* टाइगर ट्रेकिंग के दौरान अचानक हाथी रामबहादुर ने किया हमला
* पन्ना टाइगर रिजर्व की हिनौता रेन्ज अंतर्गत गंगऊ क्षेत्र की घटना
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व में टाइगर ट्रेकिंग के दौरान एक गुस्साए हाथी ने हिनौता रेन्जर बी.आर. भगत को दांतों से दबाकर मार डाला। हाथी के अचानक हमला करने से महावत समेत आसपास मौजूद वनकर्मी अत्यंत ही दहशत में आ गए। दिल दहला देने वाली इस घटना की भनक लगते ही पार्क के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। रेन्जर बी.आर. भगत को अचेत अवस्था में मझगंवा क़स्बा में स्थित एनएमडीसी के स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने परीक्षण करने के उपरान्त उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक जरांडे ईश्वर रामहरि ने इस दुखद हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बाघिन पी-433 का कॉलर कुछ ज्यादा ही टाइट होने से उसे समस्या आ रही थी, इसके सुधार हेतु वन आवश्यक कार्रवाई करने के लिए परिक्षेत्राधिकारी हिनौता बी.आर. भगत को निर्देशित किया गया था। आज हाथियों की मदद से बाघिन पी-433 की ट्रेकिंग के दौरान नर हाथी रामबहादुर अचानक गुस्से में आ गया। इस हाथी ने रेन्जर श्री भगत को धक्का मारा जिससे वह नीचे जमीन पर गिर गए और फिर उनके सीने में अपने विशाल दाँतों से हमला कर दबा दिया। हाथी का महावत जब तक समझ पाता और उसे रोकने का प्रयास करता तब तक रेन्जर श्री भगत मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुके थे।

पार्क के गंगऊ क्षेत्र में शुक्रवार 14 अगस्त को दोपहर लगभग 1 बजे घटित इस अप्रत्याशित घटना के समय मौके पर मौजूद रहे वनकर्मी काफी घबरा गए। घायल रेन्जर को तुरंत वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया और पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों को इस हादसे की सूचना दी गई। रेन्जर बी.आर. भगत को अचेत हालत में आनन-फानन नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां ले जाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने सघन परीक्षण करने के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे की खबर आने के बाद से पन्ना टाइगर रिजर्व एवं उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मण्डल पन्ना में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं इस दुखद घटना के सम्बंध जिसे भी पता चला वह हतप्रभ रह गया।

पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक जरांडे ईश्वर रामहरि ने हिनौता रेन्जर बी.आर. भगत की हृदय विदारक हादसे में असामयिक मौत पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा कि हमने अपने कर्त्वनिष्ठ, योग्य और संवेदनशील रेन्ज ऑफिसर को खो दिया है। कर्तव्य के निर्वहन के दौरान श्री भगत की मृत्यु हुई है, वे विभाग के शहीद हैं। उधर, रेन्जर एसोसिएशन के सम्भागीय अध्यक्ष आर. एस. पटेल, रेन्जर एसोसिएशन पन्ना के जिलाध्यक्ष नवी अहमद एवं वन कर्मचारी संघ पन्ना के जिलाध्यक्ष महीप कुमार रावत ने रेन्जर श्री भगत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

समाचार लिखे जाने तक पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया, उपसंचालक जरांडे ईश्वर रामहरि समेत पार्क के रेन्जर और वन कर्मचारी मझगवां में ही मौजूद थे। मौके पर पर स्थानीय चौकी पुलिस के द्वारा पंचनामा तैयार कर मर्ग कायम करने की कार्रवाई की जा रही थी।
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सुखपाल के दुखद निधन की खबर आने पर शोक संतृप्त परिजन हरदुआ चौकी पहुंचे और उनके द्वारा इस घटना पर एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज न कर हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई। चौकी प्रभारी हरदुआ फर्जन्द अली ने घटना को गंभीरता से लेकर तत्परता से आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए मृतक के परिजनों को समझाकर वापस घर भेज दिया।
सोमवार को दोपहर में लगभग 2:30 दमोह से सुखपाल का शव आने के इंतजार में हरदुआ चौकी के समीप स्थित चौराहे पर बड़ी तादाद में मृतक के परिजन और रिश्तेदार एकत्र थे। कुछ देर बाद मातमी माहौल के बीच जैसे ही दलित युवक का शव हरदुआ पहुंचा तभी संयोगवश कार का मालिक एवं किराना व्यापारी कमलेश लोधी अपने शिक्षक भाई गोविन्द प्रसाद लोधी के साथ वाहन के दस्तावेज लेकर चौकी पुलिस को देने पहुँच गया। कमलेश को सामने से आता हुआ देख शोक संतृप्त परिजन गुस्से से भड़क ऊठे। आक्रोशित भीड़ ने कमलेश लोधी और उसके भाई गोविन्द प्रसाद लोधी की बेदम पिटाई शुरू कर दी ।
हमलावर भीड़ ने दोनों को इतना मारा की मारते-मारते अधमरा कर दिया। जान बचाने के लिए दोनों भाई पुलिस चौकी के अंदर घुस गए। लेकिन भीड़ भी बलपूर्वक अंदर घुस गई और पुनः दोनों को बेरहमी से पीटते हुए बाहर निकाल लाई। किराना व्यापारी और उसके भाई को पीट-पीटकर मारने पर उतारू आक्रोशित भीड़ से दोनों को बचाने के लिए चौकी प्रभारी फर्जन्द अली, प्रधान आरक्षक प्रेमलाल शर्मा और दो पुलिस आरक्षक काफी देर तक जूझते रहे। इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों को बवाल की सूचना देकर उनसे तुरंत मदद मांगी गई। अतिरिक्त बल आने तक चार निहत्थे पुलिसकर्मी खुद भी भीड़ की हिंसा का शिकार बने लेकिन अपनी जान की परवाह किये बगैर उन्होंने बड़े ही साहसिक तरीके से भीड़ का मुकाबला कर किराना व्यापारी कमलेश लोधी और उसके शिक्षक भाई गोविन्द प्रसाद लोधी को किसी तरह बचाते हुए भीड़ के हाथों बड़ा अपराध होने से रोक लिया।
जिले के आधा दर्जन थानों से बड़ी तादाद में अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस अधिकारियों के हरदुआ पहुँचने पर हिंसा शांत हो गई। हालांकि इसके बाद सड़क हादसे में मृत युवक का शव पुलिस चौकी परिसर के अंदर रखकर भीड़ के द्वारा हत्या का मामला पंजीबद्ध करने की मांग की गई। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम ने पीड़ित परिजनों को समझाइश दी गई, जिसके बाद वे शव लेकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। इस मामले में सिमरिया थाना पुलिस ने कार के चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
वहीं पुलिस चौकी हरदुआ का घेराव, तोड़फोड़ और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए हंगामा करने पर बलवा सहित विभिन्न धाराओं के तहत भीड़ के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद से हरदुआ सहित क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और पूरी तरह शांति कायम है। आपने कहा कि हिंसा करने वालों में कुछ को नामजद किया गया है, वहीं घटना के वायरल वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।



















