिर के आसपास उत्तर वन मण्डल पन्ना के सहयोग से 10 हजार पौधों का रोपण कराया जा रहा है। पौधरोपण और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी समर्पित संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता रेसू मिश्रा, भूरेलाल कुशवाहा, छोटे कुशवाहा, राहुल शर्मा, दिवाकर चौबे, गौरव चंसौरिया, पवन यादव के द्वारा निभाई जा रही है।

नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला फर्जी परियोजना अधिकारी गिरफ्तार

0
पन्ना कोतवाली थाना पुलिस की अभिरक्षा में फर्जी परियोजना अधिकारी।

* महिला बाल विकास विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन युवतियों से ऐंठे थे रुपए

* सरकारी नौकरी पाने की चाहत में ठगे जा रहे पढ़े-लिखे लोग

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in)  महिला एवं बाल विकास विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन युवतियों से लगभग 15 हजार रुपये ऐंठने वाले फर्जी परियोजना अधिकारी को पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की शिनाख्त अखंड प्रताप उर्फ रामेश्वर अहिरवार 32 वर्ष निवासी ग्राम एरौरा थाना बिजावर जिला छतरपुर हाल निवास जगात चौकी पन्ना के रूप में की गई। बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाकर ठगने वाले इस शातिर बदमाश के विरुद्ध पन्ना में पीड़ित युवतियों की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग प्रकरण कायम हैं।

कोरोना अपडेट : पन्ना में आज 11 पॉजिटिव मरीज मिले, सैम्पलिंग बढ़ने से बढ़ने लगी संक्रमितों की संख्या

0
सांकेतिक फोटो।

* अजयगढ़ सीएचसी अंतर्गत सबसे ज्यादा 9 व्यक्ति संक्रमित निकले

* जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 79 हुई

* कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने की है जरुरत

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) देश और प्रदेश के साथ पन्ना जिले में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिले में आज 11 नए पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कम्प मचा है। संक्रमित मरीजों में 5 महिलाएं और 6 शामिल हैं। इसमें भी सबसे अधिक 9 मरीज अजयगढ़ सीएचसी अंतर्गत मिले हैं। ये सभी प्रवासी कामगार बताए जा रहे हैं। जबकि पन्ना के रानीगंज मोहल्ले में संक्रमित परिवार की एक और महिला की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई है। महिला की आयु 50 वर्ष है। इस परिवार के अब कुल सात सदस्य कोरोना संक्रमित निकले हैं। देवेन्द्रनगर सीएचसी अंतर्गत एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद इस बात का साफ़ संकेत है कि संक्रमण का खतरा पहले से कहीं अधिक बढ़ चुका है। इसलिए बचाव को लेकर अब ज्यादा सतर्कता बरतने की जरुरत है। मौजूदा हालात के मद्देनजर विशेषज्ञ लगातार आगाह कर हैं कि, जरा सी भी लापरवाही कोरोना संक्रमण का शिकार बना सकती है।

रुन्ज बाँध परियोजना के 3 कर्मचारी मिले पॉजिटिव

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम विश्रामगंज में निर्माणाधीन रुन्ज बाँध परियोजना में कार्यरत तीन कर्मचारियों के कोरोना सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि रुन्ज बाँध परियोजना का निर्माण करने वाली कम्पनी एलएनटी के संक्रमित पाए गए पुरुष कर्मचारियों की आयु- 29 वर्ष, 30 वर्ष, 44 वर्ष है। इसके अलावा विश्रामगंज में रहने वाली एक 26 वर्षीय महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इसके पूर्व भी रुन्ज परियोजना के कुछ कर्मचारियों के पॉजिटिव होने की खबर आई थी।

भिण्ड से लौटे पांच श्रमिक निकले संक्रमित

सांकेतिक फोटो।
प्रदेश के भिण्ड जिले से अजयगढ़ वापस लौटे ग्राम भापतपुर कुर्मियान निवासी 3 महिलाएं और 2 पुरुष संक्रमित पाए गए है। जिन महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उनकी आयु- 31 वर्ष, 35 वर्ष, 60 वर्ष बताई जा रही है। वहीं संक्रमित निकले पुरुषों की आयु 40 वर्ष और 22 वर्ष होने की जानकारी मिली है। इनके संबंध पता चला है कि ये सभी लोग भिण्ड में ईंट भट्टा में काम करते थे। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर के अंतर्गत आने वाले ग्राम रक्सेहा में एक 49 वर्षीय व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने का पता चला है। सभी नए पॉजिटिव मरीजों को उपचार हेतु कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर सम्पर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर जांच हेतु उनके सैम्पल लिए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में किल कोरोना अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की सैम्पलिंग बढ़ने से मरीजों की तादाद में भी इजाफा हुआ है।

मनरेगा श्रमिकों के रोजगार पर डाला जा रहा डाका, जेसीबी मशीन से कराया तालाब निर्माण कार्य

0
तालाब निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन का उपयोग किये जाने के साक्ष्य के रूप में जारी फोटो में निर्माण स्थल पर नजर आते जेसीबी के जबड़ों की खरोंच के निशान।

* पन्ना जिले की अजयगढ़ जनपद अंतर्गत छतैनी पंचायत का मामला

शादिक खान, पन्नाl(www.radarnews.in) कोरोना संकट के चलते महनगरों से अपने गांव लौटने को मजबूर हुए प्रवासी श्रमिकों के जीविकोपार्जन के लिए उन्हें रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले में बड़ी तादाद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगारमूलक कार्य स्वीकृत किये गए हैं। पंचायतों में चल रहे इन कार्यों में हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन कुछ पंचायतों में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी दर्ज करके जेसीबी मशीनों से काम कराने की ख़बरें भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला पन्ना जिले की अजयगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत छतैनी में प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों ने वहां निर्माणाधीन सामुदायिक तालाब का कार्य जेसीबी मशीन से कराने का आरोप लगाते हुए साक्ष्य के रूप में कुछ फोटोग्राफ और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले हैं।
पिछले कुछ माह से कोरोना संक्रमण रुपी आपदा के चलते अधिकांश काम-धंधे ठप्प होने से श्रमिकों को पंचायतों के अलावा जब कहीं दूसरी जगह काम नहीं मिल पा रहा है, ऐसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण वक्त में भी अगर पंचायतों में प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से काम कराकर श्रमिकों के हक़ पर डांका डाला जाएगा तो उन गरीबों के घर का चूल्हा कैसे जलेगा ? यह सवाल सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन से पूंछा जा रहा है।
तालाब निर्माण कार्य करने वाली जेसीबी मशीन का फोटो, शिकायतकर्ताओं का दावा है कि तालाब के बंधान में मिट्टी डालने के लिए इसी मशीन का उपयोग किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत छतैनी में मनरेगा योजना के तहत लगभग 3 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक तालाब का निर्माण कार्य चल रहा है। स्थानीय निवासी गोविंद कुमार पिता चंद्रपाल लोध ने बताया कि कुछ दिन श्रमिकों से तालाब में मजदूरी कराई गई, फिर अचानक 15 जुलाई को पंचायत ने काम बंद करा दिया। इसके बाद 19-20 जुलाई को रात्रि में जेसीबी मशीन से तालाब के भराव क्षेत्र में खुदाई कराकर उसके बंधान (मेड़) पर मिट्टी डलवाई गई। रात के अंधेरे में मनरेगा का कार्य प्रतिबंधित जेसीबी मशीन से कराये जाने की सूचना गोविंद कुमार लोध के द्वारा डायल 100 पर पुलिस को दी गई। लेकिन रात्रि में 11 बजे से लेकर देर रात 1 बजे तक इंतजार करने के बाद भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और फोटोग्राफ में तालाब निर्माण में जेसीबी मशीन का उपयोग करने के साक्ष्य स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
इस संबंध में पंचायत सचिव छतैनी कृष्ण कुमार पाठक से बात करने पर उन्होंने बताया कि रात्रि में तालाब निर्माण कार्य जेसीबी से कराए जाने की सूचना मुझे भी मिली है। पंचायत सचिव से जब यह पूंछा गया कि मनरेगा के कार्य में जेसीबी मशीन प्रतिबंधित होने के बावजूद किसके निर्देश पर चलवाई गई। इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसमें मेरी और ग्राम रोजगार सहायक की इसमें कोई भूमिका नहीं है। कृष्ण कुमार ने अपनी सफाई में बताया कि उसके पास भैरहा पंचायत का अतिरिक्त प्रभार होने से काम की अधिकता है। और रविवार को मैं दिनभर वनाधिकार के दावों के निराकरण में व्यस्त रहा इसलिए रात्रि में छतैनी क्या हुआ उसे इस बात की जानकारी नहीं है। पंचायत सचिव ने छतैनी जाकर सच्चाई का पता लगाने की बात कही है। लेकिन जब उनसे यह पूंछा गया कि जेसीबी मशीन क्या सरपंच ने चलवाई है, तो कृष्ण कुमार ने इसका खंडन न कर सिर्फ इतना ही कहा इस संबंध में आप सरपंच से ही बात कर लें।
वहीं छतैनी सरपंच रामदास यादव ने मनरेगा के कार्य में मशीनरी के उपयोग से जुड़े आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना कि जिस स्थान पर तालाब निर्माण कार्य चल रहा वहाँ पूर्व में कुछ लोगों का अवैध कब्ज़ा था। शासकीय भूमि से बेदखल किए गए लोग दुर्भावनावश झूठी शिकायतें करके मुझे बदनाम और परेशान कर रहे हैं। जबकि स्थानीय ग्रामीण गोविन्द कुमार लोध, रामबहादुर और गुलाब लोध का दावा है इस प्रकरण की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा में फर्जीवाड़े की सच्चाई उजागर हो सकती है।

इनका कहना है-

“आज सुबह मुझे भी इस मामले की जानकारी मिली है, वास्तविकता का पता लगाने के लिए तालाब निर्माण स्थल की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

– सतीश सिंह, सीईओ, जनपद पंचायत अजयगढ़ जिला पन्ना।

कोरोना संकट : पन्ना का रानीगंज मोहल्ला 3 दिन के लिए बफर जोन घोषित, प्रशासन की बिना अनुमति के क्षेत्र में आने-जाने पर लगा प्रतिबंध

0
कन्टेनमेंट जोन का फाइल फोटो।

* एक ही परिवार के 6 सदस्य कोरोना पॉजिटिव निकलने पर संक्रमण की रोकथाम हेतु लिया निर्णय

शादिक खान, पन्नाl(www.radarnews.in) शहर के रानीगंज मोहल्ले में एक ही परिवार के छह सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से हड़कंप मचा है l इस परिवार के 5 सदस्यों के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट शनिवार तक आ चुकी थी l रविवार को उक्त परिवार की एक और महिला के संक्रमित मिलने की खबर आते ही स्वास्थ्य विभाग सहित पन्ना शहर में हलचल तेज हो गई l इस तरह पन्ना में एक ही परिवार के अब तक छह सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं l जिले में अब तक कोरोना केस की कुल संख्या बढ़कर 68 हो चुकी है। शहर में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रानीगंज मोहल्ले को तत्काल प्रभाव से बफर जोन घोषित किया गया है l इस इलाके में रहने वाले एक-एक व्यक्ति की सघन जांच-पड़ताल करने के लिए बफर जोन इलाके में आगामी 3 दिनों तक आने-जाने पर रोक लगा दी गई है l विशेष परिस्थितियों में बफर क्षेत्र में आने-जाने के लिए लोगों को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी l
सांकेतिक फोटो।
उधर, पन्ना के लोग शहर में कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर काफी डरे हुए हैं l जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना के संक्रमित व्यक्तियों की कांटेक्ट हिस्ट्री की जानकारी जुटाते हुए अब तक 50 से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया है l इन सभी व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर फिलहाल संस्थागत आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमितो के संपर्क में आने वाले सभी लोगों के सैम्पल लेने के कार्य में जुटी हैं। संक्रमितों के प्राथमिक सम्पर्क का दायरा बड़ा होने के मद्देनजर रानीगंज मोहल्ले को तीन दिनों के लिए बफर क्षेत्र घोषित किया गया है।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
इस दौरान मोहल्ले में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन स्क्रीनिंग कर कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाए किये जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें, जरुरी होने पर मास्क या फेसकवर पहनकर ही बाहर जाएं, भीड़-भाड़ में जाने से बचें और दिनभर में कई बार साबुन से अपने हाथ धोते रहें।

पन्ना में माफिया राज ! खुलेआम जारी रेत की लूट में नियम-कानूनों की उड़ाई जा रहीं धज्जियां

0
जिगनी गांव में कई स्थानों पर निजी भूमि में रेत खदान धड़ल्ले से संचालित है, ऐसी ही एक अवैध खदान से रेत निकालती पोकलैण्ड मशीन।

* रेत ठेकेदार पर आतंक के बल पर कृषि भूमि से जबरन रेत खनन करने का आरोप

* भानपुर गांव के पीड़ित युवा किसान ने अवैध खदान पर अंकुश लगाने की लगाई गुहार

* आधा दर्जन गांवों में निजी एवं शासकीय भूमि पर खुलेआम संचालित हैं दर्जन भर अवैध रेत खदानें

* तमाशबीन बना जिला प्रशासन महज दो गांवों में अवैध उत्खनन के प्रकरण दर्ज करने तक सिमटी कार्रवाई

* डेढ़ माह से जारी रेत की लूट पर न तो प्रभावी अंकुश लगाया और अवैध उत्खनन कर रहीं मशीनों को जब्त भी नहीं किया

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मध्यप्रदेश की धरती से दस्यु गिरोहों के आतंक का तो काफी हद तक अंत हो गया लेकिन इस दौरान माफिया के रूप में डकैतों से कहीं अधिक खतरनाक और नुकसानदेह चुनौती उभर कर सामने आई है। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय माफियाओं ने सत्ता प्रतिष्ठानों और प्रशासन का प्रत्यक्ष-परोक्ष संरक्षण प्राप्त कर नोट छापने के लिए हर तरफ लूट मचा रखी है। प्रदेश के पन्ना जिले में भी पिछले डेढ़ माह से एक माफिया के कारण हाहाकर की स्थिति निर्मित है। रेत ठेकेदार से रेत माफिया बने रसमीत मल्होत्रा की लूट-खसोट और मनमानी के सामने खनन, पर्यावरण समेत अन्य नियम-कानून बेमानी साबित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पन्ना जिले के रामनई गांव में अवैध खनन का प्रकरण दर्ज होने के बाद भी जारी है रेत की लूट।
पिछले डेढ़ माह से रेत ठेकेदार के द्वारा जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत छः गांवों रामनई, जिगनी, चंदौरा, बीरा, फरस्वाहा और भानपुर में निजी एवं शासकीय राजस्व भूमि पर रेत की करीब दर्जन भर अवैध खदानें धड़ल्ले से संचालित की जा रहीं हैं। लीज स्वीकृति के बगैर रेत के अवैध खनन का यह खेल कतिपय रेत खदनों के अनुबंध निष्पादन की आड़ में बेरोकटोक जारी है। पिछले सभी रिकार्ड तोड़ चुकी रेत की लूट के इस खेल में पन्ना जिला प्रशासन और रेत माफिया के बीच मिलीभगत होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। तथ्यों पर गौर करते हुए जमीनी हकीकत को देखें तो बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट की अघोषित तौर पर खुली छूट के मामले में जिम्मेदार अफसरों की भूमिका उन्हें सवालों के कठघरे खड़ा करती है।

जनाक्रोश के चलते कार्रवाई की खानपूर्ति

बीरा गांव में केन नदी किनारे स्थित टीलों को खोखला कर रेत निकाली पोकलेन मशीन।
पन्ना जिले की 27 रेत खदानों के समूह का ठेका लेने वाले सफल बोलीदार रसमीत मल्होत्रा ने माह जून 2020 में महज पांच खदानों में खनन के लिए अनुबंध निष्पादित किया है। जिसमें शामिल रामनई एवं जिगनी खदान के स्वीकृत क्षेत्र में रेत न होने पर ठेकेदार ने केन नदी किनारे स्थित इन गांवों में मनमाने तरीके से निजी एवं शासकीय गोचर भूमि पर खनन शुरू कर दिया। नदी घाट में स्वीकृत खदानों के अनुबंध की आड़ लेकर केन के कछार क्षेत्र में आने वाले खेतों और शासकीय राजस्व भूमि में बड़े पैमाने पर पूर्णतः अवैध रूप से रेत खनन करने की शिकायत रामनई और बरौली गांव के ग्रामीणों के द्वारा पन्ना आकर कलेक्टर से की गई। गौरतलब है कि शिकायत होने के पूर्व तक राजस्व विभाग अजयगढ़ का अमला और पन्ना के खनिज विभाग के अधिकारी इस अवैध खनन की जानबूझकर अनदेखी करते रहे। मामला मीडिया में आने के बाद बेमन से कार्रवाई करते हुए रामनई में एक और जिगनी में चार स्थानों पर अवैध रेत खनन के प्रकरण पंजीबद्ध किये गए।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
हालाँकि प्रकरण दर्ज होने से करीब 5 हजार घनमीटर से अधिक रेत उक्त स्थानों से निकाली जा चुकी थी। जबकि दर्ज प्रकरणों में अवैध रेत खनन की मात्रा लगभग 3 हजार घनमीटर बताई गई। रेत माफिया के सामने नतमस्तक प्रशासन ने कागजी खानापूर्ति के लिए प्रकरण तो दर्ज कर लिए लेकिन निजी एवं शासकीय भूमि पर संचालित अवैध रेत खदानों को आज तक बंद नहीं कराया गया। फलस्वरूप रामनई, जिगनी के साथ-साथ अब चंदौरा, बीरा, भानपुर और फरस्वाहा में करीब एक दर्जन स्थानों पर खुलेआम पूर्णतः अवैध तरीके से निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत के खनन का खेल बड़े मजे से चल रहा है।
इन गांवों में ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा लगभग दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनों से रात-दिन रेत का खनन किया जा रहा है। ठेके की अनुबंध शर्तों, खनन, पर्यावरण, राजस्व एवं परिवहन संबंधी नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए खनन माफिया द्वारा की जा रही रेत लूट पर प्रभावी अंकुश न लगाकर जिम्मेदार इसे जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं अवैध खनन में लगीं पोकलेन और जेसीबी मशीनों को जब्त कर पुलिस थाना में रखवाने जैसी ठोस कार्रवाई भी अब तक नहीं की गई। करोड़ों रुपए मूल्य की रेत की लूटपाट को लेकर जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी से प्रशासन और रेत माफिया के बीच सांठगांठ होने के आरोपों को बल मिल रहा है।

खेत में जबरन खोद डाली खदान

पन्ना में कलेक्ट्रेट के बाहर अपनी शिकायत लेकर खड़ा भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव एवं उसके रिश्तेदार।
जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव पुत्र स्व. सीताराम यादव ने रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के मुनीम मोंटू अग्रवाल एवं साथियों पर अपने खेत में आतंक के बल पर जबरन रेत खदान खोदने का आरोप लगाया है। शारदा यादव ने बताया कि पटवारी हल्का कगरेकाबारा अंतर्गत ग्राम भानपुर उसके पिता के नाम पर दर्ज आराजी क्रमांक- 570/1 व 571/2 एवं पिता समेत अन्य परिजनों बुआ-चाचा के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज आराजी क्रमांक- 561 तथा 572/2 में पिछले छः दिनों से जबरन रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस कृषि भूमि का खातेदारों के बीच अभी तक बैधानिक तौर बंटवारा नहीं हुआ है। लेकिन पारिवारिक सहमति के आधार पर हुए आपसी बंटवारे में शारदा के पिता को भूमि का जो हिस्सा प्राप्त हुआ था उसमें मशीनों के जरिये रेत का खनन किया जा रहा है।
प्रभावित किसान ने बताया कि उसके चाचा राजा भईया यादव से मिलकर रेत ठेकेदार ने कथित तौर पर रेत खदान संचालित करने का अनुबंध किया हुआ है। आरोप है कि कृषि भूमि से रेत का खनन करने के लिए अजयगढ़ तहसील के राजस्व अमले से मिलकर रातोंरात भूमि की मनमानी तरमीम करा ली गई। जिससे संयुक्त खाते वाली भूमि का पूर्व में आपसी आधार पर हुए बंटवारे के हिस्से में बदलाव कर दिया गया। रेत माफिया और व्यवस्था के गठजोड़ की इन चालबाजियों के कारण परेशान युवा किसान ने बताया कि उसके हिस्से वाली भूमि में रेत का विशाल भंडार मौजूद है जिसे हड़पने के लिए यह षड्यंत्र किया गया है।

अजयगढ़ से पन्ना तक नहीं हुई सुनवाई

भानपुर निवासी युवा किसान शारदा यादव ने ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारियों पर उसकी पैतृक कृषि भूमि में जबरन रेत खदान खोदने का आरोप लगाया।
लीज स्वीकृति के बगैर भानपुर गांव में निजी भूमि पर बलपूर्वक और छलपूर्वक धड़ल्ले से जारी रेत के अवैध खनन की शिकायत प्रभावित युवक ने पन्ना कलेक्टर से की है। लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक इसे रोकना भी उचित नहीं समझा। रेत की लूट के मामले में अजयगढ़ से लेकर पन्ना तक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों की घोर अनदेखी और चुप्पी आम आदमी को निराश कर रही है। इन हालत में शारदा जैसे लोगों के सामने विडंबना यह है कि वे अपनी पुस्तैनी जमीन को बर्बाद होने बचाने के लिए कहाँ जाएं, किसका दरवाजा खटखटाएं और किसे अपनी पीड़ा सुनाएं। न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे कम पढ़े-लिखे इस युवा किसान के अनुसार उसका अब तक का अनुभव यही कहता है कि पन्ना जिले इन दिनों कानून का राज नहीं बल्कि माफिया राज चल रहा है।

कृषि भूमि बर्बाद हुई तो भूखों मर जाएंगे

भानपुर गांव में कृषि भूमि पर रेत का खनन करने के लिए खड़ीं पोकलेन मशीनें।
अजयगढ़ के भानपुर गांव में खनन माफिया बगैर किसी वैधानिक अनुमति के खेतों को खदान में तब्दील करके शारदा और उसके परिवार के जीवन यापन के एकमात्र सहारे को तबाह करने पर तुला है। वहाँ तीन पोकलेन मशीनें खेत को रेत खनन के लिए खोखला कर अब तक करीब 700 डम्फर से अधिक रेत निकाल चुकीं हैं। व्यवस्था के सहयोग और आतंक के बल पर खनन का यह खेल भानपुर में रातदिन जारी है। अवैध खनन की इस अंधी रफ़्तार के मद्देनजर अगर रेत माफिया को तुरंत सख्ती से नहीं रोका गया तो कृषि भूमि के बर्बाद होने पर प्रभावित कृषक परिवार के सामने भूखों मरने की स्थिति निर्मित हो सकती है। इस गूंगी-बहरी-अंधी और बेरहम व्यवस्था के आगे बेवश और लाचार युवा किसान शारदा यादव ने बताया कि जब उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो मैनें अपने स्तर पर रेत माफिया को अवैध खनन करने से रोकने का काफी प्रयास किया। लेकिन वहां तैनात माफिया के गुण्डे उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर जोर जबरदस्ती खनन कर रहे हैं।

प्रकरण दर्ज कर लगाया जुर्माना

पन्ना जिले के खनिज अधिकारी आर. के. पाण्डेय।
पन्ना जिले में जारी रेत के अनियंत्रित दोहन से प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा माह जून 2020 के आखिरी सप्ताह में की गई शिकायत और इससे जुड़ीं ख़बरों पर जिले के खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन के पांच प्रकरण दर्ज़ कर भारी-भरकम अर्थदण्ड संबंधितों पर लगाया है। बरौली और रामनई के ग्रामीणों की शिकायत पर रामनई की शासकीय गोचर भूमि खसरा क्रमांक- 2 में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के खिलाफ 1080 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन करने का मामला पंजीबद्ध किया गया है। इस प्रकरण में रसमीत पर लगभग 33,75,000/- रुपए प्रशमन शुल्क और 67,50,000/-रुपए का अर्थदण्ड लगाया है। इसके आलावा जिगनी गांव में निजी भूमि पर 1600 घनमीटर रेत का अवैध खनन करने के मामले में खसरा क्रमांक-352 के भू-स्वामी वेबा बिसालिया, रामसजीवन गिल्ला, चुनवाद फूलचन्द्र, छोटेलाल के विरुद्ध अवैध खनन का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इनके ऊपर खनिज विभाग ने लगभग 50,00000/- लाख रुपये का प्रशमन शुल्क और 1,0000000/-(एक करोड़) रुपए का अर्थदण्ड लगाया है।
जिगनी गांव में ही निजी भूमि खसरा क्रमांक-354 भू-स्वामी फल्ले पिता रामलाल, हल्के अहीर, खसरा क्रमांक- 355 में कालका प्रसाद पिता सौखिया एवं खसरा क्रमांक- 356 में भू-स्वामी हल्की वेबा जुगरुआ कुम्हार, जागेश्ववर और शिवनंदन पर 200-200 घनमीटर रेत का अवैध खनन करने का प्रकरण दर्ज किया है। इन तीनों प्रकरणों में सम्बंधितों पर लगभग 6,25,000/- रुपए प्रशमन शुल्क और 12,50,000/- का अर्थदण्ड आरोपित किया गया है। उल्लेखनीय है कि रेत के अवैध उत्खनन के इन मामलों की जांच खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे और अजयगढ़ के राजस्व अमले द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि इन किसानों ने रेत खनन के लिए रसमीत मल्होत्रा से अनुबंध किया है।

रेत की लूट पर क्यों नहीं लग पा रहा अंकुश ?

रामनई गाँव में केन नदी किनारे रेत के टीलों की खुदाई से नदी का कछार पहले ही नष्ट हो चुका है अब नदी का जलस्तर बढ़ने पर भू-कटाव होने तथा गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
अजयगढ़ विकसखण्ड के ग्राम जिगनी और रामनई में निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत के अवैध उत्खनन के मामले में ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा एवं कई किसानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज होने और करोड़ों रूपये के जुर्माना प्रस्तावित करने के बाद भी आखिर अवैध उत्खनन अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है यह सवाल लगातार उठ रहा है ? शोचनीय बात तो यह है जिन स्थानों पर अवैध खनन के प्रकरण बनाए गए वहां आज भी रेत का अवैध खनन खुलेआम जारी है। इन दो गांवों से आगे बढ़कर रसमीत के द्वारा बीरा, भानपुर, चंदौरा और फरस्वाहा में भी कई स्थानों पर रेती की खेती खुलेआम कराई जा रही है। गुनौर निवासी समाजसेवी देशपाल पटेल का मानना है कि इसकी मुख्य वजह रेत की बेइंतहा लूट से होने वाले लाभ में हिस्सेदारी है। जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारी इस पर प्रभावी अंकुश लगाने से जानबूझकर बच रहे हैं। यही वजह है कि अब तक न तो सख्ती के साथ रेत की अवैध खदानों को बंद कराया गया और ना ही खनन में जुटीं दो दर्जन से अधिक पोकलेन और जेसीबी मशीनों को जब्त कर पुलिस थाना में रखवाकर उन्हें राजसात करने सरीकी ठोस कार्रवाई की गई।
उल्टा रेत ठेकेदार की कारगुजारियों की जानकारी होने के बाद भी जिले के खनिज विभाग के अधिकारी उसके प्रति उसके नरम रूख अपनाए हुए हैं। खनिज विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि जून माह में विभाग के अधिकारियों द्वारा जिगनी में अवैध खनन करते हुए बमुश्किल एक पोकलेन मशीन पकड़ी गई लेकिन उसे अजयगढ़ लाकर थाना में या समीपी चंदौरा चौकी में रखवाने के बजाए मौके पर ठेकेदार के ही कर्मचारियों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। फलस्वरूप आज भी उक्त मशीन अवैध खनन में जुटी है। कमाल की इस कार्रवाई के दिखावे को इस तरह समझ सकते है कि, खनिज विभाग ने एक मशीन को पकड़कर अपनी कार्रवाई की खानापूर्ति भी पूरी कर ली और इससे रेत ठेकेदार का अवैध खनन भी बाधित नहीं हुआ।
प्रतिदिन 200 से 250 ट्रक रेत का परिवहन
बीरा की अवैध खदान से निकाली गई रेत की हाइवा में लोडिंग करते हुए पोकलेन मशीन।
पन्ना निवासी युवा समाजसेवी एवं एक्टिविस्ट रामबिहारी गोस्वामी अजयगढ़ क्षेत्र सहित समूचे जिले में व्याप्त अराजकता को लेकर काफी नाराज और दुखी हैं। इनका सवाल है कि कुछ माह पहले अजयगढ़ की खदानों में उतरकर सिंघम स्टाइल में छापामार कार्रवाई करते हुए मशीनें और ट्रक-डम्फर पकड़ने वाले अफसर अब कहाँ हैं ? रेत माफिया की लूट पर ये आंख-कान और मुंह बंद करके क्यों बैठे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि रेत के मुद्दे पर आमजन के बढ़ते विरोध को देखते हुए खानपूर्ति की मंशा से प्रकरण तो दर्ज कर दिए गए लेकिन इनके अर्थदण्ड की वसूली कानूनी दावपेंच के चलते जल्द सम्भव होने वाली नहीं है। जानकार बताते हैं कि इस तरह के प्रकरण न्यायालयों में कई सालों तक चलते रहते हैं। रेत ठेकेदार और प्रशासन में बैठे लोग इस बात को भलीभांति जानते हैं। दरअसल, इस तरह की कार्रवाईयां अक्सर कानूनी पेचीदगियों से अनभिज्ञ आम आदमी को बताने और कागजी खानापूर्ति करने के लिए की जातीं है।
मजेदार बात तो यह कि अजयगढ़ में बैठे पुलिस के मैदानी अमले को भी रेत की अवैध खदानें, उनमें पिछले डेढ़ माह से रात-दिन खनन कर रहीं मशीनें और अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत का परिवहन करने वाले ट्रक-डम्फर नजर नहीं आ रहे हैं। इसलिये पुलिस विभाग के कर्मठ अफसर पिछले कुछ दिनों से एक-दो ट्रेक्टर-ट्राली पकड़ने में अथक परिश्रम कर रहे हैं। जबकि बीरा, भानपुर, फरस्वाहा की अवैध रेत खदानों से एमपी के लिए और सीमावर्ती ग्राम जिगनी, चंदौरा, रामनई की खदानों से यूपी के लिए प्रतिदिन औसतन 200-250 ट्रक रेत का परिवहन होने की चर्चाएं हैं। पन्ना में बड़े पैमाने पर जारी रेत की लूट का इससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है।